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MG IM6 Electric SUV India Launch: 555KM Range & 800V Fast Charging

MG IM6 इलेक्ट्रिक SUV इस साल भारत में होगी लॉन्च, 555KM रेंज और 800V फास्ट चार्जिंग के साथ आएगी प्रीमियम EV

surbhi मार्च 7, 2026 0
MG IM6 electric SUV with sleek coupe-SUV design and futuristic interior in India
MG IM6 Electric SUV India Launch 2026

 

MG Select नेटवर्क के तहत लॉन्च होगी नई इलेक्ट्रिक SUV

ब्रिटिश मूल की कार निर्माता MG Motor इस साल भारत में अपनी नई प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV IM6 लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मॉडल कंपनी के प्रीमियम रिटेल नेटवर्क MG Select के तहत पेश किया जाएगा।

अनुमान है कि यह SUV अक्टूबर 2026 के आसपास भारतीय बाजार में आएगी और इसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के आसपास हो सकती है। इसे भारत में फुली इम्पोर्टेड मॉडल के तौर पर लाया जाएगा।

 

IM ब्रांड के तहत तैयार की गई खास इलेक्ट्रिक कार

IM6, दरअसल SAIC Motor द्वारा स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड IM (Intelligent Mobility) का हिस्सा है। यह ब्रांड 2020 में Alibaba और Zhangjiang Hi-Tech के सहयोग से शुरू किया गया था और यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित है।

इस SUV को भारत में पहली बार Auto Expo 2025 में शोकेस किया गया था, जहां इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

 

बैटरी, पावर और रेंज

अंतरराष्ट्रीय बाजार में IM6 कई दमदार स्पेसिफिकेशन के साथ आती है। इसके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं:

  • 100kWh बैटरी पैक
  • एक बार चार्ज करने पर 555 किमी तक की WLTP रेंज (RWD)
  • 800V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर
  • 396kW DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट
  • 30% से 80% चार्ज सिर्फ 15 मिनट में

 

पावरट्रेन विकल्प:

  • RWD वर्जन: 408hp और 500Nm टॉर्क
  • AWD वर्जन: 778hp और 802Nm टॉर्क

 

स्पीड के मामले में:

  • RWD वर्जन: 0-100 किमी/घंटा 5.4 सेकंड
  • AWD वर्जन: 0-100 किमी/घंटा 3.4 सेकंड

हालांकि भारत में कौन-सा वर्जन आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

 

डिजाइन और इंटीरियर

डिजाइन की बात करें तो IM6 पारंपरिक SUV जैसी नहीं दिखती, बल्कि इसका स्टाइल कूपे-SUV क्रॉसओवर जैसा है। इसमें स्मूद और एयरोडायनामिक बॉडी पैनल दिए गए हैं।

मुख्य डिजाइन हाइलाइट्स:

  • बड़े L-शेप LED हेडलैंप
  • पीछे फुल-वाइड LED लाइट बार
  • स्पोर्टी और फ्यूचरिस्टिक लुक

 

इंटीरियर में मिलते हैं:

  • 26.3-इंच पैनोरमिक स्क्रीन सेटअप
  • अतिरिक्त 10.5-इंच वर्टिकल डिस्प्ले
  • LiDAR टेक्नोलॉजी
  • NVIDIA का Orin X चिप
  • Qualcomm का Snapdragon 8295 प्रोसेसर

 

किन कारों से होगी टक्कर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह SUV कई प्रीमियम इलेक्ट्रिक मॉडलों को टक्कर देती है, जिनमें शामिल हैं:

  • Tesla Model Y
  • BYD Sealion 7
  • Hyundai Ioniq 5
  • Kia EV6

 

MG की भारत में आगे की योजना

JSW MG Motor India आने वाले समय में भारतीय बाजार के लिए कई नए मॉडल तैयार कर रही है। IM6 के बाद कंपनी एक नई SUV भी लॉन्च करेगी, जो Mahindra XUV 7XO की प्रतिद्वंद्वी होगी।

यह मॉडल इंडोनेशिया में बिकने वाली Wuling Starlight 560 पर आधारित होगा और भारत की पहली मास-मार्केट प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) SUV बन सकती है।

इसके अलावा कंपनी Astor और ZS EV के लिए नई जनरेशन मॉडल भी तैयार कर रही है, जिन्हें 2027 तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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AI और 5G से बदल जाएगी ऑटो इंडस्ट्री, अब कार नहीं ‘स्मार्ट कंप्यूटर’ खरीदेंगे लोग

दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक बड़े तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब कारें सिर्फ इंजन, गियरबॉक्स और मेटल बॉडी तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि तेजी से “कंप्यूटर ऑन व्हील्स” में बदलती जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G, क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर अब भविष्य की गाड़ियों की पहचान बनने वाले हैं। यही वजह है कि टेक कंपनियां और ऑटो कंपनियां मिलकर ऐसे व्हीकल तैयार कर रही हैं, जो खुद अपडेट होंगे, ड्राइवर की आदतों को समझेंगे और आने वाले समय में बिना ड्राइवर के भी चल सकेंगे। बदल रही है ऑटो इंडस्ट्री की पूरी परिभाषा पहले कार कंपनियों की पहचान उनके इंजन, डिजाइन और माइलेज से होती थी, लेकिन अब मुकाबला डिजिटल एक्सपीरियंस, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी पर आ गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, कनेक्टेड कार, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और शेयर मोबिलिटी जैसे ट्रेंड्स पूरी इंडस्ट्री को नई दिशा दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स इसे CASE ट्रांसफॉर्मेशन कहते हैं, यानी Connected, Autonomous, Shared और Electric मॉडल। आज कई ऑटो कंपनियां बड़ी टेक कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही हैं। Google, Microsoft, NVIDIA, Qualcomm और Ericsson जैसी कंपनियां अब कारों के डिजिटल भविष्य को तैयार करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। भारत में भी MG Motor की MG Hector जैसी गाड़ियों में इंटरनेट बेस्ड फीचर्स, AI सपोर्ट और क्लाउड कनेक्टिविटी पहले ही देखने को मिल चुकी है। वहीं Tata Motors अपने कनेक्टेड व्हीकल्स में AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा रही है। 5G और AI बदल देंगे ड्राइविंग का अनुभव विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में 5G तकनीक ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल सकती है। हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से गाड़ियां रियल टाइम डेटा शेयर करेंगी, लाइव ट्रैफिक अपडेट लेंगी और कई फैसले खुद ले पाएंगी। ऑटोनॉमस यानी सेल्फ-ड्राइविंग कारों में भी 5G की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। Volvo और Ericsson ने 5G सपोर्टेड सिस्टम पर टेस्टिंग भी की है, जहां गाड़ियों को लगातार लाइव मैप डेटा मिलता रहा। इससे भविष्य में सेल्फ-ड्राइविंग कारों की सुरक्षा और सटीकता बेहतर हो सकती है। अब कार कंपनियों को टेक कंपनी की तरह सोचना होगा ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में कार की असली वैल्यू सिर्फ उसके हार्डवेयर से तय नहीं होगी, बल्कि उसमें मिलने वाले सॉफ्टवेयर, AI फीचर्स और डिजिटल सर्विसेज ज्यादा अहम होंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक भविष्य में कारों में हार्डवेयर का हिस्सा घटकर करीब 40 प्रतिशत तक रह सकता है, जबकि सॉफ्टवेयर और कंटेंट की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी। यानी ग्राहक अब सिर्फ इंजन और माइलेज नहीं, बल्कि OTA अपडेट, ऐप कंट्रोल, AI बेस्ड सिस्टम और स्मार्ट फीचर्स भी देखेंगे। Tesla, Xiaomi और Apple क्यों बदल रहे हैं भविष्य? Tesla ने दुनिया को दिखाया कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल का कॉम्बिनेशन कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। अब Xiaomi, Sony और Apple जैसी कंपनियां भी EV और स्मार्ट मोबिलिटी सेक्टर में तेजी से दिलचस्पी दिखा रही हैं। भारत में Ather Energy और Ola Electric जैसे स्टार्टअप्स टेक बेस्ड मोबिलिटी मॉडल पर फोकस कर रहे हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि बड़े स्तर पर भरोसेमंद कार मैन्युफैक्चरिंग अब भी आसान काम नहीं है। टेक कंपनियों के पास सॉफ्टवेयर और AI की ताकत जरूर है, लेकिन बड़े पैमाने पर सुरक्षित और भरोसेमंद वाहन बनाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। भविष्य में कार नहीं, मोबिलिटी सर्विस खरीदेंगे लोग ऑटो इंडस्ट्री तेजी से “Car as a Service” मॉडल की तरफ बढ़ रही है। यानी भविष्य में लोग गाड़ी खरीदने के बजाय जरूरत के हिसाब से उसका इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद कर सकते हैं। कारें स्मार्ट डिवाइस की तरह काम करेंगी, जहां एंटरटेनमेंट, सब्सक्रिप्शन सर्विस, ऐप बेस्ड फीचर्स और डेटा सर्विस नई कमाई का जरिया बनेंगी। हालांकि इसके साथ साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी की चुनौतियां भी बढ़ेंगी। क्योंकि जितनी ज्यादा कारें इंटरनेट से जुड़ेंगी, उतना ही डेटा चोरी और नेटवर्क सिक्योरिटी का खतरा भी बढ़ सकता है। भारत में क्यों अहम है यह बदलाव? भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटो मार्केट्स में शामिल है और यहां टेक्नोलॉजी तेजी से अपनाई जा रही है। कनेक्टेड कार, ADAS, ऐप कंट्रोल और EV फीचर्स अब धीरे-धीरे आम ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। आने वाले दशक में भारतीय सड़कों पर ऐसी गाड़ियां दिखाई दे सकती हैं, जो लगातार इंटरनेट से जुड़ी रहेंगी, खुद अपडेट होंगी और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल देंगी।  

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Kia Carens Clavis EV showcased with premium design and advanced electric family car features
₹3.3 प्रति KM खर्च वाली Kia Carens Clavis EV ने बढ़ाई Tata और MG की टेंशन, BAAS मॉडल से बनी और सस्ती

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार तेज हो रही है और अब इस सेगमेंट में मुकाबला और भी कड़ा होता जा रहा है। इसी बीच Kia India ने अपनी नई इलेक्ट्रिक 7-सीटर MPV Kia Carens Clavis EV के जरिए बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। कंपनी ने इस मॉडल को “Battery as a Service” (BAAS) मॉडल के साथ पेश कर इसकी शुरुआती कीमत को काफी किफायती बना दिया है। इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसका लगभग ₹3.3 प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट बताया जा रहा है, जिससे यह सीधे तौर पर फैमिली EV सेगमेंट में मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से Tata Motors और MG Motor India जैसी कंपनियों की टेंशन बढ़ सकती है। BAAS मॉडल से कैसे सस्ती हुई यह इलेक्ट्रिक MPV किआ के BAAS मॉडल में ग्राहक को कार और बैटरी अलग-अलग फाइनेंसिंग के तहत मिलती है। इसका सीधा फायदा यह है कि कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है। ग्राहक सिर्फ बॉडी (कार) के लिए लोन लेता है बैटरी के लिए भुगतान उपयोग के आधार पर किया जाता है औसतन खर्च करीब ₹3.3 प्रति किलोमीटर बताया गया है इस मॉडल का उद्देश्य उन ग्राहकों को EV की ओर आकर्षित करना है, जो एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर पाते। 490KM तक की दमदार रेंज और पावरफुल परफॉर्मेंस Kia Carens Clavis EV को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है– 42 kWh बैटरी पैक: लगभग 404 KM रेंज 51.4 kWh बैटरी पैक: लगभग 490 KM रेंज इसमें दी गई इलेक्ट्रिक मोटर लगभग 255Nm टॉर्क जनरेट करती है और यह कार 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड सिर्फ 8.4 सेकंड में पकड़ सकती है। फास्ट चार्जिंग की सुविधा के तहत 100kW DC चार्जर से यह 10% से 80% तक सिर्फ 39 मिनट में चार्ज हो जाती है। फैमिली के लिए प्रीमियम फीचर्स से लैस इस इलेक्ट्रिक MPV को खासतौर पर फैमिली यूज को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें कई प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं– 6 और 7-सीटर कॉन्फ़िगरेशन डुअल 12.3-इंच पैनोरमिक डिस्प्ले वायरलेस चार्जिंग और फोन प्रोजेक्शन एम्बियंट लाइटिंग पैनोरमिक सनरूफ ADAS लेवल 2.0 सेफ्टी सिस्टम रियर सीट्स के लिए फोल्डेबल टेबल इन फीचर्स के चलते यह कार सीधे तौर पर प्रीमियम फैमिली सेगमेंट को टारगेट करती है। फाइनेंस और EMI से आसान हुई खरीदारी किआ ने इस मॉडल के लिए कई बड़े बैंकों के साथ साझेदारी की है, जिनमें HDFC बैंक, ICICI बैंक, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finserv शामिल हैं। डाउन पेमेंट करीब ₹51,000 से शुरू एक्सटेंडेड वर्जन में ₹60,000+ तक बॉडी लोन 60 महीने तक बैटरी लोन 96 महीने तक इस स्ट्रक्चर के जरिए मासिक EMI का दबाव काफी कम किया जा सकता है। EV बाजार में बढ़ेगा मुकाबला ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि Kia Carens Clavis EV का BAAS मॉडल भारत में EV खरीदने के तरीके को बदल सकता है। अब कंपनियां सिर्फ वाहन बेचने के बजाय “यूसेज-बेस्ड” मॉडल पर फोकस कर रही हैं। लंबी रेंज, कम रनिंग कॉस्ट और फैमिली फ्रेंडली डिजाइन के चलते यह कार EV मार्केट में नए प्रतिस्पर्धी दौर की शुरुआत कर सकती है।  

surbhi मई 15, 2026 0
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Tata Punch, Maruti Fronx and Tata Nexon compact SUVs during April 2026 sales comparison
अप्रैल 2026 में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट पर टाटा का कब्जा, Punch बनी नंबर-1 पसंद

Tata Punch ने मारी बाजी, Fronx और Nexon में कांटे की टक्कर भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। अप्रैल 2026 में भी ग्राहकों ने माइक्रो और सब-4 मीटर SUVs को जमकर पसंद किया। बिक्री के आंकड़ों में Tata Punch सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUV बनकर उभरी। वहीं Maruti Suzuki Fronx और Tata Nexon ने भी बेहद करीबी मुकाबला दिया। दिलचस्प बात यह रही कि टॉप-3 SUVs की बिक्री में 1000 यूनिट से भी कम का अंतर देखने को मिला, जिससे अप्रैल का महीना इस सेगमेंट के लिए बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। अप्रैल 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUVs रैंक मॉडल अप्रैल 2026 बिक्री सालाना बढ़ोतरी 1 Tata Punch 19,107 52.9% 2 Maruti Fronx 18,829 31.3% 3 Tata Nexon 18,126 17.3% 4 Maruti Brezza 14,124 -16.8% 5 Hyundai Venue 12,420 56.2% 6 Kia Sonet 10,537 30.6% 7 Hyundai Exter 8,096 49.5% 8 Mahindra XUV 3XO 7,517 -0.7% 9 Skoda Kylaq 4,089 -23.8% 10 Toyota Taisor 2,550 5.3%   Tata Punch बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV Tata Punch ने अप्रैल 2026 में 19,107 यूनिट की बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस SUV की सालाना बिक्री में 52.9 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस, SUV जैसा डिजाइन और शहरों में आसान ड्राइविंग इसे ग्राहकों की पहली पसंद बना रहे हैं। Fronx और Nexon में जोरदार मुकाबला Maruti Suzuki Fronx ने 18,829 यूनिट बेचकर दूसरा स्थान हासिल किया। यह Punch से सिर्फ 278 यूनिट पीछे रही। इसके स्पोर्टी डिजाइन और बेहतर माइलेज ने ग्राहकों को आकर्षित किया। वहीं Tata Nexon ने 18,126 यूनिट बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। Nexon की बिक्री में भी 17.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। Brezza की बिक्री घटी, Venue ने दिखाई ताकत Maruti Suzuki Brezza की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में इसकी 14,124 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 16.8 प्रतिशत कम रहीं। माना जा रहा है कि ग्राहक इसके फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर Hyundai Venue ने शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बिक्री 56.2 प्रतिशत बढ़कर 12,420 यूनिट पहुंच गई। नए अपडेटेड मॉडल और Bharat NCAP की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का इसे फायदा मिला। Sonet, Exter और XUV 3XO भी दौड़ में शामिल Kia Sonet ने 10,537 यूनिट की बिक्री के साथ मजबूत पकड़ बनाए रखी। वहीं Hyundai Exter की बिक्री में 49.5 प्रतिशत की बड़ी छलांग दर्ज की गई। Mahindra XUV 3XO की बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें मामूली गिरावट देखी गई। Skoda Kylaq और Toyota Taisor का प्रदर्शन Skoda Kylaq की बिक्री में 23.8 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद यूरोपियन डिजाइन और ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण इसकी अलग पहचान बनी हुई है। वहीं Toyota Taisor ने 2,550 यूनिट बिक्री के साथ टॉप-10 सूची में जगह बनाई।  

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