Rashifal 2026

Zodiac symbols representing weekly career and financial horoscope predictions for June 15-21, 2026.
साप्ताहिक आर्थिक राशिफल, 15 से 21 जून 2026: मेष, मिथुन और मकर राशि वालों के लिए खास रहेगा यह सप्ताह

15 से 21 जून 2026 का सप्ताह करियर और आर्थिक दृष्टि से कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। इस दौरान संवाद कौशल, नई योजनाएं और वित्तीय अनुशासन सफलता की कुंजी साबित हो सकते हैं। विशेष रूप से मेष, मिथुन और मकर राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह प्रगति और लाभ के अच्छे अवसर लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का साप्ताहिक आर्थिक और करियर राशिफल। मेष राशि यह सप्ताह आपके लिए काफी शुभ रहने वाला है। नई मीटिंग्स, इंटरव्यू और प्रोफेशनल संपर्कों से लाभ मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी। अतिरिक्त आय के भी योग बन सकते हैं। हालांकि जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा। लकी टिप: शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश न करें। वृषभ राशि काम की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारियां या वेतन वृद्धि को लेकर चर्चा शुरू हो सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। लकी टिप: निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। मिथुन राशि सूर्य का आपकी राशि में होना करियर के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है। प्रेजेंटेशन, इंटरव्यू और नेटवर्किंग में सफलता मिल सकती है। आय बढ़ने की संभावना भी मजबूत है। लकी टिप: नए संपर्क भविष्य में बड़ा लाभ दे सकते हैं। कर्क राशि यह सप्ताह योजना और तैयारी का है। धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और किसी संपत्ति या निवेश से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। लकी टिप: जल्दबाजी के बजाय धैर्य से काम लें। सिंह राशि टीमवर्क और सहयोग से सफलता मिलेगी। आपकी नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। बिजनेस पार्टनरशिप से आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। लकी टिप: बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। कन्या राशि नई चीजें सीखने और अनुभवी लोगों से सलाह लेने का समय है। फालतू खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। लकी टिप: बजट की समीक्षा जरूर करें। तुला राशि करियर में नए अवसर और प्रशिक्षण के योग बन रहे हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आय में सुधार के संकेत हैं। लकी टिप: टीमवर्क से अधिक सफलता मिलेगी। वृश्चिक राशि रणनीति बनाकर काम करने से लाभ मिलेगा। वरिष्ठों की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी। करियर में पहचान बढ़ेगी। लकी टिप: लोन और निवेश संबंधी मामलों में सावधानी रखें। धनु राशि पार्टनरशिप और क्लाइंट्स के साथ बेहतर तालमेल से सफलता मिलेगी। यात्रा या सलाहकार कार्यों से अतिरिक्त आय हो सकती है। लकी टिप: सप्ताहांत में खर्चों पर विशेष ध्यान दें। मकर राशि यह सप्ताह मकर राशि वालों के लिए बेहद खास साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और नई डील या बिजनेस अवसर सामने आ सकते हैं। लकी टिप: भविष्य की बचत और निवेश की योजना बनाएं। कुंभ राशि आपकी रचनात्मक सोच आपको दूसरों से अलग पहचान दिलाएगी। किसी साइड प्रोजेक्ट या प्रतिभा से अतिरिक्त आय होने के संकेत हैं। लकी टिप: बैंकिंग और निवेश से जुड़े काम समय पर निपटाएं। मीन राशि घर और काम के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। कुछ अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं, लेकिन अतिरिक्त आय के स्रोत भी खुल सकते हैं। लकी टिप: भावनाओं में आकर आर्थिक निर्णय न लें।  

surbhi जून 15, 2026 0
Zodiac signs horoscope chart with planetary movements and daily astrology predictions
आज शुक्र के गोचर से चमकेगी किस्मत या बढ़ेगी टेंशन? जानिए 12 राशियों का पूरा हाल

Aaj Ka Rashifal 08 June 2026: आज सोमवार, 8 जून 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है, जबकि कुछ जातकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आज चंद्रमा कुम्भ राशि में गोचर कर रहे हैं, वहीं शुक्र का कर्क राशि में प्रवेश प्रेम, रचनात्मकता और भावनात्मक संबंधों पर विशेष प्रभाव डालेगा। देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में उच्च स्थिति में रहकर शुभ फल प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के मामले में दिन कैसा रहेगा, आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का राशिफल। मेष राशि आज आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। नौकरी में प्रशंसा मिलेगी और नए अवसर सामने आ सकते हैं। व्यापार में निवेश के लिए समय अनुकूल है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। वृषभ राशि कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। प्रेम जीवन में छोटी-मोटी बहस हो सकती है, इसलिए संयम रखें। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। मिथुन राशि आज भाग्य आपका साथ देगा। करियर में उन्नति और रुके हुए कार्य पूरे होने के योग हैं। व्यापार में लाभ होगा। प्रेम जीवन सुखद रहेगा और सामाजिक सम्मान में वृद्धि हो सकती है। कर्क राशि दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। नौकरी और व्यवसाय में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। रिश्तों में संवाद बनाए रखना जरूरी होगा। सिंह राशि करियर और व्यापार दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी। प्रेम जीवन रोमांटिक रहेगा। विवाह योग्य लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। कन्या राशि कार्यस्थल पर विवाद से बचें और वाणी पर नियंत्रण रखें। खर्चों पर नजर रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां हो सकती हैं। धैर्य और संयम से दिन बेहतर रहेगा। तुला राशि आज का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। प्रेम जीवन शानदार रहेगा और करियर में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों को बड़ी उपलब्धि मिलने के संकेत हैं। वृश्चिक राशि काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे तनाव महसूस होगा। बड़े निवेश और संपत्ति संबंधी फैसलों को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। परिवार के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। धनु राशि भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी और व्यापार में लाभ के अवसर बनेंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। दोस्तों और भाइयों का सहयोग मिलेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। मकर राशि वाणी और व्यवहार से लोगों को प्रभावित करेंगे। आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। प्रेम जीवन में धैर्य बनाए रखें। खान-पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कुम्भ राशि चंद्रमा आपकी ही राशि में होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। मीन राशि व्यस्तता और खर्च बढ़ सकते हैं। निवेश करने से बचें। स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त आराम जरूरी है। विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करनी होगी। आध्यात्मिक कार्यों से मानसिक शांति मिलेगी। सभी राशियों के लिए आज का शुभ संकेत आज शुक्र का राशि परिवर्तन और बृहस्पति का शुभ प्रभाव रचनात्मक कार्यों, शिक्षा, दीर्घकालिक योजनाओं और रिश्तों को मजबूत करने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना सभी राशियों के लिए फायदेमंद रहेगा।  

surbhi जून 8, 2026 0
Zodiac wheel representing daily horoscope predictions for all twelve zodiac signs on May 23, 2026
23 मई राशिफल 2026: मेष से मीन तक जानें किसका दिन रहेगा शानदार, किसे रहना होगा सतर्क

23 मई 2026, शनिवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज चंद्रमा सिंह राशि में केतु के साथ युति बना रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास, आध्यात्मिक सोच और अंतर्ज्ञान में वृद्धि होगी। वहीं वृषभ राशि में सूर्य और बुध की स्थिति कार्यक्षेत्र में स्थिरता और समझदारी से फैसले लेने में मदद करेगी। मिथुन राशि में शुक्र और गुरु की युति प्रेम, सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक लाभ के मजबूत संकेत दे रही है। मेष राशि में मंगल की उपस्थिति ऊर्जा, साहस और नए कार्यों में सफलता का योग बना रही है। ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा के अनुसार आज का दिन कई राशियों के लिए करियर में उन्नति, धन लाभ और रिश्तों में मजबूती लेकर आ सकता है, जबकि कुछ राशियों को स्वास्थ्य और खर्चों को लेकर सावधान रहने की जरूरत होगी। मेष राशि आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है। बिजनेस में सही निर्णय लाभ दिलाएंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारी या प्रमोशन के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में रोमांस बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ राशि आज परिवार और सुख-सुविधाओं पर ध्यान रहेगा। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे और बिजनेस में बड़ा निवेश करने का मन बना सकते हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हालांकि माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी। मिथुन राशि आज आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। बिजनेस में नई साझेदारी फायदा दे सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं, लेकिन किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करते समय सावधानी बरतें। कर्क राशि धन लाभ और आय के नए स्रोत खुलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों में लाभ मिल सकता है। परिवार के साथ किसी खास कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा। प्रेम और वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। खान-पान पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। सिंह राशि आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता चरम पर रहेगी। करियर में सफलता और प्रमोशन के योग बन रहे हैं। बिजनेस में लाभ होगा और नए संबंध बनने की संभावना है। प्रेम जीवन में आकर्षण बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कन्या राशि आज खर्च बढ़ सकते हैं और मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। नौकरी और बिजनेस में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जोखिम लेने से बचें। रिश्तों में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। तुला राशि आज लाभ और उपलब्धियों का दिन रहेगा। आय में वृद्धि होगी और मेहनत का पूरा फल मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। दोस्तों के सहयोग से कोई बड़ा काम सफल हो सकता है। वृश्चिक राशि कार्यस्थल पर मान-सम्मान और सफलता मिलने के योग हैं। बिजनेस में विस्तार और आर्थिक लाभ संभव है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। आत्मविश्वास के साथ लिए गए फैसले फायदा देंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। धनु राशि भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और करियर में प्रगति मिलेगी। बिजनेस में लाभ होगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। लंबी यात्रा से फायदा मिल सकता है। मकर राशि आज सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक खर्च या आर्थिक नुकसान की स्थिति बन सकती है। नौकरी और बिजनेस में विरोधियों से सतर्क रहें। रिश्तों में संवाद बनाए रखें, वरना तनाव बढ़ सकता है। पुरानी बीमारी परेशान कर सकती है। कुंभ राशि आज साझेदारी और रिश्तों में संतुलन बनाए रखने का दिन है। नौकरी और व्यापार में सहयोगियों का साथ मिलेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लें। मीन राशि आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।  

surbhi मई 23, 2026 0
Lord Shani on Shani Jayanti during Amavasya
Shani Jayanti 2026: दशकों बाद बना राजयोगों का महासंगम, शनैश्चरी अमावस्या पर खुलेंगे भाग्य के द्वार

साल 2026 की शनि जयंती इस बार बेहद खास और दुर्लभ संयोगों से भरी हुई है। ज्योतिष के अनुसार इस वर्ष शनि जयंती पर शनैश्चरी अमावस्या के साथ कई शक्तिशाली राजयोग बन रहे हैं, जो दशकों में एक बार देखने को मिलते हैं। यह महासंयोग करियर, धन, प्रतिष्ठा और जीवन में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। कब है शनि जयंती 2026? हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे से शुरू होकर 17 मई को रात 01:30 बजे तक रहेगी। चूंकि त्योहार उदयातिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, इसलिए शनि जयंती 16 मई, शनिवार को मनाई जाएगी। शनैश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व जब अमावस्या शनिवार को पड़ती है, तो उसे शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। यह संयोग शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए दान, पूजा और कर्म विशेष फलदायी होते हैं और शनि दोषों से राहत मिलती है। ग्रहों की खास स्थिति, बने कई राजयोग इस बार ग्रहों की स्थिति अत्यंत प्रभावशाली मानी जा रही है: सूर्य, शनि और चंद्रमा का संतुलन जीवन में कर्म और फल के बीच सामंजस्य स्थापित करेगा चंद्रमा का राशि परिवर्तन मानसिक स्पष्टता और निर्णय क्षमता बढ़ाएगा यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और आत्मविश्लेषण के लिए भी श्रेष्ठ माना जा रहा है शश, गजकेसरी और बुधादित्य योग का प्रभाव इस बार कई शक्तिशाली योग एक साथ बन रहे हैं: शश महापुरुष राजयोग: शनि अपनी स्वराशि कुंभ में रहकर यह योग बना रहे हैं, जिससे करियर में स्थिरता और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है गजकेसरी योग: गुरु और चंद्रमा की युति से बनने वाला यह योग धन, सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है बुधादित्य योग: सूर्य और बुध की युति से बुद्धि, व्यापार और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है अमला योग: यह योग व्यक्ति की छवि और सामाजिक प्रभाव को बेहतर बनाता है किन राशियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ? वृषभ राशि: इस राशि के जातकों के लिए आर्थिक लाभ के प्रबल संकेत हैं। नए आय स्रोत बन सकते हैं और निवेश में फायदा मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की संभावना है। मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए यह समय भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। करियर और व्यापार दोनों में सकारात्मक बदलाव दिखेंगे। क्या करें शनि जयंती के दिन? शनि देव की पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें काले तिल, काली उड़द और लोहे का दान करना शुभ माना जाता है “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें

surbhi मई 4, 2026 0
Hindu New Year 2026 with traditional rituals and festive vibes
हिंदू नववर्ष 2026: कब से शुरू, क्यों खास और किन राशियों के लिए रहेगा शुभ

चैत्र मास की शुरुआत के साथ ही भारतीय परंपरा में एक नए वर्ष का आगाज़ होता है-और इस बार यह शुरुआत कई मायनों में विशेष मानी जा रही है। कब से शुरू हो रहा है नववर्ष? हिंदू पंचांग के अनुसार, नववर्ष का पहला दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। साल 2026 में यह तिथि 19 मार्च (गुरुवार) को पड़ रही है। इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का आरंभ होगा। दिलचस्प बात यह है कि यही दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है-जैसे गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) और उगादी (दक्षिण भारत)। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत हो रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। क्यों खास है यह नववर्ष? इस बार का नववर्ष सामान्य नहीं है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इसमें अधिक मास (ज्येष्ठ) लगने के कारण साल 12 की जगह 13 महीनों का होगा। इसका सीधा असर त्योहारों की तिथियों पर पड़ेगा-यानी सावन, नवरात्रि और दीपावली जैसे प्रमुख पर्व अपने पारंपरिक समय से थोड़ा खिसक सकते हैं। शुभ मुहूर्त पर एक नजर प्रतिपदा तिथि शुरू: 19 मार्च सुबह 06:52 बजे   समाप्ति: 20 मार्च सुबह 04:52 बजे   उदय तिथि के अनुसार: 19 मार्च को ही नववर्ष मनाया जाएगा   संवत 2083 का संकेत इस वर्ष का नाम ‘रौद्र’ संवत्सर रखा गया है। राजा: बृहस्पति (गुरु) – धर्म, शिक्षा और आध्यात्मिकता में वृद्धि   मंत्री: मंगल – साहस, प्रशासन और निर्णय क्षमता में तेजी   यह संयोजन संकेत देता है कि साल धार्मिक उन्नति के साथ-साथ मजबूत फैसलों और सक्रिय शासन का भी रहेगा। किन राशियों के लिए शुभ संकेत? मेष (Aries) ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर यह साल मेष राशि वालों के लिए करियर में नए अवसर लेकर आ सकता है। लंबित विवाद सुलझने और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं। सिंह (Leo) यह साल पहचान और प्रतिष्ठा दिलाने वाला हो सकता है। नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी और खासतौर पर सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्रों में लाभ के संकेत हैं। वृश्चिक (Scorpio) मेहनत का पूरा फल मिलने का समय है। संपत्ति, निवेश और पुराने विवादों में राहत मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। कुल मिलाकर यह नववर्ष सिर्फ कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नए संकल्प और बदलाव का संकेत भी है। 13 महीनों वाला यह साल जहां समय की गति को थोड़ा अलग बनाएगा, वहीं कई लोगों के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव भी ला सकता है।

surbhi मार्च 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0