इंडिगो

Stock market screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid rising crude oil prices and Middle East tensions.
Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब; इंडिगो समेत बैंकिंग और मेटल शेयरों में गिरावट

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। सुबह कारोबार के दौरान BSE Sensex 626.40 अंक यानी 0.81% गिरकर 76,942.99 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 50 184 अंक यानी 0.76% टूटकर 24,022.90 पर कारोबार करता दिखा। मध्य पूर्व तनाव से बाजार पर दबाव बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव रही। रिपोर्ट्स के अनुसार, सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, जिसके बाद ईरान ने एक बार फिर Strait of Hormuz को बंद करने का दावा किया। यह समुद्री मार्ग दुनिया में तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बंद होने की आशंका से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। कच्चे तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा उछाल तनाव बढ़ने के बाद: Brent Crude 4% से अधिक बढ़कर 79.12 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। WTI Crude भी 4% से ज्यादा चढ़कर 74.33 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने लगा। भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है। सभी सेक्टर लाल निशान में सोमवार सुबह बाजार में बिकवाली लगभग सभी सेक्टरों में देखने को मिली। सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सबसे ज्यादा दबाव इन सेक्टरों पर रहा: बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज मेटल मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले थोड़ी कम रही। वहीं India VIX, जिसे बाजार का "फियर इंडेक्स" कहा जाता है, 10% से ज्यादा उछल गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता का संकेत है। इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट सेंसेक्स के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे: टाटा स्टील इंडिगो बजाज फाइनेंस BEL अल्ट्राटेक सीमेंट लार्सन एंड टुब्रो (L&T) टाइटन HDFC बैंक मारुति सुजुकी बजाज फिनसर्व इंडिगो के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 3% तक टूट गए। आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों में बढ़त दर्ज की गई: TCS HCLTech Tech Mahindra NTPC विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद से आईटी सेक्टर को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों की क्या राय है? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे अहम संकेतक कच्चे तेल की कीमत है। उनका कहना है कि यदि Brent Crude 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहता है, तो बाजार पर दबाव सीमित रह सकता है। लेकिन यदि कीमतें 90 डॉलर के ऊपर जाती हैं, तो बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 13, 2026 0
Air India and IndiGo aircraft stop on the same taxiway at Ahmedabad Airport, avoiding a possible collision.
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, आमने-सामने आ गए एअर इंडिया और इंडिगो के विमान

  अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो यात्री विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए। स्थिति गंभीर होने से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और पायलटों की सतर्कता से दोनों विमानों को रोक लिया गया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी रह गई थी। घटना के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे हुई चूक? जानकारी के अनुसार, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग बे की ओर जा रही थी। इसी दौरान विमान निर्धारित मार्ग से हटकर गलत दिशा में मुड़ गया और उस टैक्सीवे पर पहुंच गया, जहां से मुंबई रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-5160 रनवे की ओर बढ़ रही थी। कुछ ही क्षणों में दोनों विमान एक-दूसरे के सामने आ गए। स्थिति को भांपते हुए दोनों विमानों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई। समय रहते टला संभावित हादसा एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, यदि दोनों विमानों को समय पर नहीं रोका जाता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की निगरानी और पायलटों की तत्परता के कारण दोनों विमान सुरक्षित दूरी पर रुक गए। बाद में एअर इंडिया के विमान को विशेष टोइंग वाहन की मदद से खींचकर सही पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। इसके बाद इंडिगो की उड़ान को रनवे की ओर बढ़ने की अनुमति दी गई। एअर इंडिया ने स्वीकार की गलती घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मुंबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद टैक्सी करते समय अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गई थी। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि इस घटना के दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही तथा किसी भी प्रकार का जोखिम उत्पन्न नहीं हुआ। कंपनी ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। इंडिगो ने क्या कहा? इंडिगो ने अपने बयान में बताया कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 अहमदाबाद से मुंबई के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी और टैक्सीवे पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा में आ गया। एयरलाइन के अनुसार, दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। एअर इंडिया के विमान को हटाए जाने के बाद इंडिगो की उड़ान निर्धारित प्रक्रिया के तहत रवाना हुई और सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गई। विमानन नियामक एजेंसियों ने शुरू की जांच घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि टैक्सींग के दौरान एअर इंडिया का विमान निर्धारित मार्ग से कैसे भटक गया और क्या इसमें मानवीय त्रुटि, संचार की समस्या या किसी अन्य तकनीकी कारण की भूमिका थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट संचालन में टैक्सीवे पर होने वाली ऐसी घटनाएं अत्यंत गंभीर मानी जाती हैं और इन्हें "रनवे या टैक्सीवे इन्कर्शन" श्रेणी में रखा जाता है। दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के थे जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के नैरो-बॉडी यात्री विमान थे। यह विमान घरेलू और छोटी से मध्यम दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इन विमानों में सामान्यतः 150 से 180 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। घटना के समय दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एयरबस A320 क्यों है खास? नैरो-बॉडी डिजाइन: विमान में एक सिंगल गलियारा होता है। 150-180 यात्रियों की क्षमता: घरेलू और क्षेत्रीय उड़ानों के लिए उपयुक्त। कम ईंधन खपत: एयरलाइंस के लिए किफायती संचालन। 3,000 से 6,000 किमी तक की उड़ान क्षमता। दुनिया के सबसे लोकप्रिय यात्री विमानों में शामिल।

Deepshikha जून 25, 2026 0
Indigo Kolkata Flight
रांची से कई उड़ानों में कटौती, 1 जुलाई से इंडिगो की रांची-कोलकाता सेवा बंद

रांची। रांची एयरपोर्ट से एक जुलाई से कई रूटों पर उड़ानों की संख्या घट जाएगी। इंडिगो की कोलकाता फ्लाइट, दोपहर दो बजे कोलकाता से रांची पहुंचती थी और 3:30 बजे वापस कोलकाता जाती थी, उसकी बुकिंग एक जुलाई से बंद हो गई है। वहीं, एयर इंडिया ने दिल्ली रूट पर अपनी एक उड़ान सेवा बंद कर दी है। शाम में संचालित होने वाली यह उड़ान भी एक जुलाई से नहीं चलेगी। इसके अलावा इंडिगो ने देवघर-दिल्ली रूट पर शाम की एक उड़ान सेवा भी बंद कर दी है। लगातार हो रही इन कटौतियों से यात्रियों के लिए उपलब्ध उड़ानों की संख्या कम हो जाएगी।  वजह- एयरक्राफ्ट की कमी इंडिगो के एक अधिकारी के अनुसार कंपनी के पास फिलहाल विमानों की उपलब्धता सीमित है, जबकि देशभर में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं कुछ रूटों पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में उपलब्ध विमानों का उपयोग मांग के अनुसार किया जा रहा है। अधिक मांग वाले रूटों को प्राथमिकता देने की रणनीति के तहत कुछ मार्गों पर उड़ानों में कटौती की गई है।

abhishek singh जून 18, 2026 0
Share Market Update
शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 418 अंक उछला; निफ्टी 23,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को मजबूत शुरुआत देखने को मिली। सोमवार की गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी से प्रमुख सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 418.98 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,943.24 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 123.85 अंक यानी 0.54 प्रतिशत चढ़कर 23,246.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। इंडिगो और ट्रेंट समेत कई शेयरों में खरीदारी शुरुआती कारोबार में एविएशन और रिटेल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। इंडिगो और ट्रेंट के शेयर करीब दो प्रतिशत तक चढ़े। वहीं रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई और भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 20 पैसे मजबूत होकर 95.41 पर पहुंच गई। वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक प्रतिशत की गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। एशियाई शेयर बाजारों में भी जोरदार रिकवरी देखने को मिली। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स 1.3 प्रतिशत चढ़कर तीन दिनों की गिरावट को समाप्त करने में सफल रहा। अमेरिकी बाजार और एआई शेयरों से मिला समर्थन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी तकनीकी और चिप कंपनियों के शेयरों में सुधार से वैश्विक निवेश भावना मजबूत हुई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े शेयरों में तेजी ने भी बाजार को सहारा दिया। अमेरिकी सूचकांकों डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी मजबूती दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। आरबीआई की नीतियों और भू-राजनीतिक राहत का असर विशेषज्ञ अजय बग्गा के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) संबंधी नीतिगत पहल से विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम होने से भी निवेशकों की चिंता घटी है। हालांकि विदेशी निवेशकों की हालिया बिकवाली के बावजूद बाजार में सुधार की संभावना बनी हुई है। एशियाई बाजारों में भी दिखी तेजी जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.73 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब 5 प्रतिशत तक उछल गया। वहीं शंघाई बाजार में भी बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों के समर्थन से भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

Unknown जून 9, 2026 0
IndiGo aircraft with stock market rise showing surge in InterGlobe Aviation shares amid positive news
IndiGo के शेयरों में 4 साल की सबसे बड़ी उछाल, जानें 3 बड़ी वजहें

इंडिगो की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation के शेयरों में 8 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 11% तक उछल गया, जो पिछले करीब 4 सालों की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है। पिछले 6 कारोबारी दिनों में से 5 दिन शेयर हरे निशान में रहा है और इस दौरान यह करीब 20% तक चढ़ चुका है, जिससे निवेशकों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। तेजी की 3 बड़ी वजहें 1. AERA का बड़ा फैसला एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने: लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में 25% कटौती की यह राहत 3 महीने के लिए लागू होगी इससे एयरलाइन कंपनियों का ऑपरेटिंग कॉस्ट घटेगा, जो सीधे मुनाफे को बढ़ाएगा। 2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम की खबर के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 15% गिरावट ब्रेंट क्रूड $95 प्रति बैरल से नीचे एयरलाइन सेक्टर के लिए यह बेहद पॉजिटिव है, क्योंकि फ्यूल उनकी लागत का बड़ा हिस्सा होता है। 3.फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का असर इंडिगो ने 2 अप्रैल से: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया अब यात्रियों को ₹275 से ₹950 तक अतिरिक्त देना होगा इससे कंपनी की कमाई (Revenue) बढ़ने की उम्मीद है। नए CEO से बढ़ा भरोसा कंपनी ने William Walsh को नया CEO नियुक्त किया वे पहले British Airways के CEO रह चुके हैं साथ ही IATA के डायरेक्टर जनरल भी रहे हैं उनके अनुभव से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। शेयर का हाल इंट्राडे हाई: ₹4,744 (+11.1%) सुबह ट्रेड: करीब ₹4,673 (+9.5%) पिछले 6 दिनों में: +20.3% उछाल हालांकि 2026 में अब तक: करीब 8.3% गिरावट

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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