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Citroen e C3: Affordable Urban EV in India

Citroen e C3: बजट EV सेगमेंट में एंट्री, कीमत और परफॉर्मेंस का संतुलित पैकेज

surbhi मई 1, 2026 0
Citroen e C3 electric hatchback parked on city street showcasing compact urban EV design
Citroen e C3 Budget Electric Car India

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच Citroen e C3 एक किफायती और एंट्री-लेवल विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार खासतौर पर शहरी उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, जहां कम दूरी, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जरूरतें प्राथमिक होती हैं।

डिजाइन: कॉम्पैक्ट लेकिन SUV जैसा स्टांस
Citroen e C3 हैचबैक प्लेटफॉर्म पर बनी है, लेकिन इसकी ऊंची ग्राउंड क्लियरेंस और बॉक्सी डिजाइन इसे मिनी-SUV जैसा लुक देते हैं। इसका कॉम्पैक्ट आकार शहर के ट्रैफिक और टाइट पार्किंग स्पेस में इसे आसानी से मैनेज करने लायक बनाता है।

बैटरी और परफॉर्मेंस: शहर के लिए पर्याप्त
इसमें 29.2 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के अनुसार इसकी रेंज 320 किमी (MIDC) तक है, लेकिन वास्तविक उपयोग में यह लगभग 200–220 किमी तक ही मिलती है।
इलेक्ट्रिक मोटर 57 PS की पावर और 143 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार यह 6.8 सेकंड में पकड़ लेती है, जो सिटी ड्राइविंग के लिहाज से काफी फुर्तीली मानी जाती है।

चार्जिंग: फास्ट और होम दोनों विकल्प
Citroen e C3 DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे 10% से 80% तक चार्ज होने में करीब 57 मिनट लगते हैं। वहीं, घरेलू चार्जिंग से इसे फुल चार्ज करने में लगभग 10.5 घंटे का समय लगता है–यानी रातभर में आसानी से चार्ज हो सकती है।

फीचर्स: जरूरी टेक्नोलॉजी पर फोकस
कार में 10.24-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और MyCitroën ऐप कनेक्टिविटी मिलती है।
इसके अलावा मैनुअल AC, एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक ORVM जैसे बेसिक लेकिन उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं।

स्पेस और कम्फर्ट: सिटी यूज के लिए बेहतर
Citroen अपनी सॉफ्ट सस्पेंशन ट्यूनिंग के लिए जानी जाती है, और e C3 में भी यही खासियत देखने को मिलती है। इसमें 315 लीटर का बूट स्पेस और 170 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जिससे खराब सड़कों पर भी ड्राइविंग अपेक्षाकृत आरामदायक रहती है।

सेफ्टी: यहां थोड़ा समझौता
सुरक्षा के लिहाज से इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS with EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि, Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 0-स्टार रेटिंग मिली है, जो संभावित खरीदारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

वेरिएंट और कीमत: पहली EV के तौर पर आकर्षक
Citroen e C3 Live, Feel और Shine वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमत इसे बजट EV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं।

क्या यह आपके लिए सही विकल्प है?
अगर आपकी जरूरत शहर के अंदर रोजाना की ड्राइविंग, कम खर्च और आसान मेंटेनेंस है, तो यह कार एक प्रैक्टिकल ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि, अगर आपकी प्राथमिकता हाई सेफ्टी रेटिंग और एडवांस फीचर्स हैं, तो निर्णय लेने से पहले अन्य विकल्पों पर भी विचार करना जरूरी होगा।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Honda Elevate से City तक, जून में कंपनी दे रही लाखों रुपये की छूट

अगर आप जून 2026 में नई Honda कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए शानदार मौका हो सकता है। Honda Cars India अपनी लोकप्रिय कारों Honda Elevate, Honda City और Honda Amaze पर बड़े डिस्काउंट और कई अतिरिक्त बेनेफिट्स दे रही है। कंपनी कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस, एक्सटेंडेड वारंटी और कुछ वेरिएंट्स पर एक्सेसरी पैकेज जैसे फायदे भी उपलब्ध करा रही है। ये ऑफर्स 30 जून 2026 तक वैध हैं। हालांकि, अलग-अलग शहरों और डीलरशिप के अनुसार ऑफर्स में बदलाव संभव है। Honda Elevate पर सबसे बड़ा फायदा Honda Elevate पर कंपनी इस महीने सबसे ज्यादा बेनेफिट्स दे रही है। Honda Elevate ZX MT और ZX CVT पर ग्राहकों को 2.15 लाख रुपये तक का फायदा मिल सकता है। कुछ वेरिएंट्स पर 360-डिग्री कैमरा, प्रीमियम डैशकैम और एक्सेसरी पैकेज भी मुफ्त दिए जा रहे हैं। Elevate V Apex वेरिएंट पर लगभग 1.61 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। Elevate VX वेरिएंट पर करीब 1.53 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है। Honda Amaze पर भी आकर्षक ऑफर्स Honda Amaze खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी कंपनी कई फायदे दे रही है। Amaze ZX MT पर 67,000 रुपये तक के बेनेफिट्स। Amaze VX पर 48,000 रुपये तक की बचत। Amaze V वेरिएंट पर 28,000 रुपये तक का फायदा। इसके अलावा, Honda का CNG सपोर्ट प्रोग्राम भी जारी है। चयनित Amaze वेरिएंट्स में अधिकृत CNG किट लगवाने पर ग्राहकों को 20,000 रुपये तक की रिइम्बर्समेंट मिल सकती है। Honda City पर भी भारी छूट Honda अपनी प्री-फेसलिफ्ट City सेडान पर भी शानदार ऑफर्स दे रही है। Honda City पेट्रोल रेंज पर 1.56 लाख रुपये तक के बेनेफिट्स। Honda City e:HEV हाइब्रिड (MY25 स्टॉक) पर 1.97 लाख रुपये तक की छूट। बेहतर माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव के कारण Honda City भारतीय ग्राहकों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय रही है। किसके लिए सबसे फायदेमंद है यह ऑफर? SUV खरीदने वालों के लिए Honda Elevate बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। बजट सेडान चाहने वाले ग्राहक Honda Amaze पर विचार कर सकते हैं। प्रीमियम और फ्यूल एफिशिएंट सेडान पसंद करने वालों के लिए Honda City और City e:HEV आकर्षक विकल्प हैं। जून 2026 के ये ऑफर्स नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए अच्छी बचत का मौका दे सकते हैं।  

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Nissan ने अपनी लोकप्रिय 7-सीटर MPV Nissan Gravite की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। फरवरी 2026 में लॉन्च हुई इस MPV को कंपनी ने शुरुआती दौर में इंट्रोडक्टरी प्राइसिंग के साथ पेश किया था, लेकिन अब यह ऑफर समाप्त हो चुका है। इसके बाद कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतों में ₹8,000 से लेकर लगभग ₹18,000 तक की बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के बाद Nissan Gravite अब ₹5.73 लाख से लेकर ₹9.08 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। वेरिएंट के हिसाब से बढ़ीं कीमतें Nissan Gravite के एंट्री-लेवल Visia MT वेरिएंट की कीमत में लगभग ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹5.73 लाख हो गई है। वहीं N-Connecta MT वेरिएंट सबसे ज्यादा महंगा हुआ है। इसकी कीमत में करीब ₹18,000 का इजाफा किया गया है और अब यह वेरिएंट ₹7.38 लाख में उपलब्ध होगा। इसके अलावा: Acenta वेरिएंट्स लगभग ₹9,400 तक महंगे हुए हैं। Tekna और Tekna LE वेरिएंट्स की कीमत में करीब ₹17,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स की कीमत भी लगभग ₹15,000 तक बढ़ाई गई है। ऐसे में अब Nissan Gravite खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक बजट तैयार रखना होगा। डिजाइन और फीचर्स में मिलता है प्रीमियम लुक Nissan Gravite को आकर्षक डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसमें कंपनी की सिग्नेचर V-Motion ग्रिल, LED DRLs के साथ स्टाइलिश हेडलैंप, नया फ्रंट बंपर और सिल्वर स्किड प्लेट जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं। केबिन में भी कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ड्यूल-टोन सीट अपहोल्स्ट्री 7-सीटर फ्लेक्सिबल सीटिंग अरेंजमेंट वायरलेस चार्जर ऑटो हेडलैम्प्स रेन-सेंसिंग वाइपर्स एम्बिएंट लाइटिंग चुनिंदा वेरिएंट्स में एयर प्यूरीफायर इन फीचर्स की वजह से यह MPV फैमिली ग्राहकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनती है। इंजन और माइलेज Nissan Gravite में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 71hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। माइलेज की बात करें तो: मैनुअल वेरिएंट लगभग 19.3 kmpl का माइलेज देता है। AMT वेरिएंट करीब 19.6 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी प्रदान करता है। फैमिली कार सेगमेंट में मजबूत दावेदार अपडेटेड कीमतों के बावजूद Nissan Gravite अपने फीचर्स, 7-सीटर लेआउट और बेहतर माइलेज के कारण बजट MPV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनी हुई है। हालांकि कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों के लिए अब अन्य प्रतिस्पर्धी मॉडलों के साथ इसकी तुलना और भी अहम हो जाएगी।  

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Popular compact cars of 2026 lined up for urban driving, mileage and daily commuting
2026 में शहर के लिए सबसे बेहतरीन कॉम्पैक्ट कारें, माइलेज और ड्राइविंग अनुभव में शानदार

भारत के बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक, सीमित पार्किंग और बढ़ती ईंधन लागत के बीच कॉम्पैक्ट कारें लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। ये कारें बेहतर माइलेज, आसान पार्किंग, कम रखरखाव खर्च और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव का शानदार संतुलन प्रदान करती हैं। यदि आप 2026 में शहर के लिए नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये सात मॉडल आपकी सूची में जरूर होने चाहिए। मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स एसयूवी जैसा आकर्षक लुक, हैचबैक जैसी फुर्ती मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स उन ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो एसयूवी जैसी दमदार मौजूदगी चाहते हैं, लेकिन शहर में आसान ड्राइविंग भी उनके लिए जरूरी है। इसका कॉम्पैक्ट आकार, हल्का स्टीयरिंग और अच्छा माइलेज इसे रोजाना इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट शहर की सड़कों की भरोसेमंद साथी नई स्विफ्ट लंबे समय से भारतीय ग्राहकों की पसंदीदा कारों में शामिल रही है। इसकी फुर्तीली ड्राइविंग, बेहतर माइलेज और कम चलाने का खर्च इसे रोजाना कार्यालय आने-जाने वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। ट्रैफिक में भी यह कार आरामदायक अनुभव देती है। होंडा अमेज आराम और जगह का शानदार संतुलन यदि आप हैचबैक से अधिक जगह चाहते हैं लेकिन बड़ी सेडान नहीं खरीदना चाहते, तो होंडा अमेज एक मजबूत विकल्प है। इसका आरामदायक केबिन और बड़ा सामान रखने का स्थान इसे शहर और सप्ताहांत की यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है। टाटा पंच छोटे आकार में दमदार एसयूवी का अनुभव टाटा पंच ने माइक्रो एसयूवी श्रेणी में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत बनावट और बेहतरीन सुरक्षा इसे शहर की सड़कों के साथ-साथ खराब रास्तों के लिए भी उपयुक्त बनाते हैं। हुंडई वेन्यू आधुनिक तकनीक और आराम का बेहतरीन मेल हुंडई वेन्यू अपने आधुनिक फीचर्स, कनेक्टेड तकनीक और प्रीमियम इंटीरियर के कारण शहरी परिवारों के बीच लोकप्रिय है। यह कार शहर में आसान ड्राइविंग के साथ आरामदायक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करती है। किआ सोनेट स्टाइल, फीचर्स और प्रीमियम अनुभव किआ सोनेट अपने आकर्षक डिजाइन, आधुनिक सुविधाओं और प्रीमियम केबिन के लिए जानी जाती है। इसका कॉम्पैक्ट आकार भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्राइविंग और पार्किंग को आसान बनाता है। महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ दमदार प्रदर्शन और बेहतर सुरक्षा महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ उन ग्राहकों के लिए उपयुक्त है जो मजबूत इंजन, उच्च सुरक्षा और प्रभावशाली रोड प्रेजेंस चाहते हैं। यह कार शहर और राजमार्ग दोनों जगह संतुलित प्रदर्शन देती है। शहरों में कॉम्पैक्ट कारों की मांग क्यों बढ़ रही है? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में कॉम्पैक्ट कारों की लोकप्रियता और बढ़ेगी। इसके पीछे कई कारण हैं— बेहतर माइलेज कम रखरखाव खर्च आसान पार्किंग ट्रैफिक में सुविधाजनक ड्राइविंग आधुनिक सुरक्षा और तकनीकी फीचर्स शहर और लंबी यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त इसी वजह से वाहन निर्माता कंपनियां इस श्रेणी में लगातार नए फीचर्स और आधुनिक तकनीक जोड़ रही हैं ताकि ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।  

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