झारखंड मौसम

Dark clouds over Jharkhand city with heavy rain and lightning during sudden weather change
झारखंड में बदला मौसम: रांची-कोडरमा में झमाझम बारिश, 13 जिलों में अलर्ट जारी

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार शाम को रांची और कोडरमा समेत कई इलाकों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक झारखंड में बारिश और खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में विशेष चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिन जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है, उनमें शामिल हैं: पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। रविवार और सोमवार को और बढ़ेगा असर मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को मौसम का असर और तेज हो सकता है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अप्रैल में गर्मी का रिकॉर्ड टूटने के संकेत हालांकि अभी बारिश से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। वर्ष 2016 में 42 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बना था, जो इस बार टूटने की संभावना जताई जा रही है। महीने के अंत तक हीट वेव जैसी स्थिति भी बन सकती है। तापमान और बारिश का ताजा अपडेट पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रामगढ़ में सबसे ज्यादा 5 मिमी बारिश हुई सरायकेला में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
People riding bikes and cycling in heavy rain on city road in Jharkhand amid changing weather conditions
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज: 27-28 मार्च को बारिश की चेतावनी, तेज धूप से बढ़ेगा UV खतरा

झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। एक ओर जहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर 27 और 28 मार्च को बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। 24 से 26 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा। 27-28 मार्च को बारिश और गरज के आसार 27 और 28 मार्च को झारखंड के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है। इस दौरान मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप से बढ़ेगा UV किरणों का खतरा भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इन जिलों में बढ़ी गर्मी राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है: सरायकेला: 34.4°C (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 33.6°C जमशेदपुर: 33.5°C बोकारो: 33.1°C रांची: 27.9°C (4.2 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा में 35°C तक पहुंच सकता है पारा कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा में अगले 24 घंटों में तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। रात की ठंडक अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई जिलों में 36-37°C तक जाएगा तापमान देवघर, धनबाद, जामताड़ा और गोड्डा में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में पारा 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिणी झारखंड के सिंहभूम इलाके में तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है। 29 मार्च से फिर साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च के बाद फिर से मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क स्थिति लौट आएगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह दोपहर में तेज धूप से बचें अधिक मात्रा में पानी पिएं हल्के और ढीले कपड़े पहनें बाहर निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

surbhi मार्च 24, 2026 0
Rooftop shed collapsed on vehicles after strong storm winds in Ranchi skyline building area
रांची में तेज आंधी से रूफटॉप शेड गिरा, बड़ा हादसा टला; कई वाहन क्षतिग्रस्त, आज भी बारिश के आसार

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को अचानक बदले मौसम ने अफरा-तफरी मचा दी। तेज आंधी और बिजली की गर्जना के बीच कडरू मेन रोड स्थित स्काईलाइन बिल्डिंग में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक रेस्तरां के रूफटॉप पर लगा शेड टूटकर नीचे गिर गया।   शेड गिरा, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवा के झोंकों के कारण रूफटॉप शेड अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हालांकि, नीचे खड़ी चार कारें और छह दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।   अचानक बदले मौसम से मची अफरा-तफरी सोमवार दोपहर बाद रांची के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने से वातावरण पूरी तरह बदल गया। इस दौरान कई जगहों पर कमजोर और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रही।   आज भी बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को रांची में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।   अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा खराब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।   सतर्कता ही सुरक्षा इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। समय रहते सतर्कता बरतने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Ranchi as cyclonic circulation triggers storm and hail alert in Jharkhand
बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर, रांची समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

  बांग्लादेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अब झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में अचानक मौसम बदल गया। दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और शाम होते-होते कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। करीब दो घंटे तक चली बारिश के दौरान रांची में लगभग 9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान कांके और रातू इलाके में तेज हवाएं चलीं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को अचानक बढ़ी गर्मी से राहत मिली।   तापमान में आई गिरावट बारिश का असर तापमान पर भी पड़ा। रांची का अधिकतम तापमान करीब 2.8 डिग्री सेल्सियस घटकर 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह गिरावट ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान फिर से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।   15 जिलों में यलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने बुधवार को रांची समेत राज्य के 15 जिलों में मेघ गर्जन, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना जताई है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। जिन जिलों में चेतावनी जारी की गई है, उनमें खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।   घने कोहरे से हवाई सेवाएं प्रभावित मंगलवार सुबह से दोपहर तक रांची में घना कोहरा भी छाया रहा। कोहरे की वजह से हवाई सेवाओं पर असर पड़ा और एक विमान को रांची की जगह कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। इस कारण यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।   13–14 मार्च को मौसम रहेगा साफ मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 मार्च को आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उमस बढ़ने की आशंका है। वहीं 15 मार्च से मौसम फिर करवट ले सकता है। 15 और 16 मार्च को सुबह के समय कोहरा और दिन में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Waterlogged streets and flooded shops after sudden rain in Katras market area of Dhanbad Jharkhand
धनबाद के कतरास में बे-मौसम बारिश से हालात बिगड़े, सड़कों पर भरा पानी; दुकानों में घुसा नाली का गंदा पानी

  अचानक बारिश ने बिगाड़े हालात झारखंड के धनबाद जिले के कतरास कोयलांचल में सोमवार को हुई अचानक तेज आंधी और बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश में इलाके की कई प्रमुख सड़कें पानी से भर गईं। मुख्य बाजारों में पानी इस कदर जमा हो गया कि सड़कों पर नदी जैसा दृश्य देखने को मिला। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। बारिश थमने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके। खराब जलनिकासी व्यवस्था के कारण जगह-जगह पानी जमा रहा और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखाई दिया, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई।   सब्जी पट्टी और रानी बाजार में जलभराव से यातायात बाधित तेज बारिश के बाद कतरास के सब्जी पट्टी और रानी बाजार इलाके की गलियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। सड़क पर जलभराव के कारण आवागमन लगभग ठप हो गया। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों तक जाम से जूझना पड़ा। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा न लगा पाने के कारण असंतुलित होकर गिरते भी देखे गए।   दुकानों में घुसा नाली का गंदा पानी बारिश के बाद नालियों का गंदा पानी बाजार की दुकानों तक पहुंच गया। सब्जी पट्टी के कई छोटे दुकानदारों की दुकानों में पानी घुसने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदारों की सब्जियां पानी में खराब हो गईं। दुकानदारों ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही ऐसी स्थिति बन जाती है, तो भारी बारिश के समय हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। गंदे पानी के बीच खड़े होकर उन्हें अपनी दुकानों को संभालना पड़ा।   नगर निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल स्थानीय लोगों ने जलभराव के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। वार्ड के कई इलाकों में वर्षों से जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।   आंधी से पेड़ गिरे, दीवार ढही तेज आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर बड़े पेड़ गिर गए, जिससे कुछ समय के लिए सड़कें भी बाधित हो गईं। वहीं तेज बारिश के कारण एक माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी की चारदीवारी भी गिर गई। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0