बंगाल की खाड़ी

West Bengal Weather
पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ताजा मौसम पूर्वानुमान में पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में 13 अगस्त तक भारी बारिश का जोखिम बताया गया है।   तटीय इलाकों में तेज हवाओं का खतरा   कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। समुद्र में तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने से बचना सुरक्षित रहेगा।   दक्षिण बंगाल के इन जिलों में भारी बारिश   बारिश का सबसे ज्यादा असर दक्षिण बंगाल के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कोलकाता, झारग्राम, उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और बांकुड़ा में भी भारी बारिश हो सकती है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।   उत्तर बंगाल में भी बढ़ेगी बारिश   दक्षिण बंगाल के साथ-साथ उत्तर बंगाल के पहाड़ी और आसपास के जिलों में भी बारिश बढ़ने का अनुमान है। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी बारिश की संभावना है।   कोलकाता में भी बारिश का असर   कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण कोलकाता तथा आसपास के दक्षिण बंगाल के इलाकों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।   क्यों बढ़ेगी बारिश?   बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी पश्चिम बंगाल की ओर आने के कारण बादल बनने और बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। कम दबाव का क्षेत्र मानसूनी हवाओं को और सक्रिय कर सकता है, जिससे कई इलाकों में बारिश का दौर बढ़ सकता है।   प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत   भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। बिजली चमकने और गरज के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।   मछुआरों के लिए खास चेतावनी: समुद्र में मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और चेतावनी जारी होने पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

abhishek singh अगस्त 8, 2026 0
Heavy Rain
देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, महाराष्ट्र-गुजरात-UP समेत कई राज्यों में चेतावनी

नई दिल्ली, एजेंसियां। मानसून के सक्रिय होने के कारण देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।   महाराष्ट्र और गुजरात में तेज बारिश का अनुमान   महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुंबई समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गुजरात में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।   उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में अलर्ट   उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। बारिश के कारण नदियों के जलस्तर बढ़ने, सड़कों पर जलभराव और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।   पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा   उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।   बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधि   मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम और सक्रिय मानसून के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ी है। इसके प्रभाव से पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।   प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील   भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है, जिससे कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 28, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में 28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों में IMD की चेतावनी

रांची। झारखंड में सक्रिय मानसून के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।   प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की   मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों में नहीं रुकने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।   कृषि और जनजीवन पर पड़ सकता है असर   लगातार बारिश का असर खेती-किसानी के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के जनजीवन पर भी पड़ सकता है। कई स्थानों पर जलजमाव और सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत 10 जिलों के लिए येलो चेतावनी जारी

रांची। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब झारखंड में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से 18 जुलाई के लिए रांची सहित 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।   इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका है। वहीं 18 जुलाई को रांची, लातेहार, चतरा, गुमला, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और लोहरदगा में तेज बारिश के साथ वज्रपात हो सकता है। विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।   वज्रपात से दो लोगों की मौत गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 42 मिमी वर्षा सिमडेगा में रिकॉर्ड की गई, जबकि मेदिनीनगर, जमशेदपुर, रामगढ़ और लोहरदगा में भी बारिश हुई। इसी दौरान लातेहार जिले में वज्रपात की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जिससे मौसम विभाग की चेतावनी की गंभीरता और बढ़ गई है।   20 जुलाई तक मौसम रहेगा सक्रिय मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि 20 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे तथा गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 16 जुलाई तक राज्य में सामान्य 348.9 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 207.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। ऐसे में आगामी दिनों की बारिश कृषि और जल संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Jharkhand Weather
चक्रवाती हवाओं का तांडव! झारखंड से लेकर बंगाल तक मानसून का खौफ, IMD ने जारी किया अलर्ट

कोलकाता, एजेंसियां। झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े कम दबाव के क्षेत्र और उससे बनी चक्रवाती परिसंचरण के असर से दोनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।   झारखंड से बंगाल तक मौसम का बदला मिजाज   मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।   इन इलाकों में ज्यादा असर की आशंका   पश्चिम बंगाल के उत्तरी और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं झारखंड के कई जिलों में भी तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की चेतावनी दी गई है। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   संभावित भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों के जलस्तर, शहरी जलभराव और बिजली आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की सक्रिय स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
IMD Jharkhand Rain Alert
झारखंड में आज से दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

रांची। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रांची सहित लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में तेज बारिश के आसार   मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और सक्रिय मानसून के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में सिमडेगा में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा।   प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी   भारी बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने, नदी-नालों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने और खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।   अगले सप्ताह तक जारी रह सकती है बारिश   IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, झारखंड में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 6 से 8 जुलाई के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Bihar Weather
बिहार में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से अगले 48 घंटे भारी बारिश के आसार, कई जिलों के लिए अलर्ट जारी

पटना, एजेंसियां। बिहार में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।   इन जिलों में भारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और आसपास के जिलों में शनिवार और रविवार के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और तेज हवा चलने की भी आशंका जताई गई है।   गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, प्रशासन ने जारी की सलाह   लगातार उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती का कार्य करने की अपील की गई है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Pakistan Navy's newly inducted PNS Hangor submarine arrives in Karachi amid discussions over Bay of Bengal deployment.
55 साल बाद बंगाल की खाड़ी में दिख सकती है पाकिस्तान की सबमरीन, PNS हैंगोर से बढ़ी भारत की सामरिक चिंता

  पाकिस्तान की नई हैंगोर क्लास पनडुब्बी (PNS Hangor) एक बार फिर बंगाल की खाड़ी को लेकर चर्चा में है। पाकिस्तान नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के हालिया बयानों ने संकेत दिए हैं कि इस पनडुब्बी का इस्तेमाल केवल अरब सागर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में बंगाल की खाड़ी में भी पाकिस्तान अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करेगा। चीन में निर्मित पाकिस्तान की पहली हैंगोर क्लास पनडुब्बी पिछले सप्ताह कराची पहुंची। इसके बाद पाकिस्तान नौसेना के अधिकारियों ने इसे ‘गेम चेंजर’ करार दिया और कहा कि इस नई क्षमता से पाकिस्तान दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों, विशेषकर बंगाल की खाड़ी, में भी अपनी मौजूदगी बनाए रखने में सक्षम होगा। श्रीलंका में पाकिस्तानी अधिकारी ने क्या कहा? कोलंबो स्थित समाचार पोर्टल ‘द मॉर्निंग’ के अनुसार, पनडुब्बी के एस्कॉर्ट बेड़े का नेतृत्व कर रहे पाकिस्तानी कमोडोर उमर फारूक ने कहा कि हैंगोर क्लास पनडुब्बियों के शामिल होने से पाकिस्तान बंगाल की खाड़ी में भी अपनी उपस्थिति बनाए रखने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान कुल आठ हैंगोर क्लास पनडुब्बियों को अपने बेड़े में शामिल करने की योजना पर काम कर रहा है। बंगाल की खाड़ी क्यों है रणनीतिक रूप से अहम? 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद से बंगाल की खाड़ी में पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियां लगभग नगण्य रही हैं। दूसरी ओर यह क्षेत्र भारत की समुद्री रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र है। भारतीय नौसेना की पूर्वी कमान का मुख्यालय विशाखापट्टनम में स्थित है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत को इस क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त प्रदान करते हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और इंडो-पैसिफिक रणनीति का बड़ा हिस्सा भी इसी समुद्री क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। क्या है PNS हैंगोर का इतिहास? ‘हैंगोर’ नाम भारतीय नौसैनिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तानी पनडुब्बी पीएनएस हैंगोर ने भारतीय युद्धपोत आईएनएस खुकरी को निशाना बनाकर डुबो दिया था। इस हमले में 176 भारतीय नौसैनिक शहीद हुए थे, जिनमें कप्तान महेंद्र नाथ मुल्ला भी शामिल थे, जिन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इस घटना के बावजूद पाकिस्तान 1971 का युद्ध हार गया और बांग्लादेश का जन्म हुआ। अब पाकिस्तान ने अपनी नई पनडुब्बी परियोजना के लिए फिर से ‘हैंगोर’ नाम चुना है। क्या है हैंगोर क्लास पनडुब्बियों की खासियत? हैंगोर क्लास पनडुब्बियां पाकिस्तान की सबसे बड़ी नौसैनिक आधुनिकीकरण परियोजना का हिस्सा हैं। इनमें एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक होने की बात कही जाती है, जिससे ये पनडुब्बियां लंबे समय तक पानी के भीतर रह सकती हैं और उन्हें बार-बार सतह पर आकर बैटरी चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। इस तकनीक के कारण इन पनडुब्बियों को ट्रैक करना और उनकी गतिविधियों का पता लगाना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है। बांग्लादेश से बढ़ती नजदीकियां भी बढ़ा रहीं चिंता 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के संबंधों में तेजी से सुधार देखने को मिला है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुई हैं, व्यापार में वृद्धि हुई है और रक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत तेज हुई है। नवंबर 2025 में पाकिस्तानी युद्धपोत पीएनएस सैफ की चट्टोग्राम यात्रा 1971 के बाद पहली ऐसी घटना थी, जब कोई पाकिस्तानी युद्धपोत बांग्लादेश पहुंचा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, खुफिया साझेदारी और संयुक्त सैन्य अभ्यासों को संस्थागत रूप देने पर भी चर्चा चल रही है। अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि बांग्लादेश पाकिस्तान को अपने बंदरगाहों या सैन्य सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति देगा। भारत की चिंता कितनी बढ़ी? विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की नई पनडुब्बियां तत्काल तौर पर बंगाल की खाड़ी में शक्ति संतुलन बदलने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन वे भारत के लिए एक अतिरिक्त सामरिक चुनौती जरूर पैदा कर सकती हैं। भारतीय नौसेना पिछले पांच दशकों में काफी मजबूत हुई है। भारत के पास परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बियां, दो विमानवाहक पोत और लंबी दूरी की समुद्री निगरानी क्षमताएं मौजूद हैं। भारत अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है। इसके बावजूद पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक क्षमताएं और बांग्लादेश के साथ उसकी बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए एक नए रणनीतिक समीकरण को जन्म दे सकती हैं। इसी वजह से भारत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास अपनी समुद्री और निगरानी क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।  

Deepshikha जून 18, 2026 0
Jharkhand Weather update
झारखंड के कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जानिए किन-किन जगहों पर पड़ेगा असर

रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है।   इन जिलों में तेज असर की चेतावनी राज्य के रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में 60–70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है।   इन जिलों में भी अलर्ट इसके अलावा खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात हो सकता है।   तापमान में बदलाव मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में तापमान 3–4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी।   किसानों को सतर्क रहने की सलाह ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे फसलों को नुकसान हो सकता है।   22 मार्च से मिलेगी राहत लगातार खराब मौसम के बीच राहत की खबर यह है कि 22 मार्च से मौसम साफ होने की संभावना है और इसके बाद तापमान सामान्य होने लगेगा।   पिछले 24 घंटे का हाल नावाडीह में सबसे ज्यादा 43 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 37.8°C और लातेहार में न्यूनतम तापमान 17.6°C रहा। तेज बारिश और वज्रपात के खतरे को देखते हुए लोगों से घर में सुरक्षित रहने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

Unknown मार्च 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0