weather update

Badrinath Highway
बदरीनाथ हाईवे भूस्खलन के कारण फिर बंद, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हो गया है। चमोली जिले में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने के कारण हाईवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों और चारधाम यात्रियों को फिलहाल आगे बढ़ने से बचने की सलाह दी है।   भूस्खलन के बाद रोका गया यातायात   प्रशासन के अनुसार, पातालगंगा-लांगसी सुरंग के पास हुए भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया, जिससे बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और मार्ग साफ होने तक इंतजार करने को कहा है।   मलबा हटाने का कार्य जारी   राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द मार्ग को फिर से खोलने का प्रयास किया जाएगा।   बारिश के चलते बढ़ा खतरा   मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।   चारधाम यात्रियों को जारी की गई एडवाइजरी   चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
People walking under the scorching sun in Europe during an intense heatwave as temperatures reach record highs across several countries.
यूरोप में भीषण हीटवेव का कहर: रिकॉर्ड तापमान से जनजीवन प्रभावित, वायरल वीडियो में धूप में पकता दिखा खाना

  पेरिस/लंदन: यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। कई देशों में तापमान ने जून महीने के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। असामान्य हीटवेव के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है, जबकि कई स्थानों पर स्कूल बंद करने और लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है। सोशल मीडिया पर इस बीच ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग धूप में रखे तवे और पैन पर खाना पकाते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इनके दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती। जून में ही टूटे गर्मी के रिकॉर्ड आमतौर पर यूरोप में सबसे अधिक गर्मी जुलाई के मध्य या महीने के अंत में पड़ती है, लेकिन इस बार जून के अंत में ही कई देशों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। रिपोर्टों के अनुसार: फ्रांस के पश्चिमी हिस्सों में तापमान 39 से 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। ब्रिटेन में जून का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड हुआ, जहां तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। स्पेन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड के कई हिस्सों में भी जून के पुराने तापमान रिकॉर्ड टूट गए। स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा दबाव भीषण गर्मी के कारण कई देशों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। WHO ने जताई चिंता World Health Organization के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है। उनके अनुसार: यूरोप में तापमान वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ रहा है। करीब 15 करोड़ लोग इस समय भीषण गर्मी से प्रभावित हैं। गर्मी के कारण सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। कई स्कूल बंद किए गए हैं और बिजली आपूर्ति पर भी भारी दबाव है। वायरल वीडियो पर क्या है सच्चाई? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि तेज धूप में तवे और पैन पर बिना गैस या चूल्हे के खाना पक रहा है। इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि इन्हें किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया। इसलिए ऐसे दावों को सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जलवायु परिवर्तन पर फिर बढ़ी चिंता विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में लगातार बढ़ती हीटवेव जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों की ओर संकेत करती है। असामान्य तापमान, लंबे समय तक चलने वाली गर्मी और चरम मौसम की घटनाएं आने वाले वर्षों में और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms, and lightning alert issued across multiple districts.
झारखंड में अगले 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट, वज्रपात का खतरा भी बरकरार; कई जिलों में भारी बारिश के आसार

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में मानसून की दमदार वापसी, रांची समेत 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। रविवार दोपहर से मौसम का मिजाज बदला और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह से राजधानी रांची सहित 20 से अधिक जिलों में बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में आज से मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और दोपहर बाद अच्छी बारिश की संभावना है।   मौसम विभाग ने बताया मौसम विभाग ने बताया कि मानसून 4 जुलाई तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से 30 जून और 1 जुलाई को उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।   बारिश के कारण  बारिश के कारण अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 18 मिमी बारिश सरायकेला में दर्ज की गई, जबकि बहरागोड़ा का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा। रांची का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री गिरकर 30.7 डिग्री सेल्सियस और हजारीबाग का तापमान 4.9 डिग्री की गिरावट के साथ 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्यभर में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने किसानों को खेतों में जलजमाव से बचाव की सलाह दी है, क्योंकि अधिक पानी से धान की नर्सरी, मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, खुले स्थानों पर जाने से बचने और वज्रपात के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की भी अपील की गई है। 1 जून से अब तक झारखंड में सामान्य से 62 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा में और सबसे अधिक सिमडेगा में रिकॉर्ड की गई है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Bihar as IMD issues heatwave and rain alerts across several districts.
Bihar Rain Alert: बिहार के 14 जिलों में आज लू का खतरा, फिर अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर; IMD ने जारी की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में फिलहाल दो तरह की परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की अपील की है। इन 14 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया में आज हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल जिले हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण शिवहर सीतामढ़ी मधुबनी सुपौल अररिया किशनगंज गोपालगंज सारण सीवान मुजफ्फरपुर वैशाली दरभंगा समस्तीपुर सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जून से कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 30 जून तक उत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पटना में देर रात हुई झमाझम बारिश राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 20 मिनट तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।  

surbhi जून 24, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as rain hits several districts while heatwave alerts continue in some areas.
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट; अब तक 60% कम हुई वर्षा

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक ओर कई जिलों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, तो दूसरी ओर पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में 28 जून तक मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश से तापमान में आई गिरावट मॉनसून की सक्रियता के कारण राजधानी रांची और मेदिनीनगर के अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चाईबासा का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में 23, 24 और 25 जून को लू चलने की संभावना जताई गई है। वज्रपात से तीन लोगों की मौत सोमवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ क्षेत्र के नावाडीह टोला में बकरियां चराने गए 68 वर्षीय गोवर्धन महतो की वज्रपात से मौत हो गई। गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के विकताम गांव में 53 वर्षीय ममता कुंवर की जान चली गई। सिमडेगा जिले के केरसई थाना क्षेत्र के भंडारटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। कई जिलों में हुई हल्की से मध्यम बारिश सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की और मध्यम बारिश दर्ज की गई। चाईबासा (जगन्नाथपुर) – 14 मिमी सिमडेगा – 10 मिमी खूंटी – 4 मिमी देवघर – 2 मिमी सरायकेला – 2 मिमी बहरागोड़ा – 2.5 मिमी लोहरदगा – 1 मिमी रांची में भी छिटपुट बारिश दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान रांची – 28.4°C जमशेदपुर – 31.8°C मेदिनीनगर – 37.1°C बोकारो – 36.1°C चाईबासा – 30.8°C झारखंड में अब तक 60 प्रतिशत कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 22 जून 2026 के बीच राज्य में सामान्य रूप से 112.1 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 44.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में सामान्य से थोड़ा अधिक वर्षापात हुआ है। यहां 115.6 मिमी के मुकाबले 118.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं राज्य के 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति गढ़वा जिले की रही, जहां सामान्य से 99 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में मॉनसून के और सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Jharkhand Weather update
12 जून को झारखंड के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलेंगी

रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है।  12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्‌डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।   14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।   वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

anjali kumari जून 12, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as weather department issues orange alert for multiple districts.
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 11 जून को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, वज्रपात और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, 15 से 17 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जून को 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए राज्य के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं: रांची खूंटी रामगढ़ धनबाद हजारीबाग कोडरमा गिरिडीह देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। 12 जून को भी जारी रहेगा असर 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसी स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। मॉनसून की स्थिति क्या है? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंच सकता है। झारखंड में मॉनसून का प्रवेश संताल परगना क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Jharkhand weather
Jharkhand weather: झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 11 जून को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। बुधवार 10 जून से मौसम में बदलाव शुरू होने के संकेत हैं, जबकि 11 जून के लिए 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मौसम की गतिविधियां बढ़ेंगी और राज्य में प्री-मानसून बारिश का असर देखने को मिलेगा।   14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के मुताबिक 11 जून को रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और हल्की बारिश की भी संभावना है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।   15 जून तक बने रहेंगे ऐसे ही हालात मौसम विभाग ने बताया कि 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 15 जून तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है।   15 से 17 जून के बीच झारखंड में मॉनसून की एंट्री संभव मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। संभावना है कि 15 से 17 जून के बीच मॉनसून संताल परगना क्षेत्र के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद राज्य में वर्षा गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

anjali kumari जून 10, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में जल्द बदलेगा मौसम का मिजाज, 43°C तक पहुंच सकता है पारा

रांची। झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और कुछ जिलों में पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार  IMD के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के मुताबिक पलामू, चतरा, गढ़वा और कोडरमा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 40–42°C तक पहुँच सकता है, जबकि रांची में तापमान 35–37°C और पूर्वी सिंहभूम में 38–39°C रहने का अनुमान है। हालांकि, गर्मी के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की भी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, अनावश्यक घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। राज्य में मानसून की रफ्तार अभी धीमी बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में उमस और गर्मी दोनों बढ़ सकती हैं।

Unknown जून 7, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather: झारखंड के कई जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Jharkhand Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ झारखंड के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के मुताबिक, 6 जून को झारखंड के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक कैसा रहेगा मौसम? 7 जून राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। 8 जून उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश पाकुड़ जिले में हुई, जहां करीब 80 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand with forecast of rain, thunderstorms and strong winds on June 5-6
झारखंड में गर्मी से मिलेगी राहत, 5-6 जून को बारिश और तेज हवाओं के आसार

Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। राज्य के कई हिस्सों में 5 और 6 जून को बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। बढ़ते तापमान ने बढ़ाई परेशानी गुरुवार को राजधानी Ranchi का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Medininagar में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। Jamshedpur में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। 5 जून को बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही: वज्रपात की आशंका 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश राजधानी रांची सहित कई जिलों में शाम के समय मौसम सुहावना हो सकता है। 6 जून को भी बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 7 और 8 जून का पूर्वानुमान 7 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश कई जगहों पर गर्जन के साथ बारिश बादल छाए रहने की संभावना 8 जून पूर्वी और मध्य भागों में वज्रपात की संभावना 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, लेकिन झारखंड पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में मानसून 17 से 20 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते प्रवेश कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसका असर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक? मौसम वैज्ञानिक Abhishek Anand के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। हालांकि गरज वाले बादल बनने और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को बीच-बीच में राहत मिलती रहेगी।  

surbhi जून 5, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms and strong winds bring weather relief.
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत

झारखंड में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और आने वाले कुछ दिनों तक कई जिलों में बारिश, मेघ गर्जन और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी। कई जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की स्थितियां बन रही हैं। इससे दिन के तापमान में राहत मिल सकती है, हालांकि उमस का असर कुछ इलाकों में बना रह सकता है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवा के साथ बिजली चमकने और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिनों में बढ़ सकता है तापमान हालांकि बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है और मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है। 3 से 8 जून तक येलो अलर्ट जारी मौसम केंद्र ने 3 जून से 8 जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 3 जून: कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना। 4 और 5 जून: पूर्वी झारखंड, विशेषकर संताल परगना क्षेत्र और राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में तेज हवा चलने का अनुमान। 6 जून: उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं की आशंका। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।  

surbhi जून 3, 2026 0
Jharkhand weather
Jharkhand weather: झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी

रांची। झारखंड के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। कई जिलों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश होने तथा मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में राहत मिलने के साथ लोगों को गर्मी से कुछ हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।   बारिश के साथ वज्रपात की संभावना मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।   तेज हवाएं बढ़ाएंगी चुनौती बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।   3 से 8 जून तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 3 जून से 8 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 3 जून को झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं 4 और 5 जून को संताल परगना क्षेत्र तथा रांची और आसपास के मध्यवर्ती इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। 6 जून को उत्तर-पूर्वी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और खराब मौसम की स्थिति बनने की आशंका है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।   तापमान में होगी बढ़ोतरी हालांकि बारिश और बादलों के बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना भी जताई है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण झारखंड में मौसम लगातार बदल रहा है। आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं का यह दौर लोगों को गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन सतर्कता बरतना भी जरूरी होगा।

Unknown जून 3, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कहीं राहत की बारिश, कहीं वज्रपात का आफत

रांची। झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जबकि कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम केंद्र रांची ने 2 जून से 5 जून तक के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।   सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड में मौसम के बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसमी तंत्र काम कर रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के साथ-साथ तमिलनाडु तक फैली ट्रफ लाइन और पाकिस्तान से पश्चिम बंगाल तक गुजर रही दूसरी ट्रफ लाइन का प्रभाव राज्य पर पड़ रहा है। इसके कारण वातावरण में नमी बढ़ी है और बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति बन रही है।   5 जून तक जारी रहेगा असर 2 और 3 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है। 4 और 5 जून को भी पूर्वी और मध्य भागों में इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, धनबाद, देवघर, दुमका, गिरीडीह, गोड्डा और जामताड़ा समेत कई जिलों में इसका असर देखने को मिल सकता है।   तापमान में भी रहेगा उतार-चढ़ाव मौसम में बदलाव के बावजूद गर्मी से पूरी राहत मिलने की संभावना नहीं है। रांची में 2 जून को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो 6 जून तक बढ़कर 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री के बीच रहेगा। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, धनबाद, दुमका और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। चाईबासा और पलामू सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल रहेंगे, जहां तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

Unknown जून 2, 2026 0
Dark rain clouds over Jharkhand with lightning, rainfall and strong winds forecast until June 6
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 जून तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Jharkhand में आने वाले दिनों में मौसम राहत लेकर आ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के कई जिलों में 1 जून से 6 जून तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। एक सप्ताह तक बदल सकता है मौसम India Meteorological Department के रांची मौसम केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। हालांकि बारिश और बादलों की वजह से तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 2 जून से आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान: खुले मैदानों में जाने से बचें पेड़ों के नीचे खड़े न हों बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें वज्रपात के समय सुरक्षित भवन या घर के अंदर रहें मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखें डालटनगंज रहा सबसे गर्म रविवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान Daltonganj में दर्ज किया गया, जहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान: रांची: 33.0°C जमशेदपुर: 34.4°C बोकारो: 35.5°C देवघर: 33.4°C डालटनगंज: 39.2°C वहीं रांची का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी होगा।  

surbhi जून 1, 2026 0
El Nino
एल नीनो का बढ़ा खतरा, कम बारिश से महंगाई और खेती पर संकट की आशंका

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई गई है। वित्त मंत्रालय की ताजा मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार जून महीने में एल नीनो (El Nino) सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश कम होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर मानसून का असर सीधे खाद्य पदार्थों की कीमतों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में महंगाई बढ़ने और कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।   सरकार के पास पर्याप्त अनाज भंडार हालांकि रिपोर्ट में राहत की बात भी सामने आई है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) और अन्य सरकारी एजेंसियों के पास अप्रैल 2026 के अंत तक 817.53 लाख टन गेहूं और चावल का बफर स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा देश के प्रमुख जलाशयों में जल स्तर पिछले 10 वर्षों के औसत से 123.86 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है। इससे कृषि क्षेत्र को कुछ हद तक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।   दाल, तिलहन और दूध उत्पादन पर खतरा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष मानसून की बारिश सामान्य से लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार सिंचाई सुविधाओं के कारण धान की फसल पर सीमित प्रभाव पड़ेगा, लेकिन दाल और तिलहन जैसी वर्षा आधारित फसलें प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, कम बारिश के कारण पशुओं के लिए चारे की कमी होने की आशंका है, जिससे दूध उत्पादन घट सकता है और डेयरी उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।   आर्थिक रफ्तार पर भी पड़ सकता है असर रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि मानसून कमजोर रहता है तो ग्रामीण आय और मांग प्रभावित हो सकती है। इससे देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा। हालांकि वाहन बिक्री जैसे कई क्षेत्रों में मांग फिलहाल मजबूत बनी हुई है, लेकिन कृषि क्षेत्र की स्थिति पर सरकार की नजर बनी हुई है।

Unknown मई 30, 2026 0
Dark clouds and heavy rainfall over Ranchi bring relief from intense heat across Jharkhand
झारखंड में मौसम ने ली करवट, रांची में झमाझम बारिश से मिली राहत

झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य का मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को बारिश हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह रांची में अचानक आसमान पर घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। राज्यभर में हुई बारिश, तापमान में आई बड़ी गिरावट मौसम विभाग के अनुसार राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा Bokaro में 25 मिमी और रांची में 15 मिमी रिकॉर्ड की गई। बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। रांची का तापमान 24 घंटे में 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। Medininagar में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस कम हुआ। Jamshedpur का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस घटा। Chaibasa में तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे आया। लगातार पड़ रही गर्मी के बाद यह बदलाव लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को रांची समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में: 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज के साथ बारिश हो सकती है। वज्रपात की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। रविवार को भी बारिश के आसार रविवार के लिए पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में: तेज हवा मेघ गर्जन बारिश वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 1 और 2 जून को कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 और 2 जून को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। हालांकि राज्य के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम सुहावना बना रह सकता है। लगातार हो रही बारिश और तापमान में गिरावट से यह संकेत मिल रहा है कि झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां अब तेजी पकड़ रही हैं।  

surbhi मई 30, 2026 0
People shielding themselves from intense heat as temperatures cross 44°C in Jharkhand’s Medininagar
झारखंड में भीषण गर्मी का कहर, मेदिनीनगर में पारा 44 डिग्री के पार

Jharkhand में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रांची समेत कई जिलों में बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक 23 और 24 मई को Ranchi, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और कोडरमा में तेज धूप और बढ़ते तापमान से लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि कुछ इलाकों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, लेकिन गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, चतरा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में लू चलने की आशंका जताई है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा 24 और 25 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों, खासकर बोकारो और धनबाद में तेज आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं कई इलाकों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी वज्रपात का खतरा मेदिनीनगर सबसे गर्म Medininagar राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा: जमशेदपुर: 38.6 डिग्री सेल्सियस बोकारो: 41.5 डिग्री सेल्सियस चाईबासा: 39.4 डिग्री सेल्सियस रांची: 39.2 डिग्री सेल्सियस लोगों को सतर्क रहने की सलाह भीषण गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में बाहर निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।  

surbhi मई 23, 2026 0
People walking under scorching sun amid heatwave conditions in Jharkhand as temperatures cross 45 degrees Celsius.
Jharkhand Weather: झारखंड में बढ़ा गर्मी का कहर, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

Jharkhand में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 22 और 23 मई को कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.4 डिग्री बढ़ा है। वहीं Jamshedpur में तापमान 43.1 डिग्री, Bokaro में 41.1 डिग्री और Chaibasa में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में गर्मी का ज्यादा असर शुक्रवार को रांची सहित कई जिलों में दोपहर तक तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। जिन जिलों में ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है, उनमें: गुमला सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम रामगढ़ गिरिडीह बोकारो धनबाद सरायकेला देवघर जामताड़ा दुमका गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ शामिल हैं। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर बाद कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रांची में 26 मई तक येलो अलर्ट Ranchi में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने 26 मई तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दोपहर बाद बादल छाने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मेदिनीनगर में पारा 45 डिग्री के पार Medininagar में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 मई को: गढ़वा पलामू चतरा जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए Irfan Ansari ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ही दिन में घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में: ORS काउंटर जरूरी दवाइयां IV फ्लूइड्स इमरजेंसी बेड कूलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाटर कूलर और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा गया है। गर्मी से बचने के लिए क्या करें? दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें ज्यादा पानी और ORS का सेवन करें हल्के और सूती कपड़े पहनें धूप में निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

surbhi मई 22, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as IMD issues orange alert for thunderstorms and rain
झारखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा

Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।  

surbhi मई 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0