ऑस्ट्रेलिया

Bihar Mithila Makhana
बिहार के मिथिला मखाने की ऑस्ट्रेलिया को पहली समुद्री खेप रवाना, 18 मीट्रिक टन का निर्यात

दरभंगा, एजेंसियां। बिहार के GI टैग प्राप्त मिथिला मखाने ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार से पहली बार समुद्री मार्ग के जरिए 18 मीट्रिक टन मिथिला मखाना ऑस्ट्रेलिया भेजा गया है। इस खेप को बिहार के मखाना किसानों और कृषि निर्यात के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।   18 मीट्रिक टन मखाना ऑस्ट्रेलिया रवाना   केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 8 अगस्त को इस निर्यात की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, GI टैग प्राप्त मिथिला मखाने की 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप ऑस्ट्रेलिया भेजी गई है। इस निर्यात प्रक्रिया में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) का सहयोग रहा।   दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदा गया मखाना   इस खेप की एक खास बात यह है कि मखाना दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदा गया। रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को इस खरीद से बाजार मूल्य की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक आय मिली। इससे मखाना किसानों को स्थानीय बाजार के बजाय सीधे निर्यात बाजार से जोड़ने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।   वैश्विक बाजार में बढ़ेगी मिथिला मखाने की पहचान   मिथिला मखाने को 2022 में GI टैग मिला था। GI पहचान मिलने के बाद इसे देश और विदेश के बाजारों में क्षेत्र-विशेष के प्रीमियम कृषि उत्पाद के रूप में बढ़ावा देने की कोशिश तेज हुई है।   ऑस्ट्रेलिया को समुद्री मार्ग से भेजी गई यह पहली बड़ी खेप बिहार के लिए कृषि निर्यात के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे आने वाले समय में मिथिला मखाने के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रास्ते भी खुलने की उम्मीद है।

abhishek singh अगस्त 8, 2026 0
भारत दौरे की तैयारी को लेकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम
भारत दौरे से पहले ऑस्ट्रेलिया नहीं खेलेगा वार्म-अप मैच, विशेष प्रशिक्षण शिविर पर रहेगा फोकस

मेलबर्न, एजेंसियां। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने 2027 में भारत के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले पारंपरिक वार्म-अप मैच नहीं खेलने का फैसला किया है। मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा है कि टीम अभ्यास मैच के बजाय भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाएगी।   अभ्यास मैच की जगह विशेष प्रशिक्षण शिविर     मैकडोनाल्ड के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे से पहले ऐसा स्थान तलाश रहा है जहां खिलाड़ी उपमहाद्वीप की परिस्थितियों के करीब रहकर तैयारी कर सकें। टीम के पास भारत और UAE में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के विकल्प हैं。   कोच का मानना है कि किसी एक स्थान पर भारतीय परिस्थितियों और मौसम को दोहराते हुए लगातार अभ्यास करना पारंपरिक अभ्यास मैच खेलने से ज्यादा उपयोगी हो सकता है। हालांकि, प्रशिक्षण शिविर का अंतिम स्थान अभी तय नहीं किया गया है।   2023 में भी अपनाया था यही तरीका     ऑस्ट्रेलिया ने 2023 के भारत दौरे से पहले भी अभ्यास मैच के बजाय बेंगलुरु के पास अलूर में विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया था। वहां टीम ने स्पिन के अनुकूल पिचों पर अभ्यास किया था।   हालांकि, उस दौरे की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छी नहीं रही थी। नागपुर में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और 132 रन से हराया था और चार टेस्ट की सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।   21 जनवरी से नागपुर में शुरू होगी सीरीज     भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2027 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 21 जनवरी से नागपुर में शुरू होगी। इसके बाद मुकाबले चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में खेले जाएंगे।   ऑस्ट्रेलिया के सामने भारत में टेस्ट सीरीज जीतने की बड़ी चुनौती होगी। टीम ने भारत में आखिरी बार 2004 में टेस्ट सीरीज जीती थी। मैकडोनाल्ड के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया इस लंबे इंतजार को खत्म करने की कोशिश करेगा।   खिलाड़ियों की तैयारी पर भी रहेगा फोकस     भारत दौरे से पहले ऑस्ट्रेलिया का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के बाद जल्द ही भारत का दौरा करना है। ऐसे में टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की तैयारी और कार्यभार को ध्यान में रखते हुए विशेष योजना बना रहा है।   मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि भारत दौरे के लिए चुने जाने वाले कुछ खिलाड़ी न्यूजीलैंड सीरीज के बाद बिग बैश लीग के मुकाबलों की बजाय भारत की परिस्थितियों के लिए तैयारी को प्राथमिकता दे सकते हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 6, 2026 0
Team India Schedule
श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया का व्यस्त कार्यक्रम, वेस्टइंडीज से होगी अगली भिड़ंत

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आने वाले महीनों में काफी व्यस्त रहने वाला है। श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया अपने घरेलू सत्र में वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों की मेजबानी करेगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 के घरेलू सत्र का कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है।   वेस्टइंडीज के खिलाफ सितंबर से शुरुआत   श्रीलंका दौरे के बाद भारत का अगला तय घरेलू अभियान वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे और 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से शुरू होगा। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा। इसके बाद गुवाहाटी और न्यू चंडीगढ़ में मुकाबले खेले जाएंगे। टी20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी और इसके मुकाबले लखनऊ, रांची, इंदौर, हैदराबाद और बेंगलुरु में होंगे।   श्रीलंका और जिम्बाब्वे से भी होगी भिड़ंत   दिसंबर में भारतीय टीम घरेलू मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेलेगी। इसके बाद जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे मुकाबले निर्धारित हैं।   ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी बड़ी टेस्ट सीरीज   भारतीय टीम के घरेलू सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी होगी। पहला टेस्ट 21 जनवरी 2027 से नागपुर में शुरू होगा। इसके बाद चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में मुकाबले खेले जाएंगे। पांचवां टेस्ट 27 फरवरी से 3 मार्च 2027 तक अहमदाबाद में होगा।   2027 वनडे विश्व कप की तैयारी पर भी नजर   लगातार होने वाली वनडे और टी20 सीरीज भारतीय टीम के लिए 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होंगी। खासकर वेस्टइंडीज, श्रीलंका और जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मुकाबले खिलाड़ियों को टीम संयोजन और रणनीति आजमाने का मौका देंगे।

abhishek singh अगस्त 4, 2026 0
IIT Delhi launches an online Applied Quantum Computing and AI certificate course for professionals without JEE requirements.
IIT Delhi ने लॉन्च किया Applied Quantum Computing और AI सर्टिफिकेट कोर्स, JEE स्कोर की जरूरत नहीं; जानें कैसे करें आवेदन

IIT Delhi AI Certificate Course 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए अच्छी खबर है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने Applied Quantum Computing and AI में नया 6.5 महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें प्रवेश के लिए JEE स्कोर की आवश्यकता नहीं है। यह कोर्स उन प्रोफेशनल्स के लिए तैयार किया गया है जो नई तकनीकों में अपने कौशल को बेहतर बनाकर करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं। IIT Delhi ने जारी किया आधिकारिक नोटिस IIT दिल्ली ने अपने नोटिस में बताया है कि Applied Quantum Computing and AI Certificate Programme को इंडस्ट्री की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस कोर्स के माध्यम से प्रतिभागियों को क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान के साथ उद्योग-उन्मुख स्किल्स भी सिखाई जाएंगी। आवेदन की अंतिम तिथि इच्छुक उम्मीदवार इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए 15 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 6.5 महीने का ऑनलाइन प्रोग्राम यह कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित किया जाएगा, जिससे वर्किंग प्रोफेशनल्स अपनी नौकरी के साथ भी इसे आसानी से पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा, प्रतिभागियों को IIT Delhi कैंपस विजिट का अवसर भी मिलेगा, जहां वे संस्थान के अकादमिक वातावरण और विशेषज्ञों के साथ सीखने का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। किन लोगों के लिए है यह कोर्स? यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए डिजाइन किया गया है जो: AI और Quantum Computing में नई स्किल्स सीखना चाहते हैं। टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इंडस्ट्री-ओरिएंटेड और एडवांस तकनीकी ज्ञान हासिल करना चाहते हैं। नौकरी के साथ ऑनलाइन सीखने का विकल्प चाहते हैं। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं: IIT Delhi CEP के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। Applied Quantum Computing and AI Certificate Programme चुनें। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। निर्धारित शुल्क का भुगतान कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। कोर्स की मुख्य विशेषताएं संस्थान: IIT Delhi कोर्स: Applied Quantum Computing and AI अवधि: 6.5 महीने मोड: ऑनलाइन कैंपस इमर्शन का अवसर JEE स्कोर की आवश्यकता नहीं वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए विशेष रूप से डिजाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अक्टूबर 2026 AI और Quantum Computing आने वाले वर्षों की सबसे तेजी से बढ़ती तकनीकों में शामिल हैं। ऐसे में IIT Delhi का यह सर्टिफिकेट प्रोग्राम उन प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकता है जो भविष्य की तकनीकों में विशेषज्ञता हासिल कर अपने करियर को नई दिशा देना चाहते हैं।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Uluru mountain displaying dramatic color changes from sunrise to sunset under changing natural light.
दिनभर बदलता है इस पहाड़ का रंग, सुबह गुलाबी तो शाम होते-होते हो जाता है लाल, जानिए भारत का कौन-सा पर्वत भी दिखाता है ऐसा नजारा

Color Changing Mountain: ऑस्ट्रेलिया का उलुरु (Uluru) अपनी बदलती रंगत के लिए दुनिया भर में मशहूर है। सूरज की रोशनी के साथ इसका रंग बदलता हुआ नजर आता है। वहीं भारत में भी एक ऐसा पर्वत है, जहां सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पहाड़ों की रंगत बदलती हुई दिखाई देती है। दिनभर क्यों बदलता है इस पहाड़ का रंग? जानिए इसके पीछे का विज्ञान और आस्था दुनिया में कई पहाड़ अपनी ऊंचाई, बर्फ से ढकी चोटियों या प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया का उलुरु (Uluru) एक ऐसी प्राकृतिक धरोहर है, जो दिनभर बदलती रंगत के कारण दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। सुबह की पहली किरणों में यह हल्का गुलाबी दिखाई देता है, दोपहर में चमकीला नारंगी और शाम ढलते-ढलते इसका रंग गहरा लाल और बैंगनी आभा लिए नजर आने लगता है। ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी में स्थित यह विशाल बलुआ पत्थर (Sandstone) का पर्वत अपनी अनोखी रंग बदलने वाली विशेषता के कारण विश्व प्रसिद्ध है। हालांकि, चट्टान का वास्तविक रंग नहीं बदलता, बल्कि सूर्य की बदलती रोशनी और इसके खनिजों की संरचना के कारण ऐसा दृश्य दिखाई देता है। क्यों बदलता है उलुरु का रंग? विशेषज्ञों के अनुसार, उलुरु में मौजूद आयरन (लौह) युक्त खनिज समय के साथ ऑक्सीकरण (Oxidation) की प्रक्रिया से लाल रंग के हो गए हैं। सूरज की किरणें अलग-अलग कोणों से पड़ने पर यह चट्टान अलग-अलग रंगों का भ्रम पैदा करती है। दिनभर में इसकी रंगत कुछ इस तरह नजर आती है— सूर्योदय के समय हल्का गुलाबी सुबह सुनहरा नारंगी दोपहर में गहरा जंग जैसा लाल सूर्यास्त के समय लाल, बैंगनी और मैरून रंग आस्था से भी जुड़ा है यह पर्वत उलुरु केवल प्राकृतिक अजूबा ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी अनांगु (Anangu) समुदाय के लिए बेहद पवित्र स्थल भी माना जाता है। हजारों वर्षों से यह स्थान उनकी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। भारत में कौन-सा पर्वत बदलता है रंग? अगर भारत की बात करें, तो कंचनजंगा पर्वत (सिक्किम) भी सूरज की रोशनी के साथ अपनी रंगत बदलता हुआ दिखाई देता है। सूर्योदय के समय इसकी बर्फीली चोटियां सुनहरी और गुलाबी आभा से चमक उठती हैं, जबकि सूर्यास्त के समय नारंगी और हल्के लाल रंग का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। इसी वजह से इसे देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। घूमने का सबसे अच्छा समय उलुरु (ऑस्ट्रेलिया): मई से सितंबर के बीच मौसम सबसे सुहावना रहता है और सूर्योदय व सूर्यास्त के समय रंग बदलने का नजारा सबसे खूबसूरत दिखाई देता है। कंचनजंगा (सिक्किम, भारत): अक्टूबर से दिसंबर और मार्च से मई का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इन महीनों में आसमान साफ रहता है और पर्वत की बदलती रंगत स्पष्ट दिखाई देती है। ध्यान दें: पर्वतों की रंगत में बदलाव मुख्य रूप से सूर्य की रोशनी, मौसम और वातावरण की स्थिति पर निर्भर करता है। यह एक प्राकृतिक प्रकाशीय प्रभाव (Optical Effect) है।  

anmol जुलाई 15, 2026 0
Narendra MODI
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशों की सफल यात्रा पूरी की, भारत लौटे; रक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक सहयोग को मिली नई मजबूती

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी छह दिवसीय तीन देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। इस दौरे के दौरान भारत ने रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की लगभग 40 वर्षों बाद न्यूजीलैंड की पहली द्विपक्षीय यात्रा भी रही।   तीनों देशों के साथ रणनीतिक रिश्ते हुए मजबूत   इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर अहम सहमति बनी। दोनों देशों ने भारत में विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की खरीद से जुड़े रक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाया।   ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीज़ के साथ वार्ता कर रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बैठक में मुक्त व्यापार, कृषि, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।   इंडो-पैसिफिक पर रहा खास फोकस   पूरे दौरे के दौरान भारत ने एक्ट ईस्ट नीति, महासागर (MAHASAGAR) विज़न और मुक्त एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा से भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Big Bash League
भारत में गूंजेगा बिग बैश का रोमांच, मेलबर्न से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली/मेलबर्न, एजेंसियां। भारत और ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) से संबोधित करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित टी-20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग (BBL) के शुरुआती मुकाबले पहली बार भारत में आयोजित किए जाएंगे। यह क्रिकेट इतिहास का एक अनूठा अवसर होगा, जब किसी प्रमुख विदेशी फ्रेंचाइजी लीग के आधिकारिक मैच भारतीय मैदानों पर खेले जाएंगे।   प्रधानमंत्री मोदी ने बताया प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दिसंबर में चेन्नई में आयोजित होने वाले 'जी-डे नमस्ते' समारोह के दौरान बिग बैश लीग के शुरुआती मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा। इस फैसले से भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को अपने देश में बिग बैश का रोमांच देखने का अवसर मिलेगा, जबकि ऑस्ट्रेलियाई लीग को दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।   मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने इस अवसर पर इंडिया-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप का भी शुभारंभ किया। इस रोडमैप का उद्देश्य दोनों देशों के बीच खेलों में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करना है।   नई साझेदारी के तहत  नई साझेदारी के तहत खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, कोचिंग, खेल अनुसंधान और आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों के खिलाड़ी और विशेषज्ञ अनुभव साझा करेंगे, जिससे खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकेंगे।   विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिग बैश लीग के मुकाबलों का आयोजन क्रिकेट के वैश्विक विस्तार की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे न केवल भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल संबंध और मजबूत होंगे, बल्कि भारतीय दर्शकों को विश्वस्तरीय फ्रेंचाइजी क्रिकेट का नया अनुभव भी मिलेगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह घोषणा किसी बड़े उत्सव से कम नहीं मानी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Aarav Murder Case
41 दिन में इंसाफ: डेढ़ साल के मासूम आरव के हत्यारे को मिली फांसी की सजा

फिरोजाबाद, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने महज 41 दिनों के भीतर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने इस जघन्य अपराध को "दुर्लभ से दुर्लभतम" श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया।   क्या है मामला? यह घटना 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी। आरोप के अनुसार, रिश्ते का चाचा विराज एकतरफा प्रेम के कारण बच्चे की मां पर शादी का दबाव बना रहा था। महिला द्वारा इंकार किए जाने और बच्चे का हवाला देने से नाराज होकर उसने डेढ़ वर्षीय आरव को जमीन पर कई बार पटककर उसकी हत्या कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।   पुलिस ने घटना के छह घंटे के भीतर आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मात्र छह दिनों में 13 गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। अदालत ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित सुनवाई की और गुरुवार को आरोपी को दोषी करार देने के बाद शुक्रवार को सजा सुनाई।   जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अपराध की क्रूरता को देखते हुए माना कि इस मामले में मृत्युदंड से कम कोई अन्य सजा न्यायोचित नहीं होगी।   फैसला आने के बाद आरव की मां ने  क्या कहा? फैसला आने के बाद आरव की मां रति ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि बेटे के हत्यारे को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि अब उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। वहीं प्रशासन ने भी इस मामले में त्वरित जांच और सुनवाई को न्याय व्यवस्था की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
Congress leaders address a press conference in Mumbai criticizing the Maharashtra government's move to form a committee for drafting a Uniform Civil Code (UCC).
सीएम फडणवीस पर कांग्रेस का हमला, UCC की जगह पुल, सड़क और बाढ़ जैसे मुद्दों पर मांगा जवाब

मुंबई: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सात सदस्यीय समिति गठित किए जाने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नए राजनीतिक एजेंडे ला रही है। UCC को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि महाराष्ट्र में पुल गिरने, खराब सड़कों, बाढ़ और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दे लोगों को प्रभावित कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय UCC जैसे विषयों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के असली सवालों से बचने की कोशिश कर रही है। विधानसभा में भाषा को लेकर भी साधा निशाना सुप्रिया श्रीनेत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर विधानसभा में विपक्ष के नेताओं के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवालों का जवाब तथ्यों और तर्कों से दिया जाना चाहिए, न कि अपमानजनक टिप्पणियों से। कांग्रेस ने मांग की कि यदि मुख्यमंत्री ने अनुचित भाषा का प्रयोग किया है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। पुल और सड़कों की स्थिति पर उठाए सवाल कांग्रेस ने राज्य में लगातार सामने आ रहे पुल गिरने और खराब सड़कों से जुड़े मामलों का भी मुद्दा उठाया। पार्टी का कहना है कि सरकार को बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर प्राथमिकता देनी चाहिए। रायगढ़ में बाढ़ और सिलेंडर बहने का मामला भी उठाया कांग्रेस ने रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान रसोई गैस सिलेंडरों के बह जाने की घटना का भी उल्लेख किया। पार्टी ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि सरकार आपदा प्रबंधन और राहत व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही है। सरकार पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप  कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार विकास, महंगाई, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय नए राजनीतिक विवाद खड़े कर रही है। पार्टी ने कहा कि जनता अब राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान चाहती है। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

Deepshikha जुलाई 10, 2026 0
BBL
पहली बार भारत में होगा बिग बैश लीग का उद्घाटन मुकाबला, दिसंबर 2026 में चेन्नई बनेगा इतिहास का गवाह

चेन्नई, एजेंसियां। ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित बिग बैश लीग (BBL) के इतिहास में पहली बार उद्घाटन मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से बाहर आयोजित किया जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने घोषणा की है कि दिसंबर 2026 में बीबीएल के नए सीजन का पहला मैच चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा। इस फैसले को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते क्रिकेट सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।   पहली बार ऑस्ट्रेलिया से बाहर होगा BBL का उद्घाटन मैच   अब तक बिग बैश लीग के सभी मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में ही खेले जाते रहे हैं। लेकिन इस बार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने लीग के वैश्विक विस्तार की रणनीति के तहत उद्घाटन मैच भारत में कराने का फैसला लिया है। इससे भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को पहली बार अपने देश में BBL का रोमांच देखने का अवसर मिलेगा।   चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में होगा मुकाबला   उद्घाटन मैच के लिए चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम को चुना गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, भारत में बिग बैश की लोकप्रियता और चेन्नई के समृद्ध क्रिकेट इतिहास को देखते हुए इस शहर का चयन किया गया है। मैच के लिए बीसीसीआई और स्थानीय क्रिकेट संघ के साथ तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।   भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संबंधों को मिलेगा नया आयाम   क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करेगा। भारतीय दर्शकों के बीच बिग बैश लीग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और भारत में मैच आयोजित होने से लीग को नया वैश्विक दर्शक वर्ग मिलने की उम्मीद है।   दुनिया भर के स्टार खिलाड़ी आएंगे नजर   उद्घाटन मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय स्टार खिलाड़ी मैदान पर उतर सकते हैं। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को विश्व स्तरीय टी20 खिलाड़ियों का खेल करीब से देखने का मौका मिलेगा, जिससे इस मैच को लेकर उत्साह काफी बढ़ गया है।   क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वैश्विक रणनीति का हिस्सा   क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि लीग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। यदि भारत में यह आयोजन सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य देशों में भी बिग बैश लीग के मुकाबले आयोजित किए जा सकते हैं।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Ranveer Singh
300 करोड़ के बजट में बनेगी रणवीर सिंह की 'प्रलय', ऑस्ट्रेलिया में होगी शूटिंग

मुंबई, एजेंसियां। 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की सफलता के बाद अभिनेता रणवीर सिंह अब अपनी अगली मेगा-बजट फिल्म 'प्रलय' को लेकर सुर्खियों में हैं। बॉलीवुड में जॉम्बी एपोकैलिप्स पर आधारित इस महत्वाकांक्षी फिल्म को रणवीर के करियर की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट करीब 300 करोड़ रुपये रखा गया है और इसकी शूटिंग इस साल सितंबर से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो सकती है।   ऑस्ट्रेलिया में शुरू होगी शूटिंग रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक जय मेहता की इस फिल्म की शूटिंग ऑस्ट्रेलिया में होगी, जहां प्री-प्रोडक्शन का काम पहले ही शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह ने भी फिल्म की तैयारी शुरू कर दी है और वह 2026 की दूसरी छमाही में शूटिंग का हिस्सा बनेंगे। मेकर्स बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय लोकेशन और हाई-एंड तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं।   VFX और स्पेशल इफेक्ट्स होंगे सबसे बड़ी ताकत 'प्रलय' की सबसे बड़ी खासियत इसके विजुअल इफेक्ट्स होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में एडवांस VFX, स्पेशल इफेक्ट्स और बड़े स्तर की विजुअल डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्देशक जय मेहता और उनकी टीम स्क्रीनप्ले, विजुअल डिटेलिंग और संभावित जॉम्बी यूनिवर्स को विकसित करने पर लगातार काम कर रही है। बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह भी फिल्म के क्रिएटिव डेवलपमेंट में सक्रिय रूप से शामिल हैं।   क्या होगी फिल्म की कहानी? 'प्रलय' की कहानी एक ऐसे जॉम्बी एपोकैलिप्स पर आधारित होगी, जहां पूरी दुनिया विनाश के कगार पर पहुंच जाती है। फिल्म का केंद्र एक ऐसा कपल होगा, जो इस भयावह संकट के बीच अपने अस्तित्व और इंसानियत को बचाने के लिए हर चुनौती का सामना करता है। यदि यह फिल्म सफल रहती है, तो मेकर्स इसे एक बड़े जॉम्बी यूनिवर्स में भी बदल सकते हैं।   रणवीर की अपकमिंग फिल्मों पर भी नजर 'प्रलय' के अलावा रणवीर सिंह अपनी सुपरहिट फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' की सफलता का आनंद ले रहे हैं। साथ ही उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' भी चर्चा में बनी हुई है। ऐसे में 'प्रलय' रणवीर के करियर की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है, जिस पर दर्शकों की नजरें टिकी हैं।

abhishek singh जून 30, 2026 0
IND VS AUS
महिला टी20 विश्व कप: आज ऑस्ट्रेलिया से 'करो या मरो' मुकाबले में उतरेगा भारत, सेमीफाइनल की उम्मीदें दांव पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना छह बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए लगभग 'करो या मरो' जैसा है, क्योंकि इस मैच का नतीजा सेमीफाइनल की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।   भारतीय टीम ने अब तक अपने चार में से तीन मुकाबले जीतकर मजबूत स्थिति बनाई है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत उसे बिना किसी समीकरण के सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा देगी। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया अपने चारों लीग मैच जीतकर पहले ही शानदार लय में है।   भारत के सामने बड़ी चुनौती   कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम को बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उपकप्तान स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, रिचा घोष और दीप्ति शर्मा से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, जबकि गेंदबाजी में रेणुका सिंह और स्पिन आक्रमण पर अहम जिम्मेदारी होगी।   लॉर्ड्स की पिच और मौसम   लॉर्ड्स की पिच पर तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिलने की संभावना है। यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है, इसलिए इस मैच में टॉस भी अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बहुत कम है।   सेमीफाइनल का समीकरण   भारत की जीत उसे सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा देगी। हार की स्थिति में टीम की उम्मीदें अन्य मुकाबलों के परिणाम और नेट रन रेट पर निर्भर हो सकती हैं। ऐसे में आज का मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे महत्वपूर्ण मैच माना जा रहा है।

abhishek singh जून 28, 2026 0
ICC Women's T20 World Cup
महिला टी20 वर्ल्ड कप: साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया पर बढ़ा दबाव, सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लगातार दो जीत के साथ शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को तीसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने न सिर्फ भारत की जीत की लय तोड़ी, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ को भी बेहद रोमांचक बना दिया है। अब भारतीय टीम के लिए आगे का हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है।   ग्रुप-ए में कांटे की टक्कर भारत ने अपने पहले दो मुकाबलों में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराकर चार अंक जुटाए थे। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ चार अंकों पर दूसरे स्थान पर है। ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया तीन मैचों में तीन जीत के साथ छह अंकों पर शीर्ष पर बना हुआ है। वहीं दक्षिण अफ्रीका भी चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, लेकिन उसका नेट रन रेट भारत से कम है। बांग्लादेश भी दो जीत और एक हार के साथ चार अंक लेकर चौथे स्थान पर मौजूद है, जबकि पाकिस्तान और नीदरलैंड्स सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुके हैं।   भारत के लिए क्या हैं सेमीफाइनल के समीकरण? भारतीय टीम को अब अपने बाकी दो मुकाबले ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ खेलने हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूत बनाए रखने के लिए भारत को दोनों मैच जीतना बेहद जरूरी होगा। यदि भारत दोनों मुकाबले जीतता है तो अंतिम चार में जगह लगभग सुनिश्चित हो सकती है। अगर भारत, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश में से प्रत्येक टीम एक-एक मैच जीतती और एक-एक हारती है, तो फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। ऐसे में भारत के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी अहम होगी।   ऑस्ट्रेलिया पर भी रहेगा दबाव हालांकि ऑस्ट्रेलिया फिलहाल शीर्ष पर है, लेकिन यदि वह अपने शेष दोनों मैच हार जाता है तो ग्रुप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। ऐसे में ग्रुप-ए में सेमीफाइनल की जंग आखिरी लीग मुकाबलों तक रोमांचक बनी रहने की उम्मीद है।

abhishek singh जून 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
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भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0