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यहां माता को भोग में नारियल या फूल नहीं गिनती के 5 पत्थर करते हैं अर्पित, अनोखी परंपरा के पीछे रहस्यमयी कहानी

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
यहां माता को भोग में नारियल या फूल नहीं गिनती के 5 पत्थर करते हैं अर्पित, अनोखी परंपरा के पीछे रहस्यमयी कहानी
यहां माता को भोग में नारियल या फूल नहीं गिनती के 5 पत्थर करते हैं अर्पित, अनोखी परंपरा के पीछे रहस्यमयी कहानी
हमारे देश में माता रानी के कई मंदिर हैं, जो चमत्कार और रहस्य से भरे हुए हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां माता रानी को भोग में गिनती के पांच पत्थर अर्पिक किए जाते हैं. साथ ही यहां सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं. आइए जानते हैं माता रानी के इस मंदिर के बारे में...

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Gauri Shankar Rudraksha में है भगवान शिव और माता पार्वती का वास, हर समस्या का समाधन है यह रुद्राक्ष
Gauri Shankar Rudraksha में है भगवान शिव और माता पार्वती का वास, हर समस्या का समाधन है यह रुद्राक्ष

Gauri Shankar Rudraksha Benefits: हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को अत्यंत पवित्र और चमत्कारी माना गया है, लेकिन गौरी शंकर रुद्राक्ष का स्थान इनमें विशेष बताया गया है. यह रुद्राक्ष दो दानों के प्राकृतिक रूप से जुड़े होने से बनता है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिषीय दृष्टि से इसे ग्रहदोष शांति और वैवाहिक योग को मजबूत करने वाला रुद्राक्ष बताया जाता है. साथ ही पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में चल रहीं समस्याओं से मुक्ति मिलती है.

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
यहां पर भगवान राम को ब्रह्महत्या के पाप से मिली थी मुक्ति, मुगल भी कर चुके हैं इस मंदिर पर हमला, जानें खास बातें
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Shri Kardameshwar Mahadev Temple: शिव नगरी काशी की महिमा के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन एक काशी दक्षिण भारत में भी मौजूद है. मान्यता है कि यहां दर्शन करने मात्र से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं और हर कष्ट से मुक्ति मिलती है. बताया जाता है कि भगवान राम की यहां आकर ही ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी और मुगलों ने इस मंदिर पर कई बार हमला भी किया है. आइए जानते हैं भगवान शिव के इस मंदिर के बारे में...

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
थाली में एक साथ क्यों नहीं परोसते 3 रोटियां? ऐसा खाना खाया तो मिलने लगेंगे अशुभ संकेत, जानें 4 कारण
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Vastu Tips: सनातन परंपरा में भोजन से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं. उन्हीं में से एक है थाली में एक साथ तीन रोटियां न परोसना की मान्यता. इसे अशुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इसके पीछे खास धार्मिक और सांस्कृतिक कारण छिपे हैं. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानें...

Rishi mishra अप्रैल 6, 2026
यहां माता को भोग में नारियल या फूल नहीं गिनती के 5 पत्थर करते हैं अर्पित, अनोखी परंपरा के पीछे रहस्यमयी कहानी
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हमारे देश में माता रानी के कई मंदिर हैं, जो चमत्कार और रहस्य से भरे हुए हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां माता रानी को भोग में गिनती के पांच पत्थर अर्पिक किए जाते हैं. साथ ही यहां सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं. आइए जानते हैं माता रानी के इस मंदिर के बारे में...

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
7 दिन बाद भी ठीक नहीं हुई फुंसियां या लगता है कोई आवाज दे रहा है? 5 सिम्पटम्स से पहचानें आप पर तंत्र हुआ है
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Tantra Vidya Symptoms: अचानक दाने, अकेलापन, नींद की समस्या और अजीब आवाजें ये संकेत तंत्र या ग्रह दोष से जोड़े जाते हैं, लेकिन पहले चिकित्सकीय जांच जरूरी है. सकारात्मक ऊर्जा और ज्योतिषीय उपाय सहायक हो सकते हैं.

Keerti Rajpoot अप्रैल 6, 2026
हर किसी के लिए नहीं है पन्ना रत्न! पहनने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें
हर किसी के लिए नहीं है पन्ना रत्न! पहनने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व माना जाता है, जो ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने का काम करते हैं. इन्हीं में से एक है पन्ना रत्न, जिसे बुध ग्रह का प्रतिनिधि माना जाता है. यह बुद्धि, तर्क शक्ति, वाणी और व्यापार से जुड़ा होता है. लेकिन इसे धारण करने से पहले इसके नियम और सावधानियां जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि हर किसी के लिए यह लाभकारी नहीं होता.

Madhuri Chaudhary अप्रैल 6, 2026
Saptahik Rashifal 6 to 12 April 2026: मकर राशि वालों को इस सप्ताह अचानक धन लाभ होगा, कुंभ वाले वाहन सावधानी के साथ चलाएं, मीन वालों के लिए खुशियों का माहौल रहेगा!
Saptahik Rashifal 6 to 12 April 2026: मकर राशि वालों को इस सप्ताह अचानक धन लाभ होगा, कुंभ वाले वाहन सावधानी के साथ चलाएं, मीन वालों के लिए खुशियों का माहौल रहेगा!

Weekly Horoscope 6 to 12 April 2026: अप्रैल का यह सप्ताह मकर और मीन राशि वालों के लिए फायदेमंद तो कुंभ राशि वालों के लिए सामान्य रहने वाला रहेगा. मकर राशि वालों के इस सप्ताह भूमि-भवन या पैतृक संपत्ति की प्राप्ति की दिशा में किए गए प्रयास सफल होंगे और संचित धन में वृद्धि होगी. कुंभ राशि वालों धन के लेन-देन में खूब सावधानी बरतें अन्यथा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. मीन राशि वालों का रिश्ते-नाते की दृष्टि से यह सप्ताह अत्यंत ही शुभ साबित होगा और लव रिलेशन में आपसी विश्वास और नजदीकियां बढ़ेंगी. विस्तार से पढ़ें मकर, कुंभ और मीन राशि वालों का 6 से 12 अप्रैल 2026 का साप्ताहिक राशिफल.

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
Saptahik Rashifal 6 to 12 April 2026: तुला राशि वाले इस सप्ताह करियर और कारोबार में रहेंगे लकी, वृश्चिक और धनु वाले वाले जीवनसाथी की भावनाओं की कद्र करें!
Saptahik Rashifal 6 to 12 April 2026: तुला राशि वाले इस सप्ताह करियर और कारोबार में रहेंगे लकी, वृश्चिक और धनु वाले वाले जीवनसाथी की भावनाओं की कद्र करें!

Weekly Horoscope 6 to 12 April 2026: अप्रैल के इस सप्ताह तुला राशि वालों को कई अवसर मिलेंगे तो वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए सामान्य रहने वाला है. तुला राशि वालों की इस सप्ताह कारोबार के विस्तार की योजनाएं फलीभूत होंगी और बाजार में फंसा हुआ धन आसानी से निकल आएगा. वृश्चिक राशि वाले इस सप्ताह किसी भी बड़े निर्णय को लेते समय अपने वरिष्ठ लोगों की सलाह की अनदेखी करने की भूल ना करें. धनु राशि वालों को इस सप्ताह ऊर्जा और धन का प्रबंधन करके चलना उचित रहेगा और दिनचर्या एवं खान-पान का विशेष ख्याल रखें. विस्तार से पढ़ें तुला, वृश्चिक और धनु राशि वालों का 6 से 12 अप्रैल 2026 का साप्ताहिक राशिफल.

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
Saptahik Rashifal 6 to 12 April 2026: कर्क राशि वाले इस सप्ताह लव लाइफ में उतावलेपन से बचें, सिंह वालों की जल्द मनोकामना पूरी होगी, कन्या वाले फिजूल खर्चों से दूर रहें!
Saptahik Rashifal 6 to 12 April 2026: कर्क राशि वाले इस सप्ताह लव लाइफ में उतावलेपन से बचें, सिंह वालों की जल्द मनोकामना पूरी होगी, कन्या वाले फिजूल खर्चों से दूर रहें!

Weekly Horoscope 6 to 12 April 2026: अप्रैल के इस सप्ताह कर्क और कन्या राशि वालों के लिए मध्यम फलदायी तो सिंह राशि वालों के लिए अच्छा रहने वाला है. कर्क राशि वालों को इस सप्ताह दूसरों पर निर्भर रहने की बजाय स्वयं की ताकत पर भरोसा करना उचित रहेगा. सिंह राशि वालों की इस सप्ताह संतान पक्ष की विशेष उपलब्धि से मान-सम्मान में वृद्धि होगी और लव लाइफ में मजबूती आएगी. कन्या राशि वाले लव लाइफ में लव पार्टनर के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखें और किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए संवाद का सहारा लें. विस्तार से पढ़ें कर्क, सिंह और कन्या राशि वालों का 6 से 12 अप्रैल 2026 का साप्ताहिक राशिफल.

Parag Sharma अप्रैल 6, 2026
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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