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Bihar Boy Tops JEE Main 2026

JEE Main 2026: बिहार के शुभम कुमार ने रचा इतिहास, दोनों सेशन में 100 परसेंटाइल हासिल कर बने स्टार परफॉर्मर

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Shubham Kumar from Bihar celebrates 100 percentile in both JEE Main 2026 sessions
Shubham Kumar JEE Main 2026 Topper

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के नतीजों में इस बार भी परिणामों में बिहार ने अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया है। National Testing Agency (NTA) द्वारा जारी सेशन 2 के रिजल्ट में कुल 26 छात्रों ने 100 परसेंटाइल हासिल किया, जिनमें बिहार के Shubham Kumar का नाम खास तौर पर सुर्खियों में है।

शुभम ने न सिर्फ सेशन 2 में, बल्कि सेशन 1 में भी 100 परसेंटाइल हासिल कर एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। वे दोनों सेशन में परफेक्ट स्कोर पाने वाले बिहार के इकलौते छात्र हैं।

साधारण परिवार से निकलकर असाधारण उपलब्धि

Shubham Kumar बिहार के गया जिले के नादरागंज इलाके के निवासी हैं। उनके पिता शिवकुमार एक हार्डवेयर दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं।
साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद शुभम ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।

उनकी बड़ी बहन प्रिय कुमारी IIT Patna से बीटेक कर रही हैं, जिससे घर में पहले से ही पढ़ाई का माहौल रहा।

IIT बॉम्बे है सपना

शुभम का अगला लक्ष्य IIT Bombay से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है।
IIT बॉम्बे का यह कोर्स हर साल टॉप रैंकर्स की पहली पसंद होता है, जहां से बेहतरीन प्लेसमेंट और ग्लोबल अवसर मिलते हैं।

सेल्फ स्टडी से बनाई मजबूत नींव

शुभम ने 10वीं तक बिना किसी ट्यूशन के सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर पढ़ाई की।
उन्होंने नजरथ अकैडमी से 10वीं और ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल, गया से 12वीं पास की। इसके बाद बेहतर तैयारी के लिए वे कोटा गए, जहां उन्होंने जेईई की तैयारी को और धार दी।

JEE Main 2026 कट-ऑफ (Session 2)

  • General (UR): 93.4123549
  • EWS: 82.4164528
  • OBC: 80.9232583
  • SC: 63.9172792
  • ST: 52.0174712
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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BSEB Dummy Registration Card 2027: बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2027 का डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी किया, तुरंत करें ये जरूरी काम

BSEB Dummy Registration Card 2027: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2027 की मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) वार्षिक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी कर दिया है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने रजिस्ट्रेशन कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित समय के भीतर उसका सुधार अवश्य कराएं। डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड छात्रों को परीक्षा से पहले अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी सत्यापित करने का अवसर देता है। यदि इस चरण में गलती नहीं सुधारी गई, तो आगे चलकर एडमिट कार्ड, मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों में परेशानी हो सकती है। कैसे डाउनलोड करें BSEB Dummy Registration Card 2027? छात्र अपना डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के लिए इन चरणों का पालन करें: बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.org पर जाएं। होम पेज पर IMPORTANT LINKS सेक्शन खोलें। "REGISTRATION/PERMISSION APPLICATION FORM FOR THE SECONDARY ANNUAL EXAM, 2027 (SESSION 2026-27)" लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई जानकारी दर्ज करें। स्क्रीन पर डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। किन जानकारियों की करें जांच? डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्र निम्नलिखित विवरणों का मिलान जरूर करें— छात्र का नाम माता एवं पिता का नाम जन्मतिथि लिंग (Gender) श्रेणी (Category) फोटो हस्ताक्षर विषय (Subjects) विद्यालय का नाम अन्य व्यक्तिगत विवरण यदि इनमें किसी भी प्रकार की स्पेलिंग या अन्य त्रुटि दिखाई देती है, तो तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित करें। प्रधानाचार्यों के लिए भी जारी किए गए निर्देश बिहार बोर्ड ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। प्रधानाचार्य अपने User ID और Password के माध्यम से लॉगिन कर डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड डाउनलोड करेंगे और प्रत्येक छात्र को विद्यालय की मुहर एवं हस्ताक्षर के साथ इसकी दो प्रतियां उपलब्ध कराएंगे। यदि किसी छात्र के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, फोटो, जाति, धर्म, राष्ट्रीयता, लिंग या विषय संबंधी जानकारी में त्रुटि है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका सुधार कराया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर जारी किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए बिहार बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं— इंटरमीडिएट हेल्पलाइन: 0612-2230039 मैट्रिक हेल्पलाइन: 9430429722 छात्र किसी भी तकनीकी या रजिस्ट्रेशन संबंधी समस्या के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह बोर्ड ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड को हल्के में न लें। यह वही चरण है जहां सभी त्रुटियों को समय रहते सुधारा जा सकता है। बाद में दस्तावेज तैयार होने के बाद सुधार कराना कठिन हो सकता है और इससे परीक्षा या भविष्य की प्रवेश प्रक्रिया में भी परेशानी आ सकती है।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
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SBI PO Admit Card 2026 जारी: 1 और 2 अगस्त की परीक्षा के लिए डाउनलोड शुरू, यहां जानें पूरा प्रोसेस

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) भर्ती परीक्षा 2026 के लिए प्रीलिम्स एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, वे अब आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in या sbi.bank.in पर जाकर अपना कॉल लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के तहत 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक परीक्षा 1 और 2 अगस्त 2026 को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। 1 और 2 अगस्त को होगी परीक्षा SBI PO प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन 1 अगस्त और 2 अगस्त 2026 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दर्ज सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें। इन विवरणों की अवश्य जांच करें: उम्मीदवार का नाम रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर परीक्षा की तारीख परीक्षा केंद्र का पता रिपोर्टिंग टाइम परीक्षा शिफ्ट महत्वपूर्ण निर्देश यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई दे तो तुरंत SBI से संपर्क करें। ऐसे डाउनलोड करें SBI PO Admit Card 2026 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें: SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in या sbi.bank.in पर जाएं। Careers या Current Openings सेक्शन पर क्लिक करें। Recruitment of Probationary Officers (PO) 2026-27 लिंक खोलें। Download Preliminary Call Letter पर क्लिक करें। अपना Registration Number/Roll Number और Password या Date of Birth दर्ज करें। लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें। परीक्षा केंद्र पर क्या लेकर जाना होगा? परीक्षा के दिन उम्मीदवारों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लेकर जाना अनिवार्य है: SBI PO प्रीलिम्स एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट वैध फोटो पहचान पत्र (इनमें से कोई एक): आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस एडमिट कार्ड में उल्लिखित अन्य आवश्यक दस्तावेज (यदि लागू हों) बिना एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र के किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें। परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग समय से पहले पहुंचें। एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रतिबंधित वस्तु को साथ न ले जाएं।

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शिक्षकों से 'प्रशस्त' ऐप के जरिए दिव्यांग बच्चों की पहचान की अपील करते धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षकों से 'प्रशस्त' ऐप के जरिए बच्चों में दिव्यांगता की पहचान करने की अपील की

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में संभावित दिव्यांगता और विशेष जरूरतों की पहचान के लिए 'प्रशस्त' (PRASHAST) ऐप का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि समय रहते बच्चों की जरूरतों को पहचानने से उन्हें बेहतर शिक्षा, सहायता और समान अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।   शिक्षकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण   धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षक बच्चों के व्यवहार, सीखने की क्षमता और शारीरिक गतिविधियों को सबसे करीब से देखते हैं। इसलिए वे प्रारंभिक स्तर पर किसी भी तरह की सीखने संबंधी कठिनाई या दिव्यांगता के संकेतों को पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।   उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे प्रशस्त ऐप के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित विशेषज्ञ सहायता से जोड़ें।   क्या है प्रशस्त ऐप   'प्रशस्त' ऐप शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया एक डिजिटल टूल है, जिसका उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान करना है। इसके माध्यम से शिक्षक बच्चों में विभिन्न प्रकार की विशेष जरूरतों के संकेतों को दर्ज कर सकते हैं और आगे की सहायता के लिए जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।   यह ऐप समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने पर जोर   शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार सीखने का अवसर मिलना चाहिए। दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ समान शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।   उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पहचान होने से बच्चों को सही समय पर विशेष प्रशिक्षण, सहायक उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग मिल सकता है।   राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों से जुड़ा कदम   प्रशस्त ऐप का उपयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत समावेशी और समान शिक्षा के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा केवल किसी शारीरिक या सीखने संबंधी कठिनाई के कारण शिक्षा से पीछे न रह जाए।   स्कूलों में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर   धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, ऐप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और बच्चों के अनुकूल बनाने में मदद कर रहे हैं।   उन्होंने शिक्षकों से तकनीक का उपयोग कर बच्चों की जरूरतों को समझने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल देने की अपील की।  

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