Tilak Varma

Duleep Trophy 2026 squads featuring Ishan Kishan, Rajat Patidar, Ruturaj Gaikwad and Tilak Varma as captains
Duleep Trophy 2026: सभी 6 टीमों का ऐलान, ईशान किशन, रजत पाटीदार, रुतुराज और तिलक वर्मा संभालेंगे कप्तानी

Duleep Trophy 2026: भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी के 2026-27 सीजन के लिए सभी छह जोन की टीमें सामने आ गई हैं। इस बार टूर्नामेंट में कई ऐसे खिलाड़ी नजर आएंगे, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल क्रिकेट का अनुभव है। टूर्नामेंट का आयोजन बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में किया जाना है। इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी ईशान किशन, रजत पाटीदार, रुतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों को मिली है। सेंट्रल जोन की कमान रजत पाटीदार को और वेस्ट जोन की कप्तानी रुतुराज गायकवाड़ को सौंपी गई है। छह टीमों में दिखेगा युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मेल दलीप ट्रॉफी में इस बार छह जोन हिस्सा ले रहे हैं—नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ, ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल और साउथ जोन। टीमों में अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ घरेलू क्रिकेट में उभर रहे युवा सितारों को भी जगह मिली है। ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन को दी गई है, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया गया है। ईस्ट की टीम में मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, कुमार कुशाग्र और अभिमन्यु ईश्वरन जैसे नाम भी शामिल हैं। सेंट्रल जोन रजत पाटीदार कप्तान और रिंकू सिंह उपकप्तान हैं। टीम में आर्यन जुयाल, सारांश जैन, हर्ष दुबे, यश ठाकुर और कुणाल सिंह राठौड़ जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। पाटीदार के लिए यह टूर्नामेंट खास हो सकता है। पिछले सीजन में भी उन्होंने सेंट्रल जोन की कप्तानी की थी और टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वेस्ट जोन रुतुराज गायकवाड़ टीम की अगुआई करेंगे, जबकि शम्स मुलानी उपकप्तान हैं। टीम में पृथ्वी शॉ, सरफराज खान, मुशीर खान, शार्दुल ठाकुर, तनुष कोटियन और तुषार देशपांडे जैसे चर्चित नाम हैं। साउथ जोन साउथ जोन की कप्तानी तिलक वर्मा करेंगे और रिकी भुई उपकप्तान हैं। टीम में करुण नायर, एन जगदीशन, श्रेयस गोपाल, आर स्मरण और एसके रशीद जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। नॉर्थ जोन नॉर्थ जोन की कमान कन्हैया वधावन को दी गई है और आयुष बडोनी उपकप्तान हैं। टीम में अर्शदीप सिंह, अब्दुल समद, यश ढुल, निशांत सिंधु और अंशुल कंबोज जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। नॉर्थ ईस्ट जोन नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम में तेची नेरी, रॉबिन लिंबू, बिश्वोरजीत सिंह कोंथौजाम, इमलीवाती लेम्तुर, किशन लिंडोह और जोसेफ लाल थानखुमा समेत कई खिलाड़ी शामिल हैं। साउथ और सेंट्रल को सीधे सेमीफाइनल में जगह टूर्नामेंट का फॉर्मेट इस बार भी नॉकआउट आधारित है। साउथ और सेंट्रल जोन को पिछले संस्करण में फाइनल खेलने के कारण सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश दिया गया है। वहीं क्वार्टर फाइनल में ईस्ट जोन का मुकाबला नॉर्थ ईस्ट जोन से और वेस्ट जोन का सामना नॉर्थ जोन से होगा। दोनों मुकाबलों के विजेता सेमीफाइनल में सेंट्रल और साउथ जोन से भिड़ेंगे। दलीप ट्रॉफी क्यों है अहम? दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के लिए घरेलू स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मंच है। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट के लिए टीम चयन की दौड़ में शामिल खिलाड़ियों के लिए यहां का प्रदर्शन महत्वपूर्ण हो सकता है। इस बार टूर्नामेंट में मोहम्मद शमी, रुतुराज गायकवाड़, सरफराज खान, रजत पाटीदार, तिलक वर्मा, ईशान किशन और अर्शदीप सिंह जैसे नामों की मौजूदगी इसे और दिलचस्प बना रही है। अब नजर इस बात पर होगी कि युवा खिलाड़ियों में से कौन अपनी छाप छोड़ता है और अनुभवी सितारों में से कौन घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने में सफल रहता है।  

surbhi अगस्त 4, 2026 0
IND VS ZIM 3rd T20
IND vs ZIM 3rd T20: भारत ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला; प्लेइंग XI में दो बड़े बदलाव

हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले दोनों मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा चुकी टीम इंडिया अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरी है।   टीम इंडिया में दो बदलाव   भारतीय टीम ने तीसरे टी20 के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। दूसरे टी20 में चोटिल हुए प्रिंस यादव की जगह अशोक शर्मा को मौका दिया गया है। वहीं शिवम दुबे को आराम देते हुए उनकी जगह सूर्यांश शेडगे को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला अपनी छाप छोड़ने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।   क्लीन स्वीप पर भारत की नजर   श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय टीम शानदार लय में है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जबकि गेंदबाजी में अशोक शर्मा पर सभी की नजर रहेगी। भारत की कोशिश लगातार तीसरी जीत दर्ज कर सीरीज 3-0 से अपने नाम करने की होगी।   जिम्बाब्वे सम्मान बचाने उतरा मैदान में   सीरीज गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम अंतिम मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी। कप्तान सिकंदर रज़ा की अगुआई में मेजबान टीम भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का समापन जीत के साथ करना चाहेगी।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
IND VS ZIM 2nd T20
भारत ने दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे को 90 रन से रौंदा, श्रेयस अय्यर ने कप्तान के तौर पर जीती पहली टी20 सीरीज

हरारे, एजेंसियां। भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ श्रेयस अय्यर ने भारतीय टी20 टीम के कप्तान के रूप में अपनी पहली द्विपक्षीय सीरीज जीत हासिल की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 219/5 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई।   ईशान किशन और तिलक वर्मा ने खेली तूफानी पारियां   भारत की ओर से ईशान किशन ने 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन की उपयोगी पारी खेली। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 3 विकेट, जबकि यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने 2-2 विकेट लेकर मेजबान टीम की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।   अय्यर के लिए राहत की जीत, अब क्लीन स्वीप पर नजर   श्रेयस अय्यर के लिए यह जीत खास मानी जा रही है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे की निराशा के बाद उन्होंने कप्तान के रूप में पहली टी20 सीरीज अपने नाम की है। भारत ने दो मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है और अब उसकी नजर तीसरे एवं अंतिम मुकाबले में जीत हासिल कर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर होगी। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम आखिरी मैच जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Tilak Varma batting during a T20 match as former India selector Krishnamachari Srikkanth criticizes his approach after the Ireland series.
तिलक वर्मा पर 'सेल्फिश बल्लेबाजी' का आरोप, पूर्व चीफ सेलेक्टर श्रीकांत बोले- वह सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे

आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि तिलक वर्मा ने टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मैच को अंत तक ले जाकर खुद मैच जिताने की कोशिश में धीमी पारी खेली। उनके मुताबिक मिडिल ओवरों में धीमी बल्लेबाजी भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह बनी। मिडिल ऑर्डर का प्रदर्शन रहा निराशाजनक पूरी टी20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट मिडिल ओवरों में काफी धीमा रहा, जिससे टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी। इसके अलावा, कहा गया कि आईपीएल 2024 के बाद से स्पिन के खिलाफ तिलक वर्मा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से 2026 टी20 विश्व कप के दौरान टीम प्रबंधन ने उन्हें मिडिल ऑर्डर की बजाय फिनिशर की भूमिका में भी आजमाया था। दूसरे टी20 में नहीं दिला सके जीत सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत को 155 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत खराब रही और महज 19 रन पर तीन विकेट गिर गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। हालांकि अंतिम क्षणों में रन गति बढ़ाने में टीम सफल नहीं हो सकी और भारत को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने क्या कहा? अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय बल्लेबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि— "आप मिडिल ओवरों में उस तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते जैसी भारत ने की। खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। शुरुआत में पारी संभालना जरूरी होता है, लेकिन उसके बाद तेजी से रन बनाने भी जरूरी हैं।" उन्होंने कहा कि यदि मिडिल ओवरों में रन गति रुक जाती है तो लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। 'सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे' श्रीकांत ने तिलक वर्मा के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि— "तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे। वह सिंगल-डबल लेकर मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे ताकि अंत में खुद मैच जिताकर हीरो बन सकें। ऐसे लक्ष्य का पीछा आखिरी गेंद तक नहीं, बल्कि एक ओवर पहले पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।" बहस का विषय बनी बल्लेबाजी हालांकि तिलक वर्मा की पारी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाकर खेलने को सही रणनीति मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि टी20 क्रिकेट में आवश्यक रन गति बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है। आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Indian cricket players look disappointed after losing the T20I series against Ireland by 2-0.
IND vs IRE: आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया का 2-0 से सूपड़ा साफ, इन 5 खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा सबसे निराशाजनक

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम से आयरलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। पहले मुकाबले में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 34 रन से हार गई, जबकि दूसरे मैच में 155 रन के लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सकी। सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद से काफी नीचे रहा। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनका प्रदर्शन भारत की हार की बड़ी वजह बना। 1. श्रेयस अय्यर नई टी20 कप्तानी की शुरुआत श्रेयस अय्यर के लिए बेहद निराशाजनक रही। बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 3 रन (7 गेंद) दूसरा मैच: 10 रन कप्तान होने के नाते उनसे बड़ी पारी और बेहतर रणनीति की उम्मीद थी, लेकिन दोनों मोर्चों पर टीम को निराशा मिली। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 5 रन दूसरा मैच: पहली ही गेंद पर आउट लगातार दो खराब पारियों ने शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ा दिया। 3. ईशान किशन आईपीएल में शानदार फॉर्म के बावजूद ईशान किशन आयरलैंड के खिलाफ लय में नजर नहीं आए। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 1 रन दूसरा मैच: 12 रन दूसरे मुकाबले में रन आउट होना भी भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 4. अक्षर पटेल अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल गेंद और बल्ले दोनों से अपेक्षित योगदान नहीं दे सके। प्रदर्शन: गेंदबाजी: पहले मैच में 2 विकेट, दूसरे में कोई विकेट नहीं बल्लेबाजी: 15 और 14 रन टीम को उनसे मैच जिताने वाले प्रदर्शन की उम्मीद थी। 5. तिलक वर्मा तिलक वर्मा ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की गति सवालों के घेरे में रही। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 19 रन (21 गेंद) दूसरा मैच: 55 रन (46 गेंद) टी20 क्रिकेट की जरूरत के हिसाब से उनकी स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे टीम पर दबाव बढ़ता गया। हार से मिले बड़े सबक आयरलैंड के खिलाफ यह सीरीज हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, शीर्ष क्रम की विफलता और दबाव के क्षणों में खराब फैसलों ने टीम को दोनों मुकाबलों में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, यह युवा टीम के लिए अपनी कमजोरियों को पहचानने और आने वाली सीरीज से पहले सुधार करने का भी अवसर है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi during India A vs Sri Lanka A match amid post-match controversy in Dambulla.
वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा पड़ा भारी! श्रीलंकाई खिलाड़ियों से विवाद के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई

डंबुला: भारत ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ट्राई-नेशन सीरीज के दौरान हुई एक विवादित घटना के कारण मुश्किलों में घिर गए हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ रोमांचक मुकाबले के बाद मैदान पर हुई तीखी बहस अब उनके लिए महंगी साबित हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। मैच रेफरी ने की कार्रवाई की सिफारिश 'स्पोर्टस्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबले के बाद मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने भारत ए के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशन हलंबागे पर 50-50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। इसके अलावा भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा पर 30 प्रतिशत और श्रीलंका ए के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला पर 20 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। मैच खत्म होने के बाद बढ़ा विवाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि मुकाबला समाप्त होने के बाद वैभव सूर्यवंशी और विशन हलंबागे के बीच तीखी बहस हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि वैभव ने हलंबागे को धक्का भी दिया। मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच पूरे मैच के दौरान तनाव का माहौल बना हुआ था, जो मुकाबला खत्म होने के बाद खुलकर सामने आया। आईपीएल प्रदर्शन को लेकर हुई कथित स्लेजिंग रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टूर्नामेंट की शुरुआत से ही श्रीलंका ए के कुछ खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों को लगातार स्लेज कर रहे थे। वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल प्रदर्शन को लेकर भी कथित तौर पर टिप्पणियां की गईं, जिससे दोनों टीमों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। अब BCCI और श्रीलंका क्रिकेट के फैसले का इंतजार ए-टीम स्तर के मुकाबलों में अनुशासनात्मक मामलों में ICC सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। मैच रेफरी अपनी रिपोर्ट संबंधित क्रिकेट बोर्डों को भेजते हैं। इस मामले में भी सिफारिशें BCCI और श्रीलंका क्रिकेट को भेज दी गई हैं। अब अंतिम फैसला दोनों बोर्डों को लेना है कि प्रस्तावित जुर्माने को मंजूरी दी जाए या नहीं। सुपर ओवर में भारत ए को मिली हार भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और इसका फैसला सुपर ओवर में हुआ। भारत को जीत के लिए 17 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम केवल 9 रन ही बना सकी और मुकाबला हार गई। सुपर ओवर में वैभव सूर्यवंशी आखिरी तीन गेंदों पर केवल छह रन ही बना पाए। मैच के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, जबकि भारतीय खिलाड़ी पवेलियन लौट रहे थे। इसी दौरान विवाद ने तूल पकड़ लिया। अब सभी की निगाहें BCCI और श्रीलंका क्रिकेट के फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि सिफारिशों को मंजूरी मिलती है तो युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अपने करियर की शुरुआत में ही अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।  

surbhi जून 18, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi batting for India A during his debut match against Sri Lanka A in Dambulla.
IND A vs SL A: टीम इंडिया की जर्सी में नहीं चला वैभव सूर्यवंशी का बल्ला, डेब्यू मैच में 14 रन बनाकर लौटे पवेलियन

दांबुला में खेले जा रहे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में इंडिया ए और श्रीलंका ए आमने-सामने हैं। इस मैच में भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी में खेलने का मौका मिला। हालांकि, अपने डेब्यू मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और सभी की निगाहें युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उनकी पारी जल्द ही समाप्त हो गई। 12 गेंदों में बनाए 14 रन पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और शुरुआती गेंदों से ही सकारात्मक इरादे दिखाए। उन्होंने 12 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौकों की मदद से 14 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। श्रीलंका ए के तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज की फुल-लेंथ गेंद पर वैभव ने मिड-ऑफ के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ला सही तरीके से नहीं लगा और गेंद हवा में चली गई। कप्तान सहान अराचचिगे ने लपका शानदार कैच मिड-ऑफ पर मौजूद श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराचचिगे ने अपनी बाईं ओर शानदार डाइव लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ा। इस विकेट के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने जोरदार जश्न मनाया, क्योंकि वैभव को शुरुआती चरण में आउट करना टीम के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही थी। आउट होने के बाद युवा बल्लेबाज निराश नजर आए और चेहरे पर मायूसी के साथ पवेलियन लौटे। आईपीएल 2026 में मचाया था धमाल वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे सीजन में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए कई यादगार पारियां खेलीं। मैच: 16 रन: 776 स्ट्राइक रेट: लगभग 237 ऑरेंज कैप विजेता अपने दमदार प्रदर्शन के कारण वैभव ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे के रूप में पहचान बनाई। हालांकि, इंडिया ए के लिए अपने पहले मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन फैंस को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में यह युवा बल्लेबाज अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करेगा।  

surbhi जून 9, 2026 0
Mumbai Indians players celebrate 6-wicket win over Punjab Kings in IPL 2026 Dharamshala match
IPL Points Table 2026: लगातार पांचवीं हार के बाद संकट में पंजाब किंग्स, मुंबई इंडियंस ने 6 विकेट से जीता मुकाबला

आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में धर्मशाला में खेले गए रोमांचक मैच में Punjab Kings को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। इस बार Mumbai Indians ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब को 6 विकेट से हराकर उसकी प्लेऑफ उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। हालांकि इस हार के बावजूद पंजाब किंग्स 13 अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है, लेकिन टीम की लगातार पांचवीं हार ने उसकी राह बेहद कठिन कर दी है। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस, जो पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी, ने इस जीत के साथ टूर्नामेंट को और ज्यादा रोमांचक बना दिया है। मैच का पूरा हाल धर्मशाला में टॉस जीतकर मुंबई इंडियंस ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 200 रन बनाए। पंजाब के लिए प्रभसिमरन सिंह ने 57 रन की अहम पारी खेली, जबकि अजमतउल्लाह उमरजई ने 38, प्रियांश आर्या ने 22 और कूपर कोनोली ने 21 रन जोड़े। मुंबई की ओर से गेंदबाजी में शार्दुल ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि दीपक चाहर ने 2 विकेट हासिल किए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मुंबई की जीत में तिलक वर्मा ने नाबाद 75 रनों की बेहतरीन पारी खेली। रयान रिकेल्टन ने 48, विल जैक्स ने नाबाद 25, रोहित शर्मा ने 22 और शेरफेन रदरफोर्ड ने 20 रन बनाए। अपडेटेड पॉइंट्स टेबल (IPL 2026) RCB – 16 अंक (NRR +1.053) GT – 16 अंक (NRR +0.551) SRH – 14 अंक PBKS – 13 अंक (4th स्थान) CSK – 12 अंक RR – 12 अंक DC – 10 अंक KKR – 9 अंक MI – 8 अंक LSG – 6 अंक पंजाब किंग्स के लिए चिंता की बात यह है कि टीम लगातार हार के बावजूद चौथे स्थान पर जरूर है, लेकिन बाकी टीमों के प्रदर्शन के चलते प्लेऑफ की दौड़ बेहद कड़ी होती जा रही है।  

surbhi मई 15, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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