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Why Ertiga ZXi Is the Best Buy Under ₹11 Lakh

₹11 लाख के बजट में 7-सीटर खरीदने की सोच रहे हैं? Maruti Suzuki Ertiga ZXi क्यों है सबसे वैल्यू फॉर मनी वेरिएंट

surbhi जून 29, 2026 0
Maruti Suzuki Ertiga ZXi 7-seater MPV highlighting premium features, spacious cabin, and value-for-money pricing.
Maruti Suzuki Ertiga ZXi Value for Money MPV

नई दिल्ली: अगर आपका बजट करीब 11 लाख रुपये है और आप एक ऐसी 7-सीटर MPV खरीदना चाहते हैं, जो आराम, फीचर्स, माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस का बेहतरीन संतुलन दे, तो Maruti Suzuki Ertiga ZXi आपके लिए सबसे समझदारी भरे विकल्पों में से एक हो सकती है।

अक्सर ग्राहक सीधे टॉप मॉडल खरीदने की सोचते हैं, लेकिन हर बार सबसे महंगा वेरिएंट ही सबसे बेहतर नहीं होता। Ertiga का ZXi वेरिएंट उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो बिना अतिरिक्त खर्च किए लगभग सभी जरूरी प्रीमियम फीचर्स चाहते हैं।

Maruti Suzuki Ertiga ZXi की कीमत

Maruti Suzuki Ertiga ZXi की एक्स-शोरूम कीमत इस प्रकार है:

  • मैनुअल: ₹10.96 लाख
  • CNG: ₹11.92 लाख
  • ऑटोमैटिक: ₹12.31 लाख

इस कीमत पर यह Maruti Suzuki की सबसे लोकप्रिय और किफायती 7-सीटर MPV में से एक है।

इंजन और परफॉर्मेंस

Ertiga में 1.5-लीटर K15C Smart Hybrid पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 101.6bhp की पावर और 139Nm का टॉर्क जनरेट करता है।

इसमें ग्राहकों को:

  • 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स
  • 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स

का विकल्प मिलता है।

वहीं, CNG वेरिएंट में यही इंजन 86.6bhp की पावर और 121.5Nm का टॉर्क देता है। यह उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं।

ZXi वेरिएंट में मिलते हैं ये फीचर्स

Maruti Suzuki Ertiga ZXi में रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • डुअल-टोन इंटीरियर और सीट अपहोल्स्ट्री
  • रियर रूफ स्पॉइलर
  • 60:40 स्प्लिट सेकेंड रो सीट
  • 50:50 स्प्लिट थर्ड रो सीट
  • कलर मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले (MID)
  • पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप
  • तीनों रो के लिए AC वेंट्स
  • सभी पावर विंडो
  • 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
  • Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट
  • 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम
  • मल्टी-फंक्शन स्टीयरिंग व्हील
  • ऑटोमैटिक वेरिएंट में पैडल शिफ्टर्स

क्या ZXi वेरिएंट खरीदना चाहिए?

अगर आपका बजट लगभग 11 लाख रुपये है और आप एक ऐसी 7-सीटर MPV चाहते हैं जिसमें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए लगभग सभी जरूरी फीचर्स मिल जाएं, तो Maruti Suzuki Ertiga ZXi सबसे बेहतर विकल्पों में से एक साबित हो सकती है।

यह वेरिएंट कीमत, फीचर्स, कम्फर्ट, माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के बीच शानदार संतुलन बनाता है। यही वजह है कि इसे Ertiga लाइनअप का सबसे Value for Money वेरिएंट माना जाता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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हुंडई की सॉफ्टवेयर और कनेक्टेड कारों की रणनीति
हुंडई का ‘सॉफ्टवेयर व्हीकल’ लक्ष्य, 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारें बेचने की तैयारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। हुंडई मोटर इंडिया ने भारत में सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी आधारित वाहनों को बढ़ावा देने की अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। कंपनी ने 2027 तक भारत में 10 लाख कनेक्टेड कारों की संचयी बिक्री का लक्ष्य रखा है। कंपनी के मुताबिक अब तक भारत में 8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारें बेची जा चुकी हैं।   8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारें बिकीं     हुंडई के अनुसार भारत में उसकी कनेक्टेड कारों की संचयी बिक्री 8 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। कंपनी के वाहनों में कनेक्टेड तकनीक की पहुंच भी लगातार बढ़ रही है। 2026 में कनेक्टेड कारों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है।   कंपनी का लक्ष्य अब इस संख्या को 2027 तक 10 लाख तक पहुंचाना है। इसके लिए हुंडई अपने कनेक्टेड वाहन प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दे रही है।   सॉफ्टवेयर-आधारित कारों पर बढ़ा फोकस     हुंडई की रणनीति में Software Defined Vehicle (SDV) तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसी कारों में वाहन के कई फीचर्स को सॉफ्टवेयर के जरिए नियंत्रित और समय के साथ अपडेट किया जा सकता है।   कंपनी की नई पीढ़ी की तकनीक में ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट, कनेक्टेड सेवाएं, एआई आधारित फीचर्स और डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं। हुंडई पहले ही अपने कुछ मॉडलों में सॉफ्टवेयर अपडेट और कनेक्टेड तकनीक उपलब्ध करा रही है।   Bluelink बनेगा रणनीति का अहम हिस्सा     हुंडई की Bluelink कनेक्टेड कार तकनीक इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए वाहन मालिक कार की स्थिति, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को स्मार्टफोन से नियंत्रित और मॉनिटर कर सकते हैं।   कंपनी का मानना है कि भारतीय ग्राहक अब केवल इंजन, डिजाइन और माइलेज ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और डिजिटल फीचर्स को भी कार खरीदने के फैसले में महत्व दे रहे हैं। इसी बदलती मांग को देखते हुए हुंडई कनेक्टेड कारों पर अपना फोकस बढ़ा रही है।   भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर का बदलता दौर     कनेक्टेड और सॉफ्टवेयर-आधारित वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार भी पारंपरिक कारों से डिजिटल कारों की ओर बढ़ रहा है। भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट, एआई, कनेक्टेड सेवाएं और एडवांस्ड ड्राइविंग फीचर्स वाहनों की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।   हुंडई का 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारों का लक्ष्य इसी बदलाव को देखते हुए कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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Yamaha R15 V4 और MT-15 के MotoGP एडिशन की वापसी, नई कलर स्कीम के साथ फिर हुए लॉन्च नई दिल्ली, एजेंसियां। Yamaha Motorcycle India ने अपने लोकप्रिय स्पोर्ट्स बाइक मॉडल Yamaha R15 V4 और Yamaha MT-15 को एक बार फिर Monster Energy MotoGP Edition में भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। यह स्पेशल एडिशन पहले भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था। नई बाइक्स में Yamaha की फैक्ट्री MotoGP रेसिंग बाइक YZR-M1 से प्रेरित खास ग्राफिक्स और रेसिंग लिवरी दी गई है। हालांकि कंपनी ने इस बार केवल कॉस्मेटिक बदलाव किए हैं, जबकि इंजन और अन्य मैकेनिकल फीचर्स पहले जैसे ही रखे गए हैं।   कीमत और इंजन में नहीं हुआ बदलाव     नई Yamaha R15 V4 MotoGP Edition की एक्स-शोरूम कीमत 1.76 लाख रुपये रखी गई है, जो स्टैंडर्ड मॉडल से करीब 3,000 रुपये अधिक है। वहीं Yamaha MT-15 MotoGP Edition की कीमत 1.77 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जो कुछ स्टैंडर्ड वेरिएंट्स की तुलना में लगभग 13,000 रुपये महंगी है। दोनों बाइक्स में 155cc का लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 18.4 हॉर्सपावर की पावर और 14.2Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नए MotoGP एडिशन में केवल डिजाइन और ग्राफिक्स अपडेट किए गए हैं, जबकि परफॉर्मेंस और मैकेनिकल सेटअप पहले जैसा ही रहेगा। इसके अलावा Yamaha ने FZ-S Fi Hybrid और FZ-S Fi में भी नए कलर ऑप्शन और अपडेटेड ग्राफिक्स पेश किए हैं, लेकिन उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  

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संसद में फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष, अमित शाह के जवाब को लेकर सियासी घमासान; NDA की 'मंगल मिलन' रणनीति से राहुल गांधी पर निशाना

surbhi अगस्त 11, 2026 0

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