रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञान केंद्र ने चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बारिश के साथ कई स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की सलाह दी गई है.
खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि लगातार बारिश होने की स्थिति में जलजमाव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
मौसम विज्ञान केंद्र ने गढ़वा, पलामू और लातेहार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में भी तेज बारिश के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है.
वहीं रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, बोकारो, धनबाद, कोडरमा और गिरिडीह में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भी लोगों को मौसम को लेकर सावधान रहने की जरूरत है.
मौसम विभाग ने 19 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
राज्य के अन्य हिस्सों में भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने और बारिश के बीच धूप निकलने की संभावना है. वहीं 21 अगस्त को भी कई जिलों में गरज, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है.
सोमवार को राजधानी रांची में दोपहर बाद बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार रांची में करीब छह मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा कोडरमा में सबसे अधिक 42 मिमी, बोकारो में 41 मिमी, जमशेदपुर में 16 मिमी, बहरागोड़ा में 16 मिमी और देवघर में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई. खूंटी में करीब एक मिमी बारिश हुई.
बारिश के बावजूद झारखंड में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून से 17 अगस्त 2026 तक राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है.
हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 35 प्रतिशत अधिक और सिमडेगा में करीब एक प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से चार प्रतिशत कम बारिश हुई है.
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने और वज्रपात के दौरान खुले मैदान में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
लातेहार: सदर थाना क्षेत्र के अमवाटिकर रोड स्थित पिंटू रूई दुकान में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी. बताया जा रहा है कि पास की दुकान में चल रहे वेल्डिंग कार्य के दौरान निकली चिंगारी रूई की दुकान में जा गिरी, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इस घटना में दुकान में रखी रूई समेत करीब ढाई लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गयी. वेल्डिंग की चिंगारी से लगी आग दुकान संचालक पिंटू के अनुसार, उनकी दुकान के बगल में स्थित प्रकाश फर्नीचर में वेल्डिंग का काम चल रहा था. इसी दौरान वेल्डिंग से निकली चिंगारी दुकान के अंदर गिर गयी. दुकान में बड़ी मात्रा में रूई रखी होने के कारण चिंगारी के संपर्क में आते ही आग तेजी से फैल गयी. कुछ ही देर में दुकान से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जुट गये. स्थानीय लोगों ने शुरू किया आग बुझाने का प्रयास आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. रूई के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. बाद में अग्निशमन विभाग की दमकल मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. समय रहते आग बुझा लिये जाने से आसपास स्थित अन्य दुकानों को भी इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया. ढाई लाख रुपये के नुकसान का अनुमान दुकान संचालक ने बताया कि आग से दुकान में रखी रूई और अन्य सामान जलकर बर्बाद हो गया है. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 2.5 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. घटना के बाद दुकानदार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गयी है. दुकान संचालक ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है. वहीं, घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 अगस्त को झारखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की आशंका झारखंड के उत्तर-मध्य हिस्से में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। कोडरमा, हजारीबाग और रामगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पलामू, गढ़वा और लातेहार में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 19 अगस्त को भी उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश का असर बना रह सकता है। लोहरदगा और गुमला में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार में भी बारिश और वज्रपात का अलर्ट झारखंड के साथ बिहार में भी मौसम बदलने वाला है। 18 अगस्त को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी और दक्षिणी बिहार में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बारिश मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 से 21 अगस्त तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 23 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 18-19 अगस्त और फिर 22-23 अगस्त को बारिश की संभावना है। विदर्भ में भी 18 अगस्त और 21 से 23 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश IMD के अनुसार 18 अगस्त को पंजाब में कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 अगस्त तथा 21-22 अगस्त को बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21-22 अगस्त और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 23 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 से 22 अगस्त तक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 23 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 अगस्त से राजस्थान में फिर जोर पकड़ेगा मानसून राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अगले चार से पांच दिनों में पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, कोटा और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 19 से 21 अगस्त के बीच कोटा और भरतपुर संभाग में बारिश तेज हो सकती है। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और तेज बहाव वाले स्थानों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जमशेदपुर: बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित हो गई. बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस का फुटवॉल्व खराब होने से सोमवार सुबह और शाम जलापूर्ति ठप रही, जिससे करीब 1140 क्वार्टर में रहने वाले हजारों लोगों को पानी की परेशानी झेलनी पड़ी. लगातार दूसरी बार तकनीकी खराबी सामने आने से स्थानीय लोगों में विभाग और जलापूर्ति योजना के संवेदक के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. पांच दिन पहले हुई थी फुटवॉल्व की मरम्मत पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के अनुसार, महज पांच दिन पहले ही फुटवॉल्व की मरम्मत कर पंप को चालू कराया गया था. इसके बावजूद सोमवार को दोबारा फुटवॉल्व में खराबी आ गई और पंप बंद हो गया. पंप के चालू नहीं होने के कारण मंगलवार सुबह भी जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना जताई गई है. मामले की जानकारी विभाग के जेई आशुतोष कुमार और एसडीओ जितेंद्र कुमार को दे दी गई है. विभाग की ओर से खराबी को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. 1.80 करोड़ की योजना, फिर भी बार-बार सामने आ रही समस्या स्थानीय लोगों के अनुसार, बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के तहत बिष्टुपुर में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से फिल्टर पंप हाउस का निर्माण कराया गया है. इसके बावजूद पंप हाउस में लगातार तकनीकी खराबी आने से योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि निर्माण और रखरखाव की नियमित निगरानी होती तो इतनी जल्दी दोबारा फुटवॉल्व खराब नहीं होता. बार-बार पंप बंद होने से हजारों लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है. उपायुक्त से मिलकर जांच की मांग करेंगे लोग पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने कहा कि मंगलवार को उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा जाएगा. इसमें बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस के साथ पूरी जलापूर्ति योजना की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की जाएगी. इसके अलावा योजना के निर्माण और रखरखाव में संवेदक की जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग भी की जाएगी. लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की स्थानीय लोगों का कहना है कि हर कुछ दिनों में तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बाधित होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं. सुबह और शाम पानी नहीं मिलने से परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है. लोगों ने विभाग से सिर्फ तत्काल मरम्मत के बजाय जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी खामियों को दूर कर स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि 1140 घरों में नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके.