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Weekly Financial Horoscope

साप्ताहिक आर्थिक राशिफल, 15 से 21 जून 2026: मेष, मिथुन और मकर राशि वालों के लिए खास रहेगा यह सप्ताह

surbhi जून 15, 2026 0
Zodiac symbols representing weekly career and financial horoscope predictions for June 15-21, 2026.
Weekly Financial Horoscope June 15-21 2026

15 से 21 जून 2026 का सप्ताह करियर और आर्थिक दृष्टि से कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। इस दौरान संवाद कौशल, नई योजनाएं और वित्तीय अनुशासन सफलता की कुंजी साबित हो सकते हैं। विशेष रूप से मेष, मिथुन और मकर राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह प्रगति और लाभ के अच्छे अवसर लेकर आ रहा है।

आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का साप्ताहिक आर्थिक और करियर राशिफल।

मेष राशि

यह सप्ताह आपके लिए काफी शुभ रहने वाला है। नई मीटिंग्स, इंटरव्यू और प्रोफेशनल संपर्कों से लाभ मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी। अतिरिक्त आय के भी योग बन सकते हैं। हालांकि जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा।

लकी टिप: शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश न करें।

वृषभ राशि

काम की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारियां या वेतन वृद्धि को लेकर चर्चा शुरू हो सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी।

लकी टिप: निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

मिथुन राशि

सूर्य का आपकी राशि में होना करियर के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है। प्रेजेंटेशन, इंटरव्यू और नेटवर्किंग में सफलता मिल सकती है। आय बढ़ने की संभावना भी मजबूत है।

लकी टिप: नए संपर्क भविष्य में बड़ा लाभ दे सकते हैं।

कर्क राशि

यह सप्ताह योजना और तैयारी का है। धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और किसी संपत्ति या निवेश से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।

लकी टिप: जल्दबाजी के बजाय धैर्य से काम लें।

सिंह राशि

टीमवर्क और सहयोग से सफलता मिलेगी। आपकी नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। बिजनेस पार्टनरशिप से आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।

लकी टिप: बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें।

कन्या राशि

नई चीजें सीखने और अनुभवी लोगों से सलाह लेने का समय है। फालतू खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

लकी टिप: बजट की समीक्षा जरूर करें।

तुला राशि

करियर में नए अवसर और प्रशिक्षण के योग बन रहे हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आय में सुधार के संकेत हैं।

लकी टिप: टीमवर्क से अधिक सफलता मिलेगी।

वृश्चिक राशि

रणनीति बनाकर काम करने से लाभ मिलेगा। वरिष्ठों की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी। करियर में पहचान बढ़ेगी।

लकी टिप: लोन और निवेश संबंधी मामलों में सावधानी रखें।

धनु राशि

पार्टनरशिप और क्लाइंट्स के साथ बेहतर तालमेल से सफलता मिलेगी। यात्रा या सलाहकार कार्यों से अतिरिक्त आय हो सकती है।

लकी टिप: सप्ताहांत में खर्चों पर विशेष ध्यान दें।

मकर राशि

यह सप्ताह मकर राशि वालों के लिए बेहद खास साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और नई डील या बिजनेस अवसर सामने आ सकते हैं।

लकी टिप: भविष्य की बचत और निवेश की योजना बनाएं।

कुंभ राशि

आपकी रचनात्मक सोच आपको दूसरों से अलग पहचान दिलाएगी। किसी साइड प्रोजेक्ट या प्रतिभा से अतिरिक्त आय होने के संकेत हैं।

लकी टिप: बैंकिंग और निवेश से जुड़े काम समय पर निपटाएं।

मीन राशि

घर और काम के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। कुछ अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं, लेकिन अतिरिक्त आय के स्रोत भी खुल सकते हैं।

लकी टिप: भावनाओं में आकर आर्थिक निर्णय न लें।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Sawan Vrat Katha Adhyay 2: सावन में किन व्रतों का करें पालन? जानें सोमवार से रविवार और तिथि अनुसार पूजा का महत्व

Sawan Vrat Katha Chapter 2: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान शिवभक्त भगवान शिव का अभिषेक, पूजन, जप और व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और इस महीने में श्रद्धा के साथ किए गए पूजा-पाठ और व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। सावन व्रत कथा के दूसरे अध्याय में भगवान शिव सनत्कुमार को इस महीने में किए जाने वाले व्रत, पूजा, जप, संयम और अलग-अलग तिथियों के धार्मिक महत्व के बारे में बताते हैं। साथ ही सप्ताह के अलग-अलग दिनों में किए जाने वाले व्रतों का भी उल्लेख मिलता है। सावन में व्रत और रुद्राभिषेक का महत्व कथा के अनुसार भगवान शिव सनत्कुमार से कहते हैं कि श्रावण मास में व्यक्ति को अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार नियमों का पालन करना चाहिए। पूरे महीने नियमित रूप से शिव पूजा और रुद्राभिषेक करने की परंपरा बताई गई है। धार्मिक मान्यता में इस महीने में भगवान शिव को फूल, फल, धान्य और बेलपत्र आदि अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। पंचामृत से अभिषेक, शिव मंत्रों का जाप, प्रदक्षिणा, नमस्कार और वेदों का पाठ भी सावन की साधना का हिस्सा माना गया है। कथा में संयमित जीवन जीने, सत्य बोलने, ब्रह्मचर्य का पालन करने और सात्विक भोजन करने पर भी जोर दिया गया है। फलाहार या हविष्य अन्न ग्रहण करने तथा भूमि पर सोने जैसी कठोर साधनाओं का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि, आधुनिक समय में किसी भी कठिन व्रत या खान-पान के कठोर नियम को अपनाने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। सावन में शिव मंत्र और धार्मिक पाठ सावन मास में शिव के षडक्षर मंत्र और गायत्री मंत्र का जाप करने की बात कथा में कही गई है। भगवान शिव की प्रदक्षिणा, नमस्कार और वेद-पाठ को भी पुण्यकारी बताया गया है। पुरुषसूक्त के पाठ को विशेष फलदायी माना गया है। इसी तरह ग्रह यज्ञ, होम और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को भी सावन में महत्वपूर्ण बताया गया है। कथा के अनुसार सावन ऐसा महीना है जो सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति चाहने वाले भक्तों के लिए कामना-सिद्धि और निष्काम साधना करने वालों के लिए मोक्ष की दिशा में सहायक माना गया है। सप्ताह के किस दिन कौन-सा व्रत? सावन व्रत कथा के दूसरे अध्याय में सप्ताह के अलग-अलग दिनों से जुड़े व्रतों का भी उल्लेख किया गया है। रविवार: सूर्य व्रत सोमवार: भगवान शिव की पूजा और नक्त भोजन मंगलवार: मंगलगौरी व्रत बुधवार: बुध से संबंधित व्रत गुरुवार: बृहस्पति व्रत शुक्रवार: जीवन्ती व्रत शनिवार: हनुमान और नृसिंह व्रत कथा में श्रावण के प्रथम सोमवार से शुरू होने वाले 'रोटक' नामक व्रत का भी उल्लेख मिलता है, जिसे इच्छित फल प्रदान करने वाला बताया गया है। सावन की तिथियों में कौन-से व्रत? सावन के शुक्ल पक्ष की अलग-अलग तिथियों के लिए कथा में कई व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का वर्णन मिलता है। द्वितीया: औदुम्बर व्रत तृतीया: गौरी व्रत चतुर्थी: दूर्वा गणपति या विनायकी चतुर्थी पंचमी: नाग पूजा षष्ठी: सूपौदन व्रत सप्तमी: शीतला व्रत अष्टमी/चतुर्दशी: देवी का पवित्रारोपण व्रत नवमी: नक्त व्रत दशमी: आशा व्रत एकादशी: दोनों पक्षों की एकादशी का विशेष महत्व शुक्ल द्वादशी: भगवान विष्णु का पवित्रारोपण व्रत पूर्णिमा: कई धार्मिक कर्मों और अनुष्ठानों का उल्लेख कथा में श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी और पंचमी को मानवकल्पादि व्रत का भी उल्लेख मिलता है। सावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भी महत्व कथा के अनुसार श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के पूर्णावतार का उल्लेख मिलता है। इसलिए इस दिन व्रत और उत्सव मनाने की बात कही गई है। श्रावण अमावस्या को पिठोरा व्रत का उल्लेख मिलता है। इस दिन कुश ग्रहण और वृषभ पूजन की परंपरा भी कथा में बताई गई है। तिथि के अनुसार किस देवता की पूजा करें? कथा में शुक्ल पक्ष की तिथियों के अलग-अलग देवताओं का भी उल्लेख किया गया है। प्रतिपदा: अग्नि द्वितीया: ब्रह्मा तृतीया: गौरी चतुर्थी: गणपति पंचमी: नाग षष्ठी: कार्तिकेय सप्तमी: सूर्य अष्टमी: शिव नवमी: दुर्गा दशमी: यम एकादशी: विश्वेदेव द्वादशी: विष्णु त्रयोदशी: कामदेव चतुर्दशी: शिव पूर्णिमा: चंद्रमा अमावस्या: पितर धार्मिक मान्यता के अनुसार जिस तिथि के जो देवता माने गए हैं, उस दिन उनकी श्रद्धापूर्वक पूजा करनी चाहिए। अगस्त्य उदय और सूर्य पूजा का उल्लेख कथा में सावन मास के दौरान अगस्त्य के उदय से जुड़ी धार्मिक मान्यता का भी वर्णन किया गया है। इसमें अगस्त्य उदय से पहले अर्घ्य देने की परंपरा बताई गई है। सावन में सूर्य को 'गभस्ति' नाम से संबोधित करते हुए उनकी पूजा करने का भी उल्लेख मिलता है। इससे यह संकेत मिलता है कि सावन की धार्मिक साधना केवल शिव आराधना तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दौरान विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा का भी विधान बताया गया है। सावन में किन चीजों का त्याग बताया गया है? कथा में चार महीनों से जुड़ी कुछ खाद्य वस्तुओं के त्याग की परंपरा बताई गई है। श्रावण: शाक का त्याग भाद्रपद: दही का त्याग आश्विन: दूध का त्याग कार्तिक: दाल का त्याग धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि व्यक्ति चारों महीनों में इनका त्याग नहीं कर पाता, तो केवल सावन में बताए गए त्याग का पालन करने को भी विशेष महत्व दिया गया है। सावन में भगवान शिव और विष्णु की भक्ति कथा के अंत में भगवान शिव सनत्कुमार से कहते हैं कि श्रावण मास के व्रत और धार्मिक नियमों की पूरी महिमा का वर्णन करना संभव नहीं है। भगवान शिव और भगवान विष्णु की एकता पर भी जोर दिया गया है। धार्मिक दृष्टि से दोनों के बीच भेद न करने और भक्ति भाव से साधना करने का संदेश दिया गया है। इस प्रकार सावन व्रत कथा का दूसरा अध्याय व्रत, संयम, पूजा, जप, दान और श्रद्धा के माध्यम से आध्यात्मिक अनुशासन अपनाने का संदेश देता है।  

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बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ में पूरे सावन VIP दर्शन पर रोक, आम श्रद्धालुओं को मिलेगी प्राथमिकता

देवघर। श्रावण माह की शुरुआत के साथ ही झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और दुमका के बाबा बासुकीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इसी बीच झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे श्रावणी मेला 2026 के दौरान दोनों मंदिरों में VIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसका उद्देश्य आम श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के सुगम और समान रूप से दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है।   सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रावण मेले के दौरान किसी भी व्यक्ति के लिए विशेष सिफारिश या प्राथमिकता के आधार पर दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए पहले से लागू अर्घा सिस्टम के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था संचालित रहेगी।   एसीएस वंदना दादेल ने जारी किया आदेश   कैबिनेट सचिवालय एवं निगरानी विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और श्रावण माह में यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। अधिकांश श्रद्धालु देवघर के साथ दुमका स्थित बाबा बासुकीनाथ मंदिर भी दर्शन के लिए जाते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए VIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है।   सिफारिश भेजने से भी किया गया मना   सरकार ने सभी मंत्रालयों, विभागों और संबंधित संस्थानों से अपील की है कि बाबा बैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ मंदिर में VIP दर्शन के लिए किसी भी प्रकार की अनुशंसा या अनुरोध राज्य सरकार अथवा जिला प्रशासन को न भेजें।   यह आदेश भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल तथा देश के सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजा गया है, ताकि श्रावणी मेले के दौरान VIP सिफारिशों पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जा सके।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 30, 2026 0
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Monthly tarot horoscope for August 2026 with predictions for all 12 zodiac signs and major life changes
Tarot Horoscope August 2026: मिथुन, कर्क और धनु राशि वालों के लिए खुलेगा बदलाव का रास्ता, जानें सभी 12 राशियों का मासिक टैरो राशिफल

Monthly Tarot Horoscope August 2026: अगस्त का महीना कई राशियों के लिए नई सोच, महत्वपूर्ण फैसलों और पुराने भ्रम से बाहर निकलने का संकेत दे रहा है। टैरो कार्ड्स के अनुसार इस महीने सिर्फ मेहनत करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी बेहद जरूरी रहेगा। कुछ राशियां पुरानी उलझनों और रिश्तों से जुड़े सवालों का समाधान तलाशेंगी, तो कुछ के सामने करियर और निजी जीवन में नई शुरुआत के मौके आएंगे। अगस्त की सबसे बड़ी सीख यही है कि हर सवाल का जवाब परिस्थितियां बदलने से नहीं मिलता, कई बार अपनी सोच बदलने से भी रास्ता साफ हो जाता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए अगस्त 2026 कैसा रहने वाला है। मेष राशि: जल्दबाजी नहीं, समझदारी दिलाएगी जीत अगस्त में मेष राशि वालों को किसी काम, रिश्ते या आर्थिक मामले से जुड़ी ऐसी जानकारी मिल सकती है, जो अब तक उनकी नजर से दूर थी। इसके बाद कोई ऐसा फैसला भी स्पष्ट हो सकता है, जो पहले जोखिम भरा लग रहा था। अपनी ऊर्जा हर जिम्मेदारी पर खर्च करने के बजाय जरूरी कामों को प्राथमिकता दें। महीने के अंत तक आपकी रफ्तार बढ़ेगी, लेकिन इस बार सफलता तेजी से ज्यादा सही दिशा पर निर्भर करेगी। टैरो कार्ड्स: Six of Pentacles, The Moon (Reversed), Knight of Wands शुभ रंग: सिल्वर ग्रे | शुभ अंक: 18 वृषभ राशि: अब खुद को प्राथमिकता देंगे अगस्त आपको यह समझाने वाला है कि हर रिश्ते और हर जिम्मेदारी में बराबर ऊर्जा लगाना जरूरी नहीं है। अगर किसी रिश्ते या काम में पहल लगातार आपकी तरफ से ही हो रही थी, तो अब स्थिति को नए नजरिए से देखेंगे। महीने के दूसरे हिस्से में किसी नए रिश्ते, साझेदारी या काम की शुरुआत हो सकती है। इस बार भावनाओं के साथ अपनी जरूरतों और सीमाओं को भी महत्व देंगे। टैरो कार्ड्स: Five of Swords, Queen of Wands, Ace of Cups शुभ रंग: सुनहरा नारंगी | शुभ अंक: 1 मिथुन राशि: नई शुरुआत का समय मिथुन राशि वालों के लिए अगस्त पुराने ढर्रे से बाहर निकलने का मौका ला सकता है। काम, रिश्ते या किसी योजना में अचानक बदलाव शुरुआत में असहज कर सकता है, लेकिन बाद में समझ आएगा कि यह बदलाव जरूरी था। पुरानी सोच छोड़कर नई परिस्थितियों को स्वीकार करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। महीने के अंत तक काम में स्थिरता और आपकी निर्णय क्षमता पर लोगों का भरोसा बढ़ सकता है। टैरो कार्ड्स: The Tower, Eight of Pentacles, King of Cups शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 16 कर्क राशि: पुरानी गलती सुधारने का मौका अगस्त में कर्क राशि वालों को किसी पुरानी आदत, अधूरे फैसले, आर्थिक मामले या रिश्ते पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। कोई बातचीत या घटना आपकी सोच बदल सकती है। अगर आप अतीत की गलती से सीखने के लिए तैयार हैं, तो आगे का रास्ता आसान हो सकता है। इस महीने जरूरी होगा कि जो चीज अब आगे बढ़ने में बाधा बन रही है, उसे पहचानकर उससे बाहर निकलें। टैरो कार्ड्स: Three of Wands, Justice (Reversed), The Devil शुभ रंग: इंडिगो | शुभ अंक: 11 सिंह राशि: रिश्तों को समझने का समय सिंह राशि वालों के लिए अगस्त रिश्तों और संवाद पर ध्यान देने वाला महीना रहेगा। परिवार या करीबी व्यक्ति के साथ जल्दबाजी में कही गई बात गलतफहमी बढ़ा सकती है। इसलिए अपनी बात मनवाने के बजाय सामने वाले को समझने की कोशिश करें। महीने के दूसरे हिस्से में तनाव कम होने और निजी जीवन में राहत मिलने के संकेत हैं। ईमानदार संवाद रिश्तों को मजबूत कर सकता है। टैरो कार्ड्स: Ten of Cups (Reversed), Knight of Swords, The Sun शुभ रंग: सुनहरा पीला | शुभ अंक: 19 कन्या राशि: फोकस बदलने की जरूरत कन्या राशि वालों को अगस्त में अपनी ऊर्जा के सही इस्तेमाल पर ध्यान देना होगा। लगातार जिम्मेदारियां संभालने से थकान महसूस हो सकती है। हर काम अकेले करने की आदत छोड़कर प्राथमिकताएं तय करें। महीने के दूसरे हिस्से में रुके हुए काम में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। पुरानी योजना को बेहतर बनाना इस समय नई योजना शुरू करने से ज्यादा फायदेमंद रहेगा। टैरो कार्ड्स: King of Pentacles, Nine of Wands, Wheel of Fortune (Reversed) शुभ रंग: ऑलिव ग्रीन | शुभ अंक: 10 तुला राशि: सही फैसला लेना होगा आसान अगस्त में तुला राशि वालों के सामने मौजूद कई विकल्पों में से सही रास्ता चुनना आसान हो सकता है। आपको महसूस होगा कि हर अवसर आपके लिए जरूरी नहीं है। लंबे समय की स्थिरता देने वाले विकल्प को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा। महीने के दूसरे हिस्से में परिवार, करियर या आर्थिक मामलों से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। अनुभवी व्यक्ति की सलाह भी उपयोगी साबित हो सकती है। टैरो कार्ड्स: Seven of Cups, The Hermit, Ten of Pentacles शुभ रंग: मिट्टी जैसा भूरा | शुभ अंक: 9 वृश्चिक राशि: सोच-समझकर करें भरोसा वृश्चिक राशि वालों के लिए अगस्त रिश्तों और साझेदारी के मामले में सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। नया प्रस्ताव, दोस्ती या साझेदारी सामने आ सकती है, लेकिन केवल उत्साह में फैसला लेने से बचें। पहले सामने वाले को समझें, फिर भरोसा करें। महीने के दूसरे हिस्से में किसी रिश्ते में भरोसा मजबूत हो सकता है और पुराने मतभेद बातचीत से दूर हो सकते हैं। टैरो कार्ड्स: The Fool (Reversed), Strength, Two of Cups शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8 धनु राशि: अब पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे धनु राशि वालों के लिए अगस्त पुराने अध्याय को बंद करके नई शुरुआत करने का संकेत दे रहा है। करियर, रिश्ते, कारोबार या निजी लक्ष्य से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना पड़ सकता है। शुरुआत में बदलाव कठिन लग सकता है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए यह जरूरी साबित होगा। महीने के दूसरे हिस्से में आपकी मेहनत और फैसलों का असर दिखाई दे सकता है। टैरो कार्ड्स: Queen of Swords, Death, Six of Wands शुभ रंग: गहरा नीला | शुभ अंक: 13 मकर राशि: टीमवर्क बदल सकता है पूरा खेल मकर राशि वालों को अगस्त में यह समझ आएगा कि हर काम अकेले करना जरूरी नहीं है। सही टीम, अनुभवी व्यक्ति की सलाह या साझेदारी आपकी प्रगति को तेज कर सकती है। कोई पुराना तरीका या प्रोजेक्ट आगे बढ़ने में बाधा बन रहा है तो उसे छोड़ने पर विचार करें। नई सोच अपनाने से काम की पहचान बढ़ सकती है और भविष्य के लिए मजबूत नींव तैयार होगी। टैरो कार्ड्स: Three of Pentacles, The Sun, Eight of Cups (Reversed) शुभ रंग: सुनहरा पीला | शुभ अंक: 19 कुंभ राशि: रणनीति बदलने से बदलेंगे नतीजे कुंभ राशि वालों के लिए अगस्त धैर्य और रणनीति का महीना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजना पर सवाल उठ सकते हैं या कुछ लोग आपकी राय से सहमत नहीं होंगे। ऐसे समय में अनावश्यक बहस से बचकर अपनी रणनीति पर टिके रहना बेहतर होगा। महीने के दूसरे हिस्से में आपकी तैयारी और अनुभव को सामने लाने वाला अवसर मिल सकता है। टैरो कार्ड्स: Knight of Pentacles, The High Priestess, Five of Wands शुभ रंग: बैंगनी | शुभ अंक: 2 मीन राशि: हुनर दिलाएगा नई पहचान मीन राशि वालों के लिए अगस्त आत्मविश्वास वापस पाने का महीना बन सकता है। किसी फैसले या अवसर को लेकर जो असमंजस था, वह धीरे-धीरे दूर होगा। महीने के मध्य से करियर, कारोबार, पढ़ाई या रचनात्मक क्षेत्र में आपकी प्रतिभा लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। जिस अवसर का इंतजार था, वह मिल सकता है या आप खुद उसके लिए रास्ता बना सकते हैं। टैरो कार्ड्स: Judgment (Reversed), The Magician, Nine of Cups अगस्त का टैरो संदेश अगस्त 2026 का महीना यह संकेत देता है कि बदलाव हमेशा नुकसान नहीं होता। कई बार पुरानी सोच, आदत या परिस्थिति से बाहर निकलना ही आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी बनता है। इस महीने जल्दबाजी के बजाय सही समय, सही लोगों और सही फैसलों पर भरोसा करना ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा।  

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