नई दिल्ली: भारत में आस्था और आध्यात्म सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब फिल्मी सितारों और ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़े लोग भी तेजी से धार्मिक स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। इस हफ्ते उज्जैन के Shri Mahakaleshwar Temple से लेकर पुरी के Shri Jagannath Temple तक कई मशहूर हस्तियां दर्शन करते नजर आईं।
महाकाल दरबार में पहुंचे मिलिंद सोमन
फिटनेस आइकन Milind Soman अपनी पत्नी Ankita Konwar के साथ उज्जैन पहुंचे। उन्होंने प्रसिद्ध भस्म आरती में हिस्सा लिया, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और विशेष परंपरा है।
मिलिंद सोमन पहले भी मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन की अहमियत पर जोर देते रहे हैं। उनका यह दौरा उसी सोच को दर्शाता है।
नई पीढ़ी भी आध्यात्म की ओर
युवा अभिनेत्री Sara Arjun भी हाल ही में महाकाल मंदिर पहुंचीं। उन्होंने भी भस्म आरती में शामिल होकर इसे अपने जीवन का खास अनुभव बताया।
यह दिखाता है कि Gen Z कलाकार भी अब सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी जड़ों और आध्यात्म से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पुरी जगन्नाथ धाम में गोविंदा की श्रद्धा
वहीं बॉलीवुड अभिनेता Govinda ने पुरी के Shri Jagannath Temple में दर्शन किए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे गोविंदा ने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया।
पुरी का यह मंदिर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, खासकर Rath Yatra के दौरान।
मिस इंडिया कंटेस्टेंट्स ने भी लिया आशीर्वाद
Femina Miss India 2026 की प्रतिभागियों ने भी पुरी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। पारंपरिक पाटा साड़ी में सजी इन प्रतिभागियों ने फाइनल से पहले आशीर्वाद लिया।
इस दौरान उन्होंने Konark Sun Temple और Chandrabhaga Beach का भी दौरा किया।
क्यों बढ़ रही है आध्यात्मिक रुचि?
सेलेब्स के इन दौरों से एक बात साफ होती है कि:
महाकाल की भस्म आरती हो या जगन्नाथ धाम की भव्यता–इन जगहों की ओर बढ़ता सेलेब्स का रुझान यही दिखाता है कि अंततः हर व्यक्ति सुकून और स्थिरता के लिए अपनी जड़ों की ओर लौटता है। हालांकि, आस्था को सिर्फ ट्रेंड या सोशल मीडिया तक सीमित रखने के बजाय उसे दिल से अपनाना ही इसका असली अर्थ है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
27 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज शनिदेव मीन राशि के रेवती नक्षत्र में वक्री हो गए हैं। शनि की यह चाल अधूरे कार्यों, पुराने कर्मों, जिम्मेदारियों और लंबे समय से लंबित योजनाओं को फिर से सामने ला सकती है। वहीं चंद्रमा धनु राशि के मूल नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जो जीवन की बुनियाद को मजबूत करने और गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दे रहे हैं। आज नई शुरुआत से अधिक पुराने कार्यों की समीक्षा, सुधार और अधूरे दायित्वों को पूरा करना लाभदायक रहेगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि आज भाग्य और शिक्षा से जुड़े पुराने अधूरे कार्य पूरे करने का समय है। यदि कोई कोर्स, कौशल या योजना बीच में छूट गई थी तो उसे दोबारा शुरू कर सकते हैं। यात्रा और बड़े निवेश में जल्दबाजी से बचें। अनुशासन बनाए रखें। शुभ रंग: नारंगी शुभ अंक: 4 उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और तांबे का छल्ला धारण करें। वृषभ राशि बीमा, टैक्स या पुराने दस्तावेजों से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है। ससुराल पक्ष से कोई पुरानी जिम्मेदारी सामने आ सकती है। दांपत्य जीवन में धैर्य रखें और क्रोध से बचें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 1 उपाय: सुगंधित इत्र का प्रयोग करें। मिथुन राशि जीवनसाथी से किया गया कोई पुराना वादा पूरा करने का अवसर मिलेगा। पार्टनरशिप और करियर में सोच-समझकर निर्णय लें। आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी और परिवार में शुभ समाचार मिल सकता है। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 7 उपाय: बहन, बुआ और मौसी का आशीर्वाद लें। कर्क राशि स्वास्थ्य और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर पुराने विवाद दोबारा सामने आ सकते हैं। धैर्य और संयम से परिस्थितियों को संभालें। धार्मिक कार्यों में भागीदारी बढ़ सकती है। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 4 उपाय: भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक करें। सिंह राशि प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में पुराने मुद्दे फिर सामने आ सकते हैं। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 9 उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। कन्या राशि घर, परिवार और संपत्ति से जुड़े अधूरे कार्य पूरे करने का समय है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 10 उपाय: तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें। तुला राशि भाई-बहनों के साथ पुराने मतभेद दूर करने का अच्छा अवसर है। छोटी यात्रा के योग बन रहे हैं। नई शिक्षा या कौशल सीखने के लिए समय अनुकूल रहेगा। शुभ रंग: ऑफ व्हाइट शुभ अंक: 10 उपाय: स्वच्छता और व्यवस्थित जीवनशैली अपनाएं। वृश्चिक राशि परिवार और आर्थिक मामलों से जुड़ी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी और लोग आपकी बातों को गंभीरता से सुनेंगे। बड़े निवेश फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। शुभ रंग: गहरा लाल शुभ अंक: 2 उपाय: तांबे का सिक्का या छल्ला अपने पास रखें। धनु राशि पुरानी जिम्मेदारियों और पारिवारिक मामलों की समीक्षा का समय है। जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। मानसिक तनाव से बचने के लिए पर्याप्त आराम करें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 9 उपाय: गाय को गुड़ और चने की दाल खिलाएं। मकर राशि विदेश, कानूनी मामलों या पुराने खर्चों से जुड़े विषय दोबारा सामने आ सकते हैं। विरोधियों से घबराने की जरूरत नहीं है। धैर्य और आत्मविश्वास से सफलता मिलेगी। शुभ रंग: गहरा नीला शुभ अंक: 12 उपाय: शनिदेव की पूजा करें और शनि चालीसा का पाठ करें। कुंभ राशि दोस्तों और पुराने संपर्कों से जुड़े मामलों की समीक्षा करें। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। अधूरी इच्छाएं पूरी होने के संकेत हैं और करियर में धीरे-धीरे प्रगति होगी। शुभ रंग: ग्रे शुभ अंक: 2 उपाय: दिव्यांग व्यक्तियों की सहायता करें। मीन राशि करियर और सरकारी कार्यों में पुराने रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। पिता का सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 1 उपाय: पक्षियों को चना या मक्का खिलाएं।
Devshayani Ekadashi 2026 Mantra: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली देवशयनी एकादशी सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और यहीं से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। इन चार महीनों में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही चातुर्मास समाप्त होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी का व्रत, पूजा और भगवान विष्णु का विधिपूर्वक शयन कराने से अक्षय पुण्य, सुख-समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। देवशयनी एकादशी पूजा विधि देवशयनी एकादशी के दिन पूजा पूरी श्रद्धा और नियमपूर्वक करनी चाहिए। प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। हाथ में अक्षत और जल लेकर व्रत का संकल्प लें। चौकी पर लाल या पीले रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। भगवान को चंदन, अक्षत, पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। देवशयनी एकादशी व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। पीपल के वृक्ष की पूजा कर अपनी श्रद्धानुसार दान-पुण्य करें। अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक व्रत का पारण करें। भगवान विष्णु को शयन कराने का मंत्र देवशयनी एकादशी की संध्या के समय भगवान विष्णु को शयन कराया जाता है। इस दौरान निम्न मंत्रों का जाप किया जाता है। मंत्र 1 सुप्ते त्वयि जगन्नाथे जगत् सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे च विबुध्येत प्रसन्नो मे भवाव्यय॥ मंत्र 2 निशि स्वापो दिवोत्थानं संध्यायां परिवर्तनम्॥ (ब्रह्मपुराण) मंत्र 3 मैत्राद्यपादे स्वपितीह विष्णुः। श्रुतेश्च मध्ये परिवर्तमेति। जागर्ति पौष्णस्य तथावसाने नो पारणं तत्र बुधः प्रकुर्यात्॥ (नारदपुराण) भगवान विष्णु को शयन कराने की विधि देवशयनी एकादशी की शाम भगवान विष्णु को योगनिद्रा के लिए शयन कराया जाता है। इसकी पारंपरिक विधि इस प्रकार है— संध्या के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार करें। सोना, चांदी, तांबा अथवा कागज की भगवान विष्णु की प्रतिमा का भी पूजन किया जा सकता है। भगवान के लिए स्वच्छ और सुंदर शैय्या तैयार करें। शयन मंत्रों का उच्चारण करते हुए भगवान विष्णु को शैय्या पर विराजमान करें। भगवान के समक्ष फल, मिष्ठान और नैवेद्य अर्पित करें। रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण करना अत्यंत शुभ माना गया है। अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक पूजा के बाद व्रत का पारण करें। देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक चातुर्मास चलता है। यह समय साधना, भक्ति, जप, तप और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी माना गया है। इस अवधि में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। जो श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उन्हें सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
Horoscope Today 24 July 2026: आज शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में अनुराधा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। वृश्चिक चंद्रमा की नीच राशि होने के कारण कुछ लोगों को मानसिक तनाव, बेचैनी और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि चंद्रमा पर बृहस्पति की शुभ दृष्टि और मंगल की सातवीं दृष्टि कई राशियों को राहत और सकारात्मक परिणाम भी देगी। आज का सबसे बड़ा ग्रह परिवर्तन यह है कि बुध ग्रह वक्री से मार्गी हो गए हैं। इसके प्रभाव से पिछले कई दिनों से रुके हुए कार्य, अधूरे समझौते, नए कॉन्ट्रैक्ट, व्यापारिक फैसले और महत्वपूर्ण बातचीत अब गति पकड़ सकती है। वहीं गुरु अस्त होने के कारण बड़े निर्णय लेते समय धैर्य और सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई है। ज्योतिष के अनुसार आज कर्क, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ योग बन रहे हैं। धार्मिक यात्रा, इच्छापूर्ति और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। मेष राशि आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। मानसिक तनाव या बेचैनी महसूस हो सकती है, इसलिए जल्दबाजी से बचें और धैर्य बनाए रखें। लंबे समय से रुके हुए दस्तावेज, बीमा, टैक्स या कानूनी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए दिन अनुकूल है। परिवार और ससुराल पक्ष से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 2 उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। वृष राशि जीवनसाथी और व्यापारिक साझेदार के साथ बातचीत में स्पष्टता आएगी। लंबे समय से चल रही गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। गुस्से पर नियंत्रण रखें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। व्यापार में नई साझेदारी या पुराने समझौते पूरे होने के संकेत हैं। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 1 उपाय: शुक्रवार के दिन कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। मिथुन राशि नौकरी और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से आज का दिन बेहतर रहेगा। बुध के मार्गी होने से कार्यक्षेत्र में अटके काम पूरे होने लगेंगे। दिनचर्या को व्यवस्थित करने का सही समय है। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं और ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 3 उपाय: किसी महत्वपूर्ण कार्य पर जाने से पहले सौंफ खाकर निकलें। कर्क राशि रचनात्मक कार्यों और प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएंगे। बच्चों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन भविष्य के लिए अच्छी योजनाएं बनेंगी। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 5 उपाय: माता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। सिंह राशि घर, परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी। लंबे समय से रुका हुआ घरेलू कार्य पूरा हो सकता है। माता के साथ संबंध मजबूत होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। करियर में भी सकारात्मक स्थिति बनी रहेगी। शुभ रंग: ऑफ व्हाइट शुभ अंक: 11 उपाय: मंदिर में गेहूं या तांबे के बर्तन का दान करें। कन्या राशि छोटी यात्राओं और नए संपर्क बनाने के लिए दिन अनुकूल है। भाई-बहनों के साथ पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। बातचीत और संचार के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। करियर में नए अवसर सामने आ सकते हैं। शुभ रंग: पीच शुभ अंक: 4 उपाय: वाणी पर संयम रखें और किसी की निंदा करने से बचें। तुला राशि धन और परिवार से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी। रुके हुए आर्थिक निर्णय पूरे होंगे। नई खरीदारी या निवेश की योजना बना सकते हैं। परिवार के साथ बैठकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना लाभदायक रहेगा। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 10 उपाय: माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं। वृश्चिक राशि चंद्रमा आपकी राशि में होने से भावनाएं प्रबल रहेंगी। हालांकि मंगल की ऊर्जा आपको संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी। नए कार्य, समझौते और व्यापारिक निर्णय लेने के लिए समय अच्छा है। सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 8 उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें और "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का जाप करें। धनु राशि आज पुरानी परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होंगी। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलने की संभावना है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और आध्यात्मिक गतिविधियों में समय दें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 5 उपाय: सत्य का साथ दें और ज्ञान अर्जित करते रहें। मकर राशि इच्छापूर्ति और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। पुराने मित्रों से मुलाकात या बातचीत हो सकती है। व्यापार में रुके हुए अवसर दोबारा मिल सकते हैं। नई साझेदारी और एग्रीमेंट के लिए समय अनुकूल है। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 10 उपाय: शनिदेव की पूजा करें और शनि चालीसा का पाठ करें। कुंभ राशि करियर में रुके हुए काम आगे बढ़ेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत सफल रहेगी। सरकारी कार्यों में लाभ मिल सकता है। पिता का सहयोग मिलेगा और नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। शुभ रंग: काला शुभ अंक: 6 उपाय: अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और जरूरतमंद लोगों का सम्मान करें। मीन राशि भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा, उच्च शिक्षा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए दिन शुभ है। लंबे समय से रुकी हुई यात्रा की योजना पूरी हो सकती है। परिवार और जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 1 उपाय: बुजुर्गों की सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें। आज का ज्योतिषीय निष्कर्ष 24 जुलाई 2026 का दिन बुध के मार्गी होने के कारण सभी राशियों के लिए नई शुरुआत और रुके हुए कार्यों को पूरा करने का संकेत दे रहा है। हालांकि चंद्रमा के वृश्चिक राशि में होने से भावनात्मक असंतुलन की स्थिति बन सकती है, लेकिन गुरु और मंगल की शुभ दृष्टि अधिकांश राशियों को संतुलन और सफलता प्रदान करेगी। विशेष रूप से कर्क, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्यवृद्धि, धार्मिक कार्यों और नई उपलब्धियों का संकेत दे रहा है।