रांची: झारखंड में दो दिनों की सुस्ती के बाद एक बार फिर मॉनसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 17 जून को तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 जून को भी लगभग ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। 19 जून से और बिगड़ सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 19 जून से मौसम का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। रांची समेत राज्य के 17 जिलों में तीन दिनों तक तेज आंधी, वज्रपात और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ कोडरमा गिरिडीह बोकारो धनबाद पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां देवघर जामताड़ा दुमका पाकुड़ साहिबगंज गोड्डा इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ी गर्मी पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण राज्य के कई जिलों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। मेदिनीनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में बहुत कम वर्षा हुई और केवल कांके क्षेत्र में एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 22 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है और कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है। 12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। 14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
रांची। झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का रुख बदलने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई क्षेत्रों में मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही झारखंड में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगी हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के अनुसार, 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 जून को झारखंड के दक्षिणी और मध्य भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 8 जून को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 9 जून को भी दक्षिणी और मध्य झारखंड में मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान तेज हवाएं लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने और मौसम सुहावना होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा पाकुड़ जिले में 80 मिमी रिकॉर्ड की गई, जिससे मानसून की दस्तक के संकेत और मजबूत हुए हैं।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। राज्य के कई हिस्सों में 5 और 6 जून को बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। बढ़ते तापमान ने बढ़ाई परेशानी गुरुवार को राजधानी Ranchi का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं Medininagar में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। Jamshedpur में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। 5 जून को बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही: वज्रपात की आशंका 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश राजधानी रांची सहित कई जिलों में शाम के समय मौसम सुहावना हो सकता है। 6 जून को भी बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 7 और 8 जून का पूर्वानुमान 7 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश कई जगहों पर गर्जन के साथ बारिश बादल छाए रहने की संभावना 8 जून पूर्वी और मध्य भागों में वज्रपात की संभावना 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, लेकिन झारखंड पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में मानसून 17 से 20 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते प्रवेश कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसका असर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों पर भी पड़ सकता है। क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक? मौसम वैज्ञानिक Abhishek Anand के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। हालांकि गरज वाले बादल बनने और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को बीच-बीच में राहत मिलती रहेगी।
झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। India Meteorological Department के रांची केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 4 जून को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 4 जून को राज्य के पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। 5 जून को भी बारिश के आसार 5 जून को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। रांची में अगले कुछ दिनों का मौसम राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 5 जून तक आंशिक बादल छाए रहने और गर्जन वाले बादल बनने की संभावना है। वहीं 6 और 7 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार— अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा Hazaribagh में दर्ज की गई, जहां 2.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से वज्रपात की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
MP-राजस्थान समेत 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दावा किया है कि मानसून की केरलम में एंट्री हो गई है। इसके असर से केरलम के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर अगले 7 दिन भारी बारिश हो सकती है। इस बार मानसून 3 दिन लेट है। आमतौर पर यह 1 जून को केरलम पहुंचता है। इसके बाद डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। मौसम विभाग ने पहले अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरलम पहुंचेगा। इन राज्यों में प्री मानसून का असर इधर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून एक्टिव है। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड्स यहां 50 से 70kmph की रफ्तार से आंधी-बारिश करवा सकते हैं। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड या CB क्लाउड (बादल) मौसम के पावरहाउस माने जाते हैं। तेज आंधी, बिजली और गरज वाले तूफान इन्हीं बादलों के कारण बनते हैं। गर्मी से झुलस रहे ये राज्य हालांकि, देश के कई राज्यों में अभी भी गर्मी कम नहीं हुई है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में हर साल मानसून आने से पहले एक शब्द जो सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है वो है - El Niño। मौसम वैज्ञानिक हों, किसान हों या आम लोग, सबकी नजर इस climate pattern पर रहती है। वजह साफ है — अगर El Niño मजबूत हुआ, तो इसका असर बारिश से लेकर खेती, गर्मी और महंगाई तक दिखाई दे सकता है। आखिर El Niño है क्या? El Niño एक प्राकृतिक मौसमीय घटना (Climate Pattern) है, जो प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के तापमान से जुड़ी होती है। जब समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म होने लगता है तब समुद्र का तापमान बढ़ता है, हवा का flow बदलता है और बारिश का pattern गड़बड़ा सकता है, जिससे दुनिया भर के मौसम का संतुलन बदल सकता है। El Niño कैसे काम करता है? सामान्य दिनों में Pacific Ocean की हवाएं गर्म पानी को एक दिशा में धकेलती रहती हैं। लेकिन El Niño आने पर: Trade winds कमजोर पड़ जाती हैं समुद्र की सतह ज्यादा गर्म होने लगती है बारिश का pattern बदल जाता है कहीं ज्यादा बारिश, कहीं सूखा जैसी स्थिति बन सकती है भारत को इससे खतरा क्यों होता है? भारत एक कृषि प्रधान देश है। भारत की अर्थव्यवस्था और खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। जब El Niño मजबूत होता है, तो अक्सर चिंता बढ़ जाती है क्योंकि: मानसून कमजोर पड़ सकता है बारिश uneven हो सकती है खेती प्रभावित हो सकती है Heatwave ज्यादा पड़ सकती है खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं
झारखंड में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और आने वाले कुछ दिनों तक कई जिलों में बारिश, मेघ गर्जन और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी। कई जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की स्थितियां बन रही हैं। इससे दिन के तापमान में राहत मिल सकती है, हालांकि उमस का असर कुछ इलाकों में बना रह सकता है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवा के साथ बिजली चमकने और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिनों में बढ़ सकता है तापमान हालांकि बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है और मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है। 3 से 8 जून तक येलो अलर्ट जारी मौसम केंद्र ने 3 जून से 8 जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 3 जून: कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना। 4 और 5 जून: पूर्वी झारखंड, विशेषकर संताल परगना क्षेत्र और राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में तेज हवा चलने का अनुमान। 6 जून: उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं की आशंका। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
Jharkhand में आने वाले दिनों में मौसम राहत लेकर आ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के कई जिलों में 1 जून से 6 जून तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। एक सप्ताह तक बदल सकता है मौसम India Meteorological Department के रांची मौसम केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। हालांकि बारिश और बादलों की वजह से तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 2 जून से आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान: खुले मैदानों में जाने से बचें पेड़ों के नीचे खड़े न हों बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें वज्रपात के समय सुरक्षित भवन या घर के अंदर रहें मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखें डालटनगंज रहा सबसे गर्म रविवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान Daltonganj में दर्ज किया गया, जहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान: रांची: 33.0°C जमशेदपुर: 34.4°C बोकारो: 35.5°C देवघर: 33.4°C डालटनगंज: 39.2°C वहीं रांची का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी होगा।
झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य का मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को बारिश हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह रांची में अचानक आसमान पर घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। राज्यभर में हुई बारिश, तापमान में आई बड़ी गिरावट मौसम विभाग के अनुसार राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा Bokaro में 25 मिमी और रांची में 15 मिमी रिकॉर्ड की गई। बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। रांची का तापमान 24 घंटे में 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। Medininagar में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस कम हुआ। Jamshedpur का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस घटा। Chaibasa में तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे आया। लगातार पड़ रही गर्मी के बाद यह बदलाव लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को रांची समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में: 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज के साथ बारिश हो सकती है। वज्रपात की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। रविवार को भी बारिश के आसार रविवार के लिए पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में: तेज हवा मेघ गर्जन बारिश वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 1 और 2 जून को कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 और 2 जून को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। हालांकि राज्य के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम सुहावना बना रह सकता है। लगातार हो रही बारिश और तापमान में गिरावट से यह संकेत मिल रहा है कि झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां अब तेजी पकड़ रही हैं।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार को सुबह सुबह झमाझम बारिश हुई। इस दौरान हवाएं भी तेज गति से चलती रहीं। सुबह में खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर पड़ा। खराब मौसम के कारण शनिवार सुबह रांची आने वाली सभी फ्लाइट कोलकाता डायवर्ट कर दी गईं। संजय सेठ की फ्लाइट भी डायवर्ट खराब मौसम के कारण रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की फ्लाइट भी कोलकाता डायवर्ट हुई। वह दिल्ली जा रहे थे। सुबह-सुबह हुई बारिश शनिवार सुबह रांची में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे और झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस दौरान काले बादल ऐसे छाये कि पूरा शहर अंधेरे की चादर में लिपटा नजर आया। इस दौरान पूरी तरह रात का नजारा दिखा। बारिश इतनी तेज थी कि अपर बाजार की गलियां पानी में डूब गई। सुबह सुबह हुई इस मुसलाधार बारिश से मौसम पूरी तरह खुशगवार हो गया। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। ...बारिश..विद ऑडियो... इधर, मौसम विभाग ने, राजधानी रांची सहित 13 जिलों में तेज आंधी-बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि रविवार को पूरे राज्य में आंधी-बारिश के साथ ठनका गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी हवा दरअसल मौसम का यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण है। मौसम विभाग की माने तो इन जिलों में 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। बीते शुक्रवार भी राज्य के अलग-अलग जिलों में सुबह-सुबह बारिश हुई थी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तापमान में गिरावट बारिश के कारण राजधानी रांची का तापमान में पिछले 24 घंटे में 8.6 डिग्री सेल्सियस का गिरावट दर्ज किया गया, जबकि मेदिनीनगर का तापमान में 6.5 डिग्री सेल्सियस का गिरावट हुआ। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 4 डिग्री और चाईबासा का तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
रांची। झारखंड में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिलनी शुरू हो गई है। बुधवार से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम सुहाना होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि Medininagar में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। खूंटी में सबसे ज्यादा बारिश बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। खूंटी में सबसे अधिक 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बोकारों में 16 मिमी और जमशेदपुर में करीब पांच मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रांची के कई इलाकों में भी हल्की बारिश हुई, जिससे उमस और गर्मी में कमी आई। अगले पांच दिनों तक खराब मौसम के आसार मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक के अनुसार, अगले पांच दिनों तक झारखंड में मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। साथ ही कई जिलों में गर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश और ठंडी हवाओं की वजह से अधिकतम तापमान में और गिरावट आएगी। मेदिनीनगर अब भी सबसे गर्म राज्य में सबसे ज्यादा तापमान मेदिनीनगर में दर्ज किया गया। वहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर रांची के तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि एक-दो दिनों में मेदिनीनगर में भी तापमान कम होगा। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।
रांची। झारखंड में अगले 72 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम केंद्र के अनुसार खूंटी और गुमला समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। वहीं धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा समेत मध्य झारखंड के जिलों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 19 मई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। 20 मई को पूर्वी और मध्य झारखंड में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 मई को पलामू, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी। तापमान में भी बढ़ोतरी राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर, बोकारो और रांची में भी तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
Jharkhand में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 16 से 21 मई तक झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए 17 और 18 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 17 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को Ranchi समेत धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। स्थिति को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश व वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 मई को भी खराब रहेगा मौसम 18 मई को भी मौसम में ज्यादा राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने रांची, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए इन क्षेत्रों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन जिलों में लू का असर एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी जारी रहेगा। Garhwa, Palamu और Latehar में 16 से 18 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 17 मई को चतरा जिले में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। मेदिनीनगर के तापमान में बड़ी गिरावट लगातार मौसम बदलने के बीच Medininagar के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन अगले 24 घंटों में तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मई की तपती गर्मी के बीच राज्य के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को राहत दी है, लेकिन साथ ही मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी भी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 मई तक राज्यभर में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। राजधानी Ranchi में बुधवार दोपहर और रात को हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। शहर में करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। तेज हवा की वजह से कुछ क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को राज्य में सबसे ज्यादा बारिश Chaibasa में दर्ज की गई। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। रांची का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा Jamshedpur में 36 डिग्री, Bokaro में 34.1 डिग्री और चाईबासा में 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। 14 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक 14 मई को राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 15 और 16 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट 15 मई को Godda, Sahibganj, Pakur, Dumka, Deoghar, Jamtara और Giridih जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 16 मई को रांची समेत पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में तेज हवा, गर्जन और बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों से सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें। 19 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 19 मई तक राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का असर बना रहेगा। इस दौरान तेज हवा, वज्रपात और बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 17 मई को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा को छोड़कर ज्यादातर जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई को राज्य के अधिकांश जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। इसे लेकर कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा।रांची में कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर गए। वहीं Hazaribagh, Bokaro और Jamshedpur में भी तेज हवा के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 15 मई को रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। इसे देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 18 मई तक जारी रहेगा बदला मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। 17 और 18 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पलामू में बढ़ी गर्मी एक ओर जहां कई जिलों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर जारी है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.2 डिग्री बढ़ा। तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर पड़े। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मई को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा को छोड़कर बाकी अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। Ranchi सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 15 मई को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, Ramgarh, Bokaro, Giridih, Dhanbad, Dumka, Jamtara, Deoghar, Godda, Sahibganj और Pakur में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 18 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मई को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पलामू में फिर बढ़ी गर्मी एक तरफ राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। वहीं Bokaro का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.4 डिग्री कम रहा।
रांची। झारखंड में पिछले 3 दिनों से हो रही बारिश और अगले चार-पांच दिनों तक इसके जारी रहने की संभावना किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रही है। इस बारिश से एक ओर जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर यह किसानों के लिए फायदेमंद भी साबित हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार राय के मुताबिक हाल ही में हुई बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आगामी दिनों में होने वाली लगातार बारिश से किसानों को लाभ मिलेगा। खेतों में नमी आयेगी उन्होंने कहा कि इस बारिश से खेतों में नमी आएगी, जिससे फिलहाल लगी सब्जियों को फायदा होगा और उनके विकास में मदद मिलेगी, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ होगा। किसानों को सिंचाई के इस कार्य से राहत डॉ. अजय कुमार राय ने यह भी बताया कि अप्रैल माह की शुरुआत में पड़ी भीषण गर्मी के कारण सब्जी उत्पादक और बागवानी करने वाले किसानों को प्रतिदिन सिंचाई करनी पड़ती थी। लेकिन, पिछले दो दिनों से हुई बारिश ने किसानों को सिंचाई के इस कार्य से राहत दी है। इसके अतिरिक्त, इस बारिश से आम के फलों को भी अच्छा फायदा होगा और आम की अच्छी पैदावार की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जिन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि हुई है, वहां आम की फसल को थोड़ा नुकसान भी पहुंचा है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, बारिश से होने वाले नमी से किसान खेतों में थोड़ी गहरी जुताई कर उसे फिलहाल छोड़ दें। बारिश से जमीन में नमी बनी रहेगी उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से जमीन में नमी बनी रहेगी, जो अगले एक-दो महीने बाद तैयार होने वाली फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। डॉ. राय ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस बारिश का अधिकतम लाभ उठाएं।
झारखंड में मौसम ने करवट ले ली है। हालिया बारिश के बाद जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं अब India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में 2 से 7 मई तक खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। किन इलाकों में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में बारिश की संभावना कम है। 3 मई को भी लगभग यही स्थिति बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 4 से 7 मई के बीच मौसम और सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाओं (40 से 50 किमी/घंटा) के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। तापमान में मामूली बदलाव राजधानी Ranchi और आसपास के क्षेत्रों में 2 से 5 मई के बीच अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है। क्या सावधानियां बरतें? मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है: आंधी-तूफान और बिजली गिरने के समय घर के अंदर ही रहें खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें अनावश्यक यात्रा न करें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें यह मौसम बदलाव जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।