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Citroen e C3: Affordable Urban EV in India

Citroen e C3: बजट EV सेगमेंट में एंट्री, कीमत और परफॉर्मेंस का संतुलित पैकेज

surbhi मई 1, 2026 0
Citroen e C3 electric hatchback parked on city street showcasing compact urban EV design
Citroen e C3 Budget Electric Car India

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच Citroen e C3 एक किफायती और एंट्री-लेवल विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार खासतौर पर शहरी उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, जहां कम दूरी, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जरूरतें प्राथमिक होती हैं।

डिजाइन: कॉम्पैक्ट लेकिन SUV जैसा स्टांस
Citroen e C3 हैचबैक प्लेटफॉर्म पर बनी है, लेकिन इसकी ऊंची ग्राउंड क्लियरेंस और बॉक्सी डिजाइन इसे मिनी-SUV जैसा लुक देते हैं। इसका कॉम्पैक्ट आकार शहर के ट्रैफिक और टाइट पार्किंग स्पेस में इसे आसानी से मैनेज करने लायक बनाता है।

बैटरी और परफॉर्मेंस: शहर के लिए पर्याप्त
इसमें 29.2 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के अनुसार इसकी रेंज 320 किमी (MIDC) तक है, लेकिन वास्तविक उपयोग में यह लगभग 200–220 किमी तक ही मिलती है।
इलेक्ट्रिक मोटर 57 PS की पावर और 143 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार यह 6.8 सेकंड में पकड़ लेती है, जो सिटी ड्राइविंग के लिहाज से काफी फुर्तीली मानी जाती है।

चार्जिंग: फास्ट और होम दोनों विकल्प
Citroen e C3 DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे 10% से 80% तक चार्ज होने में करीब 57 मिनट लगते हैं। वहीं, घरेलू चार्जिंग से इसे फुल चार्ज करने में लगभग 10.5 घंटे का समय लगता है–यानी रातभर में आसानी से चार्ज हो सकती है।

फीचर्स: जरूरी टेक्नोलॉजी पर फोकस
कार में 10.24-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और MyCitroën ऐप कनेक्टिविटी मिलती है।
इसके अलावा मैनुअल AC, एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक ORVM जैसे बेसिक लेकिन उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं।

स्पेस और कम्फर्ट: सिटी यूज के लिए बेहतर
Citroen अपनी सॉफ्ट सस्पेंशन ट्यूनिंग के लिए जानी जाती है, और e C3 में भी यही खासियत देखने को मिलती है। इसमें 315 लीटर का बूट स्पेस और 170 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जिससे खराब सड़कों पर भी ड्राइविंग अपेक्षाकृत आरामदायक रहती है।

सेफ्टी: यहां थोड़ा समझौता
सुरक्षा के लिहाज से इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS with EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि, Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 0-स्टार रेटिंग मिली है, जो संभावित खरीदारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

वेरिएंट और कीमत: पहली EV के तौर पर आकर्षक
Citroen e C3 Live, Feel और Shine वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमत इसे बजट EV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं।

क्या यह आपके लिए सही विकल्प है?
अगर आपकी जरूरत शहर के अंदर रोजाना की ड्राइविंग, कम खर्च और आसान मेंटेनेंस है, तो यह कार एक प्रैक्टिकल ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि, अगर आपकी प्राथमिकता हाई सेफ्टी रेटिंग और एडवांस फीचर्स हैं, तो निर्णय लेने से पहले अन्य विकल्पों पर भी विचार करना जरूरी होगा।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Ather के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आया Pothole+ Alerts फीचर, अब पहले ही मिलेगी गड्ढों और खराब सड़क की चेतावनी

हैदराबाद, एजेंसियां। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता Ather Energy ने अपने Gen 2 और उससे ऊपर के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए नया Pothole+ Alerts फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह फीचर Ather 450 Apex, 450X और Rizta Z जैसे मॉडल्स में उपलब्ध होगा। कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ तरुण मेहता ने बताया कि इस तकनीक को विकसित करने में करीब नौ साल लगे हैं।   गड्ढों और खराब सड़कों की पहले ही मिलेगी जानकारी   Pothole+ Alerts फीचर कंपनी के कनेक्टेड स्कूटर नेटवर्क से जुटाए गए डेटा के आधार पर सड़क पर मौजूद गड्ढों, टूटी सड़कों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और खराब डिजाइन वाले स्पीड ब्रेकर की पहचान करता है। नेविगेशन के दौरान यह फीचर राइडर को आगे आने वाली खराब सड़क की जानकारी पहले ही दे देता है, जिससे सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक बन सकता है।   डैशबोर्ड और ऑडियो अलर्ट से करेगा सतर्क   जब राइडर नेविगेशन का उपयोग करता है, तो स्कूटर के डैशबोर्ड पर चेतावनी दिखाई देती है। इसके साथ ही स्कूटर के स्पीकर के जरिए ऑडियो अलर्ट भी मिलता है। Ather Halo स्मार्ट हेलमेट या ब्लूटूथ हेडसेट इस्तेमाल करने वाले राइडर्स को भी इन डिवाइसों के माध्यम से वॉयस अलर्ट सुनाई देंगे।   लाखों किलोमीटर के डेटा से तैयार हुआ सिस्टम   कंपनी के अनुसार, इस फीचर को भरोसेमंद बनाने के लिए लाखों कनेक्टेड Ather स्कूटर्स से प्राप्त राइडिंग डेटा का उपयोग किया गया है। इसी बड़े डेटाबेस की मदद से सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर राइडर्स को समय रहते अलर्ट भेजा जाता है।   आगे मिलेंगे और स्मार्ट नेविगेशन फीचर्स   Ather Energy का कहना है कि Pothole+ Alerts केवल शुरुआत है। आने वाले समय में कंपनी ऐसी नेविगेशन तकनीक भी लाने की योजना बना रही है, जो सिर्फ सबसे तेज़ नहीं बल्कि बेहतर और कम खराब रास्तों का सुझाव भी दे सके। कंपनी के मुताबिक, यह अपडेट आने वाले हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से सभी Gen 2 और उससे ऊपर के स्कूटर्स के लिए जारी किया जाएगा।

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18 अगस्त को लॉन्च होगी नई Skoda Slavia Facelift, मिलेगा नया लुक और 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स

भारत में मिड-साइज सेडान सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाली Skoda Slavia अब नए अवतार में आने के लिए तैयार है। स्कोडा 18 अगस्त 2026 को Skoda Slavia Facelift लॉन्च करने जा रही है। नई फेसलिफ्ट में आकर्षक एक्सटीरियर डिजाइन, अपडेटेड फीचर्स और बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा बदलाव 1.0-लीटर TSI इंजन के साथ नए 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के रूप में देखने को मिल सकता है। एक्सटीरियर में मिलेगा फ्रेश और प्रीमियम लुक टेस्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों के आधार पर नई Slavia Facelift में कई कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कार में नए डिजाइन वाले LED हेडलैंप, अपडेटेड LED टेललाइट्स, इल्यूमिनेटेड फ्रंट ग्रिल और नए स्टाइल के फ्रंट-रियर बंपर दिए जा सकते हैं। इसके अलावा नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स कार को और प्रीमियम लुक देंगे। इसका डिजाइन नई Kushaq और Kodiaq से प्रेरित हो सकता है। केबिन में मिलेंगे नए फीचर्स इंटीरियर का बेसिक लेआउट पहले जैसा ही रहने की संभावना है, लेकिन फीचर लिस्ट को और बेहतर बनाया जाएगा। नई Slavia में 10.25-इंच का बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, नए सीट फैब्रिक, फ्रंट पार्किंग सेंसर और रियर सीट मसाज फीचर मिलने की उम्मीद है, जिसे हाल ही में नई Kushaq में भी पेश किया गया था। इसके अलावा कार में पहले से मौजूद कई प्रीमियम फीचर्स बरकरार रह सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: सिंगल-पेन सनरूफ वायरलेस फोन चार्जर 8-स्पीकर ऑडियो सिस्टम ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल रियर एसी वेंट्स 6 एयरबैग टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) इंजन रहेगा वही, गियरबॉक्स होगा नया नई Slavia Facelift में इंजन विकल्पों में बदलाव की संभावना नहीं है। इसमें पहले की तरह दो टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकते हैं: 1.0-लीटर TSI इंजन – 115hp पावर 1.5-लीटर TSI इंजन – 150hp पावर हालांकि सबसे बड़ा अपडेट 1.0-लीटर TSI वेरिएंट में मिलेगा, जहां मौजूदा 6-स्पीड ऑटोमैटिक की जगह नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया जा सकता है। वहीं 1.5-लीटर इंजन के साथ पहले की तरह 7-स्पीड DCT (ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक) ट्रांसमिशन मिलने की उम्मीद है। लॉन्च पर रहेगी सबकी नजर नई Skoda Slavia Facelift उन ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है जो प्रीमियम सेडान में आधुनिक डिजाइन, बेहतर टेक्नोलॉजी और स्मूद ड्राइविंग अनुभव चाहते हैं। 18 अगस्त को लॉन्च के साथ इसके फीचर्स, कीमत और वेरिएंट्स की पूरी जानकारी सामने आएगी।  

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Range Rover GT electric luxury SUV prototype showcasing sleek coupe-style design and premium modern styling.
Range Rover GT Electric SUV: रेंज रोवर की पहली इलेक्ट्रिक लग्जरी SUV से उठा पर्दा, कूपे लुक और शानदार फीचर्स ने खींचा ध्यान

ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता Range Rover ने अपनी पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक SUV Range Rover GT की पहली झलक दुनिया के सामने पेश कर दी है। यह कंपनी के ग्लोबल पोर्टफोलियो की पांचवीं लग्जरी SUV होगी और Range Rover, Range Rover Sport, Range Rover Velar और Range Rover Evoque के बाद लाइनअप में शामिल होगी। साल 2017 में वेलार के लॉन्च के बाद यह रेंज रोवर का पहला बिल्कुल नया मॉडल है। नई Range Rover GT को पारंपरिक बॉक्सी SUV से अलग एक लो-स्लंग (Low-Slung), लंबी और कूपे-स्टाइल ग्रैंड टूरर के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसका फोकस लग्जरी, लंबी दूरी की आरामदायक ड्राइविंग और दमदार इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस पर रहेगा। कूपे स्टाइल डिजाइन ने बनाया खास नई Range Rover GT का डिजाइन पारंपरिक SUV से बिल्कुल अलग नजर आता है। टेस्टिंग के दौरान सामने आए प्रोटोटाइप से पता चलता है कि कार की रूफलाइन काफी स्लोपिंग है, जिससे इसे स्पोर्टी कूपे लुक मिलता है। मुख्य डिजाइन हाइलाइट्स: लंबा और लो-प्रोफाइल बॉडी डिजाइन स्पोर्टी कूपे-स्टाइल सिल्हूट प्रीमियम एयरोडायनामिक डिजाइन लग्जरी ग्रैंड टूरर की झलक हालांकि इसका डिजाइन स्पोर्टी रखा गया है, लेकिन कंपनी का दावा है कि इसमें Range Rover की पहचान मानी जाने वाली ऑल-टेरेन क्षमता बरकरार रहेगी। नए EMA प्लेटफॉर्म पर होगी तैयार रिपोर्ट्स के मुताबिक नई इलेक्ट्रिक Range Rover GT को Jaguar Land Rover (JLR) के नए EMA (Electrified Modular Architecture) प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म की खास बातें: पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक Range Rover आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल आर्किटेक्चर बेहतर बैटरी इंटीग्रेशन हाई-परफॉर्मेंस ड्राइविंग के लिए डिजाइन इस SUV का निर्माण ब्रिटेन के Halewood Plant में किया जाएगा। पहले आएगा इलेक्ट्रिक मॉडल, फिर हाइब्रिड Range Rover ने पुष्टि की है कि GT को सबसे पहले Battery Electric Vehicle (BEV) के रूप में लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद कंपनी इसका हाइब्रिड वेरिएंट भी बाजार में उतारेगी। फिलहाल कंपनी ने इन जानकारियों का खुलासा नहीं किया है: बैटरी क्षमता सिंगल चार्ज रेंज फास्ट चार्जिंग स्पीड पावर और टॉर्क 0-100 किमी/घंटा एक्सीलरेशन उम्मीद है कि लॉन्च के करीब इन सभी स्पेसिफिकेशंस का खुलासा किया जाएगा। लग्जरी और मिनिमलिस्टिक इंटीरियर Range Rover ने GT के इंटीरियर की भी पहली झलक साझा की है। कंपनी ने इस बार केबिन को बेहद साफ-सुथरे और मॉडर्न डिजाइन के साथ तैयार किया है। इंटीरियर की प्रमुख खूबियां प्रीमियम मिनिमलिस्टिक डैशबोर्ड बड़ा सिंगल टचस्क्रीन सेटअप ड्राइवर के लिए अलग डिजिटल डिस्प्ले डैशबोर्ड में इंटीग्रेटेड AC वेंट्स प्रीमियम टेक्सटाइल फिनिश वाले स्पीकर्स हाई-क्वालिटी लग्जरी मैटेरियल लंबी दूरी के सफर पर रहेगा खास फोकस Range Rover GT को खास तौर पर लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसके लिए कार में मिल सकते हैं: दूसरी पंक्ति में शानदार लेगरूम बेहतर सीट कम्फर्ट एडवांस्ड नॉइज़ इंसुलेशन शांत और प्रीमियम केबिन एक्सपीरियंस किन कारों को दे सकती है टक्कर? लॉन्च के बाद Range Rover GT का मुकाबला प्रीमियम इलेक्ट्रिक लग्जरी SUV सेगमेंट की कई हाई-एंड गाड़ियों से हो सकता है। इसका स्पोर्टी डिजाइन और ग्रैंड टूरर अप्रोच इसे पारंपरिक लग्जरी SUVs से अलग पहचान देगा। कब होगी लॉन्च? फिलहाल कंपनी ने लॉन्च डेट और कीमत की घोषणा नहीं की है। हालांकि, आने वाले महीनों में Range Rover GT से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।  

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