मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन अब टीवी के लोकप्रिय अपराध आधारित कार्यक्रम ‘क्राइम पेट्रोल’ की मेजबानी करते नजर आएंगे। अजय देवगन ने शो के नए सीजन के लिए शूटिंग शुरू कर दी है और वह लंबे समय तक इस शो का चेहरा रहे अनूप सोनी की जगह लेंगे। इसके साथ ही अजय देवगन पहली बार टीवी पर बतौर होस्ट अपनी नई भूमिका में दिखाई देंगे। अजय देवगन ने शूट किए 15 एपिसोड रिपोर्ट के मुताबिक अजय देवगन नए सीजन के लिए अब तक 15 एपिसोड की शूटिंग कर चुके हैं। शो के निर्माताओं ने अजय देवगन की आवाज और अंदाज को ध्यान में रखते हुए नए सीजन को पेश करने की तैयारी की है। अजय देवगन का गंभीर और प्रभावशाली व्यक्तित्व अपराध आधारित कार्यक्रम के लिए काफी अलग अनुभव देने वाला माना जा रहा है। इससे पहले ‘क्राइम पेट्रोल’ की पहचान काफी हद तक अनूप सोनी की प्रस्तुति से जुड़ी रही है। नए प्रोमो में अपराध को लेकर चेतावनी शो का पहला प्रोमो भी सामने आ चुका है। इसमें अजय देवगन देश में बढ़ते अपराध और अपराधी के पीड़ित के परिचित होने की संभावना पर बात करते दिखाई देते हैं। प्रोमो में अजय दर्शकों को सतर्क रहने का संदेश देते हैं और बताते हैं कि कई मामलों में अपराधी कोई अनजान व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़ित के आसपास का ही कोई व्यक्ति हो सकता है। प्रोमो के अंत में वह दर्शकों से जुड़े रहने का भरोसा देते नजर आते हैं। 31 अगस्त से प्रसारित होगा नया सीजन ‘क्राइम पेट्रोल’ का नया सीजन 31 अगस्त 2026 से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। नए सीजन में वास्तविक अपराध की घटनाओं से प्रेरित कहानियों को नए अंदाज में पेश किया जाएगा। अजय देवगन की मेजबानी इस सीजन का सबसे बड़ा बदलाव होगी। अजय देवगन के टीवी पर बतौर होस्ट आने को लेकर दर्शकों में भी उत्सुकता बढ़ गई है। अब देखना होगा कि उनकी प्रस्तुति को दर्शकों की कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और क्या वह अनूप सोनी से जुड़ी ‘क्राइम पेट्रोल’ की पुरानी पहचान को नई शैली में आगे बढ़ा पाते हैं। अनूप सोनी के बाद बदलेगा शो का अंदाज अनूप सोनी लंबे समय तक ‘क्राइम पेट्रोल’ से जुड़े रहे और उनकी गंभीर प्रस्तुति शो की खास पहचान बन गई थी। अब अजय देवगन के आने से कार्यक्रम की प्रस्तुति में नया बदलाव देखने को मिलेगा। अजय देवगन इससे पहले फिल्मों में कई गंभीर और अपराध आधारित भूमिकाएं निभा चुके हैं। ऐसे में ‘क्राइम पेट्रोल’ की मेजबानी उनके लिए अभिनय से अलग एक नई चुनौती होगी।
नई दिल्ली: सोमवार के वर्किंग डे का असर बॉक्स ऑफिस पर साफ दिखाई दिया। जहां सप्ताहांत में शानदार कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म 'द ओडिसी' और अजय देवगन की 'धमाल 4' की कमाई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं आलिया भट्ट की 'अल्फा' और अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3)' अब बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही हैं। हालांकि, गिरावट के बावजूद 'द ओडिसी' अभी भी सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली फिल्मों में शामिल है। 'द ओडिसी' की कमाई में सोमवार को आई गिरावट क्रिस्टोफर नोलन के निर्देशन में बनी 'द ओडिसी' ने रिलीज के बाद शानदार शुरुआत की थी। फिल्म ने पहले रविवार को 21.90 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, लेकिन सोमवार को इसकी कमाई घटकर 8.35 करोड़ रुपये रह गई। अब तक फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 69.65 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। फिल्म में मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, जेंडाया, ऐन हैथवे, रॉबर्ट पैटिनसन और चार्लीज थेरॉन जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी यूनानी राजा ओडिसियस की है, जो ट्रोजन युद्ध के बाद अपने घर लौटने के लिए 10 साल लंबी खतरनाक यात्रा पर निकलता है। इस दौरान उसे समुद्री राक्षसों, रहस्यमयी शक्तियों और कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 'धमाल 4' की कमाई भी घटी अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी अभिनीत 'धमाल 4' ने दूसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही रफ्तार खो दी। 10वें दिन की कमाई: ₹12.75 करोड़ 11वें दिन की कमाई: ₹3.25 करोड़ फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन अब 127.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि दुनियाभर में फिल्म ने लगभग 174.20 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। फिल्म की कहानी 50 करोड़ रुपये के छिपे खजाने की तलाश और उससे जुड़ी हास्यपूर्ण घटनाओं पर आधारित है। 'अल्फा' का प्रदर्शन लगातार कमजोर यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की फिल्म 'अल्फा' अब बॉक्स ऑफिस पर लगभग धीमी पड़ चुकी है। रिलीज के 18वें दिन फिल्म ने केवल 18 लाख रुपये का कलेक्शन किया। अब तक फिल्म का— भारतीय नेट कलेक्शन: ₹57.88 करोड़ भारतीय ग्रॉस कलेक्शन: ₹68.96 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹98.01 करोड़ रहा है। 'वेलकम टू द जंगल' का भी दम निकला अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' भी अब सिनेमाघरों में बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। रिलीज के 25वें दिन फिल्म ने— भारतीय नेट कलेक्शन (दिन): ₹13 लाख भारतीय ग्रॉस कलेक्शन (दिन): ₹15 लाख की कमाई की। फिल्म का— भारतीय ग्रॉस कलेक्शन: ₹133.13 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹191.62 करोड़ तक पहुंच चुका है। बॉक्स ऑफिस पर किसका पलड़ा भारी? सोमवार को सभी फिल्मों की कमाई में गिरावट देखने को मिली, लेकिन 'द ओडिसी' अभी भी सबसे मजबूत स्थिति में बनी हुई है। वहीं 'धमाल 4' ने 100 करोड़ क्लब पार कर लिया है, जबकि 'अल्फा' और 'वेलकम टू द जंगल' की कमाई अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
मुंबई, एजेंसियां। अजय देवगन स्टारर कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। बिना बड़े प्रमोशन के 10 जुलाई को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले सप्ताह में ही 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। हॉलीवुड फिल्म 'द ओडिसी' की रिलीज के बावजूद फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी और आठवें दिन भी अच्छी कमाई दर्ज की। सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, रिलीज के आठवें दिन यानी शुक्रवार को 'धमाल 4' ने भारत में 5.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल भारतीय नेट कमाई 101.50 करोड़ रुपये पहुंच गई है। वहीं, फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 139.78 करोड़ रुपये हो गया है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए फिल्म जल्द ही 150 करोड़ रुपये का वैश्विक कारोबार पार कर सकती है। फिल्म ने पहले दिन 14 करोड़ रुपये के साथ अच्छी शुरुआत की थी। दूसरे दिन 22.50 करोड़ और तीसरे दिन 28.50 करोड़ रुपये की कमाई कर वीकेंड का भरपूर फायदा उठाया। हालांकि सप्ताह के दिनों में कलेक्शन में सामान्य गिरावट देखने को मिली, लेकिन फिल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल होने में सफल रही। फिल्म 'द ओडिसी' इस बीच 17 जुलाई को हॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द ओडिसी' भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज हुई। पहले दिन इस फिल्म ने भारत में करीब 17 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जो 'धमाल 4' के आठवें दिन के कलेक्शन से काफी अधिक रहा। इसके बावजूद 'धमाल 4' की कमाई पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई और फिल्म ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफलता हासिल की। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी 'धमाल 4' लोकप्रिय 'धमाल' फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म है। इसमें अजय देवगन के अलावा अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, रवि किशन, संजय मिश्रा, उपेंद्र लिमये, अंजलि आनंद, संजीदा शेख और ईशा गुप्ता प्रमुख भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। पारिवारिक कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है।
वॉशिंगटन: नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और रूस के दो कॉस्मोनॉट सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए हैं। सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान से करीब साढ़े तीन घंटे की यात्रा पूरी करने के बाद तीनों का स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने शानदार स्वागत किया। इस ऐतिहासिक पल का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ISS पर उनके स्वागत की झलक दिखाई दे रही है। बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से भरी थी उड़ान नासा के अनुसार, सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान ने मंगलवार को भारतीय समयानुसार रात 8:17 बजे कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी थी। यह मिशन नासा और रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के संयुक्त सहयोग के तहत संचालित किया जा रहा है। अनिल मेनन के साथ रूसी कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना भी इस मिशन का हिस्सा हैं। अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष यात्रा नासा ने बताया कि यह अनिल मेनन का पहला अंतरिक्ष मिशन है। वहीं, प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर गए हैं। ISS पहुंचने के बाद तीनों अंतरिक्ष यात्री वहां पहले से मौजूद अंतरराष्ट्रीय दल के साथ जुड़ गए हैं। इस दल में नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और रोस्कोस्मोस के कई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। आठ महीने तक करेंगे वैज्ञानिक शोध यह मिशन लगभग आठ महीने तक चलेगा। इस दौरान अनिल मेनन और उनकी टीम अंतरिक्ष में कई वैज्ञानिक प्रयोग, जैविक अनुसंधान और नई तकनीकों का परीक्षण करेंगे। इन प्रयोगों का उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है। साथ ही, अंतरिक्ष में किए जाने वाले शोध से चिकित्सा, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिनका लाभ धरती पर भी लोगों को मिल सकता है। अप्रैल 2027 में होगी वापसी नासा के कार्यक्रम के अनुसार, अनिल मेनन, प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना की पृथ्वी पर वापसी अप्रैल 2027 में निर्धारित है। मिशन के दौरान वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर विभिन्न वैज्ञानिक परियोजनाओं और तकनीकी परीक्षणों में भाग लेंगे।
Dhamaal 4 Box Office Collection: अजय देवगन स्टारर कॉमेडी फिल्म 'Dhamaal 4' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के सिर्फ पांच दिनों में फिल्म ने भारत में लगभग ₹82.25 करोड़ (नेट) की कमाई कर ली है। शुरुआती ट्रेंड्स के मुताबिक, फिल्म अब हिट की श्रेणी में पहुंच चुकी है और साल 2026 की चौथी हिट फिल्म बन गई है। इससे पहले 'Border 2', 'Dhurandhar 2' और 'Bhooth Bangla' भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही हैं। पांचवें दिन भी कायम रही कमाई की रफ्तार मंगलवार को फिल्म ने लगभग ₹9.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। खास बात यह रही कि बिना किसी डिस्काउंट ऑफर के भी फिल्म की कमाई में अच्छी पकड़ देखने को मिली। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार की एडवांस बुकिंग भी मजबूत रही, जिससे फिल्म के पहले सप्ताह के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। पहले सप्ताह में ₹100 करोड़ के करीब पहुंचने की उम्मीद अब तक के ट्रेंड्स को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि 'Dhamaal 4' अपने पहले सप्ताह में लगभग ₹96 से ₹97 करोड़ का नेट कलेक्शन कर सकती है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो फिल्म जल्द ही ₹100 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है। तीन सप्ताह तक नहीं मिलेगी बड़ी टक्कर फिल्म के लिए राहत की बात यह है कि आने वाले लगभग तीन सप्ताह तक कोई बड़ी कॉमेडी या फैमिली एंटरटेनर रिलीज नहीं हो रही है। इस दौरान हॉलीवुड फिल्म 'The Odyssey' रिलीज होगी, लेकिन उसका दर्शक वर्ग अलग माना जा रहा है। इसके बाद 'Spider-Man: Brand New Day' की रिलीज तक Dhamaal 4 के पास बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए रखने का अवसर रहेगा। Dhamaal 4 का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (भारत) दिन नेट कलेक्शन शुक्रवार ₹14.00 करोड़ शनिवार ₹22.50 करोड़ रविवार ₹28.00 करोड़ सोमवार ₹8.25 करोड़ मंगलवार ₹9.50 करोड़ कुल ₹82.25 करोड़ दर्शकों को पसंद आ रही कॉमेडी फिल्म को फैमिली ऑडियंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वीकेंड में शानदार कमाई के बाद वीकडेज़ में भी फिल्म ने स्थिर प्रदर्शन बनाए रखा है। यही वजह है कि ट्रेड एक्सपर्ट्स इसे साल 2026 की सफल फिल्मों में शामिल मान रहे हैं। अगर मौजूदा रफ्तार जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में 'Dhamaal 4' बॉक्स ऑफिस पर और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।
अजय देवगन स्टारर कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के महज चार दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है। वीकेंड के बाद भी सोमवार को फिल्म की पकड़ मजबूत रही और इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई दर्ज की। चार दिन में 100 करोड़ क्लब में शामिल हुई फिल्म बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (चौथे दिन) फिल्म ने भारत में करीब 8.35 करोड़ रुपये (नेट) का कारोबार किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 73.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन लगभग 87.85 करोड़ रुपये रहा। विदेशी बाजारों से चौथे दिन करीब 1.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जिसके बाद ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 14.50 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 102.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वीकेंड में मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स फिल्म ने पहले दिन 14 करोड़ रुपये से शुरुआत की थी। दूसरे दिन शनिवार को कमाई बढ़कर 22.50 करोड़ रुपये हो गई, जबकि रविवार को फिल्म ने 28.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया। पहले तीन दिनों में ही फिल्म ने भारत में 65 करोड़ रुपये नेट और दुनियाभर में 92 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया था। सोमवार को कैसी रही ऑक्यूपेंसी? वीकेंड के मुकाबले सोमवार को सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में कुछ गिरावट जरूर देखने को मिली, लेकिन फिल्म ने स्थिर प्रदर्शन बनाए रखा। सोमवार को हिंदी 2D शो की कुल ऑक्यूपेंसी करीब 17.79 प्रतिशत दर्ज की गई। सुबह के मुकाबले शाम और रात के शो में दर्शकों की संख्या अधिक रही, जिससे फिल्म को अच्छा सपोर्ट मिला। कॉमेडी फिल्मों की रेस में निकली आगे पहले चार दिनों की कमाई के मामले में 'धमाल 4' हालिया कॉमेडी फिल्मों से थोड़ा आगे निकल गई है। धमाल 4: 73.35 करोड़ रुपये (4 दिन) वेलकम टू द जंगल: 72.50 करोड़ रुपये भूत बंगला: 61 करोड़ रुपये इन आंकड़ों से साफ है कि 'धमाल 4' ने शुरुआती चार दिनों में अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ओपनिंग 'धमाल' सीरीज की यह नई फिल्म शुरुआती वीकेंड कलेक्शन के मामले में फ्रेंचाइजी की सबसे सफल फिल्म बन गई है। धमाल (2007): 8 करोड़ रुपये (ओपनिंग वीकेंड) डबल धमाल (2011): 22.78 करोड़ रुपये टोटल धमाल (2019): 62.40 करोड़ रुपये धमाल 4 (2026): 65 करोड़ रुपये इस प्रदर्शन के साथ 'धमाल 4' ने फ्रेंचाइजी का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। आगे भी बनी रह सकती है रफ्तार चार दिनों में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने के बाद फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा मजबूत दिखाई दे रही है। यदि वीकडेज़ में भी दर्शकों का समर्थन इसी तरह बना रहता है, तो आने वाले दिनों में फिल्म कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।
Akshay Kumar की हॉरर-कॉमेडी फिल्म Bhooth Bangla बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। चौथे शुक्रवार को भी फिल्म ने स्थिर कमाई दर्ज की और अब यह ₹150 करोड़ नेट क्लब में शामिल होने से कुछ ही दूरी पर है। Priyadarshan के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने लंबे समय बाद Akshay Kumar को एक बड़ी HIT दिलाई है, जिससे इंडस्ट्री में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। चौथे शुक्रवार को भी कायम रही रफ्तार फिल्म ने चौथे शुक्रवार को लगभग ₹1.40 करोड़ नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में इसका कुल नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ₹144.40 करोड़ तक पहुंच गया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म जल्द ही ₹150 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का फाइनल नेट कलेक्शन ₹155 करोड़ से ₹160 करोड़ के बीच रह सकता है। लंबे समय बाद अक्षय कुमार को मिली बड़ी सफलता पिछले कुछ वर्षों में Akshay Kumar की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं। हालांकि पिछले साल उनकी कुछ फिल्मों ने ठीक-ठाक कारोबार किया, लेकिन उन्हें बड़ी HIT का इंतजार था। अब Bhooth Bangla ने वह कमी पूरी कर दी है और यह फिल्म उनके करियर की पोस्ट-पैंडेमिक दौर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जा रही है। इंडस्ट्री के लिए क्यों अहम है अक्षय कुमार की सफलता? ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि Akshay Kumar जैसे स्टार्स का लगातार फिल्में करना बॉक्स ऑफिस के लिए बेहद जरूरी है। भले ही हर फिल्म ₹500 करोड़ का कारोबार न करे, लेकिन साल में 2-3 सफल फिल्में इंडस्ट्री की गति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। यही वजह है कि Akshay Kumar और Ajay Devgn जैसे एक्टर्स को ट्रेड सर्किट में काफी अहम माना जाता है। हॉरर-कॉमेडी जॉनर को मिला बड़ा फायदा Bhooth Bangla की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दर्शकों के बीच हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। फिल्म में कॉमेडी, हॉरर और फैमिली एंटरटेनमेंट का मिश्रण दर्शकों को पसंद आ रहा है, जिसकी वजह से चौथे हफ्ते में भी इसकी कमाई स्थिर बनी हुई है। Bhooth Bangla का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड दिन कलेक्शन (नेट) पहला हफ्ता ₹80.50 करोड़ दूसरा हफ्ता ₹41.50 करोड़ तीसरा शुक्रवार ₹4.50 करोड़ तीसरा शनिवार ₹4.50 करोड़ तीसरा रविवार ₹5.50 करोड़ तीसरा सोमवार ₹1.60 करोड़ तीसरा मंगलवार ₹2.00 करोड़ तीसरा बुधवार ₹1.50 करोड़ तीसरा गुरुवार ₹1.40 करोड़ चौथा शुक्रवार ₹1.40 करोड़ कुल कलेक्शन ₹144.40 करोड़
साल 2026 बॉलीवुड प्रेमियों के लिए बेहद खास होने वाला है। इस साल कई सुपरहिट फिल्मों के बहुप्रतीक्षित सीक्वल सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रहे हैं। बड़े स्टार्स, नई कहानियां और पुरानी यादों का मेल–यह साल बॉक्स ऑफिस पर रोमांच और मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। Ajay Devgn से लेकर Emraan Hashmi तक, कई चर्चित कलाकार अपनी लोकप्रिय फिल्मों के अगले भाग के साथ वापसी करने जा रहे हैं। आइए जानते हैं उन फिल्मों के बारे में, जिनका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। ‘कॉकटेल 2’ – नई स्टारकास्ट के साथ नई कहानी (19 जून 2026) साल 2012 में आई फिल्म Cocktail के सीक्वल में इस बार नई तिकड़ी देखने को मिलेगी। Shahid Kapoor, Rashmika Mandanna और Kriti Sanon पहली बार साथ नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन Homi Adajania कर रहे हैं, जिससे दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। ‘धमाल 4’ – कॉमेडी का डबल डोज (3 जुलाई 2026) कॉमेडी की लोकप्रिय फ्रेंचाइज़ी Dhamaal एक बार फिर हंसी का तड़का लगाने लौट रही है। Ajay Devgn, Arshad Warsi, Riteish Deshmukh और Javed Jaffrey की टीम फिर से साथ दिखेगी। इस बार फिल्म में Ravi Kishan और Esha Gupta भी शामिल होंगे। ‘आवारापन 2’ – 19 साल बाद इमोशनल वापसी (14 अगस्त 2026) करीब दो दशक बाद Awarapan का सीक्वल दर्शकों के सामने आने वाला है। Emraan Hashmi एक बार फिर अपनी इमोशनल कहानी के साथ लौटेंगे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज होने वाली यह फिल्म अपने गानों और कहानी से दर्शकों को जोड़ने की कोशिश करेगी। ‘खोसला का घोसला 2’ – मिडिल क्लास की कहानी फिर से (28 अगस्त 2026) मिडिल क्लास की परेशानियों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाने वाली इस फिल्म का सीक्वल भी तैयार है। Anupam Kher और Boman Irani एक बार फिर अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने आएंगे। ‘दृश्यम 3’ – सस्पेंस का आखिरी और सबसे बड़ा अध्याय (2 अक्टूबर 2026) Drishyam सीरीज का तीसरा भाग इस साल की सबसे बड़ी रिलीज़ में शामिल है। Ajay Devgn एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। गांधी जयंती के मौके पर रिलीज होने वाली यह फिल्म कहानी के सबसे रोमांचक और संभवतः अंतिम हिस्से को दर्शाएगी। 2026: सीक्वल्स का साल, उम्मीदों का पहाड़ इन फिल्मों की रिलीज से साफ है कि 2026 में बॉलीवुड इंडस्ट्री सीक्वल्स पर बड़ा दांव खेल रही है। दर्शकों को जहां पुरानी कहानियों की यादें मिलेंगी, वहीं नए ट्विस्ट और बड़े प्रोडक्शन का भी अनुभव होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।