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NEET UG 2026 Counselling: MCC Introduces 3 Major Rule Changes

NEET Counselling 2026: MBBS एडमिशन के 3 बड़े नियम बदले, छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

anmol जुलाई 30, 2026 0
Medical students reviewing NEET UG 2026 counselling updates with new MCC online seat upgrade and resignation rules.
NEET UG 2026 MCC Counselling New Rules

NEET Counselling 2026: NEET UG 2026 के जरिए MBBS, BDS और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में प्रवेश की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Medical Counselling Committee (MCC) ने काउंसलिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

नए नियमों के तहत अब सीट अपग्रेड कराने या सीट छोड़ने (Seat Resignation) के लिए उम्मीदवारों को संबंधित मेडिकल कॉलेज में जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग नहीं करनी होगी। इसके अलावा NRI कोटा के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ये बदलाव 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। इसका उद्देश्य काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

क्या हैं MCC के 3 बड़े बदलाव?

1. सीट अपग्रेड के लिए कॉलेज में रिपोर्टिंग की जरूरत नहीं

पहले यदि किसी उम्मीदवार को किसी राउंड में सीट मिल जाती थी और वह अगले राउंड में बेहतर कॉलेज या बेहतर ब्रांच के लिए Upgrade विकल्प चुनता था, तो उसे पहले अलॉट हुए कॉलेज में जाकर रिपोर्ट करना पड़ता था।

अब नए नियम के अनुसार, यदि उम्मीदवार Upgrade/Willing to Upgrade विकल्प चुनता है, तो उसकी सीट MCC पोर्टल पर सुरक्षित रहेगी और वह बिना कॉलेज जाए अगले राउंड की काउंसलिंग में शामिल हो सकेगा।

फायदा

  • यात्रा का खर्च बचेगा।
  • समय की बचत होगी।
  • दूसरे राज्यों के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

2. अब सीट रिजाइन (Seat Resignation) भी पूरी तरह ऑनलाइन

पहले किसी मेडिकल सीट को छोड़ने के लिए संबंधित कॉलेज जाकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी।

अब उम्मीदवार MCC Counselling Portal पर निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन Seat Resignation Letter जमा कर सकेंगे।

फायदा

  • कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं।
  • पूरी प्रक्रिया तेज और आसान।
  • ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा।

3. NRI कोटा डॉक्यूमेंट्स अब ऑनलाइन अपलोड होंगे

डीम्ड यूनिवर्सिटीज में NRI कोटा के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को पहले दस्तावेज सत्यापन के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती थी।

अब सभी आवश्यक दस्तावेज सीधे MCC Portal पर अपलोड किए जा सकेंगे।

फायदा

  • अलग से दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं।
  • वेरिफिकेशन प्रक्रिया अधिक सरल।
  • समय और परेशानी दोनों कम।

कॉलेजों और राज्यों के लिए MCC के निर्देश

नई ऑनलाइन काउंसलिंग प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए MCC ने राज्य काउंसलिंग प्राधिकरणों, मेडिकल कॉलेजों और नोडल अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

इसके अलावा राज्यों और मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे—

  • सीटों की संख्या
  • कॉलेज फीस
  • पात्रता
  • अन्य आवश्यक जानकारी

समय पर सार्वजनिक करें ताकि उम्मीदवार सही निर्णय ले सकें।

उम्मीदवार क्या करें?

NEET UG 2026 काउंसलिंग शुरू होने से पहले उम्मीदवारों को—

  • सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
  • MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखें।
  • रजिस्ट्रेशन और Choice Filling की तारीखों पर नजर रखें।
  • केवल आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर ही प्रक्रिया पूरी करें।

महत्वपूर्ण सरकारी लिंक

MCC Official Website (NEET UG Counselling):
https://mcc.nic.in

Official Notices & Counselling Updates:
https://mcc.nic.in/#/home

ध्यान रखें :-  नई व्यवस्था का उद्देश्य मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाना है। हालांकि, प्रत्येक काउंसलिंग राउंड की समय-सीमा और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। आवेदन या सीट संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले MCC द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ें।

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anmol Manisha

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ISRO Scientist recruitment notification with engineer, space research concept, and career opportunity for GATE-qualified candidates.
बिना लिखित परीक्षा बनें ISRO Scientist, 92 पदों पर भर्ती; ₹1 लाख+ सैलरी

ISRO Scientist Vacancy 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए शानदार करियर अवसर की घोषणा की है। संगठन ने Scientist/Engineer 'SC' के 92 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि उम्मीदवारों को अलग से लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। चयन GATE 2025 या GATE 2026 स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। यदि आप ISRO जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में वैज्ञानिक बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह आपके लिए बेहतरीन अवसर हो सकता है। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 17 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? ISRO ने विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में कुल 92 रिक्तियां जारी की हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स – 34 पद मैकेनिकल – 26 पद कंप्यूटर साइंस – 13 पद सिविल – 10 पद इलेक्ट्रिकल – 4 पद रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग – 2 पद आर्किटेक्चर – 2 पद सिविल (PRL) – 1 पद कौन कर सकता है आवेदन? आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में BE/BTech या समकक्ष डिग्री होना आवश्यक है। साथ ही GATE 2025 या GATE 2026 का वैध स्कोर होना चाहिए। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65% अंक या 6.84 CGPA निर्धारित किया गया है। आयु सीमा अधिकतम आयु: 28 वर्ष (17 अगस्त 2026 तक) आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। चयन प्रक्रिया इस भर्ती में कोई अलग लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन प्रक्रिया में शामिल होंगे: GATE स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग व्यक्तिगत इंटरव्यू अंतिम मेरिट कितनी मिलेगी सैलरी? चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति Scientist/Engineer 'SC' पद पर होगी। उन्हें मिलेगा: शुरुआती बेसिक वेतन: ₹56,100 प्रति माह कुल मासिक सैलरी (भत्तों सहित): ₹1 लाख से अधिक (पोस्टिंग स्थान और लागू भत्तों के अनुसार) महंगाई भत्ता (DA) मकान किराया भत्ता (HRA) ट्रांसपोर्ट अलाउंस अन्य सरकारी सुविधाएं आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय GATE स्कोरकार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। महत्वपूर्ण तिथि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 17 अगस्त 2026 ध्यान रखें: आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता, दस्तावेज, आयु सीमा और अन्य सभी शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।  

anmol जुलाई 29, 2026 0
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