Women Safety

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee leads a candle march in Kolkata demanding justice for the Baruipur minor victim.
बरुईपुर रेप-मर्डर केस: पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग पर ममता बनर्जी का कैंडल मार्च, BJP सरकार पर साधा निशाना

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को कोलकाता की सड़कों पर कैंडल मार्च निकालते हुए नजर आईं। इस दौरान उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की और राज्य की भाजपा सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध ममता बनर्जी ने कालीघाट से सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि यह मार्च बरुईपुर की पीड़िता को श्रद्धांजलि देने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग के लिए आयोजित किया गया। मार्च के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं और दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिलनी चाहिए। "पीड़ित परिवार से मिलने नहीं जाने दिया" फेसबुक पर साझा किए गए अपने संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वह पीड़िता के परिवार से मिलने बरुईपुर जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने फोन पर पीड़िता के परिजनों से बात कर उन्हें हरसंभव मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप ममता बनर्जी ने दावा किया कि कैंडल मार्च के दौरान भी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न और अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है तथा सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा नहीं मिलती। त्वरित न्याय की मांग टीएमसी प्रमुख ने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। पुराने बयानों को लेकर भी चर्चा बरुईपुर घटना के बीच ममता बनर्जी के पुराने बयान भी एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2012 के कटवा सामूहिक दुष्कर्म मामले और 2022 के हंसखाली प्रकरण में दिए गए उनके बयानों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि उन मामलों में उन्होंने शुरुआती चरण में घटनाओं को लेकर अलग रुख अपनाया था, जबकि टीएमसी का कहना है कि वर्तमान मामले में पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामले की जांच जारी बरुईपुर में हुई इस वारदात की जांच पुलिस कर रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
West Bengal launches the Durga Suraksha Squad, women's help desks, cyber crime help desks, and the Dial-112 emergency response initiative to strengthen law enforcement and women's safety.
पश्चिम बंगाल में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ की शुरुआत, महालया से शुरू होगी डायल-112 सेवा; 5 मिनट में पुलिस पहुंचाने का लक्ष्य

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने नबान्न सभागार से ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’, साइबर क्राइम हेल्प डेस्क और महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि महालया से राज्यभर में डायल-112 आपातकालीन सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस किसी भी थाना क्षेत्र में पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे। क्या है ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’? ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए गठित एक विशेष पुलिस इकाई है। यह टीम सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त करेगी तथा महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। सरकार के अनुसार, इस स्क्वाड का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। एक साल में 5 मिनट रिस्पॉन्स टाइम का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पुलिस की औसत प्रतिक्रिया समय लगभग तीन घंटे है, जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पुलिस औसतन छह मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष के भीतर पश्चिम बंगाल में भी पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर पांच मिनट करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके लिए इस वर्ष के बजट में प्रत्येक थाने को डायल-112 सेवा के लिए एक वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अगले बजट में इन वाहनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। 500 थानों में महिला हेल्प डेस्क सरकार ने राज्य के 500 पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष हेल्प डेस्क राज्य के सभी थानों में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े मामलों की त्वरित शिकायत दर्ज करना और जांच प्रक्रिया को तेज करना है। पुलिस के आधुनिकीकरण का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक एजेंसियों के अनुरूप विकसित किया जाएगा और पुलिस के कामकाज में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना और आम नागरिकों को तेज एवं भरोसेमंद पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।  

Deepshikha जुलाई 3, 2026 0
SHe-Box 2.0 portal displayed on a digital screen, promoting safe and harassment-free workplaces for women in India.
SHe-Box 2.0: कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बना प्रभावी डिजिटल मंच, 22 भाषाओं में उपलब्ध पोर्टल

  नई दिल्ली: केंद्र सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एसएचई-बॉक्स 2.0 (Sexual Harassment Electronic Box) को एक प्रभावी शिकायत निवारण मंच के रूप में विकसित किया है। ‘मिशन शक्ति’ के तहत संचालित है पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, एसएचई-बॉक्स 2.0 केंद्र सरकार की प्रमुख योजना ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। यह पोर्टल कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार किया गया है। 29 अगस्त 2024 को लॉन्च हुआ था SHe-Box 2.0 बदलती कार्य संस्कृति और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 29 अगस्त 2024 को एसएचई-बॉक्स 2.0 लॉन्च किया था। यह एक तकनीक आधारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकती हैं। महिलाएं अपनी शिकायत की स्थिति और कार्रवाई की प्रगति की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकती हैं। नोडल अधिकारियों और शिकायत समितियों से जुड़ा है पोर्टल पोर्टल को राज्य और जिला स्तर के नोडल अधिकारियों, विभिन्न संस्थानों की आंतरिक शिकायत समितियों (Internal Committees-IC) और स्थानीय समितियों (Local Committees-LC) से जोड़ा गया है। इससे शिकायतों की निगरानी और उनके समयबद्ध निपटारे की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनी है। 22 भाषाओं में उपलब्ध, सुरक्षित और गोपनीय प्लेटफॉर्म एसएचई-बॉक्स 2.0 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुरक्षित, गोपनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल व्यवस्था है। महिलाएं बिना किसी डर, दबाव या पहचान उजागर होने की चिंता के अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं। यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की महिलाओं के लिए इसका उपयोग आसान हो गया है। महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में बड़ा कदम केंद्र सरकार का मानना है कि एसएचई-बॉक्स 2.0 महिलाओं को न्याय दिलाने, उनकी शिकायतों के त्वरित निपटारे और कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। यह प्लेटफॉर्म महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें निर्भय होकर कार्य करने का वातावरण प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।  

Deepshikha जून 18, 2026 0
Doctor Accused
रांची में डॉक्टर पर छेड़खानी का आरोप

रांची। रांची के टाटीसिलवे थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। 21 वर्षीय युवती ने एक डॉक्टर पर दांत के इलाज के दौरान अश्लील हरकत और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  इलाज के दौरान डॉक्टर ने की अश्लील हरकत जानकारी के अनुसार यह घटना टाटीसिलवे बैंक मोड़ स्थित एक क्लिनिक की बताई जा रही है। अनगड़ा क्षेत्र की रहने वाली युवती इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंची थी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने मर्यादा की सीमाएं पार करते हुए उसके साथ गलत व्यवहार किया और आपत्तिजनक सवाल पूछे।   जोर-जोर से चिल्लाने लगी पीड़िता के अनुसार उसने डॉक्टर की हरकतों का विरोध किया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर वह घबरा गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। शोर सुनकर डॉक्टर ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद युवती किसी तरह क्लिनिक से बाहर निकली और घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। फिर युवती अपने परिवार के साथ टाटीसिलवे थाना पहुंची और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। पुलिस जुटी मामले की जांच मे टाटीसिलवे थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्य के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Unknown मई 25, 2026 0
Chinmayi Sripada reacts strongly to Twisha Sharma and Deepika Nagar dowry harassment death cases
ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर केस पर भड़कीं चिन्मयी श्रीपदा, समाज की सोच पर उठाए सवाल

Chinmayi Sripada ने भोपाल की एक्ट्रेस Twisha Sharma और ग्रेटर नोएडा की Deepika Nagar की मौत के मामलों पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर समाज की उस मानसिकता पर सवाल उठाए, जिसमें शादी के बाद बेटियों को “ससुराल की जिम्मेदारी” मान लिया जाता है। इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी है। चिन्मयी श्रीपदा ने क्या कहा? चिन्मयी श्रीपदा ने अपने पोस्ट में भारतीय समाज और कुछ माता-पिताओं की सोच पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि कई परिवार बेटियों को “सामान” की तरह ससुराल भेज देते हैं, मानो उनकी कोई वापसी नहीं हो सकती। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा: “ट्विशा की मौत इस बात का सबूत है कि कई भारतीय माता-पिता अपनी बेटी को एक वस्तु मानते हैं, जिसे ससुराल में सौंप दिया जाता है और जिसकी कोई रिटर्न पॉलिसी नहीं होती। लड़की ससुराल में मर जाए। कन्यादान के बाद यही सम्मान की बात है। है ना?” उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के रिएक्शन चिन्मयी के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि: दहेज की मांग को शुरुआत में ही सख्ती से रोकना चाहिए बेटियों को प्रताड़ना सहने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए परिवारों को बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना चाहिए वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि: क्या परिवारों को स्थिति की पूरी जानकारी थी? अगर प्रताड़ना हो रही थी तो पुलिस शिकायत क्यों नहीं की गई? क्या है दीपिका नागर केस? ग्रेटर नोएडा की रहने वाली दीपिका नागर की शादी करीब 14 महीने पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। परिवार के मुताबिक: शादी में करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए टोयोटा कार भी दी गई इसके बावजूद 50 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर गाड़ी की मांग की गई परिजनों का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 17 मई को उनकी मौत की खबर सामने आई। ट्विशा शर्मा केस में क्या आरोप हैं? भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके परिवार ने: पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि ट्विशा को लगातार परेशान किया जा रहा था। वहीं ससुराल पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ट्विशा को ड्रग्स की समस्या थी। परिवार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है। दहेज प्रथा पर फिर उठे बड़े सवाल इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा और शादी के बाद बेटियों के प्रति समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग: दहेज विरोधी कानूनों को और सख्त बनाने महिलाओं के लिए सपोर्ट सिस्टम मजबूत करने और परिवारों को जागरूक करने की मांग कर रहे हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
Former London imam Abdul Halim Khan sentenced to life imprisonment in sexual abuse case
लंदन में पूर्व इमाम को उम्रकैद, ‘जिन्न’ और ‘काले जादू’ का डर दिखाकर महिलाओं-बच्चियों से करता था रेप

London में एक पूर्व इमाम को महिलाओं और बच्चियों के साथ रेप और यौन शोषण के गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरोपी Abdul Halim Khan धार्मिक प्रभाव और अंधविश्वास का इस्तेमाल कर पीड़ितों को डराता था। अदालत में सामने आया कि वह खुद के भीतर “जिन्न” होने और “काला जादू” करने की शक्ति होने का दावा करता था। इसी डर का फायदा उठाकर वह महिलाओं और नाबालिग लड़कियों का शोषण करता था। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद Snaresbrook Crown Court में हुई सुनवाई के बाद जस्टिस लेस्ली कथबर्ट ने आरोपी को लाइफ इम्प्रिजनमेंट की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि पैरोल पर विचार किए जाने से पहले आरोपी को कम से कम 20 साल जेल में बिताने होंगे। 21 मामलों में दोषी करार अब्दुल हलीम खान को 2004 से 2015 के बीच सात महिलाओं और बच्चियों के साथ रेप, यौन उत्पीड़न और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों समेत कुल 21 मामलों में दोषी पाया गया। जूरी ने उसे 9 रेप, 4 यौन उत्पीड़न और कई गंभीर यौन अपराधों में दोषी ठहराया। बांग्लादेशी मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को बनाया निशाना जांच में सामने आया कि आरोपी ने खास तौर पर पूर्वी लंदन के Tower Hamlets इलाके में रहने वाले बांग्लादेशी मुस्लिम समुदाय की महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाया। उसे पता था कि धार्मिक गुरु होने के कारण समुदाय में उसका प्रभाव है और पीड़ित सामाजिक बदनामी या डर की वजह से उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगी। ‘काला जादू’ का डर दिखाकर करता था धमकी अदालत में बताया गया कि आरोपी पीड़ितों को धमकाता था कि अगर उन्होंने किसी को कुछ बताया तो वह उनके परिवार पर “काला जादू” कर देगा। इसी डर और धार्मिक विश्वास का फायदा उठाकर वह वर्षों तक अपराध करता रहा। 50 से ज्यादा गवाह, लंबी जांच के बाद खुला मामला Metropolitan Police और Crown Prosecution Service ने इस मामले की लंबी जांच की। जांच के दौरान: 50 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए 10 मोबाइल फोन की जांच हुई सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं को समझाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली गई पीड़ितों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी गवाही पहले से रिकॉर्ड कराई गई थी। आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष पूरी जांच और सुनवाई के दौरान आरोपी लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा। उसने आरोपों को साजिश करार दिया और कहा कि बदला लेने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, अदालत ने सभी सबूतों और गवाहियों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई। अदालत की टिप्पणी अदालत ने कहा कि आरोपी ने धार्मिक विश्वास और सामाजिक सम्मान का बेहद गलत तरीके से इस्तेमाल किया और कमजोर महिलाओं व बच्चियों का शोषण किया।  

surbhi मई 16, 2026 0
Delhi Police investigates private bus after woman alleges gangrape in moving vehicle
दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप का आरोप, 2 आरोपी गिरफ्तार

महिला ने प्राइवेट बस में गैंगरेप का लगाया आरोप राष्ट्रीय राजधानी New Delhi में एक महिला ने प्राइवेट बस में गैंगरेप का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक घटना महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस ने बस भी की जब्त अधिकारियों ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि बस “Royal Travels & Cargo” नामक कंपनी की थी, जिसका कार्यालय फरीदाबाद में स्थित बताया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। रात में बस में बैठाने का आरोप शिकायत के अनुसार महिला को रात के समय समय पूछने के बहाने बस में बैठाया गया। इसके बाद चलती बस में कई लोगों द्वारा उसके साथ करीब दो घंटे तक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि बस दिल्ली के रानी बाग इलाके में कई किलोमीटर तक घूमती रही। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले की तुलना निर्भया कांड से करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता की स्थिति बनी हुई है। पुलिस जांच जारी दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और सभी जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Khunti tribal girl
खूंटी की आदिवासी युवती दिल्ली 17 साल बनी रही बंधक, यौन शोषण के बाद गर्भपात भी कराया गया

खूंटी। झारखंड के खूंटी की आदिवासी युवती को 17 साल तक दिल्ली में बंधक बनाकर रखा गया। युवती से घरेलू मजदूरी कराई गयी। साथ ही उसका यौन शोषण भी किया गया। इस दौरान उसका गर्भपात कराये जाने की बात भी सामने आई है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।  काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जाई गई थी युवती ने बताया कि साल 2009 में जेटा मुंडा नामक व्यक्ति उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली लाया था। उस समय वह 14 साल की थी। उसे कोहाट एन्क्लेव स्थित मधु अग्रवाल के घर पर घरेलू काम के लिए सौंप दिया गया। युवती का आरोप है कि उस दौरान उसे अपने परिवार से बात तक नहीं करने दिया गया और उसके पिता की मौत की खबर भी उससे छिपाई गई।  मालिक की बहू बेटी ने युवती का गर्भपात कराया दिल्ली पुलिस से की गई शिकायत के मुताबिक घर में काम करने वाले एक व्यक्ति ने डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती हुई तो मकान मालिक की बहू और बेटी ने उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि हाल ही में छत पर नहाते समय एक अन्य युवक ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसे मालिक ने CCTV में देख लिया था, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। नवंबर 2025 में जब पीड़िता का भाई उसे लेने आया तो उसे 10,000 रुपये देकर वापस भेज दिया गया।  खूंटी पुलिस कर रही जांच अब 9 अप्रैल 2026 को जब परिजन दोबारा आए तो मालिक ने 17 साल की मजदूरी के बदले मात्र 1.40 लाख रुपये का डीडी और 15,000 रुपये नकद देकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है। दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना में मामला दर्ज होने की सूचना मिलते ही खूंटी पुलिस सक्रिय हो गई है। महिला थाना सह एएचटीयू थाना प्रभारी फुलमनी टोप्पो ने बताया कि दिल्ली में दर्ज शिकायत के आधार पर खूंटी पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यह पुराना मामला है और खूंटी जिले में कभी शिकायत दर्ज नही कराया गया था।

Unknown मई 11, 2026 0
Villagers protest outside Shantiniketan police station after minor gang rape in Birbhum
शांति निकेतन में मानवता शर्मसार: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा थाना

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शांति निकेतन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महिदापुर इलाके में, एक होम (आश्रय गृह) में रहने वाली नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कर्मभूमि पर हुई इस दरिंदगी ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। "काकू, मैं आपकी बेटी जैसी हूं": पीड़िता की रुलाई अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रही पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, वह किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी वे लोग थे जिन्हें वह 'काकू' (चाचा) कहकर बुलाती थी और पिता समान मानती थी। नाबालिग ने बताया कि वह दरिंदों के सामने गिड़गिड़ाती रही और उनके पैर पकड़कर गुहार लगाती रही कि वह उनकी अपनी बेटी की तरह है। लेकिन उन हैवानों पर मासूम की चीखों का कोई असर नहीं हुआ; वे उसकी बेबसी का मजाक उड़ाते रहे और बारी-बारी से उसके साथ कुकर्म किया। प्रमुख घटनाक्रम और ग्रामीणों का आक्रोश आंदोलन की चेतावनी: घटना की खबर मिलते ही महिदापुर के ग्रामीण उग्र हो गए। उन्होंने शांति निकेतन थाने का घेराव किया और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। अल्टीमेटम: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर सभी अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। अस्पताल में इलाज: पीड़िता की गंभीर शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे बोलपुर उप-मंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिसिया कार्रवाई की स्थिति मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच तेज कर दी गई है और संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है। हालांकि, ताजा जानकारी मिलने तक आधिकारिक रूप से किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीण इस बात से सबसे अधिक आहत हैं कि यह घटना विश्व भारती जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के निकट घटी है, जो शांति और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Mumbai police arrest man for stalking former colleague and sending obscene messages
मुंबई में बड़ा मामला: पूर्व महिला सहकर्मी का पीछा और अश्लील हरकतें, युवक गिरफ्तार

19 वर्षीय युवती ने लगाए गंभीर आरोप, आरोपी निजी कंपनी में करता था काम मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी पूर्व महिला सहकर्मी को लगातार परेशान करने, उसका पीछा करने और अश्लील तस्वीरें व वीडियो भेजने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। ऑफिस WhatsApp ग्रुप से मिला नंबर पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने जिस टेली-कॉलिंग कंपनी में काम किया था, वहां आरोपी से कभी सीधे बातचीत नहीं हुई थी। लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर कथित तौर पर ऑफिस के WhatsApp ग्रुप से हासिल किया और उसे मैसेज व कॉल करना शुरू कर दिया। लगातार अश्लील मैसेज और मानसिक प्रताड़ना युवती के अनुसार, आरोपी लगातार आपत्तिजनक संदेश और अश्लील सामग्री भेजता रहा। उसने कई बार चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने हरकतें बंद नहीं कीं। इसके बाद मामला और गंभीर होता चला गया। इंटरफेथ रिलेशन का दबाव डालने का आरोप पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उस पर एक अंतरधार्मिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। उसके मुताबिक आरोपी ने कई बार आपत्तिजनक बातें कही और उसे रिश्ते के लिए मनाने की कोशिश की। गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ महिला की गरिमा भंग करने, पीछा करने और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़े कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77 (गोपनीयता का उल्लंघन), 78 (पीछा करना), 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द या व्यवहार) समेत IT एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं मामले की जांच जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने अन्य महिलाओं को भी इसी तरह परेशान किया था। यह घटना महाराष्ट्र में चल रहे एक अन्य संवेदनशील मामले के बीच सामने आई है, जिसमें IT सेक्टर की कुछ कंपनियों में महिला कर्मचारियों से जुड़े उत्पीड़न के आरोप भी चर्चा में हैं।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Police investigation scene in Delhi after brutal rape and murder case linked to Alwar incident
अलवर से दिल्ली तक दरिंदगी: पूर्व नौकर ने 12 घंटे में 2 वारदात, IRS अधिकारी की बेटी की हत्या

  एक रात में दो अपराध, देश को झकझोर देने वाली घटना दिल्ली और राजस्थान से सामने आई इस सनसनीखेज घटना ने पूरे देश को हिला दिया है। 23 वर्षीय आरोपी राहुल मीणा ने कथित तौर पर 12 घंटे के भीतर दो जघन्य अपराधों को अंजाम दिया। पहले उसने Alwar में अपनी पड़ोसी महिला के साथ दुष्कर्म किया, और इसके कुछ घंटों बाद Delhi पहुंचकर अपने पूर्व नियोक्ता के घर में उनकी 22 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी। अलवर में पहली वारदात, धमकी देकर फरार पुलिस के अनुसार, आरोपी ने रात करीब 10:30 बजे पड़ोसी के घर में घुसकर महिला के साथ मारपीट की और फिर दुष्कर्म किया। वारदात के बाद उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। इस मामले में अलवर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली में दूसरी वारदात, घर में घुसकर हत्या अगली सुबह आरोपी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में स्थित अपने पूर्व नियोक्ता के घर पहुंचा। उस समय घर में युवती अकेली थी। करीब एक घंटे के भीतर उसने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। जब युवती के माता-पिता घर लौटे, तो उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ हालत में पाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती के साथ दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या की गई। CCTV से खुला राज, 15 टीमों ने किया गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 15 टीमें बनाई थीं। CCTV फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया। फुटेज में आरोपी को घर में प्रवेश और बाहर निकलते हुए अलग-अलग कपड़ों में देखा गया। ऑटो चालक की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। पहले नौकरी से निकाला गया था आरोपी आरोपी पहले पीड़िता के घर में काम करता था, लेकिन उसे कथित वित्तीय गड़बड़ी और सट्टेबाजी की आदत के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। जांच में सामने आया है कि वह पैसे के लिए धोखाधड़ी करता था और कर्ज में डूबा हुआ था। कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू कर्मचारियों के वेरिफिकेशन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त जांच और सुरक्षा उपायों की तत्काल जरूरत है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Police investigation outside homestay in Karnataka after assault case involving foreign tourist
कर्नाटक के होमस्टे में अमेरिकी महिला से दुष्कर्म, मालिक समेत 2 गिरफ्तार

  होमस्टे में घटी गंभीर वारदात कर्नाटक के कोडागु जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना एक होमस्टे में हुई, जहां महिला ठहरी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी होमस्टे का एक कर्मचारी और मालिक शामिल हैं। तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने महिला के कमरे में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बावजूद होमस्टे मालिक ने पीड़िता की मदद नहीं की। इसके बजाय, उस पर आरोप है कि उसने महिला को करीब तीन दिनों तक कमरे में बंद रखा, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे धमकाया ताकि वह शिकायत दर्ज न करा सके। मैसूर पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत घटना लगभग एक सप्ताह पहले की बताई जा रही है। किसी तरह वहां से निकलने के बाद पीड़िता मैसूर पहुंची, जहां उसने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। अमेरिकी दूतावास से सूचना मिलने के बाद कर्नाटक पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में कोडागु के पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें 3 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।  

surbhi अप्रैल 22, 2026 0
Anganwadi teacher assaulted in Sangareddy, Telangana.
Telangana Case: आंगनवाड़ी शिक्षिका को पेड़ से बांधकर पीटा, 5 आरोपियों पर केस दर्ज

संगारेड्डी (तेलंगाना): तेलंगाना के संगारेड्डी जिले से एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां एक आंगनवाड़ी शिक्षिका को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या है पूरा मामला? घटना कंगटी मंडल के रासोल गांव की है पीड़िता की पहचान वसंत कुमारी के रूप में हुई है वह गांव में आंगनवाड़ी शिक्षिका के तौर पर कार्यरत हैं आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने उनके पति पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गुस्से में आकर शिक्षिका को ही निशाना बना लिया पेड़ से बांधकर की गई पिटाई आरोपियों ने पहले पीड़िता को पकड़कर पेड़ से बांध दिया फिर बेरहमी से मारपीट की मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं माने पुलिस ने दर्ज किया केस पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है पुलिस का कहना है: जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सख्त कार्रवाई होगी समाज में आक्रोश स्थानीय लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की महिला संगठनों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Prime Minister Narendra Modi announces fast-track courts and strict action against those involved in paper leak cases.
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PM मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक के दोषियों पर सख्ती, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा

kalpana जुलाई 23, 2026 0