Indian Stock Market

Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा; निफ्टी 24,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 50 ने 24,200 का स्तर पार कर लिया। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों का रुझान बेहतर हुआ है।    GIFT Nifty ने दिए थे तेजी के संकेत   बाजार खुलने से पहले ही GIFT Nifty करीब 24,220-24,228 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले निफ्टी फ्यूचर्स बंद स्तर से करीब 90-138 अंक ऊपर था। इससे घरेलू बाजार में गैप-अप शुरुआत के संकेत मिले थे।    पिछले सात दिनों की गिरावट के बाद राहत   बुधवार को निफ्टी लगातार सातवें सत्र में गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 325.78 अंक टूटकर 76,909.68 पर रहा था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया के तनाव और बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने बाजार पर दबाव बनाया था।    अमेरिकी बाजार और एशियाई संकेतों का सहारा   अमेरिकी बाजार में बुधवार को मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने वैश्विक जोखिम धारणा को सहारा दिया। एशियाई बाजारों में भी अधिकांश प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर पड़ा।    आज बाजार के लिए अहम स्तर   निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,200 के आसपास शुरुआती प्रतिरोध देखा जा रहा है। बाजार में आज तेजी के बावजूद कच्चे तेल और पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

anjali kumari अगस्त 20, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 24,300 के नीचे

मुंबई, एजेंसियां। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने का असर मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर साफ दिखाई दिया। कारोबार खुलते ही सेंसेक्स करीब 250 अंक नीचे चला गया, जबकि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे आ गया   निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट   सुबह 9:15 बजे निफ्टी 50 करीब 0.26% गिरकर 24,223.85 पर था। वहीं बीएसई सेंसेक्स 0.40% टूटकर 77,418.97 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में 16 प्रमुख सेक्टरों में से 11 में गिरावट देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब 0.1% नीचे रहे।   IT शेयरों पर ज्यादा दबाव   शुरुआती कारोबार में IT शेयरों में बिकवाली ज्यादा देखने को मिली। Infosys और HCL Technologies समेत प्रमुख IT शेयरों पर दबाव रहा। बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क है और ऊंचे कच्चे तेल के साथ वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहा है।   कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता   अमेरिका-ईरान युद्धविराम की अवधि समाप्त होने और नए समझौते की संभावना कमजोर पड़ने से ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर के पार पहुंच गया है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई, चालू खाते और रुपये पर दबाव बढ़ने की चिंता है।   आज बाजार के लिए अहम स्तर   तकनीकी तौर पर 24,200 के आसपास निफ्टी का अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे लगातार कारोबार होने पर 24,050 के आसपास अगला सपोर्ट देखा जा सकता है, जबकि ऊपर की तरफ 24,360-24,400 क्षेत्र तत्काल प्रतिरोध बन सकता है।

anjali kumari अगस्त 18, 2026 0
Stock Market Today
शेयर बाजार में आज फिर दबाव, सेंसेक्स 300 अंक तक टूटा; निफ्टी 24,350 के नीचे

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक नीचे चला गया, जबकि निफ्टी 50 24,350 के स्तर से नीचे आ गया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया।   सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव   गुरुवार के कारोबार में भी बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं थी। सेंसेक्स 113.61 अंक चढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 40.10 अंक गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया और सेंसेक्स में करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली।   पश्चिम एशिया तनाव और कच्चा तेल बना चिंता   निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।   इन शेयरों पर रहेगी नजर   आज Tata Motors Passenger Vehicles, LG Electronics India, Honasa Consumer, Welspun Living, KRBL, Indigo Paints, Piramal Pharma, UltraTech Cement और Urban Company समेत कई शेयरों में कॉरपोरेट अपडेट और तिमाही नतीजों के कारण गतिविधि देखने को मिल सकती है।   बाजार की आगे की दिशा   विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल निफ्टी में 24,200-24,700 के दायरे पर नजर रहेगी। वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं। 

anjali kumari अगस्त 14, 2026 0
Gold Price
Gold Price: सोने-चांदी के दामों में उछाल, सोना ₹1.55 लाख के पार; चांदी में भी तेजी

मुंबई, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच भारत में सोने और चांदी के भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला है। मंगलवार, 11 अगस्त को MCX पर सोना ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के ऊपर पहुंच गया था। चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज हुई।   सोने की कीमत में तेजी   MCX पर सोने की कीमत में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में बुलियन की मजबूत मांग और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुख प्रमुख वजहों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।   सोने में तेजी से घरेलू बाजार में ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों और निवेशकों की लागत बढ़ गई है। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों पर बाजार की नजर बनी हुई है।   चांदी में भी जोरदार तेजी   सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। चांदी में औद्योगिक मांग के साथ निवेश मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालिया कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 65 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। भारत में MCX चांदी की कीमत पहले ही ₹2 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर के ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रही है।   क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के भाव?   कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग शामिल हैं। बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं।   हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली से कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है। इसलिए केवल तेजी देखकर निवेश करने के बजाय कीमत और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में आज 12 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 0.34% गिरकर 77,888 के आसपास, जबकि निफ्टी 50 करीब 0.31% टूटकर 24,396 के स्तर पर आ गया। बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की सतर्कता को प्रमुख वजह माना जा रहा है।   कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता   अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। मध्य-पूर्व में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए महंगा क्रूड भारतीय कंपनियों की लागत और देश के आयात बिल पर दबाव डाल सकता है।   16 में से 11 सेक्टर इंडेक्स लाल   आज शुरुआती कारोबार में बाजार की कमजोरी व्यापक रही। 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 11 गिरावट में कारोबार करते दिखे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा।   वहीं Godrej Consumer Products के शेयर में करीब 8% की तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के CEO सुधीर सीतापति के दोबारा नियुक्ति के कुछ ही समय बाद इस्तीफा देने से निवेशकों की चिंता बढ़ी।   निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों पर   बाजार की दिशा पर अब घरेलू और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी असर पड़ सकता है। निवेशक ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।  

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में हल्की तेजी, सेंसेक्स 178 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,600 के पार

नई दिल्ली, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बेहतर पहली तिमाही के नतीजों, मजबूत घरेलू मांग और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।   सेंसेक्स 78,676 के स्तर तक पहुंचा   शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक यानी 0.22 फीसदी चढ़कर 78,676 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी करीब 50 अंक यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 24,620 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।   फार्मा और आईटी शेयरों में खरीदारी   सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी फार्मा 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ मजबूत प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सूचकांक रहा। हेल्थकेयर इंडेक्स में भी तेजी रही। वहीं, निफ्टी आईटी 0.53 फीसदी और मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम इंडेक्स 0.58 फीसदी चढ़ा।   इसके अलावा निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.27 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.21 फीसदी नीचे रहा।   बेहतर तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा मजबूत   बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनियों के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों और मजबूत घरेलू मांग ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। कमाई के सीजन में कई कंपनियों ने अनुमान से बेहतर आय वृद्धि दर्ज की है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   FII की खरीदारी से भी बाजार को सहारा   विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार रहे और अगस्त में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला है।   कच्चे तेल की कीमतों में तेजी चिंता   हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से अधिक बढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.59 फीसदी चढ़कर 79.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी का असर बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

anjali kumari अगस्त 10, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में हल्की तेजी, Sensex 200 अंक चढ़ा; Nifty 24,600 के ऊपर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 200 अंक चढ़कर 78,782 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 0.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,641 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रगति और कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों के बीच आई है।   वैश्विक संकेतों से बाजार को मिला सहारा   बाजार में शुरुआती तेजी के पीछे वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक संकेतों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर उम्मीद बढ़ने से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना बनी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है और Brent crude 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।   9:15 बजे तक Sensex-Nifty की स्थिति   शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 24,641 और Sensex करीब 78,782 के स्तर पर पहुंचा। Reuters के अनुसार 9:15 बजे तक Nifty में करीब 0.07% और Sensex में करीब 0.26% की बढ़त थी। इस दौरान 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 सेक्टर बढ़त में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक व्यापक नजर आई।   तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर   बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजों की भी अहम भूमिका है। अब तक आए कई नतीजों ने निवेशकों की धारणा को सहारा दिया है। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें भी आज के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगी।   आगे बाजार की चाल पर नजर   विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में फिलहाल सकारात्मक रुख है, लेकिन Nifty के ऊपरी स्तरों पर टिके रहने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के नतीजों से दिन के दौरान बाजार की दिशा बदल सकती है।

anjali kumari अगस्त 6, 2026 0
Indian stock market rises sharply as Sensex gains 500 points and rupee strengthens ahead of RBI policy decision
Share Market Update: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला; रुपया भी मजबूत

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 5 अगस्त को शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले से पहले निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 24,600 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। दूसरी ओर, विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये ने मजबूती दिखाई और डॉलर के मुकाबले यह 95 के स्तर से नीचे खुला। बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब निवेशकों की नजर आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर थी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा इस बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करने वाले थे। ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक के रुख को लेकर बाजार में पहले से ही काफी उम्मीदें बनी हुई थीं। सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़ा सुबह 9:17 बजे बीएसई सेंसेक्स 483.53 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,912.48 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई का निफ्टी 24.90 अंक यानी 0.10 प्रतिशत बढ़कर 24,639.80 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, उससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों तक शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे बाजार में व्यापक रूप से सकारात्मक माहौल का संकेत मिला। इंडिगो समेत इन शेयरों में तेजी सेंसेक्स के शेयरों में इंडिगो सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में रहा। शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 2.94 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, एसबीआई, टेक महिंद्रा, इटरनल, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी जैसे शेयर भी मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं दूसरी तरफ टाइटन, सन फार्मा, टीसीएस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एचडीएफसी बैंक में दबाव देखने को मिला। रुपये में भी मजबूती शेयर बाजार के साथ-साथ रुपये ने भी बुधवार को मजबूत शुरुआत की। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.92 के स्तर पर खुला। यह 8 जुलाई के बाद पहली बार था जब रुपया 95 के स्तर से नीचे खुला। रुपये में मजबूती को भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, आगे की दिशा वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुझान से प्रभावित हो सकती है। ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी बड़े शेयरों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखाई दी। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.32 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.72 प्रतिशत ऊपर रहा। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी रियल्टी में करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। ऑटो और पीएसयू बैंक इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, एफएमसीजी और फार्मा क्षेत्र अपेक्षाकृत कमजोर रहे। RBI की पॉलिसी पर टिकी बाजार की नजर बाजार में बुधवार की तेजी का सबसे बड़ा कारण आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक को माना जा रहा था। निवेशक यह जानना चाहते थे कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर आगे किस दिशा में बढ़ेगा। बाजार में पहले से उम्मीद थी कि आरबीआई रेपो रेट में तत्काल कोई बदलाव नहीं करेगा। ऐसे में निवेशकों का ध्यान केवल दरों पर ही नहीं, बल्कि केंद्रीय बैंक के भविष्य के रुख और अर्थव्यवस्था को लेकर उसकी टिप्पणियों पर भी था। ब्याज दरों में स्थिरता बाजार के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनियों और कारोबारों की उधारी लागत पर अचानक दबाव बढ़ने की संभावना कम रहती है। साथ ही होम लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्जदारों के लिए भी यह राहत का संकेत हो सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी बाजार को सहारा जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी शेयर बाजार में रिकॉर्ड क्लोजिंग भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भारत के आयात बिल और व्यापक अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। FIIs की खरीदारी भी बनी सकारात्मक खबर बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की गतिविधियां भी अहम हैं। लगातार छठे कारोबारी दिन विदेशी निवेशकों की खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना गया। इसके अलावा अर्थव्यवस्था में मजबूत ग्रोथ और कॉरपोरेट मुनाफे में सुधार की उम्मीद भी निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रही है। आगे बाजार की दिशा किन चीजों से तय होगी? बुधवार की शुरुआती तेजी के बाद बाजार की आगे की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें आरबीआई की मौद्रिक नीति का रुख, वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख हैं। फिलहाल शुरुआती संकेत बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक तेज उछाल के बाद निवेशकों को सावधानी बरतना जरूरी है। केवल बाजार की तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपने जोखिम स्तर को ध्यान में रखना अधिक महत्वपूर्ण है।  

surbhi अगस्त 5, 2026 0
Stock Market
Stock Market: Sensex में शुरुआती तेजी के बाद नरमी, Nifty 24,600 के आसपास; RBI के फैसले पर बाजार की नजर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 5 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन बाद में प्रमुख सूचकांकों में नरमी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 450 अंक चढ़ा, जबकि Nifty 50 ने 24,600 का स्तर पार किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर आज होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसले पर टिकी हुई है।   शुरुआत में Sensex और Nifty में तेजी   सुबह के शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 0.8 फीसदी बढ़कर 79,055 के आसपास पहुंच गया था। वहीं Nifty 50 करीब 0.22 फीसदी की बढ़त के साथ 24,669 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि बाद के अपडेट में Nifty करीब 24,606 के आसपास आ गया, जिससे शुरुआती तेजी कुछ कम हुई।   RBI के फैसले से पहले निवेशक सतर्क   आज बाजार के लिए सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर RBI की MPC बैठक का फैसला है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे। बाजार में फिलहाल रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद है, लेकिन निवेशक गवर्नर के रुख और आगे की ब्याज दरों को लेकर संकेतों पर खास नजर रखेंगे।   कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का भी असर   कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय बाजार की धारणा को कुछ सहारा दिया है। शुरुआती कारोबार के दौरान Brent crude करीब 1.1 फीसदी गिरकर 78.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के सकारात्मक संकेतों का भी घरेलू शेयर बाजार पर असर देखने को मिला।   आगे बाजार की दिशा RBI के फैसले से तय होगी   निवेशकों की नजर अब RBI के फैसले के साथ-साथ महंगाई, आर्थिक विकास और मौद्रिक नीति के भविष्य के रुख पर रहेगी। आज के कारोबार में Sensex और Nifty में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसलिए फिलहाल बाजार में शुरुआती तेजी के बाद सावधानीपूर्ण कारोबार देखने को मिल रहा है।

anjali kumari अगस्त 5, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex gains 500 points and Nifty crosses 24,500 amid falling crude oil prices
Share Market Opening: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में रौनक, सेंसेक्स 500 अंक उछला; निफ्टी 24,500 के पार

नई दिल्ली: अगस्त के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बीच घरेलू बाजार में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 500 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि NSE Nifty 50 ने 24,500 का स्तर पार कर लिया। बाजार में यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जब प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखने को मिली है। निवेशकों के सेंटीमेंट को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती से भी सहारा मिला। सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 491.33 अंक यानी 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 78,585.97 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 150.40 अंक यानी 0.62 फीसदी चढ़कर 24,534 अंक के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर बढ़त के साथ खुले। इससे बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत मिला। IndiGo समेत इन शेयरों में तेजी शुरुआती कारोबार में IndiGo सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले सेंसेक्स शेयरों में रहा। इसके अलावा ITC, Tata Steel, TCS, Bajaj Finance, Infosys, Bajaj Finserv, Asian Paints और BEL जैसे प्रमुख शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी तरफ Titan और Sun Pharma दबाव में रहे। बाद के शुरुआती कारोबार में Maruti Suzuki और Sun Pharma में भी कमजोरी दर्ज की गई। ITC, Bajaj Finance और IndiGo टॉप गेनर्स में सुबह करीब 9:30 बजे के आंकड़ों के मुताबिक Sensex में ITC करीब 3.88 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे था। Bajaj Finance में करीब 2.60 फीसदी, Bajaj Finserv में 2.59 फीसदी और IndiGo में करीब 2.49 फीसदी तेजी रही। TCS, L&T, Asian Paints, Eternal, Infosys और Mahindra & Mahindra समेत कई बड़े शेयर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं Sun Pharma करीब 2.31 फीसदी और Maruti Suzuki करीब 1.93 फीसदी नीचे था। Broader Market में भी खरीदारी सिर्फ बड़े शेयरों तक ही तेजी सीमित नहीं रही। शुरुआती कारोबार में Nifty Midcap करीब 0.42 फीसदी और Nifty Smallcap करीब 0.54 फीसदी मजबूत रहा। सेक्टर की बात करें तो FMCG और Metal शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि Media सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में निवेशकों की भागीदारी केवल चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों तक सीमित नहीं थी। रुपये को भी मिला सहारा शेयर बाजार की तेजी के साथ भारतीय रुपये में भी मजबूती देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.25 फीसदी मजबूत होकर 95.1450 के स्तर पर खुला। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.38 के स्तर पर बंद हुआ था। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। कच्चे तेल में करीब 5 फीसदी की गिरावट बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट एक अहम वजह रही। अमेरिका की ओर से ईरान के साथ बातचीत शुरू होने की उम्मीद के बीच तेल बाजार में दबाव देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, Brent crude करीब 5 फीसदी गिरकर 83.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं WTI crude करीब 5.67 फीसदी गिरकर 79.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और चालू खाते पर दबाव कम होने की संभावना रहती है। निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर हालांकि शुरुआती तेजी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेशकों के लिए आगे भी कई वैश्विक और घरेलू कारक महत्वपूर्ण रहेंगे। पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए शुरुआती तेजी को देखते हुए निवेशकों के लिए बाजार में जल्दबाजी के बजाय जोखिम और अपनी निवेश रणनीति को ध्यान में रखना जरूरी है।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
Indian stock market rallies as Sensex jumps 800 points and IT stocks lead early trading gains
Stock Market Opening: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला; IT शेयरों में फिर आया जोश

Share Market Opening, 29 July 2026: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कारोबार की शुरुआत मजबूत तेजी के साथ की। पिछले सत्र की मामूली कमजोरी के बाद आज शुरुआती कारोबार में खरीदारी का जोर दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 800 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,200 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा मजबूती IT शेयरों में देखने को मिली। सुबह करीब 9:40 बजे BSE Sensex 777.71 अंक यानी 1.01% की बढ़त के साथ 77,543.63 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 218.85 अंक यानी 0.91% चढ़कर 24,204.20 पर पहुंच गया। घरेलू बाजार को वैश्विक संकेतों के साथ-साथ सेक्टरल खरीदारी से भी सपोर्ट मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए एक अहम जोखिम बनी हुई है। IT शेयरों में जोरदार खरीदारी शुरुआती कारोबार में IT सेक्टर निवेशकों के पसंदीदा क्षेत्रों में रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर बढ़त के साथ खुले। Infosys सबसे मजबूत शेयरों में रहा और शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 3.5% की तेजी दिखी। इसके अलावा L&T, HUL, TCS, Tech Mahindra, Bharti Airtel और Bajaj Finance जैसे शेयरों में भी खरीदारी रही। करीब 9:30 बजे प्रमुख शेयरों की स्थिति: Infosys: +3.23% L&T: +2.90% HUL: +2.58% Bharti Airtel: +1.61% TCS: +1.54% HDFC Bank: +1.50% HCL Tech: +1.34% Tech Mahindra: +1.21% ITC: +1.12% M&M: +1.06% Bajaj Finance: +0.95% वहीं BEL, Indigo, Asian Paints, Power Grid, Trent और Titan जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे। Nifty में भी खरीदारी का जोर Nifty 50 में Infosys, L&T और Eternal शुरुआती कारोबार में प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक माहौल दिखा। Nifty Midcap करीब 0.54% और Nifty Smallcap करीब 0.66% ऊपर कारोबार कर रहे थे। सेक्टर की बात करें तो Nifty IT और Nifty Chemical ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि Nifty Realty और Nifty Oil & Gas कमजोर नजर आए। रुपये में भी शुरुआती मजबूती शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.70 के स्तर पर खुला। हालांकि, मुद्रा बाजार और शेयर बाजार दोनों पर वैश्विक घटनाक्रमों का असर बना रह सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल चिंता का विषय बाजार की तेजी के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच Brent crude की कीमत में करीब 5% की तेजी आई और यह लगभग $88 प्रति बैरल तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इसलिए बाजार की आगे की दिशा में तेल की कीमतें भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर बुधवार की शुरुआती तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। IT शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। अब देखना होगा कि शुरुआती तेजी कारोबार के दौरान कायम रहती है या बाजार ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का सामना करता है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछला; IT शेयरों की खरीदारी से निफ्टी 24,200 के करीब

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,200 के करीब पहुंच गया। आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी। निवेशकों की खरीदारी से बाजार का माहौल पूरे दिन सकारात्मक बना रहा।   आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों का सबसे अहम योगदान रहा। टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया।    वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके चलते बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली।    निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर   अब बाजार की नजर प्रमुख कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहे तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में मजबूती का रुख जारी रह सकता है।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले; निवेशकों की नजर फेड बैठक और तिमाही नतीजों पर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सपाट रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक, जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।   आईटी शेयरों में खरीदारी, बैंकिंग शेयरों में दबाव   शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में हल्का दबाव बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।   आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आज HDFC Bank, Hindustan Unilever (HUL), Larsen & Toubro (L&T), Tata Power, Coal India, IndiGo, Coforge और Happiest Minds जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं। इन कंपनियों से जुड़े नतीजों और कॉर्पोरेट अपडेट का असर कारोबार पर देखने को मिल सकता है।   वैश्विक संकेतों पर टिकी बाजार की नजर   अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, वैश्विक टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इस सप्ताह भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाक्रमों के स्पष्ट होने तक घरेलू बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Stock market graph showing rising foreign portfolio investment in India following strong participation in the SBI Funds IPO.
SBI Funds IPO का दिखा बड़ा असर! जुलाई में FPI निवेश ₹42,000 करोड़ के करीब पहुंचा, विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दमदार वापसी

लगातार चार महीनों तक भारतीय शेयर बाजार से दूरी बनाए रखने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अब फिर से भारतीय बाजार की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। जुलाई 2026 में विदेशी निवेशकों ने न केवल इक्विटी बाजार में शुद्ध खरीदारी (Net Buying) की, बल्कि डेट मार्केट में भी मजबूत निवेश जारी रखा। इसका नतीजा यह रहा कि जुलाई में सभी एसेट क्लास में कुल FPI निवेश बढ़कर करीब ₹41,796 करोड़ (लगभग 4.4 बिलियन डॉलर) पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे बड़ा मासिक निवेश है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे SBI Funds के IPO को प्रमुख वजह माना जा रहा है, जिसमें विदेशी निवेशकों ने एंकर और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) दोनों श्रेणियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चार महीने की बिकवाली के बाद बदला विदेशी निवेशकों का रुख मार्च से जून 2026 के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार भारी बिकवाली की थी। वैश्विक अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और जोखिम से बचने की रणनीति के चलते विदेशी फंड्स ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाली थी। हालांकि, जुलाई में तस्वीर बदलती दिखाई दी। 24 जुलाई 2026 तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार में करीब ₹14,946 करोड़ का शुद्ध निवेश किया। यह लगातार चार महीनों की बिकवाली के बाद निवेशकों के विश्वास में लौटती मजबूती का संकेत माना जा रहा है। जुलाई बना 2026 का सबसे मजबूत महीना डेट मार्केट में लगातार निवेश और इक्विटी में खरीदारी के चलते जुलाई विदेशी निवेश के लिहाज से इस वर्ष का सबसे बेहतर महीना बन गया। इससे पहले फरवरी 2026 में कुल FPI निवेश लगभग ₹37,804 करोड़ रहा था, लेकिन जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर करीब ₹41,796 करोड़ तक पहुंच गया, जिससे फरवरी का रिकॉर्ड भी टूट गया। विश्लेषकों का मानना है कि SBI Funds IPO में विदेशी संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने इस बढ़त को और गति दी। शुरुआती महीनों में हुई थी भारी बिकवाली 2026 की शुरुआत विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में चुनौतीपूर्ण रही। मार्च से जून तक लगातार चार महीनों में बड़े पैमाने पर पूंजी निकाली गई। मासिक शुद्ध FPI इक्विटी निवेश इस प्रकार रहा: जनवरी: -₹35,962 करोड़ फरवरी: ₹22,615 करोड़ (शुद्ध निवेश) मार्च: -₹1,17,775 करोड़ अप्रैल: -₹60,847 करोड़ मई: -₹32,963 करोड़ जून: -₹49,340 करोड़ जुलाई (24 जुलाई तक): ₹14,946 करोड़ (शुद्ध निवेश) इन आंकड़ों से साफ है कि जुलाई में खरीदारी लौटने के बावजूद सालभर की भारी बिकवाली की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है। सालभर का घाटा अब भी बरकरार जुलाई में सुधार के बावजूद विदेशी निवेशकों का कुल वार्षिक निवेश अभी भी नकारात्मक बना हुआ है। अब तक 2026 में भारतीय इक्विटी बाजार से लगभग ₹2.59 लाख करोड़ का शुद्ध विदेशी निवेश बाहर जा चुका है। वहीं सभी एसेट क्लास को मिलाकर भी कुल FPI निवेश लगभग ₹1.7 लाख करोड़ के नेट आउटफ्लो में है। हालांकि, डेट मार्केट अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है, जहां वर्ष 2026 में अब तक करीब 9.5 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश दर्ज किया गया है। आगे क्या रहेगा निवेशकों का फोकस? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों का रुख वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगा। यदि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत प्रदर्शन जारी रखती है और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो आने वाले महीनों में विदेशी निवेश का प्रवाह और तेज हो सकता है।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
Stock market display showing Sensex and Nifty surging after five days of losses as investors return to buying.
Share Market Opening: 5 दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक उछला, निफ्टी 23,900 के पार

लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक दबाव में रहने के बाद सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की। सोमवार सुबह कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई, जहां बीएसई सेंसेक्स करीब 600 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह लगभग 9:23 बजे बीएसई सेंसेक्स 565.08 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,624.85 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 163.75 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,931.20 अंक पर पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले सप्ताह शेयर बाजार लगातार पांचों कारोबारी दिनों में गिरावट दर्ज कर चुका था। ऐसे में सप्ताह की शुरुआत निवेशकों के लिए राहत भरी रही। सेंसेक्स के लगभग सभी शेयरों में खरीदारी शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के लगभग सभी प्रमुख शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा तेजी एविएशन कंपनी इंडिगो के शेयर में देखने को मिली, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा इंफोसिस, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, शुरुआती कारोबार में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर हल्की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। निफ्टी के सेक्टरों में भी रही हरियाली एनएसई पर निफ्टी 50 इंडेक्स में इंटरग्लोबल एविएशन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और इटरनल सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में सबसे मजबूत तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत तक की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, ऑयल एंड गैस सेक्टर में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त दर्ज की गई। रुपये में भी आई मजबूती शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा में भी मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 0.4 प्रतिशत मजबूत होकर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में जहां रुपया 96.5625 के स्तर पर बंद हुआ था, वहीं सोमवार सुबह यह 96.1475 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बढ़ा बाजार का भरोसा बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दो सप्ताह तक चली सैन्य कार्रवाई के बाद हमले रुकने से पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है। इससे कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद बढ़ी और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4.5 प्रतिशत गिरकर लगभग 92.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि पिछले सप्ताह यह 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई थी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भारत जैसे आयातक देशों के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात लागत पर दबाव कम हो सकता है। निवेशकों के लिए राहत भरी शुरुआत लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद सोमवार की तेजी ने निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक बहाल किया है। हालांकि, आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कॉरपोरेट नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
Indian stock market plunges as Sensex drops over 850 points after US tariff announcement and rising crude oil prices.
Share Market Crash: ट्रंप के 10% टैरिफ का असर, सेंसेक्स 850 अंक टूटा, निवेशकों के ₹3 लाख करोड़ स्वाहा

Stock Market Today: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत समेत 17 देशों के कुछ आयातित सामान पर 10% टैरिफ लगाने के फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुक्रवार को घरेलू बाजार लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 23,700 के नीचे फिसल गया। इस भारी बिकवाली के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (Market Cap) में करीब 3 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बाजार पर भारी दबाव सुबह करीब 10:15 बजे: सेंसेक्स 876.06 अंक (1.15%) टूटकर 75,515.33 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 258.80 अंक (1.08%) गिरकर 23,610.80 पर पहुंच गया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर करीब 473 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह लगातार पांचवां कारोबारी दिन है जब भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। रुपये पर भी दिखा दबाव शेयर बाजार में कमजोरी के साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव देखने को मिला। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.06% कमजोर होकर 96.63 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.5725 पर बंद हुआ था। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट? सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। सबसे अधिक दबाव इन शेयरों पर रहा— इंफोसिस भारती एयरटेल इंडिगो इटरनल टाटा स्टील बजाज फाइनेंस अल्ट्राटेक सीमेंट बजाज फिनसर्व एचडीएफसी बैंक एशियन पेंट्स मारुति सुजुकी लार्सन एंड टुब्रो ट्रेंट अडानी पोर्ट्स वहीं एचसीएल टेक शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहा। सेक्टरवार कैसा रहा हाल? ब्रॉडर मार्केट में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप लगभग 0.63% कमजोर रहा। निफ्टी स्मॉलकैप करीब 0.62% नीचे कारोबार करता दिखा। सबसे ज्यादा गिरावट इन सेक्टरों में रही— रियल्टी ऑटो मेटल जबकि फार्मा और आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार क्यों टूटा? बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका द्वारा भारत सहित 17 देशों के कुछ आयातित सामान पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा मानी जा रही है। अमेरिका का आरोप है कि ये देश जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त रोक लगाने में विफल रहे हैं। यह फैसला अमेरिकी ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत हुई जांच के बाद लिया गया है। भारत के अलावा जिन देशों पर यह टैरिफ लगाया गया है, उनमें शामिल हैं— पाकिस्तान बांग्लादेश श्रीलंका कंबोडिया यूनाइटेड किंगडम (यूके) और अन्य देश इस फैसले ने वैश्विक व्यापार को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। महंगा हुआ कच्चा तेल भी बना चिंता का कारण बाजार पर दबाव बढ़ाने वाली दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। रिपोर्टों के मुताबिक, रेड सी में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो भारत जैसे आयातक देशों पर महंगाई और चालू खाते के घाटे का दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। निवेशकों के लिए आगे क्या? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर तीन प्रमुख कारकों पर रहेगी— अमेरिका की व्यापार नीति और टैरिफ से जुड़े अगले फैसले। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव। कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर। यदि वैश्विक हालात में सुधार नहीं होता, तो घरेलू शेयर बाजार में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।  

surbhi जुलाई 24, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक से अधिक टूटा; निफ्टी 23,700 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 700 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।   आईटी और एविएशन शेयरों में दबाव, सभी सेक्टर लाल निशान में   शुक्रवार के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी कंपनी इन्फोसिस और एविएशन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के कमजोर तिमाही नतीजों के बाद उनके शेयरों में गिरावट आई, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। बैंकिंग, ऑटो, मेटल और फार्मा सेक्टर में भी बिकवाली हावी रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी नुकसान के साथ कारोबार करते रहे।   कच्चे तेल और वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता   विशेषज्ञों के अनुसार ईरान-अमेरिका तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, रुपये में कमजोरी और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

anjali kumari जुलाई 24, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex and Nifty falling during early trading amid weak global market sentiment.
Share Market Opening: लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,900 के नीचे

Share Market Opening: घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन भी जारी रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर निवेशकों की धारणा पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार सुबह कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 350 अंक से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,900 के नीचे पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल सुबह 9:28 बजे तक: बीएसई सेंसेक्स 296.65 अंक (0.39%) गिरकर 76,458.40 पर कारोबार कर रहा था। एनएसई निफ्टी 50 69.15 अंक (0.29%) टूटकर 23,927.10 पर पहुंच गया। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1% मजबूत होकर 96.49 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.5650 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के अधिकांश शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: इंडिगो अल्ट्राटेक सीमेंट सन फार्मा एशियन पेंट्स भारती एयरटेल बजाज फिनसर्व पावरग्रिड इंफोसिस रिलायंस इंडस्ट्रीज महिंद्रा एंड महिंद्रा बढ़त वाले प्रमुख शेयर: इटरनल टाटा स्टील अडानी पोर्ट्स बजाज फाइनेंस मारुति सुजुकी सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप लगभग 0.54% फिसला। निफ्टी स्मॉलकैप करीब 0.75% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। सबसे कमजोर सेक्टर: निफ्टी फार्मा निफ्टी रियल्टी निफ्टी हेल्थकेयर बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर: निफ्टी एफएमसीजी निफ्टी ऑटो बाजार पर दबाव की वजह विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।  

surbhi जुलाई 23, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक टूटा और निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,900 के नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और आईटी तथा वित्तीय शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा।   आईटी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली   कारोबार के दौरान आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटो सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की, जिससे बाजार का रुख कमजोर हो गया। हालांकि एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा देने की कोशिश की।   वैश्विक संकेतों का पड़ा असर   एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके चलते विदेशी निवेशकों का रुख भी सतर्क बना हुआ है।   रुपये और बॉन्ड बाजार पर भी नजर   विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है।   कॉरपोरेट नतीजों का रहेगा असर   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे, आरबीआई की नीतिगत दिशा, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि प्रमुख कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है।   निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह   विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों पर ध्यान देने और बाजार की अस्थिरता के दौरान संयम बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
Stock Market Crash
Stock Market: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक टूटा; निफ्टी 24,050 के नीचे

मुंबई,एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 600 अंक तक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,050 के नीचे फिसल गया।   वैश्विक दबाव से बढ़ी बाजार की चिंता   बाजार में सबसे अधिक दबाव आईटी, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुझान जोखिम वाले निवेश से दूर रहा। इसके चलते अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।   कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुश्किलें   विश्लेषकों के अनुसार, मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। साथ ही अमेरिका की व्यापार एवं टैरिफ नीति को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा पर असर डाल रही है।   आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार नहीं होता है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
Indian stock market falls sharply as Sensex drops over 600 points after Donald Trump's tariff announcement impacts pharma stocks.
Share Market Crash: ट्रंप के टैरिफ ऐलान से बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली

Share Market Crash Today: घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से भारी टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसका सबसे बड़ा असर भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला, क्योंकि उनकी आय का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 600 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,000 अंक के करीब पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल सुबह करीब 9:40 बजे: सेंसेक्स: 76,894.82 अंक (575.29 अंक या 0.74% की गिरावट) निफ्टी 50: 24,028.55 अंक (159.15 अंक या 0.66% की गिरावट) सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट? गिरावट वाले प्रमुख शेयर: इंडिगो (InterGlobe Aviation) सन फार्मा एक्सिस बैंक एसबीआई इन्फोसिस टेक महिंद्रा एचडीएफसी बैंक आईसीआईसीआई बैंक टीसीएस बजाज फिनसर्व भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) वहीं कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली: मारुति सुजुकी महिंद्रा एंड महिंद्रा टाइटन हिंदुस्तान यूनिलीवर फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव ट्रंप के टैरिफ प्लान का सबसे ज्यादा असर फार्मा सेक्टर पर पड़ा। प्रमुख गिरावट: सन फार्मा: 2% तक कमजोर सिप्ला: करीब 2.5% की गिरावट ल्यूपिन: लगभग 2.5% टूटा डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज: 1% से अधिक गिरावट जाइडस, एल्केम और टोरेंट फार्मा में भी 2% तक की कमजोरी बाजार क्यों टूटा? अमेरिका ने घोषणा की है कि 2028 से आयातित जेनेरिक दवाओं पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 200% तक किया जा सकता है। भारतीय दवा कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। ऐसे में निवेशकों को आशंका है कि इस फैसले से फार्मा कंपनियों की कमाई और निर्यात पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अन्य सेक्टरों पर भी असर फार्मा के अलावा: निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में गिरावट निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स भी लाल निशान में बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी बिकवाली इसके अलावा रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली और डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा हल्की गिरावट के साथ खुली। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका की टैरिफ नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बाजार की नजर रहेगी। यदि टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, तो फार्मा सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।  

surbhi जुलाई 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh अगस्त 14, 2026 0