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Devotees worshipping Lord Ganesha with flowers and modak on Sankashti Chaturthi festival
कल है विकट संकष्टी चतुर्थी: गणपति की कृपा से दूर होंगी बाधाएं, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। ऐसे में 5 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली विकट संकष्टी चतुर्थी विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत व पूजा करने से जीवन की कठिन बाधाएं दूर होती हैं और करियर व व्यापार में सफलता के नए रास्ते खुलते हैं। क्या है इस दिन का विशेष महत्व? वैशाख मास में आने वाली यह चतुर्थी भगवान गणेश के “विकट” स्वरूप को समर्पित होती है, जो हर प्रकार के संकट को हरने वाले माने जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दिन पूजा करने से बुध और केतु ग्रह के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता, निर्णय क्षमता और सफलता में वृद्धि होती है। शुभ मुहूर्त (5 अप्रैल 2026) चतुर्थी प्रारंभ: सुबह 11:59 बजे चतुर्थी समाप्त: 6 अप्रैल, दोपहर 02:10 बजे अमृत काल: शाम 06:20 से रात 08:06 बजे अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से 12:49 बजे तक पूजा विधि इस दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें और घर के पूजा स्थान पर स्वच्छ चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। पंचामृत से अभिषेक करें सिंदूर, अक्षत, फूल, फल और दूर्वा अर्पित करें मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं आरती करें और रात में चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें व्रत कथा का महत्व धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत कथा का पाठ करने से पूजा का फल दोगुना हो जाता है। कथा के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान गणेश अपने भक्तों के सबसे बड़े संकट भी दूर कर देते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। क्या मिलता है इस व्रत से? करियर और व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है 

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Today Horoscope
Today Horoscope: आज का राशिफल 04 अप्रैल 2026, शनिवार

मेष राशि - आपका उदार स्वभाव आज आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। नए क़रार फ़ायदेमंद दिख सकते हैं, लेकिन वे उम्मीद के मुताबिक़ लाभ नहीं पहुँचाएंगे। निवेश करते समय जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। आपका होना इस दुनिया को आपके प्रिय के लिए रहने के क़ाबिल बनाता है। अंजान लोगों से बात करना ठीक है लेकिन उनकी विश्वसनियता जाने बिना उनको अपने जीवन की बातें बताकर आप अपना वक्त ही जाया करेंगे और कुछ नहीं। आपको महसूस होगा कि शादी के वक़्त किए गए सारे वादे सच्चे हैं। आपका जीवनसाथी ही आपका हमदम है। आज विदेश में रहने वाले किसी शख्स से आपको कोई बुरी खबर मिल सकती है। उपाय :- आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मांस, मदिरा का सेवन न करें।   वृषभ राशि - आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आज प्रेम-संबंधों में अपने स्वतन्त्र विवेक का इस्तेमाल कीजिए। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। आप एक बेहतरीन जीवनसाथी होने की ख़ुशक़िस्मती को शिद्दत से महसूस कर पाएंगे। आपके मन में आज अपने किसी खास को लेकर निराशा रेहेगी। उपाय :- चाँदी के टुकड़े पर शुक्र का यंत्र खुदवाकर पूजा करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा।   मिथुन राशि - आज के रोज़ जो भावुक मिज़ाज आप पर छाया हुआ है, उससे निकलने के लिए बीती बातों को दिल से निकाल दीजिए। हालाँकि आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन पैसे का लगातार पानी की तरह बहते जाना आपकी योजनाओं में रुकावट पैदा कर सकता है। पारंपरिक रस्में या कोई पावन आयोजन घर पर किया जाना चाहिए। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। आपका कम्यूनिकेशन और काम करने की क्षमता असरदार सिद्ध होंगे। जन्मदिन भूलने जैसी किसी छोटी-सी बात को लेकर जीवनसाथी से तक़रार मुमकिन है। लेकिन अन्ततः सब ठीक हो जाएगा। आज परिवार या मित्रों के साथ समय व्यतीत होगा। मुमकिन है कि आप झुंझलाहट या ख़ुद को फँसा हुआ महसूस करें, क्योंकि दूसरे ख़रीदारी में पूरी तरह मशगूल रह सकते हैं। उपाय :- अच्छी सेहत के लिए सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करें।   कर्क राशि - जब आप कोई फ़ैसला लें, तो दूसरों की भावनाओं का ख़ास ख़याल रखें। आपका कोई भी ग़लत निर्णय न केवल उनपर ख़राब असर डालेगा, बल्कि आपको भी मानसिक तनाव देगा। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। आपके ज़हन में काम का दबाव होने के बावजूद आपका प्रिय आपके लिए ख़ुशी के पलों को लाएगा। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। ऑफिस के दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताना आपके लिए अच्छा नहीं है ऐसा करके आप अपने घर वालों के गुस्से का शिकार हो सकते हैं। उपाय :- 'मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं।'   सिंह राशि - व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन ख़र्च में इज़ाफ़ा आपके लिए बचत को और ज़्यादा मुश्किल बना देगा। जिन लोगों के साथ आप रहते हैं वे आपसे बहुत ख़ुश नहीं होंगे, चाहे आपने इसके लिए कुछ भी क्यों न किया हो। सोशल मीडिआ पर अपने प्रिय के पिछले 2-3 संदेश देखिए, आपको एक ख़ूबसूरत ताज्जुब का एहसास होगा। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। आज आपका जीवनसाथी आपको प्यार और सुख के लोक की सैर करा सकता है। बहुत ज्यादा बातें करके आज आपको सिर में दर्द हो सकता है। इसलिए जितनी आवश्यकता हो उतनी ही बातें करें। उपाय :- सदा साफ़-सुथरे, प्रेस किये हुए कपड़े पहनना यह दर्शाता है कि आप अपनी जीवनशैली के प्रति जागरुक हैं।   कन्या राशि - आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। लम्बे अरसे को मद्देनज़र रखते हुए निवेश करें। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। आपका जीवनसाथी आपको पाकर ख़ुद को ख़ुशनसीब समझता है; इन पलों का भरपूर उपयोग करें। अगर कोई छोटा व्यक्ति भी आपको सलाह दे तो उसे सुनें क्योंकि कई बार छोटे लोगों से आपको जीवन को जीने की बड़ी सीख मिल जाती है। उपाय :- छुट्टी के दिन अगर बोर हो रहे हैं तो बहते पानी की मछलियों को चारा खिलाएं।   तुला राशि - ख़ुद को ज़्यादा आशावादी बनने के लिए प्रेरित करें। इससे न सिर्फ़ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यवहार लचीला होगा, बल्कि डर, ईर्ष्या और नफ़रत जैसे नकारात्मक मनोभावों में भी कमी आएगी। इस राशि के विवाहित जातकों को आज ससुराल पक्ष से धन लाभ होने की संभावना है। एक नज़दीकी रिश्तेदार ख़ुद के लिए आपका ज़्यादा ध्यान चाहेगा, हालाँकि वह काफ़ी मददगार और ख़याल रखने वाला होगा। बेवजह का शक रिश्तों को खराब करने का काम करता है। आपको भी अपने प्रेमी पर शक नहीं करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर आपके मन में उनके प्रति संशय है तो उनके साथ बैठकर हल निकालने की कोशिश करें। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। आज आप सब चिंताओं को भुलाकर अपनी रचनात्मकता को बाहर निकाल सकते हैं। उपाय :- गणेश जी पर हरी दूर्वा (घास) चढ़ाने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे।   वृश्चिक राशि - शारीरिक तौर पर तंदुरुस्त रहने के लिए धूम्रपान की आदत छोड़ दें। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. आज के दिन बिना कुछ ख़ास किए आप आसानी से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में क़ामयाब रहेंगे। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। ऑफिस से जल्दी घर जाने का प्लान आज आप ऑफिस पहुंचकर ही कर सकते हैं। घर पहुंचकर आप मूवी देखने या किसी पार्क में परिवार के लोगों के साथ जाने का प्लान बना सकते हैं। कई लोग साथ तो रहते हैं, लेकिन उनके जीवन में रोमांस नहीं होता। लेकिन यह दिन आपके लिए बेहद रोमानी होने वाला है। माता के साथ आज आप अच्छा समय बिता सकते हैं, आज वो आपसे आपकी बचपन की बातें शेयर कर सकती हैं। उपाय :- केसर लगी पीली मिठाई, केसरी हलवा खुद भी खाएं और गरीबों में भी बाँटने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।   धनु राशि - आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। आप इस दिन को अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं भूलेंगे, अगर आप प्यार में डूबने के मौक़े को आज यूँ ही न गवाएँ तो। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। आपका जीवनसाथी आपको प्यार का एहसास देना चाहता है, उसकी मदद करें। धन को इतनी अहमियत न दें कि आपके रिश्ते ही खराब हो जाएँ। यह बात याद रखें कि धन मिल सकता है लेकिन रिश्ते नहीं। उपाय :- मानसिक शान्ति बहुत महत्वपूर्ण है, इसके लिए चाँदी का कड़ा या चाँदी की चैन धारण करें।   मकर राशि - हर इंसान को ग़ौर से सुनें, हो सकता है आपको अपनी समस्या का समाधान मिल जाए। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। अपने घर के वातावरण में कुछ बदलाव करने से पहले आपको सभी की राय जानने की कोशिश करनी चाहिए। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। लंबे समय से कामकाज का दबाव आपके वैवाहिक जीवन के लिए कठिनाई खड़ा कर रहा है। लेकिन आज सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी। कहीं से उधार वापस मिल सकता है जिससे आपकी कुछ आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएंगी। उपाय :- सर्पाकार चांदी की अंगूठी धारण करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। कुम्भ राशि - आपकी ओर से समर्पित दिल और बहादुरी का जज़्बा आपके जीवन-साथी को ख़ुशी दे सकता है। बिना बताये आज कोई देनदार आपके अकाउंट में पैसे डाल सकता है जिसके बारे में जानकर आपको अचंभा भी होगा और खुशी भी। जीवनसाथी से झगड़ा मानसिक तनाव की ओर ले जा सकता है। बेकार का तनाव लेने की ज़रूरत नहीं है। ज़िंदगी का एक बड़ा सबक़ इस बात को मान लेना है कि बहुत-सी चीज़ों को बदलना नामुमकिन है। जिनकी सगाई हो चुकी है, वे अपने मंगेतर से बहुत-सी ख़ुशियाँ पाएंगे। आज टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देखने में आप इतना व्यस्त हो सकते हैं कि आप जरुरी कामों को करना भी भूल जाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। आज आप अपने देश से जुड़ी कुछ जानकारियों को जानकर चकित हो सकते हैं। उपाय :- श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर में प्रसाद चढ़ा कर ग़रीबों को खाने की सामग्री बांटने से फैमिली लाइफ अच्छी रहेगी।   मीन राशि - आपमें से जो दफ़्तर में ओवरटाइम कर रहे थे और ऊर्जा की कमी से जूझ रहे थे, आज उन्हें फिर वैसी ही समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। आज के दिन भूलकर भी किसी को पैसे उधार न दें और यदि देना जरुरी हो तो देने वाले से लिखित में लें कि वो पैसा वापस कब करेगा। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के लम्हे लाएगी। एक प्यारी-सी मुस्कुराहट से अपने प्रेमी का दिन रोशन करें। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे आपको परेशानी होगी। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। आज विदेश में रहने वाले किसी शख्स से आपको कोई बुरी खबर मिल सकती है। उपाय :- अगर आज आप उमंग व उत्साह की कमी महसूस कर रहे हैं तो गमलों में काले-सफेद मार्बल के दाने रखें।   कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष  उत्तरदायी नहीं हैं।  

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
Hanuman Jayanti celebration day
हनुमान जयंती 2026: कब है बजरंगबली का जन्मोत्सव, जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। यह दिन हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हनुमान जयंती 2026: तिथि और मुहूर्त साल 2026 में हनुमान जयंती चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि आरंभ: 1 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे उदया तिथि के अनुसार पर्व: 2 अप्रैल 2026 शुभ मुहूर्त: 2 अप्रैल को सूर्योदय से लेकर सुबह 07:41 बजे तक पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा सामग्री हनुमान जी की कृपा पाने के लिए पूजा में इन चीजों का विशेष महत्व है: लाल कपड़ा और चौकी चमेली का तेल, सिंदूर, जनेऊ लाल फूल, चंदन, अक्षत बेसन के लड्डू, बूंदी, गुड़-चना, केला घी का दीपक, धूप, कपूर, गंगाजल तुलसी दल (भोग में अनिवार्य) पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ या लाल वस्त्र पहनें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल से स्नान कराकर चमेली तेल और सिंदूर से चोला चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर फूल, फल, चंदन और अक्षत अर्पित करें। बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं, साथ में तुलसी दल जरूर रखें। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। अंत में आरती कर सुख-समृद्धि और रक्षा की प्रार्थना करें। प्रमुख मंत्र ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय रामदूताय स्वाहा ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय रामदूताय स्वाहा इन मंत्रों के जप से मानसिक शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। क्या है मान्यता? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जयंती पर पूजा करने से भय, रोग, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। भक्त इस दिन व्रत रखकर और भक्ति भाव से पूजा कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
Idol of Maa Kalaratri worshipped with lamps and flowers during Chaitra Navratri Day 7 ritual
चैत्र नवरात्रि 2026 Day 7: मां कालरात्रि की आराधना से मिटता है भय और नकारात्मकता, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और महत्व

चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन देवी शक्ति के उग्र और प्रभावशाली स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा को समर्पित होता है। यह दिन विशेष रूप से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो साधक सच्चे मन से मां कालरात्रि की आराधना करता है, उसके जीवन से भय और बाधाएं दूर होती हैं और साहस, शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां कालरात्रि का स्वरूप और आध्यात्मिक महत्व मां कालरात्रि का रूप अत्यंत तेजस्वी और अद्भुत माना जाता है। उनका वर्ण श्याम, केश खुले, गले में विद्युत समान चमकती माला और तीन नेत्र-यह स्वरूप भले ही उग्र दिखाई देता हो, लेकिन भक्तों के लिए वह सुरक्षा और कल्याण का प्रतीक हैं। इसी कारण उन्हें “शुभंकारी” भी कहा जाता है, जो अपने भक्तों को हर संकट से उबारती हैं और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। पूजा विधि: सरलता और श्रद्धा का विशेष महत्व नवरात्रि के सातवें दिन पूजा विधि को अत्यंत पवित्र और अनुशासित माना गया है: प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें मां कालरात्रि की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें रोली, कुमकुम, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें श्रद्धा और सादगी के साथ पूजा करें, दिखावे से बचें भोग और आरती का महत्व मां कालरात्रि को गुड़ और चना का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार में बांटा जाता है। अंत में मां की आरती करना अनिवार्य माना गया है, जो पूजा को पूर्णता प्रदान करती है। मंत्र और शुभ रंग इस दिन मां कालरात्रि के बीज मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है: “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः” नियमित मंत्र जाप से मन शांत होता है और नकारात्मक विचारों का नाश होता है। शुभ रंग के रूप में नीला रंग धारण करना उत्तम माना गया है, जो आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन का प्रतीक है। पौराणिक कथा: बुराई पर अच्छाई की जीत पौराणिक कथा के अनुसार, जब दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में आतंक फैलाया, तब देवी दुर्गा ने कालरात्रि का रूप धारण किया। रक्तबीज को यह वरदान था कि उसके रक्त की हर बूंद से नया राक्षस उत्पन्न होता था। मां कालरात्रि ने अद्भुत रणनीति से उसका वध किया और उसके रक्त को भूमि पर गिरने से पहले ही अपने मुख में समाहित कर लिया। इस प्रकार बुराई का अंत हुआ और देवताओं को मुक्ति मिली। यह कथा जीवन में साहस, धैर्य और बुद्धिमत्ता की शक्ति को दर्शाती है।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Young girls worshipped as Goddess Durga during Kanya Pujan ritual in Chaitra Navratri celebration
चैत्र नवरात्रि 2026: अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन का सही समय, विधि और उम्र के अनुसार मिलने वाले फल का पूरा विवरण

चैत्र नवरात्रि सनातन धर्म में शक्ति उपासना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जा रहा है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की साधना के बाद अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन दिनों छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। कब करें कन्या पूजन? पंचांग के अनुसार, दुर्गाष्टमी (26 मार्च 2026): प्रातः 11:48 बजे तक कन्या पूजन करना शुभ रहेगा। महानवमी (26 मार्च 11:48 बजे से शुरू): यह तिथि 27 मार्च सुबह 10:06 बजे तक रहेगी। ऐसे में श्रद्धालु अपनी सुविधा अनुसार 26 या 27 मार्च को उदया तिथि के अनुसार कन्या पूजन कर सकते हैं। किस उम्र की कन्या का क्या महत्व? नवरात्रि में 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को देवी के विभिन्न स्वरूप माना जाता है। प्रत्येक उम्र की कन्या की पूजा अलग-अलग फल प्रदान करती है: 2 वर्ष (कुमारी): दुख-दरिद्रता दूर, सुख-समृद्धि की प्राप्ति 3 वर्ष (त्रिमूर्ति): धन, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद 4 वर्ष (कल्याणी): परिवार और कुल का कल्याण 5 वर्ष (रोहिणी): स्वास्थ्य और सौभाग्य 6 वर्ष (कालिका): बुद्धि, विद्या और विवेक 7 वर्ष (शाम्भवी): ऐश्वर्य और शक्ति 8 वर्ष (दुर्गा/शांभवी): विवाद और मुकदमों में सफलता 9 वर्ष (चंडिका/दुर्गा): शत्रुओं पर विजय और कार्य सिद्धि 10 वर्ष (सुभद्रा): सभी मनोकामनाओं की पूर्ति कैसे करें कन्या पूजन? कन्या पूजन की विधि सरल लेकिन अत्यंत श्रद्धापूर्ण होती है: अष्टमी या नवमी के दिन स्नान कर मां दुर्गा की पूजा करें। 9 कन्याओं और एक बालक (भैरव स्वरूप) को आमंत्रित करें। कन्याओं के चरण धोकर उनका तिलक करें और मौली बांधें। लाल चुनरी अर्पित करें और आसन पर बैठाएं। उन्हें पूरी, हलवा, चना, खीर आदि भोजन कराएं। अंत में उपहार, वस्त्र या दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें। धार्मिक मान्यता है कि विधिपूर्वक किया गया कन्या पूजन जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Goddess Skandamata idol with Kartikeya, devotees offering flowers during Chaitra Navratri fifth day पूजा
चैत्र नवरात्रि 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा का विशेष महत्व, जानें मंत्र, भोग, रंग और विधि

चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व में पांचवां दिन माता दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप को समर्पित होता है। वर्ष 2026 में यह शुभ अवसर 23 मार्च को मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त पूरे विधि-विधान के साथ मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां स्कंदमाता की कृपा से संतान सुख, पारिवारिक शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता का दिव्य स्वरूप मां स्कंदमाता को ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति माना जाता है। वे चार भुजाओं वाली हैं और अपनी गोद में भगवान कार्तिकेय को धारण किए रहती हैं, जिन्हें ‘स्कंद’ भी कहा जाता है। माता की दो भुजाओं में कमल पुष्प होते हैं, जबकि एक हाथ वरमुद्रा में होता है। इनका वाहन सिंह है, लेकिन कमल पर विराजमान होने के कारण इन्हें ‘पद्मासना’ भी कहा जाता है। उनका शांत और तेजस्वी स्वरूप भक्तों को आस्था और विश्वास से भर देता है। पूजा विधि: कैसे करें आराधना नवरात्रि के पांचवें दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ और विशेष रूप से सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल की सफाई कर गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाता है। इसके बाद माता का ध्यान कर कलश स्थापना की जाती है। पूजा के दौरान चंदन, अक्षत, धूप और दीप अर्पित किए जाते हैं। मां को पीले फूल और फल चढ़ाकर मंत्रों का जाप, दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। अंत में कपूर से आरती कर पूजा संपन्न की जाती है। प्रिय रंग और पुष्प मान्यता के अनुसार मां स्कंदमाता को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है। इस दिन सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। वहीं, पूजा में पीले रंग के फूल जैसे गेंदा और पीला गुलाब अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। भोग: क्या लगाएं प्रसाद मां स्कंदमाता को केले का भोग अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यता है कि केले का प्रसाद चढ़ाने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं और बुद्धि का विकास होता है। इसके अलावा केले से बनी खीर या मिठाई का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। स्कंदमाता के प्रमुख मंत्र सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ धार्मिक महत्व माना जाता है कि मां स्कंदमाता की उपासना से संतान सुख, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। उनकी कृपा से भक्तों को आरोग्य, ज्ञान और बुद्धि का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, यह भी मान्यता है कि उनकी भक्ति से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Devotees gathered at Mahavir Mandir Patna
रामनवमी 2026: पटना के महावीर मंदिर में रात 2 बजे खुलेंगे पट, 15 काउंटरों से मिलेगा नैवेद्यम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम बिहार की राजधानी पटना में रामनवमी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल 27 मार्च को पड़ने वाले इस पावन पर्व पर महावीर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। रात 2 बजे खुलेंगे मंदिर के पट, होगी विशेष आरती रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को महावीर मंदिर के पट रात 2 बजे ही खोल दिए जाएंगे। इसके बाद करीब 15 मिनट तक भगवान बजरंगबली की विशेष आरती होगी। आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और प्रसाद चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि देर रात तक भक्तों का आना-जाना जारी रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए प्रशासन ने कई इंतजाम किए हैं: लंबी कतारों के लिए बैरिकेडिंग धूप से बचाव के लिए छावनी पेयजल और शर्बत की व्यवस्था मोबाइल शौचालय मेडिकल कैंप एलईडी स्क्रीन के जरिए लाइव पूजा प्रसारण महिला-पुरुष के लिए अलग लाइन, बाहर लगेंगे काउंटर भारी भीड़ को देखते हुए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइन बनाई जाएगी। ये कतार वीर कुंवर सिंह पार्क से लेकर महावीर मंदिर तक जाएगी। मंदिर परिसर के बाहर से लेकर पार्क तक 15 नैवेद्यम लड्डू काउंटर लगाए जाएंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के अंदर कोई काउंटर नहीं रखा जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रामनवमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रहेगी। पुलिस बल के साथ-साथ करीब 100 से 120 प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स तैनात किए जाएंगे। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष रणनीति तैयार की है। 24 हजार किलो नैवेद्यम लड्डू का लक्ष्य महावीर मंदिर के प्रसिद्ध नैवेद्यम लड्डू की मांग को देखते हुए बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। शुरुआत में 18 हजार किलो लड्डू तैयार रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर 6 हजार किलो अतिरिक्त लड्डू बनाए जाएंगे। इस तरह कुल 24 हजार किलो नैवेद्यम लड्डू की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। आस्था और व्यवस्था का संगम पटना में रामनवमी का पर्व हर साल विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार भी प्रशासन और मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तैयारियों में जुटे हैं, ताकि भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Goddess Durga idol during Chaitra Navratri
Chaitra Navratri 2026: डोली पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान, क्या संकेत दे रही हैं मां दुर्गा? जानिए धार्मिक महत्व और शुभ-अशुभ संकेत

भारत में आस्था और परंपरा के सबसे बड़े पर्वों में से एक चैत्र नवरात्रि की शुरुआत इस वर्ष 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन उत्सव का आरंभ कलश स्थापना के साथ होता है, जहां भक्त पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। पहले दिन मां के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। देशभर के मंदिरों और घरों में भक्ति का माहौल है, वहीं बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक भी चरम पर है। मां दुर्गा के आगमन प्रस्थान का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा किस वाहन से पृथ्वी पर आती हैं और किस वाहन से विदा होती हैं, इसका विशेष महत्व होता है। इसे भविष्य के संकेतों से जोड़कर भी देखा जाता है। इस वर्ष मान्यता के अनुसार देवी का: आगमन – डोली पर   प्रस्थान – हाथी पर   डोली पर आगमन: क्या हैं संकेत? शास्त्रों में डोली (पालकी) पर मां का आगमन पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता। इसके संभावित संकेत: सामाजिक या राजनीतिक अस्थिरता   प्राकृतिक या आर्थिक चुनौतियों की आशंका   जनजीवन में उतार-चढ़ाव   हालांकि, यह केवल धार्मिक मान्यता है और इसे आस्था के रूप में ही देखा जाता है। हाथी पर प्रस्थान: शांति या मिश्रित संकेत? मां दुर्गा का हाथी पर प्रस्थान आमतौर पर सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि हाथी समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है। इसके संकेत: वर्षा और कृषि के लिए अनुकूल समय   आर्थिक सुधार के संकेत   शांति और स्थिरता की संभावना   लेकिन कुछ मान्यताओं में इसे मिश्रित फल देने वाला भी बताया गया है। कलश स्थापना से शुरू होती है भक्ति नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। इस दिन से भक्त नौ दिनों तक: व्रत रखते हैं   भजन-कीर्तन करते हैं   मां के नौ रूपों की पूजा करते हैं   यह पर्व आत्मशुद्धि, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। रामनवमी: नवरात्रि का समापन नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्म का दिन है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर अधर्म का नाश किया था। देशभर में इस अवसर पर भव्य पूजा, झांकियां और राम जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सकारात्मक सोच का उत्सव है। मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के संकेतों को लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ जोड़ते हैं, जो समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाते हैं।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Devotees performing Sheetala Ashtami puja with neem leaves and offerings to Goddess Sheetala
Sheetala Ashtami 2026: आज शीतला अष्टमी का पावन व्रत, आरोग्य की देवी माता शीतला की पूजा से मिलता है स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

  हिंदू धर्म में चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली शीतला अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे कई स्थानों पर बसोड़ा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन आरोग्य, सुख-समृद्धि और परिवार की रक्षा की कामना के साथ माता शीतला की पूजा और व्रत के लिए समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से रोग-दोष दूर होते हैं और परिवार को स्वास्थ्य एवं सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार शीतला माता को देवी दुर्गा का ही एक पावन रूप माना जाता है। वे रोगों से रक्षा करने वाली और स्वास्थ्य प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजी जाती हैं। विशेष रूप से चेचक और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए प्राचीन समय से ही शीतला माता की पूजा की जाती रही है।   शीतला अष्टमी व्रत और पूजा विधि शीतला अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं को प्रातःकाल जल्दी उठकर ठंडे जल से स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में एक चौकी स्थापित कर उस पर माता शीतला की मूर्ति या चित्र स्थापित किया जाता है। पूजा के दौरान माता को पुष्प, नीम की पत्तियां, हल्दी, चंदन और धूप-दीप अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही गंगाजल छिड़ककर पूजा स्थल को शुद्ध किया जाता है। शीतला माता को ठंडा और एक दिन पूर्व बनाया गया भोजन विशेष रूप से प्रिय माना जाता है, इसलिए पूजा में मालपुआ, मिठाई, दही, और बासी भोजन (बसोड़ा) का भोग लगाया जाता है। पूजा के बाद भक्तों को शीतला माता की व्रत कथा और स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही देवी का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। अंत में माता की आरती कर पूजा संपन्न की जाती है। पूजा के समापन पर एक लोटे में गंगाजल या शुद्ध जल लेकर उसमें नीम की पत्तियां डालकर घर के सभी कमरों और परिवार के सदस्यों पर छिड़कना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में स्वास्थ्य तथा सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहता है।   शीतला माता के प्रमुख मंत्र पूजा के दौरान माता शीतला के इन मंत्रों का जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है- ॐ शीतलायै नमः।   ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः।   शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता। शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः॥   वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनी-कलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्॥ इन मंत्रों के जप से देवी की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों को रोगों से मुक्ति तथा मानसिक शांति का आशीर्वाद मिलता है।   शीतला अष्टमी पर करें ये विशेष उपाय शास्त्रों के अनुसार शीतला माता को शीतल वस्तुएं अत्यंत प्रिय हैं। इसलिए इस दिन ठंडे जल से स्नान करना शुभ माना जाता है। यह परंपरा केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि मौसम के बदलाव के दौरान शरीर के तापमान को संतुलित रखने में यह सहायक होती है। इसके अलावा शीतला अष्टमी की पूजा में हल्दी अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा के बाद हल्दी का तिलक स्वयं लगाकर परिवार के अन्य सदस्यों को भी लगाना चाहिए। हिंदू मान्यताओं के अनुसार हल्दी शुद्धता, स्वास्थ्य और रोगों से रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु शीतला अष्टमी के दिन सच्चे मन से माता शीतला की पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं, उन्हें स्वास्थ्य, समृद्धि और परिवार की सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में यह पर्व अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0