1606- जहाँगीर के शासनकाल में गुरु अर्जुन देव को लाहौर (पाकिस्तान) में भयंकर यातना देकर मार डाला गया ( कन्फर्म नहीं )।
1746 - पियाकेन्ज़ा में लड़ाई: ऑस्ट्रिया और सर्दीनिया ने स्पेनिश और फ्रांसीसी सेना को हराया।
1779 – स्पेन ने अमेरिका के समर्थन में ग्रेट ब्रिटेन पर हमले की घोषणा की।
1815 – नेपोलियन ने नीदरलैंड में लिग्नी की लड़ाई में प्रूसिया को पराजित किया।
1822 - डेनमार्क वेसी ने दक्षिण कैरोलिना में दास विद्रोह का नेतृत्व किया।
1824 - ग्रेट ब्रिटेन में जानवरों की क्रूरता की रोकथाम के लिए रॉयल सोसाइटी की स्थापना की गई।
1858 – प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के दौरान मोरार की लड़ाई लड़ी गई।
1881 – ऑस्ट्रिया और हंगरी ने सर्बिया के साथ सैन्य संधि पर हस्ताक्षर किए।
1890 – अमेरिका में दूसरा मैडिसन स्क्वाॅयर गार्डन को खोला गया।
1891 - जॉन अबॉट कनाडा के तीसरे प्रधानमंत्री बनाये गए।
1903 – नॉर्वे के रोल्ड अमंडसेन ने कनाडा के द्वीपों को पार अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ने वाले समुद्री मार्ग की खोज की। इस रास्ते को नॉर्थवेस्ट पैसेज कहते हैं।
1903 – फोर्ट मोटर कंपनी चालू हुई।
1911 – IBM कंपनी की स्थापना न्यूयॉर्क में हुई। पहले इसका नाम Computing -Tabulating -Recording Company था।
1912 - मिसौरी में मंदी के कारण 48 लोग मरे।
1915 - ब्रिटिश महिला संस्थान की स्थापना हुई।
1924 – इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 30 रन पर आउट हो गई। इंग्लैंड ने मैच पारी और 18 रन से जीता था।
1963 – 26 वर्षीय रूसी महिला लेफ्टिनेंट वलेंटीना तेरेशकोवा अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरने वाली दुनिया की पहली महिला थीं।
1979 – मुस्लिम ब्रदरहुड ने सीरिया में 62 शेखों को मौत के घाट उतारा।
1983 - छत्तीसगढ़ के 'गुरु घासीदास विश्वविद्यालय' की स्थापना हुई।
1992 – 'डायना-ए ट्रू स्टोरी' के नाम से प्रकाशित किताब में बताया गया कि डायना ने पिछले दस साल में कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की।
1999 – थांबो म्बेकी दक्षिण अफ्रीका के दूसरे राष्ट्रपति चुने२ गए।
2001 - अमेरिकी राष्ट्रपति बुश की पांच दिवसीय यूरोप यात्रा रूस में समाप्त।
2001 - पुतिन ने अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम का विरोध किया।
2006 - नेपाल में माओवादी अंतरिम सरकार में शामिल होने पर सहमत।
2007 - सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में लगातार सबसे लम्बे समय तक रहने वाली महिला बनीं।
2007 - एड्स पर जागरूकता फैलाने के लिए शिल्पा को सिल्वर स्टार अवार्ड से नवाजा गया।
2008 - उत्तर प्रदेश राज्य वित्त मंत्रालयों का एक पैनल पेट्रोलियम ईधनों पर बिक्रीकर में कटौती पर सहमत हुआ।
2008 - मशहूर शायर वसीम बरेलवी को प्रथम फ़िराक़ गोरखपुरी पुरस्कार प्रदान किया गया।
2008 - विश्व में इस्पात बनाने की सबसे बड़ी कम्पनी आर्सेलर मित्तल ने अमेरिकी कम्पनी बंभू स्टील का अधिग्रहण किया।
2008 - प्रमुख माओवादी नेता पुष्पकमल दहल उर्फ़ प्रचंड को नेपाल में शान्ति के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान डॉक्टर दिली रमण रेगमी राष्ट्रीय शांति पुरस्कार प्रदान किया गया।
2008 – कैलिफोर्निया में समलैंगिक जोड़े को शादी करने का लाइसेंस दिया गया ।
2012 – यूनाइटेट स्टेट एयरफोर्स रोबोटिक बोइंग X-37B spaceplane अपना मिशन पूरा कर पृथ्वी पर वापस लौटा।
2012 – बहुराष्ट्रीय शीतल पेय कंपनी कोका कोला ने म्यांमार में 60 वर्षों के बाद कारोबार शुरू किया।
2012 – चीन ने स्पेसक्राफ्ट Shenzhou 9 को लांच किया।
2019 - राजस्थान की सुमन राव ने एक स्टार-स्टडेड समारोह के दौरान फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2019 ब्यूटी पेजेंट का खिताब जीता।
2019 - कोहली ने वनडे में सबसे तेज 11 हजार रन बनाए, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा।
2019 - पाकिस्तानी सेना ने लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को खुफिया एजेंसी आइएसआइ का प्रमुख नियुक्त किया।
2020 - पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में (15/16 जून की रात) चीन और भारत की सेना के आमने-सामने के संघर्ष में भारतीय सेना के एक अधिकारी समेत 20 सैनिकों की मौत हो गई।
2021 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोप के सबसे बडे डिजिटल और स्टार्टअप आयोजन वीवाटेक के 5वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में भाषण दिया।
2022 - भारत - बांग्लादेश द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास "युद्धाभ्यास संप्रति-X" बांग्लादेश के जशोर सैन्य स्टेशन में संपन्न हुआ।
2022 - भारत-जापान के बीच नई दिल्ली में पहली भारत - जापान वित्त वार्ता का आयोजन किया गया।
2022 - रेलवे बोर्ड का 67वां रेलवे सप्ताह पुरस्कार समारोह मनाया गया।
2023 - पश्चिम बंगाल में हुई बमबाजी से 4 की मौत व कई घायल हुए।
2023 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जी20 कृषि मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया।
2023 - भारी उद्योग मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक उत्तराखंड के मसूरी में संपन्न हुई।
2023 - नीति आयोग और भारत में संयुक्त राष्ट्र ने भारत सरकार - संयुक्त राष्ट्र सतत विकास सहयोग ढांचा 2023-2027 पर हस्ताक्षर किए।
2023 - युगांडा के मपोंडवे में मपोंडवे लुबिरिहा माध्यमिक विद्यालय पर इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में लगभग 40 छात्र मारे गए।
2024 - 18वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFM) में पहली बार डॉक्यूमेंट्री फिल्म बाज़ार का उद्घाटन किया गया।
2024 - 105 वर्षीय वर्जीनिया हिसलोप ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षा में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया, 83 वर्ष पहले उन्हें विश्वविद्यालय छोड़ना पड़ा था।
1900 - ए. एन. मूर्तिराव कन्नड़ भाषा के विख्यात साहित्यकार।
1910 - सी. एम. पुनाचा - स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ तथा उड़ीसा और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।
1918 - चौधरी ब्रह्म प्रकाश भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री थे (कन्फर्म नहीं )।
1920 - जोस लोपेज़ पोरेटील्लो - मेक्सिको के राष्ट्रपति थे।
1920 - महमूद अली ख़ाँ - भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों में से एक तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।
1920 - हेमन्त कुमार - हिन्दी फ़िल्मों के पार्श्वगायक और संगीतकार।
1931 - डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी थे।
1936 - अख़लाक़ मुहम्मद ख़ाँ - भारतीय कवि ।
1950 – बॉलीवुड के डिस्को डांसर कहे जाने वाले मिथुन दा / मिथुन चक्रवर्ती ।
1956 - सुरेश कांत - प्रसिद्ध साहित्यकार।
1976 - रोहित श्रीवास्तव - भारत के एक प्रसिद्ध चिकित्सा वैज्ञानिक।
1925 – पश्चिम बंगाल में स्वराज पार्टी के नेता व राजनीतिज्ञ चितरंजन दास ।
1944 - प्रफुल्ल चंद्र राय - भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, जिन्हें 'रसायन विज्ञान का जनक' माना जाता है।
1999 - सी एस वेंकटाचारी - भारतीय राजनीतिज्ञ और राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके।
2015 - चार्ल्स कोरिया - भारतीय वास्तुकार और शहरी नियोजक थे।
2020 - स्वतंत्रता सेनानी और वयोवृद्ध पत्रकार दिनू रणदिवे का निधन।
2020 - गोवा के पूर्व मंत्री अच्युत काशीनाथ सिनाई उसगांवकर का निधन।
2021 - चंद्रशेखर वैद्य - भारतीय सिने अभिनेता थे , उन्हें मुख्यत: चंद्रशेखर के नाम से ही जाना जाता था।
2023 - अर्जेंटीनियन फुटबॉल खिलाड़ी अल्फ्रेडो रोजस (86) का निधन हुआ।
2023 - पोलिश मूल के ब्रिटिश होलोकॉस्ट उत्तरजीवी , ओलंपियन और चैंपियन भारोत्तोलक सर बेंजामिन "बेन" हेल्फ़गोट (93) का निधन हुआ।
2023 - अंग्रेजी अभिनेता और थिएटर निर्देशक फ्रांसिस एडवर्ड पैक्सटन व्हाइटहेड (85) का निधन हुआ।
2024 - अमेरिकी लंबी दूरी के धावक रॉबर्ट कीसर शूल (86) का निधन हुआ।
गुरु श्री अर्जुनदेव पुण्य दिवस (नानकशाही)।
चौधरी ब्रह्म प्रकाश जयन्ती।
श्री मिथुन चक्रवर्ती जन्म दिवस।
श्री सी एस वेंकटाचारी स्मृति दिवस।
आचार्य श्री प्रफुल्ल चंद्र राय स्मृति दिवस।
सिंध सम्राट राजा दाहिर सिंह का बलिदान दिवस।
विश्व सागर कछुआ दिवस ( World Sea Turtle Day )।
अन्तर्राष्ट्रीय एकता दिवस (कन्फर्म नहीं)।
अंतर्राष्ट्रीय अफ्रीकी बाल दिवस।
International integration day.
International Day of Family Remittances (IDFR).
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने कफ सिरप और अन्य औषधीय सिरप की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 (Drugs Rules, 1945) में संशोधन करते हुए कई कफ सिरप की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लगा दी है। अब ऐसे कफ सिरप खरीदने के लिए मरीजों को पंजीकृत डॉक्टर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना अनिवार्य होगा। यह नियम देशभर में लागू होगा और गांवों से लेकर शहरों तक सभी मेडिकल स्टोरों पर इसका पालन करना होगा। दवाओं के दुरुपयोग पर सख्ती मंत्रालय के अनुसार, यह कदम कफ सिरप के दुरुपयोग को रोकने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कफ सिरप के गलत इस्तेमाल और उससे जुड़ी गंभीर घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ाई थी। इन्हीं मामलों को देखते हुए नियमों को और सख्त किया गया है। औषधि नियम 1945 में अहम संशोधन नए संशोधन के तहत अनुसूची ‘के’ (Schedule K) में शामिल दवाओं की सूची से ‘सिरप’ शब्द हटा दिया गया है। पहले इस श्रेणी के तहत कुछ क्षेत्रों, विशेषकर छोटे गांवों में, सिरप दवाओं की बिक्री के लिए लाइसेंस संबंधी छूट उपलब्ध थी। अब यह छूट समाप्त कर दी गई है। इसके बाद कफ सिरप और संबंधित औषधीय सिरप केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर या फार्मेसी से ही बेचे जा सकेंगे। देशभर में लागू होंगे नए नियम सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में भी बिना लाइसेंस और बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप की बिक्री नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा कंपनियों, वितरकों और मेडिकल स्टोर संचालकों को सभी नियामकीय प्रावधानों और लाइसेंस संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कफ सिरप की बिक्री अधिक पारदर्शी होगी, दवाओं का गलत उपयोग कम होगा और जनस्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश के अनुसार, भारत में टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून 2026 तक रोक रहेगी। यह फैसला 21 जून को आयोजित होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। पेपर लीक और अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े कथित प्रश्नपत्रों, अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने में यह कदम प्रभावी साबित हो सकता है। एजेंसी के अनुसार, हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी जानकारी और कथित परीक्षा सामग्री प्रसारित होने की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में यह निर्णय एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। एनटीए ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी से बचें। मैसेज एडिट करने की सुविधा भी रहेगी बंद एनटीए के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, एक अलग आदेश के तहत टेलीग्राम को भारत में पहले से भेजे गए संदेशों को संपादित (एडिट) करने की सुविधा 30 जून 2026 तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस सुविधा का दुरुपयोग कर परीक्षा के बाद फर्जी पेपर लीक के सबूत तैयार किए जा सकते हैं। इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित रखना, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और अभ्यर्थियों को गुमराह करने वाले संगठित नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाना है।
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के फालता में पुलिस ने TMC नेता जहांगीर खान की फिर हाफ पैंट में सड़क पर परेड कराई। इस दौरान जहांगीर कान पकड़कर और हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगते दिखे। पुलिस ने चार घंटे नंगे पैर सड़क पर घुमाया। 11 जून को भी परेड कराई गई थी इससे पहले 11 जून को भी फालता में ही जहांगीर की हाफ पैंट में परेड कराई गई थी। जांच के सिलसिले में पुलिस उन्हें फलता लेकर आई है। 8 जून को अवैध वसूली के आरोप में उन्हें नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। जहांगीर पर अवैध वसूली और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने का आरोप है। जहांगीर का फालता में दबदबा था, ‘पुष्पा’ स्टाइल छवि बनाई थी जहांगीर का फालता में दबदबा था। जहांगीर खान ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था। उन्होंने कई बार फिल्म का चर्चित डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ भी बोला था। उन्होंने खुद को इलाके के ऐसे मजबूत नेता के रूप में पेश किया, जो किसी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। 2026 का विधानसभा चुनाव फालता सीट से लड़ा था। चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ियों के कारण यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी। दोबारा चुनाव से 48 घंटे पहले ही जहांगीर ने मैदान छोड़ दिया था और कहा था कि वे चुनाव से अपना नाम वापस ले रहे हैं। चुनाव के बाद से गायब थे 24 मई को आए नतीजे में जहांगीर की हार हुई। इसके बाद से जहांगीर लगभग गायब ही रहे। उन्हें न तो घर पर देखा गया और न ही पार्टी कार्यालय में। मई 2026 में जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी के खिलाफ अग्रिम जमानत मांगी थी। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ लगातार कई आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। 8 जून को हुई थी गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने 8 जून को TMC नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी नेपाल बॉर्डर के पास से हुई। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फालता पुलिस स्टेशन में खान के खिलाफ 7 FIR की गई थीं।