अर्जेंटीना

Spain VS Argentina
स्पेन बना विश्व चैंपियन, फाइनल के बाद मैदान में भड़की खिलाड़ियों की भिड़ंत

नई दिल्ली,एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन की ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुआ, लेकिन मैच के बाद मैदान पर हुई खिलाड़ियों की झड़प ने इस यादगार मुकाबले की चमक फीकी कर दी। एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने विश्व कप का खिताब अपने नाम किया, लेकिन अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हाथापाई में बदल गई।   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस और डिफेंडर नहुएल मोलिना को स्पेन के खिलाड़ियों के साथ आक्रामक व्यवहार करते देखा जा सकता है। वीडियो में दावा किया गया है कि पेरेडेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का दिया, जबकि मोलिना ने एक स्पेनिश खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा। इसके अलावा, गावी को जमीन पर गिराने और रोड्री के साथ भी धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को शांत कराने के लिए अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी सहित टीम स्टाफ को मैदान में उतरना पड़ा।   रिपोर्टों के अनुसार रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब स्पेन के कप्तान रोड्री जीत का जश्न मनाते हुए नहुएल मोलिना के पास से गुजरे। दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई, जिसे शांत कराने के लिए एरिक गार्सिया आगे आए। हालांकि, इसके बाद पेरेडेस के हस्तक्षेप से मामला और बिगड़ गया और दोनों टीमों के कई खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।   मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर एक और विवाद सामने आया। आरोप है कि जब स्पेनिश खिलाड़ी पदक ग्रहण कर रहे थे, तब अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी उनकी ओर पीठ करके खड़े रहे, जिसे खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।   हालांकि, झगड़े की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फीफा की ओर से भी इस घटना पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि जांच में खिलाड़ियों का अनुचित आचरण साबित होता है, तो संबंधित खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Spain players celebrate FIFA World Cup 2026 victory after Ferran Torres scores the winning goal against Argentina in the final.
फीफा विश्व कप 2026: फेरन टॉरस के गोल से स्पेन बना विश्व चैंपियन, अर्जेंटीना का लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना टूटा

स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। न्यू जर्सी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में किए गए एकमात्र गोल की बदौलत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ स्पेन ने 16 साल बाद दोबारा विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। 90 मिनट तक नहीं हुआ कोई गोल फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद कड़ा और संतुलित रहा। निर्धारित 90 मिनट और इंजरी टाइम तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। स्पेन ने अपने पारंपरिक पजेशन आधारित खेल से गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक के जरिए मौके बनाने की कोशिश की। दोनों टीमों के डिफेंडरों और गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हर हमले को विफल कर दिया। पहले हाफ के दौरान अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज को मिकेल ओयारजाबल पर फाउल करने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया। रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख दूसरे हाफ में भी मुकाबला बराबरी पर बना रहा, लेकिन मैच का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडेज को रेड कार्ड दिखाया गया। रेड कार्ड मिलने के बाद अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसका फायदा स्पेन ने अतिरिक्त समय में उठाया और लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। फेरन टॉरस ने किया निर्णायक गोल एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्पेन के स्टार फॉरवर्ड फेरन टॉरस ने शानदार गोल दागकर मैच का इकलौता और निर्णायक गोल किया। यही गोल स्पेन को जीत दिलाने के लिए काफी साबित हुआ। गोल के बाद अर्जेंटीना ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेनिश डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और अंतिम सीटी बजते ही स्पेन की टीम विश्व कप ट्रॉफी जीतने का जश्न मनाने लगी। 16 साल बाद फिर विश्व विजेता बना स्पेन इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप का खिताब जीता। दूसरी ओर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने से चूक गया। फाइनल में स्पेन का अनुशासित खेल, मजबूत रक्षा पंक्ति और अतिरिक्त समय में फेरन टॉरस का गोल टीम की ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह बना।  

surbhi जुलाई 20, 2026 0
Spain Winner
स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर दूसरी बार जीता FIFA वर्ल्ड कप, अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस बने हीरो

न्यू जर्सी, एजेंसियां। स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित 90 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी, लेकिन अतिरिक्त समय (106वें मिनट) में फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह स्पेन का 2010 के बाद दूसरा विश्व कप खिताब है।   106वें मिनट में टूटा गतिरोध   पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए। आखिरकार अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल कर मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दाग दिया।   अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेली   मुकाबले के अंतिम चरण में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब एंजो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद स्पेन ने अतिरिक्त समय में दबाव बढ़ाया और जीत दर्ज कर ली।   लियोनेल मेसी का विश्व कप सफर खत्म   यह मुकाबला लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप मैच माना जा रहा है। खिताब बचाने का सपना टूटने के बाद मेसी भावुक नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का जश्न मनाया।   स्पेन ने रचा नया इतिहास   इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार और कुल दूसरी बार फीफा विश्व कप ट्रॉफी जीती। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और चैंपियन बनने तक केवल एक गोल ही खाया, जो विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Rodri Golden Ball
FIFA वर्ल्ड कप 2026 अवॉर्ड्स का ऐलान, रॉड्री बने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी; किलियन एम्बाप्पे ने जीता गोल्डन बूट

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले मिडफील्डर रॉड्री को गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का पुरस्कार मिला, जबकि फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में फीफा ने अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी घोषणा की।    रॉड्री ने पूरे टूर्नामेंट में किया दमदार प्रदर्शन   स्पेन के मिडफील्ड की रीढ़ माने जाने वाले रॉड्री ने पूरे वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया। गेंद पर नियंत्रण, सटीक पासिंग और निर्णायक मौकों पर टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।    एम्बाप्पे बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर   फ्रांस भले ही खिताब नहीं जीत सका, लेकिन स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। उनकी शानदार फिनिशिंग और लगातार गोल करने की क्षमता ने एक बार फिर उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।    अन्य पुरस्कार भी हुए घोषित   फीफा ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और फेयर प्ले अवॉर्ड की भी घोषणा की। विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुरस्कार दिए गए, जिनकी सूची फाइनल के तुरंत बाद जारी की गई।   स्पेन ने दूसरी बार जीता विश्व कप   फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने इतिहास रचते हुए अपना दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता। टीम के सामूहिक प्रदर्शन और रॉड्री जैसे खिलाड़ियों की शानदार भूमिका ने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन को सबसे मजबूत टीम साबित किया।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Luis de la Fuente VS Lionel Scaloni
FIFA World Cup 2026 Final: स्पेन-अर्जेंटीना की टक्कर में मैदान के बाहर भी होगी गुरु-चेले की रणनीतिक जंग

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खिताबी मुकाबला नहीं होगा, बल्कि यह दो पीढ़ियों और दो रणनीतिक दिमागों की भी टक्कर बनेगा। मैदान पर जहां 39 वर्षीय दिग्गज लियोनेल मेसी और 19 वर्षीय युवा स्टार लामिन यामाल के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा, वहीं मैदान के बाहर स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते और अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी की रणनीतिक जंग भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।   इस मुकाबले को खास बनाने वाली बात यह है कि स्कालोनी कभी दे ला फुएंते के छात्र रह चुके हैं। वर्ष 2017 में स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन के कोचिंग कोर्स के दौरान दे ला फुएंते उनके प्रशिक्षक थे। अब वही गुरु और शिष्य विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं।   लियोनेल स्कालोनी 48 वर्षीय लियोनेल स्कालोनी ने खिलाड़ी के रूप में स्पेनिश क्लबों के लिए खेला और 2015 में संन्यास लेने के बाद कोचिंग की राह पकड़ी। 2018 में अर्जेंटीना के मुख्य कोच बनने पर उनकी नियुक्ति की आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने टीम को नई पहचान दी। उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2021 और 2024 का कोपा अमेरिका तथा 2022 का फीफा विश्व कप जीता। स्कालोनी टीम संतुलन और खिलाड़ियों के बेहतर प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं तथा मेसी को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं।   लुइस दे ला फुएंते   दूसरी ओर, 65 वर्षीय लुइस दे ला फुएंते स्पेन की युवा टीमों को निखारने के बाद 2022 में सीनियर टीम के मुख्य कोच बने। उनकी अगुआई में स्पेन ने UEFA यूरो 2024 का खिताब जीता। उनकी रणनीति पजेशन आधारित आक्रामक फुटबॉल, अनुशासन और सामूहिक खेल पर आधारित है।   फाइनल में दोनों कोच अपनी-अपनी रणनीतियों से बढ़त हासिल करने की कोशिश करेंगे। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ खिलाड़ियों की प्रतिभा ही नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य के फुटबॉल दर्शन की भी सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: इतिहास रचेगा BTS, पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल के हाफटाइम शो में देगा धमाकेदार परफॉर्मेंस

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ फुटबॉल ही नहीं, बल्कि मनोरंजन के लिहाज से भी ऐतिहासिक बनने जा रहा है। पहली बार FIFA World Cup Final में आधिकारिक हाफटाइम शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें दक्षिण कोरिया का सुपरस्टार K-Pop ग्रुप BTS वैश्विक पॉप आइकन Madonna और Shakira के साथ मंच साझा करेगा। यह आयोजन 19 जुलाई को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले फाइनल के दौरान होगा।   विश्व कप के इतिहास में पहली बार होगा हाफटाइम शो   फीफा ने इस बार अमेरिकी सुपर बाउल की तर्ज पर विश्व कप फाइनल में पहली बार हाफटाइम शो शामिल किया है। शो का निर्माण Global Citizen के सहयोग से किया जा रहा है, जबकि इसकी क्रिएटिव योजना में Coldplay के क्रिस मार्टिन की भी भूमिका है। इस कारण फाइनल का हाफटाइम सामान्य 15 मिनट की बजाय अधिक लंबा रहेगा।   BTS की वापसी को लेकर जबरदस्त उत्साह   सैन्य सेवा पूरी करने के बाद BTS की यह सबसे बड़ी वैश्विक प्रस्तुतियों में से एक होगी। दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसक इस ऐतिहासिक परफॉर्मेंस का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह शो विश्व कप फाइनल की वैश्विक दर्शक संख्या को और बढ़ाएगा।   फुटबॉल और संगीत का अनोखा संगम   फीफा का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य फुटबॉल और संगीत के जरिए दुनिया भर के दर्शकों को जोड़ना है। हालांकि पारंपरिक फुटबॉल प्रशंसकों के एक वर्ग ने लंबे हाफटाइम को लेकर चिंता भी जताई है, लेकिन फीफा इसे विश्व कप इतिहास का नया अध्याय मान रहा है।   स्पेन और अर्जेंटीना के फाइनल पर भी टिकी रहेंगी नजरें   हाफटाइम शो के साथ-साथ फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले जाने वाले विश्व कप फाइनल पर भी होंगी। फीफा को उम्मीद है कि खेल और मनोरंजन का यह अनूठा मेल विश्व कप 2026 के फाइनल को अब तक का सबसे यादगार आयोजन बना देगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Argentina vs Spain
FIFA World Cup 2026: किसके सिर सजेगा ताज? स्पेन या अर्जेंटीना

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला अब स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। एक ओर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।   दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई फाइनल में जगह स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। टीम ने 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है और अब दूसरे विश्व खिताब से केवल एक जीत दूर है। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। टीम की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी, जबकि स्पेन की ओर से युवा स्टार लामिन यामाल सबसे बड़े आकर्षण होंगे।   कब और कहां खेला जाएगा फाइनल? फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।   भारत में कहां देखें लाइव मुकाबला? भारतीय दर्शक इस महामुकाबले का आनंद टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर ले सकेंगे। डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए सक्रिय सब्सक्रिप्शन आवश्यक होगा। वहीं Jio यूजर्स JioTV ऐप पर DD Sports की फीड के जरिए मैच देख सकेंगे। टीवी पर मुकाबले का सीधा प्रसारण DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर किया जाएगा।   फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ अनुभव से भरपूर अर्जेंटीना है, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची स्पेन की टीम। ऐसे में विश्व फुटबॉल को नया चैंपियन मिलेगा या अर्जेंटीना अपना ताज बचाएगा, इसका फैसला मैदान पर होगा।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Argentina football team and Lionel Messi facing intense competition as fans debate their FIFA World Cup 2026 journey.
FIFA World Cup 2026: आखिर क्यों अब अर्जेंटीना की हार देखना चाहता है फुटबॉल जगत? जानिए बदलती सोच की वजह

एक समय था जब पूरी दुनिया लियोनेल मेसी को विश्व कप जीतते देखना चाहती थी। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के मैदान पर उतरते ही बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक उसकी हार की कामना करते नजर आते हैं। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? विशेषज्ञों का मानना है कि अर्जेंटीना के खिलाफ बढ़ती आलोचना का सबसे बड़ा कारण उसकी लगातार मिल रही सफलता है। फुटबॉल में अक्सर अंडरडॉग टीमों को समर्थन मिलता है, लेकिन जब वही टीम लगातार खिताब जीतने लगती है तो उसके विरोधियों की संख्या भी बढ़ जाती है। मेसी की अधूरी कहानी से विश्व विजेता बनने तक कई वर्षों तक लियोनेल मेसी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना गया, लेकिन उनके नाम विश्व कप नहीं होने की बात हमेशा चर्चा में रहती थी। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार, फिर 2015 और 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में लगातार हार ने मेसी और अर्जेंटीना के प्रति दुनिया की सहानुभूति और बढ़ा दी थी। यहां तक कि जब मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला किया था, तब विरोधी टीमों के प्रशंसकों ने भी उनकी वापसी की अपील की थी। लेकिन इसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2021 में कोपा अमेरिका 2022 में फाइनलिसिमा 2022 फीफा विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीतकर अर्जेंटीना ने दुनिया की सबसे सफल टीमों में फिर से अपनी जगह बना ली। सफलता के साथ बढ़ी आलोचना विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना की हर बड़ी जीत पर सवाल उठने लगे। कतर विश्व कप के दौरान मिले पेनल्टी फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस होती रही। कई लोगों ने रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाए और VAR से जुड़े निर्णयों को लेकर भी विवाद खड़े किए। हालांकि फुटबॉल इतिहास में लगभग हर विश्व चैंपियन टीम किसी न किसी विवाद का हिस्सा रही है, लेकिन अर्जेंटीना की जीतों पर अपेक्षाकृत अधिक चर्चा देखने को मिली। एमिलियानो मार्टिनेज भी बने विवादों का केंद्र अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज भी अक्सर अपने जश्न और व्यवहार को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनका आत्मविश्वास और विरोधी खिलाड़ियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की शैली कई प्रशंसकों को पसंद आती है, जबकि कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ मानते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि फुटबॉल में पहले भी कई बड़े खिलाड़ियों और कोचों ने इसी तरह का आक्रामक रवैया अपनाया है, लेकिन अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को लेकर प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत अधिक तीखी दिखाई देती है। आलोचना और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हालांकि अर्जेंटीना पूरी तरह आलोचना से परे नहीं है। 2024 कोपा अमेरिका के बाद कुछ खिलाड़ियों पर नस्लभेदी नारे लगाने के आरोप लगे थे, जिसकी दुनिया भर में आलोचना हुई थी। इस मामले में जांच भी शुरू की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी विशेष घटना में शामिल खिलाड़ियों की आलोचना होना उचित है, लेकिन पूरी टीम या उसके समर्थकों को उसी नजरिए से देखना सही नहीं माना जा सकता। अब अंडरडॉग नहीं, सबसे बड़ी चुनौती है अर्जेंटीना फुटबॉल में प्रशंसक अक्सर उन टीमों का समर्थन करते हैं जो लंबे समय से खिताब जीतने का इंतजार कर रही हों। लेकिन अर्जेंटीना अब उस श्रेणी में नहीं आता। मौजूदा विश्व चैंपियन होने के कारण वह हर टूर्नामेंट में सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल रहता है। इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन जैसी टीमें अपना सपना पूरा करना चाहती हैं, लेकिन उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक अर्जेंटीना है। यही वजह है कि अब कई फुटबॉल प्रेमी अर्जेंटीना को हराने वाली टीम का समर्थन करते दिखाई देते हैं। चैंपियन बनने की यही है कीमत खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी टीम के लिए लगातार सफलता अपने साथ नई चुनौतियां भी लेकर आती है। जब कोई टीम संघर्ष कर रही होती है तो उसे सहानुभूति मिलती है, लेकिन जब वही टीम बार-बार ट्रॉफी जीतने लगती है तो उस पर सवाल भी बढ़ने लगते हैं। अर्जेंटीना की मौजूदा स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। कभी जिसे पूरी दुनिया मेसी के लिए विश्व कप जीतते देखना चाहती थी, आज उसी टीम को हराने की उम्मीद कई प्रशंसक कर रहे हैं। यही सफल चैंपियन बनने की सबसे बड़ी कीमत भी मानी जाती है।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Argentina VS Switzerland
FIFA World Cup 2026: अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, अब इंग्लैंड से होगी टक्कर

कैनसस सिटी, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। निर्धारित 90 मिनट का खेल 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने दो गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।   मैच में क्या हुआ?   अर्जेंटीना को शुरुआती बढ़त एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने दिलाई, जिन्होंने लियोनेल मेसी के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाया। दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने डैन एनडोये के गोल से बराबरी कर ली। मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब स्विस स्ट्राइकर ब्रील एम्बोलो को VAR समीक्षा के बाद रेड कार्ड दिखाया गया और टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई।   अल्वारेज़ और लाउतारो बने जीत के हीरो   अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने एक खिलाड़ी की बढ़त का पूरा फायदा उठाया। जूलियन अल्वारेज़ ने 112वें मिनट में शानदार लंबी दूरी का गोल कर टीम को फिर बढ़त दिलाई। इसके बाद लाउतारो मार्टिनेज़ ने 121वें मिनट में तीसरा गोल कर जीत पक्की कर दी। कप्तान लियोनेल मेसी गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने पहले गोल में अहम असिस्ट दिया।   अब इंग्लैंड से होगी सेमीफाइनल में भिड़ंत   इस जीत के साथ अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब जीतने की उम्मीदें बरकरार रखते हुए सेमीफाइनल में पहुंच गया है। अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जिसने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को 2-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। फुटबॉल प्रेमियों को अब टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक देखने को मिलेगा।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Argentina Vs Egypt
मैदान से सोशल मीडिया तक जंग, अर्जेंटीना-मिस्र फैंस के बीच वीडियो वॉर

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेला गया मुकाबला अब सिर्फ रोमांचक जीत के लिए नहीं, बल्कि रेफरिंग और VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) से जुड़े विवादों के कारण भी सुर्खियों में है। अर्जेंटीना ने 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन मैच खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों देशों के फैंस आमने-सामने आ गए हैं।   VAR के फैसलों पर मचा विवाद विवाद की शुरुआत दूसरे हाफ में उस समय हुई जब मिस्र के मुस्तफा जिको का गोल VAR समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया। फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिए ने गोल बनने से पहले अर्जेंटीना के खिलाड़ी लिसांद्रो मार्टिनेज पर फाउल होने का हवाला देते हुए गोल अमान्य घोषित किया। इसके अलावा इंजरी टाइम में मिस्र को पेनल्टी नहीं मिलने और अर्जेंटीना के तीसरे गोल से पहले कथित फाउल को नजरअंदाज किए जाने पर भी सवाल उठे।   सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लगाए आरोप मैच के बाद मिस्र और अर्जेंटीना के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग वीडियो साझा कर एक-दूसरे के दावों को चुनौती दी। मिस्र के फैंस का आरोप है कि रेफरी और VAR ने उनकी टीम के साथ नाइंसाफी की, जबकि अर्जेंटीना के समर्थकों का कहना है कि सभी फैसले फुटबॉल के नियमों के अनुरूप लिए गए। फाउल और यलो कार्ड के आंकड़ों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। मैच में मिस्र को चार यलो कार्ड मिले, जबकि अर्जेंटीना के खिलाफ 13 फाउल दर्ज होने के बावजूद कोई यलो कार्ड नहीं दिखाया गया।   विशेषज्ञों की राय बंटी मैच के बाद सामने आए अलग-अलग कैमरा एंगल और रिप्ले देखने के बाद कई फुटबॉल विशेषज्ञों ने पेनल्टी नहीं देने के फैसले को तकनीकी रूप से सही बताया। उनका कहना है कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज पहले गेंद तक पहुंचे थे। हालांकि, कई पूर्व खिलाड़ियों और विश्लेषकों ने माना कि कुछ फैसलों ने विवाद को जन्म दिया और इससे रेफरिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में यह मुकाबला फीफा विश्व कप 2026 के सबसे चर्चित और विवादित मैचों में शामिल हो गया है।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
Bihar Monsoon
बिहार में मानसून सुस्त, जुलाई में 77% कम बारिश; अल नीनो और कमजोर सिस्टम बने वजह

पटना, एजेंसियां। बिहार में इस बार मानसून की शुरुआत समय पर होने के बावजूद बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई है। 11 जून को राज्य में मानसून के प्रवेश के बाद से 6 जुलाई तक केवल 102.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 230.1 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, जुलाई के पहले छह दिनों में सिर्फ 15 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य 66.8 मिमी के मुकाबले 77 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।   क्यों कमजोर पड़ा मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार मानसून की सक्रियता लंबे समय तक कमजोर रही। बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी नहीं मिलने और मानसूनी ट्रफ की अनुकूल स्थिति नहीं बनने से राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश नहीं हो सकी। इसके अलावा, जून के दौरान बंगाल की खाड़ी में मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ, जिससे वर्षा की गतिविधियां सीमित रहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो जैसी परिस्थितियों के कारण भी मानसून प्रभावित हुआ और राज्य में व्यापक बारिश के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में 'पॉकेट रेन' देखने को मिली।   खेती और जल संसाधनों पर असर बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ रहा है। धान की रोपनी अब तक लक्ष्य के मुकाबले काफी पीछे है और किसान सिंचाई के लिए भूजल पर निर्भर होने लगे हैं। यदि जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश होती है तो धान उत्पादन प्रभावित हो सकता है और भूजल स्तर पर भी दबाव बढ़ेगा। मौसम विभाग का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है तो बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। फिलहाल राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
Egypt coach Hossam Hassan reacts after Argentina's dramatic FIFA World Cup victory over Egypt.
FIFA World Cup: अर्जेंटीना से हार के बाद मिस्र के कोच का बड़ा आरोप, बोले- 'FIFA चाहता था मेसी टूर्नामेंट में बने रहें'

FIFA विश्व कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना से 3-2 की नाटकीय हार के बाद मिस्र के मुख्य कोच होसम हसन ने FIFA और मैच अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था चाहती थी कि लियोनेल मेसी और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना टूर्नामेंट में आगे बढ़ें। हालांकि, इन आरोपों का समर्थन करने वाला कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है और FIFA की ओर से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। 2-0 की बढ़त के बावजूद हार गया मिस्र मुकाबले में मिस्र ने शानदार शुरुआत करते हुए 2-0 की बढ़त बना ली थी और लंबे समय तक मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। लेकिन अंतिम चरण में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेसी और एंजो फर्नांडीज के गोल की बदौलत 13 मिनट के भीतर तीन गोल दाग दिए और 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। VAR फैसलों पर जताई नाराजगी हार के बाद होसम हसन ने कहा कि उनकी टीम ने खेल के अधिकांश हिस्से में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ फैसलों ने मैच की दिशा बदल दी। उनके अनुसार, सबसे बड़ा विवाद 59वें मिनट में हुआ जब मोस्तफा ज़िको का गोल VAR समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद सलाह को पेनल्टी नहीं मिली और अर्जेंटीना के विजयी गोल से पहले फाउल होने के बावजूद VAR ने हस्तक्षेप नहीं किया। 'मेसी को टूर्नामेंट में बनाए रखना चाहते थे' पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में होसम हसन ने कहा कि उन्हें लगता है कि मैच का परिणाम केवल मैदान पर हुए प्रदर्शन से तय नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि संभव है FIFA और अन्य बाहरी कारक चाहते थे कि मौजूदा विश्व चैंपियन और लियोनेल मेसी प्रतियोगिता में बने रहें। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। 'अब कभी वर्ल्ड कप नहीं देखूंगा' मैच के बाद एक टीवी इंटरव्यू में मिस्र के कोच ने अपनी नाराजगी दोहराते हुए कहा कि उन्हें यह जीत अर्जेंटीना की "अयोग्य जीत" लगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने देश लौटने के बाद वह दोबारा विश्व कप नहीं देखना चाहेंगे क्योंकि उनके अनुसार प्रतियोगिता में उन्हें न्याय नहीं मिला। FIFA कर सकता है टिप्पणी की समीक्षा होसम हसन के बयानों के बाद अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, FIFA उनके पोस्ट-मैच बयानों की समीक्षा कर सकता है और यदि आवश्यक हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Lionel Messi celebrates emotionally with Argentina teammates after dramatic FIFA World Cup victory over Egypt.
FIFA World Cup: मिस्र पर रोमांचक जीत के बाद भावुक हुए लियोनेल मेसी, साथियों ने कंधों पर उठाकर किया सम्मान

FIFA विश्व कप के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। मुकाबले के बाद सबसे भावुक पल तब देखने को मिला जब कप्तान लियोनेल मेसी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। अंतिम सीटी बजते ही साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाया और बाद में कंधों पर उठाकर उनकी शानदार कप्तानी और प्रदर्शन का सम्मान किया। 2-0 से पिछड़ने के बाद बदली मैच की तस्वीर करीब 80 मिनट तक ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। टीम 2-0 से पीछे थी और मेसी पहले हाफ में पेनल्टी भी चूक चुके थे। लेकिन अंतिम 13 मिनट में अर्जेंटीना ने शानदार खेल दिखाया। क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेसी और एंजो फर्नांडीज के गोल की बदौलत टीम ने 3-2 से यादगार जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पेनल्टी मिस करने के बाद भी नहीं हारी उम्मीद पहले हाफ में मेसी की पेनल्टी मिस होने के बाद टीम मुश्किल में आ गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार गेंद मांगते रहे। उन्होंने पहले अर्जेंटीना के लिए वापसी की शुरुआत कराई, फिर बराबरी का गोल दागा। आखिरकार एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल कर टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया। कोच स्कालोनी भी हुए भावुक मैच के बाद अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि यह टीम कभी हार नहीं मानती और खिलाड़ियों का जज्बा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। स्कालोनी ने मेसी की तारीफ करते हुए कहा कि पेनल्टी चूकने के बाद भी उन्होंने गेंद मांगना नहीं छोड़ा और वही उनकी महानता की पहचान है। मेसी ने टीम को दिया जीत का श्रेय मैच के बाद मेसी ने व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत पूरे समूह की मेहनत का परिणाम है और टीम ने एक बार फिर साबित किया कि वह आखिरी मिनट तक लड़ना जानती है। उन्होंने प्रशंसकों का भी धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि टीम आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखेगी। साथियों ने कंधों पर उठाकर किया सम्मान जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एकजुट होकर जश्न मनाया। सभी खिलाड़ियों ने मेसी को घेर लिया और फिर उन्हें कंधों पर उठाकर सम्मान दिया। यह दृश्य टीम के भीतर मजबूत एकता, विश्वास और अपने कप्तान के प्रति सम्मान का प्रतीक बन गया। अर्जेंटीना अब इस शानदार जीत के साथ विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है और खिताब बचाने की उसकी उम्मीदें बरकरार हैं।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Argentina VS Cape Verde
फीफा वर्ल्ड कप: अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराया, अब प्री-क्वार्टर फाइनल में मिस्र से होगी भिड़ंत

नई दिल्ली, एजेंसियां। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे को 3-2 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह बना ली। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में केप वर्डे ने अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और मैच का फैसला एक्स्ट्रा टाइम में जाकर हुआ। अब अर्जेंटीना का अगला मुकाबला मिस्र से होगा, जिसने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराया था। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 7 जुलाई को रात 9:30 बजे खेला जाएगा।   मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक खेल दिखाया  कप्तान लियोनेल मेसी ने 29वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, केप वर्डे ने हार नहीं मानी और 59वें मिनट में डुआर्टे ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित 90 मिनट में कोई और गोल नहीं होने के कारण मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा।   एक्स्ट्रा टाइम के 92वें मिनट में लिसैंड्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर बढ़त दिलाई, लेकिन कुछ ही देर बाद लोपेस कैब्राल ने शानदार गोल कर केप वर्डे की वापसी कराते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। आखिरकार 111वें मिनट में मेसी के कॉर्नर पर केप वर्डे के खिलाड़ी से ओन गोल हो गया, जिसने अर्जेंटीना को 3-2 की जीत दिला दी।   मेसी ने टूर्नामेंट का अपना सातवां गोल दागा इस मैच में मेसी ने टूर्नामेंट का अपना सातवां गोल दागा और फीफा वर्ल्ड कप में लगातार आठ मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। मुकाबले के बाद मेसी ने कहा कि नॉकआउट चरण में कोई भी टीम कमजोर नहीं होती और केप वर्डे ने इसे साबित किया। उन्होंने अपनी टीम के जुझारूपन की सराहना करते हुए कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद अर्जेंटीना ने जीत का रास्ता तलाश लिया। अब टीम का पूरा फोकस मिस्र के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर रहेगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Lionel Messi
लियोनेल मेसी ने रचा नया इतिहास, विश्व कप में सात गोल के साथ बनाया अनोखा रिकॉर्ड

मियामी, एजेंसियां। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर Lionel Messi ने फीफा विश्व कप 2026 में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। केप वर्डे के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में गोल दागते ही मेसी इस विश्व कप में सात गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही उन्होंने विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया।   दो अलग-अलग विश्व कप में सात गोल करने वाले पहले खिलाड़ी   केप वर्डे के खिलाफ मैच के 29वें मिनट में गोल करने के साथ ही मेसी विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में सात या उससे अधिक गोल करने वाले पहले फुटबॉलर बन गए। इससे पहले उन्होंने 2022 विश्व कप में भी सात गोल किए थे। यह उपलब्धि उनके शानदार और लगातार बने हुए प्रदर्शन को दर्शाती है।   गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे   सात गोल के साथ मेसी फिलहाल 2026 फीफा विश्व कप के गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं, इस गोल के साथ उन्होंने लगातार आठ विश्व कप मैचों में गोल करने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। अर्जेंटीना की टीम ने यह मुकाबला जीतकर अगले दौर में जगह बना ली है।   रिकॉर्ड्स की झड़ी जारी   39 वर्षीय मेसी पहले ही पुरुष विश्व कप इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। अब उनके खाते में 20 विश्व कप गोल दर्ज हो चुके हैं और वह लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मेसी इस विश्व कप में कई और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Cape Verde
फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का ऐतिहासिक कारनामा, पहली बार खेलकर नॉकआउट में बनाई जगह

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अफ्रीकी देश केप वर्डे ने इतिहास रच दिया है। अपने पहले ही विश्व कप में हिस्सा ले रही इस टीम ने नॉकआउट चरण में जगह बनाकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित (0-0) ड्रॉ के बाद केप वर्डे ने ग्रुप एच में दूसरा स्थान हासिल किया और अंतिम-32 (राउंड ऑफ 32) के लिए क्वालिफाई कर लिया। लगभग पांच लाख की आबादी वाला केप वर्डे अब वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है।   तीनों मुकाबले ड्रॉ, फिर भी हासिल किया नॉकआउट टिकट केप वर्डे ने ग्रुप चरण के अपने तीनों मुकाबले ड्रॉ खेले। टीम ने पहले 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन को 0-0 से रोका, फिर उरुग्वे के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 2-2 से बराबर किया। तीसरे मैच में सऊदी अरब के खिलाफ भी टीम ने 0-0 का परिणाम हासिल किया। तीन अंकों के साथ टीम ने ग्रुप में दूसरा स्थान सुरक्षित कर लिया।   पहले ही विश्व कप में रचा नया रिकॉर्ड केप वर्डे अपने पहले विश्व कप में बिना कोई मैच गंवाए नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला तीसरा अफ्रीकी देश भी बन गया है। टीम के इस प्रदर्शन ने फुटबॉल जगत में नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और छोटी आबादी के बावजूद खिलाड़ियों ने बड़े देशों के खिलाफ शानदार खेल दिखाकर साबित किया कि मजबूत इरादों के सामने चुनौतियां छोटी पड़ जाती हैं।   अब अर्जेंटीना से होगी कड़ी चुनौती नॉकआउट दौर में केप वर्डे का सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 4 जुलाई को मियामी में सुबह 3:30 बजे खेला जाएगा। कप्तान लियोनेल मेसी की टीम के खिलाफ यह मैच केप वर्डे के लिए अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।   मैच से पहले टीम के मुख्य कोच बुबिस्टा ने कहा था, "हर किसी को सपने देखने का अधिकार है और कुछ भी असंभव नहीं है।" केप वर्डे ने अपने प्रदर्शन से इस विश्वास को सच साबित कर दिया और विश्व फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बना ली।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Lionel Messi Goal Record
मेसी के फुटबॉल वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा 18 गोल, जर्मनी के क्लोजा का रिकॉर्ड तोड़ा

अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया, नॉकआउट में पहुंचा अर्जेंटीना, एजेंसियां। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी ने पहले अपना 17वां गोल दागकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजा (16 गोल) का रिकॉर्ड तोड़ा और फिर मैच के आखिरी में एक और गोल कर इसे 18 तक पहुंचा दिया। 39वें मिनट में फील्ड गोल लगाकर इतिहास रचा मेसी ने डलास स्टेडियम में 39वें मिनट में फील्ड गोल लगाकर इतिहास रचा। इसके बाद इंजरी टाइम (95वें मिनट) में उन्होंने दूसरा गोल दागकर अर्जेंटीना की 2-0 की जीत पक्की कर दी। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने राउंड ऑफ-32 में भी जगह बना ली। पिछले मैच में हैट्रिक लगाई थी 38 साल के मेसी ने पिछले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। मौजूदा टूर्नामेंट में उनके सबसे ज्यादा 5 गोल हो गए हैं। मेसी के बाद 3 गोल के साथ जर्मनी के डेनिज उंडाव हैं।

abhishek singh जून 23, 2026 0
Lionel Messi
FIFA World Cup 2026: मेसी का मैजिक बरकरार, हैट्रिक के साथ वर्ल्ड कप में बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली, एजेंसियां। लियोनेल मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें फुटबॉल का महानतम खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है। 2026 FIFA World Cup के अपने पहले मुकाबले में अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हराया, जिसमें मेसी ने शानदार हैट्रिक लगाकर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। 20 साल पहले 2006 में जिस टूर्नामेंट में उन्होंने वर्ल्ड कप करियर की शुरुआत की थी, उसी मंच पर उन्होंने एक और यादगार उपलब्धि हासिल की।   वर्ल्ड कप में गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी यह मुकाबला मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मैच भी था। हैट्रिक की बदौलत उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और जर्मनी के महान स्ट्राइकर Miroslav Klose के सर्वाधिक 16 गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही उन्होंने फ्रांस के स्टार खिलाड़ी Kylian Mbappé के 14 गोलों के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया। एम्बाप्पे ने इससे पहले सेनेगल के खिलाफ दो गोल दागे थे, लेकिन मेसी की हैट्रिक ने उन्हें फिर शीर्ष पर पहुंचा दिया।   सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले खिलाड़ी   मेसी ने इस मैच के साथ वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने का अपना रिकॉर्ड भी मजबूत किया। अब उनके नाम 27 विश्व कप मैच हो गए हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर जर्मनी के Lothar Matthäus हैं, जिन्होंने 25 मैच खेले थे। वहीं अर्जेंटीना के लिए मेसी के अंतरराष्ट्रीय गोलों की संख्या 120 तक पहुंच गई है। खास बात यह रही कि लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में यह उनकी पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक है।   अब ऑस्ट्रिया से होगी टक्कर ग्रुप चरण में शानदार जीत के बाद अर्जेंटीना का अगला मुकाबला 22 जून को ऑस्ट्रिया से खेला जाएगा। इसके बाद 27 जून को टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में जॉर्डन का सामना करेगी। मेसी की शानदार फॉर्म को देखते हुए अर्जेंटीना की टीम खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल मानी जा रही है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Lionel Messi
फीफा वर्ल्ड कप में मेसी सिर्फ एक गोल दूर विश्व रिकॉर्ड बनाने से

नई दिल्ली, एजेंसियां। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी फीफा वर्ल्ड कप के 96 साल के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। मेसी अब विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने से सिर्फ एक गोल दूर हैं। यदि वह अर्जेंटीना के अगले मुकाबले में गोल करने में सफल रहते हैं तो जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोजे का रिकॉर्ड टूट जाएगा।   अर्जेंटीना ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए 16 जून को अल्जीरिया को 3-0 से हराया। इस मैच में टीम की जीत के सबसे बड़े नायक मेसी रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाकर तीनों गोल दागे। इस प्रदर्शन के साथ मेसी के विश्व कप में कुल 16 गोल हो गए और उन्होंने क्लोजे के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।   22 जून को रिकॉर्ड पर होगी सबकी नजर अब अर्जेंटीना का अगला मुकाबला 22 जून को ऑस्ट्रिया से होगा। इस मैच में यदि मेसी एक और गोल करते हैं तो वह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर बन जाएंगे। फुटबॉल प्रेमियों की नजर अब इसी मुकाबले पर टिकी हुई है।   एम्बापे भी दौड़ में शामिल रिकॉर्ड की इस दौड़ में फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे भी पीछे नहीं हैं। 27 वर्षीय एम्बापे अब तक विश्व कप में 14 गोल कर चुके हैं और वह भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब पहुंच रहे हैं। वहीं ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो नाजारियो 15 गोल के साथ सूची में तीसरे स्थान पर हैं।   विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी   16 गोल – मिरोस्लाव क्लोजे (जर्मनी) 16 गोल – लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) 15 गोल – रोनाल्डो नाजारियो (ब्राजील) 14 गोल – किलियन एम्बापे (फ्रांस) यदि मेसी अगले मैच में गोल करते हैं, तो विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो।

abhishek singh जून 18, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0