Today Gold Price

Gold and silver jewellery displayed as bullion prices fall slightly on June 29, 2026.
सोने में ₹10 और चांदी में ₹100 की गिरावट, खरीदारी से पहले जानें 29 जून 2026 के ताजा रेट

नई दिल्ली: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच 29 जून 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खरीदारी करने वालों के लिए यह राहत की बात हो सकती है। ध्यान रखें कि अलग-अलग शहरों, ज्वेलर्स और टैक्स के आधार पर कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। आज कितना सस्ता हुआ सोना? आज सभी प्रमुख कैरेट के सोने के दाम में ₹10 प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई है। कैरेट आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,43,940 ₹1,43,950 -₹10 22 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,31,940 ₹1,31,950 -₹10 18 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,07,950 ₹1,07,960 -₹10 प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (10 ग्राम) शहर आज का रेट बदलाव पटना ₹1,43,990 -₹10 रांची ₹1,43,950 -₹10 लखनऊ ₹1,44,090 -₹10 दिल्ली ₹1,44,090 -₹10 मुंबई ₹1,43,940 -₹10 कोलकाता ₹1,43,940 -₹10 चांदी भी हुई सस्ती आज चांदी की कीमत में भी हल्की गिरावट देखने को मिली है। 1 किलो चांदी का भाव ₹100 घटकर ₹2,39,900 पर आ गया है। मात्रा आज का रेट कल का रेट बदलाव 10 ग्राम ₹2,399 ₹2,400 -₹1 100 ग्राम ₹23,990 ₹24,000 -₹10 1 किलो ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (1 किलो) शहर आज का रेट बदलाव पटना ₹2,39,900 -₹100 रांची ₹2,39,900 -₹100 लखनऊ ₹2,39,900 -₹100 दिल्ली ₹2,39,900 -₹100 मुंबई ₹2,39,900 -₹100 कोलकाता ₹2,39,900 -₹100 खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान अगर आप सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज, GST और ज्वेलर की विश्वसनीयता की भी जांच जरूर करें। अलग-अलग शहरों और दुकानों पर अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Gold Silver Price Today
Gold Silver Price Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी के दाम स्थिर, जानें आज का लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली, एजेंसियां। 18 जून 2026 को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव अधिकांश शहरों में स्थिर रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में निवेश या आभूषण खरीदने से पहले ताजा दरों की जानकारी लेना जरूरी है।   देशभर में क्या रहे सोने के भाव? राजधानी दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, गुरुग्राम, चंडीगढ़, नोएडा और कानपुर सहित कई शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1,51,250 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य शहरों में इसकी कीमत ₹1,51,100 प्रति 10 ग्राम रही। चेन्नई में सबसे अधिक ₹1,53,060 प्रति 10 ग्राम का भाव दर्ज किया गया।   22 कैरेट सोना अधिकांश शहरों में ₹1,38,500 से ₹1,38,650 प्रति 10 ग्राम के बीच रहा, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत ₹1,40,300 प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 18 कैरेट सोने का भाव अधिकांश शहरों में ₹1,13,320 से ₹1,13,470 प्रति 10 ग्राम रहा और चेन्नई में यह ₹1,17,500 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।   चांदी के दाम में नहीं बड़ा बदलाव चांदी की कीमतों में आज कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ और अधिकांश शहरों में चांदी ₹2,650 प्रति 10 ग्राम, ₹26,500 प्रति 100 ग्राम और ₹2,65,000 प्रति किलोग्राम रही। वहीं चेन्नई, हैदराबाद, केरल, भुवनेश्वर और कटक में चांदी ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती रही।   क्यों बदलते हैं सोने-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेशकों की मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसी कारण इनके भाव में रोजाना बदलाव देखने को मिलता है।   खरीदारों के लिए जरूरी सलाह यदि आप शादी, निवेश या अन्य किसी उद्देश्य से सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल सोने का बाजार भाव ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, जीएसटी और हॉलमार्क प्रमाणन पर भी ध्यान दें। अलग-अलग ज्वेलर्स के दामों की तुलना कर खरीदारी करने से बेहतर सौदा मिल सकता है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Today Gold Silver Rate
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने से पहले जान लें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। 5 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 18 रुपये की गिरावट के साथ 1,55,722 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी का वायदा भाव 116 रुपये घटकर 2,64,680 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि गिरावट के बावजूद दोनों की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई के करीब बनी हुई हैं। प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,56,260 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,43,250 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,17,230 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,56,110 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चेन्नई में सोना सबसे महंगा है, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। पटना, लखनऊ, जयपुर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में भी सोने के भाव लगभग दिल्ली के बराबर बने हुए हैं। चांदी के भाव में भी बनी हुई मजबूती चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है, लेकिन बाजार में इसकी मांग मजबूत बनी हुई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना और अन्य अधिकांश शहरों में चांदी 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। वहीं चेन्नई में चांदी का भाव 2,90,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो देश में सबसे अधिक है। क्यों महंगा बना हुआ है सोना-चांदी? विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की बढ़ती मांग कीमतों को समर्थन दे रही है। दूसरी ओर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर उद्योगों में बढ़ती खपत के कारण चांदी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भी घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। खरीदारी से पहले करें कीमतों की जांच विशेषज्ञों का कहना है कि सोना या चांदी खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव और मेकिंग चार्ज जरूर जांच लें, क्योंकि विभिन्न शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

Unknown जून 5, 2026 0
Gold-Silver Price Today
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी की कीमतों में बदलाव, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर का ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव जानना जरूरी है। 1 जून 2026, सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। वैश्विक बाजार के रुझान, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू मांग का असर दोनों कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। बाजार में बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने में हल्की तेजी दर्ज की गई है।   सोने के दाम में दर्ज हुई बढ़त आज 24 कैरेट (999 शुद्धता) सोने की कीमत लगभग 15,703 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 14,394 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई और वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि के चलते सोने की कीमतों को समर्थन मिल रहा है।   प्रमुख शहरों में सोने के भाव दिल्ली में 24 कैरेट सोना 15,718 रुपये और 22 कैरेट सोना 14,409 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और केरल में 24 कैरेट सोने का भाव 15,703 रुपये प्रति ग्राम है। चेन्नई में सोने की कीमत अन्य शहरों की तुलना में अधिक है, जहां 24 कैरेट सोना 15,959 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।   चांदी की कीमतों में भी मजबूती सोने के साथ-साथ चांदी के दाम भी मजबूत बने हुए हैं। देश में सिल्वर 999 की कीमत करीब 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि सिल्वर 925 लगभग 2,74,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में चांदी का भाव 2,799 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि चेन्नई में यह 2,899 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।   निवेशकों की बनी हुई है नजर विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल और औद्योगिक मांग आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की गतिविधियों पर नजर रखते हुए फैसला लेने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0