मुंबई, एजेंसियां। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डांसर श्रेया कलरा ने रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में शामिल होने की खबरों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। हालिया बातचीत में श्रेया ने बताया कि उन्होंने इस शो के लिए मना कर दिया है। ‘बिग बॉस’ में जाने की खबरों पर क्या बोलीं? श्रेया कलरा के नाम की चर्चा ‘बिग बॉस’ के आगामी सीजन के संभावित प्रतियोगियों में हो रही थी। हालांकि, उन्होंने इन अटकलों को लेकर साफ किया कि वह इस समय ‘बिग बॉस’ का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं हैं। श्रेया ने बताया कि रियलिटी शो में शामिल होने का फैसला उनके लिए आसान नहीं है। उनके मुताबिक, वह अपने काम और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रही हैं। सोशल मीडिया पर पहले से लोकप्रिय हैं श्रेया श्रेया कलरा सोशल मीडिया पर अपने डांस वीडियो और शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट के कारण लोकप्रिय हैं। उनकी ऑनलाइन लोकप्रियता को देखते हुए रियलिटी शो के निर्माताओं की ओर से उनका नाम संभावित प्रतिभागियों में चर्चा में आना स्वाभाविक माना जा रहा है।
मुंबई, एजेंसियां। रियलिटी शो ‘Lock Upp 2’ के ग्रैंड फिनाले के बाद इसकी सफलता का जश्न भी शानदार अंदाज में मनाया गया। शो की सफलता के मौके पर फराह खान ने पार्टी आयोजित की, जिसमें बॉलीवुड और टीवी जगत की कई चर्चित हस्तियां शामिल हुईं। पार्टी में अर्जुन कपूर और मौनी रॉय भी नजर आए। फराह खान ने सोशल मीडिया पर पार्टी की अंदरूनी झलक साझा की, जिसके बाद तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं। पार्टी में नजर आए कई बड़े सितारे फराह खान द्वारा साझा किए गए वीडियो में अर्जुन कपूर और मौनी रॉय के अलावा रितेश देशमुख, जेनेलिया डिसूजा और निर्माता एकता कपूर भी दिखाई दिए। शो से जुड़े कई प्रतियोगी और उनके परिवार के सदस्य भी इस जश्न का हिस्सा बने। पार्टी में धीरज धूपर, उनकी पत्नी विन्नी अरोड़ा, हर्षद चोपड़ा, माहिप कपूर, अपूर्वा मुखिजा और अन्य मेहमान भी नजर आए। सनी लियोनी और उनके पति डेनियल वेबर भी समारोह में मौजूद थे। श्रेया कालरा की जीत के बाद हुआ जश्न यह पार्टी ‘Lock Upp 2’ के ग्रैंड फिनाले के कुछ घंटे बाद आयोजित की गई। फिनाले में श्रेया कालरा ने ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि शिवांगी जोशी फर्स्ट रनर-अप रहीं। श्रेया ने फिनाले में शिवांगी जोशी और योगेश रावत को पीछे छोड़कर खिताब जीता। जीत के साथ उन्हें ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि भी मिली। सोशल मीडिया पर छाई पार्टी की झलक फराह खान के वीडियो में शो के प्रतियोगियों और बॉलीवुड सितारों को एक साथ जश्न मनाते देखा गया। पार्टी में मस्ती और डांस के कई पल कैमरे में कैद हुए। खास तौर पर शो के प्रतियोगियों की मौजूदगी ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा। हालांकि, कुछ दर्शकों ने वीडियो में योगेश रावत और शिल्पा शिंदे समेत कुछ प्रतियोगियों की गैरमौजूदगी को भी नोटिस किया और सोशल मीडिया पर इसके बारे में सवाल पूछे। ‘Lock Upp 2’ के सफर का हुआ शानदार अंत ‘Lock Upp 2’ का सफर विवादों, टास्क और प्रतियोगियों के बीच मुकाबलों से भरा रहा। ग्रैंड फिनाले में श्रेया कालरा की जीत के बाद अब शो की सफलता का जश्न भी सितारों से सजी पार्टी के साथ पूरा हुआ। अर्जुन कपूर और मौनी रॉय जैसे सितारों की मौजूदगी ने इस सक्सेस पार्टी को और खास बना दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो के बाद पार्टी की झलक मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुंबई, एजेंसियां। रियलिटी शो ‘Lock Upp: Sach Ya Sazaa’ सीजन 2 का ग्रैंड फिनाले खत्म हो चुका है और श्रेया कालरा ने शो की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। फिनाले में उन्होंने शिवांगी जोशी को करीबी मुकाबले में पीछे छोड़ा। जीत के साथ श्रेया को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि भी मिली। शिवांगी जोशी रहीं फर्स्ट रनर-अप श्रेया कालरा और शिवांगी जोशी के बीच फिनाले में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। आखिरकार श्रेया ने शिवांगी को सिर्फ सात वोटों के अंतर से पीछे छोड़ते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। शिवांगी जोशी शो की फर्स्ट रनर-अप रहीं। वहीं योगेश रावत भी शीर्ष दावेदारों में शामिल रहे। छह हफ्तों तक चला मुकाबला ‘Lock Upp 2’ में छह सप्ताह तक प्रतियोगियों के बीच टास्क, रणनीति, विवाद और भावनात्मक उतार-चढ़ाव देखने को मिले। श्रेया ने पूरे सीजन में अपनी बेबाक राय और मजबूत गेमप्ले से दर्शकों का ध्यान खींचा। ग्रैंड फिनाले में श्रेया, शिवांगी और योगेश समेत अन्य फाइनलिस्ट को कई चुनौतियों और ‘जनता की जूरी’ के सवालों का सामना करना पड़ा। अंत में श्रेया विजेता बनकर सामने आईं। जीत के बाद शुरू हुआ जश्न ट्रॉफी जीतने के बाद श्रेया कालरा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शो के ग्रैंड फिनाले के बाद फराह खान ने सक्सेस पार्टी आयोजित की, जिसमें शो के कई प्रतियोगी और मनोरंजन जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। पार्टी से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में श्रेया समेत पूर्व प्रतियोगियों को जश्न मनाते देखा गया। खास तौर पर श्रेया कालरा और शिवांगी जोशी का साथ में डांस भी चर्चा में रहा। ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि से बढ़ी जीत की चमक ‘Lock Upp 2’ की ट्रॉफी के साथ श्रेया को ₹1 करोड़ की नकद पुरस्कार राशि मिली है। जीत के बाद श्रेया ने दूसरे प्रतियोगियों की मदद को लेकर भी बात की और कहा कि वह इस राशि का इस्तेमाल अन्य प्रतिभागियों के थेरेपी खर्च में मदद करने के लिए करना चाहती हैं। श्रेया की जीत के साथ ‘Lock Upp 2’ का सफर खत्म हो गया है, लेकिन फिनाले के बाद उनकी जीत और शो के प्रतियोगियों के बीच रिश्ते लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
टीवी अभिनेता कुशल टंडन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रियलिटी शो Alliance में नजर आ रहे कुशल पर Lock Upp 2 की कंटेस्टेंट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा ने हाल ही में गंभीर आरोप लगाए हैं। अब इस पूरे विवाद पर कुशल की बहन टीना टंडन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है और लोगों से बिना दोनों पक्ष सुने कोई निष्कर्ष न निकालने की अपील की है। क्या हैं श्रेया कालरा के आरोप? Lock Upp 2 के एक एपिसोड में श्रेया कालरा ने बताया कि उन्होंने और कुशल टंडन ने एक टीवी शो के प्रमोशनल वीडियो की शूटिंग साथ की थी। उनके मुताबिक शूटिंग के बाद कुशल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर डायरेक्ट मैसेज (DM) किया। श्रेया का दावा है कि उस समय कुशल का नाम अभिनेत्री शिवांगी जोशी के साथ जोड़ा जा रहा था, लेकिन उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुशल लगातार उन्हें मैसेज करते रहे। श्रेया ने यह भी कहा कि बाद में जब उनकी मुलाकात शिवांगी जोशी से हुई, तब शिवांगी ने उनसे इस मामले पर बात की। श्रेया के अनुसार, उन्होंने शिवांगी को पूरी चैट दिखाई, जिसके बाद वह भावुक हो गईं। कुशल की बहन ने किया बचाव कुशल टंडन फिलहाल Alliance शो में व्यस्त हैं और सार्वजनिक रूप से इस विवाद पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। ऐसे में उनकी बहन टीना टंडन उनके समर्थन में सामने आईं। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि हाल ही में उनके भाई और उनके पुराने रिश्ते को लेकर जो बातें कही गई हैं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं। टीना ने कहा कि फिलहाल लोगों ने केवल एक पक्ष की बात सुनी है और जब तक दोनों पक्ष सामने न आ जाएं, तब तक किसी भी तरह की राय बनाना उचित नहीं होगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय सच्चाई सामने आने का इंतजार करने की अपील भी की। कुशल और शिवांगी के रिश्ते की चर्चा कुशल टंडन और शिवांगी जोशी टीवी शो Barsatein – Mausam Pyaar Ka में साथ काम करने के दौरान करीब आए थे। दोनों के रिश्ते की चर्चा लंबे समय तक होती रही और बाद में कुशल ने अपने रिश्ते की पुष्टि भी की थी। हालांकि, वर्ष 2025 में कुशल टंडन ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी कि दोनों का रिश्ता कुछ महीने पहले ही खत्म हो चुका है। फिलहाल नहीं आया कुशल का बयान श्रेया कालरा के आरोपों पर अभी तक कुशल टंडन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे विवाद को लेकर दोनों पक्षों की बात सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। News 16 (Entertainment) Box Office: दूसरे शुक्रवार भी थमी नहीं 'Alpha' की रफ्तार, 50 करोड़ क्लब में एंट्री के बेहद करीब आलिया-शरवरी की फिल्म दूसरे शुक्रवार की कमाई में आई गिरावट, फिर भी 50 करोड़ के आंकड़े पर नजर आलिया भट्ट और शरवरी वाघ स्टारर स्पाई एक्शन फिल्म 'Alpha' बॉक्स ऑफिस पर दूसरे हफ्ते में भी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है। दूसरे शुक्रवार को फिल्म की कमाई में गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म 50 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के बेहद करीब पहुंच गई है। दूसरे शुक्रवार कितना रहा कलेक्शन? शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, 'Alpha' ने रिलीज के दूसरे शुक्रवार को करीब 1.50 करोड़ रुपये का नेट कारोबार किया। यह आंकड़ा पहले दिन की तुलना में काफी कम है, लेकिन दूसरे सप्ताह में भी फिल्म का लगातार दर्शक जुटाना इसके लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन अब लगभग 46.60 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वीकेंड से बढ़ी उम्मीदें ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि शनिवार और रविवार को छुट्टियों का फायदा फिल्म को मिल सकता है। यदि सप्ताहांत में दर्शकों की संख्या बढ़ती है तो फिल्म आसानी से 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरे वीकेंड में फिल्म 6.5 से 7 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकती है। पहले सप्ताह का प्रदर्शन रिलीज के पहले सप्ताह में फिल्म ने कुल 45.10 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। शुरुआती तीन दिनों में फिल्म ने अच्छी कमाई की, लेकिन उसके बाद वीकडेज़ में कारोबार में लगातार गिरावट देखने को मिली। अब तक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन नेट कलेक्शन पहला शुक्रवार ₹9.00 करोड़ पहला शनिवार ₹11.50 करोड़ पहला रविवार ₹12.50 करोड़ पहला सोमवार ₹3.50 करोड़ पहला मंगलवार ₹4.00 करोड़ पहला बुधवार ₹2.50 करोड़ पहला गुरुवार ₹2.10 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹1.50 करोड़ (अनुमानित) कुल ₹46.60 करोड़ कहां तक पहुंच सकती है फिल्म? मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि 'Alpha' का लाइफटाइम भारतीय नेट कलेक्शन 60 से 65 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि अंतिम आंकड़े इस बात पर निर्भर करेंगे कि आने वाले दिनों में फिल्म को दर्शकों का कितना समर्थन मिलता है और नई रिलीज फिल्मों से इसे कितनी प्रतिस्पर्धा मिलती है। महिला प्रधान स्पाई फिल्म के सामने रही चुनौती 'Alpha' एक महिला-केंद्रित स्पाई एक्शन फिल्म है। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस तरह की फिल्मों को आमतौर पर बड़ी ओपनिंग मिलना आसान नहीं होता। इसके अलावा हाल के समय में स्पाई यूनिवर्स की कुछ फिल्मों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे इस फिल्म के सामने शुरुआत से ही चुनौती मौजूद थी। फिर भी फिल्म ने शुरुआती सप्ताह में संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अब सभी की नजरें दूसरे वीकेंड पर टिकी हैं, जहां यह फिल्म 50 करोड़ क्लब में शामिल होने की ओर बढ़ रही है।
रियलिटी शो Lock Upp 2: Sach Ya Saza में अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा ने अभिनेता कुशल टंडन को लेकर बड़ा दावा किया है। शो के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुशल ने उन्हें सोशल मीडिया पर मैसेज किए थे, जबकि उस समय उनका नाम अभिनेत्री शिवांगी जोशी के साथ जोड़ा जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक कुशल टंडन और शिवांगी जोशी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रमोशनल शूट के बाद आए मैसेज शो में सह-प्रतियोगी शिल्पा शिंदे से बातचीत के दौरान श्रेया कालरा ने बताया कि उन्होंने टीवी शो Barsatein – Mausam Pyaar Ka के प्रमोशनल वीडियो में कुशल टंडन के साथ काम किया था। श्रेया के अनुसार, शूटिंग पूरी होने के बाद कुशल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज करना शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय वह खुद भी एक रिश्ते में थीं और बाद में उन्हें पता चला कि कुशल और शिवांगी जोशी के बीच भी रिश्ता था। इसके बाद उन्होंने कुशल से बातचीत आगे नहीं बढ़ाई। शिवांगी से मुलाकात के दौरान क्या हुआ? श्रेया ने यह भी दावा किया कि बाद में जब उनकी मुलाकात शिवांगी जोशी से हुई, तब अभिनेत्री ने बताया कि कुशल ने कहा था कि सोशल मीडिया पर सबसे पहले श्रेया ने ही उन्हें मैसेज और फॉलो किया था। श्रेया ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने शिवांगी को अपनी पूरी चैट दिखाई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उन्होंने कभी भी फ्लर्ट या बातचीत की शुरुआत नहीं की थी। ब्रेकअप का भी किया जिक्र श्रेया कालरा ने शो में यह भी दावा किया कि कुछ महीनों बाद कुशल टंडन ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए शिवांगी जोशी से अपने अलग होने की जानकारी साझा की थी। गौरतलब है कि कुशल ने वर्ष 2025 में सोशल मीडिया पर अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी, हालांकि बाद में वह पोस्ट हटा दी गई थी। क्या बोले कुशल और शिवांगी? फिलहाल श्रेया कालरा के इन आरोपों पर कुशल टंडन या शिवांगी जोशी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। Lock Upp 2 में बढ़ रहा है विवाद Lock Upp 2: Sach Ya Saza इन दिनों अपने विवादित खुलासों और कंटेस्टेंट्स के व्यक्तिगत बयानों को लेकर लगातार चर्चा में है। शो में कई प्रतिभागी अपने निजी जीवन से जुड़े अनुभव साझा कर रहे हैं, जिससे दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बनी हुई है।
श्रीनगर, एजेंसियां। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन के भीतर पवित्र हिम शिवलिंग (बाबा बर्फानी) के लगभग पूरी तरह पिघल जाने से करोड़ों श्रद्धालुओं में चिंता और जिज्ञासा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी एक वजह से नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, कम बर्फबारी और गुफा क्षेत्र में बढ़ी मानवीय गतिविधियों का संयुक्त प्रभाव हो सकता है। प्राकृतिक प्रक्रिया पर पड़ा मौसम का असर वैज्ञानिकों के अनुसार अमरनाथ गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से बनता है। गुफा की छत से टपकने वाली पानी की बूंदें कम तापमान में जमकर बर्फ का स्तंभ बनाती हैं। इस बार सर्दियों में अपेक्षाकृत कम बर्फबारी, अधिक तापमान और मौसम के बदलते पैटर्न के कारण शिवलिंग अपेक्षित आकार नहीं ले सका और जल्दी पिघल गया। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी मानी जा रही वजह विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा के शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु गुफा तक पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही, रोशनी, अस्थायी ढांचों और अन्य मानवीय गतिविधियों से गुफा के आसपास का तापमान प्रभावित हो सकता है, जिससे प्राकृतिक हिम शिवलिंग तेजी से पिघलने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि इस संबंध में कोई अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। आस्था बरकरार, यात्रा जारी हिम शिवलिंग के अंतर्ध्यान होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। बड़ी संख्या में भक्त अब भी अमरनाथ गुफा पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधाओं के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
नई दिल्ली: रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में इस बार हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलने वाला है। शो के नए प्रोमो में अभिनेत्री कंगना रनौत कंटेस्टेंट्स को उनकी परफॉर्मेंस और रवैये पर कड़ी फटकार लगाती नजर आ रही हैं। सबसे ज्यादा निशाने पर अभिनेता राम कपूर रहे, जिनसे कंगना ने तीखे सवाल पूछते हुए उनके व्यवहार पर नाराजगी जताई। प्रोमो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस एपिसोड को लेकर चर्चा तेज हो गई है और दर्शक पूरे एपिसोड का इंतजार कर रहे हैं। राम कपूर से कंगना का सीधा सवाल प्रोमो में कंगना रनौत, राम कपूर से कहती हैं कि अगर उन्हें लगता है कि वह इस शो से बड़े हैं और गेम को गंभीरता से नहीं लेना चाहते, तो फिर शो का हिस्सा बनने की जरूरत ही क्या थी। कंगना कहती हैं— "अगर आपको लगता है कि आप इस जेल के लिए बहुत बड़े हैं, तो फिर यहां आए क्यों? क्या सिर्फ अपना फूहड़पन दिखाने के लिए?" उनके इस सवाल के बाद माहौल और भी गर्म हो जाता है। राम कपूर ने क्या दिया जवाब? कंगना की बात का जवाब देते हुए राम कपूर कहते हैं— "जब सही समय आएगा, तब मैं भी अपना सच स्वीकार करूंगा और यहां मौजूद किसी भी व्यक्ति से बेहतर तरीके से करूंगा।" हालांकि, राम के इस जवाब से कंगना संतुष्ट नजर नहीं आतीं। कंगना ने दी नसीहत राम कपूर के जवाब के बाद कंगना उन्हें समझाते हुए कहती हैं— "अगर आप खुद में सुधार करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपना बचाव करना बंद कीजिए।" इस बातचीत ने प्रोमो को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। आकांक्षा चमोला और श्रेया कालरा के बीच भी बढ़ा विवाद प्रोमो में एक और बड़ा मोड़ तब आता है, जब शो के होस्ट रितेश देशमुख कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला को बताते हैं कि उनकी दो लाइफलाइन खत्म हो चुकी हैं। इसके बाद उन्हें दिखाया जाता है कि कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने बातचीत के दौरान आकांक्षा का एक निजी राज सार्वजनिक कर दिया, जिससे शो में नया विवाद खड़ा हो जाता है। पहले भी विवादों में रहे हैं राम कपूर 'लॉक अप 2' की शुरुआत से ही राम कपूर अपने बयानों और व्यवहार को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। हाल ही के एक एपिसोड में उन्होंने शादी और रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि किसी रिश्ते में सच्चा प्यार हो, तो मुश्किल हालात में हुई गलतियों के बावजूद रिश्ता बचाया जा सकता है। उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं। कई दर्शकों और कुछ कंटेस्टेंट्स ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। इसके अलावा, शो के एक अन्य एपिसोड में होस्ट रितेश देशमुख के साथ उनकी बातचीत को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस देखने को मिली थी। क्या बढ़ेगी शो की टीआरपी? कंगना रनौत की एंट्री और उनके बेबाक अंदाज ने 'लॉक अप 2' को नई चर्चा दे दी है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि पूरे एपिसोड में राम कपूर और कंगना रनौत के बीच बातचीत किस मोड़ तक पहुंचती है और इसका शो की आगे की कहानी पर क्या असर पड़ता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।