2007 में रिलीज हुई बॉलीवुड की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्म ‘धमाल’ एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह फिल्म की कॉमेडी नहीं बल्कि इसके राइट्स को लेकर सामने आया कानूनी विवाद है। फिल्म के निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक ठकेरिया के खिलाफ मुंबई में 1.50 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामला फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन, डिजिटल और कॉपीराइट राइट्स से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिन अधिकारों के लिए उनसे रकम ली गई, उनमें से कुछ राइट्स पहले ही दूसरी कंपनी को दिए जा चुके थे। 17 अगस्त को दर्ज हुई FIR मुंबई के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर विकास बलदेव राज साहनी, जो ‘ग्रैंड मास्टर’ नाम की डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से जुड़े हैं, की शिकायत के आधार पर 17 अगस्त को अंबोली पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। ये धाराएं कथित धोखाधड़ी और एक से अधिक लोगों की मिलीभगत से अपराध से संबंधित हैं। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों का अदालत में अभी परीक्षण होना बाकी है। इसलिए आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। 1.50 करोड़ रुपये की कथित डील क्या थी? शिकायत के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2019 को ‘ग्रैंड मास्टर’ और मारुति इंटरनेशनल के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत ‘धमाल’ के परमानेंट वर्ल्डवाइड डिस्ट्रीब्यूशन, डिजिटल और कॉपीराइट राइट्स के लिए कथित तौर पर 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उस समय उन्हें बताया गया था कि ये राइट्स किसी अन्य कंपनी को नहीं दिए गए हैं। बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि फिल्म के लाइफटाइम OTT और डिजिटल राइट्स इससे करीब चार साल पहले, 2015 में ही शेमारू एंटरटेनमेंट को दिए जा चुके थे। यही बात पूरे विवाद का मुख्य आधार बन गई है। पुराने एग्रीमेंट से कैसे उलझा मामला? शिकायत के अनुसार, जनवरी 2020 में अशोक ठकेरिया डिस्ट्रीब्यूटर के कार्यालय पहुंचे और शेमारू एंटरटेनमेंट के साथ हुए पुराने समझौते की जानकारी दी। इसके बाद फिल्म के अधिकारों को लेकर स्थिति और जटिल हो गई। आरोप है कि अक्टूबर 2020 में मारुति इंटरनेशनल और शेमारू के बीच एक सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट भी हुआ, जिसके बाद निर्माता के पास फिल्म के अधिकार सीमित रह गए। दूसरी ओर, ग्रैंड मास्टर ने मार्च 2020 में ‘धमाल’ के सिनेमैटोग्राफ कॉपीराइट के लिए आवेदन किया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अप्रैल 2023 में उन्हें कॉपीराइट सर्टिफिकेट भी प्राप्त हुआ। विकास साहनी का दावा है कि उनके पास संबंधित दस्तावेजों के साथ फिल्म की ओरिजिनल नेगेटिव भी मौजूद है। डिस्ट्रीब्यूटर ने करोड़ों के नुकसान का लगाया आरोप विकास साहनी ने आरोप लगाया है कि राइट्स को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण उनकी कंपनी कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ संभावित समझौते नहीं कर सकी। इससे कंपनी को करोड़ों रुपये का कथित आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने इस मामले में जनवरी 2023 में आरोपियों को कानूनी नोटिस भी भेजा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि संतोषजनक समाधान नहीं मिलने के बाद पुलिस में शिकायत की गई और अब FIR दर्ज हुई है। मारुति इंटरनेशनल ने क्या कहा? मामला सामने आने के बाद अशोक ठकेरिया से जुड़ी मारुति इंटरनेशनल की ओर से कहा गया है कि संबंधित पक्षों के बीच बातचीत चल रही है और विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि मामला फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ बातचीत के स्तर पर भी आगे बढ़ रहा है। क्या है ‘धमाल’ फिल्म? इंद्र कुमार के निर्देशन और अशोक ठकेरिया के प्रोडक्शन में बनी ‘धमाल’ सितंबर 2007 में रिलीज हुई थी। फिल्म में संजय दत्त, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और रितेश देशमुख प्रमुख भूमिकाओं में थे। कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों ने पसंद किया था। इसकी सफलता के बाद ‘धमाल’ एक फ्रैंचाइजी में बदल गई और आगे इसके कई सीक्वल भी बनाए गए। अब फिल्म के राइट्स को लेकर दर्ज हुई FIR ने करीब दो दशक पुरानी इस हिट फिल्म को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप और उसकी बढ़ती वैश्विक पहुंच पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्में अब अपनी स्थानीय जड़ों, कहानियों और संस्कृति के करीब जाकर दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच बना रही हैं। उनके मुताबिक, भारतीय सिनेमा के लिए स्थानीय होना अब सीमित दायरे में रहने का संकेत नहीं, बल्कि वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने की ताकत बन गया है। स्थानीय कहानियों से बढ़ रही वैश्विक पहुंच पंकज त्रिपाठी ने भारतीय सिनेमा में आए बदलाव की चर्चा करते हुए बताया कि पहले देश और समाज को समझने का नजरिया काफी हद तक महानगरों तक सीमित रहता था। अब फिल्मकार और लेखक छोटे शहरों, कस्बों, गांवों और अलग-अलग क्षेत्रों की वास्तविक कहानियों को सामने ला रहे हैं। उनके अनुसार, जब कहानी अपनी जमीन और संस्कृति से जुड़ी होती है तो उसमें एक ऐसी प्रामाणिकता आती है, जिससे अलग-अलग देशों के दर्शक भी खुद को जोड़ पाते हैं। यही वजह है कि भारतीय फिल्मों और कलाकारों की पहुंच अब देश की सीमाओं से आगे बढ़ रही है। बॉलीवुड से आगे बढ़ा भारतीय सिनेमा भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान केवल बड़े बजट या बड़े सितारों तक सीमित नहीं रही है। क्षेत्रीय भाषाओं में बनी फिल्मों और स्थानीय विषयों पर आधारित कहानियों को भी अंतरराष्ट्रीय दर्शक मिल रहे हैं। पंकज त्रिपाठी का मानना है कि भारतीय फिल्म उद्योग में यह बदलाव कहानी कहने के तरीके को भी प्रभावित कर रहा है। फिल्मकार अब अपनी स्थानीय पहचान को छिपाने के बजाय उसे कहानी की ताकत के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। ‘स्थानीय’ कहानी में छिपी है सार्वभौमिक भावना पंकज त्रिपाठी की बात का एक अहम पहलू यह है कि स्थानीय कहानी का मतलब केवल किसी एक क्षेत्र या समुदाय तक सीमित कहानी नहीं है। परिवार, संघर्ष, रिश्ते, सपने, गरीबी, सफलता और मानवीय भावनाएं ऐसी चीजें हैं, जिन्हें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के दर्शक समझ सकते हैं। इसी वजह से किसी छोटे शहर या गांव की कहानी भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए प्रासंगिक बन सकती है। अभिनेता के मुताबिक, भारतीय सिनेमा की यही स्थानीय जड़ें उसकी वैश्विक आवाज को मजबूत कर रही हैं। भारतीय सिनेमा के लिए बदलता दौर पंकज त्रिपाठी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय फिल्मों और वेब सीरीज को दुनियाभर में पहले की तुलना में ज्यादा दर्शक मिल रहे हैं। अलग-अलग भाषाओं की भारतीय सामग्री डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक दर्शकों तक पहुंच रही है। ऐसे में स्थानीय कहानियों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए नई संभावनाएं खोल रही है। पंकज त्रिपाठी का मानना है कि भारतीय सिनेमा की वास्तविक ताकत उसकी विविधता और अपनी जमीन से जुड़े किस्सों में ही है।
मुंबई, एजेंसियां। फिल्मकार इम्तियाज अली की चर्चित फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ आज, 7 अगस्त 2026 से Netflix पर स्ट्रीम हो रही है। शरवरी वाघ और वेदांग रैना अभिनीत यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद अब डिजिटल दर्शकों तक पहुंच गई है। Netflix India ने फिल्म के 7 अगस्त को प्रीमियर की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की थी। बंटवारे के दर्द की कहानी ‘मैं वापस आऊंगा’ की कहानी एक 95 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पाकिस्तान जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक का शिकार हो जाता है। इसके बाद उसकी यादें कमजोर पड़ती जाती हैं और परिवार उसके अतीत से जुड़े टुकड़ों को समझने की कोशिश करता है। कहानी के जरिए 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के लंबे समय बाद भी लोगों के जीवन पर बनी सीमाओं और बिछड़ने के दर्द को दिखाने का प्रयास किया गया है। इम्तियाज अली की अलग तरह की कहानी फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है। रोमांस और रिश्तों पर आधारित कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले इम्तियाज ने इस बार विभाजन और मानवीय भावनाओं को केंद्र में रखा है। फिल्म में अतीत और वर्तमान के बीच कहानी आगे बढ़ती है। एक तरफ बुजुर्ग किरदार अपने पुराने समय और यादों से जूझता है, वहीं दूसरी तरफ नई पीढ़ी उसके अतीत को समझने की कोशिश करती है। इसी वजह से फिल्म में परिवार, यादें, पहचान, बिछड़ना और सरहद जैसे विषय एक साथ दिखाई देते हैं। शरवरी और वेदांग की अहम भूमिका फिल्म में शरवरी वाघ और वेदांग रैना महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। उनके किरदार नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो परिवार के बुजुर्ग सदस्य के अतीत को समझने और उसकी भावनात्मक यात्रा से जुड़ने की कोशिश करती है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। उनके अभिनय को कहानी के भावनात्मक पक्ष को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। सिनेमाघरों के बाद अब OTT पर ‘मैं वापस आऊंगा’ 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। थिएटर रिलीज के बाद अब 7 अगस्त को इसका डिजिटल प्रीमियर Netflix पर हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत में धीमी रफ्तार के बाद अच्छा प्रदर्शन किया और बाद में इसे 2026 की चर्चित हिंदी फिल्मों में गिना गया। OTT रिलीज के बाद अब फिल्म को देश के साथ-साथ विदेशों में भी ज्यादा दर्शक मिलने की संभावना है। अब घर बैठे देख सकेंगे दर्शक जिन दर्शकों ने फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं देखा था, उनके लिए अब इसे देखने का मौका है। ‘मैं वापस आऊंगा’ 7 अगस्त से Netflix पर उपलब्ध है। फिल्म की कहानी का केंद्र किसी बड़े एक्शन या भव्य दृश्य के बजाय मानवीय रिश्ते और विभाजन की पीड़ा है। यही पहलू इसे इम्तियाज अली की पिछली फिल्मों से अलग पहचान देता है।
मुंबई, एजेंसियां। इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। साल 2007 में आई सुपरहिट फिल्म आवारापन के सीक्वल में एक बार फिर इमरान हाशमी इमोशनल, रोमांटिक और एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं। करीब डेढ़ मिनट के ट्रेलर में प्रेम, बदले और ड्रग्स की दुनिया से जुड़ी कहानी की झलक दिखाई गई है। इमरान-दिशा की केमिस्ट्री और दमदार एक्शन ट्रेलर में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री आकर्षित करती है। इमरान के कई हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस और भावनात्मक संवाद ट्रेलर की खासियत हैं। एक दृश्य में उनका संवाद, "मौत से मेरा पुराना रिश्ता है, उसका एक कर्ज है, जो चुकाना है," फिल्म के गंभीर और रोमांचक अंदाज की झलक देता है। नेगेटिव रोल में दिखीं शबाना आजमी ट्रेलर में वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी एक मजबूत नकारात्मक किरदार में नजर आती हैं। उनके और इमरान हाशमी के बीच टकराव की झलक कहानी को और दिलचस्प बनाती है। ट्रेलर से संकेत मिलता है कि फिल्म में ड्रग्स माफिया, बदले और प्रेम की कहानी एक साथ आगे बढ़ेगी। कहानी में सस्पेंस बरकरार ट्रेलर में फिल्म की पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि यह साफ है कि इमरान हाशमी का किरदार किसी बड़े मिशन पर है, जिसमें दिशा पाटनी का किरदार भी अहम भूमिका निभाता नजर आएगा। फिल्म की कहानी का असली रहस्य रिलीज के बाद ही सामने आएगा। 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी 'आवारापन 2' में इमरान हाशमी, दिशा पाटनी और शबाना आजमी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मेकर्स को उम्मीद है कि 19 साल बाद लौट रही यह फ्रेंचाइजी एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतने में सफल होगी।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने अपने कार कलेक्शन में नई Mahindra Thar Roxx शामिल की है। नई SUV की डिलीवरी के दौरान मलाइका ने पारंपरिक तरीके से गाड़ी की पूजा की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नई Thar Roxx का घर में हुआ स्वागत वायरल वीडियो में नई Thar Roxx मलाइका के घर पहुंचती दिखाई दे रही है। इसके बाद अभिनेत्री गाड़ी की पूजा करती नजर आती हैं। उन्होंने नई कार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। रिपोर्टों के मुताबिक मलाइका ने Thar Roxx Star Edition का पीले रंग वाला मॉडल खरीदा है। SUV की कीमत और खासियत Mahindra Thar Roxx कंपनी की लोकप्रिय थार का 5-डोर वर्जन है। इसे 2024 में भारतीय बाजार में उतारा गया था। इसमें पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन विकल्प मिलते हैं और चुनिंदा वेरिएंट में 4x4 ड्राइवट्रेन भी उपलब्ध है। रिपोर्टों के अनुसार Thar Roxx की एक्स-शोरूम कीमत करीब ₹12.39 लाख से ₹23.53 लाख तक है, जबकि मलाइका के खरीदे गए विशेष वेरिएंट की कीमत अलग हो सकती है। पूजा का वीडियो हुआ वायरल नई गाड़ी की पूजा करते मलाइका का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। जहां कई प्रशंसकों ने उन्हें नई कार के लिए बधाई दी, वहीं कुछ यूजर्स ने पूजा के दौरान उनके पहनावे और जूते को लेकर टिप्पणी की। मलाइका अरोड़ा के कार कलेक्शन में पहले से भी कई महंगी गाड़ियां शामिल हैं। अब Thar Roxx के जुड़ने के बाद उनका नया SUV लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
मुंबई, एजेंसियां। बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का पहला गाना ‘दो नंबरी’ रिलीज हो गया है। हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला ने इस गाने को अपनी आवाज देने के साथ इसे लिखा और कंपोज भी किया है। दमदार हरियाणवी बीट्स और ‘मिर्जापुर’ के देसी स्वैग से भरपूर यह ट्रैक रिलीज के साथ ही चर्चा में आ गया है। ढांडा न्योलीवाला का बॉलीवुड डेब्यू ‘दो नंबरी’ के जरिए ढांडा न्योलीवाला ने बॉलीवुड में कदम रखा है। गाने में उनकी खास हरियाणवी रैप शैली के साथ ‘मिर्जापुर’ की रफ-टफ दुनिया का अंदाज देखने को मिलता है। गाने में गुड्डू भैया के स्वैग को भी खास तरीके से पेश किया गया है। बड़े पर्दे पर लौटेंगे गुड्डू, मुन्ना और कालीन भैया ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में फ्रेंचाइजी के कई लोकप्रिय किरदार बड़े पर्दे पर वापसी करने वाले हैं। अली फजल के गुड्डू पंडित, दिव्येंदु के मुन्ना भैया और पंकज त्रिपाठी के कालीन भैया को एक बार फिर साथ देखने के लिए प्रशंसक उत्साहित हैं। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। इसका निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया है। 4 सितंबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। ‘दो नंबरी’ के रिलीज होने के बाद अब फिल्म के ट्रेलर और आगे आने वाले गानों को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।
मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। ‘लगान’ और ‘गजनी’ जैसी फिल्मों में अपनी दमदार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले प्रदीप रावत के निधन पर अभिनेता आमिर खान ने भी दुख व्यक्त किया है। दोनों कलाकारों ने फिल्म ‘गजनी’ में साथ काम किया था। प्रदीप रावत के निधन से भावुक हुए आमिर खान प्रदीप रावत के निधन की खबर सामने आने के बाद आमिर खान ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। आमिर और प्रदीप रावत की जोड़ी ‘गजनी’ में दर्शकों के बीच काफी चर्चित रही थी। प्रदीप रावत ने फिल्म में इंस्पेक्टर महादेव का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके प्रभावशाली अभिनय ने कहानी को मजबूती दी और आमिर खान के साथ उनके कई दृश्य दर्शकों को याद रहे। ‘गजनी’ में साथ काम करने का अनुभव ‘गजनी’ में आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि प्रदीप रावत ने एक महत्वपूर्ण किरदार निभाया था। फिल्म में दोनों कलाकारों के बीच कई अहम दृश्य थे। प्रदीप रावत की अभिनय शैली, दमदार संवाद अदायगी और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें फिल्म में अलग पहचान दिलाई। यही वजह है कि उनके निधन की खबर के बाद ‘गजनी’ से जुड़े उनके किरदार और अभिनय को भी याद किया जा रहा है। 74 साल की उम्र में हुआ निधन प्रदीप रावत का 4 अगस्त 2026 की शाम 74 वर्ष की उम्र में निधन हुआ। उनके मैनेजर ने उनके निधन की पुष्टि की थी। रिपोर्टों के मुताबिक वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और बीमारी दोबारा उभरने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। प्रदीप रावत ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। ‘महाभारत’, ‘लगान’ और ‘गजनी’ समेत उनके कई किरदार दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किए जाएंगे। फिल्म जगत में शोक की लहर प्रदीप रावत के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आमिर खान के साथ उनके ‘गजनी’ वाले जुड़ाव को भी सोशल मीडिया पर याद किया जा रहा है। एक प्रतिभाशाली अभिनेता के रूप में प्रदीप रावत की फिल्मों में छोड़ी गई छाप उनके प्रशंसकों के बीच लंबे समय तक बनी रहेगी।
मुंबई: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी शानदार अदाकारी के लिए ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट निवेश को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं। अब उनकी एक कमर्शियल प्रॉपर्टी डील सामने आई है, जिसमें उन्होंने मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित अपना ऑफिस स्पेस 4.85 करोड़ रुपये में बेच दिया। खास बात यह है कि इस प्रॉपर्टी को उन्होंने करीब 18 साल पहले महज 52.5 लाख रुपये में खरीदा था। यानी लंबे समय तक इस प्रॉपर्टी को अपने पास रखने के बाद इसकी कीमत में करीब 824 प्रतिशत का उछाल आया। यह डील ऐसे समय में सामने आई है, जब मुंबई के प्रीमियम इलाकों में कमर्शियल और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट में सेलिब्रिटीज की दिलचस्पी लगातार चर्चा में है। 52.5 लाख की प्रॉपर्टी 4.85 करोड़ में बेची प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक माधुरी दीक्षित ने यह ऑफिस स्पेस 14 मई 2008 को हुए एग्रीमेंट के जरिए 52.5 लाख रुपये में खरीदा था। अब इसे 4.85 करोड़ रुपये में बेचा गया है। यह ऑफिस अंधेरी वेस्ट में लिंक रोड के पास ओशिवारा स्थित मोरया लैंडमार्क-II प्रेमिसेस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की चौथी मंजिल पर है। इसका कारपेट एरिया करीब 1,594.24 वर्ग फुट है और डील में तीन कार पार्किंग स्पेस भी शामिल हैं। इस बिक्री के लिए करीब 29.10 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चुकाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रॉपर्टी खरीदने वाली कंपनी फ्रेम्स प्रोडक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है और इसका एग्रीमेंट 23 जून को रजिस्टर हुआ। मार्च 2026 में लिया नया ऑफिस स्पेस लीज पर दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ माधुरी ने अपना पुराना ऑफिस बेचा, तो दूसरी तरफ इसी साल मार्च में उन्होंने मुंबई के लोअर परेल में एक नया ऑफिस स्पेस पांच साल के लिए लीज पर लिया। करीब 731 वर्ग फुट के इस ऑफिस में एक कार पार्किंग स्पेस भी है। पांच साल के लीज एग्रीमेंट की कुल किराये की राशि करीब 2.81 करोड़ रुपये बताई गई है। पहले साल का किराया 4.25 लाख रुपये और दूसरे साल में 5 प्रतिशत बढ़कर करीब 4.46 लाख रुपये होने की जानकारी सामने आई है। जुहू का अपार्टमेंट भी बेच चुकी हैं माधुरी माधुरी दीक्षित की रियल एस्टेट गतिविधियां सिर्फ ऑफिस स्पेस तक सीमित नहीं हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित अपना एक अपार्टमेंट करीब 3.9 करोड़ रुपये में बेचा था। रिपोर्ट के अनुसार, इस अपार्टमेंट को माधुरी और उनके पति ने करीब 1.95 करोड़ रुपये में खरीदा था। यानी इस सौदे में भी संपत्ति की कीमत लगभग दोगुनी हुई। इसी सोसाइटी में उन्होंने एक अन्य फ्लैट से जुड़ी पार्किंग स्पेस भी करीब 15 लाख रुपये में बेची थी। 2022 में खरीदा था 48 करोड़ का लग्जरी अपार्टमेंट माधुरी दीक्षित ने साल 2022 में मुंबई के लोअर परेल इलाके में करीब 48 करोड़ रुपये का एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा था। यह डील उनके रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी खरीद में से एक मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक अभिनेत्री के पास मुंबई के अलावा अमेरिका के डेनवर में भी एक लग्जरी बंगला है। इसके अलावा लोखंडवाला, जुहू और मलाड में भी उनकी प्रॉपर्टीज का जिक्र सामने आया है। फिल्मों और रियलिटी शो से भी होती है बड़ी कमाई माधुरी दीक्षित की कमाई का प्रमुख स्रोत सिर्फ रियल एस्टेट नहीं है। रिपोर्ट में उनकी अनुमानित नेट वर्थ करीब 250 करोड़ रुपये बताई गई है। फिल्मों के लिए उनकी फीस करीब 4 से 5 करोड़ रुपये बताई जाती है, जबकि ब्रांड एंडोर्समेंट से भी वह अच्छी कमाई करती हैं। वह ऑनलाइन डांस स्कूल के जरिए भी कमाई करती हैं। रियलिटी शो में जज के तौर पर नजर आने पर उनकी फीस 10 से 20 करोड़ रुपये तक होने का दावा किया गया है। हालांकि सेलिब्रिटी की फीस और नेट वर्थ से जुड़े आंकड़े अक्सर मीडिया रिपोर्टों और अनुमान पर आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। बॉलीवुड में रियल एस्टेट निवेश का बढ़ता ट्रेंड माधुरी दीक्षित अकेली बॉलीवुड हस्ती नहीं हैं, जिन्होंने प्रॉपर्टी को निवेश के तौर पर इस्तेमाल किया है। ऋतिक रोशन, कार्तिक आर्यन और सैफ अली खान जैसे सितारे भी ऑफिस और अन्य रियल एस्टेट संपत्तियों में निवेश को लेकर चर्चा में रहे हैं। माधुरी की हालिया डील खास इसलिए है क्योंकि 2008 में खरीदी गई 52.5 लाख रुपये की कमर्शियल प्रॉपर्टी करीब 18 साल बाद 4.85 करोड़ रुपये में बिकी। यह सौदा मुंबई के प्रीमियम रियल एस्टेट बाजार में लंबी अवधि के निवेश की संभावनाओं को भी सामने रखता है। हालांकि, किसी भी प्रॉपर्टी निवेश से मिलने वाला रिटर्न इलाके, संपत्ति की स्थिति, बाजार की परिस्थितियों, टैक्स और अन्य खर्चों पर निर्भर करता है। इसलिए सिर्फ किसी सेलिब्रिटी की डील देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
मुंबई, एजेंसियां। हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के चर्चित अभिनेता प्रदीप रावत का कैंसर से लंबी जंग के बाद 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रदीप रावत ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में दमदार अभिनय किया। उनके परिवार में पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य रावत हैं। रावत के मैनेजर सिद्धार्थ आर. तिवारी के अनुसार, अभिनेता का पिछले करीब एक महीने से कैंसर का इलाज चल रहा था। पहले उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, बाद में उन्हें भिवंडी के कैंसर अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार को मुंबई में किया जाएगा, जिसमें परिवार, करीबी मित्र और फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी। 'महाभारत' से 'गजनी' तक बनाई अलग पहचान प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के चर्चित टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से बॉलीवुड में कदम रखा और 'सरफरोश', 'लगान', 'गजनी', 'अग्निपथ' और 'छावा' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। खासकर आमिर खान अभिनीत 'गजनी' में उनके निभाए गए खलनायक के किरदार ने उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई। उनके निधन पर अभिनेता यशपाल शर्मा, गजेंद्र चौहान और ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) समेत कई फिल्मी हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उन्हें एक बेहतरीन अभिनेता, अनुशासित कलाकार और सहृदय इंसान बताते हुए भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय सिंगर और रैपर करण औजला इन दिनों अपने म्यूजिक के अलावा एक खास वजह से भी चर्चा में हैं। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में उन्होंने एक कंटेस्टेंट और उसकी पत्नी की कहानी सुनने के बाद ऐसा कदम उठाया, जिसने शो में मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी ध्यान खींच लिया। करण औजला ने कंटेस्टेंट विजेंद्र रजक और उनकी पत्नी को मालदीव ट्रिप के टिकट स्पॉन्सर करने की पेशकश की। कपल की कहानी सुनने के बाद करण का यह जेस्चर फैंस को काफी पसंद आया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ होने लगी। व्हील स्टंट से प्रभावित हुए जज 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के इस एपिसोड में करण औजला के साथ समय रैना, तन्मय भट, गुरलीन पन्नू और राहुल दुआ भी पैनल का हिस्सा थे। शो में विजेंद्र रजक ने व्हील स्टंट परफॉर्मेंस पेश किया, जिसने जजों को प्रभावित किया। परफॉर्मेंस के बाद बातचीत के दौरान विजेंद्र की पत्नी भी मंच पर आईं। इसी दौरान दोनों ने अपनी निजी जिंदगी और शादी से जुड़ी कहानी साझा की। परिवार के खिलाफ जाकर की शादी कपल ने बताया कि उनके रिश्ते से परिवार खुश नहीं था। ऐसे में दोनों ने घर से भागकर शादी करने का फैसला किया। विजेंद्र के मुताबिक, दोनों की मुलाकात के बाद करीब एक महीने तक डेटिंग हुई और इसके बाद उनकी पत्नी ने शादी करने की इच्छा जाहिर की। विजेंद्र ने बताया कि उस समय आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टनर का साथ दिया और दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद उन्हें पत्नी के परिवार की ओर से पुलिस शिकायत का सामना भी करना पड़ा। कपल की यह कहानी सुनकर शो में मौजूद पैनलिस्टों ने उनसे उनकी जिंदगी और भविष्य के सपनों के बारे में बात की। मालदीव जाने की इच्छा सुनकर करण ने किया बड़ा ऐलान बातचीत के दौरान जब समय रैना ने विजेंद्र से पूछा कि वह जीवन में क्या करना चाहते हैं, तो उन्होंने मालदीव घूमने की इच्छा जाहिर की। यह सुनते ही करण औजला ने कपल को मालदीव भेजने की पेशकश कर दी। उन्होंने कहा कि अगर मालदीव जाकर उन्हें खुशी मिलेगी, तो वह उनके टिकट स्पॉन्सर करेंगे। करण के इस ऐलान ने शो का माहौल बदल दिया। समय रैना ने भी उनके इस जेस्चर को प्यारा बताया। वहीं करण ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह सब उन्हें अपनी पत्नी की वजह से मिल रहा है। विजेंद्र ने सोशल मीडिया पर किया शुक्रिया शो के बाद विजेंद्र ने सोशल मीडिया पर एपिसोड का वीडियो शेयर करते हुए करण औजला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में मिला प्लेटफॉर्म और अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। विजेंद्र ने करण को उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ करने और मालदीव ट्रिप स्पॉन्सर करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने शो के अन्य पैनलिस्टों के प्रति भी प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। फैंस ने करण औजला की जमकर तारीफ की करण के इस जेस्चर को सोशल मीडिया यूजर्स ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई फैंस ने कहा कि करण ने इस कदम से उनके दिल में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। कुछ यूजर्स ने उन्हें नेकदिल इंसान बताया, जबकि कई लोगों ने कहा कि उनकी पहचान सिर्फ एक सफल पंजाबी कलाकार के तौर पर नहीं है, बल्कि ऐसे मौके उनकी मानवीय सोच को भी सामने लाते हैं। एक यूजर ने कहा कि करण औजला ने एक बार फिर लोगों का दिल जीत लिया। वहीं कुछ अन्य प्रशंसकों ने भी उनके इस फैसले की सराहना की। कौन हैं करण औजला? करण औजला पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित सिंगर, रैपर और सॉन्गराइटर हैं। 'Softly', 'Tauba Tauba', 'Admiring You', 'Winning Speech' और '52 Bars' जैसे गानों से उन्हें भारत के साथ-साथ दुनियाभर में लोकप्रियता मिली है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके गानों को भारत के अलावा विदेशों में भी बड़ी संख्या में सुना जाता है। ऐसे में 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में एक कपल की इच्छा पूरी करने का उनका फैसला अब उनकी फैन फॉलोइंग के बीच एक अलग वजह से चर्चा में है। करण का जेस्चर क्यों खास है? सेलिब्रिटी की ओर से किसी जरूरतमंद या आम व्यक्ति की मदद करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन करण औजला के इस मामले में खास बात यह रही कि उन्होंने कपल की कहानी सुनी, उनकी इच्छा जानी और उसी वक्त उनकी मदद करने की पेशकश कर दी। हालांकि, इस तरह के किसी भी वायरल घटनाक्रम को शो में सामने आई जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। फिलहाल इतना जरूर है कि करण का यह अंदाज उनके फैंस को काफी पसंद आया है।
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर इन दिनों अपने एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि ने आपत्ति जताई। उन्होंने युवाओं से अपील की कि असहमति और विरोध दर्ज कराते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। हालांकि, उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर ही उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। पीएम मोदी के खिलाफ भाषा पर भूमि ने जताई आपत्ति भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए विरोध-प्रदर्शनों से सामने आए कुछ वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा पर चिंता जताई। उनका कहना था कि देश के युवाओं को अपनी नाराजगी और असहमति व्यक्त करते समय अपमानजनक या गाली-गलौज वाली भाषा से बचना चाहिए। भूमि ने देश की संस्कृति और सार्वजनिक संवाद में सम्मानजनक भाषा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जिस तरह हम अपने परिवार के बड़ों से बात करते हैं, क्या सार्वजनिक जीवन में भी संवाद की एक मर्यादा नहीं होनी चाहिए। अभिनेत्री ने युवाओं से शिक्षा और लैंगिक हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने तथा एकता के साथ आगे बढ़ने की अपील की। बयान के बाद सोशल मीडिया पर घिरीं अभिनेत्री भूमि के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने उनके इस विचार का समर्थन किया कि राजनीतिक असहमति के बावजूद अपशब्दों से बचना चाहिए, लेकिन कई अन्य लोगों ने सवाल उठाया कि क्या विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर भी समान रूप से आवाज उठाई गई थी। आलोचकों ने आरोप लगाया कि भूमि ने प्रदर्शनकारियों की भाषा पर तो टिप्पणी की, लेकिन प्रदर्शन से जुड़े दूसरे विवादित पहलुओं पर उनकी प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दी। कुछ यूजर्स ने उनके बयान को 'चुनिंदा' बताया और कहा कि किसी भी मुद्दे को केवल एक पक्ष से देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम पर बात होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणियां बेहद तीखी भी रहीं। कुछ लोगों ने अभिनेत्री पर 'जमीनी हकीकत से दूर' होने का आरोप लगाया, जबकि कुछ यूजर्स ने यह सवाल किया कि क्या सम्मान की अपील करने से पहले सत्ता और प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। विवाद के बीच असली सवाल क्या है? इस पूरे विवाद में दो अलग-अलग मुद्दे सामने आते हैं। पहला, किसी भी लोकतांत्रिक विरोध में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ भाषा की मर्यादा का सवाल। दूसरा, प्रदर्शनकारियों के साथ प्रशासन और पुलिस के व्यवहार को लेकर उठाए जा रहे सवाल। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की आलोचना और विरोध प्रदर्शन नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है। वहीं, किसी व्यक्ति या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ हिंसक या अपमानजनक भाषा को लेकर सवाल उठाना भी अलग मुद्दा है। दोनों विषयों पर एक साथ चर्चा की जा सकती है। यही वजह है कि भूमि पेडनेकर के बयान ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है। जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा विवाद यह विवाद उस समय सामने आया है जब NEET-UG 2026 से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बहस जारी है। प्रदर्शनकारियों की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल ने भी अलग बहस को जन्म दिया। भूमि पेडनेकर ने इसी पहलू पर प्रतिक्रिया देते हुए युवाओं से संयमित और सम्मानजनक भाषा अपनाने की अपील की। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनकी प्रतिक्रिया के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि सार्वजनिक हस्तियों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी करते समय पूरे घटनाक्रम के सभी पक्षों पर बात करनी चाहिए या नहीं। सोशल मीडिया की बहस ने बढ़ाई चर्चा भूमि पेडनेकर के बयान के बाद सामने आई प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि NEET-UG 2026 से जुड़ा विवाद केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। अब इसमें विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक भाषा, पुलिस कार्रवाई, सार्वजनिक संवाद और सेलिब्रिटी की भूमिका जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए हैं। फिलहाल इस विवाद का सबसे बड़ा संदेश यही है कि लोकतांत्रिक असहमति में सवाल पूछना जरूरी है, लेकिन भाषा और संवाद की मर्यादा को लेकर बहस भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। साथ ही, किसी भी विवाद को समझने के लिए आरोपों, प्रतिक्रियाओं और उपलब्ध तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।
Rashmika Mandanna Injury: अभिनेत्री रश्मिका मंदाना को शूटिंग के दौरान गंभीर चोट लगने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक डांस सीक्वेंस और एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान उनके हिप के टेंडन को गंभीर नुकसान पहुंचा और वह फट गया। डॉक्टरों ने अभिनेत्री को करीब छह हफ्ते पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इसके बाद उन्हें रिहैबिलिटेशन थेरेपी से गुजरना पड़ सकता है। रश्मिका मंदाना की चोट की खबर सामने आने के बाद उनके फैंस की चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक रश्मिका मंदाना या उनकी टीम की ओर से इस चोट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। डांस और एक्शन सीक्वेंस के दौरान लगी चोट रिपोर्ट्स के अनुसार, रश्मिका एक डांस सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थीं। इसके अलावा उन्होंने एक एक्शन सीन भी शूट किया था। इसी दौरान उनके हिप में चोट लगी। बताया जा रहा है कि चोट इतनी गंभीर थी कि उनके हिप का टेंडन फट गया। टेंडन शरीर में मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाला मजबूत ऊतक होता है। हिप के आसपास के टेंडन शरीर की गतिविधियों और पैरों की मूवमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में गंभीर चोट के बाद पूरी तरह ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम और विशेषज्ञों की निगरानी जरूरी हो सकती है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह की गंभीर टेंडन इंजरी अक्सर उन प्रोफेशनल एथलीट्स में देखने को मिलती है, जो लंबे समय तक अत्यधिक ट्रेनिंग या शारीरिक गतिविधियों से गुजरते हैं। 6 हफ्ते बेड रेस्ट, फिर होगी रिहैबिलिटेशन थेरेपी रश्मिका की मेडिकल जांच के बाद उन्हें करीब छह सप्ताह तक आराम करने की सलाह दी गई है। इसके बाद उनकी रिकवरी की स्थिति के आधार पर रिहैबिलिटेशन थेरेपी शुरू की जा सकती है। इस चोट का असर उनके काम पर भी पड़ने की संभावना है। रश्मिका कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही थीं और शूटिंग शेड्यूल में चोट के कारण बदलाव करना पड़ सकता है। फिलहाल उनके कुछ एड कैंपेन के अलावा 'रणबाली' और 'मायसा' जैसे प्रोजेक्ट्स का काम भी चल रहा था। ऐसे में छह सप्ताह का आराम उनके शूटिंग शेड्यूल को प्रभावित कर सकता है और प्रोडक्शन टीमों को आगे की तारीखों में बदलाव करना पड़ सकता है। रश्मिका की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं महत्वपूर्ण बात यह है कि रश्मिका मंदाना या उनकी टीम की ओर से अभी तक चोट को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। इसलिए चोट की गंभीरता और रिकवरी टाइमलाइन को लेकर सामने आई जानकारियां फिलहाल रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। फैंस के बीच चिंता जरूर है, लेकिन अभिनेत्री की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में किसी भी दावे को अंतिम मेडिकल अपडेट मानने से पहले आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है। शादी के बाद फिर शुरू किया था काम रश्मिका मंदाना ने फरवरी 2026 में विजय देवरकोंडा के साथ शादी की थी। शादी के बाद कुछ समय के ब्रेक के बाद उन्होंने दोबारा अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पर काम शुरू किया था। उन्होंने 'मायसा' की शूटिंग शुरू की थी। इसके अलावा वह 'रणबाली' में भी नजर आने वाली हैं, जिसमें उनके साथ विजय देवरकोंडा के काम करने की बात कही गई है। हाल ही में रश्मिका 'कॉकटेल 2' में भी नजर आई थीं, जिसमें कृति सेनन और शाहिद कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ रश्मिका मंदाना की चोट की खबर ने उनके फैंस को परेशान कर दिया है। अभिनेत्री के लगातार व्यस्त शूटिंग शेड्यूल और डांस-अॅक्शन सीक्वेंस के बीच लगी इस चोट के बाद अब उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। फिलहाल फैंस को उनकी आधिकारिक हेल्थ अपडेट का इंतजार है। उम्मीद है कि रश्मिका जल्द स्वस्थ होकर अपनी फिल्मों की शूटिंग पर वापसी करेंगी।
नई दिल्ली: रोहित शेट्टी के स्टंट रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के टेलीकास्ट से पहले ही इससे जुड़ा विवाद सामने आ गया है। शो की कंटेस्टेंट और टीवी एक्ट्रेस शगुन शर्मा ने को-कंटेस्टेंट गौरव खन्ना पर सेट पर उन्हें परेशान करने और बुली करने का आरोप लगाया है। शगुन के मुताबिक, शूटिंग के दौरान गौरव का व्यवहार उन्हें काफी परेशान करने वाला लगा और वह भविष्य में उनसे दोबारा नहीं मिलना चाहेंगी। शगुन शर्मा ने यह बात ‘फिल्मीज्ञान’ को दिए एक इंटरव्यू में शो के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कही। हालांकि, गौरव खन्ना की ओर से इन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है। इसलिए शगुन के दावों को उनके पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए। शगुन शर्मा ने गौरव खन्ना को लेकर क्या कहा? शगुन शर्मा के मुताबिक, गौरव खन्ना उन लोगों में से हैं जिनसे वह दोबारा मिलना नहीं चाहेंगी। उन्होंने दावा किया कि शो के दौरान गौरव उन्हें काफी परेशान करते थे। शगुन ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि जब कुछ कंटेस्टेंट किसी टास्क या काम को बीच में छोड़ देते थे, तब भी गौरव कथित तौर पर उन्हें ज्यादा टारगेट करते थे। उनके अनुसार, गौरव उन्हें ‘कमजोर’ कहकर ऐसी चीजें नहीं छोड़ने के लिए कहते थे। शगुन ने यह भी कहा कि उनके लिए यह व्यवहार इतना असहज था कि वह भविष्य में गौरव से मिलना नहीं चाहेंगी। ‘असल जिंदगी में इंसान का रूप बदल जाता है’ हालांकि, शगुन शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि शो के दौरान किसी व्यक्ति के व्यवहार को देखकर वह उसकी पूरी निजी जिंदगी के बारे में फैसला नहीं देना चाहतीं। उन्होंने कहा कि असल जिंदगी में किसी इंसान का रूप अलग हो सकता है और वह यह नहीं कहेंगी कि गौरव वास्तविक जीवन में भी बिल्कुल वैसे ही हैं, जैसे उन्होंने शो के दौरान उनके साथ व्यवहार किया। यानी शगुन ने अपने अनुभव को शो के सेट तक सीमित रखते हुए गौरव के निजी व्यक्तित्व पर कोई सीधा निष्कर्ष देने से परहेज किया। सोशल मीडिया पर शगुन के बयान को लेकर प्रतिक्रिया शगुन शर्मा के बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ यूजर्स ने शगुन के बयान पर सवाल उठाए और गौरव खन्ना का बचाव किया। कुछ लोगों ने यह भी टिप्पणी की कि गौरव के खिलाफ बोलना जैसे एक ट्रेंड बन गया है। इस तरह शगुन के आरोपों के बाद मामला सिर्फ दोनों कलाकारों के बीच के अनुभव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर फैंस के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। गौरव खन्ना पहले से क्यों चर्चा में हैं? गौरव खन्ना पिछले कुछ समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पत्नी आकांक्षा ने हाल ही ‘लॉकअप 2’ में अपने रिश्ते को लेकर खुलासा किया था और दावा किया था कि दोनों तलाक लेने वाले हैं तथा करीब एक साल से अलग रह रहे हैं। इसके बाद गौरव खन्ना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हुईं। अब शगुन शर्मा के सेट से जुड़े आरोपों ने एक बार फिर अभिनेता को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, दोनों मामलों को अलग-अलग संदर्भों में देखना जरूरी है और किसी भी आरोप को संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया के बिना अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। कौन हैं शगुन शर्मा? शगुन शर्मा टीवी इंडस्ट्री की जानी-पहचानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने साल 2015 में ‘कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’, ‘गंगा’, ‘इस प्यार को क्या नाम दूं 3’ और ‘तू आशिकी’ जैसे टीवी शोज में नजर आईं। उन्हें 2021 में ‘इश्क पर जोर नहीं’ से खास पहचान मिली, जिसमें उन्होंने सोनाली सोनू मल्होत्रा का किरदार निभाया था। इसके बाद उन्होंने ‘ससुराल गेंदा फूल 2’ और ‘हरफूल मोहिनी’ जैसे शोज में काम किया। फिलहाल वह ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में परिधि विरानी के किरदार में नजर आ रही हैं। अब ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में उनके और गौरव खन्ना के बीच कथित विवाद ने शो के प्रसारण से पहले ही दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केप टाउन में पूरी हो चुकी है। इस सीजन के साथ रोहित शेट्टी करीब दो साल बाद स्टंट बेस्ड रियलिटी शो में वापसी कर रहे हैं। शो के प्रसारण से पहले ही कंटेस्टेंट्स के अनुभव और विवादों ने माहौल गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि शो के ऑन एयर होने के बाद शगुन शर्मा और गौरव खन्ना से जुड़ा यह मामला किस तरह सामने आता है और क्या गौरव इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं।
टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी और उनके पूर्व पति राजा चौधरी के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उनकी बेटी पलक तिवारी की कस्टडी और करीब 93 लाख रुपये कीमत वाले एक फ्लैट से जुड़ा है। श्वेता तिवारी की ओर से अतीत में किए गए दावों और अब राजा चौधरी की सफाई के बाद इस पूरे मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। तलाक समझौते में क्या हुआ था? रिपोर्ट के मुताबिक, श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के तलाक के दौरान करीब 93 लाख रुपये कीमत का एक बेडरूम वाला फ्लैट राजा चौधरी के नाम ट्रांसफर किया गया था। इसके बदले राजा ने तलाक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और बेटी पलक तिवारी की कस्टडी के लिए दावा नहीं करने पर सहमति जताई थी। श्वेता तिवारी ने एक पुराने इंटरव्यू में दावा किया था कि कानूनी टीम ने राजा और पलक के नाम पर संपत्ति की संयुक्त मालिकाना व्यवस्था का विकल्प रखा था, लेकिन राजा ने कथित तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया और फ्लैट का पूरा मालिकाना हक मांगा। श्वेता के मुताबिक, उस समय राजा की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि वह संपत्ति के बदले बेटी की कस्टडी छोड़ने को तैयार हैं। यही दावा बाद में दोनों के रिश्ते और तलाक की कहानी का सबसे विवादित हिस्सा बन गया। राजा चौधरी ने अब क्या कहा? अब एक नए इंटरव्यू में राजा चौधरी ने इस पूरे मामले पर अपनी तरफ की कहानी सामने रखी है। उनका कहना है कि 2007 में दोनों अलग हुए और मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंचा। उनके मुताबिक, 2007 से 2012 के बीच वह लगातार कोर्ट की तारीखों पर जाते रहे। राजा ने दावा किया कि अदालत के आदेश के तहत उन्हें अपनी बेटी पलक से निर्धारित स्थान पर मिलने की अनुमति थी, लेकिन उनके अनुसार उन्हें बेटी से मिलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में वह दूसरी परेशानियों में उलझे हुए थे और उनके लिए रहने की जगह ढूंढना मुश्किल हो गया था। इसी परिस्थिति में उन्होंने फ्लैट को अपने रहने के लिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर चुना। ₹9 लाख में खरीदा गया था फ्लैट राजा चौधरी के अनुसार, जिस फ्लैट की मौजूदा कीमत करीब 93 लाख रुपये बताई जा रही है, उसे शुरुआत में लगभग 9 लाख रुपये में खरीदा गया था। उनका दावा है कि उनके पिता ने इसकी डाउन पेमेंट की थी, जबकि उन्होंने और श्वेता ने मिलकर इसकी ईएमआई चुकाई थी। राजा का कहना है कि उस समय उनकी प्राथमिकता किसी बड़े आर्थिक लाभ से ज्यादा अपने लिए एक स्थायी घर हासिल करना थी। उन्होंने श्वेता के पुराने आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की रहने के लिए जगह पाने की जरूरत को बेटी या संपत्ति में से किसी एक को चुनने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राजा का दावा- दूसरी संपत्तियों में भी छोड़ा हिस्सा राजा चौधरी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने उन संपत्तियों में अपना हिस्सा छोड़ दिया था, जिन्हें उन्होंने और श्वेता ने साथ मिलकर खरीदा था। उनके मुताबिक, इन संपत्तियों में उनका आर्थिक योगदान भी था। उनका तर्क है कि अगर उनका मकसद केवल संपत्ति हासिल करना होता, तो वह दूसरी संयुक्त संपत्तियों में भी अपना हिस्सा मांग सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पुराने दावों के बीच फिर बढ़ी चर्चा इस पूरे मामले में खास बात यह है कि श्वेता तिवारी और राजा चौधरी की ओर से सामने आई कहानियां एक-दूसरे से काफी अलग हैं। श्वेता ने जहां अतीत में संपत्ति और बेटी की कस्टडी को लेकर एक अलग तस्वीर पेश की थी, वहीं राजा अब इसे अपनी परिस्थितियों और रहने की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे में इस पुराने विवाद को समझने के लिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में दोनों के आरोपों और दावों के बीच कई अंतर दिखाई देते हैं, इसलिए किसी एक पक्ष की बात को अंतिम तथ्य मानने के बजाय इसे उनके संबंधित बयानों के तौर पर देखना अधिक उचित होगा। सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा? पलक तिवारी अब खुद एक जानी-पहचानी अभिनेत्री हैं और श्वेता तिवारी भी लंबे समय से टेलीविजन की लोकप्रिय हस्तियों में शामिल रही हैं। ऐसे में उनके परिवार से जुड़ा कोई भी पुराना विवाद दोबारा सामने आने पर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन जाता है। हालांकि, इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू बेटी पलक तिवारी से जुड़ा है। इसलिए पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय दोनों पक्षों के सार्वजनिक रूप से सामने आए दावों को सावधानी से समझना जरूरी है।
मुंबई, एजेंसियां। 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने फिल्म 'करण अर्जुन' के सुपरहिट गीत 'मुझको राणाजी माफ करना' के नए संस्करण 'राणाजी 2.0' पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नई वीडियो में माहिरा शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छा काम किया है, लेकिन ओरिजिनल गाने की पहचान और लोकप्रियता आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। 'ओरिजिनल गाना लोगों के दिलों में बसा है' ममता कुलकर्णी ने कहा कि 'राणाजी 2.0' एक नया प्रयास है और माहिरा शर्मा ने अपनी तरफ से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हालांकि, उन्होंने माना कि 1995 में रिलीज़ हुआ 'मुझको राणाजी माफ करना' आज भी लोगों की यादों में गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए उसकी तुलना करना आसान नहीं है। शूटिंग के दिनों को किया याद ममता ने बताया कि ओरिजिनल गाने की शूटिंग के दौरान कई दिनों तक कड़ी रिहर्सल हुई थी। उन्होंने फिल्म के निर्देशक राकेश रोशन और पूरी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि 'करण अर्जुन' के गानों ने फिल्म को यादगार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। बॉलीवुड में वापसी के लिए तैयार, लेकिन रखी शर्त ममता कुलकर्णी ने यह भी संकेत दिए कि यदि उन्हें मजबूत कहानी और उनकी मौजूदा सोच के अनुरूप किरदार मिलता है तो वह बॉलीवुड में वापसी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अब उनकी सोच पहले जैसी नहीं रही और वह ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना चाहेंगी, जिसका विषय और संदेश सार्थक हो।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता वरुण धवन ने अपनी सुपरहिट एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘ढिशूम’ के 10 साल पूरे होने पर पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म की शूटिंग और प्रमोशन के दौरान की कई बिहाइंड-द-सीन्स (BTS) तस्वीरें साझा कीं। इस मौके पर वरुण ने निर्देशक रोहित धवन, अभिनेता जॉन अब्राहम, अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और पूरी टीम के साथ बिताए पलों को याद किया। ‘देश को कोई बुरा कहे तो ढिशूम वापस आ सकती है’ तस्वीरों के साथ वरुण धवन ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “अगर कोई भारत के बारे में बुरा कहे, तो ‘ढिशूम’ फिर से वापस आ सकती है।” उनका यह संवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फिल्म के प्रशंसकों ने इसे खूब पसंद किया। 2016 में रिलीज हुई थी ‘ढिशूम’ 29 जुलाई 2016 को रिलीज हुई ‘ढिशूम’ का निर्देशन वरुण के भाई रोहित धवन ने किया था। फिल्म में जॉन अब्राहम, वरुण धवन, जैकलीन फर्नांडिस, अक्षय खन्ना और साकिब सलीम मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म एक अपहृत भारतीय क्रिकेटर की तलाश पर आधारित एक्शन-कॉमेडी थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। फैंस ने सीक्वल की उठाई मांग वरुण की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने ‘ढिशूम 2’ बनाने की मांग की। हालांकि, फिल्म के सीक्वल को लेकर निर्माताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "जादुई" और "अविश्वसनीय अनुभव" बताया। ट्रेलर रिलीज़ होने के कुछ ही समय बाद आलिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इसे साझा किया और फिल्म से जुड़े कलाकारों व पूरी टीम की सराहना की। "कुछ फिल्में सिर्फ महसूस की जाती हैं" आलिया भट्ट ने अपनी पोस्ट में लिखा कि "कुछ चीज़ें शब्दों में बयान नहीं की जा सकतीं, उन्हें सिर्फ महसूस किया जा सकता है। 'रामायण' का ट्रेलर बिल्कुल वैसा ही अनुभव है।" उन्होंने रणबीर कपूर, निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा सहित पूरी टीम को इस भव्य फिल्म के लिए शुभकामनाएं दीं। ट्रेलर को मिल रही शानदार प्रतिक्रिया 30 जुलाई को रिलीज़ हुए 'रामायण' के ट्रेलर को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आए हैं। सोशल मीडिया पर ट्रेलर के भव्य विजुअल्स, VFX और बैकग्राउंड स्कोर की खूब तारीफ हो रही है। दिवाली रिलीज़ को लेकर बढ़ा उत्साह आलिया की प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर प्रशंसकों का उत्साह और बढ़ गया है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक माना जा रहा है।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री शारवरी वाघ और अभिनेता वेदांग रैना एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों की जोड़ी को निर्देशक इम्तियाज अली अपनी अगली रोमांटिक ड्रामा फिल्म में दोबारा पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म का नाम अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इसकी स्क्रिप्ट लॉक हो चुकी है और प्री-प्रोडक्शन का काम चल रहा है। 'मैं वापस आऊंगा' की सफलता के बाद बढ़ा भरोसा शारवरी और वेदांग रैना इससे पहले इम्तियाज अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में साथ नजर आए थे। फिल्म में दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। इसी प्रतिक्रिया को देखते हुए इम्तियाज अली ने दोनों कलाकारों को अपनी नई लव स्टोरी के लिए फिर चुना है। नवंबर 2026 से शुरू हो सकती है शूटिंग रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अनटाइटल्ड रोमांटिक फिल्म की शूटिंग नवंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। फिल्म की कहानी प्यार, रिश्तों और भावनात्मक सफर के इर्द-गिर्द होगी। हालांकि, फिल्म की आधिकारिक घोषणा, रिलीज डेट और बाकी कलाकारों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इम्तियाज अली की रोमांटिक फिल्मों की वापसी इम्तियाज अली अपनी अलग तरह की प्रेम कहानियों के लिए जाने जाते हैं। 'जब वी मेट', 'रॉकस्टार' और 'तमाशा' जैसी फिल्मों के बाद उनकी नई फिल्म से भी दर्शकों को एक खास रोमांटिक कहानी की उम्मीद है। शारवरी और वेदांग की नई जोड़ी को लेकर बॉलीवुड में अभी से चर्चा शुरू हो गई है।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री Karishma Tanna और उनके पति Varun Bangera के घर खुशियों ने दस्तक दी है। करिश्मा तन्ना ने गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के शुभ अवसर पर एक बेटे को जन्म दिया। इस खुशखबरी को कपल ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद फिल्म और टीवी जगत से उन्हें बधाइयों का तांता लग गया। सोशल मीडिया पोस्ट से दी जानकारी करिश्मा और वरुण ने अपने आधिकारिक पोस्ट में नवजात के आगमन की जानकारी देते हुए लिखा, "It's a Boy! Our greatest blessing is here." पोस्ट में उन्होंने अपने बेटे के जन्म की तारीख 29 जुलाई 2026 भी साझा की। सेलेब्स ने दी शुभकामनाएं करिश्मा की पोस्ट पर स्मृति ईरानी, सोनू सूद, दिया मिर्जा, भारती सिंह, राहुल वैद्य, रकुल प्रीत सिंह समेत कई कलाकारों ने उन्हें माता-पिता बनने की बधाई दी। फैंस ने भी सोशल मीडिया पर कपल को शुभकामनाएं दीं। 2022 में हुई थी शादी करिश्मा तन्ना और वरुण बंगेरा ने फरवरी 2022 में शादी की थी। इस साल अप्रैल में दोनों ने अपनी पहली प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी और अब बेटे के जन्म के साथ उनके परिवार में एक नया सदस्य जुड़ गया है।
बॉलीवुड अभिनेता सुदेश बैरी अपने एक हालिया पॉडकास्ट इंटरव्यू को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ‘विष्णु अवतार’ तक बताया। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने CJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलोचकों पर बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा में निशाना साधा। उनके बयान से जुड़े कई वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पीएम मोदी की तुलना भगवान विष्णु से की ‘अकंपनी अक्की’ नाम के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सुदेश बैरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग ईश्वर को देखे बिना उनकी पूजा करते हैं, उसी तरह वह भी पीएम मोदी का सम्मान करते हैं। अभिनेता ने प्रधानमंत्री को ‘विष्णु अवतार’ बताते हुए कहा कि वह उनके पैर धोकर पीना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। CJP पर तीखे हमले पॉडकास्ट के दौरान सुदेश बैरी ने CJP और उससे जुड़े लोगों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी और उसके आंदोलनकारियों के लिए कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग देश को पीछे ले जाने का काम कर रहे हैं। अभिनेता ने यह भी दावा किया कि CJP के अध्यक्ष ने उन्हें फोन कर आंदोलन से जुड़ने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर फोन ब्लॉक कर दिया। बैरी ने कहा कि वह इस राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे क्लिप सुदेश बैरी के पॉडकास्ट में दिए गए बयानों के कुछ हिस्से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद उनके बयान पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके प्रधानमंत्री के समर्थन वाले बयान की चर्चा कर रहे हैं, जबकि कई यूजर्स उनके द्वारा राजनीतिक विरोधियों के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठा रहे हैं। पीएम मोदी के आलोचकों पर भी निशाना अभिनेता ने उन लोगों की भी आलोचना की जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ गाली-गलौज करना उचित नहीं है। हालांकि, इसी दौरान उन्होंने खुद CJP और उसके समर्थकों के खिलाफ कई बेहद तीखे और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके कारण उनके बयान को लेकर विवाद और तेज हो गया है। बयान पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा सुदेश बैरी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब देश में राजनीतिक मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर तीखी बयानबाजी लगातार चर्चा में रहती है। ऐसे में किसी अभिनेता का किसी प्रधानमंत्री के समर्थन में इस तरह खुलकर सामने आना और साथ ही विरोधी समूह पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करना सोशल मीडिया बहस का विषय बन गया है। फिलहाल, वायरल क्लिप्स को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। पूरे मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि वायरल वीडियो के छोटे-छोटे हिस्सों के बजाय अभिनेता के पूरे पॉडकास्ट संदर्भ को देखकर ही उनके बयान का आकलन किया जाए।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत तथा अभिनेता सोनू सूद के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी तेज हो गई है। विवाद की शुरुआत कंगना रनौत की उस टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारी युवाओं को "Generation Gutter" कहा। इस बयान पर सोनू सूद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "शर्मनाक" बताया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में लोगों को सोच-समझकर बोलना चाहिए। सोनू सूद बोले- युवा ही सितारों को बनाते हैं मीडिया से बातचीत में सोनू सूद ने कहा कि युवा वर्ग का सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि वही किसी अभिनेता या सार्वजनिक व्यक्ति की लोकप्रियता का सबसे बड़ा आधार होता है। उन्होंने कहा, "बोलने से पहले शब्दों को तौलना बहुत जरूरी है।" उनके इस बयान के बाद यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कंगना की टिप्पणी पर बढ़ा विवाद कंगना रनौत ने हालिया छात्र विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ युवाओं की भाषा और व्यवहार की आलोचना की थी। उनकी इसी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई, जिसमें कई लोगों ने समर्थन किया तो कई ने आलोचना की। सोनू सूद का बयान इसी विवाद के बीच सामने आया। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस दोनों कलाकारों के बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग कंगना के बयान का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग सोनू सूद की टिप्पणी को सही ठहरा रहा है। फिलहाल कंगना रनौत ने सोनू सूद की प्रतिक्रिया पर कोई नया सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।