Monsoon Update

Lightning strikes and heavy rainfall in Jharkhand raise concerns as weather alerts remain active until August 8
झारखंड में ठनका का कहर: वज्रपात से 18 लोगों की मौत, 8 अगस्त तक बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश और वज्रपात ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में हादसे खेतों में काम करने के दौरान हुए। मौसम विज्ञान केंद्र ने भी राज्य के कई हिस्सों में 8 अगस्त तक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। ऐसे में खासकर खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दो से तीन घंटे की मूसलाधार बारिश मंगलवार दोपहर के बाद झारखंड के कई जिलों में अचानक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में दो से तीन घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कांके में करीब 76 मिमी, लोहरदगा में 46 मिमी और रांची में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, मेदिनीनगर में 10 मिमी और खूंटी में करीब 5 मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हुईं। खेतों में काम कर रहे लोगों पर टूटा कहर राज्य में हुई मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की है जो बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे थे। ग्रामीण इलाकों में धान रोपाई और खेती से जुड़े काम के दौरान अचानक बिजली गिरने से कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया। पलामू के मोहम्मदगंज में 38 वर्षीय पुष्पा देवी की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव में 45 वर्षीय कदरून खातून की जान चली गई। लातेहार में भी वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई है। सदर थाना क्षेत्र के जालिम निवासी शिवनाथ उरांव की मौत हो गई, जबकि होटवाग गांव में निर्मला देवी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। चंदवा प्रखंड के सुरली गांव में 18 वर्षीय उपेंद्र उरांव भी वज्रपात की चपेट में आ गए। दुमका और चतरा में भी हादसे दुमका के रामगढ़ क्षेत्र में धान रोपाई के दौरान गिदबन्ना गांव की 20 वर्षीय आलतामुनी मरांडी की मौत हो गई। इसके अलावा बाबूलाल हेंब्रम और रोहित कुंअर की भी खेत में काम करने के दौरान बिजली गिरने से मौत की जानकारी सामने आई है। इस घटना में कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। चतरा के लावालौंग क्षेत्र के चानी गांव में 30 वर्षीय संजय भुईयां की भी वज्रपात से मौत हो गई। वहीं गिरिडीह में स्थिति और गंभीर रही। यहां ठनका गिरने की घटनाओं में चार किशोरों समेत 10 लोगों की मौत की खबर है, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान खुले खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 8 अगस्त तक कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। 5 अगस्त: गढ़वा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की चेतावनी है। रांची में भी एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 6 अगस्त: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। 7 अगस्त: रांची, खूंटी, सिमडेगा, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, पलामू, गढ़वा, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए 8 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या सावधानी बरतें? बारिश के दौरान बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। 18 मौतों ने बढ़ाई चिंता झारखंड में वज्रपात से हुई 18 मौतें मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की गंभीर चुनौती को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।  

surbhi अगस्त 5, 2026 0
Bihar weather update with yellow rain alert in 12 districts and humid conditions across 26 districts on July 30, 2026
Bihar Weather Update: बिहार के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, 26 जिलों में उमस करेगी परेशान; जानें अपने जिले का हाल

Bihar Weather Update 30 July 2026: बिहार में गुरुवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। दूसरी ओर, राज्य के बाकी 26 जिलों में बारिश की संभावना कम है और लोगों को दिनभर गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम के इस बदलाव के बीच बिहार में मानसून की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को व्यापक बारिश का इंतजार है। इन 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। चंपारण समेत इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं के आसपास विशेष सतर्कता रखना जरूरी होगा। 26 जिलों में उमस से राहत मिलने के आसार कम बिहार के बाकी 26 जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन व्यापक बारिश के आसार कम हैं। बारिश नहीं होने की स्थिति में तेज धूप और हवा में नमी के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। दिन के समय गर्मी महसूस होने के बाद शाम को कुछ इलाकों में बादल बनने और हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश? पिछले 24 घंटे के दौरान खगड़िया में बारिश दर्ज की गई। पटना सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की हवा चली, लेकिन कई इलाकों में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। इससे साफ है कि बिहार में बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है। कुछ जिलों में बारिश हो रही है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में गर्मी और उमस का दौर जारी है। बिहार में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश बिहार में इस मानसून सीजन अब तक बारिश की स्थिति सामान्य से काफी कमजोर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि तक राज्य में करीब 485.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक सिर्फ 285.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश हुई है। मानसून की यह कमी खेती और जल उपलब्धता के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। क्यों कमजोर पड़ा है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार में मानसून कमजोर रहने के पीछे प्रमुख कारण मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से हटना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। इस वजह से बिहार तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है। जब तक बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब तक राज्य में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना सीमित रह सकती है। दिन में गर्मी और शाम को बारिश क्यों? बिहार के कई इलाकों में इन दिनों एक अजीब मौसम पैटर्न देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और उमस रहती है, जबकि शाम या रात के समय अचानक बादल बनकर बारिश हो जाती है। इसके पीछे गर्मी और नमी का संयोजन प्रमुख कारण है। दिन में जमीन के गर्म होने से गर्म हवा ऊपर उठती है। जब यह हवा वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क में आती है तो कुछ इलाकों में बादल बन सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है। इसी वजह से एक जिले में बारिश होने के बावजूद आसपास के जिलों में मौसम सूखा रह सकता है। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना कम है। धूप निकलने के कारण उमस परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के समय बादल छाने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बिहार के मौसम पर एक नजर 12 जिलों में: बारिश का येलो अलर्ट 5 जिलों में: बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा की संभावना 26 जिलों में: उमस और गर्मी का असर मानसून बारिश: सामान्य से करीब 41 फीसदी कम पटना: बादल छाए रहने की संभावना, उमस से परेशानी

surbhi जुलाई 30, 2026 0
झारखंड में भारी बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी 3 दिनों के मौसम अलर्ट की तस्वीर
झारखंड में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, रांची-खूंटी समेत कई जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 27 से 29 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कई इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।   28 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 28 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा में भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।   29 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर 29 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। दक्षिणी और मध्य झारखंड में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी, हालांकि भारी बारिश का दायरा पहले की तुलना में कुछ सीमित रह सकता है।   राज्य में अब भी सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 26 जुलाई तक झारखंड में 325 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे कई जिलों में खेती-किसानी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।   तीन जिलों में सूखे जैसे हालात चतरा, गढ़वा और पाकुड़ में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी है, जिसे मौसम विभाग ने 'स्कैंटी' श्रेणी में रखा है। वहीं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और साहिबगंज ऐसे जिले हैं, जहां वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
देशभर में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में बादल फटने और असम में बाढ़ की स्थिति
Weather Alert: देशभर में अगले 2-3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में बादल फटा; असम की बाढ़ से 68 की मौत

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, असम में भीषण बाढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में जलभराव की स्थिति के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।   हिमाचल में बादल फटने से सात गांवों का संपर्क टूटा   हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में शनिवार रात बादल फटने से भारी तबाही हुई। तेज बहाव में एक पुल और सड़क बह गई, जिससे सात गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली का काम शुरू कर दिया है।   असम में बाढ़ से 68 लोगों की मौत   असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। सोनोवाल फिलहाल राज्य के दौरे पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।   गुजरात और दादरा नगर हवेली में सेना संभाल रही मोर्चा   गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में लगातार बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है। अब तक 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।   आईएमडी ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान लगातार जारी है।    

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain is forecast across several districts with IMD weather alert.
झारखंड में फिर सक्रिय होगा मॉनसून, 27-28 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रांची: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (डिप्रेशन) के प्रभाव से राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 27 से 30 जुलाई के बीच अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। अगले 24 घंटों में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने तथा 27 जुलाई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के बीच प्रवेश करने की संभावना है। इसी मौसम प्रणाली के कारण झारखंड में मॉनसून दोबारा सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। अगले पांच दिनों तक बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 27 जुलाई: गुमला, खूंटी, रांची और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई: पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। झारखंड में अब भी 29 प्रतिशत कम बारिश इस मानसून सीजन में झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 26 जुलाई तक राज्य में केवल 325 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में लगभग 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद कम बारिश के कारण राज्य में खरीफ फसलों, खासकर धान की रोपाई प्रभावित हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे किसानों को धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में राहत मिलेगी। हालांकि भारी बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह भी दी गई है।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
Dark monsoon clouds over Bihar as heavy rain, thunderstorms, strong winds and lightning alerts are issued across 22 districts.
बिहार के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी

पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। इन 22 जिलों में जारी हुआ मौसम अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मौसम बिगड़ सकता है। इन जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मंगलवार को कैसा रहा मौसम? राजधानी पटना में मंगलवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। बीच-बीच में हल्की धूप निकलने के बाद शाम होते-होते फिर आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पटना के आसपास के जिलों में भी मौसम का यही हाल रहा। वहीं खगड़िया, सीतामढ़ी और कटिहार में अच्छी बारिश हुई, जबकि नालंदा और वैशाली में पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। अगले 3 से 4 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में उमस महसूस हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे पूरे बिहार में व्यापक और झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम में लगातार बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव की मुख्य वजह मानसूनी सिस्टम का लगातार मजबूत और कमजोर होना है। जब नमी वाली हवाएं सक्रिय होती हैं तो बादल बनते हैं और बारिश होती है। बारिश रुकने के बाद धूप निकलते ही हवा में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। यही वजह है कि राज्य में कभी बारिश तो कभी गर्मी और उमस का दौर देखने को मिल रहा है। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासन की सलाह का पालन करें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

surbhi जुलाई 22, 2026 0
Weather Alert
मौसम विभाग का अलर्ट: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, उत्तर-पूर्व से लेकर बिहार-झारखंड तक सतर्क रहने की सलाह

रांची। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी वर्षा को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।   पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में ज्यादा खतरा आईएमडी के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 जुलाई तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय में अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है।   उत्तर और मध्य भारत में भी असर उत्तराखंड में 18 जुलाई तक तथा हिमाचल प्रदेश में 16 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।   दक्षिण और पश्चिम भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हीटवेव जैसी स्थिति भी बनी रह सकती है। पश्चिमी भारत में कोंकण, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश की संभावना है।   मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
Delhi Weather Update
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। गुरुवार सुबह से कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।   कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक पर असर   लगातार बारिश के कारण दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और कई स्थानों पर यातायात धीमी गति से चलता रहा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है।   IMD ने ऑरेंज अलर्ट के साथ दी चेतावनी   भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश, गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताते हुए लोगों को मौसम संबंधी सलाह का पालन करने को कहा है।   उड़ानों और दैनिक सेवाओं पर भी पड़ा असर   खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। कुछ उड़ानों के संचालन में देरी की आशंका को देखते हुए एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है और उन्हें एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है।   प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी   प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने तथा केवल आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   अगले 24 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण   मौसम विभाग के अनुसार, मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है और दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
IMD Weather Alert
IMD ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, आंधी, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसून और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है।   70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं   IMD के मुताबिक कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना भी जताई गई है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   मानसून रहेगा सक्रिय   IMD के अनुसार, उत्तर भारत के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा। आने वाले दिनों में कई राज्यों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain, thunderstorms, lightning, and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather Update: 2 जुलाई को 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
monsoon 2026
जून 2026 बना पिछले 100 वर्षों का तीसरा सबसे सूखा जून, कमजोर मानसून ने बढ़ाई किसानों की चिंता

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में इस वर्ष मानसून की धीमी शुरुआत का असर अब साफ-साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 पिछले 100 वर्षों का तीसरा सबसे सूखा जून बनने की ओर अग्रसर है। महीने के अंत तक देशभर में सामान्य से करीब 42% कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे खेती, जलाशयों और पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।   खेती पर सबसे ज्यादा असर   कम बारिश का सबसे बड़ा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा है। 25 जून तक खरीफ फसलों की बुआई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23% कम रही। धान, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इस साल कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।   कई राज्यों में गंभीर वर्षा की कमी   मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। हालांकि कुछ राज्यों में हाल के दिनों में बारिश बढ़ने से स्थिति में आंशिक सुधार देखने को मिला है, लेकिन देश के बड़े हिस्से में अब भी वर्षा का कम होना सबक बना हुआ है।   जुलाई से सुधार की उम्मीद   मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह से मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। यदि अगले कुछ दिनों में व्यापक और लगातार बारिश होती है तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खरीफ सीजन को राहत मिल सकती है।   सरकार और राज्यों की तैयारी   कमजोर मानसून को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने कृषि एवं जल संसाधन विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसानों को कम पानी वाली फसलों, जल संरक्षण और वैकल्पिक कृषि उपाय अपनाने की भी सलाह दी जा रही है ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में मानसून की दमदार वापसी, रांची समेत 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। रविवार दोपहर से मौसम का मिजाज बदला और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह से राजधानी रांची सहित 20 से अधिक जिलों में बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में आज से मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और दोपहर बाद अच्छी बारिश की संभावना है।   मौसम विभाग ने बताया मौसम विभाग ने बताया कि मानसून 4 जुलाई तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से 30 जून और 1 जुलाई को उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।   बारिश के कारण  बारिश के कारण अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 18 मिमी बारिश सरायकेला में दर्ज की गई, जबकि बहरागोड़ा का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा। रांची का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री गिरकर 30.7 डिग्री सेल्सियस और हजारीबाग का तापमान 4.9 डिग्री की गिरावट के साथ 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्यभर में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने किसानों को खेतों में जलजमाव से बचाव की सलाह दी है, क्योंकि अधिक पानी से धान की नर्सरी, मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, खुले स्थानों पर जाने से बचने और वज्रपात के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की भी अपील की गई है। 1 जून से अब तक झारखंड में सामान्य से 62 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा में और सबसे अधिक सिमडेगा में रिकॉर्ड की गई है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Dark rain clouds over Bihar as heavy rain and heat wave alerts issued across multiple districts
बिहार में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 14 जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। जहां सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दक्षिण बिहार के कई जिले अभी भी गर्मी और हीट वेव जैसी परिस्थितियों का सामना करेंगे। मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इन 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार सीमांचल और उत्तर-पूर्वी बिहार के छह जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले: Madhubani Supaul Araria Kishanganj Purnia Katihar इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 14 जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति दूसरी ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में अभी भी उमस भरी गर्मी और हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं: Buxar Bhojpur Patna Begusarai Arwal Jehanabad Nalanda Sheikhpura Lakhisarai Nawada Gaya Aurangabad Kaimur Rohtas हालांकि इन इलाकों में भी बादल छाए रहने, गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बिहार में क्यों दिख रहा है दो तरह का मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में फिलहाल दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर बिहार से पूर्वी बिहार तक ट्रफ रेखा सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में दक्षिण बिहार में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। बिजली चमकने पर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज गर्मी वाले जिलों में पर्याप्त पानी पीते रहें। किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून बिहार के और अधिक हिस्सों में सक्रिय हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।  

surbhi जून 25, 2026 0
Dark monsoon clouds and rainfall over Jharkhand as IMD issues yellow alert for several districts.
झारखंड में मॉनसून हुआ सक्रिय, 27 जून तक कई जिलों में येलो अलर्ट; बारिश और वज्रपात की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब से बिहार तक सक्रिय टर्फ और झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक बने दूसरे टर्फ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। गुमला में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 40.2 मिलीमीटर बारिश गुमला जिले के चैनपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा— रांची में 35.6 मिमी बारिश बोकारो में 35.5 मिमी बारिश नामकुम में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी झारखंड और राजधानी क्षेत्र के आसपास के जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 23 जून से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में— गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात, और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।  

surbhi जून 22, 2026 0
Dark clouds over Ranchi city as rain and strong winds hit Jharkhand under orange weather alert.
झारखंड में मौसम ने ली करवट, रांची समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शुक्रवार, 19 जून को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और मध्य झारखंड के आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए रांची सहित 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन 14 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ गिरिडीह कोडरमा बोकारो धनबाद देवघर दुमका जामताड़ा गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की आशंका जताई गई है। रांची का तापमान 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया। 24 जून तक सभी जिलों में येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 जून तक पूरे झारखंड में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसी को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार को कहां कितनी बारिश हुई? गुरुवार को सबसे अधिक 14 मिमी बारिश देवघर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मेदिनीनगर और बोकारो में भी हल्की बारिश हुई। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो: मेदिनीनगर – 42°C बोकारो – 38.1°C जमशेदपुर – 36.6°C चाईबासा – 36.8°C रांची – 35.1°C वज्रपात और आंधी के दौरान बरतें ये सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान: किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों। बिजली के खंभों, मोबाइल टावर और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। मोबाइल फोन का अनावश्यक इस्तेमाल करने से बचें। समूह में होने पर एक जगह भीड़ लगाने के बजाय थोड़ी दूरी बनाकर खड़े रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतकर वज्रपात से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।  

surbhi जून 19, 2026 0
Dark clouds and heavy rain over Ranchi as IMD issues orange alert across several districts of Jharkhand.
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 18-19 जून को रांची समेत 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते रांची समेत 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 और 19 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 और 19 जून को दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची के अलावा खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची का तापमान कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना होने की संभावना है। 20 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी झारखंड के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जून में सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 67 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा सामान्य से 56 प्रतिशत कम रही। ऐसे में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

surbhi जून 18, 2026 0
Jharkhand weather alert
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज: 18-19 जून को रांची समेत 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

रांची। झारखंड में लंबे समय से कमजोर पड़े मॉनसून के एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात और बारिश की संभावना को देखते हुए रांची समेत 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।   इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है।   अन्य जिलों में येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी तेज हवा, गरज-चमक और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।   20 जून को भी रहेगा बारिश का असर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी राज्य के कई इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका है।   सामान्य से 56 फीसदी कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से 56 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां 67 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है, वहीं इस बार वर्षा का स्तर काफी कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में मॉनसून के सक्रिय होने से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Dark clouds gather over Jharkhand as rain and thunderstorm alert issued for multiple districts.
झारखंड के कई जिलों में आज बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची: झारखंड में दो दिनों की सुस्ती के बाद एक बार फिर मॉनसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 17 जून को तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 जून को भी लगभग ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। 19 जून से और बिगड़ सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 19 जून से मौसम का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। रांची समेत राज्य के 17 जिलों में तीन दिनों तक तेज आंधी, वज्रपात और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ कोडरमा गिरिडीह बोकारो धनबाद पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां देवघर जामताड़ा दुमका पाकुड़ साहिबगंज गोड्डा इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ी गर्मी पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण राज्य के कई जिलों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। मेदिनीनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में बहुत कम वर्षा हुई और केवल कांके क्षेत्र में एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 22 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है और कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।  

surbhi जून 17, 2026 0
Jharkhand Weather update
12 जून को झारखंड के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलेंगी

रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है।  12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्‌डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।   14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।   वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

anjali kumari जून 12, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain and monsoon activity are expected across several districts.
झारखंड में 17 जून तक मॉनसून की एंट्री की संभावना, आज इन जिलों में बारिश के आसार

भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  

surbhi जून 9, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना

रांची। झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का रुख बदलने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई क्षेत्रों में मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही झारखंड में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगी हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के अनुसार, 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 जून को झारखंड के दक्षिणी और मध्य भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 8 जून को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 9 जून को भी दक्षिणी और मध्य झारखंड में मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान तेज हवाएं लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने और मौसम सुहावना होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा पाकुड़ जिले में 80 मिमी रिकॉर्ड की गई, जिससे मानसून की दस्तक के संकेत और मजबूत हुए हैं।

Unknown जून 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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