Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।
Jharkhand में इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। मई के महीने में जहां आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं इस साल राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को सामान्य से नीचे बनाए रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 मार्च से अब तक राज्य के 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ इसे क्लाइमेट चेंज का संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, क्योंकि 23 मई तक तेज हवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। अप्रैल में गर्मी, मई में बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल की शुरुआत में झारखंड में भीषण गर्मी पड़ी थी और कई जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मई में ज्यादातर जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा और पूरे राज्य का औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इसी वजह से लोगों को इस बार सामान्य मई जैसी तेज गर्मी महसूस नहीं हो रही है। किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य के छह जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है: बोकारो हजारीबाग लातेहार रामगढ़ रांची सिमडेगा वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। 23 मई तक खराब रहेगा मौसम India Meteorological Department के मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि मई के अंतिम सप्ताह तक मौसम इसी तरह बदला रहेगा। 19 और 20 मई को संताल परगना, मध्य झारखंड, Ranchi और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ बारिश, गर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक ने दी चेतावनी रांची मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक झारखंड में मौसम का यह बदलता पैटर्न क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले बारिश सामान्य होती थी, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। वज्रपात के समय मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने और सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह भी दी गई है।
Jharkhand में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 16 से 21 मई तक झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए 17 और 18 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 17 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को Ranchi समेत धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। स्थिति को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश व वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 मई को भी खराब रहेगा मौसम 18 मई को भी मौसम में ज्यादा राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने रांची, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए इन क्षेत्रों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन जिलों में लू का असर एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी जारी रहेगा। Garhwa, Palamu और Latehar में 16 से 18 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 17 मई को चतरा जिले में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। मेदिनीनगर के तापमान में बड़ी गिरावट लगातार मौसम बदलने के बीच Medininagar के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन अगले 24 घंटों में तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
तेज आंधी और बारिश ने मचाई तबाही Uttar Pradesh में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की घटनाओं में 96 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल के जिलों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भदोही और प्रयागराज में सबसे ज्यादा मौतें मृतकों में सबसे अधिक 18 लोगों की जान Bhadohi में गई, जबकि Prayagraj में 17 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा मिर्जापुर में 15, फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4 लोगों की जान गई। कई अन्य जिलों में भी मौतों की खबर सामने आई है। गांवों में ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों में तेज तूफान के कारण कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर लंबा जाम लग गया। किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने दिए राहत के निर्देश Yogi Adityanath ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और राहत एजेंसियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। गर्मी और तूफान दोनों से परेशान लोग एक तरफ जहां बारिश और आंधी से कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिली, वहीं बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के कई जिले भीषण गर्मी से बेहाल रहे। Banda प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी, हमीरपुर और प्रयागराज में भी तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। रेलवे सेवाएं भी प्रभावित आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रूट करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली करीब 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर भी पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। मौसम विभाग ने दी चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना अभी बनी हुई है।
Jharkhand में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 9 मई को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार Ranchi, Hazaribagh, Ramgarh, Khunti और Bokaro में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट राज्य के अन्य जिलों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। 14 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 मई तक Jharkhand के अधिकांश जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इस दौरान आकाश में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कई जिलों में हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Ranchi में करीब 2 मिमी और Jamshedpur में लगभग 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश Chaibasa में हुई। इसके अलावा Koderma, Giridih, Deoghar, Jamtara, Godda, Dumka, Pakur और Sahibganj के कई इलाकों में देर रात तेज हवा और बारिश देखने को मिली। रांची के तापमान में गिरावट बारिश और बादलों की वजह से Ranchi के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं Medininagar राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं मौसम विभाग ने 9 और 10 मई को तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से 13 मई तक राज्यभर में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। आज कैसा रहेगा मौसम? 8 मई को झारखंड के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 9 और 10 मई को इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मई को Ranchi, Dhanbad, Bokaro, Ramgarh, Khunti, Lohardaga और Gumla समेत उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों में तेज मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही वज्रपात और बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग का कहना है कि 13 मई तक राज्य में बादल छाए रह सकते हैं। दिन में उमस और गर्मी बनी रहेगी, जबकि दोपहर बाद कई इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम में हुई सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। Ranchi में दिनभर तेज धूप के बाद शाम में बारिश हुई। वहीं East Singhbhum के दारीसाई इलाके में सबसे ज्यादा 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि Medininagar सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
झारखंड में मौसम ने करवट ले ली है। हालिया बारिश के बाद जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं अब India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में 2 से 7 मई तक खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। किन इलाकों में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में बारिश की संभावना कम है। 3 मई को भी लगभग यही स्थिति बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 4 से 7 मई के बीच मौसम और सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाओं (40 से 50 किमी/घंटा) के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। तापमान में मामूली बदलाव राजधानी Ranchi और आसपास के क्षेत्रों में 2 से 5 मई के बीच अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है। क्या सावधानियां बरतें? मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है: आंधी-तूफान और बिजली गिरने के समय घर के अंदर ही रहें खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें अनावश्यक यात्रा न करें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें यह मौसम बदलाव जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
बेंगलुरु : शहर में अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। करीब एक घंटे की तेज बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अस्पताल की दीवार गिरने से 7 की मौत सबसे दर्दनाक हादसा बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल में हुआ, जहां तेज बारिश के दौरान एक दीवार ढह गई। इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 6 साल की बच्ची भी शामिल है। करंट और अन्य हादसों में गई जान बारिश के दौरान अलग-अलग घटनाओं में भी लोगों की मौत हुई। बैनरघट्टा रोड पर वेगा सिटी मॉल के पास 35 वर्षीय रघु की करंट लगने से मौत हो गई। एक अन्य मामले में छात्र सैयद सुफियान की बिजली के तार की चपेट में आने से जान चली गई। चामराजपेट में मंजुनाथ नामक व्यक्ति की मौत उस वक्त हो गई, जब तेज तूफान के दौरान घर की छत का हिस्सा गिर गया। सड़कें बनीं नदी, ट्रैफिक ठप तेज बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया। ऑफिस टाइम में बारिश होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेड़ और बिजली के खंभे गिरे नगर निकाय के मुताबिक, शहर में कम से कम 87 पेड़ उखड़ गए और 131 पेड़ों की शाखाएं टूट गईं। इनमें से कई पेड़ सड़क किनारे खड़े वाहनों पर गिर गए, जिससे कारों और दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। अब तक 60 पेड़ और 98 शाखाओं को हटाया जा चुका है, जबकि बाकी जगहों पर काम जारी है। अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित हुआ। गुरुवार दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर पेड़ उखाड़ दिए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बारिश के दौरान रांची में लगभग 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से बरियातु क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। तापमान में भारी गिरावट, लोगों को मिली राहत अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 7.9 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट देखी गई। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 मई के बीच राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही कई जगहों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश से तापमान में गिरावट, मिली राहत राज्य के अलग-अलग जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। खूंटी: 34.5 मिमी बोकारो: 32.4 मिमी रांची: 2.0 मिमी कांके: 12.2 मिमी इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है। बदले मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें जहां एक ओर बारिश ने राहत दी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। बेड़ो क्षेत्र में फसलों को आंशिक नुकसान सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित ओरमांझी के कुकुई गांव में पेड़ की डाल गिरने से दो छात्राएं घायल यह घटनाएं बताती हैं कि अचानक मौसम परिवर्तन के साथ सावधानी बरतना जरूरी है। बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा असर तेज आंधी और बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। नामकुम-सिकिदरी हाई वोल्टेज लाइन ट्रिप हटिया-कांके अंडरग्राउंड केबल पंक्चर इससे कई क्षेत्रों में अस्थायी बिजली कटौती देखने को मिली। इन जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और रांची में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
झारखंड की राजधानी Ranchi में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। अप्रैल की तेज गर्मी के बीच सुबह-सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों को राहत दी, वहीं आसमान में घने बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ऑरेंज अलर्ट के साथ मौसम विभाग की चेतावनी India Meteorological Department के अनुसार, रांची में आज गर्जन, वज्रपात और तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बदला मौसम सोमवार को झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। Bokaro और Dhanbad में हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि Medininagar में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे गर्मी का असर बरकरार रहा। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अप्रैल को भी रांची समेत राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा 3 मई तक राज्य में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के आसार हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
बिहार में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के भीतर राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज के साथ बादल सक्रिय होंगे, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शनिवार को पूर्वी चंपारण और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह सिस्टम 26 अप्रैल तक पूरे उत्तर बिहार में फैल जाएगा, जिसका असर राजधानी पटना समेत कई जिलों के तापमान पर पड़ेगा। 27 अप्रैल तक उत्तर और दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है, उनमें शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया शामिल हैं। इन इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। शुक्रवार को कैसा रहा मौसम शुक्रवार को राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। डेहरी में सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। कई जिलों में लू जैसी स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पटना का हाल राजधानी पटना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को भी तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन रविवार से इसमें धीरे-धीरे गिरावट आएगी।
रांची। झारखंड में 20 अप्रैल को मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है, वहीं उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। डालटनगंज बना सबसे गर्म इलाका पलामू जिले के डाल्टनगंज में तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक है। यह सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है, जिससे यहां लू जैसे हालात बन गए हैं। रात के समय भी तापमान अधिक रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। अन्य शहरों में भी गर्मी का असर जमशेदपुर में 41.6 डिग्री, बोकारो में 43.1 डिग्री और रांची में 39.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश शहर भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इन जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना उत्तर-पूर्वी जिलों—देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, जामताड़ा और साहिबगंज—में आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश, गरज और वज्रपात की संभावना है। 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी वहीं पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों का अनुमान 21 अप्रैल तक कुछ इलाकों में हल्की बारिश जारी रह सकती है, जबकि 22 अप्रैल के बाद मौसम साफ और शुष्क होने के साथ तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
रांची। झारखंड में मौसम ने करवट ले ली है और राज्य में अब मिला-जुला मौसम देखने को मिल रहा है। 18 अप्रैल को अधिकांश इलाकों में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बदलाव के संकेत भी हैं। मौसम केंद्र, रांची के अनुसार दिन के समय तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। कुछ जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक पलामू और गढ़वा जिले के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 19 अप्रैल से लू का अलर्ट आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। 19 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में लू चल सकती है। वहीं दक्षिणी जिलों जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भी उष्ण लहर का असर देखने को मिलेगा। डाल्टनगंज बना सबसे गर्म इलाका राज्य में सबसे अधिक तापमान डाल्टनगंज में दर्ज किया गया, जहां पारा 42.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान करीब 37.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बोकारो में 38.2 डिग्री और चाईबासा में 37.4 डिग्री तापमान रहा। जमशेदपुर में भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। गर्मी से राहत के आसार नहीं पिछले 24 घंटों में राज्य में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे तापमान में गिरावट नहीं आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रांची। झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है। तेज धूप अब झुलसाने लगी है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। अगले पांच दिनों में तापमान और बढ़ने की चेतवानी मौसम विभाग ने जारी की है। इसे देखते हुए राज्य के कई जिलों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। 17-18 अप्रैल को लू का असर अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने 17 और 18 अप्रैल को रांची, खूंटी, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा और सरायकेला-खरसांवा में लू चलने की संभावना जताई है। झारखंड में 42 डिग्री सेल्सियस पार जाएगा पारा 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्वी भागों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। बाकी जगहों में भी कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। 19 अप्रैल से आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके बाद पारा 42 डिग्री तक जा सकता है। 40 डिग्री पहुंचा पारा सरायकेला का अधिकतम तापमान मंगलवार को 40.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राज्य के अन्य जिलों का तापमान भी 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इससे पहले 4 अप्रैल को सरायकेला का तापमान 40.3 और मेदिनीनगर का तापमान 30 मार्च और 4 अप्रैल को 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। राजधानी समेत अन्य जिलों का हाल रांची का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें पिछले 24 घंटे में 0.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, वहीं जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस, मेदिनीनगर का 39.8 डिग्री सेल्सियस और बोकारो का 39.1 डिग्री सेल्सियस रहा। हजारीबाग का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस, गुमला का 35.5 डिग्री सेल्सियस और पाकुड़ का 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
केरल के Sabarimala Temple में महिलाओं के प्रवेश को लेकर Supreme Court of India में चल रही सुनवाई के दौरान मंगलवार को अहम संवैधानिक बहस देखने को मिली। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि “किसी धर्म की प्रथा सही है या नहीं, यह तय करने का अधिकार उस संप्रदाय के पास होना चाहिए, न कि जजों के पास।” “धर्म समुदाय की आस्था से तय होगा” सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि धर्म कोई व्यक्तिगत विचार नहीं, बल्कि एक समुदाय की साझा आस्था (System of Belief) है। उन्होंने जोर देकर कहा: किसी एक व्यक्ति के अधिकार को पूरे समुदाय की आस्था पर हावी नहीं होने दिया जा सकता धार्मिक प्रथाओं का मूल्यांकन उसी समुदाय के नजरिए से होना चाहिए कोर्ट को यह तय नहीं करना चाहिए कि कौन-सी प्रथा “सही” या “गलत” है उन्होंने यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 सभी धार्मिक प्रथाओं को संरक्षण देता है, चाहे वे “essential” (जरूरी) हों या नहीं। ‘Essential Practice Test’ पर सवाल सुनवाई के दौरान “Essential Religious Practices” (जरूरी धार्मिक प्रथाएं) के सिद्धांत पर भी बहस हुई। सिंघवी ने कहा कि: संविधान में “essential” शब्द का जिक्र नहीं है कोर्ट को सिर्फ यह देखना चाहिए कि कोई प्रथा धर्म से जुड़ी है या नहीं यह तय करना कि वह प्रथा कितनी जरूरी है, न्यायपालिका के दायरे से बाहर होना चाहिए वहीं, जजों ने सवाल उठाया कि अगर यह टेस्ट हटा दिया जाए, तो यह कैसे तय होगा कि कौन-सी प्रथा संवैधानिक संरक्षण के योग्य है। धार्मिक बनाम सेक्युलर गतिविधियों पर बहस सुनवाई के दौरान जस्टिसों ने यह अहम सवाल उठाया कि कौन-सी गतिविधि धार्मिक है और कौन-सी सेक्युलर (गैर-धार्मिक)। उदाहरण के तौर पर: पूजा के लिए सामग्री खरीदना श्रद्धालुओं के लिए बस की व्यवस्था करना सिंघवी ने जवाब दिया कि हर मामले को अलग-अलग परिस्थितियों में देखना होगा। उन्होंने कहा कि जहां धार्मिक आस्था जुड़ी हो, वहां हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर उसमें भ्रष्टाचार या प्रशासनिक गड़बड़ी हो, तो राज्य दखल दे सकता है। पुजारियों की नियुक्ति पर भी चर्चा अर्चकों (पुजारियों) की नियुक्ति को लेकर भी कोर्ट में बहस हुई। सिंघवी ने कहा कि धार्मिक योग्यता जरूरी होनी चाहिए लेकिन केवल वंश या परंपरा के आधार पर नियुक्ति सही नहीं जजों ने इस पर टिप्पणी की कि नियुक्ति प्रक्रिया भले सेक्युलर हो, लेकिन नियुक्त व्यक्ति का कार्य धार्मिक होता है– इसलिए दोनों के बीच संतुलन जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के सामने बड़े सवाल यह मामला सिर्फ सबरीमाला तक सीमित नहीं है। संविधान पीठ कई बड़े मुद्दों पर फैसला करेगी, जैसे: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश पारसी महिलाओं का अग्नि मंदिर में प्रवेश दाऊदी बोहरा समुदाय में खतना प्रथा धार्मिक मामलों में जेंडर आधारित भेदभाव पिछले फैसले और मौजूदा स्थिति 1991 में केरल हाईकोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई थी 2018 में Supreme Court of India ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैन हटा दिया अब पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 9 जजों की संविधान पीठ इन जटिल सवालों पर फैसला करेगी कोर्ट की अहम टिप्पणियां सुनवाई के दौरान जजों ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए: क्या कोर्ट तय कर सकता है कि क्या धार्मिक है और क्या नहीं? क्या किसी गैर-भक्त को धार्मिक परंपराओं को चुनौती देने का अधिकार है? क्या मंदिरों में प्रवेश रोकना समाज को बांटता है? जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की कि धार्मिक स्थलों में प्रतिबंध समाज को विभाजित कर सकते हैं और इससे धर्म की व्यापकता प्रभावित हो सकती है। सबरीमाला मामला अब सिर्फ एक मंदिर या परंपरा का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह धार्मिक स्वतंत्रता, लैंगिक समानता और न्यायपालिका की सीमाओं जैसे बड़े संवैधानिक सवालों का केंद्र बन चुका है। Supreme Court of India का आने वाला फैसला न सिर्फ इस मामले की दिशा तय करेगा, बल्कि देश में धर्म और संविधान के बीच संतुलन की नई परिभाषा भी तय कर सकता है।
झारखंड में बीते कुछ दिनों से जारी बारिश ने जहां लोगों को राहत दी थी, वहीं अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अब तेज गर्मी और हीटवेव (लू) की स्थिति बनने जा रही है। 10 अप्रैल से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है और कई इलाकों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। किन जिलों में कैसा रहेगा तापमान? मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान इस प्रकार रहने की संभावना है: संथाल परगना क्षेत्र (देवघर, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज): अधिकतम तापमान: 34°C न्यूनतम तापमान: 19°C उत्तर-पश्चिम और मध्य झारखंड (कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, रांची): अधिकतम तापमान: 34°C न्यूनतम तापमान: 18°C दक्षिणी झारखंड (खूंटी, गुमला, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा): अधिकतम तापमान: 36°C न्यूनतम तापमान: 19°C विशेष रूप से पश्चिम सिंहभूम में तापमान 36°C तक पहुंचने की संभावना है, जहां तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। क्यों बढ़ रही है गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बारिश का दौर खत्म होते ही आसमान साफ हो गया है, जिससे सूरज की तीव्रता सीधे जमीन पर पड़ रही है। इसके कारण तापमान में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है और हीटवेव की स्थिति बन रही है। हीटवेव को लेकर अलर्ट राज्य के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में ‘लू’ चलने की संभावना है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बचाव के लिए क्या करें? घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल जरूर रखें धूप से बचने के लिए छाता या टोपी का इस्तेमाल करें ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
झारखंड में अप्रैल की शुरुआत राहत भरे मौसम के साथ हुई है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। राज्य की राजधानी रांची में इन दिनों मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाएं, हल्की नमी और संतुलित तापमान ने लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत दी है। खासकर सुबह और शाम की ठंडक लोगों को बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर रही है। बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम बुधवार को रांची में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे गर्मी का असर काफी हद तक कम महसूस हुआ। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department के अनुसार 9 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है: गोड्डा साहेबगंज पाकुड़ दुमका देवघर जामताड़ा धनबाद बोकारो रामगढ़ रांची खूंटी पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां इन क्षेत्रों में तेज हवा (40–50 किमी/घंटा), गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें। 10 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से आसमान साफ होने लगेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। आगे चलकर 14 अप्रैल के बाद गर्मी और उमस दोनों में इजाफा होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से तपती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24–48 घंटों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी दी है। लोगों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 8 अप्रैल: इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में तेज मौसम का असर देखने को मिल सकता है: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ रांची, खूंटी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन के साथ वज्रपात ओलावृष्टि 50–60 किमी/घंटा की तेज हवाएं 9 अप्रैल: येलो अलर्ट जारी इन जिलों में मौसम थोड़ा कम तीव्र लेकिन असरदार रहेगा: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो रामगढ़, रांची, खूंटी पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन और वज्रपात 40–50 किमी/घंटा की हवाएं लोगों के लिए जरूरी सावधानियां खराब मौसम में घर के अंदर रहें खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें मवेशियों को सुरक्षित जगह पर रखें बेवजह यात्रा करने से बचें किसानों के लिए अलर्ट ओलावृष्टि और तेज हवा से फसलों बागवानी को भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए पहले से तैयारी रखें।
देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तर और पूर्व भारत के कई राज्यों में अगले 72 घंटों तक आंधी-बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा। इस चेतावनी के बाद Uttar Pradesh, Bihar, Rajasthan, Jharkhand, Punjab समेत 12 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर: तीन दिन तक बदलता रहेगा मौसम Delhi-एनसीआर में 6 से 8 अप्रैल के बीच बादल छाए रहेंगे। 7 अप्रैल: हल्की से मध्यम बारिश, 30–50 किमी/घंटा की तेज हवाएं 8 अप्रैल: गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश: ओलावृष्टि से बढ़ी चिंता Uttar Pradesh में पहले ही फसलों को नुकसान हो चुका है। अब IMD ने अगले तीन दिनों तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 7-8 अप्रैल: पश्चिमी यूपी में तेज बारिश 8-9 अप्रैल: पूर्वी यूपी में बारिश हवा की रफ्तार: 60 किमी/घंटा तक लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, सहारनपुर समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बिहार: 70 किमी/घंटा तक चल सकती है आंधी Bihar में भी मौसम का असर तेज रहेगा। पटना, बक्सर, सुपौल, औरंगाबाद समेत कई जिलों में 6 से 8 अप्रैल के बीच ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी है। हवा की रफ्तार: 50–70 किमी/घंटा उत्तराखंड: बारिश के साथ बर्फबारी के आसार Uttarakhand के पहाड़ी इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रहने वाला है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश 40–50 किमी/घंटा की तेज हवाएं 3300 मीटर से ऊपर हल्की बर्फबारी की संभावना मध्य प्रदेश और राजस्थान: ओलावृष्टि का खतरा Madhya Pradesh और Rajasthan में भी आंधी-तूफान और ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 8 अप्रैल: पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि राजस्थान: 6-7 अप्रैल को तेज हवाएं और बारिश झारखंड और ओडिशा: तेज हवाओं के साथ बारिश Jharkhand के रांची, गोड्डा, गिरिडीह में आंधी-बारिश का अलर्ट है। Odisha के मयूरभंज और कटक में 70 किमी/घंटा तक तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रमुख शहरों का तापमान (6 अप्रैल) दिल्ली: 31°C / 21°C मुंबई: 29°C / 26°C चेन्नई: 33°C / 28°C कोलकाता: 35°C / 23°C लखनऊ: 33°C / 21°C पटना: 34°C / 22°C
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को अचानक बदले मौसम ने अफरा-तफरी मचा दी। तेज आंधी और बिजली की गर्जना के बीच कडरू मेन रोड स्थित स्काईलाइन बिल्डिंग में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक रेस्तरां के रूफटॉप पर लगा शेड टूटकर नीचे गिर गया। शेड गिरा, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवा के झोंकों के कारण रूफटॉप शेड अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हालांकि, नीचे खड़ी चार कारें और छह दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक बदले मौसम से मची अफरा-तफरी सोमवार दोपहर बाद रांची के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने से वातावरण पूरी तरह बदल गया। इस दौरान कई जगहों पर कमजोर और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रही। आज भी बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को रांची में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा खराब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता ही सुरक्षा इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। समय रहते सतर्कता बरतने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।