झारखंड

Heavy Rain Brings Relief in Ranchi

झारखंड में मौसम ने ली करवट, रांची में झमाझम बारिश से मिली राहत

surbhi मई 30, 2026 0
Dark clouds and heavy rainfall over Ranchi bring relief from intense heat across Jharkhand
Ranchi Rain Brings Relief in Jharkhand

झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य का मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को बारिश हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

शनिवार सुबह रांची में अचानक आसमान पर घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।

राज्यभर में हुई बारिश, तापमान में आई बड़ी गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा Bokaro में 25 मिमी और रांची में 15 मिमी रिकॉर्ड की गई।

बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया।

  • रांची का तापमान 24 घंटे में 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
  • Medininagar में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस कम हुआ।
  • Jamshedpur का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस घटा।
  • Chaibasa में तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे आया।

लगातार पड़ रही गर्मी के बाद यह बदलाव लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने शनिवार को रांची समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन इलाकों में:

  • 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • गरज के साथ बारिश हो सकती है।
  • वज्रपात की संभावना बनी हुई है।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।

रविवार को भी बारिश के आसार

रविवार के लिए पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में:

  • तेज हवा
  • मेघ गर्जन
  • बारिश
  • वज्रपात

की संभावना बनी रहेगी।

1 और 2 जून को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 और 2 जून को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

हालांकि राज्य के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम सुहावना बना रह सकता है।

लगातार हो रही बारिश और तापमान में गिरावट से यह संकेत मिल रहा है कि झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां अब तेजी पकड़ रही हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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अपनी पहचान व अस्मिता के लिए सड़क पर उतरे झारखंड आंदोलकारी

रांची। अपनी पहचान, अस्मिता, पेंशन समेत अन्य मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी बुधवार 10 जून को सड़क पर उतर आये। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह आंदोलन शुरू हुआ है। इसी कड़ी में बुधवार को पूरे राज्य से हजारों की संख्या में आंदोलनकारी रांची के मोरहाबादी मैदान पहुंचे। यहां से ये आंदोलनकारी सीएम आवास का घेराव करने निकलें हैं। उधर, आंदोलन को देखते हुए रांची पुलिस ने व्यापक तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री आवास पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जगह जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए है। शहर की कई सड़कें जाम आंदोलनकारियों के जुटान के कारण शहर की कई सड़कें सुबह से ही जाम हैं। कई रास्तों को बदला गया है। खाल तौर पर रातू रोड आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है। सुबह से ही पुलिस ने राजभवन के निकट बैरिकेडिंग कर कांके रोड जाने वाली सड़क को बंद कर दिया है।  सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, हर जगह जवान है तैनात सुरक्षा के मद्देनजर तीन कंपनी रैपिड एक्शन पुलिस , एसआईआरबी, जैप और इको बल सहित करीब 600 सुरक्षाकर्मियों को मोरहाबादी मैदान से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक तैनात किया गया है। इनमें हथियारबंद जवानों के साथ लाठी पार्टी भी शामिल है। इसके अलावा मोरहाबादी मैदान और मुख्यमंत्री आवास के आसपास ब्रज वाहन, फायर ब्रिगेड वाहन, रंगीन पानी के टैंकर और आंसू गैस स्क्वॉड की भी तैनाती की गई है। प्रशासन की प्राथमिक कोशिश आंदोलनकारियों को मोरहाबादी मैदान में ही रोकने की है।

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रांची। मुहर्रम पर्व को लेकर झारखंड में पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। इस दौरान कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। आईजी अभियान ने यह रिपोर्ट सभी जिलों के एसएसपी, एसपी को भेजकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुहर्रम पर्व 26 जून को मनाए जाने की संभावना रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष मुहर्रम पर्व 26 जून को मनाए जाने की संभावना है, हालांकि चांद दिखने के आधार पर तारीख में बदलाव हो सकता है। पर्व के दौरान मुस्लिम समुदाय द्वारा पारंपरिक रूप से ताजिया और जुलूस निकाले जाते हैं। साथ ही, इमामबाड़ों में प्रत्येक दिन शस्त्र संचालन का अभ्यास और बैंड-बाजा बजाया जाता है। आईजी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में दोनों समुदायों के लोग मिश्रित रूप से रहते हैं, वहां दूसरे पक्ष द्वारा इसका विरोध किए जाने की आशंका रहती है। पूर्व के वर्षों में हुए कुछ सांप्रदायिक तनावों को देखते हुए इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। बिजली के लटकते तारों पर रहेगी विशेष नजर आईजी अभियान ने अपनी रिपोर्ट में साल 2023 में बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के खेतको में हुई घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया है। बता दें कि वहां ताजिया भ्रमण के दौरान 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से 13 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनमें से इलाज के दौरान 4 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे से सबक लेते हुए इस बार बिजली विभाग से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि वे जुलूस के रास्तों पर नीचे लटके और कमजोर बिजली के तारों को समय रहते दुरुस्त करवाएं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। आईजी अभियान के प्रमुख निर्देश धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: सभी जिलों में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और वहां सुरक्षा बलों के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। शांति समिति की बैठकें: सभी थाना क्षेत्रों में समय रहते शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं, यदि कोई पुराना या संभावित विवादित बिंदु हो, तो दोनों पक्षों को बिठाकर उसका समाधान पहले ही निकाल लिया जाए। आकस्मिक स्थिति की तैयारी: किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक स्तर पर पुलिस और सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। उपद्रवियों पर कार्रवाई: जो लोग पूर्व में सांप्रदायिक तनाव या दंगों में शामिल रहे हैं और वर्तमान में भी उनसे विवाद पैदा करने की आशंका है, ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर कड़ी नजर: मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स की विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को चिन्हित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित मार्ग से ही निकलेगा जुलूस: पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मुहर्रम का जुलूस केवल प्रशासन द्वारा पहले से तय रूट से ही गुजरे। किसी भी नए मार्ग की अनुमति नहीं दी जाएगी। विवादित रास्तों पर पाबंदी: जुलूस को किसी भी ऐसे मार्ग से ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जहां पूर्व में कभी सांप्रदायिक विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई हो। अवैध गतिविधियों पर छापेमारी: पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पशु तस्करी, अवैध बूचड़खानों, अवैध मादक पदार्थों और शराब के ठिकानों पर सघन छापेमारी कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रोन और वीडियोग्राफी से निगरानी: सुरक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए पुलिस के वाहनों में वीडियोग्राफी की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों और जुलूस के मार्गों पर ड्रोन कैमरों से पल-पल की निगरानी रखी जाएगी। डीजे और भड़काऊ गानों पर रोक: जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के उत्तेजक, अश्लील या दूसरे समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाले विवादित गानों को डीजे पर बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। ऊंची इमारतों पर पुलिस बल की तैनाती: जुलूस के पूरे मार्ग में स्थित सरकारी और गैर-सरकारी ऊंची इमारतों की छतों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि असामाजिक तत्वों की हरकतों पर नजर रखी जा सके।

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Dharti Aaba Birsa Munda
धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया नमन

रांची। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को राजधानी रांची के कोकर स्थित समाधि स्थल पर श्रद्धा और सम्मान का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सहित कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने समाधि स्थल पहुंचकर पुष्प अर्पित किए तथा महान जननायक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सुबह से ही समाधि स्थल पर लोगों का तांता लगा रहा। विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और समाज सुधार के कार्यों को याद किया। पूरे परिसर में श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहा। राज्यपाल ने संघर्ष और बलिदान को किया याद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भगवान बिरसा मुंडा को महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन और शोषण के खिलाफ संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आज भी प्रेरणा देता है। राज्यपाल ने कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए साहस, नेतृत्व और समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने बताया सामाजिक न्याय का प्रतीक मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि संघर्ष, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान और गौरव में बिरसा मुंडा का योगदान अतुलनीय है। राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने और आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल लोगों ने धरती आबा के आदर्शों को अपनाने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर पूरा झारखंड उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान से भावुक नजर आया।

Unknown जून 9, 2026 0
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