फैशन और ब्यूटी

Goa Aura Perfume: Mapusa Market’s Unique Scent Mystery

क्या आपकी ‘आभा’ तय कर सकती है आपकी खुशबू? गोवा के एक अनोखे परफ्यूम अनुभव की कहानी

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Aura reader creating signature perfume using oils and herbs at Mapusa Market Goa
Goa Aura Perfume Experience at Mapusa Market

 

आज के दौर में जहां हर चीज़ पहले से रिव्यू और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी होती है, वहीं Mapusa Market में एक ऐसा अनुभव भी मौजूद है जो रहस्यमयी, निजी और बिल्कुल अलग है। यहां एक व्यक्ति आपकी ‘आभा’ (Aura) को पढ़कर आपके लिए एक खास खुशबू तैयार करता है–एक ऐसी खुशबू जो कथित तौर पर आपकी पहचान को दर्शाती है।

कौन हैं यह ‘ऑरा रीडर’?

गोवा के इस भीड़भाड़ वाले बाजार में Ramakrishna नाम के एक शख्स हैं, जिनकी पहचान एक परफ्यूमर से कहीं ज्यादा ‘ऑरा रीडर’ के रूप में बन चुकी है।

वह सिर्फ परफ्यूम ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रेज़िन, मसालों, जड़ी-बूटियों और एसेंशियल ऑयल्स से अगरबत्ती भी तैयार करते हैं। उनके बनाए सुगंध में समुद्री हवा, मसालों की खुशबू और मंदिरों की धूप जैसी परतें महसूस होती हैं।

कैसे बनती है आपकी ‘सिग्नेचर खुशबू’?

जो लोग उनसे मिल चुके हैं, उनके अनुसार यह अनुभव किसी साधारण परफ्यूम शॉप जैसा नहीं होता।

रamakrishna पहले आपके हावभाव, बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से देखते हैं।

  • आप कैसे बैठते हैं
  • कितनी तेजी से बोलते हैं
  • क्या कहते हैं और क्या नहीं

इन सब बातों को समझने के बाद वह बिना किसी लेबल वाले ऑयल्स से एक खास खुशबू तैयार करते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि यह खुशबू अक्सर वैसी नहीं होती, जैसी आप खुद चुनते–लेकिन फिर भी उसमें कुछ ऐसा होता है जिसे आप पहचान लेते हैं।

रहस्य या मनोविज्ञान?

यह अनुभव जितना आकर्षक है, उतने ही सवाल भी खड़े करता है।
क्या यह सच में ‘ऑरा रीडिंग’ है या फिर इंसानी व्यवहार को बारीकी से समझने की कला?

संभव है कि जादू खुशबू में कम और उस ध्यान में ज्यादा हो, जो आपको इस प्रक्रिया के दौरान दिया जाता है–एक ऐसा ध्यान, जो आज की तेज़ जिंदगी में दुर्लभ हो चुका है।

क्यों खास है यह अनुभव?

आज के डिजिटल युग में, जहां हर चीज़ आसानी से उपलब्ध है, वहां रामकृष्ण जैसे लोग अपनी रहस्यमयी पहचान बनाए रखने में सफल रहे हैं।

उनका कोई बड़ा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नहीं है, न ही वे खुद को प्रचारित करते हैं। शायद यही वजह है कि लोग सिर्फ खुशबू के लिए नहीं, बल्कि ‘देखे और समझे जाने’ के अनुभव के लिए भी उनके पास पहुंचते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

फैशन और ब्यूटी

View more
Aura reader creating signature perfume using oils and herbs at Mapusa Market Goa
क्या आपकी ‘आभा’ तय कर सकती है आपकी खुशबू? गोवा के एक अनोखे परफ्यूम अनुभव की कहानी

  आज के दौर में जहां हर चीज़ पहले से रिव्यू और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी होती है, वहीं Mapusa Market में एक ऐसा अनुभव भी मौजूद है जो रहस्यमयी, निजी और बिल्कुल अलग है। यहां एक व्यक्ति आपकी ‘आभा’ (Aura) को पढ़कर आपके लिए एक खास खुशबू तैयार करता है–एक ऐसी खुशबू जो कथित तौर पर आपकी पहचान को दर्शाती है। कौन हैं यह ‘ऑरा रीडर’? गोवा के इस भीड़भाड़ वाले बाजार में Ramakrishna नाम के एक शख्स हैं, जिनकी पहचान एक परफ्यूमर से कहीं ज्यादा ‘ऑरा रीडर’ के रूप में बन चुकी है। वह सिर्फ परफ्यूम ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रेज़िन, मसालों, जड़ी-बूटियों और एसेंशियल ऑयल्स से अगरबत्ती भी तैयार करते हैं। उनके बनाए सुगंध में समुद्री हवा, मसालों की खुशबू और मंदिरों की धूप जैसी परतें महसूस होती हैं। कैसे बनती है आपकी ‘सिग्नेचर खुशबू’? जो लोग उनसे मिल चुके हैं, उनके अनुसार यह अनुभव किसी साधारण परफ्यूम शॉप जैसा नहीं होता। रamakrishna पहले आपके हावभाव, बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से देखते हैं। आप कैसे बैठते हैं कितनी तेजी से बोलते हैं क्या कहते हैं और क्या नहीं इन सब बातों को समझने के बाद वह बिना किसी लेबल वाले ऑयल्स से एक खास खुशबू तैयार करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह खुशबू अक्सर वैसी नहीं होती, जैसी आप खुद चुनते–लेकिन फिर भी उसमें कुछ ऐसा होता है जिसे आप पहचान लेते हैं। रहस्य या मनोविज्ञान? यह अनुभव जितना आकर्षक है, उतने ही सवाल भी खड़े करता है। क्या यह सच में ‘ऑरा रीडिंग’ है या फिर इंसानी व्यवहार को बारीकी से समझने की कला? संभव है कि जादू खुशबू में कम और उस ध्यान में ज्यादा हो, जो आपको इस प्रक्रिया के दौरान दिया जाता है–एक ऐसा ध्यान, जो आज की तेज़ जिंदगी में दुर्लभ हो चुका है। क्यों खास है यह अनुभव? आज के डिजिटल युग में, जहां हर चीज़ आसानी से उपलब्ध है, वहां रामकृष्ण जैसे लोग अपनी रहस्यमयी पहचान बनाए रखने में सफल रहे हैं। उनका कोई बड़ा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नहीं है, न ही वे खुद को प्रचारित करते हैं। शायद यही वजह है कि लोग सिर्फ खुशबू के लिए नहीं, बल्कि ‘देखे और समझे जाने’ के अनुभव के लिए भी उनके पास पहुंचते हैं।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Rihanna speaking at Fenty Beauty Ki Haveli Mumbai event about women empowerment and beauty inclusivity

मुंबई में Rihanna का दमदार संदेश: “महिलाएं सिर्फ देखी और सुनी जाना चाहती हैं”

Sreeleela in ivory Anarkali outfit with zari embroidery and pearl detailing fashion photoshoot

आइवरी अनारकली में छाईं Sreeleela: जरी-ज़र्दोज़ी और पर्ल डिटेलिंग ने बढ़ाया ग्लैमर

Collection of summer perfumes with citrus, floral and woody notes suitable for humid weather

गर्मियों में टिके रहने वाले 11 बेस्ट फ्रेग्रेंस, उमस में भी नहीं होंगे फीके

Shah Rukh Khan in black Sabyasachi outfit at Met Gala 2025 with royal accessories and elegant styling
मेट गाला 2025 में शाहरुख खान का सब्यसाची लुक क्यों आज भी है आइकॉनिक, जानिए हर डिटेल

फैशन की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित इवेंट Met Gala 2025 में शाहरुख खान की पहली उपस्थिति ने ग्लोबल स्टाइल स्टेटमेंट को एक नया आयाम दिया। भारतीय डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी द्वारा डिजाइन किया गया उनका आउटफिट आज भी चर्चा में है और फैशन एक्सपर्ट्स इसे टाइमलेस बता रहे हैं। ‘Tailored For You’ थीम का शानदार जवाब इस साल की थीम ‘Tailored For You’ थी, जिसे शाहरुख ने बेहद सटल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में पेश किया। उनका लुक ब्लैक और इंडियन डैंडी स्टाइल के ऐतिहासिक कनेक्शन को दर्शाता था–जहां क्लासिक टेलरिंग को सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ा गया। आउटफिट की खासियत शाहरुख ने तस्मानियन सुपरफाइन वूल से बना फ्लोर-लेंथ कोट पहना, जिसमें जापानी हॉर्न बटन और पीक कॉलर के साथ वाइड लैपल्स थे। इसके नीचे ब्लैक सिल्क शर्ट को ओपन स्टाइल में पहना गया, जो एक बोल्ड लेकिन एलिगेंट लुक देता था। साथ में सुपरफाइन वूल ट्राउज़र और साटन कमरबंद ने पूरे आउटफिट को स्ट्रक्चर और बैलेंस दिया। ज्वेलरी और एक्सेसरीज ने बढ़ाया रॉयल टच इस लुक की सबसे खास बात थी इसकी ज्वेलरी। मल्टी-लेयर्ड चेन, ‘K’ अक्षर वाला पेंडेंट और डायमंड स्टार ब्रोच ने इसे एक पर्सनल और सिग्नेचर स्टाइल बनाया। इसके अलावा 18 कैरेट गोल्ड से बना बंगाल टाइगर हेड केन, जिसमें टूरमलीन, सैफायर और डायमंड जड़े थे, पूरे लुक में एक पावरफुल और रॉयल एलिमेंट जोड़ता है। मुगल और मॉडर्न स्टाइल का मेल इस आउटफिट में मुगलकालीन स्टाइल और मॉडर्न टेलरिंग का शानदार मिश्रण देखने को मिला। ओपन शर्ट पर ज्वेलरी की लेयरिंग पुराने महाराजाओं के पोर्ट्रेट की याद दिलाती है, जहां गहनों के जरिए स्टेटस और पावर दिखाया जाता था। सटलिटी में छिपा था असली प्रभाव जहां मेट गाला में अक्सर बड़े और भड़कीले आउटफिट्स देखने को मिलते हैं, वहीं शाहरुख का यह लुक सादगी में छिपी भव्यता का उदाहरण था। बिना भारी कढ़ाई या ड्रामेटिक ट्रेल के, उन्होंने सिल्हूट, फिट और एक्सेसरीज के जरिए एक मजबूत स्टेटमेंट दिया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Summer fashion tips

धूप में भी दिखें फ्रेश और ग्लोइंग, जानें स्मार्ट ड्रेसिंग टिप्स

Nita Ambani wearing handcrafted Jamdani saree at TIME100 Summit showcasing traditional Indian weaving

नीता अंबानी की खास जामदानी साड़ी: 24 महीनों में तैयार कारीगरी, हर धागे में बसी कहानी

Exhibition showcasing Venetian glass beads and Rajasthan beadwork at London Craft Week 2026 cultural display

लंदन क्राफ्ट वीक 2026 में खास प्रदर्शनी: कैसे वेनेशियन ग्लास बीड्स ने राजस्थान में पाई नई पहचान

Person doing yoga and pilates alongside gym workout for balanced fitness routine
सिर्फ वेट ट्रेनिंग नहीं, योग और पिलाटेस भी उतने ही जरूरी–लॉन्ग लाइफ और फिटनेस के लिए संतुलित रूटीन का मंत्र

  आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फिट रहने के लिए लोग जिम और वेट ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ भारी वजन उठाना ही पर्याप्त नहीं है। Yoga और Pilates जैसे लो-इम्पैक्ट वर्कआउट्स भी उतने ही अहम हैं, खासकर अगर आप लंबी और स्वस्थ जिंदगी चाहते हैं। फिटनेस का सही फॉर्मूला: बैलेंस जरूरी लॉन्गेविटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक संतुलित फिटनेस रूटीन में तीन प्रमुख हिस्से होने चाहिए: कार्डियो (जैसे दौड़ना, तैराकी) स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वेट्स, बॉडीवेट एक्सरसाइज) स्ट्रेचिंग और माइंडफुलनेस (योग और पिलाटेस) विशेषज्ञ Vicente Mera का मानना है कि शरीर को पूरी तरह फिट रखने के लिए इन तीनों का संयोजन जरूरी है। 2:2:1 रूटीन: हफ्ते का स्मार्ट प्लान स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट David de la Fuente Franco एक आसान फॉर्मूला सुझाते हैं: 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग 2 दिन कार्डियो 1 दिन योग या स्ट्रेचिंग यह संतुलन शरीर को ओवरलोड किए बिना बेहतर रिजल्ट देता है। योग और पिलाटेस क्यों हैं जरूरी फिटनेस ट्रेनर Cristina Merino के अनुसार, योग और पिलाटेस: बैलेंस और स्टेबिलिटी सुधारते हैं बॉडी अवेयरनेस बढ़ाते हैं सही तकनीक और फॉर्म बनाए रखने में मदद करते हैं इससे वेट ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और परफॉर्मेंस बेहतर होती है। लॉन्गेविटी के लिए योग का योगदान विशेषज्ञ Nigma Talib बताती हैं कि हफ्ते में दो बार 90 मिनट का योग: शरीर में सूजन (inflammation) को 20% तक कम कर सकता है ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है मानसिक स्वास्थ्य और सेल्फ-अवेयरनेस को मजबूत बनाता है स्ट्रेचिंग: बेहतर वर्कआउट का आधार ओस्टियोपैथ Francisco Moreno के अनुसार, नियमित स्ट्रेचिंग: मसल्स को लचीला और मजबूत बनाती है चोट का जोखिम कम करती है ब्लड सर्कुलेशन और रिकवरी बेहतर करती है रोजमर्रा के दर्द और जकड़न को कम करती है

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Gigi Hadid showcasing iconic Met Gala red carpet fashion looks from 2015 to 2025

Gigi Hadid का Met Gala सफर: हर साल बदला अंदाज, हर लुक बना फैशन स्टेटमेंट

Genelia Deshmukh in cobalt blue Ilkal saree showcasing Karnataka GI tag handloom with traditional styling

GI टैग वाली पारंपरिक साड़ी में छाईं Genelia Deshmukh, कर्नाटक की इलक्ल बुनाई को दिया नया अंदाज़

Easy hair care hacks to improve shine, volume and manageability for healthy looking hair

हेयर केयर में बड़ा बदलाव: 6 आसान हेयर हैक्स जो बदल देंगे आपकी हेयर रूटीन

0 Comments

Top week

Donald Trump and Iranian leader amid rising tensions over nuclear talks and Strait of Hormuz
दुनिया

युद्ध रोकने को ईरान का नया प्रस्ताव, लेकिन ट्रंप खुश नहीं; परमाणु मुद्दे पर अड़ा अमेरिका

surbhi अप्रैल 28, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?