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DGR 2026 to Ride Across India

भारत में होगा Distinguished Gentleman's Ride 2026, 50 से ज्यादा शहरों में उतरेंगे रॉयल बाइकर्स

surbhi मई 13, 2026 0
Riders in formal suits with classic motorcycles during Distinguished Gentleman’s Ride event in India
Distinguished Gentleman’s Ride India 2026

Triumph ने 13वें एडिशन का किया ऐलान

ब्रिटिश मोटरसाइकिल कंपनी Triumph Motorcycles India ने भारत में Distinguished Gentleman's Ride (DGR) के 13वें एडिशन की घोषणा कर दी है। यह खास राइड 17 मई 2026, रविवार को देश के 50 से अधिक शहरों में आयोजित की जाएगी। इस ग्लोबल चैरिटी इवेंट का उद्देश्य पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रोस्टेट कैंसर रिसर्च के लिए जागरूकता और फंड जुटाना है।

क्लासिक बाइक और फॉर्मल ड्रेस में दिखेंगे राइडर्स

इस राइड में हिस्सा लेने वाले बाइकर्स क्लासिक और मॉडर्न-क्लासिक मोटरसाइकिलों के साथ फॉर्मल आउटफिट में नजर आते हैं। सूट, टाई और ट्वीड जैकेट पहनकर राइड करने की यह अनोखी परंपरा DGR को खास बनाती है।

इवेंट में सिर्फ Triumph बाइक मालिक ही नहीं, बल्कि किसी भी ब्रांड की क्लासिक या मॉडर्न-क्लासिक बाइक रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। रजिस्ट्रेशन DGR की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू हो चुके हैं।

मुंबई से बेंगलुरु तक कई बड़े शहर होंगे शामिल

इस साल Distinguished Gentleman's Ride देश के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई और हैदराबाद समेत कई शहरों में आयोजित होगा। पिछले साल भी इस आयोजन में बड़ी संख्या में बाइकर्स ने हिस्सा लिया था।

वैश्विक स्तर पर यह इवेंट 100 से ज्यादा देशों में आयोजित किया जाता है और Triumph लंबे समय से इसका आधिकारिक पार्टनर रहा है। प्रतिभागी अपने प्रोफाइल बनाकर फंडरेजिंग कैंपेन में हिस्सा ले सकते हैं और ‘Pay It Forward’ जैसे विकल्पों के जरिए दूसरों की मदद भी कर सकते हैं।

2012 से शुरू हुआ था यह खास अभियान

Distinguished Gentleman's Ride की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। तब से अब तक दुनियाभर में एक लाख से ज्यादा राइडर्स इस अभियान का हिस्सा बन चुके हैं।

भारत में भी यह आयोजन धीरे-धीरे मोटरसाइकिल कल्चर का अहम हिस्सा बन गया है। Triumph के मुताबिक अब भारतीय सड़कों पर कंपनी की 1 लाख से ज्यादा मोटरसाइकिलें दौड़ रही हैं, जिससे DGR कम्युनिटी लगातार मजबूत हो रही है।

फंड जुटाने वालों को मिलेंगे खास इनाम

आयोजकों के अनुसार जो प्रतिभागी कम से कम 250 अमेरिकी डॉलर जुटाएंगे, उन्हें खास रिवॉर्ड्स जीतने का मौका मिलेगा। इनमें कस्टम Triumph Speed Twin 1200 Cafe Racer बाइक भी शामिल है।

कंपनी ने क्या कहा?

Bajaj Auto के प्रो-बाइकिंग प्रेसीडेंट Manik Nangia ने कहा कि Distinguished Gentleman's Ride सिर्फ एक बाइक राइड नहीं, बल्कि एक वैश्विक अभियान है जो बाइकर्स को एक अच्छे उद्देश्य के लिए जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि इस साल का आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि भारत में Triumph मोटरसाइकिलों की संख्या 1 लाख के पार पहुंच चुकी है। कंपनी ने देशभर के बाइकर्स से इस अभियान में शामिल होकर स्टाइल के साथ राइड करने और पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर जागरूकता फैलाने की अपील की है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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भारत में होगा Distinguished Gentleman's Ride 2026, 50 से ज्यादा शहरों में उतरेंगे रॉयल बाइकर्स

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भारतीय टू-व्हीलर बाजार तेजी से बदल रहा है और अब चर्चा एक ऐसी तकनीक की हो रही है, जो आने वाले वर्षों में स्कूटर इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकती है। देश की प्रमुख ऑटो कंपनी Bajaj Auto अपने लोकप्रिय Bajaj Chetak के नए हाइड्रोजन वर्जन पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्कूटर हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी से लैस हो सकता है और एक बार में करीब 280 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा किया जा रहा है। अगर यह तकनीक सफल रहती है, तो यह सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए ही नहीं बल्कि पूरे टू-व्हीलर मार्केट के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। खास बात यह है कि इसे लेकर “पानी से चलने वाले स्कूटर” जैसी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। इलेक्ट्रिक के बाद अब हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी पर दांव Bajaj पहले ही अपने इलेक्ट्रिक चेतक के जरिए ईवी मार्केट में मजबूत पकड़ बना चुकी है। अब कंपनी अगला कदम हाइड्रोजन मोबिलिटी की दिशा में बढ़ाती दिख रही है। माना जा रहा है कि कंपनी ने इस तकनीक से जुड़े पेटेंट पर पहले ही काम शुरू कर दिया था और अब इसकी शुरुआती जानकारी सामने आने लगी है। यह नया स्कूटर पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरी सिस्टम की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकता है। यही वजह है कि इसे मौजूदा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से अलग और ज्यादा एडवांस माना जा रहा है। आखिर कैसे काम करेगी यह टेक्नोलॉजी? हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया कर बिजली तैयार की जाती है। यही बिजली स्कूटर की मोटर को पावर देती है। इस प्रक्रिया में प्रदूषण बेहद कम होता है और मुख्य रूप से पानी ही उप-उत्पाद के रूप में निकलता है। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में “एक लीटर पानी से 280Km” जैसे दावे किए जा रहे हैं, लेकिन तकनीकी रूप से स्कूटर सीधे पानी से नहीं चलता। पहले हाइड्रोजन तैयार करनी होती है, जिसके बाद फ्यूल सेल सिस्टम काम करता है। कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक टेक्निकल डिटेल्स साझा नहीं की हैं। डिजाइन रहेगा रेट्रो, फीचर्स होंगे हाईटेक नई हाइड्रोजन चेतक का डिजाइन मौजूदा इलेक्ट्रिक चेतक की तरह क्लासिक और रेट्रो स्टाइल में रखा जा सकता है। चेतक की पहचान उसके पुराने आइकॉनिक लुक से जुड़ी रही है और कंपनी उसी पहचान को बरकरार रख सकती है। फीचर्स की बात करें तो इसमें डिजिटल स्मार्ट डिस्प्ले, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, नेविगेशन सपोर्ट, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, आधुनिक सेफ्टी सिस्टम और बेहतर राइडिंग मोड्स मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इसे प्रीमियम सेगमेंट में उतार सकती है। लॉन्च और कीमत को लेकर क्या संकेत मिले? फिलहाल कंपनी ने न तो इसकी लॉन्च डेट की पुष्टि की है और न ही कीमत का आधिकारिक ऐलान किया है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ग्राहक इसे लगभग 20 हजार रुपये की डाउन पेमेंट के साथ बुक कर सकते हैं। अगर Bajaj इस स्कूटर को बड़े स्तर पर लॉन्च करती है, तो यह भारत में हाइड्रोजन आधारित टू-व्हीलर सेगमेंट की शुरुआत मानी जा सकती है। क्या भारत में सफल होगी हाइड्रोजन स्कूटर टेक्नोलॉजी? भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सीमित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में हाइड्रोजन आधारित स्कूटर एक वैकल्पिक समाधान बन सकता है। लेकिन इसकी सफलता कई अहम बातों पर निर्भर करेगी– हाइड्रोजन फ्यूल की उपलब्धता रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक की लागत सुरक्षा मानक आम ग्राहकों के लिए कीमत दुनिया की कई बड़ी ऑटो कंपनियां अब इलेक्ट्रिक के साथ-साथ हाइड्रोजन मोबिलिटी पर भी तेजी से काम कर रही हैं। ऐसे में Bajaj का यह कदम संकेत देता है कि भविष्य का भारतीय टू-व्हीलर बाजार सिर्फ बैटरी आधारित ईवी तक सीमित नहीं रहेगा। पूरा ऑटो सेक्टर अब इस बात पर नजर लगाए बैठा है कि क्या हाइड्रोजन चेतक वास्तव में सड़कों पर उतर पाएगा और क्या यह तकनीक आम लोगों के लिए व्यावहारिक साबित होगी।  

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Citroen e C3 electric hatchback parked on city street showcasing compact urban EV design
Citroen e C3: बजट EV सेगमेंट में एंट्री, कीमत और परफॉर्मेंस का संतुलित पैकेज

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच Citroen e C3 एक किफायती और एंट्री-लेवल विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार खासतौर पर शहरी उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, जहां कम दूरी, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जरूरतें प्राथमिक होती हैं। डिजाइन: कॉम्पैक्ट लेकिन SUV जैसा स्टांस Citroen e C3 हैचबैक प्लेटफॉर्म पर बनी है, लेकिन इसकी ऊंची ग्राउंड क्लियरेंस और बॉक्सी डिजाइन इसे मिनी-SUV जैसा लुक देते हैं। इसका कॉम्पैक्ट आकार शहर के ट्रैफिक और टाइट पार्किंग स्पेस में इसे आसानी से मैनेज करने लायक बनाता है। बैटरी और परफॉर्मेंस: शहर के लिए पर्याप्त इसमें 29.2 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के अनुसार इसकी रेंज 320 किमी (MIDC) तक है, लेकिन वास्तविक उपयोग में यह लगभग 200–220 किमी तक ही मिलती है। इलेक्ट्रिक मोटर 57 PS की पावर और 143 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार यह 6.8 सेकंड में पकड़ लेती है, जो सिटी ड्राइविंग के लिहाज से काफी फुर्तीली मानी जाती है। चार्जिंग: फास्ट और होम दोनों विकल्प Citroen e C3 DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे 10% से 80% तक चार्ज होने में करीब 57 मिनट लगते हैं। वहीं, घरेलू चार्जिंग से इसे फुल चार्ज करने में लगभग 10.5 घंटे का समय लगता है–यानी रातभर में आसानी से चार्ज हो सकती है। फीचर्स: जरूरी टेक्नोलॉजी पर फोकस कार में 10.24-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और MyCitroën ऐप कनेक्टिविटी मिलती है। इसके अलावा मैनुअल AC, एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक ORVM जैसे बेसिक लेकिन उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं। स्पेस और कम्फर्ट: सिटी यूज के लिए बेहतर Citroen अपनी सॉफ्ट सस्पेंशन ट्यूनिंग के लिए जानी जाती है, और e C3 में भी यही खासियत देखने को मिलती है। इसमें 315 लीटर का बूट स्पेस और 170 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जिससे खराब सड़कों पर भी ड्राइविंग अपेक्षाकृत आरामदायक रहती है। सेफ्टी: यहां थोड़ा समझौता सुरक्षा के लिहाज से इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS with EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि, Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 0-स्टार रेटिंग मिली है, जो संभावित खरीदारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वेरिएंट और कीमत: पहली EV के तौर पर आकर्षक Citroen e C3 Live, Feel और Shine वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमत इसे बजट EV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं। क्या यह आपके लिए सही विकल्प है? अगर आपकी जरूरत शहर के अंदर रोजाना की ड्राइविंग, कम खर्च और आसान मेंटेनेंस है, तो यह कार एक प्रैक्टिकल ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि, अगर आपकी प्राथमिकता हाई सेफ्टी रेटिंग और एडवांस फीचर्स हैं, तो निर्णय लेने से पहले अन्य विकल्पों पर भी विचार करना जरूरी होगा।  

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