धर्म

Numerology predictions for April 27, 2026

अंक ज्योतिष 27 अप्रैल 2026: मूलांक 3 का बढ़ेगा मान-सम्मान, मूलांक 9 बढ़ेंगे लक्ष्य की ओर

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Numerology chart with numbers and horoscope symbols representing April 27, 2026 predictions
Numerology Prediction 27 April 2026

27 अप्रैल 2026 का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार गहरी ऊर्जा और बदलाव का संकेत लेकर आया है। आज का मूलांक 9 जीवन में पूर्णता, क्षमा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन पुराने अनुभवों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने का संदेश देता है। वहीं भाग्यांक 5 (2+7+0+4+2+0+2+6 = 23, 2+3 = 5) अचानक बदलाव, नए अवसर और नए लोगों से जुड़ने के संकेत दे रहा है। कुल मिलाकर आज का दिन हलचल भरा जरूर रहेगा, लेकिन यह बदलाव आपकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सभी मूलांकों के लिए कैसा रहेगा दिन

मूलांक 1:
पुराने प्रोजेक्ट पूरे होने के योग हैं। नए लोगों से संपर्क लाभदायक रहेगा। धैर्य बनाए रखें और गुस्से से बचें।

मूलांक 2:
काम का दबाव बढ़ सकता है। भावनाओं पर नियंत्रण रखें और ईमानदारी से संवाद करें। मानसिक शांति बनाए रखना जरूरी होगा।

मूलांक 3:
आज समाज में आपका सम्मान बढ़ेगा। रचनात्मकता और संवाद क्षमता से आप लोगों को प्रभावित करेंगे। नए अवसर मिल सकते हैं।

मूलांक 4:
कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।

मूलांक 5:
ऊर्जा से भरपूर दिन रहेगा। अचानक कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। यात्राओं के योग भी बन रहे हैं।

मूलांक 6:
नए लोगों का साथ मिलेगा और रिश्तों में सुधार होगा। काम की सराहना मिलेगी, लेकिन अपेक्षाएं सीमित रखें।

मूलांक 7:
दिन थोड़ा गंभीर रह सकता है। अपनों से खुलकर बात करें और अपनी भावनाएं साझा करें। धैर्य से लिए गए फैसले लाभ देंगे।

मूलांक 8:
रुके हुए काम पूरे होंगे। नए संपर्क बनेंगे और बड़े सौदे फाइनल हो सकते हैं। अहंकार से बचना जरूरी है।

मूलांक 9:
आज का दिन आपके लिए बेहद खास है। आत्मविश्वास के साथ बड़े फैसले लेंगे और अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ेंगे। रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

धर्म

View more
Numerology chart with numbers and horoscope symbols representing April 27, 2026 predictions
अंक ज्योतिष 27 अप्रैल 2026: मूलांक 3 का बढ़ेगा मान-सम्मान, मूलांक 9 बढ़ेंगे लक्ष्य की ओर

27 अप्रैल 2026 का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार गहरी ऊर्जा और बदलाव का संकेत लेकर आया है। आज का मूलांक 9 जीवन में पूर्णता, क्षमा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन पुराने अनुभवों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने का संदेश देता है। वहीं भाग्यांक 5 (2+7+0+4+2+0+2+6 = 23, 2+3 = 5) अचानक बदलाव, नए अवसर और नए लोगों से जुड़ने के संकेत दे रहा है। कुल मिलाकर आज का दिन हलचल भरा जरूर रहेगा, लेकिन यह बदलाव आपकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सभी मूलांकों के लिए कैसा रहेगा दिन मूलांक 1: पुराने प्रोजेक्ट पूरे होने के योग हैं। नए लोगों से संपर्क लाभदायक रहेगा। धैर्य बनाए रखें और गुस्से से बचें। मूलांक 2: काम का दबाव बढ़ सकता है। भावनाओं पर नियंत्रण रखें और ईमानदारी से संवाद करें। मानसिक शांति बनाए रखना जरूरी होगा। मूलांक 3: आज समाज में आपका सम्मान बढ़ेगा। रचनात्मकता और संवाद क्षमता से आप लोगों को प्रभावित करेंगे। नए अवसर मिल सकते हैं। मूलांक 4: कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। मूलांक 5: ऊर्जा से भरपूर दिन रहेगा। अचानक कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। यात्राओं के योग भी बन रहे हैं। मूलांक 6: नए लोगों का साथ मिलेगा और रिश्तों में सुधार होगा। काम की सराहना मिलेगी, लेकिन अपेक्षाएं सीमित रखें। मूलांक 7: दिन थोड़ा गंभीर रह सकता है। अपनों से खुलकर बात करें और अपनी भावनाएं साझा करें। धैर्य से लिए गए फैसले लाभ देंगे। मूलांक 8: रुके हुए काम पूरे होंगे। नए संपर्क बनेंगे और बड़े सौदे फाइनल हो सकते हैं। अहंकार से बचना जरूरी है। मूलांक 9: आज का दिन आपके लिए बेहद खास है। आत्मविश्वास के साथ बड़े फैसले लेंगे और अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ेंगे। रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत हैं।  

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Devotees performing puja of Goddess Sita and Lord Ram with flowers, lamps, and offerings

सीता नवमी 2026 आज: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माता जानकी का महत्व

Artists showcasing Mithila paintings and cultural performances celebrating Sita at Vaidehi Festival 2026

जानकी नवमी से शुरू होगा 'वैदेही' महोत्सव, कला, संस्कृति और नारी शक्ति का होगा भव्य संगम

Devotees worship Maa Baglamukhi with yellow flowers, turmeric garlands and traditional rituals on Jayanti

बगलामुखी जयंती 2026: आज मां पीताम्बरा की पूजा, जानें क्यों पड़ा यह दिव्य नाम

Devotees offering prayers to River Ganga during Ganga Saptami with diyas and flowers on riverbank
गंगा सप्तमी 2026: घर बैठे ऐसे करें पूजा, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

  आज मनाई जा रही है पावन गंगा सप्तमी वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर मनाया जाने वाला Ganga Saptami इस वर्ष 23 अप्रैल को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होकर भगवान Shiva की जटाओं में विराजी थीं। इस दिन गंगा स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा और स्नान का शुभ मुहूर्त गंगा सप्तमी के दिन शुभ कार्यों के लिए दो प्रमुख समय बताए गए हैं– ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:20 बजे से 5:04 बजे तक मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक इन समयों में स्नान, पूजा और दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। घर पर ऐसे पाएं गंगा स्नान का पुण्य अगर आप गंगा तट पर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही सरल विधि से गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं– सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। स्नान के पानी में गंगाजल मिलाएं और ‘हर-हर गंगे’ का उच्चारण करें। ‘गंगे च यमुने चैव…’ मंत्र का जप करते हुए स्नान करने से पवित्रता बढ़ती है। घर के मंदिर में मां गंगा की प्रतिमा या गंगाजल से भरा कलश स्थापित करें। फल, फूल और मिठाई अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजा करें। ‘गंगा चालीसा’ का पाठ करें और अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें। दान का विशेष महत्व इस दिन दान करना बेहद पुण्यदायी माना गया है। अपनी क्षमता अनुसार– अनाज वस्त्र जल जरूरतमंदों को दान करने से मां गंगा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मां गंगा के प्रभावशाली मंत्र पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और पापों से मुक्ति मिलती है– ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः गंगा पापं शशी तापं दैन्यं कल्पतरुस्तथा...   गंगा सप्तमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और पुण्य कमाने का विशेष अवसर है। यदि आप श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करते हैं, तो घर बैठे भी गंगा स्नान का फल प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन किया गया स्नान, जप और दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति लेकर आता है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Goddess Baglamukhi holding demon’s tongue symbolizing power over speech and negativity in Hindu mythology

मां बगलामुखी शत्रु की जीभ क्यों खींचती हैं? जानें रहस्य और आध्यात्मिक अर्थ

Kedarnath Temple decorated with flowers as devotees gather for opening ceremony in 2026

केदारनाथ धाम के कपाट खुले: 6 महीने बाद शुरू हुई पवित्र यात्रा, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

Devotees पूजा Lord Narasimha with lamps and flowers during Narasimha Jayanti ritual

नरसिंह चतुर्दशी 2026: कब है व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूरी पूजा विधि

Buddha Purnima 2026
Buddha Purnima 2026: कब है बुद्ध पूर्णिमा ? जानें शुभ मुहूर्त और परंपराएं

नई दिल्ली, एजेंसियां। बुद्ध पूर्णिमा 2026 में 1 मई को मनाई जाएगी। यह दिन वैशाख पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है और इसे भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले महात्मा गौतम बुद्ध को समर्पित किया जाता है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह सबसे पवित्र पर्वों में से एक है, जबकि हिंदू धर्म में भी इसका विशेष धार्मिक महत्व है।   शुभ मुहूर्त और स्नान-दान समय पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा 30 अप्रैल 2026 को रात 9:12 बजे शुरू होकर 1 मई 2026 को रात 10:52 बजे समाप्त होगी। इस दिन स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार बताए गए हैं: • प्रातः 04:15 से 04:58 तक  • प्रातः 05:41 से 10:39 तक  इन समयों में पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य और पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।   बुद्ध पूर्णिमा पर धार्मिक परंपराएं इस दिन भक्त विभिन्न धार्मिक कार्य करते हैं जैसे: • बौद्ध ग्रंथों जैसे धम्मपद का पाठ  • बोधगया में बोधि वृक्ष की पूजा  • दीप दान और घरों की सजावट  • मंत्र जाप और बुद्ध के उपदेशों का स्मरण  हिंदू धर्म में लोग इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा, मां लक्ष्मी की आराधना और चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। साथ ही व्रत रखकर दान-पुण्य करने की परंपरा भी है।   गौतम बुद्ध के जीवन की 3 महत्वपूर्ण घटनाएं बुद्ध पूर्णिमा को “त्रिगुण धन्य पर्व” भी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन तीन प्रमुख घटनाएं हुई थीं: • जन्म: बुद्ध का जन्म ईसा पूर्व 563 में वैशाख पूर्णिमा के दिन नेपाल के लुंबिनी में हुआ था।  • ज्ञान की प्राप्ति (ज्ञानोदय): 35 वर्ष की आयु में, इसी दिन बोधगया में पीपल के पेड़ (बोधि वृक्ष) के नीचे बुद्ध को परम ज्ञान प्राप्त हुआ।  • महापरिनिर्वाण (मृत्यु): 80 वर्ष की आयु में, वैशाख पूर्णिमा के ही दिन उन्होंने कुशीनगर में अपना देह त्याग कर महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।  बुद्ध पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश को याद करने का अवसर है। यह दिन जीवन में सच्चे ज्ञान और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
Devotees performing Skanda Shashti puja with offerings and Lord Kartikeya idol on auspicious day

स्कंद षष्ठी 2026: 22 अप्रैल को मनाया जाएगा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Maa Baglamukhi puja with flowers and offerings

बगलामुखी जयंती 2026: कब है, जानें तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Goddess Matangi devotional illustration with flowers, lamps and spiritual worship setup on Matangi Jayanti

मातंगी जयंती आज: जानें क्या करें और किन गलतियों से बचें, तभी मिलेगी माता की कृपा

0 Comments

Top week

Donald Trump warns Iran over nuclear tensions as US boosts military presence in Middle East
दुनिया

ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: “परमाणु हथियार नहीं, लेकिन समय खत्म हो रहा है” – मिडल ईस्ट में बढ़ा तनाव

surbhi अप्रैल 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?