आज का अंक ज्योतिष, 4 अगस्त 2026: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 अगस्त का दिन अनुशासन, योजना, धैर्य और जिम्मेदारी पर जोर देने वाला है। आज की ऊर्जा खासतौर पर उन लोगों के लिए सकारात्मक रह सकती है जो जल्दबाजी के बजाय व्यवस्थित तरीके से अपने काम पूरे करने पर भरोसा रखते हैं। मूलांक 4 के जातकों के लिए दिन मेहनत का परिणाम दिखाने वाला हो सकता है, जबकि मूलांक 9 वालों को धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। आज का दिन केवल तेजी से काम पूरा करने का नहीं, बल्कि सही दिशा और बेहतर योजना के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। अधूरे कामों को निपटाने, पुरानी योजनाओं को व्यवस्थित करने और भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने के लिहाज से दिन उपयोगी रह सकता है। रिश्तों में भी अपनी बात मनवाने के बजाय समझदारी और संतुलन बनाए रखना फायदेमंद रहेगा। मूलांक 1: पुराने काम पूरे करने पर दें ध्यान आज आपके लिए नए काम शुरू करने के बजाय पहले से अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करना अधिक बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में एकाग्र होकर काम करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। काम के दबाव के बीच आराम और शरीर का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। रिश्तों में केवल अपनी बात पर अड़े रहने के बजाय थोड़ा समझौता करना आपके लिए बेहतर रहेगा। लकी नंबर: 1, 4 लकी रंग: गोल्ड, ग्रे क्या न करें: किसी काम को कठिन या उबाऊ समझकर उसे बीच में न छोड़ें। मूलांक 2: टीमवर्क से मिलेगा फायदा आज मिल-जुलकर काम करने से आपको लाभ मिल सकता है। किसी सहकर्मी या टीम के साथ मिलकर कागजी काम, योजना या किसी पुराने प्रोजेक्ट को व्यवस्थित करने में सफलता मिल सकती है। लगातार काम करने से मानसिक थकान हो सकती है, इसलिए बीच-बीच में आराम जरूर करें। रिश्तों में किसी पुरानी बात को लेकर परेशान होने के बजाय शांत बातचीत से समाधान खोजें। लकी नंबर: 2, 4 लकी रंग: व्हाइट, ग्रे क्या न करें: अपनी मेहनत का तुरंत परिणाम न मिलने पर निराश न हों। मूलांक 3: रुके प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय आज आपकी रचनात्मकता को सही दिशा देने की जरूरत है। कोई रुका हुआ प्रोजेक्ट पूरा करने या बिखरे हुए विचारों को व्यवस्थित योजना में बदलने के लिए दिन अनुकूल रह सकता है। काम और आराम के बीच संतुलन बनाकर चलें। रिश्तों में केवल हंसी-मजाक तक सीमित रहने के बजाय किसी जरूरी मुद्दे पर खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करें। लकी नंबर: 3, 4 लकी रंग: येलो, ग्रे क्या न करें: किसी काम में देरी होने पर अपना धैर्य न खोएं। मूलांक 4: मेहनत से मिल सकते हैं अच्छे परिणाम आज का दिन मूलांक 4 वालों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। योजना बनाने, काम को व्यवस्थित करने, अधूरे कार्य पूरे करने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने के लिए समय अच्छा है। आपकी मेहनत और अनुशासन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। हालांकि लगातार काम करते रहने से शारीरिक थकान हो सकती है। इसलिए काम के बीच छोटे ब्रेक लेते रहें। परिवार और करीबी लोगों के लिए भी समय निकालें। लकी नंबर: 4, 8 लकी रंग: ग्रे, ब्लू क्या न करें: काम में इतना न डूबें कि आराम और अपनों के लिए समय ही न बचे। मूलांक 5: योजना बनाकर आगे बढ़ें आज का अनुशासन आपको शुरुआत में थोड़ा बंधा हुआ महसूस करा सकता है, लेकिन यही ऊर्जा आपके बिखरे हुए कामों को व्यवस्थित करने में मदद करेगी। जल्दबाजी के बजाय योजना बनाकर आगे बढ़ें। बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करने से तनाव कम रहेगा। रिश्तों में भरोसा और निरंतरता बनाए रखना जरूरी होगा। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: हरा, ग्रे क्या न करें: जल्दी आगे बढ़ने की कोशिश में जरूरी बातों और काम की बारीकियों को नजरअंदाज न करें। मूलांक 6: दूसरों के साथ खुद के लिए भी समय निकालें आज परिवार और लंबे समय से जुड़ी जिम्मेदारियां आपके लिए प्राथमिकता बन सकती हैं। घर की व्यवस्था सुधारने और योजनाबद्ध तरीके से काम करने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि लगातार दूसरों की जिम्मेदारियां उठाने से मानसिक थकान हो सकती है। इसलिए अपने लिए भी कुछ समय निकालना जरूरी है। परिवार में किसी विवाद या समस्या को सुलझाते समय प्यार, धैर्य और अनुशासन का संतुलन बनाए रखें। लकी नंबर: 6, 4 लकी रंग: पिंक, ग्रे क्या न करें: सभी जिम्मेदारियां अकेले उठाकर खुद को पूरी तरह न थकाएं। मूलांक 7: तनाव और ज्यादा सोचने से बचें आज गहराई से सोचने, तकनीकी काम करने और शांत मन से अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने के लिए दिन उपयोगी हो सकता है। आपकी गंभीर सोच और आज की अनुशासित ऊर्जा का अच्छा तालमेल बन सकता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा सोचने से मानसिक थकान हो सकती है। स्क्रीन से कुछ समय दूर रहना और खुद को आराम देना फायदेमंद रहेगा। रिश्तों में किसी गलतफहमी को दूर करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाएं। लकी नंबर: 7, 4 लकी रंग: इंडिगो, ग्रे क्या न करें: किसी गलतफहमी के कारण खुद में सिमटने के बजाय जरूरी बातचीत जरूर करें। मूलांक 8: अनुशासन और मेहनत से लाभ करियर और आर्थिक योजनाओं के लिए आज का दिन उपयोगी रह सकता है। आपकी मेहनत और अनुशासन बड़े पेशेवर या वित्तीय फैसलों में मदद कर सकते हैं। हालांकि लगातार बैठकों और काम के दबाव से मानसिक तनाव हो सकता है। बीच में थोड़ा टहलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना बेहतर रहेगा। काम के साथ-साथ परिवार और करीबी लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ग्रे क्या न करें: काम की उपलब्धियों में इतना व्यस्त न हों कि रिश्तों और भावनाओं को नजरअंदाज कर दें। मूलांक 9: मेहनत और धैर्य से मिलेगा परिणाम मूलांक 9 वालों के लिए आज का दिन जोश को नियंत्रित रखते हुए अधूरे या अटके हुए काम पूरे करने का संकेत देता है। किसी भी मामले में जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य और नियम के साथ आगे बढ़ना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा। काम की धीमी प्रगति आपको थोड़ी बेचैनी या झुंझलाहट दे सकती है, लेकिन इस स्थिति में धैर्य बनाए रखना जरूरी है। टहलना या शारीरिक गतिविधि मन को शांत करने में मदद कर सकती है। हर चीज को तुरंत ठीक करने की कोशिश या जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। लकी नंबर: 9, 4 लकी रंग: लाल, ग्रे क्या न करें: हर समस्या का समाधान तुरंत निकालने की जिद न करें और जल्दबाजी से बचें। 4 अगस्त का संदेश 4 अगस्त का अंक ज्योतिष यही संकेत देता है कि आज सफलता की कुंजी अनुशासन, धैर्य, योजना और निरंतर मेहनत में छिपी है। खासकर मूलांक 4 और 9 वालों के लिए अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाने का दिन है। हालांकि सभी मूलांक वालों को काम के साथ-साथ आराम, परिवार और रिश्तों के लिए भी संतुलित समय देना चाहिए।
नई दिल्ली: 25 जून 2026 का दिन आत्मचिंतन, धैर्य और आंतरिक स्पष्टता का संदेश लेकर आया है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज की ऊर्जा हमें रुककर सोचने, अपनी प्राथमिकताओं को समझने और जीवन में आने वाले बदलावों को खुले मन से स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती है। यह दिन नई योजनाएं बनाने, सीखने, शोध करने और अपने रिश्तों को मजबूत करने के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है। आज का दिन जल्दबाजी में फैसले लेने का नहीं, बल्कि शांत मन से सही दिशा चुनने का है। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर सभी मूलांकों का विस्तृत भविष्यफल। मूलांक 1: धैर्य से मिलेगा लाभ आज आपके सामने भविष्य से जुड़ी कुछ नई संभावनाएं खुल सकती हैं। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी करने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलने के संकेत हैं। परिवार और करीबी लोगों की बातों को ध्यान से सुनें, इससे रिश्तों में मजबूती आएगी। लकी नंबर: 1, 7 लकी रंग: गोल्ड, व्हाइट विशेष सलाह: आत्मविश्वास और धैर्य का संतुलन आपको सफलता के करीब ले जाएगा। मूलांक 2: अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करें आज आपकी अंतर्ज्ञान शक्ति काफी मजबूत रहेगी। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में मन की आवाज आपको सही रास्ता दिखा सकती है। टीमवर्क से अच्छे परिणाम मिलेंगे। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें और दूसरों की परेशानियों को अपने ऊपर हावी न होने दें। लकी नंबर: 2, 7 लकी रंग: सिल्वर, व्हाइट विशेष सलाह: खुद पर भरोसा रखें, यही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। मूलांक 3: शब्दों का सोच-समझकर करें इस्तेमाल आपके पास कई अच्छे विचार हैं, लेकिन उन्हें सफल बनाने के लिए स्पष्ट योजना जरूरी होगी। एक साथ कई काम शुरू करने की बजाय प्राथमिकता तय करें। आज बातचीत के दौरान संयम बरतें, क्योंकि आपकी कही गई बातें लोगों पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। लकी नंबर: 3, 5 लकी रंग: येलो, लेवेंडर विशेष सलाह: सही शब्द रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं। मूलांक 4: छोटी बातों में छिपी है बड़ी सफलता आज का दिन व्यवस्थित ढंग से काम करने का है। जल्दबाजी से बचें और हर काम को ध्यानपूर्वक पूरा करें। घर-परिवार में आपकी छोटी-सी सराहना भी किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। बदलावों को स्वीकार करने की कोशिश करें। लकी नंबर: 4, 7 लकी रंग: ग्रे, ब्लू विशेष सलाह: लचीलापन ही आपकी प्रगति की कुंजी बनेगा। मूलांक 5: नए अवसरों के लिए रहें तैयार आज का दिन आपके लिए खास रहने वाला है। कार्यक्षेत्र या सामाजिक संपर्कों के माध्यम से अचानक नए अवसर सामने आ सकते हैं। सतर्क रहें और हर संभावना को समझदारी से परखें। किसी भी वादे को करने से पहले अपनी क्षमता का आकलन जरूर करें। लकी नंबर: 5, 7 लकी रंग: ग्रीन, एक्वा ब्लू विशेष सलाह: सही दिशा में लगाई गई ऊर्जा आपको बड़ी सफलता दिला सकती है। मूलांक 6: रिश्तों में बढ़ेगी मिठास आज आप अपने सहयोगी स्वभाव से लोगों का दिल जीतेंगे। परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। दूसरों की मदद करना अच्छा है, लेकिन अपनी जरूरतों को नजरअंदाज न करें। लकी नंबर: 6, 7 लकी रंग: पिंक, क्रीम विशेष सलाह: दूसरों के साथ-साथ खुद का भी ख्याल रखें। मूलांक 7: आत्मविश्लेषण का सबसे शुभ दिन आज का दिन आपके लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। रिसर्च, अध्ययन, योजना निर्माण और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। किसी भी बड़े फैसले से पहले मन की आवाज को सुनें। प्रकृति के बीच समय बिताना आपके लिए लाभदायक रहेगा। लकी नंबर: 7, 25 लकी रंग: पर्पल, इंडिगो विशेष सलाह: आपके सभी महत्वपूर्ण उत्तर आपके भीतर ही मौजूद हैं। मूलांक 8: भविष्य की योजनाओं पर करें फोकस आर्थिक मामलों और दीर्घकालिक योजनाओं के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। केवल त्वरित परिणामों पर ध्यान देने के बजाय मजबूत नींव तैयार करने की कोशिश करें। परिवार के लोगों की बातों को ध्यान से सुनना रिश्तों को बेहतर बनाएगा। लकी नंबर: 8, 5 लकी रंग: नेवी ब्लू, ब्लैक विशेष सलाह: सफलता और मानसिक शांति दोनों को संतुलित रखना जरूरी है। मूलांक 9: अधूरे कार्यों को पूरा करने का समय आज आपको अपने लंबित कार्यों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पुरानी नाराजगी या शिकायतों को छोड़कर आगे बढ़ना आपके लिए लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम करें। आपका अनुभव दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है। लकी नंबर: 9, 7 लकी रंग: रेड, मरून विशेष सलाह: पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ना ही नई शुरुआत का रास्ता खोलता है।
27 अप्रैल 2026 का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार गहरी ऊर्जा और बदलाव का संकेत लेकर आया है। आज का मूलांक 9 जीवन में पूर्णता, क्षमा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन पुराने अनुभवों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने का संदेश देता है। वहीं भाग्यांक 5 (2+7+0+4+2+0+2+6 = 23, 2+3 = 5) अचानक बदलाव, नए अवसर और नए लोगों से जुड़ने के संकेत दे रहा है। कुल मिलाकर आज का दिन हलचल भरा जरूर रहेगा, लेकिन यह बदलाव आपकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सभी मूलांकों के लिए कैसा रहेगा दिन मूलांक 1: पुराने प्रोजेक्ट पूरे होने के योग हैं। नए लोगों से संपर्क लाभदायक रहेगा। धैर्य बनाए रखें और गुस्से से बचें। मूलांक 2: काम का दबाव बढ़ सकता है। भावनाओं पर नियंत्रण रखें और ईमानदारी से संवाद करें। मानसिक शांति बनाए रखना जरूरी होगा। मूलांक 3: आज समाज में आपका सम्मान बढ़ेगा। रचनात्मकता और संवाद क्षमता से आप लोगों को प्रभावित करेंगे। नए अवसर मिल सकते हैं। मूलांक 4: कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। मूलांक 5: ऊर्जा से भरपूर दिन रहेगा। अचानक कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। यात्राओं के योग भी बन रहे हैं। मूलांक 6: नए लोगों का साथ मिलेगा और रिश्तों में सुधार होगा। काम की सराहना मिलेगी, लेकिन अपेक्षाएं सीमित रखें। मूलांक 7: दिन थोड़ा गंभीर रह सकता है। अपनों से खुलकर बात करें और अपनी भावनाएं साझा करें। धैर्य से लिए गए फैसले लाभ देंगे। मूलांक 8: रुके हुए काम पूरे होंगे। नए संपर्क बनेंगे और बड़े सौदे फाइनल हो सकते हैं। अहंकार से बचना जरूरी है। मूलांक 9: आज का दिन आपके लिए बेहद खास है। आत्मविश्वास के साथ बड़े फैसले लेंगे और अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ेंगे। रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।