हर दिन की भागदौड़ में मेकअप को फ्रेश बनाए रखना आसान नहीं होता, खासकर आईलाइनर के मामले में। सुबह लगाया गया परफेक्ट लाइनर अक्सर दोपहर तक फैल जाता है या हल्का पड़ जाता है। ऐसे में सही प्रोडक्ट का चुनाव बेहद जरूरी हो जाता है।
हाल ही में सामने आई एक लिस्ट में ऐसे 10 आईलाइनर्स को शामिल किया गया है, जो स्मज-प्रूफ, वॉटरप्रूफ और लंबे समय तक टिके रहने वाले हैं। ये प्रोडक्ट्स खासतौर पर उन लोगों के लिए हैं जो पूरे दिन परफेक्ट लुक चाहते हैं–चाहे ऑफिस हो, मीटिंग हो या आउटिंग।
1. L'Oréal Paris Infaillible Grip Eye Liner (₹899)
क्रीमी टेक्सचर के साथ यह जेल लाइनर गहरा पिगमेंट देता है और जल्दी सेट होकर लंबे समय तक टिकता है।
2. Fenty Beauty Fine Linez Eyeliner (₹2,700)
स्मूद एप्लिकेशन और हाई प्रिसिजन के साथ यह लाइनर पूरे दिन बिना फैले टिकता है।
3. The Body Shop Eye Define Kajal (₹595)
विटामिन E और नैचुरल ऑयल्स के साथ यह काजल स्किन-फ्रेंडली होने के साथ 24 घंटे तक टिक सकता है।
4. KIKO Milano Precision Eyeliner (₹1,050)
शार्प विंग बनाने के लिए बेहतरीन, मैट फिनिश और लॉन्ग-लास्टिंग फॉर्मूला।
5. Kay Beauty Quick Dry Liquid Eyeliner (₹599)
जल्दी सूखने वाला और स्मज-रेसिस्टेंट, रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए परफेक्ट।
6. Too Faced Better Than Sex Eyeliner (₹2,390)
ड्यूल ब्रश टेक्नोलॉजी के साथ यह लाइनर ड्रामेटिक लुक देता है और 24 घंटे तक टिकता है।
7. Benefit Cosmetics Roller Liner (₹2,450)
प्रिसाइज फेल्ट टिप के साथ यह लाइनर साफ और बोल्ड लुक देता है।
8. CHANEL Signature de Chanel (₹4,150)
लक्जरी फील और हाई पिगमेंट के साथ यह लाइनर सॉफ्ट और लंबे समय तक टिकने वाला है।
9. MAKE UP FOR EVER Aqua Resist Graphic Pen (₹2,400)
वॉटरप्रूफ और स्मज-प्रूफ, दिनभर शार्प लुक बनाए रखता है।
10. Rare Beauty Perfect Strokes Matte Eyeliner (₹2,700)
फ्लेक्सिबल ब्रश और इंटेंस ब्लैक पिगमेंट के साथ यह लाइनर बिगिनर्स के लिए भी आसान है।
आज के समय में जहां दिनभर एक्टिव रहना पड़ता है, वहां ऐसे प्रोडक्ट्स जरूरी हो जाते हैं जो बिना बार-बार टचअप के आपका लुक बनाए रखें।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
साउथ इंडियन एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन इन दिनों अपनी अपकमिंग तेलुगु कॉमेडी-ड्रामा फिल्म Crazy Kalyanam के प्रमोशन में व्यस्त हैं। प्रमोशनल अपीयरेंस के दौरान उनका एक साड़ी लुक फैशन लवर्स का ध्यान खींच रहा है। खास बात यह है कि अनुपमा ने अपने लुक को हैवी ज्वेलरी और ओवर-द-टॉप एम्बेलिशमेंट से नहीं, बल्कि बेहद सादगी और एक स्टेटमेंट एक्सेसरी के साथ खास बनाया। अनुपमा ने डीप बॉरदॉ यानी वाइन शेड की सिल्क टिश्यू साड़ी पहनी, जिसकी खूबसूरती उसकी सादगी में ही नजर आई। साड़ी पर बेहद कम वर्क था और सिर्फ एक पतली रेड बॉर्डर ने इसके लुक को डिफाइन किया। इस मिनिमल डिजाइन ने फैब्रिक की चमक और टेक्सचर को पूरी तरह उभरने का मौका दिया। सिल्क टिश्यू साड़ी ने खींचा ध्यान अनुपमा की साड़ी देखने में जितनी सिंपल थी, उसका फैब्रिक उतना ही खास था। सिल्क टिश्यू अपनी हल्की, ट्रांसलूसेंट चमक और नाजुक फिनिश के लिए जाना जाता है। रोशनी के हिसाब से इसके रंग में हल्का बदलाव नजर आता है, जिसे पारंपरिक तौर पर 'धूप-छांव' इफेक्ट कहा जाता है। टिश्यू सिल्क को तैयार करना भी आसान नहीं होता। पारंपरिक तकनीक में सिल्क के साथ मेटैलिक जरी को इंटरलेस करके ऐसा फैब्रिक तैयार किया जाता है, जिसमें हल्की चमक और बेहद खूबसूरत टेक्सचर दिखाई देता है। इसकी बुनाई में कारीगरों को टेक्सचर, लस्टर और स्ट्रक्चर के बीच सही संतुलन बनाए रखना पड़ता है। अनुपमा ने इसी खूबसूरत फैब्रिक को एक सिंपल स्लीवलेस, स्कूप-नेक ब्लाउज के साथ पेयर किया। इससे उनका पूरा लुक मॉडर्न भी लगा और पारंपरिक भी। ओवरसाइज्ड सिल्वर झुमकों ने बदला पूरा लुक इस आउटफिट की सबसे खास बात थी अनूपमा की ज्वेलरी। उन्होंने साड़ी के साथ सिर्फ बड़े और ऑर्नेट सिल्वर झुमके पहने। यही स्टेटमेंट ईयररिंग्स उनके सिंपल साड़ी लुक में बोहेमियन फील लेकर आए। जहां साड़ी और ब्लाउज का स्टाइल बेहद मिनिमल था, वहीं झुमकों ने पूरे लुक को एक मजबूत फैशन स्टेटमेंट दिया। यह लुक उन लोगों के लिए भी इंस्पिरेशन बन सकता है, जो कम एक्सेसरीज के साथ अपने एथनिक आउटफिट को ज्यादा प्रभावशाली बनाना चाहते हैं। मेकअप और हेयरस्टाइल भी रखा मिनिमल अनुपमा ने हेयरस्टाइल को भी बेहद सिंपल रखा। उन्होंने बालों को करीने से बन में बांधा, जिससे उनका चेहरा और झुमके दोनों साफ तौर पर नजर आए। मेकअप में कोहल-डिफाइंड आंखें, सॉफ्टली शेप्ड आइब्रो और न्यूड लिपस्टिक का इस्तेमाल किया गया। माथे पर लगी छोटी-सी माइक्रो बिंदी ने इस मॉडर्न-ट्रेडिशनल लुक को खूबसूरत फिनिश दी। एक साड़ी, कई मौकों के लिए स्टाइल अनुपमा का यह लुक यह भी दिखाता है कि एक अच्छी सिल्क साड़ी को अलग-अलग मौकों के लिए कई तरीकों से स्टाइल किया जा सकता है। किसी इंटिमेट वेडिंग फंक्शन के लिए इसे डायमंड या पोल्की चोकर के साथ पहना जा सकता है। वहीं, अगर इसमें स्टैक्ड बैंगल्स और मेटैलिक हील्स जोड़ दी जाएं, तो यही साड़ी दिवाली डिनर, फेस्टिव पार्टी या किसी ग्लैमरस इवनिंग इवेंट के लिए भी परफेक्ट नजर आ सकती है। अनुपमा परमेश्वरन का यह लुक एक बार फिर साबित करता है कि फैशन में हमेशा ज्यादा एक्सेसरीज या भारी एम्बेलिशमेंट की जरूरत नहीं होती। सही फैब्रिक, सही सिल्हूट और एक स्टेटमेंट एक्सेसरी भी पूरे लुक को यादगार बना सकती है।
कियारा आडवाणी का फैशन सेंस पारंपरिक भारतीय पहनावे और मॉडर्न ग्लैमर का खूबसूरत मेल है। खास मौकों पर उनका वॉर्डरोब सिर्फ साड़ी, लहंगा या पारंपरिक सूट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कॉन्सेप्ट साड़ी, साड़ी गाउन, कॉर्सेटेड ब्लाउज, शरारा सेट और फ्लोर-लेंथ जैकेट जैसे मॉडर्न सिल्हूट भी उनकी स्टाइलिंग का हिस्सा बनते हैं। वेडिंग सीजन जैसे-जैसे करीब आता है, कियारा के ये फ्यूजन लुक उन महिलाओं के लिए खास इंस्पिरेशन बन सकते हैं, जो इंडियन आउटफिट में ट्रेडिशनल टच के साथ कुछ मॉडर्न और अलग पहनना चाहती हैं। आइए नजर डालते हैं उनके पांच ऐसे शानदार लुक्स पर, जिनमें परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन संतुलन नजर आता है। 1. आइवरी लहंगा गाउन में एलिगेंट अंदाज कियारा ने डिजाइनर मसाबा गुप्ता के लेबल हाउस ऑफ मसाबा का आइवरी लहंगा गाउन पहना था। क्रेप फैब्रिक से तैयार इस आउटफिट में कॉर्सेटेड बोडिस को फ्लोरल बेल्स से सजाया गया था। जरी, सीक्विन, कटदाना और मोती के काम ने बोडिस को शानदार फिनिश दी। असिमेट्रिक ड्रेप्ड स्कर्ट के साथ मैचिंग आइवरी स्टोल ने पूरे लुक को और खूबसूरत बनाया। स्टोल पर डिजाइन हाउस का सिग्नेचर ‘अनासम’ फ्लावर मोटिफ नजर आया, जबकि बीडवर्क टैसल्स ने इसे फेस्टिव टच दिया। कियारा ने इस लुक के साथ पिंक जेमस्टोन वाले स्टेटमेंट चांदबाली ईयररिंग्स, चूड़ियों और अंगूठी को चुना। यह लुक उन महिलाओं के लिए शानदार विकल्प है, जो लहंगे के पारंपरिक अंदाज के बजाय मॉडर्न और रिफाइंड सिल्हूट पसंद करती हैं। 2. लहंगा-साड़ी हाइब्रिड में ग्लैमरस अंदाज 2024 में मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी के लिए कियारा ने लहंगा और साड़ी के फ्यूजन को अपनाया था। डिजाइनर की इस क्रिएशन में सीक्विन, क्रिस्टल्स और बड़े पaillettes की चमक दिखाई दी। फिशटेल स्कर्ट को सिंपल वेलवेट बस्टियर टॉप के साथ पेयर किया गया था। इस आउटफिट का सबसे खास हिस्सा इसका बेहद हल्का और स्टेटमेंट पल्लू था, जिसे क्रिस्टल्स, बीड्स और टैसल्स से तैयार किया गया था। डायमंड-एन्क्रस्टेड नेकपीस और रिंग ने कियारा के इस ग्लैमरस लुक में अतिरिक्त चमक जोड़ी। यह आउटफिट उन लोगों के लिए इंस्पिरेशन है, जो लहंगे की खूबसूरती और साड़ी की एलिगेंस को एक साथ कैरी करना चाहते हैं। 3. ब्लश साड़ी गाउन में मॉडर्न ब्राइडल ग्लैमर एक शादी समारोह में बतौर गेस्ट शामिल हुईं कियारा ने दुबई के डिजाइनर फराज मनान का कस्टम साड़ी गाउन चुना था। ब्लश शेड के इस आउटफिट में कॉर्सेट टॉप को ड्रेप्ड ए-लाइन स्कर्ट के साथ जोड़ा गया था। क्रिस्टल्स, मोतियों और ग्लास बीड्स की एम्बेलिशमेंट ने आउटफिट को बेहद रॉयल लुक दिया। दुपट्टे को इस तरह ड्रेप किया गया था कि वह साड़ी के पल्लू का एहसास देता है और साथ ही पीछे एक खूबसूरत ट्रेन भी बनाता है। डायमंड चांदबाली ईयररिंग्स, ब्रेसलेट और रिंग के साथ कियारा ने लुक को क्लासी और एलिगेंट रखा। 4. तरुण तहिलियानी की कॉन्सेप्ट साड़ी में स्टेटमेंट लुक अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी के समारोह में कियारा ने डिजाइनर तरुण तहिलियानी की सिग्नेचर कॉन्सेप्ट साड़ी पहनी थी। पर्ल एम्ब्रॉयडरी से सजे इस आउटफिट में स्कल्प्टेड कॉर्सेट को बोनिंग और ब्रा डिटेल्स के साथ डिजाइन किया गया था। इसके साथ फिशटेल स्कर्ट ने पूरे सिल्हूट को मॉडर्न और ग्लैमरस बनाया। बेबी-पिंक रंग का शीयर ड्रेप क्रिस्टल्स से सजा था, जिसे बोडिस के चारों ओर इस तरह लपेटा गया था कि वह पारंपरिक पल्लू का आधुनिक रूप नजर आए। कियारा ने इस लुक के साथ डायमंड स्टड ईयररिंग्स, लेयर्ड रिंग्स और इरास्वा फाइन ज्वेलरी का डायमंड नेकलेस पहना। यह लुक दिखाता है कि साड़ी को पारंपरिक ड्रेप से अलग अंदाज में भी स्टाइल किया जा सकता है। 5. धोती पैंट और फ्लोर-लेंथ जैकेट का फ्यूजन फिल्म ‘जुगजुग जियो’ के प्रमोशन के दौरान कियारा ने दिल्ली की डिजाइनर रिधिमा भसीन के लेबल का आइवरी फ्यूजन सेट पहना था। थ्री-पीस क्रेप सेट में स्लीवलेस बस्टियर, धोती से प्रेरित ट्यूलिप-हेम पैंट और फ्लोर-लेंथ ऑर्गेंजा जैकेट शामिल थी। बस्टियर पर हैंड-एम्ब्रॉयडर्ड बीडवर्क और मोतियों का काम किया गया था। वहीं जैकेट पर थ्री-डायमेंशनल फ्लोरल एप्लिके, मोती, बीडवर्क और सिल्वर गोटा ने आउटफिट को खास बनाया। कियारा ने इसके साथ स्टेटमेंट जेमस्टोन-एन्क्रस्टेड चोकर पहना, जिससे पूरे लुक को एक रॉयल फिनिश मिली। कियारा का फ्यूजन फैशन क्यों है खास? कियारा आडवाणी के इन लुक्स की खासियत यह है कि इनमें भारतीय परंपरा को पूरी तरह छोड़े बिना आधुनिक फैशन को शामिल किया गया है। कॉन्सेप्ट साड़ी, कॉर्सेट, धोती पैंट, साड़ी गाउन और फ्लोर-लेंथ जैकेट जैसे सिल्हूट पारंपरिक पहनावे को एक नया और समकालीन अंदाज देते हैं। अगर आप इस वेडिंग सीजन में साड़ी या लहंगे से कुछ अलग पहनना चाहती हैं, तो कियारा के ये फ्यूजन लुक आपके लिए शानदार फैशन इंस्पिरेशन साबित हो सकते हैं।
लंदन: बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने एक बार फिर अपने शानदार फैशन सेंस से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए एकदिवसीय मुकाबले के दौरान वह अभिनेता अर्जुन कपूर के साथ नजर आईं। इस खास मौके पर जाह्नवी ने मशहूर फैशन ब्रांड राल्फ लॉरेन का बेहद आकर्षक और क्लासी परिधान पहनकर मैच देखने पहुंचीं। जहां आमतौर पर क्रिकेट मैच देखने आने वाले लोग आरामदायक और कैजुअल कपड़ों को प्राथमिकता देते हैं, वहीं जाह्नवी कपूर ने बेहतरीन टेलरिंग, सादगी और शालीनता से भरपूर लुक चुनकर मैच-डे फैशन को एक नया आयाम दिया। उनका पूरा पहनावा लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान की गरिमा के अनुरूप दिखाई दिया। भूरे रंग के ब्लेज़र ने लूटी महफिल जाह्नवी के लुक का सबसे खास हिस्सा उनका भूरे रंग का ऊनी ब्लेज़र था। पुरुषों के क्लासिक सूट से प्रेरित इस ब्लेज़र में चौड़े लैपल, आकर्षक बटन, कमर पर बेहतरीन फिटिंग और सामने फ्लैप पॉकेट्स दिए गए थे। इसका सीधा और आरामदायक फिट उन्हें बेहद स्टाइलिश और प्रभावशाली लुक दे रहा था। उन्होंने इस ब्लेज़र के साथ हाथीदांत (आइवरी) रंग का जॉर्जेट टाई-नेक ब्लाउज पहना, जिसकी मुलायम बनावट और ढीली आस्तीन ने पूरे लुक में नज़ाकत और स्त्री-सुलभ आकर्षण जोड़ दिया। ब्लाउज पर लगे मोती जैसे बटन इसकी खूबसूरती को और बढ़ा रहे थे। इसके साथ उन्होंने चौड़े पायंचे वाली जॉर्जेट पैंट पहनी, जिसने उनके पूरे लुक को संतुलित, आकर्षक और लंबा प्रभाव दिया। कम एक्सेसरीज़, ज्यादा क्लास जाह्नवी कपूर ने इस लुक में भारी-भरकम आभूषणों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने बुने हुए डिज़ाइन वाली स्लिप-ऑन म्यूल्स और आइवरी रंग का स्ट्रक्चर्ड हैंडबैग कैरी किया, जिसने पूरे लुक को और भी शानदार बना दिया। इसके अलावा उन्होंने पतले फ्रेम वाला कछुए के खोल जैसे रंग का धूप का चश्मा पहना, जिसने उनके लुक में हल्का विंटेज अंदाज जोड़ते हुए उसे और अधिक आकर्षक बना दिया। सॉफ्ट मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती जाह्नवी ने अपने बालों को हल्के घुंघराले अंदाज में खुला रखा। मेकअप के लिए उन्होंने प्राकृतिक रंगों का चयन किया। हल्का बेस, न्यूट्रल आई मेकअप और गर्म भूरे रंग की लिपस्टिक ने उनके पूरे लुक को बेहद संतुलित और एलिगेंट बनाया। कई मौकों के लिए है परफेक्ट फैशन इंस्पिरेशन जाह्नवी कपूर का यह लुक सिर्फ क्रिकेट मैच तक सीमित नहीं है। यह स्टाइल किसी कॉरपोरेट मीटिंग, रेस डे, औपचारिक कार्यक्रम, बिजनेस इवेंट, छुट्टियों के दौरान शानदार आउटिंग या किसी खास अवसर पर भी आसानी से अपनाया जा सकता है। शार्प टेलरिंग, सॉफ्ट फैब्रिक, हल्के मेकअप और मिनिमल एक्सेसरीज़ का यह शानदार मेल एक बार फिर साबित करता है कि फैशन में सादगी और क्लास हमेशा सबसे अलग नजर आते हैं। जाह्नवी कपूर ने इस लुक के जरिए दिखा दिया कि कम चीजों के साथ भी बेहद प्रभावशाली और स्टाइलिश अंदाज अपनाया जा सकता है।