युवराज सिंह

Arjun Kapoor Sahiba Bali
लॉर्ड्स में साथ दिखे अर्जुन कपूर और साहिबा बाली, डेटिंग की अफवाहों ने पकड़ा जोर

लंदन, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर और अभिनेत्री-इन्फ्लुएंसर साहिबा बाली इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे वनडे मुकाबले के दौरान दोनों को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में एक साथ मैच का आनंद लेते देखा गया। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों के रिश्ते को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया।   युवराज सिंह के साथ भी आए नजर   मैच के दौरान अर्जुन कपूर और साहिबा बाली पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के साथ भी दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में तीनों मैच का लुत्फ उठाते नजर आए। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा अर्जुन और साहिबा की साथ मौजूदगी को लेकर हुई।    सोशल मीडिया पर शुरू हुई डेटिंग की चर्चाएं   तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दोनों के रिश्ते को लेकर कयास लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने इसे सिर्फ दोस्ती बताया, जबकि कई यूजर्स ने दोनों के बीच डेटिंग की संभावना जताई। देखते ही देखते यह चर्चा सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी।    अभी तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान   डेटिंग की खबरों के बीच अर्जुन कपूर और साहिबा बाली, दोनों में से किसी ने भी इन अफवाहों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में फिलहाल इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं हुई है।    फैंस की नजरें दोनों पर टिकीं   लॉर्ड्स से वायरल हुई तस्वीरों के बाद अर्जुन कपूर और साहिबा बाली एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। अब फैंस दोनों की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Yuvraj Singh speaks about Rohit Sharma and Virat Kohli, emphasizing the importance of experience and youth in Team India.
युवराज सिंह ने रोहित-विराट के अनुभव को बताया टीम इंडिया की ताकत, चयनकर्ताओं को दी स्पष्ट रणनीति अपनाने की सलाह

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर और 2011 विश्व कप विजेता युवराज सिंह ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच टीम मैनेजमेंट को अहम सलाह दी है। युवराज का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए केवल युवा खिलाड़ियों पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं होगी। उनका मानना है कि टीम में युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान युवराज ने कहा कि यदि टीम का लक्ष्य आगामी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट हैं, तो वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर समय रहते स्पष्ट फैसला लेना चाहिए। रोहित और विराट के योगदान को बताया बेमिसाल युवराज सिंह ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिताए और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टीम प्रबंधन को उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि खिलाड़ी भी अपनी योजनाएं उसी अनुसार बना सकें। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन जरूरी युवराज के मुताबिक, किसी भी सफल टीम की पहचान उसका संतुलन होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ युवा खिलाड़ियों के भरोसे बड़े टूर्नामेंट नहीं जीते जा सकते और केवल अनुभवी खिलाड़ियों से भी टीम नहीं बनती। उन्होंने सलाह दी कि यदि टीम को विश्व कप जीतने की तैयारी करनी है, तो खिलाड़ियों को पहले से भरोसा और स्पष्ट भूमिका दी जानी चाहिए। इससे टीम का माहौल बेहतर रहता है और खिलाड़ी बिना किसी अनिश्चितता के प्रदर्शन कर पाते हैं। रोहित शर्मा के भविष्य पर लगातार हो रही चर्चा हाल के दिनों में रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्हें भविष्य की वनडे योजनाओं का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, इस संबंध में भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रोहित की फिटनेस और फॉर्म को लेकर भी चर्चा होती रही है। वहीं, वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपे जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। अपने करियर का अनुभव भी किया साझा युवराज सिंह ने कहा कि वह खुद भी अपने करियर में ऐसे दौर से गुजर चुके हैं। 2017 में उन्हें वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था और 2019 विश्व कप टीम में भी जगह नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उम्र को लेकर मीडिया और बाहरी चर्चाएं हमेशा होती रहेंगी, लेकिन टीम प्रबंधन को अपने फैसलों और योजनाओं को लेकर स्पष्ट रहना चाहिए। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं रोहित रोहित शर्मा ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद उन्होंने इस प्रारूप को अलविदा कह दिया। हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी कर अपनी फिटनेस और खेल के प्रति प्रतिबद्धता भी दिखाई थी। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों में रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका क्या होगी और टीम प्रबंधन इस पर क्या फैसला लेता है।  

surbhi जुलाई 20, 2026 0
Yuvraj Singh, Vaibhav Suryavanshi, Abhishek Sharma
युवराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को दिया नया नाम, बोले- 'मैं टर्मिनेटर, अभिषेक टर्मिनेटर-4 और वैभव टर्मिनेटर-6'

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वैभव की आक्रामक बल्लेबाज़ी से प्रभावित होकर उन्हें नया नाम "टर्मिनेटर-6" दिया। युवराज ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अब निडर बल्लेबाज़ों की नई पीढ़ी तैयार हो चुकी है और वैभव उनमें सबसे खास खिलाड़ियों में से एक हैं।   'मैं टर्मिनेटर, अभिषेक टर्मिनेटर-4 और वैभव टर्मिनेटर-6'   युवराज सिंह ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, "मैं टर्मिनेटर हूं, अभिषेक शर्मा टर्मिनेटर-4 हैं और वैभव सूर्यवंशी टर्मिनेटर-6 हैं।" उन्होंने कहा कि आज के युवा बल्लेबाज़ पहले से कहीं अधिक आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं तथा किसी भी गेंदबाज़ के खिलाफ खुलकर खेलने से नहीं डरते।   वैभव के उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी   युवराज ने वैभव सूर्यवंशी को "भविष्य का बड़ा खिलाड़ी" बताते हुए कहा कि वह बेहद गंभीर, मेहनती और सीखने के इच्छुक क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वैभव भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। युवराज ने यह भी संकेत दिया कि अगर मौका मिला तो वह वैभव का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार हैं।   युवा खिलाड़ियों की निडर सोच की सराहना   पूर्व भारतीय स्टार ने कहा कि मौजूदा दौर के बल्लेबाज़ टी20 क्रिकेट की वजह से शुरुआत से ही आक्रामक खेलने के आदी हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि यही निडर रवैया भारतीय क्रिकेट को भविष्य में और मजबूत बनाएगा।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Prabhsimran Singh
टीम इंडिया में चयन के बाद प्रभसिमरन सिंह ने सबसे पहले किसे किया फोन? युवराज सिंह से हुई लंबी बातचीत

नई दिल्ली, एजेंसियां। जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय T20 टीम में पहली बार जगह मिलने के बाद युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि के बाद सबसे पहले अपने खास मार्गदर्शक और पूर्व भारतीय दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह को फोन किया। प्रभसिमरन ने बताया कि उन्होंने युवराज सिंह से लंबी बातचीत की और उनसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभव को लेकर सलाह ली।   युवराज सिंह ने दी खास सलाह   प्रभसिमरन सिंह ने कहा कि युवराज सिंह ने उन्हें बड़े मंच पर मानसिक रूप से मजबूत रहने और गेंदबाजों से एक कदम आगे सोचने की सलाह दी। युवराज हमेशा उन्हें खेल को बेहतर तरीके से समझने और अपनी बल्लेबाजी में निरंतर सुधार करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।   IPL प्रदर्शन के बाद मिला टीम इंडिया का बुलावा   प्रभसिमरन सिंह को पंजाब किंग्स के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। IPL में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसके बाद उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय T20 टीम में पहली बार शामिल किया गया।   रिकी पोंटिंग का भी जताया आभार   प्रभसिमरन ने अपने करियर में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और पंजाब किंग्स के कोच रहे रिकी पोंटिंग से मिले मार्गदर्शन को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि पोंटिंग ने उनकी बल्लेबाजी और खेल की समझ को बेहतर बनाने में मदद की।   अब टीम इंडिया के लिए खुद को साबित करने की चुनौती   पहली बार भारतीय टीम में शामिल होने के बाद प्रभसिमरन सिंह के सामने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह पक्की करने की चुनौती होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली T20 क्रिकेट के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Yuvraj Singh Vaibhav Suryavanshi
बड़े खिलाड़ी बन गए वैभव, युवराज को भी पीछे छोड़ा

दांबुला, एजेंसियां। महज 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। दांबुला में खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने केवल 29 गेंदों पर 94 रन ठोककर भारत-ए की 66 रन की शानदार जीत की नींव रखी। उनकी इस यादगार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।   11 गेंदों में फिफ्टी, टूटा युवराज सिंह का रिकॉर्ड इतना ही नहीं वैभव ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज अर्धशतक बन गया। बता दे इससे पहले यह रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम था, जिन्होंने 2007 टी20 विश्व कप में 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। वैभव की फास्टेस्ट फिफ्टी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे और उन्होंने इस दौरान सिर्फ एक डॉट बॉल खेली। वैभव ने अपने पुरे पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाई। हालांकि वह शतक से महज छह रन दूर रह गए, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका-ए की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं।   'मुझ पर कोई दबाव नहीं था' मैच के बाद पुरस्कार समारोह में वैभव ने कहा कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी उन्होंने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती 10 ओवर के लिए बनाई गई रणनीति पर अमल किया और वही उनकी सफलता की कुंजी बनी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे, लेकिन कोचों से बातचीत के बाद उनका आत्मविश्वास लौटा।   हर बड़े मैच में चमक रहे वैभव 2026 में वैभव सूर्यवंशी लगातार बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन, आईपीएल प्लेऑफ में विस्फोटक पारियां और अब ट्राई सीरीज फाइनल में 94 रन की धमाकेदार पारी ने साबित कर दिया है कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। इस प्रदर्शन के बाद जल्द ही भारतीय सीनियर टी20 टीम में उनके डेब्यू की संभावनाएं भी मजबूत हो गई हैं।

abhishek singh जून 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
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भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0