weather update

Heavy rainfall in Jharkhand amid weather department alerts across several districts
झारखंड के 8 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

Jharkhand Weather News: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से झारखंड में बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को रांची समेत राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, छह जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को रांची, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है. वहीं पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 15 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश स्वतंत्रता दिवस के दिन भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा. गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में आसमान में बादल छाये रहने और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. 16 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 16 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश हो सकती है. रांची समेत अन्य जिलों में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. खूंटी में सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश खूंटी में दर्ज की गयी. वहीं रांची में 12 मिमी बारिश हुई. राजधानी में देर रात तक बारिश होती रही. बारिश के बीच लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो गांव में वज्रपात की घटना में खेत में धनरोपनी के लिए गयी 25 वर्षीय कलतिया देवी की मौत हो गयी. राज्य में अब भी 21 फीसदी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. रांची में भी बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम है. हालांकि पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है. मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है.  

kalpana अगस्त 14, 2026 0
Heavy rainfall and dark clouds over Ranchi during the monsoon season
झारखंड में 13-15 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की भी चेतावनी

रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग ने 13 से 15 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 13 अगस्त को इन जिलों में बारिश का अलर्ट 13 अगस्त को रांची, गुमला, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बारिश की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 14 अगस्त को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट 14 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में तेज हवा, वज्रपात के साथ भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और बोकारो में भी तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट है. 15 और 16 अगस्त को भी बारिश के आसार 15 अगस्त को रांची में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. 16 अगस्त को खूंटी, रांची के कुछ हिस्सों, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है. झारखंड में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 12 अगस्त तक झारखंड में सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम रही है. पश्चिमी सिंहभूम में स्थिति अलग है, जहां सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है.  

kalpana अगस्त 13, 2026 0
Jharkhand weather forecast showing heavy rain, thunderstorms and lightning alerts across several districts until August 15
15 अगस्त तक झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने 12 से 15 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 12-13 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 12 और 13 अगस्त को झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 13 अगस्त को दक्षिणी झारखंड के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। 14 अगस्त को 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 14 अगस्त को रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने को कहा गया है। 15 अगस्त को इन जिलों में येलो अलर्ट 15 अगस्त को भी झारखंड के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा जताया गया है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के बाकी हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। तेज हवा और वज्रपात को लेकर सावधानी जरूरी मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से झारखंड में बारिश जारी रह सकती है। कई जगहों पर अचानक तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Cold Plunge और Ice Bath के फायदे और नुकसान
Ice Therapy Trend: भारत में तेजी से बढ़ रहा Cold Plunge का क्रेज, जानें फायदे और नुकसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज और फिटनेस लवर्स के बीच Ice Bath, Ice Therapy और Cold Plunge का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हाल ही में अभिनेत्री हिना खान का बर्फ से भरे टब में बैठने का वीडियो भी चर्चा में रहा। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेहद ठंडे पानी में शरीर को डुबोना हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है और इसे सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।   क्या है Ice Therapy या Cold Plunge?     Cold Plunge एक तरह की हाइड्रोथेरेपी तकनीक है, जिसमें शरीर को कुछ समय के लिए बेहद ठंडे पानी में डुबोया जाता है। आमतौर पर पानी का तापमान करीब 3 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है।   इसका इस्तेमाल लंबे समय से एथलीट और फिटनेस ट्रेनिंग करने वाले लोग करते रहे हैं। खासकर भारी एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों के दर्द और थकान से राहत पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। ठंडे पानी के संपर्क में आने पर रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे कुछ समय के लिए सूजन और दर्द कम हो सकता है। पानी से बाहर निकलने के बाद रक्त वाहिकाएं दोबारा फैलती हैं, जिससे शरीर में रक्त संचार सामान्य होने लगता है।   Cold Plunge के क्या हैं फायदे?     मांसपेशियों के दर्द से राहत   भारी वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन हो सकती है। Cold Plunge से कुछ लोगों को इन लक्षणों में अस्थायी राहत मिल सकती है और रिकवरी में मदद मिल सकती है। सूजन कम करने में मदद ठंड शरीर के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह को कुछ समय के लिए कम कर सकती है। इससे एक्सरसाइज के बाद होने वाली सूजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। तनाव और थकान में राहत बहुत ठंडे पानी के संपर्क में आने से नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है। इससे व्यक्ति को कुछ समय के लिए अधिक अलर्ट और एनर्जेटिक महसूस हो सकता है। ब्लड सर्कुलेशन पर असर ठंडे पानी से बाहर आने के बाद शरीर अपना सामान्य तापमान बनाए रखने की कोशिश करता है। इस दौरान रक्त वाहिकाओं में बदलाव होता है, जिससे सर्कुलेशन प्रभावित होता है। हालांकि, Cold Plunge से इम्यूनिटी बढ़ने, डिप्रेशन ठीक होने या वजन घटने जैसे कई दावों के लिए उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित और मिश्रित हैं।   किन लोगों को Cold Plunge से बचना चाहिए?     हर व्यक्ति के लिए Ice Bath सुरक्षित नहीं है। खासतौर पर कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।   दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर: अचानक बहुत ठंडे पानी में जाने से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर तेजी से बदल सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए यह जोखिम पैदा कर सकता है। ब्लड सर्कुलेशन की समस्या: जिन लोगों को रक्त संचार से जुड़ी समस्या है, उन्हें Cold Plunge लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है। नसों से जुड़ी समस्या: हाथ-पैर में सुन्नपन या संवेदना कम होने की स्थिति में ठंड से होने वाले नुकसान का पता देर से चल सकता है। कमजोर इम्यून सिस्टम या गंभीर बीमारी: ऐसे लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के Ice Bath नहीं लेना चाहिए।   Ice Bath लेते समय इन बातों का रखें ध्यान     पहली बार इसे अकेले करने के बजाय ट्रेंड एक्सपर्ट की निगरानी में करें।   शुरुआत बहुत कम समय से करें और शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। अचानक बेहद ठंडे पानी में लंबे समय तक न रहें। चक्कर, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अत्यधिक कंपकंपी महसूस हो तो तुरंत बाहर निकलें। किसी बीमारी या नियमित दवा की स्थिति में पहले डॉक्टर से सलाह लें। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज को देखकर Cold Plunge को रूटीन का हिस्सा बनाने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उपयुक्त थेरेपी नहीं है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
Bihar weather forecast warns of thunderstorms, lightning, strong winds and light rain across 18 districts.
बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 18 जिलों में आंधी-बिजली का अलर्ट; पटना में बादल और हल्की बारिश के आसार

बिहार में मॉनसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर जरूर हुई हैं, लेकिन मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। बुधवार, 12 अगस्त को राज्य के 18 जिलों में आंधी, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले 24 घंटे के दौरान बिहार के किसी भी हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। 18 जिलों में आंधी और वज्रपात का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरजते बादलों के साथ बिजली चमकने और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। सीमावर्ती और उत्तर-पूर्वी इलाकों में कुछ जगहों पर बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रह सकती हैं। हालांकि फिलहाल राज्य में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की स्थिति के संकेत नहीं हैं। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में बुधवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तेज या लगातार बारिश की संभावना कम बताई गई है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ऐसे में बादल छाए रहने के बावजूद लोगों को उमस और गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मॉनसून कमजोर पड़ा तो बढ़ा तापमान मंगलवार को बिहार में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। कई जिलों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुपौल मंगलवार को राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा पटना, समस्तीपुर, नालंदा, वाल्मीकि नगर, छपरा, मोतिहारी, सीवान, वैशाली, अरवल, कैमूर, औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, मुंगेर, मधेपुरा, पूर्णिया और अररिया समेत कई जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। भारी बारिश नहीं, लेकिन बिजली का खतरा बरकरार मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मॉनसूनी गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। स्थानीय स्तर पर बादल बनने के कारण अचानक आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर किसानों, खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले क्षेत्रों में रहने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम? कुल मिलाकर बुधवार को बिहार का मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है। राज्य में भारी बारिश से फिलहाल राहत रहेगी, लेकिन 18 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। पटना समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Dark monsoon clouds over Bihar as the IMD issues rain, thunderstorm, and lightning alerts for 19 districts.
बिहार के 19 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का अलर्ट, 6 जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी

पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राज्य के 19 जिलों के लिए बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में येलो अलर्ट, जबकि छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इन 13 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने निम्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण गोपालगंज सीवान सारण पटना बेगूसराय जहानाबाद नालंदा शेखपुरा लखीसराय नवादा गया इन 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है। बक्सर भोजपुर अरवल कैमूर रोहतास औरंगाबाद इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना अधिक है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों के दौरान पटना के कुछ हिस्सों सहित जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोगों को खास राहत नहीं मिली। अगले 3 से 4 दिनों में बढ़ेगा बारिश का दायरा मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन से चार दिनों में बारिश का दायरा उत्तर और पूर्वी बिहार की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान उत्तर, मध्य और दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। राजधानी पटना में भी रुक-रुककर बारिश जारी रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने क्या बताया? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल मॉनसूनी ट्रफ बिहार के आसपास सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाओं के कारण लगातार बादल बन रहे हैं। इसी वजह से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।  

surbhi अगस्त 7, 2026 0
Dark monsoon clouds and heavy rainfall in Jharkhand as IMD issues alerts for heavy rain, thunderstorms and lightning.
झारखंड में मॉनसून एक्टिव, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; वज्रपात का भी खतरा

झारखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी है। वज्रपात से दंपती की मौत गुरुवार को हुई बारिश के दौरान हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड के कंचनपुर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे बासुदेव महतो (51) और उनकी पत्नी दुलिया देवी (48) की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर मॉनसून के दौरान वज्रपात के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। वहीं, राजधानी रांची में करीब 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 7 अगस्त के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें— गुमला खूंटी सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं रांची सहित अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 8 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को भी दक्षिणी झारखंड के साथ गुमला और खूंटी जिलों में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना बनी रहेगी। 8 से 10 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार— 8 अगस्त: राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन। 9 अगस्त: कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक। 10 अगस्त: कई इलाकों में फिर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। इन तीनों दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में शरण न लें। खेतों में काम कर रहे किसान और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग वज्रपात की चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है।  

kalpana अगस्त 7, 2026 0
Heavy rainfall and storm clouds over Bihar as IMD issues weather alerts for thunderstorms and lightning.
Bihar Rain Alert: बिहार के 34 जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी, 10 अगस्त तक मौसम रहेगा खराब

पटना: बिहार में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग (IMD) ने 34 जिलों के लिए आंधी, तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने किशनगंज, बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में येलो अलर्ट पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, अररिया, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में भारी बारिश का खतरा मौसम विभाग के अनुसार अररिया, किशनगंज, कटिहार और बक्सर में भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है। 10 अगस्त तक ऐसा ही रहेगा मौसम IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक पूरे बिहार में मौसम का यही रुख बना रहेगा। 7 अगस्त: उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और दक्षिण बिहार के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना। 8 अगस्त: खगड़िया, भागलपुर और मुंगेर को छोड़कर लगभग पूरे बिहार में बारिश का अनुमान। 9 अगस्त: उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में खराब मौसम बना रहेगा। 10 अगस्त: उत्तर-पश्चिम और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना बनी रहेगी। क्यों सक्रिय हुआ मॉनसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार के आसपास मॉनसूनी ट्रफ सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली पूर्वी हवाएं राज्य में पहुंच रही हैं। इसी कारण बादल तेजी से बन रहे हैं और कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में भी मॉनसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।  

surbhi अगस्त 6, 2026 0
Weather Update
Weather Update: कश्मीर से केरल तक बारिश का कहर, झारखंड में वज्रपात से 14 मौतें

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर के शोपियां और बांदीपोरा जिलों में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने घरों, खेतों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। वहीं, झारखंड के गिरिडीह, दुमका और लातेहार जिलों में मंगलवार को वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है।   केरल में बाढ़ जैसे हालात   केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से आठ जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई नदियां और बांध उफान पर हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बीच बाढ़ में फंसे एक बुजुर्ग की जान बचाने के दौरान तैराकी प्रशिक्षक आर. राजेश की बहाव में बहने से मौत हो गई। उधर, भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून और बागेश्वर समेत कई जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

anjali kumari अगस्त 5, 2026 0
IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया
Weather Update: कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को कई राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि कई इलाकों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।   पंजाब के पटियाला में रेड अलर्ट     आईएमडी ने पंजाब के पटियाला जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां अगले कुछ घंटों में तेज आंधी, बिजली चमकने, लगभग 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों को घरों के भीतर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।     इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट     मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है।   पंजाब: फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, संगरूर और एसएएस नगर उत्तर प्रदेश: अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, फतेहपुर, हरदोई, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखनऊ, प्रतापगढ़, रायबरेली और उन्नाव   इन राज्यों में भी भारी बारिश के आसार     आईएमडी के अनुसार, आज केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, नागालैंड, असम, हरियाणा और उत्तराखंड के कई जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।     पहाड़ी राज्यों में भी मौसम रहेगा खराब     जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 4 से 7 अगस्त के बीच बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड के कई जिलों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना हुआ है।     दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट     दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे उमस और गर्मी बढ़ गई है। मंगलवार सुबह कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए दिन में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।     लोगों के लिए IMD की सलाह     मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 4, 2026 0
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर भारत में भारी बारिश का IMD अलर्ट
Weather Update: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत में बारिश तेज, कई राज्यों में IMD का भारी वर्षा अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देशभर में सक्रिय मानसून के बीच कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 अगस्त से सक्रिय होने वाले नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा की गतिविधियां और तेज होंगी.   कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना     दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.     पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में भी असर     कोंकण-गोवा, केरल, तटीय कर्नाटक और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मुंबई में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि पालघर में मध्यम और मुंबई-ठाणे में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है.     केरल और असम में हालात     केरल में हालिया बाढ़ के बाद राहत कार्य जारी है। राज्य के सभी 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं असम में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं और लाखों लोग प्रभावित हैं.     तापमान और सावधानी की अपील     आईएमडी ने यह भी कहा है कि अगस्त में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है, हालांकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है.   मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश, बाढ़ तथा भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है.

ranjan kumar tiwari अगस्त 3, 2026 0
Jharkhand weather alert with heavy rain, lightning deaths, strong winds and yellow watch across several districts
Jharkhand Weather Alert: झारखंड में वज्रपात से 6 लोगों की मौत, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इनमें रामगढ़, गिरिडीह, हजारीबाग और पतरातू क्षेत्र के लोग शामिल हैं। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची मौसम केंद्र ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। 4 से 6 अगस्त के बीच कुछ जिलों में 65 से 115 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वज्रपात से 6 लोगों की मौत रविवार को झारखंड के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया। रामगढ़ में चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में एक बच्ची की भी बिजली गिरने से जान चली गई। पतरातू क्षेत्र में खेतों में काम कर रही तीन महिलाओं की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हुई। पतरातू प्रखंड के सांकुल गांव में खेत में काम करने के दौरान रेखा देवी (48) और उनकी बेटी रोशनी कुमारी (22) बिजली की चपेट में आ गईं। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं लाताड़ पंचायत के पलानी गांव में खेत में काम कर रही सुलेखा देवी उर्फ सुशांति (30) की भी वज्रपात से मौत हो गई। इसके अलावा विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक बच्ची की जान चली गई। रामगढ़ की दोहाकात पंचायत के पारलोलो टोला की रहने वाली प्रमिला देवी (32) की भी बिजली गिरने से मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगले पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिनों पर भारी बारिश की संभावना है। 4 से 6 अगस्त के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में 65 से 115 मिमी तक वर्षा हो सकती है। बारिश के साथ कई जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। तापमान में भी आएगी गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बारिश और तापमान में गिरावट के कारण कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना हो सकता है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। 5 अगस्त को इन इलाकों में बढ़ेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। 6 अगस्त को रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच 6 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में एक बार फिर भारी बारिश का दौर लौटने के संकेत हैं। इस दिन मौसम विभाग ने कई जिलों को येलो वॉच पर रखा है। इनमें शामिल हैं: पलामू गढ़वा चतरा लातेहार हजारीबाग कोडरमा रामगढ़ रांची लोहरदगा गुमला खूंटी इन जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या करें? झारखंड में लगातार वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। संभव हो तो तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर चले जाएं। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए। मोबाइल फोन पर स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचें। झारखंड में अगले पांच दिन मौसम रहेगा सक्रिय झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, तो दूसरी ओर वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है। 6 अगस्त को रांची समेत 11 जिलों के लिए जारी येलो वॉच को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
Bihar weather update with yellow rain alert in 12 districts and humid conditions across 26 districts on July 30, 2026
Bihar Weather Update: बिहार के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, 26 जिलों में उमस करेगी परेशान; जानें अपने जिले का हाल

Bihar Weather Update 30 July 2026: बिहार में गुरुवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। दूसरी ओर, राज्य के बाकी 26 जिलों में बारिश की संभावना कम है और लोगों को दिनभर गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम के इस बदलाव के बीच बिहार में मानसून की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को व्यापक बारिश का इंतजार है। इन 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। चंपारण समेत इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं के आसपास विशेष सतर्कता रखना जरूरी होगा। 26 जिलों में उमस से राहत मिलने के आसार कम बिहार के बाकी 26 जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन व्यापक बारिश के आसार कम हैं। बारिश नहीं होने की स्थिति में तेज धूप और हवा में नमी के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। दिन के समय गर्मी महसूस होने के बाद शाम को कुछ इलाकों में बादल बनने और हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश? पिछले 24 घंटे के दौरान खगड़िया में बारिश दर्ज की गई। पटना सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की हवा चली, लेकिन कई इलाकों में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। इससे साफ है कि बिहार में बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है। कुछ जिलों में बारिश हो रही है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में गर्मी और उमस का दौर जारी है। बिहार में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश बिहार में इस मानसून सीजन अब तक बारिश की स्थिति सामान्य से काफी कमजोर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि तक राज्य में करीब 485.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक सिर्फ 285.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश हुई है। मानसून की यह कमी खेती और जल उपलब्धता के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। क्यों कमजोर पड़ा है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार में मानसून कमजोर रहने के पीछे प्रमुख कारण मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से हटना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। इस वजह से बिहार तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है। जब तक बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब तक राज्य में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना सीमित रह सकती है। दिन में गर्मी और शाम को बारिश क्यों? बिहार के कई इलाकों में इन दिनों एक अजीब मौसम पैटर्न देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और उमस रहती है, जबकि शाम या रात के समय अचानक बादल बनकर बारिश हो जाती है। इसके पीछे गर्मी और नमी का संयोजन प्रमुख कारण है। दिन में जमीन के गर्म होने से गर्म हवा ऊपर उठती है। जब यह हवा वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क में आती है तो कुछ इलाकों में बादल बन सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है। इसी वजह से एक जिले में बारिश होने के बावजूद आसपास के जिलों में मौसम सूखा रह सकता है। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना कम है। धूप निकलने के कारण उमस परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के समय बादल छाने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बिहार के मौसम पर एक नजर 12 जिलों में: बारिश का येलो अलर्ट 5 जिलों में: बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा की संभावना 26 जिलों में: उमस और गर्मी का असर मानसून बारिश: सामान्य से करीब 41 फीसदी कम पटना: बादल छाए रहने की संभावना, उमस से परेशानी

surbhi जुलाई 30, 2026 0
Bihar weather alert for July 29 2026 with thunderstorms, rain and strong winds across 13 districts
Bihar Weather Alert: बिहार के 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, 40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

Bihar Rain Alert, 29 July 2026: बिहार में बुधवार को मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। पटना समेत आसपास के इलाकों में सुबह से ही काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में धूप और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है। शाम के समय कई जगहों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका है। तेज हवा की स्थिति में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर होगा। फिर सक्रिय हो सकता है मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दो-तीन दिनों के अंतराल के बाद पटना और आसपास के क्षेत्रों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। उत्तर तटीय ओडिशा और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम प्रणाली का प्रभाव अगले एक-दो दिनों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार को उमस के बाद बदला मौसम मंगलवार को पटना में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। हालांकि शाम होते-होते मौसम बदला और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। बारिश के बाद चली ठंडी हवा से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मंगलवार को पटना का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री की गिरावट थी। वहीं न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आज पटना में भी बारिश के आसार बुधवार को पटना में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। बारिश होने से शहर में उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग की चेतावनी क्यों जरूरी? बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थान जोखिम भरे हो सकते हैं। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
Bihar monsoon clouds with lightning and rain warning across 23 districts on July 28, 2026.
बिहार मौसम अपडेट: आज 23 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, तेज हवा चलने की भी संभावना

बिहार में मॉनसून की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। जुलाई का महीना खत्म होने के करीब है, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का इंतजार जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 के लिए राज्य के 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन 23 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में मौसम बिगड़ सकता है, उनमें शामिल हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिमी चंपारण गोपालगंज सीवान सारण बक्सर भोजपुर अरवल कैमूर रोहतास औरंगाबाद सुपौल अररिया किशनगंज सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार खगड़िया भागलपुर मुंगेर बांका जमुई इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसूनी ट्रफ की स्थिति लगातार बदलने के कारण बिहार में मौसम अस्थिर बना हुआ है। नमी मौजूद होने के बावजूद व्यापक और लगातार बारिश नहीं हो पा रही है। दिन में तेज धूप के कारण उमस बढ़ जाती है, जबकि शाम या रात में अचानक बादल बनने से कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश देखने को मिल रही है। पटना का मौसम राजधानी पटना में आज भी मौसम सामान्य रहने की संभावना है। सुबह धूप खिली रही और दोपहर में उमस बढ़ सकती है। फिलहाल राजधानी में भारी बारिश के आसार नहीं हैं, हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 29, 30 और 31 जुलाई तक भी बिहार में ऐसा ही मिलाजुला मौसम बने रहने की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन फिलहाल राज्य में कहीं भी व्यापक या अत्यधिक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।  

surbhi जुलाई 28, 2026 0
Heavy Rainfall
देशभर में मानसून का कहर: जम्मू में भूस्खलन से रास्ते बंद, असम में बाढ़ से बढ़ा मौतों का आंकड़ा

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण जम्मू-कश्मीर, असम, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में हालात गंभीर बने हुए हैं। कई जगह सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी हैं।   जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से सड़कें बंद   जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भूस्खलन और पहाड़ों से बोल्डर गिरने की घटनाओं के चलते कई मार्ग बंद हो गए हैं। एक वाहन पर चट्टान गिरने से दंपति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित है, जिससे वैष्णो देवी और केदारनाथ यात्रा पर भी असर पड़ा है।   असम में बाढ़ से हालात गंभीर   असम में लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। राज्य के 16 जिलों में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि डूब गई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और सेना की टीमें तैनात की गई हैं।   हिमाचल में भी बारिश बनी आफत   हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण एक ट्रक नाले में गिर गया, जिसमें पिता-पुत्र की मौत हो गई। कई क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।   IMD ने जारी किया अलर्ट   भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। असम में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rainfall and lightning trigger an IMD yellow alert across multiple districts.
झारखंड Weather Update: 21 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में सोमवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से आने वाले घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में मंगलवार, 21 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। सोमवार को कहां कितनी हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से सोमवार को राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। रांची – 3 मिमी जगन्नाथपुर – 13 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी खूंटी – 5 मिमी देवघर – 2 मिमी कोडरमा – 7 मिमी हजारीबाग – 2 मिमी देर रात भी राज्य के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश यहां पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हजारीबाग – 139.2 मिमी लोहरदगा – 112 मिमी कांके – 80.2 मिमी जामताड़ा – 56 मिमी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पहला सिस्टम रोहतक, हरदोई, वाराणसी, मेदिनीनगर, पुरुलिया और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर झारखंड, बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की दिशा में सक्रिय है। इन्हीं दोनों मौसम प्रणालियों के कारण झारखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। सामान्य से अब भी 33 प्रतिशत कम बारिश हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन के आंकड़े अभी भी सामान्य से पीछे हैं। 1 जून से 20 जुलाई तक सामान्य वर्षा: 319.8 मिमी अब तक हुई वर्षा: 261.4 मिमी कमी: 33 प्रतिशत रांची में भी इस अवधि के दौरान सामान्य 406.4 मिमी के मुकाबले केवल 331.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम है। तापमान में आई गिरावट बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। रांची – 29.8°C जमशेदपुर – 33.4°C मेदिनीनगर – 30.2°C मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में न रहें। वज्रपात के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

surbhi जुलाई 21, 2026 0
Delhi Weather Update
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। गुरुवार सुबह से कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।   कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक पर असर   लगातार बारिश के कारण दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और कई स्थानों पर यातायात धीमी गति से चलता रहा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है।   IMD ने ऑरेंज अलर्ट के साथ दी चेतावनी   भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश, गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताते हुए लोगों को मौसम संबंधी सलाह का पालन करने को कहा है।   उड़ानों और दैनिक सेवाओं पर भी पड़ा असर   खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। कुछ उड़ानों के संचालन में देरी की आशंका को देखते हुए एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है और उन्हें एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है।   प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी   प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने तथा केवल आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   अगले 24 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण   मौसम विभाग के अनुसार, मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है और दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
Monsoon 2026
देशभर में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। जून महीने में कमजोर रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 जुलाई तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।   उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी तट तक बारिश का असर आईएमडी के मुताबिक, अगले तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून में मॉनसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से बारिश में कमी आई थी, लेकिन अब इसके दोबारा सक्रिय होने से बारिश का दौर तेज होगा। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है।   मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, कोंकण-गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 6 और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।   मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का मिजाज अधिक अनिश्चित होता जा रहा है। कम समय में अत्यधिक बारिश से बाढ़ और लंबे समय तक बारिश की कमी से सूखे जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Protesters gather at Parliament Square in London during the Kashmir Million March, demanding human rights and the release of political activists in Pakistan-occupied Kashmir.
पाकिस्तान के खिलाफ लंदन में एकजुट हुए कश्मीरी, बलोच और पश्तून, PoK में मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप

लंदन: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK), बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के विरोध में यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में रविवार को हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों के साथ-साथ बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की सेना पर आम नागरिकों के अधिकारों के दमन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाए। लंदन कश्मीर मिलियन मार्च में उमड़ी भीड़ जानकारी के अनुसार, लंदन में आयोजित "कश्मीर मिलियन मार्च" संसद परिसर (Parliament Square) से शुरू होकर पाकिस्तान हाई कमीशन तक निकाला गया। आयोजकों का दावा है कि मार्च में करीब 50 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाई और गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आजादी के समर्थन में नारे लगाए और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख शौकत नवाज मीर समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया। बलोच और पश्तून समुदाय ने भी जताई एकजुटता इस मार्च में बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना उनके क्षेत्रों में भी नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा—तीनों क्षेत्रों में आम लोगों को दमन और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के एक राजनीतिक कार्यकर्ता महमूद कश्मीरी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने टट्टापानी, सेंहसा और कोटली जैसे इलाकों में आम लोगों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में रहने वाले कश्मीरी अब इन घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना था कि पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए और क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार देने चाहिए। गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक नेताओं की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि सभी गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हिरासत में लिए गए युवाओं के शव उनके परिजनों को सौंपने और गिरफ्तार नागरिकों की रिहाई की भी मांग की। PoK में जारी है विरोध प्रदर्शन लंदन में हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है और इसके बाद अनेक राजनीतिक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में विदेशों में रहने वाले कश्मीरी, बलोच और पश्तून समुदाय भी अब खुलकर आवाज उठा रहे हैं.  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
Badrinath Highway
बदरीनाथ हाईवे भूस्खलन के कारण फिर बंद, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हो गया है। चमोली जिले में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने के कारण हाईवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों और चारधाम यात्रियों को फिलहाल आगे बढ़ने से बचने की सलाह दी है।   भूस्खलन के बाद रोका गया यातायात   प्रशासन के अनुसार, पातालगंगा-लांगसी सुरंग के पास हुए भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया, जिससे बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और मार्ग साफ होने तक इंतजार करने को कहा है।   मलबा हटाने का कार्य जारी   राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द मार्ग को फिर से खोलने का प्रयास किया जाएगा।   बारिश के चलते बढ़ा खतरा   मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।   चारधाम यात्रियों को जारी की गई एडवाइजरी   चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh अगस्त 14, 2026 0