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BPSC AEDO Admit Card 2026 Guide

BPSC AEDO Admit Card 2026: जारी हुआ एडमिट कार्ड, इस तारीख से होगी परीक्षा

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
BPSC AEDO Admit Card 2026 download page and exam hall entry
BPSC AEDO Admit Card 2026 Released

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने Assistant Education Development Officer (AEDO) 2026 भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, वे अब आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

कब होगी परीक्षा?

BPSC AEDO भर्ती परीक्षा 14 अप्रैल 2026 से 21 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।

  • अलग-अलग तिथियों पर परीक्षा होगी
  • इस भर्ती के माध्यम से 935 पदों को भरा जाएगा

कैसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड?

उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – bpsc.bihar.gov.in
  2. होमपेज पर “BPSC AEDO Admit Card 2026” लिंक पर क्लिक करें
  3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर/यूजरनेम और पासवर्ड/जन्मतिथि दर्ज करें
  4. लॉगिन बटन पर क्लिक करें
  5. स्क्रीन पर एडमिट कार्ड दिखाई देगा
  6. इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

इस भर्ती की खास बात यह है कि चयन प्रक्रिया को आसान रखा गया है:

  • केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन
  • इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  • कोई इंटरव्यू नहीं होगा

एडमिट कार्ड में क्या जानकारी होगी?

एडमिट कार्ड में निम्नलिखित डिटेल्स दी होंगी:

  • उम्मीदवार का नाम
  • रोल नंबर
  • परीक्षा केंद्र का नाम और पता
  • परीक्षा की तारीख और समय
  • जरूरी दिशा-निर्देश

ध्यान रखें: एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

जरूरी निर्देश

  • एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो आईडी जरूर लेकर जाएं
  • परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें
  • एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट अनिवार्य है
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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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NDA-II Recruitment 2026: भारतीय सेना में अफसर बनने का मौका, 394 पदों पर निकली भर्ती

नई दिल्ली, एजेंसियां। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने NDA-II Recruitment 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। डिफेंस सेक्टर में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका माना जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और इंडियन नेवल एकेडमी (INA) में कुल 394 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जून 2026 से पहले आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   तीनों सेनाओं में होगी भर्ती इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना में अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार थल सेना के लिए 208 पद, नौसेना के लिए 42 पद, वायु सेना के विभिन्न विभागों के लिए 120 पद और नेवल अकादमी के लिए 24 सीटें निर्धारित की गई हैं। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिष्ठित रक्षा अकादमियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।   कब होगी परीक्षा? UPSC द्वारा NDA-II परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2026 को किया जाएगा। परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 6 सितंबर 2026 को जारी किए जाएंगे। वहीं परीक्षा परिणाम सितंबर 2026 के अंत तक घोषित होने की संभावना जताई जा रही है।   शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है। जो छात्र वर्तमान में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। आर्मी विंग के लिए किसी भी स्ट्रीम के छात्र आवेदन करने के पात्र हैं, जबकि एयरफोर्स और नेवी विंग के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स विषय होना अनिवार्य है।   आयु सीमा के तहत उम्मीदवार का जन्म 1 जनवरी 2008 से 1 जनवरी 2011 के बीच होना चाहिए। केवल अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया NDA भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें गणित और सामान्य योग्यता परीक्षण शामिल रहेगा। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चरण में मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी।   आवेदन शुल्क और स्टाइपेंड सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये तय किया गया है, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को शुल्क में छूट दी गई है। प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवारों को लगभग 56,100 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अधिकारियों को लेवल-10 पे स्केल के अनुसार वेतन और अन्य भत्ते मिलेंगे।   ऐसे करें आवेदन उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वन टाइम रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद लॉगिन करके NDA-II आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है। 

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नई दिल्ली, एजेंसियां। South East Central Railway (SECR) ने नागपुर डिवीजन और मोतीबाग वर्कशॉप में 2026-27 सत्र के लिए अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1079 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 10वीं पास और आईटीआई योग्य उम्मीदवार इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   10वीं और ITI पास उम्मीदवारों को मौका भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त ITI सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को 10वीं और ITI के अंक सही तरीके से भरने होंगे। विभाग ने साफ कहा है कि गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। उम्मीदवारों को अतिरिक्त या उच्च शैक्षणिक योग्यता भरने से भी बचने की सलाह दी गई है।   मेरिट के आधार पर होगा चयन इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट 10वीं और ITI में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार होगी। यदि किसी बोर्ड में ग्रेडिंग सिस्टम लागू है, तो ग्रेड को अंकों में परिवर्तित कर औसत निकाला जाएगा। उसी आधार पर उम्मीदवारों की रैंकिंग तय की जाएगी।   बराबर अंक होने पर क्या होगा? अगर दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि उम्र भी समान हो, तो जिसने 10वीं की परीक्षा पहले पास की होगी, उसे आगे रखा जाएगा।   युवाओं के लिए बड़ा अवसर रेलवे की इस भर्ती को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को रेलवे के विभिन्न तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर खुल सकते हैं।

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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) ने SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 15 मई 2026 को समाप्त कर दी है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों के लिए यह अंतिम मौका है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए देशभर से 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी भर्ती संस्था: SSC (Staff Selection Commission) पद: Stenographer Grade C & D कुल पद: 731 योग्यता: 12वीं पास आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 (रात 11:00 बजे तक) आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20 से 21 मई 2026 परीक्षा संभावित: जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। आयु सीमा: ग्रेड C: 18 से 30 वर्ष ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी परीक्षा पैटर्न (SSC Stenographer Exam Pattern) भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी: 1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कुल प्रश्न: 200 इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न नेगेटिव मार्किंग: 0.25 अंक 2. स्किल टेस्ट (Stenography Test) ग्रेड C: 100 शब्द प्रति मिनट ग्रेड D: 80 शब्द प्रति मिनट आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार निम्न स्टेप्स फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें   अंतिम मौका, जल्दी करें आवेदन आज आवेदन की अंतिम तिथि होने के कारण वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।  

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