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AI से वीडियो बनाने का बढ़ा क्रेज, बिना कैमरा और एडिटिंग स्किल के मिनटों में तैयार हो रहे प्रोफेशनल वीडियो

anjali kumari जून 27, 2026 0
AI video creation
AI video creation

नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच अब वीडियो बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। AI वीडियो जनरेशन टूल्स की मदद से लोग बिना कैमरा, महंगे उपकरण या प्रोफेशनल एडिटिंग स्किल के कुछ ही मिनटों में आकर्षक वीडियो तैयार कर ले रहे हैं। यही वजह है कि कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स, बिजनेस और डिजिटल मार्केटर्स के बीच AI वीडियो बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ता जा रहा है।

 

कुछ मिनटों में तैयार हो रहा पूरा वीडियो

 

AI टूल्स में केवल टेक्स्ट लिखने या कुछ तस्वीरें अपलोड करने पर वीडियो अपने आप तैयार हो जाता है। इनमें बैकग्राउंड म्यूजिक, वॉयसओवर, सबटाइटल, ट्रांजिशन और विजुअल इफेक्ट्स भी AI खुद जोड़ देता है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है।

 

YouTube और Instagram क्रिएटर्स कर रहे सबसे ज्यादा इस्तेमाल

 

YouTube Shorts, Instagram Reels और Facebook Video बनाने वाले क्रिएटर्स AI टूल्स का सबसे ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। कम समय में अधिक कंटेंट तैयार करने की वजह से इन प्लेटफॉर्म्स पर AI आधारित वीडियो तेजी से बढ़ रहे हैं।

 

छोटे कारोबारियों के लिए भी बना फायदेमंद

 

अब छोटे बिजनेस भी AI की मदद से अपने प्रोडक्ट और सर्विस का प्रमोशनल वीडियो आसानी से बना रहे हैं। इससे मार्केटिंग की लागत कम हो रही है और प्रोफेशनल क्वालिटी का कंटेंट तैयार करना आसान हो गया है।

 

कई कंपनियों के AI टूल्स बने लोकप्रिय

 

बाजार में कई AI वीडियो जनरेशन प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से टेक्स्ट-टू-वीडियो, AI अवतार, ऑटो वॉयसओवर और मल्टी-लैंग्वेज वीडियो तैयार किए जा सकते हैं। इन टूल्स का उपयोग शिक्षा, मीडिया, विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने में तेजी से बढ़ रहा है।

 

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

 

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि AI वीडियो बनाते समय कॉपीराइट नियमों और गलत जानकारी (Misinformation) से बचना जरूरी है। AI से तैयार कंटेंट को प्रकाशित करने से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच करना भी महत्वपूर्ण है।

 

आने वाले समय में और बढ़ेगा AI वीडियो का उपयोग

 

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI वीडियो तकनीक और अधिक उन्नत होगी। इससे कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल मार्केटिंग और मनोरंजन उद्योग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

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वेनेजुएला में तबाही का मंजर, बाढ़-भूस्खलन से 920 से ज्यादा मौतें

काराकास, एजेंसियां। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब तक 920 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, हजारों लोग घायल हैं और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।   दो शक्तिशाली भूकंपों से हिली धरती   रिपोर्टों के अनुसार, वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। राजधानी काराकास और ला गुआइरा सहित कई इलाकों में बहुमंजिला इमारतें ढह गईं और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। यह देश में पिछले 100 वर्षों के सबसे भीषण भूकंपों में से एक माना जा रहा है।   मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका   अधिकारियों का कहना है कि कई लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। राहत एजेंसियों के अनुसार, घायलों की संख्या 3,000 से अधिक हो चुकी है और खोज अभियान जारी रहने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।   अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंचनी शुरू   आपदा के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने राहत सामग्री, बचाव दल और चिकित्सा सहायता भेजनी शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन के साथ विदेशी टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।   मानवीय संकट गहराया   भूकंप से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और कई इलाकों में बिजली, पानी तथा संचार सेवाएं बाधित हैं। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए जा रहे हैं, जबकि अस्पतालों पर मरीजों का भारी दबाव है।

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: फ्लैट का कब्जा लेने के बाद भी होमबायर्स मांग सकेंगे मुआवजा

नई दिल्ली, एजेंसियां। घर खरीदने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी बिल्डर ने तय समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया और खरीदार ने बाद में मजबूरी में कब्जा ले भी लिया, तब भी वह देरी के लिए मुआवजे की मांग कर सकता है। केवल कब्जा स्वीकार कर लेने से होमबायर का मुआवजे का अधिकार खत्म नहीं होगा।   क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?   सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि बिल्डर समय पर फ्लैट नहीं देता, तो यह 'सेवा में कमी' (Deficiency in Service) माना जाएगा। ऐसे मामलों में खरीदार उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission) का दरवाजा खटखटा सकता है और उचित मुआवजा मांग सकता है, भले ही उसने बाद में फ्लैट का कब्जा ले लिया हो।   बिल्डरों को नहीं मिलेगा राहत का फायदा   अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार खरीदार किराए और ईएमआई के दोहरे बोझ के कारण मजबूरी में फ्लैट का कब्जा ले लेते हैं। ऐसे में बिल्डर यह तर्क नहीं दे सकता कि कब्जा मिलने के बाद खरीदार को मुआवजा नहीं मिलेगा।   लाखों होमबायर्स को मिलेगा फायदा   इस फैसले से देशभर के उन लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके फ्लैट तय समय से महीनों या वर्षों की देरी से मिले। अब वे देरी के कारण हुए आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी के लिए मुआवजे की मांग कर सकेंगे।   उपभोक्ता अधिकार हुए और मजबूत   कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में बिल्डरों की जवाबदेही बढ़ाएगा और खरीदारों के अधिकारों को मजबूत करेगा। इससे भविष्य में बिल्डरों पर समय पर परियोजनाएं पूरी करने का दबाव भी बढ़ेगा।

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Today Horoscope: आज का राशिफल 27 जून 2026, शनिवार

Important Events
Important Events: 27 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1693 – लंदन में पहली महिला पत्रिका ‘लेडीज मरकरी’ का प्रकाशन हुआ। 1709 - पीटर रूस ने महान पोल्टावा की लड़ाई में स्वीडन के चार्ल्स बारहवीं हराया। 1743 - ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार के युद्ध: डेटिंगन का युद्ध: बावेरिया में, ब्रिटेन के राजा जॉर्ज द्वितीय व्यक्तिगत रूप से युद्ध में सैनिकों का नेतृत्व करते हैं पहली बार जब एक ब्रिटिश सम्राट मैदान में सैनिकों को कमान किया। 1759 – ब्रिटेन के सेना अधिकारी जनरल जेम्स वोल्फ ने क्यूबेक पर कब्जा जमाने की शुरुआत की। 1821 - न्यू हैम्पटन स्कूल की स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका में न्यू हैम्पशायर राज्य में की गई। 1867 – बैंक ऑफ कैलिफाॅर्निया का संचालन शुरू हुआ।  1890 - जॉर्ज डिक्सन पहला मुक्केबाज बना। 1893 - गोल्ड कालगूर्ली पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पाया गया। 1903 - 1 9 वर्षीय अमेरिकन आईडा डी अकोस्ता पावर विमान उड़ाने वाली पहली महिला बनी। 1914 – अमेरिका ने इथोपिया के साथ वाणिज्य संधि पर हस्ताक्षर किये। 1940 – सोवियत सेना ने रोमानिया पर हमला किया। 1946 – कनाडाई संसद ने कनाडाई नागरिकता अधिनियम में कनाडाई नागरिकता को परिभाषित किया। 1950 – संयुक्त राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद् का प्रस्ताव अपनाया गया। 1957 – अमेरिका के लुसिआना और टेक्सास में ऑद्रे तूफान से 526 लोगों की मौत हुई। 1957 – ब्रिटेन की मेडिकल रिसर्च काउंसिल ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि धूम्रपान की वजह से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। 1964 – तीन मूर्ति भवन को नेहरू संग्रहालय बनाया गया।  1967 – भारत में निर्मित पहले यात्री विमान एचएस-748 को इंडियन एयरलाइंस को सौंपा गया। 1967 – लंदन के एनफील्ड में विश्व का पहला एटीएम स्थापित किया गया। 1977 – जेबूती देश को फ़्रांस के अधिकार से स्वतंत्रता मिली। 1980 – इतालवी विमान के तेरीहिंस सागर में दुर्घटनाग्रस्त होने से 81 लोगों की मौत हुई। 1981 – कंबोडिया ने अपना संविधान अपनाया। 1983 – नासा ने अंतरिक्ष यान एस-205 लांच किया। 1991 – स्लोवेनिया के स्वतंत्र होने के 48 घंटे बाद ही उसके छोटे गणतंत्र में यूगोस्लाविया की सेना टैंकों और विमानों के साथ दाखिल हो गई। 1993 – अमरीका ने 33 प्रक्षेपास्त्रों द्वारा इराक़ की राजधानी बग़दाद और उसके आस पास के क्षेत्रों को निशाना बनाया।  1998 – मलेशिया में कुआलालम्पुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा खोला गया। 2002 - जी-8 देश परमाणु हथियार नष्ट करने की रूसी योजना पर सहमत। 2003 - संयुक्त राज्य अमेरिका में समलैंगिकता पर प्रतिबंध रद्द। 2004 - अमेरिका और यूरोपीय संघ ने जी.पी.एस. गैलेलियो के विकास में सहयोग से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किये। 2005 - ब्रिटेन ने भारत की वीटो रहित स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। 2006 - गुयेन मिन्ह ट्रयेट वियतनाम के राष्ट्रपति चुने गये। 2007 - ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने महारानी एलिजाबेथ को अपना त्याग पत्र सौंपा। 2007 - जेम्स गार्डन ब्राउन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री का पद संभाला।  2008 - भारत व पाकिस्तान ने ईरान से आने वाली गैस पाइप लाइन परियोजना को चालू करने के लिए आ रही रुकावटों को हल किया। 2008 – माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन के चेयरमैन बिल गेट्स ने अपने पद से इस्तीफा दिया। 2008 - पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सहअध्यक्ष आसिफ़ अली जरदारी छ: दिवसीय विदेश यात्रा के पहले चरण में तुर्की रवाना हुए। 2015- भारत के फ़िल्म इतिहास में अपना एक ख़ास मुकाम रखने वाले सत्यजीत रे अथवा सत्यजित राय की तस्वीर को संयुक्त राष्ट्र ने अपने मुख्यालय में प्रदर्शित करने का फैसला किया। 2019 - राजस्थान के बीकानेर जिले के कालू पुलिस स्टेशन को देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन का दर्जा दिया गया।  2019 - विराट कोहली 20,000 अंतर्राष्ट्रीय रन बनाने वाले सबसे तेज़ बल्लेबाज़ बने। 2019 - स्वदेश में विकसित और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के बालासोर के चांदीपुर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया।  2019 - भारत ने विश्व बैंक के साथ के टीबी के उन्मूलन के लिए 400 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये।  2019 - भारतीय मूल की प्रिया सेराव ने मिस यूनिवर्स ऑस्ट्रेलिया का खिताब अपने नाम किया। 2020 - मलावी में अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद दोबारा कराए गए राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल ने जीत हासिल की। अफ्रीका में पहली बार अदालत के चुनाव को पलट देने के बाद किसी निवर्तमान नेता की हार हुई । 2020 - आयरलैंड की संसद के निचले सदन की विशेष बैठक में यहां हुए मतदान में फियाना फेल नेता मिचेल मार्टिन को आयरलैंड का नया प्रधानमंत्री चुना गया। 2021 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एएमए, अहमदाबाद में जेन गार्डन और काइज़ेन एकेडमी का उद्घाटन किया। 2022 - मुंबई में 4 मंजिला बिल्डिंग गिरी जिसमें 20-25 लोग दबे। 2022 - नासा ने ऑस्ट्रेलिया के सुदूर उत्तरी क्षेत्र से सफलतापूर्वक एक रॉकेट लॉन्च किया। नासा ने अमरीका से बाहर अपना पहला वाणिज्‍यिक स्पेसपोर्ट लॉन्च करने का इतिहास रचा। 2022 - जाने-माने कवि और साहित्‍यकार प्रोफेसर रामदरश मिश्र को प्रतिष्ठित सरस्‍वती सम्‍मान दिया गया। 2022 - ईरान ने ठोस ईंधन संचालित रॉकेट अंतरिक्ष में छोडा (तारीख कन्फर्म कर लें)। 2023 - रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी दिखाकर पीएम मोदी ने पांच राज्यों को  वंदे भारत की सौगात दी। 2023 - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 84 सेवारत व सेवानिवृत्त सशस्त्र कर्मियों को विशिष्ट सेवा पुरस्कार प्रदान किए। 2024 - दिल्ली एयरपोर्ट का बारिश से निकला दम, टर्मिनल 1 की छत टूटी, 1 मौत और 8 घायल। 2025 - एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन का प्रक्षेपण हुआ, जिसमें भारत की भागीदारी रही और यह 1984 के बाद दूसरा भारतीय अंतरिक्ष मिशन माना गया। 2025 - भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में मसौदा बयान पर हस्ताक्षर करने से इंकार किया। 2025 - भारत की पहली समुद्री गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी ‘सागरमाला फाइनेंस कॉर्पोरेशन’ का उद्घाटन किया गया। 2025 - केरल के पश्चिमी घाट क्षेत्र में भारत का पहला तितली अभयारण्य घोषित किया गया।   27 जून को जन्मे व्यक्ति   1838 - बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बंगाली के प्रख्यात उपन्यासकार, कवि, गद्यकार और पत्रकार थे। भारत के राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' उनकी ही रचना है (26जून का भी वर्णन मिलता है)। 1869 – जर्मनी के मशहूर गर्भविज्ञानी हैंस स्‍पेमैन का जन्‍म हुआ। 1919 - अमला शंकर - मशहूर भारतीय नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर थीं। 1922 - अकिलन - तमिल भाषा के साहित्यकार। 1928 - आर डी प्रधान - अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल। 1939 - राहुल देव बर्मन - हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार। 1950 - नितिन मुकेश भारतीय गायक जो हिन्दी फ़िल्मों में अपने पार्शवगायन के लिये जाने जाते हैं। 1955 - पूर्णिमा वर्मन - भारतीय पत्रकार। 1964 – उड़नपरी के नाम से दुनियाभर में पहचान बनाने वाली पी.टी. ऊषा का जन्‍म हुआ। 1980 – अंगरेज क्रिकेट खिलाड़ी केविन पीटरसन का जन्म हुआ। 1985 – रूस की महिला टेनिस खिलाड़ी स्वेतलाना कुज़नेतसोवा का जन्म हुआ।   27 जून को हुए निधन   1839 - रणजीत सिंह - 'भारतीय इतिहास' में प्रसिद्ध सिक्खों के महाराजा। 2008 - सैम मानेकशॉ - भारतीय सेना के भूतपूर्व अध्यक्ष, जिनके नेतृत्व में भारत ने सन 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजय प्राप्त की थी। 2019 - दिग्गज तेलुगु अभिनेत्री और फिल्म निर्माता जी. विजया निर्मला का निधन हुआ। 2022 - मशहूर पंजाबी एक्टर, राइटर और कवि सुरिंदर शर्मा का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी ब्लूग्रास संगीतकार बॉबी वैन ओसबोर्न (91) का निधन हुआ। 2023 - ब्रिटिश अभिनेता जूलियन सैंड्स (65) का निधन हुआ (शव की पहचान हुई , निधन पहले का हो सकता है)। 2024 - अमेरिकी अभिनेता, संगीतकार और चित्रकार मार्टिन यूजीन मुल (80) का निधन हुआ। 2025 - प्रसिद्ध भारतीय टीवी अभिनेत्री शेफाली जरीवाला (42) का मुंबई में निधन हुआ।  2025 - पूर्व राज्यसभा सांसद बी. डी. बेहरिंग (79) का निधन हुआ।  2025 - पंजाब के AAP विधायक कश्मीर सिंह सोहल (62) का निधन हुआ।   27 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   श्री शिवराज्याभिषेक दिवस (तिथिप्रमाणे , महाराष्ट्र)। श्री बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय जयन्ती (कन्फर्म नहीं , कुछ जगह 26 जून का भी वर्णन है)। उडन परी पी.टी.उषा जन्म दिवस। श्री सैम होर्मूसजी फ़्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ स्मृति दिवस। महाराणा श्री रणजीत सिंह स्मृति दिवस। हेलेन केलर दिवस। अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस। विश्व मधुमेह जागृति दिवस। राष्ट्रीय पीटीएसडी जागरूकता दिवस , यूएसए (National PTSD Awareness Day , USA)। बैंक अवकाश (चौथा शनिवार / Fourth Saturday)।   कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

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