नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज VVS लक्ष्मण को भारतीय क्रिकेट टीम का अगला मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का भविष्य अब अनिश्चित नजर आ रहा है। हालांकि, लक्ष्मण की नियुक्ति को लेकर अभी BCCI की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ाया गया था रिपोर्ट के अनुसार अजीत अगरकर का मूल कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो गया था। इसके बाद BCCI ने उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया। अब बोर्ड उनके आगे के कार्यकाल को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहा है। अगरकर के कार्यकाल और चयन समिति की भूमिका को लेकर चर्चा ऐसे समय तेज हुई है, जब भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चयनकर्ताओं और BCCI के बीच कथित मतभेद की खबरें सामने आई हैं। लक्ष्मण के नाम पर क्यों हो रहा विचार? VVS लक्ष्मण भारतीय क्रिकेट में लंबे अनुभव वाले पूर्व टेस्ट बल्लेबाज हैं और BCCI के Centre of Excellence से भी जुड़े रहे हैं। हाल के समय में वह टीम इंडिया के साथ कोचिंग और मार्गदर्शन की भूमिका में भी नजर आए हैं। उनका घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव उन्हें चयन समिति की जिम्मेदारी के लिए संभावित उम्मीदवार बनाता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि BCCI अंतिम रूप से उन्हें इस पद के लिए चुनेगा या किसी अन्य नाम पर फैसला करेगा। रोहित शर्मा विवाद के बीच बढ़ी हलचल मुख्य चयनकर्ता के पद को लेकर चर्चा के बीच रोहित शर्मा के वनडे भविष्य का मुद्दा भी अहम माना जा रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित को 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं से बाहर करने को लेकर चयनकर्ताओं और BCCI के शीर्ष स्तर के बीच मतभेद सामने आए थे। हालांकि, इस संबंध में BCCI की ओर से लक्ष्मण को नया मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। कैफ के मुताबिक रोहित शर्मा ने खुद संन्यास लेने के बजाय अपने भविष्य का फैसला चयनकर्ताओं पर छोड़ दिया है। कैफ की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब रोहित के 2027 वनडे विश्व कप में खेलने को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। रोहित के भविष्य पर बना हुआ है सस्पेंस रोहित शर्मा अब टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और वनडे में ही सक्रिय हैं। ऐसे में 2027 वनडे विश्व कप तक उनके खेलने को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। मोहम्मद कैफ का मानना है कि रोहित ने खुद संन्यास की घोषणा करने के बजाय चयनकर्ताओं को यह फैसला लेने की स्थिति में रखा है कि उन्हें टीम में बनाए रखना है या नहीं। कैफ ने इस स्थिति को इस तरह समझाया कि रोहित का संदेश लगभग ‘आप फैसला करें, मुझे बाहर करना है तो करें’ जैसा है। 2027 विश्व कप पर भी नजर रोहित शर्मा का वनडे करियर अब सीधे तौर पर 2027 विश्व कप की योजनाओं से जुड़ा हुआ है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की भविष्य की रणनीति में युवा खिलाड़ियों को मौका देने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। कैफ इससे पहले भी रोहित को लेकर अपनी राय रख चुके हैं और उनका मानना रहा है कि अनुभवी बल्लेबाज को लेकर चयनकर्ताओं को स्पष्ट फैसला लेना चाहिए। BCCI की ओर से संन्यास की पुष्टि नहीं महत्वपूर्ण बात यह है कि रोहित शर्मा के ODI संन्यास की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने जुलाई में भी कहा था कि रोहित टीम का हिस्सा हैं और उनके संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं का कोई आधार नहीं है। इसलिए फिलहाल रोहित के वनडे भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आने वाले समय में चयनकर्ताओं का फैसला और टीम प्रबंधन का रुख ही तय करेगा कि रोहित 2027 विश्व कप की भारतीय योजना का हिस्सा होंगे या नहीं।
डैरिल मिचेल को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान पर पहुंचे भारतीय कप्तान दुबई, एजेंसियां। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर आईसीसी पुरुष वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। गिल ने न्यूजीलैंड के डैरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए छह महीने बाद फिर से शीर्ष रैंकिंग अपने नाम की। हालिया शानदार प्रदर्शन का उन्हें सीधा फायदा मिला है। भारत का टॉप-5 में दबदबा ताजा आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में भारत का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। शुभमन गिल पहले स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा भी शीर्ष-5 बल्लेबाजों में शामिल हैं। इससे वनडे क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती एक बार फिर साबित हुई है। लगातार शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी और कप्तानी के दम पर गिल ने रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें फिर से दुनिया का नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बना दिया। भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि शुभमन गिल के नंबर-1 बनने को भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह आने वाले प्रमुख टूर्नामेंटों में भी इसी लय को बरकरार रखेंगे और भारत को बड़ी सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पहली बार रांची में हो रहा एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में उमड़ रहे दर्शक रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पहली बार आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित डूरंड कप (Durand Cup) को लेकर फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में टूर्नामेंट के मुकाबलों को लेकर दर्शकों की भीड़ और फुटबॉल का जुनून देखने को मिल रहा है। रांची को पहली बार मिली मेजबानी 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के तहत रांची को पहली बार मेजबान शहर बनाया गया है। यहां ग्रुप-सी के मुकाबले और एक क्वार्टर फाइनल मैच खेले जा रहे हैं। रांची में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में कई मुकाबलों का आयोजन होना है। उद्घाटन समारोह में दिखी झारखंड की संस्कृति डूरंड कप के रांची आगमन पर भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और सैन्य परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। Jamshedpur FC के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा रोमांच रांची में खेले गए मुकाबले में जमशेदपुर FC ने श्रीलंका की Defenders FC को 5-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। इस मैच में रेनियर फर्नांडिस ने हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मोरहाबादी में फुटबॉल का माहौल टूर्नामेंट को लेकर शहर में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक स्टेडियम पहुंच रहे हैं। दर्शकों के लिए प्रवेश को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खेल प्रेमियों को मैच देखने का मौका मिल रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को लेकर पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम बनानी है तो रोहित शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी को सलामी बल्लेबाज के रूप में तैयार किया जा सकता है। फारुख इंजीनियर ने दी रोहित-वैभव ओपनिंग जोड़ी की सलाह फारुख इंजीनियर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में बड़े स्तर पर मैच जिताने की क्षमता है। उन्होंने भारतीय टीम मैनेजमेंट को सुझाव दिया कि वैभव को वनडे क्रिकेट में जल्द मौका देकर रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग का विकल्प तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर जरूरत पड़े तो शुभमन गिल को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा जा सकता है। फारुख इंजीनियर के अनुसार रोहित और वैभव की जोड़ी आक्रामक शुरुआत देने में सक्षम हो सकती है। कम उम्र में वैभव ने बनाई खास पहचान बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया और आईपीएल में भी अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी वैभव ने प्रभाव छोड़ा है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 मुकाबले में उन्होंने तेज अर्धशतक लगाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रोहित शर्मा के साथ भविष्य की रणनीति पर चर्चा रोहित शर्मा लंबे समय से भारतीय वनडे टीम के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम इंडिया लगातार भविष्य की रणनीति पर काम कर रही है। पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को जोड़ना जरूरी होगा। हालांकि अभी तक भारतीय टीम मैनेजमेंट या चयनकर्ताओं की ओर से वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में ओपनर के रूप में शामिल करने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। वैभव के सामने फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन की चुनौती युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को देखते हुए क्रिकेट जगत में उनकी जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक सफल रहने के लिए फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन बेहद जरूरी होगा। भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ ने भी वैभव के खेल में सुधार के लिए फिटनेस पर ध्यान देने की बात कही है। अगर वैभव लगातार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य पर चल रही बहस के बीच चयनकर्ताओं को अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा कि रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का मूल्यांकन केवल एक या दो मैचों के आधार पर नहीं किया जा सकता। चोपड़ा का मानना है कि यदि दोनों खिलाड़ी फिट हैं, उपलब्ध हैं और लगातार रन बना रहे हैं, तो उन्हें 2027 विश्व कप की योजना का हिस्सा बनाए रखना चाहिए। 'अनुभव की कोई कीमत नहीं होती' आकाश चोपड़ा ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव सबसे बड़ी ताकत होता है। उन्होंने विशेष रूप से रोहित शर्मा को भारत की वनडे टीम के लिए 'इररिप्लेसेबल' (अप्रतिस्थापनीय) बताते हुए कहा कि टीम प्रबंधन को जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। उनके अनुसार, विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में दबाव झेलने का अनुभव युवा खिलाड़ियों से कहीं अधिक अहम साबित होता है। इंग्लैंड सीरीज के बाद बढ़ी अटकलें इंग्लैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि रोहित ने निर्णायक मुकाबले में शानदार शतक लगाकर आलोचकों को जवाब दिया। दूसरी ओर, BCCI की ओर से अभी तक दोनों खिलाड़ियों के 2027 विश्व कप खेलने या नहीं खेलने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। चयनकर्ताओं के सामने संतुलन की चुनौती पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच सही संतुलन बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि रोहित और विराट अपनी फिटनेस और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखते हैं, तो दोनों 2027 विश्व कप में भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की हालिया अटकलों पर बड़ा बयान दिया है। अश्विन ने कहा कि रोहित के भविष्य को लेकर जो खबरें सामने आई थीं, वे केवल अफवाहें नहीं थीं, बल्कि "अंदर ही अंदर कुछ बातें चल रही थीं। बिना आग के धुआं नहीं उठता।" उनका यह बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है। 'यह सिर्फ बाहरी शोर नहीं था' अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर जो चर्चा हुई, उसे केवल "बाहरी शोर" कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि तमिल में एक कहावत है— "बिना आग के धुआं नहीं उठता।" अश्विन के मुताबिक, जरूर कुछ न कुछ अंदरूनी स्तर पर चल रहा था, लेकिन रोहित ने शानदार शतक लगाकर सभी सवालों का जवाब मैदान पर दिया। लॉर्ड्स में शतक से दिया करारा जवाब अश्विन ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा की 138 रन की पारी ने यह साबित कर दिया कि उनमें अभी भी बड़े मंच पर मैच जिताने की क्षमता है। उनके अनुसार, रोहित मानसिक और शारीरिक दोनों चुनौतियों से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने दबाव के बीच बेहतरीन बल्लेबाजी की। 2027 विश्व कप खेलने की क्षमता रखते हैं रोहित अश्विन ने भरोसा जताया कि यदि रोहित फिट रहते हैं और इसी तरह प्रदर्शन करते हैं, तो उनके पास 2027 वनडे विश्व कप खेलने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि रोहित और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को केवल अफवाहों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। BCCI पहले ही कर चुका है अटकलों का खंडन रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर उठी चर्चाओं के बीच बीसीसीआई पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उनके संन्यास को लेकर चल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। खुद रोहित शर्मा ने भी कहा है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए खेलना और टीम की सफलता में योगदान देना है।
लंदन, एजेंसियां। भारत के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने के बाद रोहित ने स्पष्ट कहा कि उनका पूरा ध्यान भारत का प्रतिनिधित्व करने और टीम की सफलता में योगदान देने पर है। "मेरा काम देश के लिए खेलना है" मैच के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनका काम बल्लेबाजी करना और देश के लिए खेलना है। उन्होंने कहा कि बाहरी चर्चाओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और उनका फोकस केवल मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने पर है। लॉर्ड्स में खेली यादगार पारी रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का एक यादगार शतक रहा और लंबे समय बाद उन्होंने तीन अंकों का आंकड़ा छुआ। हालांकि उनकी शानदार पारी के बावजूद भारत मैच और सीरीज जीतने से चूक गया। अटकलों पर लगाया विराम पिछले कुछ दिनों से ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि लॉर्ड्स वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। लेकिन उनके बयान के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। कप्तान शुभमन गिल ने भी कहा कि रोहित ने टीम को संन्यास के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। आलोचनाओं पर भी दिया जवाब रोहित शर्मा ने कहा कि क्रिकेट करियर की शुरुआत से ही उनके बारे में चर्चाएं और आलोचनाएं होती रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अगर कोई शोर नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा।" उन्होंने दोहराया कि उनका लक्ष्य केवल भारतीय टीम की सफलता में योगदान देना है।
लॉर्ड्स, एजेंसियां। इंग्लैंड ने तीसरे और निर्णायक वनडे में भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। हालांकि हार के बावजूद भारतीय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने 138 रनों की शानदार पारी खेलते हुए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए। वह प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर अपना आठवां वनडे शतक जड़कर किसी एक विदेशी देश में सबसे अधिक वनडे शतक लगाने का रिकॉर्ड भी कायम किया। 39 वर्ष 80 दिन की उम्र में शतक लगाकर रोहित भारत के लिए किसी भी प्रारूप में शतक बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। रोहित ने 84 गेंदों में शतक पूरा कर लॉर्ड्स में तीसरा सबसे तेज वनडे शतक लगाने का कारनामा भी किया। रोहित ने विराट कोहली के साथ साझेदारी की रोहित ने विराट कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की साझेदारी की। दोनों ने वनडे क्रिकेट में 21वीं बार 100 या उससे अधिक रन की साझेदारी कर श्रीलंका के कुमार संगकारा और तिल करत्ने दिलशान की 20 शतकीय साझेदारियों का रिकॉर्ड तोड़ा। अब इस सूची में उनसे आगे केवल सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की 26 शतकीय साझेदारियां हैं। मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 387 रन बनाए, जो लॉर्ड्स में वनडे का सर्वोच्च टीम स्कोर है। बेन डकेट ने 141 रन बनाकर लॉर्ड्स में सबसे बड़ा व्यक्तिगत वनडे स्कोर बनाया, जबकि जो रूट ने नाबाद 74 रन की पारी खेली। भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित के शतक के बावजूद 27 रन से पीछे रह गया और सीरीज गंवा बैठा। मैच का एक रोचक पल तब देखने को मिला, जब रोहित शर्मा शार्दूल ठाकुर का बल्ला लेकर बल्लेबाजी करने उतरे, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर और 2011 विश्व कप विजेता युवराज सिंह ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच टीम मैनेजमेंट को अहम सलाह दी है। युवराज का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए केवल युवा खिलाड़ियों पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं होगी। उनका मानना है कि टीम में युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान युवराज ने कहा कि यदि टीम का लक्ष्य आगामी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट हैं, तो वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर समय रहते स्पष्ट फैसला लेना चाहिए। रोहित और विराट के योगदान को बताया बेमिसाल युवराज सिंह ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिताए और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टीम प्रबंधन को उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि खिलाड़ी भी अपनी योजनाएं उसी अनुसार बना सकें। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन जरूरी युवराज के मुताबिक, किसी भी सफल टीम की पहचान उसका संतुलन होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ युवा खिलाड़ियों के भरोसे बड़े टूर्नामेंट नहीं जीते जा सकते और केवल अनुभवी खिलाड़ियों से भी टीम नहीं बनती। उन्होंने सलाह दी कि यदि टीम को विश्व कप जीतने की तैयारी करनी है, तो खिलाड़ियों को पहले से भरोसा और स्पष्ट भूमिका दी जानी चाहिए। इससे टीम का माहौल बेहतर रहता है और खिलाड़ी बिना किसी अनिश्चितता के प्रदर्शन कर पाते हैं। रोहित शर्मा के भविष्य पर लगातार हो रही चर्चा हाल के दिनों में रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्हें भविष्य की वनडे योजनाओं का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, इस संबंध में भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रोहित की फिटनेस और फॉर्म को लेकर भी चर्चा होती रही है। वहीं, वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपे जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। अपने करियर का अनुभव भी किया साझा युवराज सिंह ने कहा कि वह खुद भी अपने करियर में ऐसे दौर से गुजर चुके हैं। 2017 में उन्हें वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था और 2019 विश्व कप टीम में भी जगह नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उम्र को लेकर मीडिया और बाहरी चर्चाएं हमेशा होती रहेंगी, लेकिन टीम प्रबंधन को अपने फैसलों और योजनाओं को लेकर स्पष्ट रहना चाहिए। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं रोहित रोहित शर्मा ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद उन्होंने इस प्रारूप को अलविदा कह दिया। हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी कर अपनी फिटनेस और खेल के प्रति प्रतिबद्धता भी दिखाई थी। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों में रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका क्या होगी और टीम प्रबंधन इस पर क्या फैसला लेता है।
लॉर्ड्स, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे में भले ही भारत को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रोहित शर्मा ने अपनी 110 गेंदों में 138 रन की शानदार पारी से इतिहास रच दिया। उन्होंने 17 चौके और 5 छक्कों की मदद से ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जिनकी क्रिकेट जगत में खूब चर्चा हो रही है। लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय रोहित शर्मा लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज भी इस मैदान पर वनडे शतक नहीं लगा सके थे। विदेशी धरती पर सबसे ज्यादा ODI शतक का रिकॉर्ड इस शतक के साथ रोहित शर्मा ने किसी एक विदेशी देश में सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड में यह उनका सातवां वनडे शतक था, जिससे उन्होंने इस मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया। 34वां वनडे शतक, आलोचकों को दिया जवाब रोहित का यह वनडे करियर का 34वां शतक था। पिछले कुछ समय से उनके भविष्य और फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने दमदार पारी खेलकर आलोचकों को करारा जवाब दिया। शतक के बावजूद नहीं बचा सके टीम इंडिया को रोहित की ऐतिहासिक पारी के बावजूद भारत 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 360/7 तक ही पहुंच सका। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 27 रन से जीतकर 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। रोहित की यादगार पारी हार के कारण जीत में नहीं बदल सकी, लेकिन रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए दर्ज हो गई।
लॉर्ड्स, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला इंग्लैंड ने 27 रन से जीतकर 2-1 से अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में रोहित शर्मा की 138 रन की शानदार पारी और विराट कोहली (74) तथा शुभमन गिल (77) के अर्धशतक भी भारत को जीत नहीं दिला सके। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387/3 का विशाल स्कोर बनाया, जिसके जवाब में भारत 360/7 ही बना सका। डकेट और बेथेल ने रखी जीत की नींव टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत शानदार रही। बेन डकेट ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 141 रन की पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 192 रन जोड़कर भारत के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अंत में जो रूट (नाबाद 74) और जोस बटलर (13 गेंदों में नाबाद 41) ने तेज रन बटोरकर टीम को 387 रन तक पहुंचाया। रोहित का शतक, लेकिन नहीं मिली जीत 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने 147 रन की शानदार शुरुआत दिलाई। रोहित ने 110 गेंदों पर 138 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से भारत लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। सैम करन बने जीत के हीरो इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। उन्होंने मैच के अहम मोड़ पर विराट कोहली, केएल राहुल समेत कई महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को आउट कर भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड ने जीती सीरीज इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। भारत के लिए रोहित शर्मा की यादगार पारी हार के कारण फीकी पड़ गई, जबकि इंग्लैंड ने घरेलू मैदान पर दमदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष रैंकिंग वाली भारतीय टीम के खिलाफ महत्वपूर्ण सीरीज जीत दर्ज की।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की अटकलों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी मैच नहीं होगा और वह आगे भी भारत की वनडे टीम का हिस्सा बने रहेंगे। 'लॉर्ड्स वनडे आखिरी मैच नहीं' हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि इंग्लैंड दौरे के बाद रोहित शर्मा के भविष्य पर फैसला लिया जा सकता है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मुकाबला हो सकता है। इन अटकलों को खारिज करते हुए देवजीत सैकिया ने कहा कि इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोहित भारतीय वनडे टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं और जब तक टीम प्रबंधन की योजना में रहेंगे, देश के लिए खेलते रहेंगे। खराब फॉर्म के बीच बढ़ी थी चर्चा इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में रोहित शर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं। इसी वजह से उनके भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि टीम प्रबंधन और बोर्ड का मानना है कि एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर इतने अनुभवी खिलाड़ी का आकलन नहीं किया जा सकता। 2027 विश्व कप की तैयारियों में रहेंगे शामिल BCCI के बयान से यह भी संकेत मिला है कि रोहित शर्मा अभी भी भारत की 2027 वनडे विश्व कप योजनाओं का हिस्सा हैं। हालांकि चयनकर्ताओं की नजर युवा खिलाड़ियों पर भी है और आने वाले समय में टीम में संतुलन बनाने के लिए रोटेशन नीति अपनाई जा सकती है। तीसरे वनडे पर सबकी नजर अब सभी की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे पर होंगी। इस मुकाबले में रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी, ताकि वह अपने बल्ले से सभी अटकलों का जवाब दे सकें और भारत को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाएं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन और चयन समिति अब 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में यह भी कहा गया है कि रोहित शर्मा अब टीम में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' नहीं रहेंगे और उनके चयन का फैसला प्रदर्शन व भविष्य की योजनाओं के आधार पर होगा। हालांकि, BCCI की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर बन रही रणनीति रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की दिशा में विचार कर रहे हैं। इसी वजह से अनुभवी खिलाड़ियों के चयन पर भी प्रदर्शन और फिटनेस के आधार पर फैसला लेने की बात सामने आई है। लॉर्ड्स वनडे को लेकर भी चर्चा तेज कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी वनडे मुकाबला हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में न तो रोहित शर्मा और न ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि की है। टीम मैनेजमेंट ने जताया भरोसा इन अटकलों के बीच भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि दो मैचों में रन नहीं बनने का मतलब यह नहीं कि रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव है। कोटक ने भरोसा जताया कि रोहित निर्णायक मुकाबले में बड़ी पारी खेल सकते हैं। आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सामने आई सभी बातें मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों पर आधारित हैं। अंतिम फैसला चयन समिति और BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे और उसके बाद होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिकी हुई है।
Japanese Sushi जैसी लेयर्ड स्टफिंग वाली यह Stuffed Idli स्वाद, पोषण और प्रेजेंटेशन का शानदार कॉम्बिनेशन है। कम तेल में स्टीम होकर तैयार होने वाली यह रेसिपी हेल्दी ब्रेकफास्ट, टिफिन और हल्के डिनर के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर आप रोज एक जैसी इडली खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार उसे नया और आकर्षक ट्विस्ट दें। Stuffed Idli की यह रेसिपी अपनी लेयर्ड स्टफिंग और खूबसूरत प्रेजेंटेशन की वजह से जापानी सुशी जैसी दिखती है। हालांकि यह सुशी नहीं है, लेकिन इसकी स्टफिंग और सर्विंग स्टाइल इसे बेहद खास बनाती है। इस रेसिपी में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बन जाती है। स्टीम होने के कारण इसमें तेल भी बहुत कम लगता है, इसलिए यह हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 15 मिनट स्टीम करने का समय: 12–15 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 Stuffed Idli) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम फैट: 6–8 ग्राम आवश्यक सामग्री 2 कप इडली बैटर 1 गाजर (कद्दूकस) ½ कप शिमला मिर्च ¼ कप स्वीट कॉर्न 2 बड़े चम्मच उबले मटर 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर अदरक-हरी मिर्च पेस्ट नमक और काली मिर्च हरा धनिया 1 छोटा चम्मच तेल बनाने की आसान विधि सबसे पहले हल्के तेल में अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सभी सब्जियां 2–3 मिनट तक भून लें। इसमें पनीर, नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। अब इडली मोल्ड में पहले थोड़ा बैटर डालें, फिर स्टफिंग रखें और ऊपर से दोबारा बैटर डाल दें। 12–15 मिनट तक स्टीम करें और गरमागरम परोसें। किसके साथ करें सर्व? नारियल की चटनी मूंगफली की चटनी टमाटर की चटनी सांभर घी और मिलगई पोड़ी कब खाएं? सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन ऑफिस लंच शाम का हेल्दी स्नैक हल्का डिनर क्यों करें ट्राई? सिंपल इडली का नया और आकर्षक ट्विस्ट जापानी सुशी जैसी लेयर्ड प्रेजेंटेशन कम तेल और स्टीम में तैयार प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हेल्दी विकल्प ध्यान दें: यह रेसिपी सुशी नहीं है। "सुशी जैसा" शब्द केवल इसकी लेयर्ड स्टफिंग और आकर्षक प्रेजेंटेशन की तुलना के लिए इस्तेमाल किया गया है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता। 'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।” लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। 2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का आक्रामक अंदाज लंबे समय से टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत रहा है, लेकिन 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे क्रिकेट के पावरप्ले में उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी रोहित सस्ती पारी खेलकर आउट हो गए, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पावरप्ले में कम हुआ असर आंकड़ों के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रोहित शर्मा शुरुआती 10 ओवरों में तेज रन बनाने और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे। लेकिन उसके बाद से पावरप्ले में उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों में गिरावट देखने को मिली है। साथ ही जल्दी विकेट गंवाने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। आंकड़े दे रहे गवाही आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2023 से लेकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान रोहित शर्मा 36 पारियों में 935 गेंदों का सामना कर 1146 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 67.41 का था और पावरप्ले में उनका स्ट्राइक रेट 122.57 का आसमान छू रहा था, जहां वे विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते थे। वहीं पिछले कुछ महीनों में खेली गई 13 पारियों में रोहित ने 310 गेंदों का सामना करके केवल 267 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत घटकर 44.50 पर आ गया है। उनके पावरप्ले के स्ट्राइक रेट में भी गिरावट आई है, जो 122.57 से सीधे नीचे गिरकर महज 86.13 रह गया है, जो उनके स्वाभाविक हिटमैन अंदाज के बिल्कुल विपरीत है। टीम प्रबंधन को होगी चिंता रोहित शर्मा भारत के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों और बड़े टूर्नामेंटों से पहले उनका फॉर्म में लौटना टीम इंडिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रोहित पावरप्ले में फिर से आक्रामक शुरुआत देने लगते हैं तो भारतीय बल्लेबाजी और मजबूत हो जाएगी। दूसरे वनडे में होगी निगाहें अब सभी की नजर भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे वनडे पर रहेगी। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि रोहित शर्मा अपनी पुरानी लय हासिल करते हुए टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाएंगे और आलोचकों को बल्ले से जवाब देंगे।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में 0-4 की करारी हार झेलने के बाद भारतीय टीम अब वनडे फॉर्मेट में दमदार वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल के सामने टीम का आत्मविश्वास लौटाने के साथ-साथ सीरीज में बढ़त हासिल करने की चुनौती होगी। रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ी ताकत वनडे सीरीज में टीम इंडिया को अपने अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिलेगा। रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारतीय टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर बड़ी जिम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाजी में बुमराह, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। इंग्लैंड भी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा दूसरी ओर, इंग्लैंड टी20 सीरीज की शानदार जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। टीम की कमान हैरी ब्रूक के हाथों में होगी, जबकि जोस बटलर, जैकब बेथेल और जो रुट जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। मेजबान टीम की कोशिश होगी कि वनडे सीरीज की शुरुआत भी जीत के साथ की जाए। विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम सीरीज यह वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए आगामी आईसीसी वनडे विश्व कप की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है। भारत जहां टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हुई है जो भारतीय समयानुसार 3:30 PM से खेला जायेगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान और शानदार उपलब्धियों के लिए दिया गया। राष्ट्रपति भवन में हुआ सम्मान समारोह नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। खेल जगत से रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट में उनके उत्कृष्ट योगदान और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करने के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का योगदान रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं। वह एकदिवसीय क्रिकेट में 264 रन की विश्व रिकॉर्ड व्यक्तिगत पारी खेलने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। बीसीसीआई ने दी बधाई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा को पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। बोर्ड ने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बताया। समारोह की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। क्रिकेट जगत ने जताई खुशी रोहित शर्मा को पद्मश्री मिलने के बाद कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए इसे भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। करियर में जुड़ा एक और बड़ा सम्मान पद्मश्री सम्मान मिलने के साथ ही रोहित शर्मा के शानदार क्रिकेट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मैदान पर अपने रिकॉर्ड, शानदार बल्लेबाजी और सफल कप्तानी से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीतने वाले रोहित शर्मा अब देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक के प्राप्तकर्ता भी बन गए हैं।
चेन्नई में 55% बारिश की आशंका चेन्नई, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का तीसरा वनडे आज 20 जून को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारत पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है और अब उसकी नजर क्लीन स्वीप पर होगी। मौसम डाल सकता है बाधा मौसम मैच में बाधा डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई में शनिवार को बारिश की 55% संभावना है। अफगानिस्तान को पहली जीत का इंतजार भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 6 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा है। अफगानिस्तान आज तक भारत के खिलाफ कोई वनडे मैच नहीं जीत सका है। दोनों टीमों के बीच एकमात्र टाई मैच 2018 में खेला गया था। मौजूदा सीरीज दोनों देशों के बीच पहली बाइलेटरल वनडे सीरीज है। बरार सीरीज के टॉप विकेट टेकर वापसी कर रहे ईशान किशन ने दूसरे वनडे में 79 गेंदों पर 125 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल भी बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले मैच में नाबाद 84 रन बनाए, जबकि दूसरे वनडे में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन जड़े। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में 48 रन की तेज पारी खेली। गेंदबाजी में इस सीरीज से इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले गुरनूर बरार सबसे सफल रहे हैं और अब तक सबसे ज्यादा विकेट ले चुके हैं। गुरबाज अफगानिस्तान के टॉप स्कोरर अफगानिस्तान के लिए इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन रहमानुल्लाह गुरबाज ने बनाए हैं। उन्होंने दो मैचों में 143 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 170.23 का रहा है। गुरबाज ने सीरीज में एक शतक भी लगाया है। गेंदबाजी में नांगेलिया खरोटे ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने एकमात्र मैच में 4 विकेट लिए है। हर्षित राणा स्क्वॉड में शामिल जांघ की चोट के कारण लखनऊ वनडे से बाहर रहने वाले सीम बॉलिंग ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने शुक्रवार को चेपॉक के नेट्स में बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की और वे आज वापसी कर सकते हैं। घुटने की सर्जरी से रिकवर होने के बाद हर्षित राणा को तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने की संभावना कम है, उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच इस साल फरवरी में खेला था। चेन्नई में 29वां वनडे खेला जाएगा चेन्नई की पिच आमतौर पर स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती है, हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबला चेपॉक की पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा, जो कि लाल मिट्टी की है और यहां अच्छा बाउंस (उछाल) मिलने की उम्मीद है। मैच से दो दिन पहले चेन्नई में कुछ बारिश हुई थी, लेकिन मैच से एक दिन पहले मौसम साफ रहा। इस मैदान पर अब तक 28 वनडे खेले गए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 15 और चेज करने वाली टीम ने 12 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर/केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा/अर्शदीप सिंह। अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेलिया खरोटे, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, बिलाल सामी।
श्रेयस पूरे कर सकते हैं 3 हजार रन लखनऊ, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज 17 जून को लखनऊ में खेला जाएगा। यह मैच दोपहर 1:30 बजे से इकाना इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा। भारत 1-0 से आगे टीम इंडिया पहला मैच जीतकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है और इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। श्रेयस 3 हजार रन पूरे करने से 11 रन दूर इस मैच में श्रेयस अय्यर अपने 3000 वनडे रन पूरे करने से 11 रन दूर हैं। वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज को 2000 रन पूरे करने के लिए 10 रन और ईशान किशन को 1000 वनडे रन पूरे करने के लिए 33 रनों की जरूरत है। भारत-अफगानिस्तान में 5 वनडे, भारत 4 जीता भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 5 वनडे मैच खेले गए हैं। भारत ने 4 मुकाबले जीते हैं, जबकि 1 मैच टाई रहा है। अफगानिस्तान अभी तक भारत के खिलाफ वनडे में जीत दर्ज नहीं कर सका है। दोनों टीमों के बीच पहला वनडे धर्मशाला में खेला गया था। इसमें भारत को 7 विकेट से जीत मिली थी। गिल ने पहले वनडे में नाबाद 84 रन बनाए जनवरी 2025 के बाद भारत के लिए बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और गेंदबाजी में कुलदीप यादव का प्रदर्शन शानदार रहा है। रोहित ने 18 मैचों में 727 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, कुलदीप ने 14 मैचों में 22 विकेट झटके हैं। भारत के लिए डेब्यू मैच में गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने 3-3 विकेट लेकर प्रभावित किया। कप्तान शुभमन गिल (84*) और केएल राहुल (39*) अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे। पिछले मैच में गुरबाज ने शतक लगाया था पिछले साल जनवरी के बाद अफगानिस्तान के लिए इब्राहिम जादरान टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 7 मैचों में 430 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि जादरान पहले वनडे में 1 रन ही बना सके थे। गेंदबाजी में अजमतुल्लाह उमरजई ने 7 मैचों में 14 विकेट चटकाए हैं। उमरजई को पहले मैच में एक भी विकेट नहीं मिला था। वहीं, टीम के ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज (102) ने शतक लगाया था। लखनऊ के मौसम और पिच का हाल धर्मशाला में हुए पहले वनडे मैच में बारिश ने खलल डाला था, जिसके कारण मैच को घटाकर 25-25 ओवर का करना पड़ा था। हालांकि, लखनऊ में बुधवार को बारिश की कोई संभावना नहीं है। आज यहां दोपहर के समय तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जो रात में गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। इकाना स्टेडियम की यह पिच मिक्स्ड-सॉइल (मिश्रित मिट्टी) की होगी, जहां टॉस का कोई खास फायदा नहीं मिलने वाला है। टीम इंडिया में बदलाव की संभावना भारतीय टीम के स्पिन-बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दिए कि वे बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करने के मूड में नहीं हैं। हालांकि, गेंदबाजी विभाग में जरूरत पड़ने पर रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव को किसी एक तेज गेंदबाज की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, जिया-उर-रहमान।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।