thunderstorm

Bihar rain alert for 25 districts with thunderstorms lightning risk and heavy rainfall warning
Bihar Rain Alert: बिहार के 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने का भी खतरा; इन 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

बिहार में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बादलों की आवाजाही के बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार, 31 जुलाई को 25 जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम खराब रहने के दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। खासकर आंधी और वज्रपात की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। इन 25 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को बिहार के 25 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इनमें कैमूर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सारण, सिवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा मानसून की सक्रियता को देखते हुए पूर्वी चंपारण, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका और कैमूर में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। इन सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। उत्तर और पूर्वी बिहार में ज्यादा सक्रिय मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय बिहार में मौसम का प्रभाव सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं है। उत्तर और पूर्वी बिहार में बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं पहुंच रही हैं। इससे वातावरण में नमी बढ़ रही है और बादल बनने के साथ बारिश की गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम है। इसके कारण कुछ इलाकों में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर उमस और गर्मी भी महसूस की जा रही है। अगले 3-4 दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। 1 अगस्त को अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2, 3 और 4 अगस्त को भी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कुछ इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें मानसून के दौरान आंधी और वज्रपात का खतरा अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर है। बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रहने वाला है। ऐसे में खासकर अलर्ट वाले जिलों के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।  

surbhi जुलाई 31, 2026 0
Dark monsoon clouds over Bihar as heavy rain, thunderstorms, strong winds and lightning alerts are issued across 22 districts.
बिहार के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी

पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। इन 22 जिलों में जारी हुआ मौसम अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मौसम बिगड़ सकता है। इन जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मंगलवार को कैसा रहा मौसम? राजधानी पटना में मंगलवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। बीच-बीच में हल्की धूप निकलने के बाद शाम होते-होते फिर आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पटना के आसपास के जिलों में भी मौसम का यही हाल रहा। वहीं खगड़िया, सीतामढ़ी और कटिहार में अच्छी बारिश हुई, जबकि नालंदा और वैशाली में पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। अगले 3 से 4 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में उमस महसूस हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे पूरे बिहार में व्यापक और झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम में लगातार बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव की मुख्य वजह मानसूनी सिस्टम का लगातार मजबूत और कमजोर होना है। जब नमी वाली हवाएं सक्रिय होती हैं तो बादल बनते हैं और बारिश होती है। बारिश रुकने के बाद धूप निकलते ही हवा में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। यही वजह है कि राज्य में कभी बारिश तो कभी गर्मी और उमस का दौर देखने को मिल रहा है। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासन की सलाह का पालन करें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

surbhi जुलाई 22, 2026 0
lightning strike
शादी में मौत बनकर आई आसमानी बिजली, दो की मौत

जामताड़ा, एजेंसियां। बुधवार देर रात एक शादी समारोह में खुशियां मनाते लोगों पर आसमान से मौत बनकर बिजली गिरी। जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चरकादाहा गांव में वज्रपात से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। देखते ही देखते शादी का खुशनुमा माहौल गम और सन्नाटे में बदल गया।   बारिश से बचने के लिए शेड में थे सभी, तभी गिरी बिजली चरकादाहा गांव में शादी समारोह चल रहा था और गांव के सभी लोग उत्सव में शामिल थे। देर रात अचानक तेज आंधी और बारिश आ गई। बारिश से बचने के लिए लोग शेड का सहारा लेने लगे, लेकिन तभी जोरदार गरज के साथ वज्रपात हुआ जिसने दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।   अफरातफरी में अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना के बाद समारोह में अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने किसी तरह मृतकों और घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित किया। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।   पुलिस मौके पर, मुआवजे का आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि मृतक परिजनों और घायलों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Ground staff near an Emirates aircraft at Kolkata airport after a lightning strike incident amid heavy rain and thunderstorm conditions.
कोलकाता एयरपोर्ट पर गिरी आकाशीय बिजली, अमीरात विमान के पास काम कर रहे दो ग्राउंड स्टाफ झुलसे; दक्षिण बंगाल में येलो अलर्ट

  कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रनवे पर खड़े अमीरात एयरलाइंस के विमान के पास काम कर रहे दो ग्राउंड स्टाफ अचानक आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और दोनों कर्मचारियों को तत्काल चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब अमीरात एयरलाइंस की एक फ्लाइट कोलकाता हवाई अड्डे पर उतर चुकी थी और ग्राउंड स्टाफ विमान से यात्रियों का सामान उतारने के कार्य में जुटे थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ अचानक बिजली गिरी, जिसकी चपेट में दोनों कर्मचारी आ गए। विमान और उसमें मौजूद यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट इस बीच, अलीपुर मौसम विभाग ने कोलकाता सहित पूरे दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सप्ताहांत में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। शनिवार और रविवार को कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है, जबकि यह स्थिति अगले सप्ताह मंगलवार तक बनी रह सकती है। जलजमाव से प्रभावित हुआ जनजीवन लगातार हो रही बारिश के कारण कोलकाता के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति से निपटने के लिए कोलकाता नगर निगम ने विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय कर दिया है। सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और विभिन्न इलाकों की निगरानी सीसीटीवी तथा ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।  

Deepshikha जून 20, 2026 0
Thunderstorm and rainfall over Jharkhand with lightning strikes during pre-monsoon weather activity
झारखंड में सक्रिय हुई प्री-मानसून गतिविधियां, कई जिलों में बारिश; वज्रपात से तीन लोगों की मौत

रांची: झारखंड में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। वज्रपात ने ली तीन लोगों की जान गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय क्रमु कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी 30 वर्षीय राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार भी वज्रपात की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। कई जिलों में हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हुई। सबसे अधिक 70.3 मिमी बारिश सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। पिछले 24 घंटे का मौसम सर्वाधिक अधिकतम तापमान: 37.6°C (डाल्टनगंज) न्यूनतम तापमान: 21.9°C (लातेहार-AWS) सर्वाधिक वर्षा: 70.3 मिमी (थर्थाइटांगर, सिमडेगा) कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department (आईएमडी) रांची केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक फैला ट्रफ सक्रिय है। इसी वजह से झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है और आगामी दिनों में भी बारिश तथा वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 9 जून को इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 9 जून को: रांची बोकारो रामगढ़ गुमला खूंटी सहित दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई इलाकों में मेघगर्जन, तेज हवा और बारिश की संभावना है। इसके अलावा रांची में 10 और 11 जून को भी गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। लोगों को बरतनी होगी सावधानी मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों तक वज्रपात की घटनाएं बढ़ सकती हैं।  

surbhi जून 8, 2026 0
Dark storm clouds over Jharkhand with lightning, heavy rain and strong winds warning
झारखंड में मौसम का कहर: 3 दिन तक तूफानी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में खतरे की घंटी

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण पूरे प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। किन जिलों में ज्यादा खतरा? राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं: बोकारो रामगढ़ हजारीबाग खूंटी गुमला पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां पश्चिमी सिंहभूम इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कितनी तेज चलेंगी हवाएं? मौसम विभाग के अनुसार: हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना वज्रपात (ठनका) का खतरा काफी ज्यादा 9 अप्रैल तक रहेगा असर IMD के मुताबिक 7 अप्रैल से लेकर 9 अप्रैल तक पूरे झारखंड में मौसम खराब रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे साफ है कि राज्यभर में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लोगों के लिए जरूरी सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है: खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें ओलावृष्टि के समय सुरक्षित छायादार स्थान पर शरण लें पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें किसानों की बढ़ी चिंता बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण: खड़ी फसलें खराब हो सकती हैं बागवानी और वृक्षारोपण को नुकसान खेतों में जलभराव की स्थिति इस मौसम का सीधा असर कृषि पर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0