जमशेदपुर

jamshedpur petrol crisis
जमशेदपुर में पेट्रोल संकट से हड़कंप, पंपों पर उमड़ी भारी भीड़

जमशेदपुर। झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गुरुवार सुबह से ही कदमा, मानगो, बिष्टुपुर, साकची और गोलमुरी समेत कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हालात ऐसे हो गए कि कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। कदमा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर सुबह पांच बजे से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। पेट्रोल की सीमित उपलब्धता को देखते हुए दोपहिया वाहनों को केवल 200 रुपये और चारपहिया वाहनों को 500 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” के बोर्ड भी लगा दिए गए हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।   पैनिक बाइंग से और बिगड़ी स्थिति शहर में तेल आपूर्ति कम होने और अनिश्चितकालीन संकट की अफवाहों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ बोतलों और डब्बों में भी पेट्रोल भरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों ने सुरक्षा कारणों से डब्बों में तेल देने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते कई जगह विवाद की स्थिति भी बन रही है।   प्रशासन की अपील बेअसर जिला प्रशासन लगातार लोगों से संयम बरतने और पैनिक बाइंग से बचने की अपील कर रहा है, लेकिन इसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। पंप संचालकों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा खरीदारी के कारण कृत्रिम संकट पैदा हो गया है। वहीं अफवाहों के चलते लोगों में भय का माहौल बना हुआ है, जिससे हालात सामान्य होने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं।

Anjali Kumari मई 14, 2026 0
public protest in Jamshedpur
जमशेदपुर में आम जनता के मुद्दों पर भाजपा और जेएमएम आमने-सामने, जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन

जमशेदपुर। जमशेदपुर में गुरुवार को भाजपा और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच जिला उपायुक्त कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। दोनों दलों ने आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधा और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान जिला मुख्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसे देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।   भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा प्रदर्शन के दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। भीषण गर्मी के बीच गांव से लेकर शहर तक लोग अनियमित बिजली आपूर्ति और जल संकट से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब बिजली व्यवस्था के कारण अस्पतालों में मरीजों की जान तक जा रही है और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह “आईसीयू” में पहुंच चुका है।   अधूरी योजनाओं का उठाया मुद्दा रघुवर दास ने जमशेदपुर की बागबेड़ा ग्रामीण बृहत जलापूर्ति योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत वर्ष 2018 तक लोगों को पानी की आपूर्ति शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन आज तक योजना पूरी नहीं हो सकी। भाजपा नेताओं ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए जनहित की योजनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।   जेएमएम ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार दूसरी ओर झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। पूर्व विधायक Lakshman Tudu ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम जनता आर्थिक दबाव झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि आम लोगों की परेशानियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बढ़ती रसोई गैस कीमतों और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।   अलग-अलग अंदाज में प्रदर्शन प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता मिट्टी के घड़े लेकर पहुंचे, जबकि झामुमो कार्यकर्ता लकड़ियां लेकर विरोध जताते नजर आए। दोनों दलों ने अपने-अपने तरीके से जनता की समस्याओं को उठाने का प्रयास किया।   राजनीतिक माहौल हुआ गरम इस विरोध प्रदर्शन ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही जनता के मुद्दों को लेकर एक-दूसरे को घेरने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Anjali Kumari मई 7, 2026 0
Chutney Don
जमशेदपुर की ‘चटनी डॉन’ को राहत, तड़ीपार उल्लंघन केस में मिली जमानत

जमशेदपुर। जमशेदपुर की चर्चित महिला अपराधी प्रिया सिंह उर्फ ‘चटनी डॉन’ को अदालत से बड़ी राहत मिली है। जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद उसे जमानत दे दी। इस फैसले के बाद वह जेल से बाहर आ सकेगी।   तड़ीपार आदेश तोड़ने पर हुई थी गिरफ्तारी प्रिया सिंह को पहले सीसीए (क्रिमिनल लॉ) के तहत जिला बदर यानी तड़ीपार किया गया था। इसके बावजूद वह अवैध रूप से शहर में प्रवेश कर रही थी। बीते 10 मार्च को सोनारी थाना पुलिस और सशस्त्र बलों ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्वाला बस्ती में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।   जमानत के लिए दिए गए अहम तर्क बचाव पक्ष के अधिवक्ता आनंद झा ने कोर्ट में जमानत के लिए कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि तड़ीपार उल्लंघन के मामले में अधिकतम सजा पांच साल से कम है और आरोपी पहले ही करीब दो महीने जेल में बिता चुकी है। इसके अलावा मानवीय आधार पर यह भी बताया गया कि प्रिया सिंह का छोटा बच्चा बीमार है। कोर्ट में बच्चे के इलाज से जुड़े मेडिकल दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।   अपराध जगत में है पहचान सोनारी क्षेत्र की रहने वाली प्रिया सिंह उर्फ ‘चटनी डॉन’ पर रंगदारी, मारपीट और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े सात से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना में थी।

Anjali Kumari मई 2, 2026 0
ICSE-ISC 2026
ICSE-ISC 2026:  जमशेदपुर की शांभवी तिवारी 100% अंक हासिल कर  बनीं नेशनल टॉपर

जमशेदपुर। जमशेदपुर की छात्रा शांभवी तिवारी ने ICSE-ISC 2026 परीक्षा में इतिहास रचते हुए 100 प्रतिशत अंक हासिल कर नेशनल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। Council for the Indian School Certificate Examinations (CISCE) द्वारा जारी परिणामों में झारखंड के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।   कोल्हान क्षेत्र का दबदबा इस बार कोल्हान क्षेत्र, खासकर जमशेदपुर और चाईबासा के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया। ICSE 10वीं में चितेश सरकार, वेदांग वत्सल, अहान राय और प्रज्ञा सिंह ने 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर संयुक्त रूप से टॉप किया। वहीं धनबाद की अंशिका मोदी और कोशिकी दत्ता ने भी 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।   डॉक्टर बनने का सपना शांभवी तिवारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। फिलहाल वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही हैं और भविष्य में डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहती हैं।   रांची के स्कूलों का भी शानदार प्रदर्शन राजधानी रांची के स्कूलों ने भी बेहतरीन परिणाम दिए। लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल की प्रभलीन कौर ने 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि अन्य छात्रों ने भी 97 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। संत थॉमस स्कूल की अंशिका गुप्ता ने 99 प्रतिशत अंक लाकर सिटी टॉपर का खिताब जीता।   डिजिटल माध्यम से मिला रिजल्ट रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखा गया, लेकिन छात्रों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आसानी से अपने परिणाम देखे। कई स्कूलों ने भी अपने स्तर पर रिजल्ट उपलब्ध कराया। ICSE-ISC 2026 के नतीजों ने साबित कर दिया कि झारखंड के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
Bistupur G Town gym
Bistupur G Town gym: बिष्टुपुर जी टाउन ओपन जिम की समय सीमा बढ़ाने की मांग, पार्षद अनिल मोदी ने टाटा प्रबंधन से की अपील

जमशेदपुर। शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के उपयोग को लेकर समय सीमा का मुद्दा उठने लगा है। जुगसलाई नगर परिषद के पार्षद और भाजपा नेता अनिल मोदी ने बिष्टुपुर स्थित जी टाउन ओपन जिम और मैदान के संचालन समय को बढ़ाने की मांग की है।   व्यावसायिक क्षेत्र के लोगों को हो रही दिक्कत अनिल मोदी का कहना है कि जुगसलाई क्षेत्र के अधिकांश लोग व्यवसाय से जुड़े हैं, जिनका काम देर शाम तक चलता है। ऐसे में मौजूदा समय सीमा के कारण वे जिम और मैदान की सुविधा का उपयोग नहीं कर पाते।   नौकरीपेशा और विद्यार्थियों के लिए भी कम समय उन्होंने बताया कि दिनभर काम करने के बाद लोग शाम के समय ही व्यायाम या टहलने के लिए समय निकाल पाते हैं। सीमित समयावधि के चलते नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।   स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र पार्षद ने कहा कि जी टाउन ओपन जिम और मैदान केवल व्यायाम का स्थान नहीं है, बल्कि यह शहरवासियों के लिए स्वास्थ्य, मानसिक सुकून और सामाजिक मेलजोल का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां प्रतिदिन युवा, महिलाएं और बुजुर्ग विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।   रात्रि 10 बजे तक समय बढ़ाने की मांग अनिल मोदी ने टाटा प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस सुविधा की समय सीमा बढ़ाकर रात 10 बजे तक की जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।   स्वास्थ्य जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने यह भी कहा कि समय सीमा बढ़ाने से शहर में फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और यह एक सकारात्मक पहल साबित होगी।

Anjali Kumari अप्रैल 11, 2026 0
Tata Steel slag use
टाटा स्टील का स्लैग बनेगा निर्माण सामग्री, सड़क और ईंट में होगा इस्तेमाल

जमशेदपुर। जमशेदपुर स्थित Tata Steel अब अपने ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले स्लैग को बेकार नहीं जाने देगी। कंपनी की अनुषंगी इकाई आईबीएमडी इस वेस्ट मटेरियल को उपयोगी निर्माण सामग्री में बदलने पर तेजी से काम कर रही है। अब यही स्लैग रेत और गिट्टी का विकल्प बनकर सड़क और भवन निर्माण में इस्तेमाल होगा।   मानगो फ्लाईओवर में पहले से हो रहा इस्तेमाल इस तकनीक का उपयोग जमीनी स्तर पर शुरू हो चुका है। मानगो फ्लाईओवर निर्माण में हर महीने लगभग 2000 टन स्लैग आधारित एग्रीगेट की सप्लाई की जा रही है। कंपनी का लक्ष्य औद्योगिक अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलकर निर्माण क्षेत्र में स्थायी समाधान देना है।   लागत घटेगी, पर्यावरण को मिलेगा फायदा कंपनी के अनुसार, स्लैग आधारित सामग्री के उपयोग से निर्माण लागत में करीब 15 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। साथ ही इससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन भी घटेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। एक टन स्टील उत्पादन के साथ बड़ी मात्रा में स्लैग और कार्बन उत्सर्जन होता है, जिसे अब रिसाइकिल किया जा रहा है।   ईंट, पेवर ब्लॉक और गिट्टी का विकल्प तैयार टाटा स्टील स्लैग से सड़क निर्माण के लिए एग्रीगेट, फ्लाई ऐश ईंट, पेवर ब्लॉक और अन्य निर्माण सामग्री विकसित कर रही है। ये उत्पाद पारंपरिक ईंट और गिट्टी का विकल्प बन रहे हैं और निर्माण उद्योग में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।   सीमेंट कंपनियों को भी हो रही सप्लाई कंपनी हर साल एसीसी, डालमिया और न्युवोको जैसी बड़ी सीमेंट कंपनियों को लगभग 8 मिलियन टन स्लैग की आपूर्ति कर रही है। वहीं कुल उत्पादन का करीब 18 मिलियन टन स्लैग विभिन्न बाय-प्रोडक्ट्स के रूप में उपयोग किया जा रहा है।   भविष्य की योजनाएं और विस्तार कंपनी आईएसआई सर्टिफिकेशन के बाद इन उत्पादों को बड़े पैमाने पर बाजार में उतारने की तैयारी में है। इसके लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर लगातार काम चल रहा है। साथ ही खड़गपुर में नया प्लांट लगाने की योजना है, जहां से जीजीबीएस तैयार कर पूर्वोत्तर राज्यों तक भेजा जाएगा। रेलवे नेटवर्क में भी इस सामग्री के उपयोग को लेकर बातचीत चल रही है, जिससे भविष्य में बड़े पैमाने पर इसका उपयोग संभव हो सकेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 10, 2026 0
Jamshedpur scientists meet
जमशेदपुर में वैज्ञानिकों का मंथन, औद्योगिक और रक्षा सुरक्षा पर फोकस

जमशेदपुर। जमशेदपुर स्थित National Metallurgical Laboratory (NML) में ‘अभियांत्रिकीय उपकरणों की शेष आयु आकलन (RLA-2026)’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 150 वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल हुए। चर्चा का मुख्य फोकस मशीनों की सुरक्षा, उनकी आयु बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को सुरक्षित रखने पर रहा।   पुराने औद्योगिक ढांचे को लेकर जताई चिंता NML के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने बताया कि देश के पेट्रोकेमिकल, ताप विद्युत और खनन क्षेत्रों का 60 से 70 प्रतिशत ढांचा अपनी तय उम्र से अधिक समय से उपयोग में है। उन्होंने कहा कि इससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में “Remaining Life Assessment (RLA)” तकनीक के जरिए मशीनों की स्थिति का सटीक आकलन कर उन्हें सुरक्षित रूप से लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।   रक्षा क्षेत्र में भी RLA तकनीक की अहमियत मुख्य अतिथि डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने कहा कि RLA तकनीक अब केवल औद्योगिक जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बन चुकी है। उन्होंने बताया कि मिसाइल, लड़ाकू विमान और अन्य रक्षा प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनकी उम्र बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।   AI के इस्तेमाल से तकनीक होगी और सटीक सेमिनार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि AI की मदद से RLA प्रक्रिया को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही सुझाव दिया गया कि इस तकनीक को इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक भी विस्तारित किया जाए ताकि पूरे औद्योगिक ढांचे की बेहतर निगरानी हो सके।   बड़ी कंपनियों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन में Tata Steel, ONGC, BPCL, IOCL, NTPC और IIT Kharagpur सहित कई प्रमुख संस्थानों ने भाग लिया। सभी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सुरक्षा और तकनीकी सुधारों पर सुझाव दिए।   NML के योगदान की सराहना वैज्ञानिकों ने NML के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने ऊर्जा, तेल-गैस और अंतरिक्ष क्षेत्रों में मशीनों की मजबूती और सुरक्षा के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे आयोजन देश के औद्योगिक और रक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने में मददगार साबित होंगे।

Anjali Kumari अप्रैल 10, 2026 0
Tata Steel DA hike April 2026
टाटा स्टील कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी, अप्रैल से बढ़ेगी सैलरी

जमशेदपुर। टाटा स्टील के कर्मचारियों को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में राहत मिली है। कंपनी ने महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसका लाभ अप्रैल 2026 से वेतन में दिखाई देगा।   सीपीआई में बढ़ोतरी का मिला फायदा यह वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर तय की गई है। हालिया तिमाही (दिसंबर 2025 से फरवरी 2026) में सूचकांक बढ़कर 148.43 पहुंच गया, जो पिछली तिमाही (सितंबर से नवंबर 2025) के 147.30 के मुकाबले अधिक है। इस तरह कुल 1.13 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।   एनएस ग्रेड कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी इस बदलाव का सीधा असर एनएस ग्रेड के कर्मचारियों पर पड़ेगा। उन्हें करीब 74.50 पॉइंट्स का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जिससे उनकी मासिक आय में लगभग 223.50 रुपये की वृद्धि होगी।   ओएस ग्रेड के लिए भी डीए में इजाफा वहीं ओएस ग्रेड के कर्मचारियों के लिए डीए में 1.13 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय की गई है। इसके बाद उनका कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 49.53 प्रतिशत हो गया है।   अप्रैल वेतन में दिखेगा असर डीए में की गई यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 के वेतन में जोड़ी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की कुल आय में मामूली लेकिन सकारात्मक वृद्धि होगी।

Anjali Kumari मार्च 31, 2026 0
Mahavir Jayanti
महावीर जयंती पर जमशेदपुर में भव्य शोभायात्रा, विधायक सरयू राय ने किया स्वागत

जमशेदपुर। भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के अवसर पर शहर में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। बिष्टुपुर जैन समाज के तत्वावधान में निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल बना रहा।   विधायक सरयू राय ने किया स्वागत, श्रद्धालुओं की सेवा शोभायात्रा के दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने स्वयं फलाहार और शर्बत वितरित कर सेवा भाव का संदेश दिया और कहा कि धर्म से ऊपर मानव सेवा का महत्व है।   साध्वी समूह का भी रहा सान्निध्य इस अवसर पर राजगीर से आईं साध्वी सधान्जी और साध्वी कल्याणी की उपस्थिति रही, जिन्हें श्रद्धालुओं ने नमन किया। धार्मिक माहौल के बीच प्रवचन और आशीर्वाद का भी लाभ लोगों को मिला।   समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी शोभायात्रा में जैन समाज के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में राजेन कमानी, नकुल कमानी, हर्षद गांधी, परेश सेठ, नरेंद्र दोशी, मुकेश गांधी, मिलन वैद्य, भाविन मोदी, मनीष उड़ानी, किलोल भयाणी, राहुल भयाणी, चंद्रकांत देसाई और धीरेन मेहता समेत अन्य लोगों की सक्रिय भूमिका रही।   सेवा कार्य में कई लोग रहे शामिल शोभायात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय लोगों ने भी योगदान दिया। सरयू राय के आवास के पास अशोक गोयल, सुबोध श्रीवास्तव, देव कुमार वर्मा, सन्नी सिंह, दिनेश सिंह, उदय मंडल और अमित देउड़ी सहित अन्य लोग सेवा कार्य में जुटे रहे।

Anjali Kumari मार्च 31, 2026 0
child abduction rumours Adityapur
आदित्यपुर भाटिया बस्ती में बच्चा चोरी की अफवाह से मचा हड़कंप, पड़ोसी के घर से बच्चा बरामद

जमशेदपुर। भाटिया बस्ती में मंगलवार सुबह एक बच्चे के लापता होने की खबर ने इलाके में दहशत और आक्रोश फैला दिया। परिजनों की खोजबीन के बाद बच्चा पड़ोसी रंजीत मंडल के घर से सकुशल बरामद किया गया।   स्थानीय लोगों का आरोप  स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपित परिवार ने शुरुआत में बच्चे की तलाश का दिखावा कर लोगों को भ्रमित किया। पूछताछ में परिवार की विरोधाभासी बातें सामने आईं, जिससे लोगों का शक और गहरा गया।   बस्तीवासिओं का दावा  बस्तीवासियों ने यह भी दावा किया कि बच्चा किसी तंत्र-मंत्र या साधना के लिए छिपाया गया था। घर के पूजा स्थल में दक्षिण दिशा की ओर स्थापित काली मां की मिट्टी की मूर्ति मिलने के बाद लोगों का संदेह और बढ़ा। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपित परिवार को 24 घंटे में बस्ती खाली करने का अल्टीमेटम दिया। प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

Anjali Kumari मार्च 20, 2026 0
टाटा मोटर्स प्लांट और कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी से जुड़ी खबर
टाटा मोटर्स कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: सैलरी बढ़ोतरी पर आज लग सकती है मुहर

जमशेदपुर। टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ग्रेड रिवीजन समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और आज इस पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।   1 अप्रैल से लागू हो सकता है नया समझौता सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन और यूनियन के बीच लगभग सभी प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। यह नया वेतन समझौता 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है। इससे प्लांट के 7321 स्थायी कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।   20 हजार रुपये बोनस की उम्मीद अगर समझौता 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाता है, तो कर्मचारियों को 20,000 रुपये का एकमुश्त बोनस मिल सकता है। वर्ष 2022 में भी समय पर समझौता होने पर यह लाभ दिया गया था।   सैलरी बढ़ोतरी 20-23 हजार तक संभव जानकारों के अनुसार इस बार वेतन वृद्धि 20,000 से 23,000 रुपये के बीच हो सकती है। पिछली बार 17,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इस बार भी इसे चार चरणों में लागू किए जाने की संभावना है।   जियो ग्रेड कर्मचारियों पर फोकस यूनियन इस बार खास तौर पर जियो ग्रेड कर्मचारियों के वेतन ढांचे में सुधार चाहती है। नए कर्मचारियों के डीए (महंगाई भत्ता) में कमी को दूर करना इस समझौते की बड़ी चुनौती मानी जा रही है।   अन्य प्रमुख मांगें भी शामिल   गंभीर बीमारियों के लिए मेडिकल खर्च की सीमा बढ़ाना रिटायरमेंट के बाद मेडिकल इंश्योरेंस में सुधार त्योहारों पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को वाहन भत्ता   यूनियन का बयान टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह ने कहा कि प्रबंधन के साथ बातचीत सकारात्मक रही है और जल्द ही सम्मानजनक समझौता होने की उम्मीद है।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 19, 2026 0
Tata Motors Jamshedpur plant workers as salary hike and grade revision talks near final approval
इंतजार खत्म! टाटा मोटर्स कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने वाली, आज ग्रेड रिवीजन पर लग सकती है मुहर

जमशेदपुर प्लांट में बड़ी खुशखबरी झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स प्लांट के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। ग्रेड रिवीजन को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। गुरुवार को इस समझौते पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है। इस फैसले का सीधा लाभ 7321 स्थायी कर्मचारियों को मिलेगा। समय पर समझौता हुआ तो मिलेगा 20 हजार बोनस इस समझौते की खास बात यह है कि अगर 31 मार्च 2026 तक इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाता है, तो सभी कर्मचारियों को 20,000 रुपये का एकमुश्त बोनस मिलेगा। इससे पहले वर्ष 2022 में भी समय पर समझौता होने पर कर्मचारियों को यह लाभ दिया गया था। वेतन वृद्धि 20 से 23 हजार तक पहुंचने की उम्मीद सूत्रों के मुताबिक, इस बार वेतन वृद्धि का आंकड़ा 20,000 से 23,000 रुपये के बीच जा सकता है। वर्ष 2022 में कुल 17,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इस बार भी बढ़ोतरी को चार चरणों (65%, 15%, 10% और 10%) में लागू किए जाने की संभावना है। जियो ग्रेड कर्मचारियों के DA पर फोकस इस बार यूनियन का सबसे बड़ा फोकस जियो ग्रेड कर्मचारियों के वेतन ढांचे को सुधारने पर है। पुराने कर्मचारियों की तुलना में नए कर्मियों का डीए (महंगाई भत्ता) काफी कम है, जो लगभग 500 रुपये के आसपास है। यूनियन इस अंतर को कम करने के लिए बेसिक पे और डीए स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग कर रही है। बढ़े कर्मचारियों के कारण प्रबंधन पर दबाव पिछले समझौते के समय जहां कर्मचारियों की संख्या 5600 थी, अब यह बढ़कर 7321 हो गई है। ऐसे में प्रबंधन पर वित्तीय दबाव भी बढ़ा है। इसी वजह से प्रबंधन समझौते की अवधि 6 साल करना चाहता है, जबकि यूनियन 4 साल की परंपरा को बनाए रखने पर अड़ी है। सिर्फ सैलरी नहीं, इन सुविधाओं पर भी चर्चा इस बार समझौते में सिर्फ वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी चर्चा हुई है: गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मेडिकल लिमिट 5 लाख से बढ़ाने की मांग रिटायरमेंट के बाद मेडिकल इंश्योरेंस को और बेहतर करने का प्रस्ताव त्योहारों (रामनवमी, दुर्गा पूजा) पर ड्यूटी करने वाले कर्मियों को 250 रुपये वाहन भत्ता देने की मांग यूनियन ने दिए सकारात्मक संकेत टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह के अनुसार, प्रबंधन और यूनियन के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि तय समय सीमा के भीतर एक सम्मानजनक समझौता हो जाएगा। टाटा मोटर्स के कर्मचारियों के लिए यह समझौता बड़ी राहत लेकर आ सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आज इस पर अंतिम मुहर लगती है या नहीं।

surbhi मार्च 19, 2026 0
Jamshedpur BEd exam April 26
Jamshedpur में 26 अप्रैल को झारखंड B.Ed प्रवेश परीक्षा, 9 केंद्रों पर 6,000+ अभ्यर्थी शामिल होंगे

जमशेदपुर। झारखंड में बी.एड, एम.एड और बी.पी.एड जैसे शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और कदाचार मुक्त कराने के लिए विशेष व्यवस्था कर रहे हैं। जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में इस परीक्षा के लिए कुल 9 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 6,104 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और जरूरी सुविधाएं जैसे पेयजल, बिजली और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की है।   महत्वपूर्ण जानकारी   आवेदन की अंतिम तिथि: 25 मार्च 2026 परीक्षा तिथि: 26 अप्रैल 2026 (रविवार) समय: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक   प्रशासन की अभ्यर्थियों से अपील  प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और परीक्षा के दिन कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचें, ताकि जांच प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। कड़े सुरक्षा इंतजामों और बेहतर सुविधाओं के साथ इस परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है ।

Anjali Kumari मार्च 18, 2026 0
Young engineer arrives safely at Mundra Port after dangerous sea journey, calling family with relief
मौत के मुंह से लौटे जमशेदपुर के अंश: मुंद्रा पोर्ट पहुंचते ही मां को किया फोन, बोले – “मां, मैं सुरक्षित हूं”

झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर के युवा इंजीनियर अंश त्रिपाठी ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए खतरनाक होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलकर भारत पहुंचने में सफलता हासिल की। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर जैसे ही उनका जहाज पहुंचा, उन्होंने सबसे पहले अपनी मां को फोन कर अपनी सलामती की खबर दी। इस खबर से परिवार ही नहीं, पूरे शहर में राहत और गर्व का माहौल है।   पहली कॉल: “मां, मैं लौट आया हूं” मुंद्रा पोर्ट की सीमा में पहुंचते ही जैसे ही नेटवर्क मिला, अंश त्रिपाठी ने तुरंत अपनी मां चंदा त्रिपाठी को फोन लगाया। उन्होंने संक्षेप में कहा, “मां, मैं भारत पहुंच गया हूं और पूरी तरह सुरक्षित हूं। अभी जहाज पर थोड़ा काम है, बाद में आराम से बात करूंगा।” यह कुछ शब्द ही मां और परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत बन गए, जिनका इंतजार कई दिनों से किया जा रहा था।   घर में खुशी की लहर, टली बड़ी चिंता अंश की सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही जमशेदपुर के पारडीह स्थित उनके घर ‘आशियाना वुडलैंड’ में जश्न जैसा माहौल बन गया। उनके पिता मिथिलेश कुमार त्रिपाठी, जो पिछले दिनों चिंता में डूबे थे, बेटे की आवाज सुनकर भावुक हो उठे और चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी।   मां की दुआओं ने बचाया मां चंदा त्रिपाठी ने बेटे की आवाज सुनते ही भावुक होकर कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी सांसें वापस लौट आई हों। उन्होंने बताया कि बेटे की आवाज में आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि उनका बेटा सुरक्षित है।   पत्नी को भी था पूरा विश्वास अंश की पत्नी चंदा मिश्रा त्रिपाठी, जो टाटा स्टील में CA के पद पर कार्यरत हैं, ने इसे ईश्वर की कृपा और भारत सरकार की कूटनीतिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पति की क्षमता और साहस पर हमेशा भरोसा था।   खतरनाक हालात में दिखाई बहादुरी अंश त्रिपाठी, जो शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में सेकंड इंजीनियर हैं, युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हुए खतरनाक परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य और सूझबूझ से अपने कर्तव्य को निभाया और सुरक्षित भारत लौट आए।   देशसेवा की विरासत से मिला हौसला अंश के पिता मिथिलेश कुमार त्रिपाठी भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और बाद में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “मैंने देश के लिए वर्दी पहनकर सेवा की, आज मेरा बेटा समुद्र के रास्ते देश के लिए ऊर्जा लेकर आ रहा है। इससे बड़ा गर्व क्या हो सकता है।”   प्रेरणादायक बनी अंश की कहानी अंश त्रिपाठी की यह कहानी सिर्फ एक सुरक्षित वापसी नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्य और परिवार के अटूट विश्वास की मिसाल है। उनकी बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो मुश्किल से मुश्किल हालात भी रास्ता छोड़ देते हैं।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Ankur Singh celebrates after winning Adityapur Deputy Mayor election by a single vote.
आदित्यपुर नगर निगम में रोमांचक मुकाबला: एक वोट से डिप्टी मेयर बने अंकुर सिंह

  वार्ड 18 के पार्षद अंकुर सिंह ने वार्ड 29 की पार्षद अर्चना सिंह को महज एक वोट से हराया, जीत के बाद समर्थकों में जश्न एक वोट से तय हुआ डिप्टी मेयर का चुनाव आदित्यपुर नगर निगम में उप महापौर (डिप्टी मेयर) पद के लिए हुए चुनाव में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। वार्ड संख्या 18 के पार्षद अंकुर सिंह ने वार्ड संख्या 29 की पार्षद अर्चना सिंह को मात्र एक वोट से हराकर डिप्टी मेयर पद पर जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर रही और नतीजों को लेकर पार्षदों और समर्थकों में काफी उत्सुकता बनी रही। अंततः जब अंतिम परिणाम घोषित हुआ तो अंकुर सिंह को एक वोट की बढ़त मिली, जिसके साथ ही उन्होंने यह चुनाव अपने नाम कर लिया। परिणाम सामने आते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और जीत का जश्न मनाया।   जीत के बाद विकास का भरोसा नवनिर्वाचित डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने अपनी जीत के बाद सभी पार्षदों और समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए वे सभी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करेंगे। अंकुर सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता शहर की बुनियादी समस्याओं को दूर करना और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।   मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुके हैं अंकुर सिंह अंकुर सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लोयोला स्कूल, जमशेदपुर से 10वीं तक पूरी की। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई गुड शेफर्ड इंटरनेशनल स्कूल, ऊटी से की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने एसपी जैन स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट से मैनेजमेंट की शिक्षा हासिल की। इसके अलावा उन्होंने पहले मुंबई से और बाद में कोविड काल के दौरान दुबई से ऑनलाइन फाइनेंस में स्पेशलाइजेशन का कोर्स भी किया। वर्तमान में वे अपने बिजनेस फर्म में डायरेक्टर हैं और एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में पार्टनर के रूप में भी काम कर रहे हैं।   शहर की रैंकिंग सुधारने की योजना डिप्टी मेयर बनने के बाद अंकुर सिंह ने आदित्यपुर के विकास के लिए कई योजनाओं की रूपरेखा तैयार की है। उनका कहना है कि वे सबसे पहले आदित्यपुर शहर की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग सुधारने पर काम करेंगे। इसके साथ ही शहर में जलापूर्ति की समस्या को दूर करने, बेहतर ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित करने और आदित्यपुर को अन्य राज्यों के विकसित शहरों की तरह पहचान दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।   कम उम्र में माता-पिता को खोया अंकुर सिंह के जीवन में व्यक्तिगत चुनौतियां भी रही हैं। जब वे 18 वर्ष के थे, तब वर्ष 2017 में उनकी मां का असामयिक निधन हो गया। इसके चार साल बाद 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण उनके पिता प्रवीण सिंह का भी निधन हो गया। परिवार में उनकी एक छोटी बहन है और दोनों ने मिलकर कठिन परिस्थितियों का सामना किया।   परिवार का राजनीति से भी जुड़ाव अंकुर सिंह के बड़े पापा अरविंद सिंह ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा उनके परिवार का सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी खास योगदान रहा है। ओल्ड हाउसिंग कॉलोनी में उनके घर के पास आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा अपने भव्य और अलग-अलग थीम वाले पंडालों के लिए पूरे कोल्हान क्षेत्र में चर्चित रहती है।

surbhi मार्च 16, 2026 0
Jamshedpur marine engineer Ansh Tripathi returns after safely crossing Strait of Hormuz aboard LPG carrier Shivalik.
होर्मुज के खतरनाक रास्ते को पार कर आज वतन लौटेगा जमशेदपुर का बेटा अंश त्रिपाठी, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू

  युद्ध के साये में निभाया देश का बड़ा दायित्व झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले सेकंड इंजीनियर Ansh Tripathi ने साहस और कर्तव्य की मिसाल पेश करते हुए खाड़ी क्षेत्र के तनावपूर्ण हालात के बीच खतरनाक Strait of Hormuz को पार किया। अंश Shipping Corporation of India के जहाज Shivalik LNG Carrier पर तैनात हैं और लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत लौट रहे हैं। जहाज सोमवार 16 मार्च को Mundra Port (गुजरात) पहुंचने वाला है। अंश की सुरक्षित वापसी की खबर से उनके परिवार, दोस्तों और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।   26 नवंबर से शुरू हुआ था मिशन अंश त्रिपाठी ने 26 नवंबर 2025 को जहाज ‘शिवालिक’ पर अपनी ड्यूटी जॉइन की थी। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मिशन इतना चुनौतीपूर्ण साबित होगा। जहाज को यूएई, कतर और सऊदी अरब से LPG लेकर भारत लौटना था। 13 मार्च का दिन सबसे कठिन था, क्योंकि इसी दिन जहाज को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना था। उस समय क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण हर पल खतरे की आशंका बनी हुई थी। जब जहाज ने सुरक्षित रूप से इस खतरनाक रास्ते को पार कर लिया, तब जाकर परिवार और देश के लोगों ने राहत की सांस ली।   पिता की आंखों में छलक पड़े आंसू अंश के पिता Mithilesh Kumar Tripathi, जो Uranium Corporation of India Limited से सेवानिवृत्त उप-प्रबंधक हैं, ने भावुक होकर बताया कि पिछले कई दिन उनके परिवार के लिए बेहद कठिन रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें हर पल यह डर सता रहा था कि कहीं युद्ध की स्थिति में उनका बेटा किसी खतरे का शिकार न हो जाए। लेकिन अब जब यह खबर मिली कि जहाज सुरक्षित होर्मुज पार कर चुका है, तो ऐसा लग रहा है जैसे सीने से भारी बोझ उतर गया हो।   मां की दुआओं ने बचाया बेटा अंश की मां Chanda Tripathi ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से वे लगातार भगवान से बेटे की सलामती की प्रार्थना कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जब भी मीडिया में समुद्री तनाव की खबरें देखती थीं तो दिल घबरा जाता था। अब जब बेटे के सुरक्षित होने की खबर मिली है, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू हैं।   पत्नी और बेटे को इंतजार उस पल का अंश की पत्नी Chanda Mishra Tripathi, जो Tata Steel में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, पिछले कई दिनों से लगातार चिंता में थीं। उनका दो वर्षीय बेटा तनय अभी छोटा है, लेकिन घर के माहौल को देखकर वह भी पिता की कमी महसूस कर रहा था। अब परिवार उस पल का इंतजार कर रहा है जब अंश घर लौटेंगे और सब उनसे मिल सकेंगे।   रिश्तेदारों और परिचितों का लगा तांता अंश के घर पर इस समय रिश्तेदारों और परिचितों का जमावड़ा लगा हुआ है। फोन लगातार बज रहे हैं और हर कोई उनकी कुशलता के बारे में जानकारी ले रहा है। जमशेदपुर के पारडीह स्थित आशियाना वुडलैंड में रहने वाला यह परिवार अब गर्व और खुशी दोनों महसूस कर रहा है।   अंश त्रिपाठी का करियर स्कूली शिक्षा: Motilal Nehru Public School (2004) और Atomic Energy Central School Narwapahar (2008) उच्च शिक्षा: Birla Institute of Technology Mesra से 2012 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग और 2015 में Cochin Shipyard Limited से मरीन इंजीनियरिंग करियर: दिसंबर 2014 में Shipping Corporation of India में शामिल हुए   साहस की मिसाल बना यह मिशन युद्ध जैसे तनावपूर्ण हालात के बीच खतरनाक समुद्री मार्ग से होकर देश के लिए ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करना आसान नहीं था। अंश त्रिपाठी की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात बन गई है।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
Ansh Tripathi returns home
होर्मुज की लहरों में मौत को छूकर आज वतन वापस लौटेगा जमशेदपुर का अंश त्रिपाठी, पलकें बिछाकर इंतजार कर रहा परिवार

जमशेदपुर। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच झारखंड के जमशेदपुर के सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी ने साहस और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज ‘शिवालिक’  तैनात अंश त्रिपाठी 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर खतरनाक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित भारत लौट रहे हैं। सोमवार 16 मार्च को उनका जहाज गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने वाला है। उनकी सुरक्षित वापसी की खबर से परिवार और शहर में खुशी का माहौल है।   दरअसल, अंश त्रिपाठी ने 26 नवंबर 2025 को ‘शिवालिक’ जहाज पर अपनी ड्यूटी जॉइन की थी। इस दौरान खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच जहाज को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना पड़ा। 13 मार्च को जहाज ने इस खतरनाक रास्ते को सुरक्षित पार किया, जिसके बाद परिवार और परिचितों ने राहत की सांस ली।   परिवार ने दुआओं में बिताए कई दिन जमशेदपुर के पारडीह स्थित आशियाना वुडलैंड में रहने वाले अंश त्रिपाठी के परिवार के लिए पिछले कुछ दिन बेहद चिंताजनक रहे। उनके पिता मिथिलेश कुमार त्रिपाठी, जो यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) जादूगोड़ा से सेवानिवृत्त उप-प्रबंधक हैं, ने बताया कि बीते एक सप्ताह से परिवार की नींद उड़ गई थी। जैसे ही यह खबर मिली कि जहाज सुरक्षित होर्मुज पार कर गया है, मानो सीने से भारी बोझ उतर गया। अंश की मां चंदा त्रिपाठी ने कहा कि हर पल अनहोनी का डर बना हुआ था। मीडिया में खतरे की खबरें सुनकर दिल घबराने लगता था, लेकिन अब बेटे के सुरक्षित लौटने की खबर से घर में खुशी लौट आई है।   पत्नी और बेटे को भी था बेसब्री से इंतजार अंश की पत्नी चंदा मिश्रा त्रिपाठी, जो टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, कई दिनों से पति की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रही थीं। उनका दो वर्षीय बेटा तनय भी पिता के लौटने का इंतजार कर रहा है। परिवार के मुताबिक, जहाज के सुरक्षित पहुंचने की खबर मिलते ही घर में रिश्तेदारों और परिचितों का जमावड़ा लग गया और लगातार फोन कॉल आने लगे।   अंश त्रिपाठी का करियर अंश त्रिपाठी ने अपनी स्कूली शिक्षा मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल और एईसीएस नरवा व जादूगोड़ा माइंस से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीआईटी से 2012 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग और 2015 में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, केरल से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दिसंबर 2014 में उन्होंने शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया जॉइन किया था।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन, जमशेदपुर के 6 आरोपियों के खिलाफ वारंट

जमशेदपुर। गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अदालत ने जमशेदपुर के छह आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपियों पर पहले से ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। हत्या के 26 दिन बाद भी मुख्य शूटर और साजिशकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ वारंट अदालत द्वारा जिन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, उनमें बागबेड़ा थाना क्षेत्र के अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद और यशराज सिंह शामिल हैं। इसके अलावा मानगो के ओलीडीह निवासी जितेंद्र कुमार साहू का नाम भी इस सूची में शामिल है। जमशेदपुर में लगातार दबिश सूत्रों के अनुसार, Uttarakhand Special Task Force और Dehradun Police की टीम लगातार Jamshedpur में छापेमारी कर रही है। टीम ने बागबेड़ा, जुगसलाई और मानगो इलाके में कई बार दबिश दी है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं। अब तक दो मददगार गिरफ्तार इस हत्याकांड में पुलिस अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाराबासा निवासी राजकुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर हत्या में आरोपियों की मदद करने का आरोप है। 13 फरवरी को हुई थी हत्या बताया जाता है कि 13 फरवरी को Dehradun के सिल्वर मॉल के पास गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। जांच में जमशेदपुर कनेक्शन सामने आने के बाद से पुलिस की टीमें झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
boxing champions financial struggle
झारखंड को चार राष्ट्रीय पदक दिलाने वाले जमशेदपुर के दो सगे भाई पैसों की कमी से बॉक्सिंग छोड़ने को मजबूर

जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर के भालूबासा इलाके के रहने वाले दो सगे भाई आर्यन मुखी और ईशुनाथ मुखी आर्थिक तंगी के कारण अपने बॉक्सिंग करियर को छोड़ने की स्थिति में पहुंच गए हैं। दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को चार पदक दिलाए हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उनका खेल भविष्य अधर में लटक गया है। राष्ट्रीय स्तर पर जीत चुके हैं चार पदक करीब 16 वर्षीय आर्यन मुखी ने वर्ष 2025 में Junior National Boxing Championship और School National Boxing Championship में कांस्य पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। वहीं उनके छोटे भाई ईशुनाथ मुखी ने Open Sub-Junior National Boxing Championship और National Junior Boxing Championship में कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह दोनों भाइयों ने मिलकर झारखंड को चार राष्ट्रीय पदक दिलाए हैं। मजदूरी से चलता है परिवार दोनों खिलाड़ियों का परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। उनके पिता मंगलनाथ मुखी ठेका मजदूरी करते हैं और इसी कमाई से सात सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण होता है। मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। सीमित आय के कारण परिवार के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है। प्रैक्टिस के लिए भी नहीं हैं संसाधन प्रतिभा होने के बावजूद दोनों भाइयों के पास बॉक्सिंग के लिए जरूरी किट और उपकरण नहीं हैं। कई बार उन्हें दोस्तों से किट उधार लेकर या कोच की मदद से अभ्यास करना पड़ता है। प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी उन्हें अक्सर उधार लेना पड़ता है। कोच की निगरानी में करते हैं अभ्यास दोनों भाई Sitaramdera Community Center में कोच सूरज की निगरानी में नियमित अभ्यास करते हैं। कोच का कहना है कि दोनों खिलाड़ी बेहद प्रतिभाशाली हैं और यदि उन्हें सही प्रशिक्षण व संसाधन मिलें तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश के लिए पदक जीत सकते हैं। सहयोग की उम्मीद आर्यन और ईशुनाथ का सपना है कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतें। लेकिन आर्थिक संकट और सहयोग की कमी के कारण उनका सपना टूटता हुआ नजर आ रहा है। दोनों भाइयों का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी या सामाजिक स्तर पर आर्थिक मदद मिल जाए, तो वे अपने खेल को आगे बढ़ा सकते हैं। फिलहाल परिवार की स्थिति को देखते हुए वे बॉक्सिंग छोड़कर काम करने के बारे में सोच रहे हैं, ताकि घर की आर्थिक मदद कर सकें।

Anjali Kumari मार्च 13, 2026 0
MGM Medical College Jamshedpur campus where proposal to increase PG medical seats has been prepared
MGM मेडिकल कॉलेज में बढ़ सकती हैं 38 नई पीजी सीटें, अगले सत्र से कुल संख्या 89 होने की संभावना

  पीजी सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया तेज झारखंड के जमशेदपुर स्थित कोल्हान क्षेत्र के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। कॉलेज प्रबंधन ने विभिन्न विभागों में 38 नई पीजी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में पीजी सीटों की कुल संख्या 51 से बढ़कर लगभग 89 हो सकती है।   विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में होगा इजाफा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार के अनुसार, पीजी सीटों में वृद्धि होने से मेडिकल शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही एमजीएम अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। पीजी छात्रों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाएं बेहतर होंगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।   रिसर्च और मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा पीजी सीटों में बढ़ोतरी से मेडिकल कॉलेज में रिसर्च गतिविधियों और शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है। ज्यादा पीजी छात्र होने से अस्पताल में इलाज के साथ-साथ शोध कार्यों को भी गति मिलेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के मेडिकल छात्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों के मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और झारखंड में ही बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।   कोल्हान क्षेत्र के लिए अहम पहल MGM मेडिकल कॉलेज कोल्हान क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां पीजी सीटों की संख्या बढ़ने से न केवल चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के मरीजों को भी बेहतर और विशेषज्ञ इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Jamshedpur athlete Anant Rana celebrating after completing Ironman triathlon in Taupo New Zealand
जमशेदपुर के अनंत राणा बने ‘फुल आयरनमैन’, न्यूजीलैंड में कठिन ट्राइथलॉन जीतकर रचा इतिहास

  न्यूजीलैंड में शानदार प्रदर्शन झारखंड के जमशेदपुर के सोनारी निवासी 33 वर्षीय अनंत राणा ने दुनिया की सबसे कठिन ट्राइथलॉन प्रतियोगिताओं में से एक ‘फुल आयरनमैन’ का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया है। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन से जुड़े अनंत राणा ने न्यूजीलैंड के ताउपो शहर में 3 से 8 मार्च के बीच आयोजित ‘फुल आयरनमैन न्यूजीलैंड’ प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को तैराकी, साइकिलिंग और मैराथन दौड़ की तीन बेहद कठिन चुनौतियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होता है। अनंत राणा ने इन तीनों चरणों को कुल 11 घंटे 50 मिनट में पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की।   तय समय से काफी पहले पूरा किया कठिन कोर्स फुल आयरनमैन बनने के लिए प्रतियोगिता में कुल 17 घंटे की समय सीमा निर्धारित होती है, जिसके भीतर सभी तीन इवेंट पूरे करना जरूरी होता है। अनंत राणा ने इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को समय सीमा से काफी पहले पूरा कर अपनी फिटनेस और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ताउपो की ठंडी झील में 3.8 किलोमीटर तैराकी केवल 1 घंटा 28 मिनट में पूरी की। इसके बाद 180 किलोमीटर साइकिलिंग का सफर उन्होंने 6 घंटे 19 मिनट में तय किया। अंतिम चरण में उन्होंने 42 किलोमीटर की मैराथन दौड़ को 3 घंटे 46 मिनट में पूरा कर फुल आयरनमैन का खिताब अपने नाम कर लिया। हर चरण के बीच उन्होंने थोड़े समय के लिए रिकवरी ली, जिससे वह अगले इवेंट के लिए पूरी ऊर्जा के साथ तैयार रह सके।   कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन से मिली सफलता इस कठिन प्रतियोगिता के लिए अनंत राणा ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की। वे रोजाना करीब पांच से छह घंटे तक नियमित अभ्यास करते थे। तैराकी की तैयारी उन्होंने जमशेदपुर के डिमना लेक और जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल में की। वहीं साइकिलिंग और दौड़ की ट्रेनिंग के लिए शहर के अलग-अलग लंबे रूट पर अभ्यास किया। इसके अलावा अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने सप्ताह में एक दिन जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी की। लगातार अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास की बदौलत उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता में सफलता हासिल की।   परिवार के सहयोग को दिया सफलता का श्रेय अनंत राणा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार को भी दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी साक्षी ने ट्रेनिंग के दौरान परिवार की जिम्मेदारियां संभालकर उनका पूरा साथ दिया। दो छोटे बच्चों की देखभाल और घर की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने अनंत को तैयारी के लिए पूरा समय दिया। इसी सहयोग के कारण वह अपनी ट्रेनिंग पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके। अनंत राणा की इस उपलब्धि से जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में खुशी की लहर है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन गई है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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