Rain alert Jharkhand

Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में लू तो कहीं बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है। एक ओर कई जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26 मई तक राज्य के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।   रांची समेत कई शहरों में बढ़ा तापमान राजधानी रांची बुधवार को भीषण गर्मी की चपेट में रही। यहां अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.1 डिग्री बढ़ा। वहीं Medininagar में तापमान 43.4 डिग्री और Jamshedpur में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सरायकेला में हल्की बारिश भी हुई।   इन जिलों में चलेगी लू मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में 21 से 23 मई तक लू चलने और तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।   कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट 22 मई को रांची समेत कई जिलों में दोपहर बाद बादल छाने, तेज हवा चलने और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। खासकर संतालपरगना क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। 23 मई को रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश का अनुमान है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रांची सहित कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

Anjali Kumari मई 21, 2026 0
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Jharkhand Weather Update: झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई को राज्य के अधिकांश जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। इसे लेकर कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा।रांची में कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर गए। वहीं Hazaribagh, Bokaro और Jamshedpur में भी तेज हवा के साथ भारी बारिश दर्ज की गई।   15 मई को ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 15 मई को रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। इसे देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।   18 मई तक जारी रहेगा बदला मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। 17 और 18 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।   पलामू में बढ़ी गर्मी एक ओर जहां कई जिलों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर जारी है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.2 डिग्री बढ़ा। तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Anjali Kumari मई 13, 2026 0
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Jharkhand Weather update: झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम केंद्र India Meteorological Department, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवा, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। अगले कई दिनों तक राज्य में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।   इन जिलों में तेज हवा और वज्रपात की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और खूंटी जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इन इलाकों में गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है।   अगले एक सप्ताह तक बदलता रहेगा मौसम मौसम केंद्र का कहना है कि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बादल बनने की प्रक्रिया जारी है। यही वजह है कि 10 से 15 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। हालांकि उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।   तापमान में फिलहाल राहत लगातार बादल और बारिश की वजह से अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। राजधानी Ranchi में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। बाद के दिनों में तापमान धीरे-धीरे 34 डिग्री तक पहुंच सकता है।   लोगों और किसानों को सावधानी की सलाह मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को भी कहा गया है।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
Jharkhand weather update
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 8 मई से लेकर 11 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।   कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी रांची स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। जिन जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है उनमें धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी और जामताड़ा शामिल हैं। वहीं दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बारिश और बादल छाए रहने के संकेत हैं।   11 मई तक मौसम रहेगा सुहाना मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 और 10 मई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 11 मई तक आंशिक बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।   तापमान में आई गिरावट बारिश और बादलों के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। डालटनगंज में सबसे अधिक 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रहा। बोकारो में तापमान सामान्य से करीब 9 डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं कांके में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा।   कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। हजारीबाग के कोनार क्षेत्र में सबसे अधिक 42.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बोकारो थर्मल, पंचेत और शिकारीपाड़ा में भी अच्छी बारिश हुई है।

Anjali Kumari मई 8, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand city with heavy rain and lightning during sudden weather change
झारखंड में बदला मौसम: रांची-कोडरमा में झमाझम बारिश, 13 जिलों में अलर्ट जारी

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार शाम को रांची और कोडरमा समेत कई इलाकों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक झारखंड में बारिश और खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में विशेष चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिन जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है, उनमें शामिल हैं: पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। रविवार और सोमवार को और बढ़ेगा असर मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को मौसम का असर और तेज हो सकता है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अप्रैल में गर्मी का रिकॉर्ड टूटने के संकेत हालांकि अभी बारिश से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। वर्ष 2016 में 42 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बना था, जो इस बार टूटने की संभावना जताई जा रही है। महीने के अंत तक हीट वेव जैसी स्थिति भी बन सकती है। तापमान और बारिश का ताजा अपडेट पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रामगढ़ में सबसे ज्यादा 5 मिमी बारिश हुई सरायकेला में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Jharkhand as IMD issues thunderstorm alert in six districts.
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, छह जिलों में गरज के साथ बारिश का अलर्ट

  झारखंड में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो रही है। India Meteorological Department के Ranchi स्थित मौसम केंद्र के अनुसार गुरुवार को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिलेगा।   छह जिलों में येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने Deoghar, Jamtara, Dumka, Pakur, Godda और Sahibganj जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।   तापमान में होगी 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। आने वाले दिनों में तापमान करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। बुधवार को रांची का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Medininagar में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।   15 से 17 मार्च के बीच फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 15 मार्च से झारखंड के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 से 17 मार्च के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान Lohardaga, Hazaribagh, Gumla, Simdega, Khunti, धनबाद, Bokaro और अन्य जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।   40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में वज्रपात और हल्की बारिश की भी संभावना है।   धनबाद में हुई झमाझम बारिश इसी बीच धनबाद में बुधवार शाम अचानक मौसम बदल गया। शाम करीब 5:30 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो लगभग एक घंटे तक जारी रही। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।  

surbhi मार्च 12, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand sky as rain and thunderstorm expected with lightning alert issued
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में बारिश की संभावना, वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी

  मार्च की शुरुआत में मौसम ने ली करवट मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही झारखंड में मौसम का रुख बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को खासकर उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य जिलों में आंशिक से लेकर घने बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।   तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि इन दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ जगहों पर वज्रपात की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदला हुआ मौसम लगभग दो दिनों तक बना रह सकता है।   इन जिलों में बारिश के आसार पूर्वानुमान के मुताबिक 9 मार्च को बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 10 मार्च को बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में आंशिक बादल रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवा चलने और गर्जना होने की भी स्थिति बन सकती है।   पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मौसम में आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रहा है। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बनने और बारिश की स्थिति बन रही है।   रांची में भी दो दिन बदला रहेगा मौसम राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले दो दिनों तक मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। यहां आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। रांची का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।   11 मार्च के बाद बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग के मुताबिक 11 मार्च से राज्य में आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 12 मार्च तक अधिकतर जिलों में साफ मौसम रहने की संभावना है। इसके बाद तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि मार्च के तीसरे सप्ताह   लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने गरज-चमक और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0