Social media buzz

Bharat Bhagya Vidhata
कंगना रनौत की ‘भारत भाग्य विधाता’ को सोशल मीडिया पर मिली शानदार प्रतिक्रिया

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म के पहले ही दिन दर्शकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फिल्म को लेकर चर्चा तेज है और कई दर्शकों ने इसकी कहानी, भावनात्मक प्रस्तुति और कंगना रनौत के अभिनय की जमकर तारीफ की है।   ‘दिल छू लेने वाली कहानी’ बता रहे दर्शक फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों ने इसे एक प्रेरणादायक और भावनात्मक कहानी बताया है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि फिल्म आम लोगों के संघर्ष, जिम्मेदारी और साहस को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर पेश करती है। कुछ दर्शकों ने इसे ऐसी कहानी बताया है जो लंबे समय तक दिल और दिमाग में बनी रहती है।   कंगना के अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल कंगना रनौत के अभिनय को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें ‘एक्टिंग क्वीन’ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने किरदार को पूरी ईमानदारी और गहराई के साथ निभाया है। दर्शकों का मानना है कि कंगना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को प्रभावशाली तरीके से निभाने में माहिर हैं।   ‘हीरो हमेशा वर्दी में नहीं होते’ फिल्म का निर्देशन और लेखन मनोज तापड़िया ने किया है। फिल्म में कंगना के साथ गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, आशा शेलार, प्रिया अर्जुन बेर्डे, जाहिद खान और सुहिता थट्टे भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि फिल्म यह संदेश देती है कि असली नायक हमेशा वर्दी में नहीं होते, बल्कि समाज में अपनी जिम्मेदारियां निभाने वाले साधारण लोग भी असाधारण काम कर सकते हैं।   क्या यह कंगना की दमदार वापसी है? कंगना की पिछली फिल्म ‘इमरजेंसी’ को समीक्षकों की सराहना तो मिली थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। ऐसे में ‘भारत भाग्य विधाता’ को मिल रही शुरुआती सकारात्मक प्रतिक्रिया को कंगना के लिए एक मजबूत वापसी के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर टिकी हैं।

anjali kumari जून 12, 2026 0
Splitsvilla 16 winners Gullu and Kaira posing together during the reality show's finale celebrations.
क्या अलग हो गए हैं स्प्लिट्सविला 16 के विनर्स गुल्लू और कैरा? सोशल मीडिया एक्टिविटी ने बढ़ाईं ब्रेकअप की अटकलें

नई दिल्ली: एमटीवी स्प्लिट्सविला 16 के विजेता कुशल तंवर उर्फ गुल्लू और कैरा अनु एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी जीत नहीं बल्कि उनके रिश्ते को लेकर उठ रहे सवाल हैं। शो खत्म होने के कुछ ही हफ्तों बाद दोनों के बीच ब्रेकअप की अफवाहें तेज हो गई हैं। इंस्टाग्राम एक्टिविटी ने बढ़ाया सस्पेंस फैंस ने हाल ही में नोटिस किया कि गुल्लू और कैरा अब इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं, दोनों के अकाउंट से उनके कुछ रोमांटिक और फनी कोलैबरेशन वीडियो और रील्स भी गायब दिखाई दे रहे हैं। इस बदलाव ने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। शो के दौरान और उसके बाद भी दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया गया था। उनके मजेदार वीडियोज और केमिस्ट्री ने उन्हें सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बना दिया था। ऐसे में अचानक हुए इस बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फैंस ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रियाएं कई फैंस ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की। कुछ लोगों ने उनकी जोड़ी को पसंद करते हुए रिश्ते में आई इस दूरी पर चिंता जताई, जबकि कुछ यूजर्स का मानना है कि दोनों का रिश्ता सिर्फ शो और सोशल मीडिया की लोकप्रियता तक ही सीमित था। स्प्लिट्सविला 16 के बने थे विजेता पिछले महीने ही गुल्लू और कैरा ने योगेश रावत-रुरु ठाकुर और सोराब बेदी-निहारिका तिवारी जैसी मजबूत जोड़ियों को हराकर स्प्लिट्सविला 16 की ट्रॉफी अपने नाम की थी। जीत के बाद कैरा ने भावुक होते हुए कहा था कि गुल्लू के साथ यह सफर उनके लिए बेहद खास रहा और दोनों ने मिलकर हर चुनौती का सामना किया। अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान हालांकि, दोनों के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अभी तक न तो गुल्लू और न ही कैरा ने अपने रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। ऐसे में फिलहाल यह सब सिर्फ अटकलें ही मानी जा रही हैं। अन्य सब-हेडलाइन विकल्प इंस्टाग्राम अनफॉलो के बाद रिश्ते पर उठे सवाल रोमांटिक रील्स गायब होने से बढ़ीं चर्चाएं जीत के कुछ हफ्तों बाद चर्चा में आई विजेता जोड़ी क्या शो खत्म होने के साथ खत्म हुआ रिश्ता?

surbhi जून 11, 2026 0
Suryakumar Yadav and Hardik Pandya during an IPL match amid speculation over their relationship.
पोस्ट डिलीट, अनफॉलो और अफवाहों का दौर! क्या सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या के बीच सब कुछ ठीक नहीं?

नई दिल्ली: IPL 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा टीम के प्रदर्शन से ज्यादा स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और कप्तान हार्दिक पंड्या को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर हुई कुछ गतिविधियों के बाद दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। हालांकि, अब तक न तो मुंबई इंडियंस और न ही दोनों खिलाड़ियों की ओर से किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इसलिए इन खबरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया गतिविधियों से बढ़ीं चर्चाएं हाल के दिनों में सूर्यकुमार यादव ने कथित तौर पर मुंबई इंडियंस से जुड़े कुछ पोस्ट हटाए और कुछ समय के लिए फ्रेंचाइजी को अनफॉलो भी किया था। बाद में उन्होंने टीम को फिर से फॉलो कर लिया। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि सूर्यकुमार यादव अभी भी कप्तान हार्दिक पंड्या को फॉलो नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से दोनों खिलाड़ियों के बीच मतभेद की अफवाहों को और हवा मिली है। क्या मुंबई इंडियंस छोड़ सकते हैं सूर्यकुमार? कुछ रिपोर्ट्स में सूर्यकुमार यादव के भविष्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि मुंबई इंडियंस उन्हें रिलीज करने या किसी अन्य टीम के साथ ट्रेड करने की योजना बना रही है। फ्रेंचाइजी में उनकी भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कप्तानी को लेकर भी उठ रहे सवाल मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के हालिया बयान के बाद सूर्यकुमार यादव के अंतरराष्ट्रीय भविष्य और नेतृत्व भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन भविष्य की योजनाओं पर काम कर रहा है। IPL 2026 में मुंबई इंडियंस का निराशाजनक प्रदर्शन मुंबई इंडियंस के लिए IPL 2026 बेहद खराब रहा। टीम पूरे सीजन में संघर्ष करती नजर आई और अंक तालिका में सबसे निचले स्थान से सिर्फ बेहतर नेट रन रेट के कारण बच सकी। सीजन के दौरान: तीन अलग-अलग खिलाड़ियों ने कप्तानी की। कुल 24 खिलाड़ियों को मौका दिया गया। कई रणनीतिक फैसलों पर सवाल उठे। टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। सीजन की समीक्षा करेगी फ्रेंचाइजी सूत्रों के मुताबिक, मुंबई इंडियंस प्रबंधन अब पूरे सीजन की समीक्षा करने की तैयारी में है। टीम के प्रदर्शन, रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर मंथन किया जा सकता है ताकि अगले सीजन में मजबूत वापसी की जा सके। फिलहाल क्या है सच? अब तक सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या के बीच किसी विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर चल रही चर्चाओं को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इन खबरों को फिलहाल केवल अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Karan Johar at a public event amid reports of Instagram unfollowing Bollywood celebrities
करण जौहर ने शाहरुख, आलिया समेत कई सितारों को किया अनफॉलो, प्रियंका चोपड़ा अब भी फॉलो लिस्ट में शामिल

Karan Johar इन दिनों सोशल मीडिया पर अपने एक फैसले को लेकर चर्चा में हैं। फिल्ममेकर ने अचानक कई बॉलीवुड सितारों और करीबी दोस्तों को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया, जिसके बाद फैंस के बीच तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि अब सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह कदम किसी विवाद या रिश्तों में खटास की वजह से नहीं, बल्कि एक सोशल मीडिया रणनीति का हिस्सा है। शाहरुख खान और आलिया भट्ट भी हुए अनफॉलो रिपोर्ट्स के मुताबिक करण जौहर ने Shah Rukh Khan, Alia Bhatt, Kareena Kapoor Khan और Manish Malhotra समेत कई बड़े सितारों को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो किया है। इसके अलावा Varun Dhawan, Sidharth Malhotra, Malaika Arora और Ananya Panday जैसे सितारों के नाम भी उनकी फॉलोइंग लिस्ट से गायब बताए जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि करण ने Kartik Aaryan को भी अनफॉलो कर दिया है, जबकि अभिनेता उनकी आगामी फिल्म “Naagzilla” में नजर आने वाले हैं। प्रियंका चोपड़ा को अब भी कर रहे फॉलो सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी नोटिस किया कि Priyanka Chopra Jonas फिलहाल करण जौहर की इंस्टाग्राम फॉलोइंग लिस्ट में बनी हुई हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर इसे लेकर और ज्यादा चर्चाएं होने लगीं। हालांकि रिपोर्ट्स का दावा है कि यह पूरा बदलाव केवल सोशल मीडिया मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी का हिस्सा है और इसका किसी खास व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चाएं करण जौहर अपने करीबी रिश्तों और इंडस्ट्री कनेक्शन के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनके इस कदम ने इंटरनेट पर काफी हलचल मचा दी। कई यूजर्स ने इसे बॉलीवुड के रिश्तों से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था। हालांकि अब तक करण जौहर की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हाल ही में रिलीज हुई थी करण की फिल्म वर्कफ्रंट की बात करें तो करण जौहर हाल ही में Chaand Mera Dil को प्रोड्यूस करते नजर आए थे। फिल्म में Lakshya और अनन्या पांडे लीड रोल में थे। फिल्म 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसे दर्शकों व समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।  

surbhi मई 29, 2026 0
Instagram unfollow controversy
करण जौहर ने इंस्टाग्राम अनफॉलो विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बताई असली वजह

मुंबई, एजेंसियां। फिल्म निर्माता और निर्देशक करन जोहर ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर कई बॉलीवुड सितारों को अनफॉलो कर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। उनकी फॉलोइंग लिस्ट से Shah Rukh Khan, Alia Bhatt, Kareena Kapoor Khan, Varun Dhawan और Sidharth Malhotra जैसे बड़े नाम अचानक गायब हो गए। इसके बाद फैंस के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या करण और उनके करीबी दोस्तों के बीच कोई अनबन चल रही है।   करण ने पोस्ट शेयर कर दी सफाई लगातार बढ़ती अटकलों के बीच करण जौहर ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि यह किसी विवाद या रिश्तों में खटास की वजह से नहीं, बल्कि उनके “डिजिटल डिटॉक्स” का हिस्सा है। करण ने लिखा कि वह सोशल मीडिया पर अपना समय और ऊर्जा बचाने के लिए लोगों को अनफॉलो कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इसे “राष्ट्रीय खबर” बनाने की जरूरत नहीं है।   प्रियंका चोपड़ा अब भी फॉलो लिस्ट में दिलचस्प बात यह रही कि जहां कई बॉलीवुड सितारे उनकी फॉलोइंग लिस्ट से हट गए, वहीं Priyanka Chopra अब भी उनकी फॉलो लिस्ट में शामिल हैं। इसके अलावा करण फिलहाल बेहद सीमित लोगों को फॉलो कर रहे हैं, जिनमें धर्मा प्रोडक्शंस के सीईओ अपूर्वा मेहता और उद्योगपति आदर पूनावाला शामिल हैं।   फिल्मों में व्यस्त हैं करण सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले करण जौहर इन दिनों अपने फिल्मी प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। हाल ही में उन्होंने चांद मेरा दिल को प्रोड्यूस किया था। अब वह अपनी अगली फिल्म नागजिल्ला की तैयारी में जुटे हैं, जिसमें कार्तिक आर्यन मुख्य भूमिका निभाएंगे।

Unknown मई 29, 2026 0
RJ Mahvash reacts to dating rumours with cricketer Yuzvendra Chahal during a podcast interview.
आरजे माहवश ने युजवेंद्र चहल संग रिश्ते की खबरों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं’

RJ Mahvash और Yuzvendra Chahal पिछले काफी समय से अपने रिश्ते की खबरों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर दोनों के फॉलो और अनफॉलो को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पहली बार माहवश ने इन खबरों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और दोनों के रिश्ते की सच्चाई बताई है। ‘लोग छोटी बातों को बड़ा बना देते हैं’ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान जब माहवश से सोशल मीडिया पर चहल को अनफॉलो करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि लोग अक्सर छोटी बातों को जरूरत से ज्यादा बड़ा बना देते हैं। उन्होंने कहा कि दोस्तों के बीच बहस या मतभेद होना सामान्य बात है और कई बार लोग फॉलो-अनफॉलो भी कर देते हैं, लेकिन इसका मतलब हमेशा रिश्ते में कोई बड़ी समस्या नहीं होता। माहवश ने कहा: “दो दोस्तों के बीच कभी बहस हो जाती है और वे एक-दूसरे को फॉलो या अनफॉलो कर देते हैं। मैं हमेशा उन्हें शुभकामनाएं दूंगी और मेरी दुआएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।” ‘हमारे बीच कभी दोस्ती से ज्यादा कुछ नहीं था’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी उनके और चहल के बीच दोस्ती से ज्यादा कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। माहवश ने कहा कि वह हमेशा चहल की अच्छी दोस्त रही हैं और मुश्किल दौर में सिर्फ एक दोस्त की तरह उनके साथ खड़ी थीं। उन्होंने कहा: “ऐसा कभी नहीं था। वह अपने अलगाव के दौर से गुजर रहे थे और उन्हें एक सच्चे दोस्त की जरूरत थी। मैं उनके सपोर्ट सिस्टम की तरह उनके साथ रही।” तलाक की खबरों के बाद शुरू हुई थीं अफवाहें Yuzvendra Chahal और Dhanashree Verma के अलगाव की खबरों के बाद चहल और माहवश को कई बार साथ देखा गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की डेटिंग की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि दोनों लगातार इन खबरों को अफवाह बताते रहे और कहा कि उनके बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता है। सोशल मीडिया पर फिर बढ़ी चर्चा हाल ही में दोनों के एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो और अनफॉलो करने की खबरों ने एक बार फिर रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज कर दी थीं। लेकिन माहवश के बयान के बाद अब तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Sonu Sood supports Alia Bhatt amid social media trolling during Cannes Film Festival 2026
आलिया भट्ट के समर्थन में उतरे सोनू सूद, ट्रोलिंग पर दिया करारा जवाब—“यह गर्व का पल होना चाहिए”

कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में बॉलीवुड अभिनेत्री Alia Bhatt के कथित “इग्नोर” किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर जारी ट्रोलिंग के बीच अब अभिनेता Sonu Sood उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी कलाकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि को आलोचना का विषय नहीं, बल्कि गर्व का अवसर माना जाना चाहिए। ट्रोलिंग के बीच आया सोनू सूद का बयान Sonu Sood ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि जब कोई भारतीय कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करता है, तो यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। उन्होंने लिखा कि हर उपलब्धि को कैमरों, सुर्खियों या बाहरी मान्यता से नहीं आंका जा सकता। असली सफलता उस मेहनत और जर्नी में होती है, जिसे कलाकार ने तय किया है। “गर्व महसूस करना चाहिए, कमियां नहीं ढूंढनी चाहिए” अपने संदेश में Sonu Sood ने ट्रोलिंग मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों को दूसरों की उपलब्धियों में कमियां ढूंढने की बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का समय नहीं होता। क्या है पूरा मामला? दरअसल, Alia Bhatt इस साल दूसरी बार कान फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुईं। रेड कार्पेट से जुड़े कुछ वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि फोटोग्राफर्स ने उन्हें नजरअंदाज किया। कुछ यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने उनके लुक और आत्मविश्वास की तारीफ भी की। आलिया भट्ट का जवाब भी वायरल ट्रोलिंग के बीच Alia Bhatt ने भी एक यूजर को जवाब देते हुए कहा था कि “अफसोस किस बात का, आपने मुझे नोटिस तो किया ही।” उनके इस जवाब को सोशल मीडिया पर आत्मविश्वास और ग्रेस के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल 23 मई तक चलेगा गौरतलब है कि कान फिल्म फेस्टिवल 2026 की शुरुआत 12 मई को हुई थी और यह 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सितारे रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।  

surbhi मई 16, 2026 0
Thalapathy Vijay
विजय के CM बनने के बाद तृषा कृष्णन का पोस्ट वायरल, सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चाएं

चेन्नई, एजेंसियां। तृषा कृष्णन और विजय एक बार फिर सोशल मीडिया  पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद तृषा कृष्णन ने ऐसा पोस्ट साझा किया, जिसने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के बाद तृषा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई तस्वीरें पोस्ट कीं। अभिनेत्री समुद्री हरे रंग की पारंपरिक साड़ी में नजर आईं, जिसमें उनका लुक फैंस को काफी पसंद आया। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा उनके कैप्शन की हुई, जिसमें उन्होंने लिखा, “प्यार हमेशा बुलंद होता है।”   सोशल मीडिया पर शुरू हुई अटकलें तृषा के इस पोस्ट को सोशल मीडिया यूजर्स ने विजय के साथ उनके कथित रिश्ते से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। पिछले कुछ महीनों से दोनों की नजदीकियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि दोनों सितारों ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। समारोह के दौरान तृषा अपनी मां Uma Krishnan के साथ पहुंची थीं। विजय के भाषण के दौरान उनकी भावुक प्रतिक्रिया भी कैमरे में कैद हुई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई क्लिप्स में अभिनेत्री मुस्कुराते हुए भावुक नजर आईं।   विजय की राजनीतिक पारी पर सबकी नजर इस बीच विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam ने तमिलनाडु में बहुमत हासिल कर सरकार बनाई है। विजय अब राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं और इसे तमिल राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। वहीं, तृषा अपने आगामी फिल्म प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। अभिनेत्री जल्द ही Karuppu में अभिनेता Suriya के साथ नजर आएंगी, जो 14 मई 2026 को रिलीज होने वाली है।

Unknown मई 11, 2026 0
वेपिंग करते पकड़े गए रियान पराग, एक वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 में Riyan Parag एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान पराग का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट (वेपिंग) करते नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है।   भारत में ई-सिगरेट पर है पूर्ण प्रतिबंध भारत सरकार ने E-Cigarettes (Prohibition) Act 2019 के तहत ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, वितरण और उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस कानून के अनुसार पहली बार दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।   बीसीसीआई कर सकता है कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, Board of Control for Cricket in India इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों की मौजूदगी में इस तरह की हरकत करना गैर-जिम्मेदाराना है। हालांकि कई खिलाड़ी निजी तौर पर वेपिंग करते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से ऐसा करना नियमों और छवि दोनों के लिहाज से गलत माना जा रहा है।   ड्रेसिंग रूम की निजता पर भी बहस इस घटना के बाद ड्रेसिंग रूम में कैमरों की मौजूदगी पर भी सवाल उठे हैं। बताया गया कि पहले भी खिलाड़ियों ने लाइव प्रसारण के दौरान निजता को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, कैमरों के संचालन का फैसला प्रसारक के हाथ में होता है।   आगे क्या होगा? अब सभी की नजरें बीसीसीआई के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि पराग के खिलाफ केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ती है। यह मामला खिलाड़ियों की जिम्मेदारी और सार्वजनिक व्यवहार पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Unknown अप्रैल 29, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
दुनिया

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0