नई दिल्ली: जीवन में सफलता केवल प्रतिभा या शक्ति से नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सच्ची निष्ठा से मिलती है। मंगलवार के प्रेरणादायक सुविचार में हनुमान जी और माता सीता के सिंदूर प्रसंग से जुड़ी ऐसी सीख मिलती है, जो हर व्यक्ति को अपने जीवन, रिश्तों और कर्म के प्रति नई सोच देती है।
एक दिन हनुमान जी ने माता सीता को अपनी मांग में सिंदूर लगाते देखा। उनके मन में जिज्ञासा हुई और उन्होंने विनम्रतापूर्वक पूछा, "माता, आप प्रतिदिन सिंदूर क्यों लगाती हैं?"
माता सीता ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया, "यह सिंदूर मैं प्रभु श्रीराम की दीर्घायु और मंगल के लिए लगाती हूं।"
यह सुनते ही हनुमान जी ने बिना देर किए अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।
जब भगवान श्रीराम ने इसका कारण पूछा तो हनुमान जी ने सहज भाव से कहा,
"यदि एक चुटकी सिंदूर से आपकी आयु बढ़ती है, तो पूरे शरीर पर सिंदूर लगाने से आप सदैव सुरक्षित और दीर्घायु रहेंगे।"
हनुमान जी का यह उत्तर सुनकर भगवान श्रीराम प्रसन्न होकर मुस्कुरा उठे। यह प्रसंग बताता है कि सच्ची भक्ति बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और समर्पण में होती है।
जहां प्रेम और विश्वास होता है, वहां स्वार्थ के लिए कोई स्थान नहीं होता। हनुमान जी ने यह नहीं सोचा कि लोग क्या कहेंगे या उनका यह कार्य कैसा लगेगा। उन्होंने केवल अपने आराध्य के प्रति प्रेम और समर्पण को महत्व दिया।
सीख: जिन रिश्तों की नींव विश्वास पर होती है, वहां तर्क से अधिक भावनाओं का महत्व होता है।
हनुमान जी ने लंका दहन किया, संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए और अनेक असंभव कार्य पूरे किए। लेकिन उन्होंने कभी अपनी शक्ति या उपलब्धियों का श्रेय स्वयं नहीं लिया। हर सफलता को उन्होंने प्रभु श्रीराम की कृपा माना।
सीख: विनम्रता व्यक्ति को केवल सफल ही नहीं, बल्कि सम्माननीय भी बनाती है।
प्रतिभा कई लोगों के पास होती है, लेकिन अपने लक्ष्य के प्रति अटूट निष्ठा बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है। हनुमान जी की सबसे बड़ी शक्ति उनका शारीरिक बल नहीं, बल्कि अपने उद्देश्य और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण था।
सीख: जब लक्ष्य स्पष्ट हो और मन समर्पित हो, तब कठिन से कठिन रास्ते भी आसान लगने लगते हैं।
आज अपने आसपास किसी एक जरूरतमंद व्यक्ति की बिना किसी अपेक्षा के सहायता करें। चाहे घर हो, कार्यस्थल हो या समाज—जहां भी सेवा का अवसर मिले, उसे हाथ से न जाने दें। छोटी-सी निस्वार्थ मदद भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: आज यानी 21 जुलाई 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर, संतुलन और सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। चंद्रमा आज कन्या राशि से तुला राशि में चित्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जिससे रचनात्मकता, सौंदर्य, आकर्षण और साझेदारी से जुड़े कार्यों को विशेष बल मिलेगा। वहीं सूर्यदेव पुनर्वसु नक्षत्र से पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे ज्योतिष में सबसे शुभ नक्षत्रों में माना जाता है। हालांकि गुरु अभी अस्त हैं और बुध 24 जुलाई तक वक्री रहेंगे, इसलिए बड़े आर्थिक या व्यावसायिक निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि आज का दिन वैवाहिक जीवन और साझेदारी के लिए बेहद शुभ रहेगा। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और आपसी समझ मजबूत होगी। यदि किसी नए प्रोजेक्ट या बिजनेस पार्टनरशिप की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल है। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी। निर्णय लेने में अनावश्यक देरी न करें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 7 उपाय: वाणी में मधुरता रखें और क्रोध से बचें। वृष राशि आज आपको काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें और दिनचर्या व्यवस्थित रखें। पशु-पक्षियों की सेवा करने से मानसिक शांति मिलेगी। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 6 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और घर की साफ-सफाई बनाए रखें। मिथुन राशि प्रेम संबंधों, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। नए विषय सीखने या किसी नई कला की शुरुआत करने का अच्छा अवसर है। संतान पक्ष से भी सुखद समाचार मिल सकता है। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 2 उपाय: बहन, बुआ या मौसी का आशीर्वाद लें। कर्क राशि घर-परिवार में शांति और सामंजस्य बनाए रखने की जरूरत होगी। पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें। घर की सजावट या संपत्ति से जुड़े कार्य पूरे हो सकते हैं। माता के साथ समय बिताना लाभदायक रहेगा। शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 7 उपाय: चावल, दूध या चीनी का दान करें। सिंह राशि भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। छोटी यात्रा के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और व्यक्तित्व की सराहना होगी। जीवनसाथी के साथ घूमने की योजना बन सकती है। शुभ रंग: कोरल रेड शुभ अंक: 5 उपाय: सूर्यदेव को लाल फूल या लाल चंदन मिश्रित जल अर्पित करें। कन्या राशि धन संबंधी मामलों में संतुलन बनाए रखें। अनावश्यक खर्चों से बचें और निवेश के बड़े फैसले फिलहाल टालें। परिवार में विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य रखें। आपकी मधुर वाणी लोगों को प्रभावित करेगी। शुभ रंग: बेज शुभ अंक: 7 उपाय: गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। तुला राशि आज आपका व्यक्तित्व आकर्षण का केंद्र रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। कला, संगीत, फैशन और डिजाइन से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष रूप से शुभ है। हालांकि महत्वपूर्ण निर्णय लेने में अधिक देर न करें। शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 1 उपाय: माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं। वृश्चिक राशि आज आत्मचिंतन और मानसिक संतुलन बनाए रखने का दिन है। बेवजह की चिंताओं से दूर रहें और केवल उन्हीं कार्यों पर ध्यान दें जो आपके नियंत्रण में हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य का ध्यान दें। शुभ रंग: गहरा लाल शुभ अंक: 2 उपाय: सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। धनु राशि मित्रों और सामाजिक संबंधों से लाभ मिलने की संभावना है। पुराने दोस्तों से मुलाकात नए अवसर लेकर आ सकती है। करियर में सम्मान मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9 उपाय: हल्दी मिले जल से स्नान करें और धार्मिक पुस्तकें दान करें। मकर राशि करियर में आपकी मेहनत की सराहना होगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें। शाम का समय धार्मिक गतिविधियों में बीत सकता है। शुभ रंग: सिल्वर शुभ अंक: 7 उपाय: शनिदेव को सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें और 'ॐ शं शनिश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें। कुंभ राशि भाग्य का साथ मिलेगा और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। धार्मिक यात्रा या आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 9 उपाय: किसी जरूरतमंद या बेसहारा व्यक्ति का सम्मान करें और सहायता करें। मीन राशि आज जीवन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पुराने दस्तावेज, बीमा या टैक्स से जुड़े मामलों को पूरा करने का सही समय है। ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 3 उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करें।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ होता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडीचा मंदिर की यात्रा करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान के रथ को खींचने से सौ यज्ञों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यदि आप किसी कारणवश रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, तो श्रद्धा और भक्ति के साथ घर पर भगवान जगन्नाथ की पूजा, मंत्र जाप और स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना भगवान की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनती है। घर पर भगवान जगन्नाथ की पूजा कैसे करें? घर पर भगवान जगन्नाथ की पूजा करने के लिए इन सरल चरणों का पालन करें— सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें और गंगाजल छिड़ककर उसे शुद्ध करें। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। घी का दीपक और धूप जलाकर पूजा का प्रारंभ करें। भगवान को चंदन, रोली, अक्षत, पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद भगवान जगन्नाथ के मंत्रों और स्तोत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें। मालपुआ, मौसमी फल तथा सात्विक (बिना प्याज-लहसुन) भोजन का भोग अर्पित करें। अंत में भगवान जगन्नाथ की आरती करें और परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें। भगवान जगन्नाथ गायत्री मंत्र ॐ जगन्नाथाय विद्महे। महाबलाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ भगवान जगन्नाथ का मूल मंत्र ॐ श्री जगन्नाथाय नमः॥ श्री जगन्नाथ अष्टकम का महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री जगन्नाथ अष्टकम का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र भगवान के दिव्य स्वरूप, करुणा और भक्तों के प्रति उनके स्नेह का वर्णन करता है। परंपरागत विश्वास है कि नियमित रूप से इसका पाठ करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। जगन्नाथ स्तोत्र का महत्व जगन्नाथ स्तोत्र में भगवान श्रीकृष्ण के जगन्नाथ स्वरूप की स्तुति की गई है। इसमें भक्त भगवान से जीवन के कष्टों, भय, दुख और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करने से मन में भक्ति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक संतुलन बढ़ता है। रथ यात्रा का धार्मिक महत्व मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के मिलन का प्रतीक है। इस दौरान भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं और सभी को अपने दर्शन का अवसर प्रदान करते हैं। जो श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पाते, वे घर पर भगवान का स्मरण, मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ और आरती करके भी अपनी भक्ति व्यक्त कर सकते हैं।
Horoscope Today, 15 July 2026: 15 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। आज चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में पुष्य नक्षत्र में विराजमान हैं, वहीं देवगुरु बृहस्पति भी कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र के दूसरे चरण में स्थित हैं। यह दुर्लभ संयोग पूरे वर्ष के सबसे शुभ योगों में से एक माना जा रहा है। साथ ही, अगले दिन होने वाली कर्क संक्रांति से पहले का यह दिन नई शुरुआत, शुभ खरीदारी, निवेश, धार्मिक कार्य और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत अनुकूल माना गया है। आइए जानते हैं 15 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल। मेष राशि आज घर-परिवार और संपत्ति से जुड़े कार्यों के लिए दिन बेहद शुभ रहेगा। वाहन या प्रॉपर्टी से संबंधित योजनाएं सफल हो सकती हैं। करियर में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं और परिवार के साथ बिताया गया समय यादगार रहेगा। शुभ रंग: सफेद, पीला शुभ अंक: 4 उपाय: तांबे का सिक्का अपने पास रखें या तांबे का छल्ला धारण करें। वृष राशि भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे और किसी महत्वपूर्ण बातचीत से भविष्य में लाभ मिल सकता है। यात्रा, लेखन और संचार से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 3 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और घर की साफ-सफाई बनाए रखें। मिथुन राशि आज आर्थिक मामलों में भाग्य आपका पूरा साथ देगा। सोना-चांदी खरीदने, निवेश करने और शुभ खरीदारी के लिए दिन अनुकूल है। परिवार का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 2 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए आज पूरे वर्ष का सबसे शुभ दिन माना जा रहा है। नई शुरुआत, धार्मिक कार्य, निवेश और महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 1 उपाय: महिलाओं का सम्मान करें और जरूरतमंदों की सहायता करें। सिंह राशि आज आध्यात्मिक गतिविधियों, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए दिन अत्यंत शुभ है। मानसिक शांति मिलेगी और अचानक आर्थिक लाभ के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर बनेंगे। शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 12 उपाय: रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। कन्या राशि लंबे समय से मन में चल रही कोई इच्छा पूरी हो सकती है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। शुभ खरीदारी और निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा। शुभ रंग: बेज शुभ अंक: 11 उपाय: पक्षियों को हरा मूंग या अन्य दाना खिलाएं। तुला राशि करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारी मिलने के प्रबल योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ समय सुखद रहेगा। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 10 उपाय: पक्षियों को नियमित रूप से दाना खिलाएं। वृश्चिक राशि भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा, तीर्थ दर्शन और गुरुजनों का आशीर्वाद लाभदायक रहेगा। लंबी यात्रा की योजना बन सकती है और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। शुभ रंग: गहरा लाल शुभ अंक: 9 उपाय: मंगलवार को रक्तदान करना शुभ रहेगा। धनु राशि बीमा, टैक्स, निवेश और पुराने दस्तावेजों से जुड़े कार्य पूरे होने के योग हैं। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और जीवनसाथी के साथ संबंधों में गहराई आएगी। मानसिक शांति का अनुभव होगा। शुभ रंग: नारंगी शुभ अंक: 8 उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। मकर राशि जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदारी से जुड़े मामलों में दिन बेहद शुभ रहेगा। महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है। भाग्य का साथ मिलेगा और सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। शुभ रंग: गहरा नीला शुभ अंक: 7 उपाय: पक्षियों और काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। कुंभ राशि स्वास्थ्य और नौकरी से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। नई दिनचर्या, व्यायाम या उपचार शुरू करने के लिए दिन श्रेष्ठ है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। शुभ रंग: जामुनी शुभ अंक: 6 उपाय: पक्षियों और काले कुत्ते को नियमित रूप से भोजन दें। मीन राशि प्रेम, रचनात्मक कार्य और संतान से जुड़े मामलों में दिन बेहद शुभ रहेगा। निवेश, शुभ खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और करियर में नई संभावनाएं बनेंगी। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 5 उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं। आज का शुभ संदेश 15 जुलाई 2026 का दिन नई शुरुआत, निवेश, शुभ खरीदारी, धार्मिक कार्य और रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना गया है। सकारात्मक सोच और धैर्य के साथ किए गए कार्य भविष्य में सफलता के नए रास्ते खोल सकते हैं।