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July IPO Wave Set to Raise ₹45,000 Crore

जुलाई 2026 में IPO की बंपर बारिश! SBI, Zepto और Manipal Health समेत 12 से ज्यादा कंपनियां जुटाएंगी ₹45,000 करोड़

surbhi जून 25, 2026 0
Investors tracking upcoming July 2026 IPOs including SBI Funds, Zepto and Manipal Health
July 2026 IPO Rush in India

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में जुलाई 2026 निवेशकों के लिए बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है। लंबे समय बाद प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। अगले महीने 12 से अधिक कंपनियां अपना आईपीओ (IPO) लॉन्च करने की तैयारी में हैं और इनका कुल लक्ष्य करीब ₹45,000 करोड़ जुटाने का है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी और घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने कंपनियों को अब पूंजी जुटाने के लिए अनुकूल माहौल दिया है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का हो सकता है सबसे बड़ा IPO

जुलाई में आने वाले संभावित आईपीओ में सबसे ज्यादा चर्चा SBI Funds Management की है।

कंपनी का आईपीओ करीब ₹12,000 से ₹13,000 करोड़ का हो सकता है, जो अगले महीने का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने की संभावना रखता है।

यह इश्यू निवेशकों के लिए खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि SBI समूह की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत रहा है।

Manipal Health और Zepto भी तैयार

हेल्थकेयर सेक्टर की प्रमुख कंपनी Manipal Health Enterprises भी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है।

कंपनी का आईपीओ लगभग ₹11,000 करोड़ का हो सकता है।

वहीं क्विक-कॉमर्स क्षेत्र की चर्चित कंपनी Zepto करीब ₹8,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।

इन तीन कंपनियों के आईपीओ से ही लगभग ₹32,000 करोड़ जुटने का अनुमान है।

जुलाई की IPO पाइपलाइन में कौन-कौन?

जुलाई में जिन अन्य कंपनियों के बाजार में आने की संभावना है, उनमें शामिल हैं—

  • Gaja Capital
  • NAC Packaging
  • Innovative View

इसके अलावा भी कई मध्यम और बड़े आकार की कंपनियां बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही हैं।

क्यों लौट रही है IPO बाजार में तेजी?

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां थीं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की सतर्कता शामिल थी। इसी वजह से आईपीओ बाजार की रफ्तार धीमी हो गई थी।

हालांकि अब परिस्थितियां बेहतर होती दिख रही हैं—

  • सेंसेक्स और निफ्टी में स्थिरता
  • घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी
  • वैश्विक तनाव में कमी
  • कॉर्पोरेट सेक्टर का बढ़ता आत्मविश्वास

इन कारणों से कंपनियां फिर से पूंजी बाजार की ओर रुख कर रही हैं।

मई में नहीं आया था एक भी IPO

दिलचस्प बात यह है कि इस वर्ष अप्रैल तक 18 आईपीओ बाजार में आए थे, लेकिन मई में एक भी नया आईपीओ लॉन्च नहीं हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और बाजार की स्थिति सुधरने के बाद अब कंपनियां अपने लिस्टिंग प्लान को आगे बढ़ा रही हैं।

निवेशक क्या देख रहे हैं?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अब निवेशक केवल चर्चित ब्रांड्स पर नहीं बल्कि मजबूत बिजनेस मॉडल, मुनाफे की संभावना और दीर्घकालिक विकास क्षमता वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी IPO बाजार को मजबूती दे रही है।

SEBI के पास बड़ी पाइपलाइन तैयार

19 जून तक करीब 173 कंपनियों को Securities and Exchange Board of India से आईपीओ के जरिए लगभग ₹2.7 लाख करोड़ जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है।

इसके अलावा 64 अन्य कंपनियां अभी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।

इनमें संभावित रूप से शामिल हैं—

  • National Stock Exchange of India का लगभग ₹30,000 करोड़ का आईपीओ
  • Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित आईपीओ

यदि ये इश्यू भी बाजार में आते हैं, तो भारतीय IPO बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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मुंबई , एजेंसियां। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापार समझौते को लागू करने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 25 से 27 जून तक ब्रिटेन दौरे पर रहेंगे, जहां दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।   व्यापार समझौते के क्रियान्वयन पर होगी चर्चा   दौरे के दौरान भारतीय और ब्रिटिश अधिकारियों के बीच टैरिफ, व्यापार सुविधा, निवेश और पेशेवरों की आवाजाही जैसे विषयों पर बातचीत होने की संभावना है। दोनों देश समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रहे हैं।   कारोबार को मिलेगा बढ़ावा   विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। इससे कई क्षेत्रों में रोजगार और निर्यात के अवसर बढ़ सकते हैं।

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Gold-Silver Price Today: सोना ₹1.44 लाख और चांदी ₹2.44 लाख पर, जानिए 24 जून 2026 के ताजा भाव

नई दिल्ली: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 24 जून 2026 के ताजा भाव जानना आपके लिए जरूरी है। सर्राफा बाजार में आज दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। जून महीने के दौरान सोना और चांदी दोनों अपने निचले स्तर के करीब पहुंच गए हैं, जिससे खरीदारों के लिए यह समय अहम माना जा रहा है। सोने की कीमत में मामूली गिरावट आज 24 कैरेट सोना 1,44,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,32,540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पिछले कारोबारी दिन की तुलना में सोने की कीमत में 100 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोने के ताजा भाव (10 ग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹1,44,640 ₹1,44,740 -₹100 रांची ₹1,44,590 ₹1,44,690 -₹100 लखनऊ ₹1,44,740 ₹1,44,840 -₹100 दिल्ली ₹1,44,740 ₹1,44,840 -₹100 मुंबई ₹1,44,590 ₹1,44,690 -₹100 कोलकाता ₹1,44,590 ₹1,44,690 -₹100 चेन्नई ₹1,47,920 ₹1,48,020 -₹100 चांदी भी हुई सस्ती चांदी की कीमतों में भी आज हल्की नरमी देखने को मिली है। एक किलो चांदी का भाव 2,44,900 रुपये पर पहुंच गया है, जो कल के मुकाबले 100 रुपये कम है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक महीने में चांदी की कीमत में करीब 35,100 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट आ चुकी है। चांदी के ताजा भाव (1 किलो) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 रांची ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 लखनऊ ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 दिल्ली ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 मुंबई ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 कोलकाता ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 चेन्नई ₹2,49,900 ₹2,50,000 -₹100 खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें? सोने और चांदी के दाम शहर, टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय सर्राफा बाजार या ज्वेलर से ताजा कीमत की पुष्टि जरूर कर लें।  

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