1527 – चित्तौडग़ढ़ के राणा संग्राम सिंह प्रथम आगरा के युद्ध में बाबर से पराजित हुए।
1672 – इंग्लैंड ने नीदरलैंड के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1769 – ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के बुनकरों पर प्रतिबंध लगाया।
1782 – मराठा शासकों और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच सल्बाई की संधि हुई।
1870 – मासेचुएट्स में वेलेसली कॉलेज की स्थापना हुई।
1886 – मिसिसिपी में 20 अश्वेत लोगों की हत्या हुई।
1906 – ताइवान में आए भूकंप में तकरीबन 1200 लोगों की मौत हो गई।
1929 – जनरल मोटर्स ने जर्मनी की ऑटो कंपनी एडम ओपल का अधिग्रहण किया।
1942 – दुनिया में कला के बेहतरीन संग्रहों में से एक नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट को अमेरिका में राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रुजवलेट द्वारा खोला गया।
1943 – विलेम जे कोल्फ ने कृत्रिम गुर्दे की मशीन का उपयोग कर विश्व का पहला हेमोडायलिसिस किया था जो कि असफल रहा।
1959 – बौद्ध धर्मगुरू दलाई लामा तिब्बत से भारत पहुंचे।
1978 – दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के हमले के चलते हजारों फ़िलिस्तीनी को अपने घर बार छोड़ कर भागना पडा था।
1987 – भारत के मास्टर बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टेस्ट कैरियर से संन्यास लिया। भारत-पाक के बीच चिन्नस्वामी स्टेडियम, बेंगलौर में आखिरी मैच था।
1992 – दक्षिण अफ्रीका में जनमत संग्रह हुआ, जिसमें चमड़ी के रंग के आधार पर इंसानों में भेद करने के नियम को खत्म कर दिया गया।
1992 – अर्जेन्टीना में स्थित इजरायली दूतावास पर हमले में 28 मरे।
1994 – रूस द्वारा नाटो की शान्ति सहयोग योजना में शामिल होने का निर्णय लिया गया।
1996 – क्रिकेट विश्वकप के फाइनल में श्रीलंका ने आस्ट्रेलिया को सात विकेट से हराकर खिताब जीता।
1998 - झू रोंगजी चीन के नये प्रधानमंत्री निर्वाचित।
2002 - नेपाल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में 68 माओवादी मारे गये।
2003 - श्रीलंका शांति वार्ता का छठा दौर हाकीन, जापान में शुरू।
2004 – नासा का मैसेंजर बुध के चारों ओर कक्षा में प्रवेश करने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना।
2006 - अमेरिका ने भारत को भरोसेमन्द साझीदार घोषित किया।
2008 - चीनी मिलों को ब्याज मुक्त ॠण देने के लिए 'चीनी विकास निधि संशोधन विधेयक' 2008 ध्वनि मत से पारित हुआ।
2008 - अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन केन्द्र पर पहुँचे वैज्ञानिकों ने मशीनी मानव को तैनात किया।
2008 - लोकतंत्र की बहाली के बाद पाकिस्तानी संसद का पहला सत्र शुरू।
2009- बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपनी बेंचमार्क प्रधान उधारी दरों में 0.5% की कटौती की।
2011 – संयुक्त राष्ट्र ने इसी दिन लीबिया में नो फ्लाई ज़ोन बनाने हेतु एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई। इस प्रस्ताव का आधार बना कर पश्चिमी देशों ने लीबिया में चल रहे गृह युद्ध में हस्तक्षेप किया और लीबिया में कर्नल मुम्मर गद्दाफी के प्रभुत्व वाली सरकार को गिरा दिया।
2013 – इराक के बसरा में आत्मघाती कार हमले में दस लोगों की मौत हुई।
2018- मॉरिशस की राष्ट्रपति अमीना गुरीब-फकीम का अपने पद से इस्तीफा।
2019 - पाक में आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में अजहर के बेटे और भाई समेत 100 से ज्यादा गुर्गे गिरफ्तार हुए।
2019 - इंडोनेशिया के पापुआ में आई अचानक बाढ़ से 50 लोगों की मौत व दर्जनों लापता।
2019 - न्यूजीलैंड मस्जिद हमलाः गोलीबारी में घायल सात भारतीयों समेत कुल 50 लोगों की मौत हुई।
2020 - इराक के राष्ट्रपति बरहाम सालेह ने पवित्र शिया शहर नजफ के पूर्व गवर्नर अदनान जुरफी को नया प्रधानमंत्री नामजद किया।
2020 - केरल सरकार ने कोरोनोवायरस से निपटने के लिए 'ब्रेक द चेन' नाम से एक विशाल हैंडवाशिंग अभियान शुरू किया।
2020 - बांग्लादेश में “जतीर पीता” बंगबंधु शेख मुजीबुल रहमान की 100 वीं जयंती मनाई गयी।
2020 - दुनिया के सात ज्वालामुखी शिखर को फतह करने वाले पहले भारतीय पर्वतारोही सत्यरूप सिद्धांत का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।
2021 - भारत के साथ फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर कर इटली अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल हुआ।
2021 - ढाका मेडिकल कॉलेज के ICU में आग लगने से 3 मरीजों की मौत हुई।
2022 - बांग्लादेश सरकार और विश्व बैंक के बीच एक करोड़ 20 लाख अमरीकी डॉलर का वित्तीय समझौता हुआ।
2022 - यूक्रेन युद्ध : मैरियूपोल में बमबारी से तबाह हुए थिएटर के मलबे में सैकड़ों लोग दबे।
2022 - केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में भारत की आर्कटिक नीति जारी की।
2022 - ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में ऐतिहासिक जहाज निर्माण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
2023 - ढाका में, भारतीय उच्चायोग के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित मिशन लाइफ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
2023 - उत्तराखंड में पशु चिकित्सा और आयुर्वेद विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन शुरू हुआ।
2023 - लाहौर हाईकोर्ट से इमरान खान को 9 मामलों में जमानत मिली।
2023 - इंटरनेशनल कोर्ट ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
2023 - नेपाल में रामसहाय प्रसाद यादव को देश का तीसरा उपराष्ट्रपति बनाया गया।
2024 - विरोधियों को दबाने और उनकी हत्या करने के बाद, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 87.8% वोट के साथ सोवियत काल के बाद के रिकॉर्ड चुनाव में जीत का दावा किया।
2024 - भारतीय सेना की टुकड़ी संयुक्त सैन्य अभ्यास “अभ्यास लमितिये-2024” में भाग लेने के लिए सेशेल्स रवाना हुई।
1864 - जोसेफ़ बैपटिस्टा - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा अधिवक्ता।
1891 - रामनवमी प्रसाद - जाति-भेद के विरोधी और महिला शिक्षा के प्रबल समर्थक थे।
1920 - शेख मुजीबुर्रहमान - बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति थे।
1925 - रेवाड़ी के कोसली में जन्मे ब्रिगेडियर राय सिंह यादव भारतीय सेना में एक अधिकारी थे (महावीर चक्र से सम्मानित)।
1932 - निरुपमा बरगोहाइँ असमिया भाषा की विख्यात साहित्यकार।
1933 - सुलोचना चव्हाण - एक मराठी गायिका थीं।
1939 - बंगारू लक्ष्मण - 2000 से 2001 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
1946 - पृथ्वीराज चह्वाण, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री।
1962 – भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का जन्म हरियाणा के करनाल जिले में हुआ।
1990 – बैटमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल का जन्म हुआ।
1977 - सिद्धेश्वरी देवी - शास्त्रीय संगीत गायिका।
1989 - हेमवती नंदन बहुगुणा - उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहने वाले जानेमाने राजनीतिज्ञ और राजनेता थे।
2019 - मनोहर पार्रीकर भारत के एक राजनेता थे जो तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे।
2020 - बेट्टी विलियम्स - उत्तरी आयरलैंड की राजनीतिक कार्यकर्ता, नोबेल पुरस्कार विजेता।
2020 - जाने-माने मराठी अभिनेता जयराम कुलकर्णी का निधन।
2021 - जॉन पॉम्बे मगुफुली -पूर्व तंजानिया के राष्ट्रपति।
2021 - हिमाचल प्रदेश में मंडी से सांसद रहे श्री राम स्वरूप शर्मा का निधन हुआ।
2021 - पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता दिलीपकुमार मनसुखलाल गांधी का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकन पॉप, एआर एंड बी, और फ्रैंक गायक - गीतकार क्लेरेंस "फ़ज़ी" हास्किन्स (81) का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकी अभिनेता लांस रेडिक (60) का निधन हुआ।
2023 - पूर्व अमेरिकी कांग्रेसी , एक रंगीन मिजाज राजनेता जॉन जेनरेटे (86) का निधन हुआ।
2024 - अमेरिकी संगीतज्ञा सैंड्रा क्राउच (81) का निधन हुआ।
2024 - इंग्लिश क्रिकेट स्पिन गेंदबाज रॉबिन हॉब्स (81) का निधन हुआ।
2024 - इंग्लिश गायक - गीतकार स्टीव हार्वे (73) का निधन हुआ।
छत्रपति शिवाजी जयन्ती (तिथि के अनुसार)।
श्री पृथ्वीराज चह्वाण जन्म दिवस।
महान अन्तरिक्ष यात्री कल्पना चावला जयन्ती।
श्री हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति दिवस।
श्री मनोहर पार्रीकर स्मृति दिवस।
यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप कुछ ऐसा स्नैक बनाना चाहते हैं जो हल्का भी हो, स्वादिष्ट भी और देखने में भी एकदम रेस्टोरेंट स्टाइल लगे, तो दही के कबाब आपके लिए शानदार विकल्प हैं। ये कबाब बाहर से हल्के कुरकुरे और अंदर से इतने सॉफ्ट व क्रीमी होते हैं कि मुंह में जाते ही घुल जाते हैं। खास बात यह है कि इन्हें बनाने में ज्यादा समय या मेहनत नहीं लगती, फिर भी इनका स्वाद किसी बढ़िया रेस्टोरेंट डिश से कम नहीं होता। शाम की चाय, घर आए मेहमानों या वीकेंड स्नैक के लिए यह एक परफेक्ट रेसिपी है। क्या-क्या लगेगा बनाने में? दही के कबाब बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है हंग कर्ड (गाढ़ा दही)। इसके लिए आपको चाहिए डेढ़ कप हंग कर्ड, एक चुटकी काला नमक, आधा टेबलस्पून कटा अदरक, 2 टेबलस्पून कटा धनिया स्टेम, 2 टीस्पून भुना जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक, 2 टेबलस्पून कटा प्याज, 1 कटी हरी मिर्च, 3 टेबलस्पून फ्राइड प्याज, एक-तिहाई कप कद्दूकस किया पनीर, 2 कप ब्रेड क्रम्ब्स और तलने के लिए तेल। ऐसे तैयार करें कबाब का क्रीमी मिश्रण सबसे पहले एक बड़े बाउल में हंग कर्ड लें। इसमें काला नमक, अदरक, धनिया स्टेम, भुना जीरा पाउडर, नमक, प्याज, हरी मिर्च, फ्राइड प्याज और कद्दूकस किया हुआ पनीर डालें। अब इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। ध्यान रखें कि दही ज्यादा पतला न हो, वरना कबाब बनाते समय मिश्रण ढीला पड़ सकता है।इस मिश्रण की खुशबू और टेक्सचर ही दही के कबाब को खास बनाते हैं। इसमें दही की क्रीमीनेस, पनीर की सॉफ्टनेस और मसालों का बैलेंस शानदार स्वाद देता है। कबाब बनाना और फ्राई करना है बेहद आसान अब अपने हाथों पर थोड़ा सा तेल लगाएं और तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे कबाब का आकार दें। इसके बाद इन्हें ब्रेड क्रम्ब्स में अच्छी तरह रोल करें, ताकि बाहर की परत फ्राई होने पर कुरकुरी बने और कबाब टूटे नहीं। अब इन कबाब को 15 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें। यह स्टेप बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे कबाब अच्छे से सेट हो जाते हैं और तलते समय अपना आकार बनाए रखते हैं। इसके बाद एक कढ़ाही में तेल गरम करें और कबाब को मध्यम आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें। ऐसे करें सर्व तैयार दही के कबाब को गरमागरम हरी चटनी, इमली की चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसें। इनका स्वाद इतना शानदार होता है कि एक बार खाने के बाद हर कोई इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा।
मोरबी (गुजरात): ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध का असर अब भारत के उद्योगों पर भी साफ दिखने लगा है। गुजरात के मोरबी में सिरेमिक इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लाखों मज़दूरों के रोज़गार पर संकट खड़ा हो गया है। कैसे शुरू हुआ संकट? 28 फरवरी के बाद ईरान पर हमलों के चलते हालात बिगड़े ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही पर असर डाला गैस से भरे जहाज़ों की सप्लाई कच्छ के कांडला पोर्ट तक रुक गई प्रोपेन और LNG गैस की कमी से फैक्ट्रियों की भट्टियां बंद होने लगीं 670 फैक्ट्रियां ठप, उत्पादन रुका मोरबी में करीब 670 सिरेमिक फैक्ट्रियां हैं इनमें लगभग 4 लाख मज़दूर काम करते हैं गैस सप्लाई रुकने से ज्यादातर फैक्ट्रियां बंद सिर्फ कुछ सैनेट्रीवेयर यूनिट्स ही चालू हैं मज़दूरों पर सबसे बड़ा असर लाखों मज़दूर बेरोज़गारी की कगार पर कई मज़दूर अपने गांव लौट चुके हैं कुछ लोग दूसरे काम की तलाश में कॉन्ट्रैक्ट मज़दूरों को छुट्टी के दौरान वेतन नहीं मज़दूर लक्ष्मी पंडित कहती हैं: “फैक्ट्री बंद होने से चिंता बढ़ गई है, समझ नहीं आ रहा कब काम फिर शुरू होगा।” फैक्ट्रियों की हालत पहले 24 घंटे चलने वाली यूनिट्स अब बंद मशीनों पर धूल जम गई, शेड खाली पड़े हैं ट्रकों की आवाजाही लगभग बंद सिर्फ मेंटेनेंस का काम चल रहा है एक फैक्ट्री डायरेक्टर के मुताबिक: रोज़ाना 14,000 क्यूबिक मीटर गैस की जरूरत लागत करीब 14 लाख रुपये प्रतिदिन गैस खत्म होते ही 4 मार्च को प्लांट बंद करना पड़ा आगे क्या? अगर जल्द गैस सप्लाई बहाल नहीं हुई तो संकट और गहरा सकता है स्थानीय मज़दूर खेती या छोटे कामों की ओर लौट सकते हैं उद्योग और निर्यात दोनों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा? घटना भगवानपुर क्षेत्र में पुहाना पावर ग्रिड के पास हुई दोनों ट्रक रुड़की की ओर आ रहे थे पीछे से आ रहे ट्रक ने आगे चल रहे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी चालक की मौके पर मौत हादसे में पीछे वाले ट्रक के चालक जुनैद (पुत्र जावेद) की मौके पर ही मौत हो गई वह मुजफ्फरनगर (सुजडू, थाना खालापार) का निवासी था दो लोग घायल आगे वाले ट्रक में सवार नोमान और सहिम घायल हो गए दोनों बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं घायलों को 108 एंबुलेंस से उपजिला अस्पताल रुड़की भेजा गया पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रुड़की सिविल अस्पताल में रखवा दिया है मामले की जांच जारी है