स्पेन

जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन पर उठाए सवाल
जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन को शेंगेन व्यवस्था से निलंबित करने की मांग उठाई, यूरोप में सीमा सुरक्षा पर बहस तेज

रोम, एजेंसियां। स्पेन के स्वायत्त शहर स्यूटा में बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने के बाद यूरोपीय संघ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन पर यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उसे शेंगेन व्यवस्था से अस्थायी रूप से निलंबित करने की मांग की है। इस मुद्दे पर कई यूरोपीय देशों ने भी सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।   सीमा सुरक्षा को लेकर इटली का कड़ा रुख   जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि यदि कोई सदस्य देश यूरोपीय संघ की बाहरी सीमाओं की प्रभावी सुरक्षा नहीं कर पाता, तो पूरे शेंगेन क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित होती है। इटली ने स्पेन के साथ हवाई और समुद्री मार्गों पर शेंगेन व्यवस्था को अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला भी लिया है। वहीं फिनलैंड और ऑस्ट्रिया ने भी सीमा नियंत्रण कड़े करने की मांग का समर्थन किया है।   स्यूटा में प्रवासियों की भारी आमद से बढ़ी चिंता   हाल के दिनों में मोरक्को से हजारों प्रवासी समुद्र और सीमा मार्ग के जरिए स्पेन के स्यूटा क्षेत्र में पहुंच गए, जिससे स्थानीय प्रशासन पर भारी दबाव पड़ गया। स्पेन ने सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। सरकार का कहना है कि अधिकांश प्रवासियों को वापस भेजने और सीमा पर नियंत्रण बहाल करने की प्रक्रिया जारी है।   यूरोपीय संघ के सामने नई चुनौती   स्यूटा संकट ने यूरोप में अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि यूरोपीय आयोग ने स्पेन को शेंगेन क्षेत्र से निलंबित करने की मांग का समर्थन नहीं किया है, लेकिन सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यूरोपीय संघ को सीमा सुरक्षा और प्रवासन नीति पर बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
गाजा में युद्धविराम की उम्मीद
युद्धविराम की दिशा में बढ़े कदम, गाजा में स्थायी शांति की उम्मीद जगी; अब भी कई चुनौतियां बरकरार

गाजा सिटी, एजेंसियां। गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच शांति की नई उम्मीद जगी है। अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार किए गए नए प्रस्ताव पर बातचीत आगे बढ़ी है, जिसमें हमास के चरणबद्ध निरस्त्रीकरण, इजरायली सेना की क्रमिक वापसी और गाजा में नई प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने का रोडमैप शामिल है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। युद्धविराम लागू करने पर बनी सहमति की कोशिश प्रस्तावित योजना के तहत संघर्ष विराम लागू करने, मानवीय सहायता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में गाजा के प्रशासन को नई व्यवस्था के तहत संचालित करने का प्रस्ताव रखा गया है। हमास ने कुछ शर्तों के साथ योजना पर आगे बातचीत की इच्छा जताई है, जबकि इजरायल का कहना है कि स्थायी शांति के लिए हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण जरूरी होगा। मतभेद बने रहने से आसान नहीं होगा समझौता विशेषज्ञों का मानना है कि शांति प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि पहले कौन-सा पक्ष कदम उठाएगा। हमास पहले इजरायली सेना की वापसी और हमलों पर रोक चाहता है, जबकि इजरायल पहले सुरक्षा संबंधी सभी शर्तें पूरी होने की मांग कर रहा है। यही मतभेद समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर वार्ता पर संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों का स्वागत किया है। यदि वार्ता सफल रहती है तो इससे गाजा में मानवीय संकट कम होने, पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने और क्षेत्र में लंबे समय से जारी हिंसा पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अंतिम समझौता दोनों पक्षों की सहमति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
स्यूटा सीमा पर प्रवासियों की भीड़
स्यूटा सीमा पर हजारों प्रवासियों की भीड़, स्पेन ने सेना तैनात कर बढ़ाई सुरक्षा

स्यूटा (स्पेन), एजेंसियां। स्पेन के स्वायत्त शहर स्यूटा में मोरक्को की ओर से हजारों प्रवासियों के अचानक सीमा पार करने की कोशिश के बाद बड़ा मानवीय और सुरक्षा संकट खड़ा हो गया है। हालात को देखते हुए स्पेन सरकार ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ सेना को भी तैनात कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, एक ही दिन में हजारों लोग समुद्र और सीमा मार्ग से स्यूटा पहुंचने की कोशिश करते देखे गए। सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी स्पेन और मोरक्को के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। स्पेन सरकार ने अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वहीं कई प्रवासियों को अस्थायी राहत शिविरों में रखा गया है, जहां उन्हें भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। समुद्र पार करते समय कई लोगों की मौत अधिकारियों के अनुसार, समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचने की कोशिश के दौरान कई प्रवासियों की डूबने से मौत हो गई। बचाव एजेंसियां लगातार समुद्र में तलाश अभियान चला रही हैं और लापता लोगों की खोज की जा रही है। इस घटना ने यूरोप में प्रवासन संकट को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। यूरोप में फिर गरमाया प्रवासन का मुद्दा इस घटनाक्रम के बाद स्पेन और यूरोपीय संघ में अवैध प्रवासन को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अफ्रीकी देशों में आर्थिक कठिनाइयों और अस्थिरता के कारण यूरोप की ओर पलायन का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे सीमा सुरक्षा और मानवीय सहायता दोनों बड़ी चुनौती बन गई हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
स्पेन के सीउटा बॉर्डर पर मोरक्को से आए प्रवासियों का जमावड़ा और सुरक्षा बल
स्पेन के सीउटा (Ceuta) बॉर्डर पर अफरा-तफरी, हजारों प्रवासियों ने मोरक्को सीमा पार की

हजारों लोगों ने समुद्र और सीमा बाड़ पार कर स्पेन में घुसने की कोशिश, कम से कम 9 लोगों की मौत; सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात   मैड्रिड, एजेंसियां। स्पेन के उत्तरी अफ्रीका में स्थित सीउटा (Ceuta) क्षेत्र की सीमा पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मोरक्को से हजारों प्रवासियों ने एक साथ सीमा पार करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में लोग समुद्र के रास्ते तैरकर और सीमा बाड़ को पार कर स्पेन में प्रवेश करने लगे, जिससे सीमा सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई।   सीमा पर मचा हड़कंप, सेना को बुलाना पड़ा   स्थिति बिगड़ने पर स्पेन सरकार ने अतिरिक्त पुलिस बल और सेना को सीउटा भेजा। सीमा पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए करीब 200 अतिरिक्त पुलिसकर्मी और 60 सैनिक तैनात किए गए। स्थानीय प्रशासन ने हालात को "अभूतपूर्व" और "पूर्ण अफरा-तफरी" बताया।   कम से कम 9 लोगों की मौत   अधिकारियों के अनुसार, सीमा पार करने की कोशिश के दौरान कम से कम 9 प्रवासियों की मौत हो गई। कई लोग समुद्र में डूब गए, जबकि अन्य घायल हुए। राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।   सीउटा के शरण केंद्र हुए भर गए   हजारों लोगों के एक साथ पहुंचने से सीउटा के प्रवासी आश्रय केंद्रों पर भारी दबाव पड़ गया। कई लोगों को अस्थायी शिविरों और खुले स्थानों पर रखा गया है। स्पेन और मोरक्को के अधिकारी हालात को नियंत्रित करने और अवैध रूप से प्रवेश करने वालों की पहचान की प्रक्रिया में जुटे हैं।   प्रधानमंत्री सांचेज करेंगे दौरा   स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने सीउटा की स्थिति पर चिंता जताई है और हालात का जायजा लेने के लिए दौरे की घोषणा की है। सरकार ने कहा कि सीमा की सुरक्षा और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 31, 2026 0
Europe Wildfire Crisis
यूरोप में जंगल की आग के मामलों में तेज बढ़ोतरी, WHO ने जताई चिंता; जलवायु परिवर्तन को बताया बड़ी वजह

ब्रुसेल्स, एजेंसियां। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप में लगातार बढ़ रही जंगल की आग की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के यूरोप क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में जंगल की आग की घटनाओं में 57% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल 22 जुलाई तक यूरोप में 1,254 से अधिक बड़े जंगलों में आग लग चुकी है, जिससे करोड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में पहुंची है।   फ्रांस, स्पेन और कई देशों में हालात गंभीर   WHO ने कहा कि इस समय फ्रांस, स्पेन, ग्रीस, पुर्तगाल और जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। फ्रांस और स्पेन में आग के कारण ढाई लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है, जबकि कई इलाकों में आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। स्पेन में इस वर्ष जंगल की आग से पहली मौत भी दर्ज की गई है। आग पर काबू पाने के लिए कई देशों ने सेना, हेलीकॉप्टर और फायर फाइटिंग विमानों को तैनात किया है।   स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा गंभीर असर   WHO ने चेतावनी दी कि जंगल की आग केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। आग से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण (PM2.5) सांस संबंधी बीमारियों, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाते हैं। संगठन ने सरकारों से आग की रोकथाम, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Spain Fire
स्पेन में साल की सबसे बड़ी जंगल की आग पांचवें दिन भी बेकाबू, 26 हजार हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक

मैड्रिड, एजेंसियां। स्पेन के मध्य स्थित ग्वाडलाहारा प्रांत में लगी इस साल की सबसे बड़ी जंगल की आग लगातार पांचवें दिन भी बेकाबू बनी हुई है। अब तक आग 26,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कई और कस्बों को खाली कराया है, जबकि 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।   कई बस्तियों पर मंडरा रहा खतरा   अधिकारियों के अनुसार, ला मिएर्ला इलाके में फैली आग के कारण करीब 30 आबादी वाले क्षेत्रों पर खतरा बना हुआ है। दमकलकर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तेज हवाएं और शुष्क मौसम राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।   नई हीटवेव ने बढ़ाई मुश्किलें   स्पेन की मौसम एजेंसी AEMET ने देश में वर्ष 2026 की तीसरी हीटवेव की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे जंगल की आग और तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है।   यूरोप में सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल स्पेन   यूरोपीय संघ की निगरानी एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक स्पेन में 1 लाख हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है, जो यूरोप में सबसे अधिक है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, भीषण गर्मी और लंबे सूखे के कारण जंगल की आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।   राहत और बचाव अभियान जारी   स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त दमकलकर्मियों, हेलीकॉप्टरों और आपदा राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया है। सरकार का कहना है कि फिलहाल लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Lionel Messi
फाइनल में अर्जेंटीना की 1-0 से हार, 39 वर्षीय मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप यादगार लेकिन अधूरा रहा

नई दिल्ली, एजेंसियां। फुटबॉल जगत के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी का विश्व कप सफर भावुक अंदाज में समाप्त हो गया। FIFA विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। स्पेन की ओर से निर्णायक गोल फेरान टोरेस ने किया, जिसने अर्जेंटीना की खिताब बचाने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया।   पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत बने  39 वर्षीय मेसी पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे। उन्होंने अपने अनुभव और नेतृत्व से टीम को लगातार प्रेरित किया, लेकिन फाइनल में स्पेन की सशक्त रणनीति के सामने उनका जादू नहीं चल सका। मुकाबले के बाद रनर-अप मेडल लेते समय मेसी भावुक हो गए और उनकी आंखों से छलके आंसुओं ने दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों को भावुक कर दिया।   मिडफील्ड में पूरी तरह दबदबा कायम रखा फाइनल में स्पेन ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मिडफील्ड में पूरी तरह दबदबा कायम रखा। अर्जेंटीना लंबे समय तक कोई प्रभावी आक्रमण नहीं कर सका। अतिरिक्त समय में मिले मौके का फायदा उठाते हुए फेरान टोरेस ने विजयी गोल दागकर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। पूरे मुकाबले में स्पेन की सामरिक अनुशासन और मजबूत रक्षापंक्ति के कारण मेसी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके।   हालांकि खिताबी मुकाबले का अंत अर्जेंटीना के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन मेसी का पूरे टूर्नामेंट का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने आठ गोल दागे और चार असिस्ट किए, जिनमें इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में दो अहम असिस्ट भी शामिल रहे। उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि उम्र महज एक आंकड़ा है।   यह विश्व कप संभवतः मेसी के करियर का अंतिम विश्व कप साबित होगा। अगले संस्करण तक उनकी उम्र 43 वर्ष हो जाएगी। ऐसे में फाइनल में मिली हार के बावजूद मेसी की विरासत, उनके योगदान और खेल के प्रति समर्पण को फुटबॉल इतिहास हमेशा याद रखेगा।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Spain VS Argentina
स्पेन बना विश्व चैंपियन, फाइनल के बाद मैदान में भड़की खिलाड़ियों की भिड़ंत

नई दिल्ली,एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन की ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुआ, लेकिन मैच के बाद मैदान पर हुई खिलाड़ियों की झड़प ने इस यादगार मुकाबले की चमक फीकी कर दी। एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने विश्व कप का खिताब अपने नाम किया, लेकिन अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हाथापाई में बदल गई।   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस और डिफेंडर नहुएल मोलिना को स्पेन के खिलाड़ियों के साथ आक्रामक व्यवहार करते देखा जा सकता है। वीडियो में दावा किया गया है कि पेरेडेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का दिया, जबकि मोलिना ने एक स्पेनिश खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा। इसके अलावा, गावी को जमीन पर गिराने और रोड्री के साथ भी धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को शांत कराने के लिए अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी सहित टीम स्टाफ को मैदान में उतरना पड़ा।   रिपोर्टों के अनुसार रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब स्पेन के कप्तान रोड्री जीत का जश्न मनाते हुए नहुएल मोलिना के पास से गुजरे। दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई, जिसे शांत कराने के लिए एरिक गार्सिया आगे आए। हालांकि, इसके बाद पेरेडेस के हस्तक्षेप से मामला और बिगड़ गया और दोनों टीमों के कई खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।   मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर एक और विवाद सामने आया। आरोप है कि जब स्पेनिश खिलाड़ी पदक ग्रहण कर रहे थे, तब अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी उनकी ओर पीठ करके खड़े रहे, जिसे खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।   हालांकि, झगड़े की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फीफा की ओर से भी इस घटना पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि जांच में खिलाड़ियों का अनुचित आचरण साबित होता है, तो संबंधित खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Spain players celebrate FIFA World Cup 2026 victory after Ferran Torres scores the winning goal against Argentina in the final.
फीफा विश्व कप 2026: फेरन टॉरस के गोल से स्पेन बना विश्व चैंपियन, अर्जेंटीना का लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना टूटा

स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। न्यू जर्सी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में किए गए एकमात्र गोल की बदौलत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ स्पेन ने 16 साल बाद दोबारा विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। 90 मिनट तक नहीं हुआ कोई गोल फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद कड़ा और संतुलित रहा। निर्धारित 90 मिनट और इंजरी टाइम तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। स्पेन ने अपने पारंपरिक पजेशन आधारित खेल से गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक के जरिए मौके बनाने की कोशिश की। दोनों टीमों के डिफेंडरों और गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हर हमले को विफल कर दिया। पहले हाफ के दौरान अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज को मिकेल ओयारजाबल पर फाउल करने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया। रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख दूसरे हाफ में भी मुकाबला बराबरी पर बना रहा, लेकिन मैच का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडेज को रेड कार्ड दिखाया गया। रेड कार्ड मिलने के बाद अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसका फायदा स्पेन ने अतिरिक्त समय में उठाया और लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। फेरन टॉरस ने किया निर्णायक गोल एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्पेन के स्टार फॉरवर्ड फेरन टॉरस ने शानदार गोल दागकर मैच का इकलौता और निर्णायक गोल किया। यही गोल स्पेन को जीत दिलाने के लिए काफी साबित हुआ। गोल के बाद अर्जेंटीना ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेनिश डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और अंतिम सीटी बजते ही स्पेन की टीम विश्व कप ट्रॉफी जीतने का जश्न मनाने लगी। 16 साल बाद फिर विश्व विजेता बना स्पेन इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप का खिताब जीता। दूसरी ओर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने से चूक गया। फाइनल में स्पेन का अनुशासित खेल, मजबूत रक्षा पंक्ति और अतिरिक्त समय में फेरन टॉरस का गोल टीम की ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह बना।  

surbhi जुलाई 20, 2026 0
Spain Winner
स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर दूसरी बार जीता FIFA वर्ल्ड कप, अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस बने हीरो

न्यू जर्सी, एजेंसियां। स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित 90 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी, लेकिन अतिरिक्त समय (106वें मिनट) में फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह स्पेन का 2010 के बाद दूसरा विश्व कप खिताब है।   106वें मिनट में टूटा गतिरोध   पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए। आखिरकार अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल कर मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दाग दिया।   अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेली   मुकाबले के अंतिम चरण में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब एंजो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद स्पेन ने अतिरिक्त समय में दबाव बढ़ाया और जीत दर्ज कर ली।   लियोनेल मेसी का विश्व कप सफर खत्म   यह मुकाबला लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप मैच माना जा रहा है। खिताब बचाने का सपना टूटने के बाद मेसी भावुक नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का जश्न मनाया।   स्पेन ने रचा नया इतिहास   इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार और कुल दूसरी बार फीफा विश्व कप ट्रॉफी जीती। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और चैंपियन बनने तक केवल एक गोल ही खाया, जो विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Rodri Golden Ball
FIFA वर्ल्ड कप 2026 अवॉर्ड्स का ऐलान, रॉड्री बने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी; किलियन एम्बाप्पे ने जीता गोल्डन बूट

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले मिडफील्डर रॉड्री को गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का पुरस्कार मिला, जबकि फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में फीफा ने अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी घोषणा की।    रॉड्री ने पूरे टूर्नामेंट में किया दमदार प्रदर्शन   स्पेन के मिडफील्ड की रीढ़ माने जाने वाले रॉड्री ने पूरे वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया। गेंद पर नियंत्रण, सटीक पासिंग और निर्णायक मौकों पर टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।    एम्बाप्पे बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर   फ्रांस भले ही खिताब नहीं जीत सका, लेकिन स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। उनकी शानदार फिनिशिंग और लगातार गोल करने की क्षमता ने एक बार फिर उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।    अन्य पुरस्कार भी हुए घोषित   फीफा ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और फेयर प्ले अवॉर्ड की भी घोषणा की। विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुरस्कार दिए गए, जिनकी सूची फाइनल के तुरंत बाद जारी की गई।   स्पेन ने दूसरी बार जीता विश्व कप   फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने इतिहास रचते हुए अपना दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता। टीम के सामूहिक प्रदर्शन और रॉड्री जैसे खिलाड़ियों की शानदार भूमिका ने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन को सबसे मजबूत टीम साबित किया।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Luis de la Fuente VS Lionel Scaloni
FIFA World Cup 2026 Final: स्पेन-अर्जेंटीना की टक्कर में मैदान के बाहर भी होगी गुरु-चेले की रणनीतिक जंग

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खिताबी मुकाबला नहीं होगा, बल्कि यह दो पीढ़ियों और दो रणनीतिक दिमागों की भी टक्कर बनेगा। मैदान पर जहां 39 वर्षीय दिग्गज लियोनेल मेसी और 19 वर्षीय युवा स्टार लामिन यामाल के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा, वहीं मैदान के बाहर स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते और अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी की रणनीतिक जंग भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।   इस मुकाबले को खास बनाने वाली बात यह है कि स्कालोनी कभी दे ला फुएंते के छात्र रह चुके हैं। वर्ष 2017 में स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन के कोचिंग कोर्स के दौरान दे ला फुएंते उनके प्रशिक्षक थे। अब वही गुरु और शिष्य विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं।   लियोनेल स्कालोनी 48 वर्षीय लियोनेल स्कालोनी ने खिलाड़ी के रूप में स्पेनिश क्लबों के लिए खेला और 2015 में संन्यास लेने के बाद कोचिंग की राह पकड़ी। 2018 में अर्जेंटीना के मुख्य कोच बनने पर उनकी नियुक्ति की आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने टीम को नई पहचान दी। उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2021 और 2024 का कोपा अमेरिका तथा 2022 का फीफा विश्व कप जीता। स्कालोनी टीम संतुलन और खिलाड़ियों के बेहतर प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं तथा मेसी को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं।   लुइस दे ला फुएंते   दूसरी ओर, 65 वर्षीय लुइस दे ला फुएंते स्पेन की युवा टीमों को निखारने के बाद 2022 में सीनियर टीम के मुख्य कोच बने। उनकी अगुआई में स्पेन ने UEFA यूरो 2024 का खिताब जीता। उनकी रणनीति पजेशन आधारित आक्रामक फुटबॉल, अनुशासन और सामूहिक खेल पर आधारित है।   फाइनल में दोनों कोच अपनी-अपनी रणनीतियों से बढ़त हासिल करने की कोशिश करेंगे। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ खिलाड़ियों की प्रतिभा ही नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य के फुटबॉल दर्शन की भी सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: इतिहास रचेगा BTS, पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल के हाफटाइम शो में देगा धमाकेदार परफॉर्मेंस

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ फुटबॉल ही नहीं, बल्कि मनोरंजन के लिहाज से भी ऐतिहासिक बनने जा रहा है। पहली बार FIFA World Cup Final में आधिकारिक हाफटाइम शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें दक्षिण कोरिया का सुपरस्टार K-Pop ग्रुप BTS वैश्विक पॉप आइकन Madonna और Shakira के साथ मंच साझा करेगा। यह आयोजन 19 जुलाई को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले फाइनल के दौरान होगा।   विश्व कप के इतिहास में पहली बार होगा हाफटाइम शो   फीफा ने इस बार अमेरिकी सुपर बाउल की तर्ज पर विश्व कप फाइनल में पहली बार हाफटाइम शो शामिल किया है। शो का निर्माण Global Citizen के सहयोग से किया जा रहा है, जबकि इसकी क्रिएटिव योजना में Coldplay के क्रिस मार्टिन की भी भूमिका है। इस कारण फाइनल का हाफटाइम सामान्य 15 मिनट की बजाय अधिक लंबा रहेगा।   BTS की वापसी को लेकर जबरदस्त उत्साह   सैन्य सेवा पूरी करने के बाद BTS की यह सबसे बड़ी वैश्विक प्रस्तुतियों में से एक होगी। दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसक इस ऐतिहासिक परफॉर्मेंस का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह शो विश्व कप फाइनल की वैश्विक दर्शक संख्या को और बढ़ाएगा।   फुटबॉल और संगीत का अनोखा संगम   फीफा का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य फुटबॉल और संगीत के जरिए दुनिया भर के दर्शकों को जोड़ना है। हालांकि पारंपरिक फुटबॉल प्रशंसकों के एक वर्ग ने लंबे हाफटाइम को लेकर चिंता भी जताई है, लेकिन फीफा इसे विश्व कप इतिहास का नया अध्याय मान रहा है।   स्पेन और अर्जेंटीना के फाइनल पर भी टिकी रहेंगी नजरें   हाफटाइम शो के साथ-साथ फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले जाने वाले विश्व कप फाइनल पर भी होंगी। फीफा को उम्मीद है कि खेल और मनोरंजन का यह अनूठा मेल विश्व कप 2026 के फाइनल को अब तक का सबसे यादगार आयोजन बना देगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Argentina vs Spain
FIFA World Cup 2026: किसके सिर सजेगा ताज? स्पेन या अर्जेंटीना

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला अब स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। एक ओर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।   दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई फाइनल में जगह स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। टीम ने 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है और अब दूसरे विश्व खिताब से केवल एक जीत दूर है। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। टीम की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी, जबकि स्पेन की ओर से युवा स्टार लामिन यामाल सबसे बड़े आकर्षण होंगे।   कब और कहां खेला जाएगा फाइनल? फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।   भारत में कहां देखें लाइव मुकाबला? भारतीय दर्शक इस महामुकाबले का आनंद टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर ले सकेंगे। डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए सक्रिय सब्सक्रिप्शन आवश्यक होगा। वहीं Jio यूजर्स JioTV ऐप पर DD Sports की फीड के जरिए मैच देख सकेंगे। टीवी पर मुकाबले का सीधा प्रसारण DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर किया जाएगा।   फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ अनुभव से भरपूर अर्जेंटीना है, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची स्पेन की टीम। ऐसे में विश्व फुटबॉल को नया चैंपियन मिलेगा या अर्जेंटीना अपना ताज बचाएगा, इसका फैसला मैदान पर होगा।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
E20 Petrol
क्या है E20 पेट्रोल? जानिए क्यों चर्चा में है यह ईंधन

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा तेज है। कुछ वाहन मालिकों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर विस्तृत सफाई जारी की है। सरकार का कहना है कि E20 कोई प्रयोग नहीं, बल्कि वर्षों की वैज्ञानिक जांच और परीक्षण के बाद लागू की गई नीति है।   क्या होता है E20 पेट्रोल?   E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। इथेनॉल गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला जैव ईंधन है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है। देशभर में 1 अप्रैल 2026 से E20 पेट्रोल की आपूर्ति शुरू की गई है।   सरकार ने क्या कहा?   पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार E20 पेट्रोल पर उठ रही कई आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। मंत्रालय का कहना है कि यह ईंधन व्यापक लैब और रोड टेस्ट के बाद लागू किया गया है। सरकार के मुताबिक E20 से विदेशी मुद्रा की बचत होगी, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा और घरेलू इथेनॉल उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।   क्या माइलेज कम होता है?   सरकार ने स्वीकार किया है कि कुछ वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में लगभग 3 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि इसके बदले मिलने वाले पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। साथ ही E20 के कारण इंजन खराब होने या फ्यूल टैंक में जंग लगने जैसी वायरल खबरों को भी सरकार ने भ्रामक बताया है।   विवाद क्यों बढ़ा?   हाल ही में कुछ वाहन मालिकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने E20 पेट्रोल से वाहन खराब होने के दावे किए, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया। सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि कई मामलों में समस्या का कारण दूषित ईंधन या वाहन की तकनीकी खराबी थी, न कि E20 पेट्रोल। फिलहाल E20 को लेकर बहस जारी है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल इस नीति में बदलाव की कोई योजना नहीं है।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Spain players celebrate after defeating Belgium 2-1 to reach the FIFA World Cup 2026 semi-finals.
FIFA World Cup 2026: बेल्जियम को 2-1 से हराकर स्पेन सेमीफाइनल में, अब फ्रांस से होगी टक्कर

FIFA World Cup 2026 में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने आखिरी मिनटों में गोल दागकर जीत दर्ज की। अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला मौजूदा उपविजेता फ्रांस से डलास में होगा, जिसे टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। कोच का बड़ा फैसला स्पेन के लिए साबित हुआ गेम चेंजर स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने इस मुकाबले में शुरुआती एकादश में बड़ा बदलाव करते हुए स्टार मिडफील्डर पेड्री की जगह फाबियन रूइज को मौका दिया। यह फैसला टीम के लिए बेहद सफल साबित हुआ। फाबियन रूइज ने पूरे मैच में मिडफील्ड पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और स्पेन के लिए पहला गोल भी दागा। उन्होंने आक्रमण और रक्षा दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। फाबियन रूइज ने दिलाई शुरुआती बढ़त मैच के शुरुआती मिनटों से ही स्पेन ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार बेल्जियम के डिफेंस पर दबाव बनाया। 30वें मिनट में दानी ओल्मो के शॉट को बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ ने रोक दिया, लेकिन रीबाउंड पर फाबियन रूइज ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया और स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद युवा स्टार लामिन यामाल ने भी अपनी तेज ड्रिब्लिंग से बेल्जियम की रक्षा पंक्ति को कई बार चुनौती दी, हालांकि वह गोल करने से चूक गए। डी केटेलारे ने बेल्जियम की कराई वापसी पहले हाफ के अंतिम चरण में बेल्जियम ने शानदार वापसी की। कप्तान केविन डी ब्रुने ने बेहतरीन थ्रू पास देकर टिमोथी कास्टान्ये को मौका बनाया। कास्टान्ये के सटीक क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलारे ने 41वें मिनट में शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं। दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा, जबकि बेल्जियम ने तेज काउंटर अटैक के जरिए बढ़त बनाने की कोशिश की। दोनों गोलकीपरों और डिफेंडरों ने कई शानदार बचाव किए, जिससे लंबे समय तक स्कोर नहीं बदल सका। कूर्तुआ की चोट ने बदला मैच का रुख 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका लगा जब अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लामेन्स को उतारा गया। इस बदलाव के बाद स्पेन ने लगातार दबाव बढ़ाया और बेल्जियम के डिफेंस पर पकड़ मजबूत कर ली। मेरिनो ने 88वें मिनट में दिलाई यादगार जीत मुकाबले का निर्णायक पल 88वें मिनट में आया। स्पेन के डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को गोलकीपर सेने लामेन्स पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। रीबाउंड पर मौजूद मिकेल मेरिनो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी। अंतिम मिनटों में बेल्जियम ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेन के डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और टीम ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब फ्रांस से होगा हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल इस जीत के साथ स्पेन फीफा विश्व कप 2026 के अंतिम चार में पहुंच गया है। अब उसका मुकाबला डलास में मौजूदा उपविजेता फ्रांस से होगा। दोनों यूरोपीय दिग्गज शानदार फॉर्म में हैं, इसलिए इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक और बहुप्रतीक्षित मैचों में शामिल किया जा रहा है।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
Cristiano Ronaldo reacts after Portugal's FIFA World Cup 2026 exit against Spain.
Cristiano Ronaldo ने खेला अपना आखिरी FIFA World Cup, अंतरराष्ट्रीय संन्यास पर अभी नहीं लिया फैसला

स्पेन से हार के बाद भावुक हुए रोनाल्डो, बोले- जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करूंगा Cristiano Ronaldo ने पुष्टि कर दी है कि FIFA World Cup 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप था। हालांकि, उन्होंने फिलहाल पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने का ऐलान नहीं किया है। 41 वर्षीय दिग्गज फुटबॉलर ने कहा कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर फैसला लेने से पहले परिवार के साथ समय बिताएंगे और शांत मन से सोच-विचार करेंगे। स्पेन के खिलाफ हार के साथ खत्म हुआ विश्व कप सफर Portugal का विश्व कप अभियान प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में Spain के खिलाफ 1-0 की हार के साथ समाप्त हो गया। मुकाबले में दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में Mikel Merino ने निर्णायक गोल कर स्पेन को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा कि टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं थी। उन्होंने कहा, "मैं दुखी हूं कि मेरा विश्व कप सफर इस तरह खत्म हुआ। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और पूरी ईमानदारी से खेला। यह मेरा आखिरी विश्व कप था, लेकिन अभी मैं अपने भविष्य पर कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लूंगा।" विश्व कप खत्म, लेकिन अंतरराष्ट्रीय करियर अभी नहीं रोनाल्डो ने साफ किया कि विश्व कप में उनका सफर जरूर समाप्त हो गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने पुर्तगाल के लिए अपना आखिरी मैच खेल लिया है। उन्होंने कहा कि भावनाओं में बहकर फैसला लेना सही नहीं होगा और वह कुछ समय बाद तय करेंगे कि राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना जारी रखना है या नहीं। 'स्पेन को किस्मत का साथ मिला' हार के बाद रोनाल्डो ने माना कि मुकाबला बेहद करीबी था और दोनों टीमों के जीतने की बराबर संभावना थी। उनके अनुसार, "स्पेन को थोड़ा भाग्य का साथ मिला। यह ऐसा मैच था जो किसी भी तरफ जा सकता था।" छठा विश्व कप, लेकिन अधूरा रहा सबसे बड़ा सपना रोनाल्डो ने अपने करियर में रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए छठा FIFA World Cup खेला। इस टूर्नामेंट में उन्होंने तीन गोल भी किए, लेकिन वह विश्व कप जीतने का अपना सबसे बड़ा सपना पूरा नहीं कर सके। विश्व फुटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाने वाले रोनाल्डो के नाम कई व्यक्तिगत और टीम उपलब्धियां हैं, लेकिन विश्व कप ट्रॉफी उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी उपलब्धि बनकर रह गई। याद दिलाई पुर्तगाल की ऐतिहासिक सफलताएं रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते। उन्होंने कहा कि टीम ने UEFA Euro 2016 का खिताब जीता और इसके बाद UEFA Nations League में 2019 और 2025 में भी चैंपियन बनी। रोनाल्डो ने कहा, "मैंने पुर्तगाल के लिए तीन बड़े खिताब जीते। मेरे आने से पहले टीम ने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था। मेरे लिए 2016 की यूरोपीय चैम्पियनशिप विश्व कप जितनी ही महत्वपूर्ण है।" अभी बाकी है अंतिम फैसला फिलहाल इतना तय हो गया है कि रोनाल्डो का विश्व कप अध्याय समाप्त हो चुका है। हालांकि, उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत अभी तय नहीं है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह जल्दबाजी में संन्यास का फैसला नहीं करेंगे और परिवार के साथ समय बिताने के बाद ही अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे।  

surbhi जुलाई 7, 2026 0
Spain Austria Match
फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से रौंदा, राउंड ऑफ 16 में बनाई जगह

इंगलवुड (कैलिफोर्निया), एजेंसियां।  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। स्पेन की जीत के नायक मिकेल ओयारजाबल रहे, जिन्होंने दो गोल दागे, जबकि पेड्रो पोरो ने एक गोल कर टीम की जीत को और मजबूत बनाया। 2010 में विश्व चैंपियन बनने के बाद यह स्पेन की वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में पहली जीत है।   ओयारजाबल ने दिखाई गोल करने की कला स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। मिकेल ओयारजाबल ने 36वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने शानदार हेडर के जरिए अंतर 2-0 कर दिया। इसके बाद 89वें मिनट में ओयारजाबल ने अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। दोनों गोल में मार्क कुकुरेला ने बेहतरीन असिस्ट देकर अहम भूमिका निभाई।   रक्षा भी रही अभेद्य स्पेन की मजबूत रक्षा एक बार फिर चर्चा में रही। गोलकीपर उनाई सिमोन को पूरे मैच में कोई कठिन सेव नहीं करनी पड़ी, क्योंकि ऑस्ट्रिया एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं लगा सका। यह इस विश्व कप में स्पेन की लगातार चौथी क्लीन शीट रही, जिससे टीम की रक्षात्मक मजबूती साफ नजर आई।   कोच और खिलाड़ियों ने जताई खुशी मैच के बाद ओयारजाबल ने कहा कि टीम की जीत में योगदान देकर उन्हें खुशी है और अब पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर रहेगा। वहीं, मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि बड़ी टीमें बड़े मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने माना कि टीम ने लगभग परफेक्ट खेल दिखाया, लेकिन आगे के मुकाबलों के लिए लगातार सुधार जरूरी है।   अब स्पेन का सामना राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और क्रोएशिया के मुकाबले की विजेता टीम से होगा। लगातार 35 प्रतिस्पर्धी मैचों से अजेय स्पेन ने इस जीत के साथ एक बार फिर विश्व खिताब की मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
FIFA World Cup 2026
फीफा वर्ल्ड कप: पांचवें दिन चारों मुकाबले रहे ड्रॉ, ईरान, सऊदी और मिस्र ने एक-एक अंक से किया आगाज

वाशिंगटन, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन खेले गए चारों मुकाबले ड्रॉ रहे। टूर्नामेंट में यह दुर्लभ नजारा 68 साल बाद देखने को मिला, जब एक ही दिन खेले गए सभी मैच बराबरी पर समाप्त हुए। इससे पहले ऐसा 1958 विश्व कप में हुआ था। दिन के मुकाबलों में केप वर्डे ने स्पेन को 0-0 से रोका, जबकि ईरान और न्यूजीलैंड 2-2, सऊदी अरब और उरुग्वे 1-1 तथा मिस्र और बेल्जियम 1-1 की बराबरी पर रहे।   ईरान ने दो बार पिछड़कर बचाया मैच ग्रुप जी के मुकाबले में ईरान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए दो बार पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। रामिन रेजाईन ने ईरान के लिए पहला गोल किया और दूसरे गोल की भूमिका भी निभाई, जिसे मोहम्मद मोहेब्बी ने गोल में बदला। न्यूजीलैंड की ओर से एलिजा जस्ट ने दोनों गोल किए, जबकि क्रिस वुड ने दोनों में असिस्ट दिया।   मिस्र ने बेल्जियम को कड़ी टक्कर दी ग्रुप जी के दूसरे मुकाबले में मिस्र ने बेल्जियम को 1-1 से रोककर शानदार प्रदर्शन किया। इमाम अशौर ने 19वें मिनट में मोहम्मद सलाह के बेहतरीन पास पर गोल कर मिस्र को बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में बेल्जियम को डिफेंडर मोहम्मद हनी के आत्मघाती गोल से बराबरी मिल गई। इसके बावजूद मिस्र ने मजबूत टीम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया।   सऊदी और केप वर्डे का दमदार प्रदर्शन ग्रुप एच में सऊदी अरब ने उरुग्वे के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। अब्दुलेलाह अल अमरी ने सऊदी अरब को बढ़त दिलाई, लेकिन अंतिम क्षणों में मैक्सी अराउजो ने उरुग्वे को बराबरी दिला दी। वहीं, दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे ने स्पेन जैसी मजबूत टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। गोलकीपर वोजिन्हा के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने अपने पहले विश्व कप मैच में ऐतिहासिक एक अंक हासिल किया।

abhishek singh जून 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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