Jharkhand Weather

Jharkhand Weather Today
Jharkhand Weather Today: बारिश से अभी पूरी तरह राहत नहीं, 24 जिलों में गरज-वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन आज 20 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल, बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार, सुबह के समय कई स्थानों पर बारिश होगी, जबकि बाद में बारिश की गतिविधि में कमी आने और कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है।   छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग ने 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जतायी है। इसके अलावा झारखंड के सभी 24 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। इस दौरान करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।   रांची में भी छाए रहेंगे बादल   राजधानी रांची में आज दिनभर बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। सुबह बारिश के बाद इसकी तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। रांची का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।   झारखंड में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश   ताजा बारिश के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 7 फीसदी अधिक दर्ज की गयी है। कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी ज्यादा रही है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गयी है।   बुधवार को रांची में 0.6 मिमी बारिश हुई, जबकि लोहरदगा में 18 मिमी और मेदिनीनगर में 4 मिमी बारिश दर्ज की गयी।   24 जिलों में ऐसा रहेगा मौसम   रांची, खूंटी, हजारीबाग और रामगढ़ में बादल और बारिश के साथ गरज-वज्रपात की संभावना है। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा में सुबह भारी बारिश हो सकती है। चतरा, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल और हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।   आगे कमजोर पड़ेगा बारिश का दौर   मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अगस्त की सुबह के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। 20 से 21 अगस्त के दौरान कई जगहों पर बारिश छिटपुट रहने की संभावना है, लेकिन गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। 20 से 23 अगस्त तक आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गयी है।   मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की अपील की है।

anjali kumari अगस्त 20, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: रांची में 24 घंटे में 56 मिमी बारिश, आज छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मॉनसूनी बादलों के कारण मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 56 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।   रांची में सामान्य से एक प्रतिशत अधिक बारिश   मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रांची में 1 जून से 19 अगस्त 2026 तक सामान्य बारिश 707.7 मिमी होती है, जबकि इस अवधि में अब तक 713.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राजधानी में बारिश सामान्य से करीब एक प्रतिशत अधिक रही है।   हालांकि, पूरे झारखंड की स्थिति इससे अलग है। राज्य में अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 19 अगस्त तक झारखंड में सामान्य बारिश 689.8 मिमी के मुकाबले 606.1 मिमी बारिश हुई है।   छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट   मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रांची में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।   बारिश से जनजीवन प्रभावित   लगातार बारिश के कारण शहरों और ग्रामीण इलाकों में कई जगह जलजमाव की स्थिति बन गई है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण नदियों और डैमों का जलस्तर भी बढ़ गया है।   गुरुवार से धीरे-धीरे साफ होगा मौसम   मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसूनी बादल अगले 12 घंटे में झारखंड और बिहार के ऊपर से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेंगे और धीरे-धीरे कमजोर होंगे। इसके प्रभाव से गुरुवार से झारखंड के कई हिस्सों में मौसम साफ होने की संभावना है।   फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को भारी बारिश वाले जिलों में सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

abhishek singh अगस्त 19, 2026 0
Damaged bridge over the Radhu River in Silli as rising water levels threaten its structure
राढ़ू नदी पर पुल का बीच का हिस्सा धंसा, जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे लोग

रांची/सिल्ली: लगातार हो रही बारिश के कारण सिल्ली प्रखंड में राढ़ू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. पतराहातू से तेतला बड़ाइक टांड़ जाने वाले मार्ग पर नदी के ऊपर बना करीब 10 वर्ष पुराना उच्चस्तरीय पुल अब खतरे में आ गया है. पुल के 18 पिलरों में बीच का हिस्सा बुरी तरह धंस गया है, जिससे इसके कभी भी क्षतिग्रस्त होकर बह जाने की आशंका बनी हुई है. बारिश के बाद बढ़ा नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण राढ़ू नदी उफान पर है. नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पुल पर भी दबाव बढ़ गया है. वर्तमान में पुल और नदी के पानी के बीच करीब पांच से सात फीट की दूरी ही बची है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही और नदी का जलस्तर और बढ़ा, तो पुल को भारी नुकसान हो सकता है. पुल का बीच का हिस्सा धंसा, बढ़ा खतरा पुल के बीच का हिस्सा धंसने के कारण उसका एक भाग टेढ़ा हो गया है. इसकी जानकारी मिलने के बाद मंगलवार की शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गये. लोगों ने पुल की स्थिति देखकर चिंता जतायी और प्रशासन से तत्काल जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की. हालांकि खतरे के बावजूद मंगलवार को पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद नहीं हुआ. कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार करते नजर आये. वहीं, कुछ ग्रामीणों ने खतरे को देखते हुए वैकल्पिक रास्ते का सहारा लिया. ग्रामीणों में दहशत, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है. पुल का हिस्सा धंसने के बाद भी यदि वाहनों और लोगों की आवाजाही जारी रही, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में पुल की स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तत्काल तकनीकी जांच करायी जाये और खतरे को देखते हुए जरूरत पड़ने पर आवागमन रोक दिया जाये. साथ ही, लोगों की सुरक्षा के लिए मौके पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गयी है.  

kalpana अगस्त 19, 2026 0
Heavy rain in Ranchi as Jharkhand weather is expected to clear from Thursday
झारखंड में बारिश का दौर थमेगा, रांची में 24 घंटे में 56 मिमी बारिश; कल से साफ होने लगेगा मौसम

रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून के कारण झारखंड में बारिश का दौर जारी है. मंगलवार को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई. रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान 56 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जो राज्य में सबसे अधिक रही. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी रही और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड और बिहार के ऊपर से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है. इसके असर से गुरुवार से राज्य के कई हिस्सों में मौसम साफ होने की संभावना है. रांची में सामान्य से ज्यादा हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रांची में एक जून से 19 अगस्त 2026 तक सामान्य से करीब एक प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है. इस अवधि में रांची में सामान्य बारिश 707.7 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 713.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है. मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. आज इन छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को झारखंड के गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. वहीं, रांची समेत अन्य जिलों में भी बादल छाये रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. नदियों और डैमों का बढ़ा जलस्तर लगातार हो रही बारिश का असर राज्य के जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है. कई नदियों और डैमों का जलस्तर बढ़ा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण कई जगहों पर रास्तों में पानी भर गया है. बारिश के कारण शहरों में यातायात भी प्रभावित हुआ. कई प्रमुख सड़कों पर जलजमाव की स्थिति देखने को मिली, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई. गुरुवार से धीरे-धीरे साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसूनी बादल अगले 12 घंटे में झारखंड और बिहार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेंगे. इसके बाद सिस्टम कमजोर होने की संभावना है. इसका असर झारखंड के मौसम पर भी पड़ेगा और गुरुवार से कई इलाकों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी. हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाये रहने की संभावना बनी रह सकती है. झारखंड में अब भी सामान्य से 12% कम बारिश बारिश के बावजूद पूरे झारखंड में इस मानसून अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 19 अगस्त 2026 तक राज्य में सामान्य बारिश 689.8 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 606.1 मिमी बारिश हुई है. इस तरह राज्य में अभी भी सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है. आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जल संकट और खेती की स्थिति पर भी असर डाल सकती हैं.  

kalpana अगस्त 19, 2026 0
Heavy monsoon rain in Jharkhand with weather alert issued for several districts
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, चतरा-हजारीबाग और रामगढ़ में रेड अलर्ट; कई जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञान केंद्र ने चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. तीन जिलों में रेड अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बारिश के साथ कई स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की सलाह दी गई है. खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि लगातार बारिश होने की स्थिति में जलजमाव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. गढ़वा-पलामू-लातेहार में ऑरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने गढ़वा, पलामू और लातेहार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में भी तेज बारिश के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है. वहीं रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, बोकारो, धनबाद, कोडरमा और गिरिडीह में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भी लोगों को मौसम को लेकर सावधान रहने की जरूरत है. 19 अगस्त को इन जिलों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 19 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य के अन्य हिस्सों में भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने और बारिश के बीच धूप निकलने की संभावना है. वहीं 21 अगस्त को भी कई जिलों में गरज, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. रांची में छह मिमी बारिश दर्ज सोमवार को राजधानी रांची में दोपहर बाद बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार रांची में करीब छह मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा कोडरमा में सबसे अधिक 42 मिमी, बोकारो में 41 मिमी, जमशेदपुर में 16 मिमी, बहरागोड़ा में 16 मिमी और देवघर में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई. खूंटी में करीब एक मिमी बारिश हुई. झारखंड में अब भी सामान्य से 18 फीसदी कम बारिश बारिश के बावजूद झारखंड में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून से 17 अगस्त 2026 तक राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 35 प्रतिशत अधिक और सिमडेगा में करीब एक प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से चार प्रतिशत कम बारिश हुई है. लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने और वज्रपात के दौरान खुले मैदान में जाने से बचने की सलाह दी गई है.  

kalpana अगस्त 18, 2026 0
Heavy rainfall in Jharkhand amid weather department alerts across several districts
झारखंड के 8 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

Jharkhand Weather News: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से झारखंड में बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को रांची समेत राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, छह जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को रांची, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है. वहीं पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 15 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश स्वतंत्रता दिवस के दिन भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा. गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में आसमान में बादल छाये रहने और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. 16 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 16 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश हो सकती है. रांची समेत अन्य जिलों में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. खूंटी में सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश खूंटी में दर्ज की गयी. वहीं रांची में 12 मिमी बारिश हुई. राजधानी में देर रात तक बारिश होती रही. बारिश के बीच लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो गांव में वज्रपात की घटना में खेत में धनरोपनी के लिए गयी 25 वर्षीय कलतिया देवी की मौत हो गयी. राज्य में अब भी 21 फीसदी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. रांची में भी बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम है. हालांकि पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है. मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है.  

kalpana अगस्त 14, 2026 0
Waterlogging on roads in Chakradharpur after continuous rainfall
चक्रधरपुर में 16 घंटे से लगातार बारिश, कई इलाकों में जलजमाव; संजय नदी का बढ़ा जलस्तर

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर में पिछले करीब 16 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गयी है. बारिश के कारण रेलवे क्षेत्र के जी ब्लॉक में एक विशाल पेड़ भी गिर गया, जिससे कुछ समय तक आवागमन बाधित रहा. रानी स्कूल रोड पर जमा हुआ तालाब का पानी लगातार बारिश के बाद रानी स्कूल रोड पर तालाब का पानी सड़क पर आ गया, जिससे पूरा रास्ता जलमग्न हो गया. सड़क पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई. वहीं, दंदासाई वार्ड संख्या पांच में भी कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बनी रही. पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. रेलवे क्षेत्र में गिरा विशाल पेड़ बारिश के दौरान रेलवे क्षेत्र के जी ब्लॉक में एक बड़ा पेड़ गिर गया. पेड़ गिरने से आसपास के लोगों को परेशानी हुई और कुछ समय के लिए रास्ते पर आवागमन भी प्रभावित रहा. स्थानीय स्तर पर पेड़ को हटाने की व्यवस्था की गयी. संजय नदी का बढ़ा जलस्तर लगातार बारिश का असर संजय नदी पर भी पड़ा है. नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है. स्थानीय लोग और प्रशासन नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं. जल निकासी की व्यवस्था की मांग बारिश के बीच शहर में बिजली की आंख-मिचौली भी जारी रही. वहीं, जलजमाव से परेशान लोगों ने पानी की निकासी के लिए तत्काल व्यवस्था करने और नालियों की सफाई कराने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या सामने आती है.  

kalpana अगस्त 14, 2026 0
Heavy rainfall and dark clouds over Ranchi during the monsoon season
झारखंड में 13-15 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की भी चेतावनी

रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग ने 13 से 15 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 13 अगस्त को इन जिलों में बारिश का अलर्ट 13 अगस्त को रांची, गुमला, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बारिश की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 14 अगस्त को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट 14 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में तेज हवा, वज्रपात के साथ भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और बोकारो में भी तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट है. 15 और 16 अगस्त को भी बारिश के आसार 15 अगस्त को रांची में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. 16 अगस्त को खूंटी, रांची के कुछ हिस्सों, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है. झारखंड में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 12 अगस्त तक झारखंड में सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम रही है. पश्चिमी सिंहभूम में स्थिति अलग है, जहां सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है.  

kalpana अगस्त 13, 2026 0
Jharkhand weather forecast showing heavy rain, thunderstorms and lightning alerts across several districts until August 15
15 अगस्त तक झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने 12 से 15 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 12-13 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 12 और 13 अगस्त को झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 13 अगस्त को दक्षिणी झारखंड के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। 14 अगस्त को 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 14 अगस्त को रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने को कहा गया है। 15 अगस्त को इन जिलों में येलो अलर्ट 15 अगस्त को भी झारखंड के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा जताया गया है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के बाकी हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। तेज हवा और वज्रपात को लेकर सावधानी जरूरी मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से झारखंड में बारिश जारी रह सकती है। कई जगहों पर अचानक तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Cold Plunge और Ice Bath के फायदे और नुकसान
Ice Therapy Trend: भारत में तेजी से बढ़ रहा Cold Plunge का क्रेज, जानें फायदे और नुकसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज और फिटनेस लवर्स के बीच Ice Bath, Ice Therapy और Cold Plunge का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हाल ही में अभिनेत्री हिना खान का बर्फ से भरे टब में बैठने का वीडियो भी चर्चा में रहा। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेहद ठंडे पानी में शरीर को डुबोना हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है और इसे सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।   क्या है Ice Therapy या Cold Plunge?     Cold Plunge एक तरह की हाइड्रोथेरेपी तकनीक है, जिसमें शरीर को कुछ समय के लिए बेहद ठंडे पानी में डुबोया जाता है। आमतौर पर पानी का तापमान करीब 3 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है।   इसका इस्तेमाल लंबे समय से एथलीट और फिटनेस ट्रेनिंग करने वाले लोग करते रहे हैं। खासकर भारी एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों के दर्द और थकान से राहत पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। ठंडे पानी के संपर्क में आने पर रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे कुछ समय के लिए सूजन और दर्द कम हो सकता है। पानी से बाहर निकलने के बाद रक्त वाहिकाएं दोबारा फैलती हैं, जिससे शरीर में रक्त संचार सामान्य होने लगता है।   Cold Plunge के क्या हैं फायदे?     मांसपेशियों के दर्द से राहत   भारी वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन हो सकती है। Cold Plunge से कुछ लोगों को इन लक्षणों में अस्थायी राहत मिल सकती है और रिकवरी में मदद मिल सकती है। सूजन कम करने में मदद ठंड शरीर के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह को कुछ समय के लिए कम कर सकती है। इससे एक्सरसाइज के बाद होने वाली सूजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। तनाव और थकान में राहत बहुत ठंडे पानी के संपर्क में आने से नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है। इससे व्यक्ति को कुछ समय के लिए अधिक अलर्ट और एनर्जेटिक महसूस हो सकता है। ब्लड सर्कुलेशन पर असर ठंडे पानी से बाहर आने के बाद शरीर अपना सामान्य तापमान बनाए रखने की कोशिश करता है। इस दौरान रक्त वाहिकाओं में बदलाव होता है, जिससे सर्कुलेशन प्रभावित होता है। हालांकि, Cold Plunge से इम्यूनिटी बढ़ने, डिप्रेशन ठीक होने या वजन घटने जैसे कई दावों के लिए उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित और मिश्रित हैं।   किन लोगों को Cold Plunge से बचना चाहिए?     हर व्यक्ति के लिए Ice Bath सुरक्षित नहीं है। खासतौर पर कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।   दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर: अचानक बहुत ठंडे पानी में जाने से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर तेजी से बदल सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए यह जोखिम पैदा कर सकता है। ब्लड सर्कुलेशन की समस्या: जिन लोगों को रक्त संचार से जुड़ी समस्या है, उन्हें Cold Plunge लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है। नसों से जुड़ी समस्या: हाथ-पैर में सुन्नपन या संवेदना कम होने की स्थिति में ठंड से होने वाले नुकसान का पता देर से चल सकता है। कमजोर इम्यून सिस्टम या गंभीर बीमारी: ऐसे लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के Ice Bath नहीं लेना चाहिए।   Ice Bath लेते समय इन बातों का रखें ध्यान     पहली बार इसे अकेले करने के बजाय ट्रेंड एक्सपर्ट की निगरानी में करें।   शुरुआत बहुत कम समय से करें और शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। अचानक बेहद ठंडे पानी में लंबे समय तक न रहें। चक्कर, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अत्यधिक कंपकंपी महसूस हो तो तुरंत बाहर निकलें। किसी बीमारी या नियमित दवा की स्थिति में पहले डॉक्टर से सलाह लें। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज को देखकर Cold Plunge को रूटीन का हिस्सा बनाने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उपयुक्त थेरेपी नहीं है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
अरशद वारसी के असुर 3 में CBI अधिकारी के किरदार में लौटने की खबर
‘असुर 3’ का इंतजार खत्म होने को, फिर CBI अफसर बनेंगे अरशद वारसी; सितंबर से शुरू होगी शूटिंग

मुंबई, एजेंसियां। अरशद वारसी और बरुन सोबती की लोकप्रिय क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘असुर’ के तीसरे सीजन को लेकर फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरीज के तीसरे सीजन की शूटिंग सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है। मेकर्स ने नए सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।   तीसरे सीजन में होगा बड़ा बदलाव   ‘असुर 3’ में इस बार पर्दे के पीछे भी बदलाव देखने को मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले दो सीजन का निर्देशन करने वाले ओनी सेन की जगह सीरीज के क्रिएटर गौरव शुक्ला तीसरे सीजन की कमान संभाल सकते हैं। ऐसे में नए सीजन में कहानी के साथ-साथ निर्देशन का अंदाज भी अलग देखने को मिल सकता है।   श्वेता बसु प्रसाद की हो सकती है नई एंट्री   कास्ट को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेत्री श्वेता बसु प्रसाद ‘असुर 3’ में नई एंट्री के तौर पर नजर आ सकती हैं। हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नई अभिनेत्री की एंट्री से सीरीज की कहानी में नया ट्विस्ट देखने को मिल सकता है।   फिर CBI अफसर के किरदार में अरशद वारसी   ‘असुर’ के दोनों सीजन में अरशद वारसी के किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। तीसरे सीजन में भी उनके वापस लौटने की उम्मीद है। वह एक बार फिर CBI अधिकारी के किरदार में नजर आ सकते हैं। बरुन सोबती के साथ उनकी जोड़ी भी सीरीज की अहम खासियत रही है।   2020 में आया था पहला सीजन   ‘असुर’ का पहला सीजन साल 2020 में रिलीज हुआ था। अपनी क्राइम, साइकोलॉजी और पौराणिक संदर्भों से जुड़ी कहानी के कारण इसने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। इसके बाद दूसरा सीजन आया और अब फैंस लंबे समय से तीसरे सीजन का इंतजार कर रहे हैं। अरशद वारसी भी पहले ‘असुर 3’ पर काम शुरू होने की पुष्टि कर चुके हैं। अब सितंबर से शूटिंग शुरू होने की खबर के बाद फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 10, 2026 0
Dark monsoon clouds over Ranchi, Jharkhand, as rain is expected across the state
झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, पांच दिन बारिश के आसार; कोल्हान में भारी बारिश का अलर्ट

रांची: झारखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाये रहने और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं 13 अगस्त को कोल्हान क्षेत्र में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर ओडिशा और आसपास के झारखंड में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ गया है. इसके प्रभाव से झारखंड के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, 10 से 12 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाये रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी भी जारी की है. 13 अगस्त को कोल्हान में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 13 अगस्त को दक्षिणी झारखंड यानी कोल्हान क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है. मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है. पलामू में सबसे ज्यादा बारिश रविवार को राज्य में सबसे अधिक बारिश पलामू में करीब 44 मिमी दर्ज की गयी. इसके अलावा पिछले 24 घंटे में जगन्नाथपुर में 27.5 मिमी, कांके में 22.2 मिमी, लोहरदगा में 19.2 मिमी, कोलेबिरा में 18.8 मिमी और खरसावां में 18.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी. मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है.  

kalpana अगस्त 10, 2026 0
Jharkhand Heavy Rain
झारखंड में 9-10 अगस्त को भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी, कई जिलों में अलर्ट

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 9 और 10 अगस्त को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।   कई जिलों में तेज बारिश की संभावना   मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 और 10 अगस्त को झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासकर दक्षिणी और मध्य झारखंड के जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के साथ आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और कच्ची सड़कों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।   वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता   बारिश के साथ वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, तालाब और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पेड़, बिजली के खंभे या अन्य खुले स्थानों के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।   आकाश में गरज-चमक शुरू होने पर लोगों को सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करने को कहा गया है।   किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह   बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए किसानों को खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और गरजने की स्थिति में खेत में मौजूद लोग जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।   लगातार बारिश वाले इलाकों में जलजमाव और फिसलन की समस्या को देखते हुए वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।   मौसम तेजी से बदलने की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी गतिविधियों के कारण झारखंड में स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है। किसी जिले में कम समय में तेज बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

abhishek singh अगस्त 9, 2026 0
Rising water levels at Kanke and Rukka dams in Ranchi after continuous rainfall
कांके डैम खतरे के निशान के करीब, कभी भी खुल सकता है रूक्का का रेडियल गेट; निचले इलाकों में अलर्ट

रांची: राजधानी रांची में लगातार हो रही बारिश के बीच शहर के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. कांके डैम का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले रूक्का डैम में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है. जल संसाधन विभाग ने स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों की नजर लगातार दोनों जलाशयों के जलस्तर पर बनी हुई है. मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया है. ऐसे में जलाशयों में पानी का स्तर और बढ़ सकता है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. खासकर रूक्का डैम का रेडियल गेट कभी भी खोला जा सकता है, जिससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में अचानक पानी का बहाव बढ़ने की आशंका है. 25.6 फीट तक पहुंचा कांके डैम का जलस्तर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अनुसार, कांके डैम का जलस्तर बढ़कर 25.6 फीट तक पहुंच गया है. डैम की अधिकतम जलधारण क्षमता 28 फीट है. यानी अब डैम में करीब ढाई फीट ही पानी की गुंजाइश बची है. लगातार बारिश को देखते हुए विभाग के अधिकारी कांके डैम के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं. यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. यही वजह है कि संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. रूक्का डैम में भी लगातार बढ़ रहा पानी रांची के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत माने जाने वाले रूक्का डैम में भी पानी की आवक बढ़ रही है. फिलहाल डैम का जलस्तर 28.03 फीट तक पहुंच चुका है. हालांकि इसकी कुल क्षमता 36 फीट है और अभी करीब आठ फीट पानी की गुंजाइश है. इसके बावजूद लगातार बारिश और जलग्रहण क्षेत्र से पानी आने के कारण स्थिति पर नजर रखी जा रही है. विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर रूक्का डैम के रेडियल गेट कभी भी खोले जा सकते हैं. गेट खुलते ही बढ़ सकता है निचले इलाकों में पानी का बहाव रूक्का डैम का रेडियल गेट खोले जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम यानी निचले प्रवाह वाले क्षेत्रों में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है. इसे देखते हुए डूब क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और किसी भी तरह की गतिविधि पर प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन ने स्वर्णरेखा नदी के जलग्रहण क्षेत्र और रेडियल गेट से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों को नदी या जलधारा के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है. लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी परिस्थिति में नदी की धारा में उतरने या उसके करीब जाने का प्रयास न करें. निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह जल संसाधन विभाग ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. यदि जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनती है, तो लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. विभाग ने यह भी कहा है कि जलाशय के डूब क्षेत्र में यदि कोई अनधिकृत निर्माण किया गया है, तो उसे तत्काल हटा लिया जाए. प्रशासन की ओर से लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गयी है. 1 जून से 7 अगस्त तक 537 मिमी बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 7 अगस्त तक रांची में कुल 537 मिमी बारिश दर्ज की गयी है. हालांकि यह सामान्य बारिश के आंकड़े 591 मिमी से करीब 9 प्रतिशत कम है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बारिश के कारण शहर के जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है. आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन जलाशयों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है. फिलहाल सबसे बड़ी चिंता कांके डैम के बढ़ते जलस्तर और रूक्का डैम के संभावित रेडियल गेट खोलने को लेकर है. लोगों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, डैम, जलाशय और निचले इलाकों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचें. विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गयी है. रूक्का डैम का गेट खोले जाने की स्थिति में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, इसलिए निचले इलाकों के लोगों को पहले से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.  

kalpana अगस्त 8, 2026 0
The submerged low-level bridge over the Roro River in Chaibasa after continuous heavy rainfall.
लगातार बारिश से रोरो नदी उफान पर, छोटा पुल डूबा, चाईबासा में बढ़ी परेशानी

चाईबासा: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है. बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. चाईबासा की रोरो नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी पर बना छोटा पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है. लगातार बारिश के कारण रोरो नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है. नदी स्थित छोटा पुलिया पर करीब एक फीट ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक लगातार तेज बारिश होती रही, जिसके बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. 39.7 एमएम बारिश दर्ज मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक चाईबासा में 39.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण जिले के कई तालाब, पोखर, खेत और निचले इलाकों में पानी भर गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है. नदियों के बढ़ते जलस्तर से सतर्क प्रशासन बारिश के कारण नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. प्रशासन की नजर जलभराव वाले इलाकों पर बनी हुई है. खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. लगातार बारिश जारी रहने से आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है.  

kalpana अगस्त 7, 2026 0
Dark monsoon clouds and heavy rainfall in Jharkhand as IMD issues alerts for heavy rain, thunderstorms and lightning.
झारखंड में मॉनसून एक्टिव, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; वज्रपात का भी खतरा

झारखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी है। वज्रपात से दंपती की मौत गुरुवार को हुई बारिश के दौरान हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड के कंचनपुर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे बासुदेव महतो (51) और उनकी पत्नी दुलिया देवी (48) की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर मॉनसून के दौरान वज्रपात के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। वहीं, राजधानी रांची में करीब 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 7 अगस्त के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें— गुमला खूंटी सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं रांची सहित अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 8 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को भी दक्षिणी झारखंड के साथ गुमला और खूंटी जिलों में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना बनी रहेगी। 8 से 10 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार— 8 अगस्त: राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन। 9 अगस्त: कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक। 10 अगस्त: कई इलाकों में फिर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। इन तीनों दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में शरण न लें। खेतों में काम कर रहे किसान और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग वज्रपात की चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है।  

kalpana अगस्त 7, 2026 0
Giridih Thunderstorm
गिरिडीह में वज्रपात का कहर, तीन नाबालिग समेत आठ लोगों की मौत; कई घायल

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में मंगलवार को हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में तीन नाबालिग समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। सबसे बड़ा हादसा देवरी प्रखंड के बिलोटांड और देवपहाड़ी क्षेत्र में हुआ, जहां आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन बच्चों सहित चार किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, देवरी के तिलयडीह गांव में खेत में काम कर रहे एक किसान की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।   बगोदर, बिरनी और गावां में भी गिरी बिजली, प्रशासन ने किया मुआवजे का आश्वासन   वज्रपात का असर जिले के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। बगोदर थाना क्षेत्र के औंरा-अलागडीहा में कोनार नहर परियोजना में काम कर रहे एक मजदूर की बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बिरनी प्रखंड के नईटांड गांव में एक व्यक्ति और गावां प्रखंड में एक महिला की भी वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई।    विधायक मंजू कुमारी प्रभावित गांव पहुंचीं   घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक मंजू कुमारी प्रभावित गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाने की मांग उठाई। प्रशासन ने सभी घटनाओं की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने और घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।

anjali kumari अगस्त 5, 2026 0
Weather Update
Weather Update: कश्मीर से केरल तक बारिश का कहर, झारखंड में वज्रपात से 14 मौतें

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर के शोपियां और बांदीपोरा जिलों में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने घरों, खेतों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। वहीं, झारखंड के गिरिडीह, दुमका और लातेहार जिलों में मंगलवार को वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है।   केरल में बाढ़ जैसे हालात   केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से आठ जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई नदियां और बांध उफान पर हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बीच बाढ़ में फंसे एक बुजुर्ग की जान बचाने के दौरान तैराकी प्रशिक्षक आर. राजेश की बहाव में बहने से मौत हो गई। उधर, भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून और बागेश्वर समेत कई जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

anjali kumari अगस्त 5, 2026 0
Lightning strikes and heavy rainfall in Jharkhand raise concerns as weather alerts remain active until August 8
झारखंड में ठनका का कहर: वज्रपात से 18 लोगों की मौत, 8 अगस्त तक बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश और वज्रपात ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में हादसे खेतों में काम करने के दौरान हुए। मौसम विज्ञान केंद्र ने भी राज्य के कई हिस्सों में 8 अगस्त तक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। ऐसे में खासकर खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दो से तीन घंटे की मूसलाधार बारिश मंगलवार दोपहर के बाद झारखंड के कई जिलों में अचानक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में दो से तीन घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कांके में करीब 76 मिमी, लोहरदगा में 46 मिमी और रांची में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, मेदिनीनगर में 10 मिमी और खूंटी में करीब 5 मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हुईं। खेतों में काम कर रहे लोगों पर टूटा कहर राज्य में हुई मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की है जो बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे थे। ग्रामीण इलाकों में धान रोपाई और खेती से जुड़े काम के दौरान अचानक बिजली गिरने से कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया। पलामू के मोहम्मदगंज में 38 वर्षीय पुष्पा देवी की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव में 45 वर्षीय कदरून खातून की जान चली गई। लातेहार में भी वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई है। सदर थाना क्षेत्र के जालिम निवासी शिवनाथ उरांव की मौत हो गई, जबकि होटवाग गांव में निर्मला देवी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। चंदवा प्रखंड के सुरली गांव में 18 वर्षीय उपेंद्र उरांव भी वज्रपात की चपेट में आ गए। दुमका और चतरा में भी हादसे दुमका के रामगढ़ क्षेत्र में धान रोपाई के दौरान गिदबन्ना गांव की 20 वर्षीय आलतामुनी मरांडी की मौत हो गई। इसके अलावा बाबूलाल हेंब्रम और रोहित कुंअर की भी खेत में काम करने के दौरान बिजली गिरने से मौत की जानकारी सामने आई है। इस घटना में कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। चतरा के लावालौंग क्षेत्र के चानी गांव में 30 वर्षीय संजय भुईयां की भी वज्रपात से मौत हो गई। वहीं गिरिडीह में स्थिति और गंभीर रही। यहां ठनका गिरने की घटनाओं में चार किशोरों समेत 10 लोगों की मौत की खबर है, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान खुले खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 8 अगस्त तक कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। 5 अगस्त: गढ़वा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की चेतावनी है। रांची में भी एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 6 अगस्त: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। 7 अगस्त: रांची, खूंटी, सिमडेगा, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, पलामू, गढ़वा, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए 8 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या सावधानी बरतें? बारिश के दौरान बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। 18 मौतों ने बढ़ाई चिंता झारखंड में वज्रपात से हुई 18 मौतें मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की गंभीर चुनौती को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।  

surbhi अगस्त 5, 2026 0
Jharkhand weather alert with heavy rain, lightning deaths, strong winds and yellow watch across several districts
Jharkhand Weather Alert: झारखंड में वज्रपात से 6 लोगों की मौत, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इनमें रामगढ़, गिरिडीह, हजारीबाग और पतरातू क्षेत्र के लोग शामिल हैं। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची मौसम केंद्र ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। 4 से 6 अगस्त के बीच कुछ जिलों में 65 से 115 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वज्रपात से 6 लोगों की मौत रविवार को झारखंड के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया। रामगढ़ में चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में एक बच्ची की भी बिजली गिरने से जान चली गई। पतरातू क्षेत्र में खेतों में काम कर रही तीन महिलाओं की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हुई। पतरातू प्रखंड के सांकुल गांव में खेत में काम करने के दौरान रेखा देवी (48) और उनकी बेटी रोशनी कुमारी (22) बिजली की चपेट में आ गईं। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं लाताड़ पंचायत के पलानी गांव में खेत में काम कर रही सुलेखा देवी उर्फ सुशांति (30) की भी वज्रपात से मौत हो गई। इसके अलावा विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक बच्ची की जान चली गई। रामगढ़ की दोहाकात पंचायत के पारलोलो टोला की रहने वाली प्रमिला देवी (32) की भी बिजली गिरने से मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगले पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिनों पर भारी बारिश की संभावना है। 4 से 6 अगस्त के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में 65 से 115 मिमी तक वर्षा हो सकती है। बारिश के साथ कई जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। तापमान में भी आएगी गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बारिश और तापमान में गिरावट के कारण कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना हो सकता है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। 5 अगस्त को इन इलाकों में बढ़ेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। 6 अगस्त को रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच 6 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में एक बार फिर भारी बारिश का दौर लौटने के संकेत हैं। इस दिन मौसम विभाग ने कई जिलों को येलो वॉच पर रखा है। इनमें शामिल हैं: पलामू गढ़वा चतरा लातेहार हजारीबाग कोडरमा रामगढ़ रांची लोहरदगा गुमला खूंटी इन जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या करें? झारखंड में लगातार वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। संभव हो तो तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर चले जाएं। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए। मोबाइल फोन पर स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचें। झारखंड में अगले पांच दिन मौसम रहेगा सक्रिय झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, तो दूसरी ओर वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है। 6 अगस्त को रांची समेत 11 जिलों के लिए जारी येलो वॉच को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
Jharkhand weather forecast predicts rain in Ranchi and thunderstorms with strong winds until August 4
झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, रांची समेत कई जिलों में 2 अगस्त को बारिश के आसार; 4 अगस्त तक वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट

रांची: झारखंड में अगस्त की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होने वाली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, फिलहाल राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 2 अगस्त को रांची समेत कई जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। शुक्रवार को रांची में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, 1 से 4 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका बनी हुई है। झारखंड में अब तक 26 फीसदी कम बारिश मानसून के इस चरण में झारखंड में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में सामान्य बारिश का आंकड़ा 508.2 मिमी है, जबकि अब तक करीब 376.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य में सामान्य से लगभग 26 फीसदी कम बारिश हुई है। जिलों की बात करें तो पश्चिमी सिंहभूम की स्थिति सबसे बेहतर है, जहां सामान्य से 16 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं रांची में सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश हुई है। गढ़वा, चतरा, देवघर, पाकुड़ और कोडरमा में बारिश की स्थिति सबसे खराब बताई गई है। 1 से 4 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 से 4 अगस्त तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बना रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और तेज हवाओं के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। बारिश से राहत, लेकिन सावधानी जरूरी राज्य में सामान्य से कम बारिश के बीच अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है। हालांकि, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की जरूरत है।  

surbhi अगस्त 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana अगस्त 14, 2026 0