Board Exam Result

Students checking CBSE Class 12 Result 2026 online on laptop and mobile devices
CBSE Class 12 Result 2026 आज हो सकता है जारी, जानें रिजल्ट चेक करने की वेबसाइट और आसान तरीका

18 लाख से ज्यादा छात्रों को रिजल्ट का इंतजार Central Board of Secondary Education यानी CBSE आज Class 12 बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर सकता है। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक रिजल्ट की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए आज रिजल्ट आने की संभावना जताई जा रही है। बीते दो वर्षों यानी 2024 और 2025 में भी CBSE ने 13 मई को ही 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। ऐसे में इस बार भी लाखों छात्रों की नजरें रिजल्ट पर टिकी हुई हैं। DigiLocker और UMANG पर दिखा “Coming Soon” रिपोर्ट्स के मुताबिक DigiLocker और UMANG App पर CBSE Class 12 Result 2026 के लिए “Coming Soon” नोटिफिकेशन दिखाई देने लगा है। इससे यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि रिजल्ट कभी भी जारी किया जा सकता है। इस साल करीब 18 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने CBSE Class 12 बोर्ड परीक्षा दी थी। यहां चेक कर सकेंगे CBSE 12वीं का रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र कई प्लेटफॉर्म पर अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। आधिकारिक वेबसाइट CBSE Official Website CBSE Results Portal मोबाइल ऐप DigiLocker UMANG अन्य माध्यम SMS सेवा IVRS (Interactive Voice Response System) ऐसे डाउनलोड करें CBSE Class 12 Result 2026 सबसे पहले CBSE Results Portal पर जाएं। “CBSE Class 12 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID दर्ज करें। Submit बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा। स्कोरकार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। फरवरी से अप्रैल तक हुई थीं परीक्षाएं Central Board of Secondary Education की Class 12 बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू किया गया था और अब रिजल्ट जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।  

surbhi मई 13, 2026 0
West Bengal Madhyamik Result 2026 declared with Abhirup Bhadra securing top rank in board exams
WB Board 10th Result 2026 Out:86.83% छात्र पास, अभिरूप भद्रा बने टॉपर

पश्चिम बंगाल बोर्ड ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट (WBBSE) ने माध्यमिक यानी 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिणाम घोषित किए। इस साल कुल 86.83 प्रतिशत छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं। करीब 9 लाख से अधिक छात्रों को रिजल्ट का इंतजार था, जो अब खत्म हो गया है। छात्र सुबह 10:15 बजे से आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अभिरूप भद्रा ने किया टॉप इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा में अभिरूप भद्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.71 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। टॉपर्स की सूची में कई छात्रों ने बेहतरीन अंक दर्ज किए हैं। WB Madhyamik Result 2026 टॉपर्स लिस्ट रैंक नाम प्रतिशत 1 अभिरूप भद्रा 99.71% 2 प्रियतोष मुखर्जी 99.43% 3 सौर्य जाना 99.29% 3 अंकन कुमार जाना 99.29% 3 मैनाक मंडल 99.29% 4 अरिजीत कर 99.14% इन वेबसाइट्स पर देखें रिजल्ट छात्र नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं: wbresults.nic.in WBBSE Official Website ऐसे करें WB Board 10th Result 2026 चेक सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। “WB Madhyamik Result 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। मार्कशीट डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें। कब मिलेगी ओरिजिनल मार्कशीट? बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद छात्रों को उनकी स्कूलों के माध्यम से ओरिजिनल मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी। आगे की पढ़ाई और एडमिशन प्रक्रिया के लिए यह मार्कशीट बेहद जरूरी होगी। फरवरी में हुई थी परीक्षा पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा 2026 का आयोजन 2 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक किया गया था। परीक्षा ऑफलाइन मोड में एक ही शिफ्ट में सुबह 10:45 बजे से दोपहर 2 बजे तक हुई थी। इस वर्ष राज्यभर के 2,682 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 9.71 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें 5.44 लाख छात्राएं, 4.26 लाख छात्र और एक ट्रांसजेंडर उम्मीदवार शामिल थे।

surbhi मई 8, 2026 0
Security forces inspect alleged bombs recovered from TMC office in Sabang amid rising political tension in West Bengal
TMC कार्यालय में डिब्बों में मिले बम, सबंग में भारी तनाव; CAPF तैनात

West Bengal के Paschim Medinipur जिले के सबंग इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय पार्टी कार्यालय से कथित तौर पर भारी मात्रा में बम बरामद होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. शपथ ग्रहण से पहले सामने आई इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. विष्णुपुर इलाके में मचा हड़कंप जानकारी के मुताबिक, सबंग ब्लॉक के 13 नंबर विष्णुपुर क्षेत्र स्थित All India Trinamool Congress के स्थानीय कार्यालय में विस्फोटक होने की सूचना भाजपा कार्यकर्ताओं को मिली थी. खबर फैलते ही इलाके में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और तनाव का माहौल बन गया. स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय पुलिस और Central Armed Police Forces की टीम मौके पर पहुंची. सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें कथित तौर पर डिब्बों में रखे कई ताजा बम बरामद किए गए. बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया घटना की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता मौके पर बुलाया गया. पुलिस के अनुसार विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए विशेष सावधानी बरती गई. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि: बम वहां कैसे पहुंचे इन्हें किस मकसद से रखा गया था विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप Bharatiya Janata Party ने इस घटना को लेकर टीएमसी पर बड़ा हमला बोला है. भाजपा नेताओं का आरोप है कि चुनाव के बाद राजनीतिक बदले और डर का माहौल बनाने के लिए पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल किया जा रहा था. भाजपा ने कहा कि यह लोकतांत्रिक राजनीति नहीं बल्कि “आतंक फैलाने की कोशिश” है. TMC ने आरोपों को किया खारिज वहीं All India Trinamool Congress ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. पार्टी का कहना है कि उन्हें बदनाम करने के लिए यह साजिश रची गई है और संभव है कि विस्फोटक बाहर से रखे गए हों. इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद पूरे विष्णुपुर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस और केंद्रीय बल लगातार गश्त कर रहे हैं. जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के जरिए मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद लगातार सामने आ रही हिंसा और विस्फोटक बरामदगी की घटनाओं ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है.  

surbhi मई 8, 2026 0
Student checking UP Board 10th result 2026 online on laptop with excitement
UP Board 10वीं रिजल्ट 2026 आज जारी: शाम 4 बजे आएगा परिणाम, इन आसान स्टेप्स से तुरंत देखें स्कोरकार्ड

  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल परीक्षा 2026 में शामिल लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) आज, 23 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे 10वीं का रिजल्ट जारी करेगा। इस बार छात्रों के लिए रिजल्ट चेक करना पहले से अधिक आसान बना दिया गया है, जिससे वे कुछ ही मिनटों में अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। रिजल्ट चेक करने से पहले रखें ये जरूरी जानकारी रिजल्ट देखने से पहले छात्रों को कुछ आवश्यक विवरण अपने पास तैयार रखने चाहिए: रोल नंबर स्कूल कोड स्थिर इंटरनेट कनेक्शन इन 5 आसान स्टेप्स में देखें अपना रिजल्ट सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाएं। होमपेज पर “UP Board 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर दर्ज करें। “Submit” बटन पर क्लिक करें। आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। SMS के जरिए भी पा सकते हैं रिजल्ट यदि वेबसाइट स्लो हो या खुल न रही हो, तो छात्र SMS के माध्यम से भी अपना परिणाम प्राप्त कर सकते हैं: मैसेज बॉक्स में टाइप करें: UP10 <स्पेस> Roll Number इसे 56263 पर भेज दें कुछ ही सेकंड में रिजल्ट आपके मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगा रिजल्ट में दी गई जानकारी जरूर जांचें मार्कशीट में निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे: छात्र का नाम रोल नंबर विषयवार अंक कुल अंक पास/फेल स्थिति यदि इनमें कोई त्रुटि दिखाई देती है, तो तुरंत अपने स्कूल या बोर्ड से संपर्क करना आवश्यक है। रिजल्ट के बाद क्या विकल्प हैं? रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र अपने अंकों के आधार पर आगे की पढ़ाई के लिए साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम का चयन कर सकते हैं। वहीं, यदि परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं है, तो छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा या स्क्रूटनी (पुनर्मूल्यांकन) का विकल्प चुन सकते हैं।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Students checking Jharkhand Board 10th result online amid confusion over official announcement
JAC Board Result 2026: देर रात ‘रिजल्ट रिलीज’ का दावा, छात्रों के स्क्रीनशॉट से बढ़ा विवाद—बोर्ड ने नहीं दी आधिकारिक पुष्टि

  रांची: Jharkhand Academic Council (JAC) के 10वीं रिजल्ट को लेकर बड़ा भ्रम की स्थिति बन गई है। कुछ छात्रों ने दावा किया है कि 17 अप्रैल 2026 की देर रात मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट्स के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है। हालांकि, अब तक बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऑफिशियल वेबसाइट पर नहीं दिखा कोई अपडेट छात्रों के दावों के बावजूद Jharkhand Academic Council की आधिकारिक वेबसाइट पर 10वीं रिजल्ट को लेकर कोई अपडेट मौजूद नहीं है। बोर्ड ने इस पूरे मामले पर अब तक न तो कोई प्रेस रिलीज जारी की है और न ही किसी प्रकार का स्पष्टीकरण दिया है, जिससे स्थिति और ज्यादा उलझ गई है। ‘देर रात रिजल्ट दिखा’—छात्रों का दावा कई छात्रों का कहना है कि रात के समय अचानक वेबसाइट पर उनका रिजल्ट दिखने लगा, जिसे उन्होंने तुरंत डाउनलोड भी कर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इससे यह सवाल उठने लगा कि क्या गलती से रिजल्ट लाइव हो गया था या फिर यह कोई तकनीकी गड़बड़ी थी। बोर्ड और आईटी सिस्टम पर उठे सवाल इस घटना के बाद बोर्ड प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर बोर्ड अध्यक्ष, सचिव और आईटी सेल की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अगर वाकई रिजल्ट कुछ समय के लिए वेबसाइट पर दिखा, तो यह सिस्टम की बड़ी चूक मानी जा रही है। छात्रों के लिए सलाह: अफवाहों से बचें जब तक Jharkhand Academic Council की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, छात्रों को किसी भी अनऑफिशियल जानकारी या वायरल स्क्रीनशॉट पर भरोसा नहीं करना चाहिए। रिजल्ट केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मान्य प्लेटफॉर्म पर ही चेक करें।  

surbhi अप्रैल 18, 2026 0
Students checking RBSE 12th Commerce Result 2026 online with marksheet on computer screen
राजस्थान बोर्ड 12वीं कॉमर्स रिजल्ट 2026 जारी, 93.64% छात्र पास

जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। इस बार कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल पास प्रतिशत 93.64% रहा है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर जाकर अपना परिणाम आसानी से चेक कर सकते हैं। ऐसे करें RBSE 12th Commerce Result 2026 चेक रिजल्ट देखने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Senior Secondary Commerce Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर दर्ज करें सबमिट बटन पर क्लिक करें स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट निकाल लें इस साल का प्रदर्शन कुल पास प्रतिशत: 93.64% कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों ने इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे सफलता दर काफी ऊंची रही है पिछले साल कैसा रहा था रिजल्ट? पिछले वर्ष राजस्थान बोर्ड ने 12वीं के सभी स्ट्रीम का रिजल्ट एक साथ जारी किया था। कॉमर्स स्ट्रीम पास प्रतिशत (2025): 99.07% कुल 8,93,616 छात्रों ने 12वीं के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था इनमें से 28,250 छात्र कॉमर्स स्ट्रीम के थे टॉपर: कंगना कोसनानी (99.20%)

surbhi मार्च 31, 2026 0
Students checking Bihar Board 10th result online as topper verification process begins in Patna
Bihar Board 10th Result 2026: टॉपर्स वेरिफिकेशन शुरू, कभी भी जारी हो सकता है मैट्रिक रिजल्ट

बिहार में मैट्रिक परीक्षा 2026 के परिणाम का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। Bihar School Examination Board ने रिजल्ट जारी करने की अंतिम तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। ताजा अपडेट के मुताबिक, बोर्ड ने संभावित टॉपर्स को वेरिफिकेशन के लिए पटना कार्यालय बुलाना शुरू कर दिया है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि परिणाम जल्द ही घोषित किया जा सकता है। 30-31 मार्च तक रिजल्ट की उम्मीद सूत्रों के अनुसार, बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 30 या 31 मार्च 2026 को जारी किया जा सकता है। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद रिजल्ट में ज्यादा देर नहीं होती। टॉपर्स का वेरिफिकेशन क्यों जरूरी हर साल की तरह इस बार भी Bihar School Examination Board टॉपर्स का वेरिफिकेशन कर रहा है। टॉप 20 छात्रों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जहां उनकी कॉपियों, लिखावट और ज्ञान का मिलान किया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य रिजल्ट में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को रोकना है। 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में करीब 15.12 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। अब सभी छात्रों को अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार है। कहां और कैसे देखें रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इन आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम देख सकेंगे: bseexam.com biharboardonline.bihar.gov.in secondary.biharboardonline.com results.biharboardonline.com matricbiharboard.com रिजल्ट चेक करने के आसान स्टेप्स: किसी भी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं “BSEB 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें रोल नंबर और रोल कोड दर्ज करें सबमिट बटन दबाएं स्क्रीन पर रिजल्ट देखें और डाउनलोड करें छात्रों के लिए अहम सलाह रिजल्ट जारी होने के समय वेबसाइट पर ट्रैफिक अधिक होने की वजह से साइट स्लो हो सकती है। ऐसे में छात्र धैर्य बनाए रखें और केवल आधिकारिक वेबसाइट्स पर ही भरोसा करें।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Students celebrating Bihar Board 12th result 2026 with happiness, toppers list and marksheets in hand
बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 जारी: लड़कियों का दबदबा कायम, 85.19% छात्र सफल, जानें टॉपर्स की पूरी सूची

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने सोमवार को इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम जारी कर दिए। इस वर्ष भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा में अपना दबदबा कायम रखा। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल पास प्रतिशत 85.19% रहा। इसमें छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा-86.23% लड़कियां सफल रहीं, जबकि 84.09% लड़के परीक्षा में पास हुए। लड़कियों का शानदार प्रदर्शन इस साल टॉपर्स की सूची में भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला। कुल 26 टॉपर्स में से 19 छात्राएं हैं, जो बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते महिला सशक्तिकरण की झलक पेश करता है। स्ट्रीम वाइज टॉपर्स साइंस: आदित्य प्रकाश अमन (समस्तीपुर) – 481 अंक (96.20%) आर्ट्स: निशु कुमारी (गया) – 489 अंक कॉमर्स: अदिति कुमारी (पटना) – 480 अंक रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी बिहार बोर्ड ने एक बार फिर रिकॉर्ड कायम करते हुए लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले इंटर का रिजल्ट घोषित किया। इस बार महज 25 दिनों में कॉपियों का मूल्यांकन पूरा कर लिया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। परीक्षा और रिजल्ट से जुड़ी अहम जानकारी करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षाएं 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे 25 मार्च से 2 अप्रैल तक स्क्रूटनी या कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे करें रिजल्ट चेक छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट्स- interbiharboard.com bsebexam.com पर जाकर देख सकते हैं। इसके अलावा SMS और DigiLocker के माध्यम से भी परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। टॉपर्स के लिए इनाम इस वर्ष टॉपर्स के लिए पुरस्कार राशि दोगुनी कर दी गई है- प्रथम स्थान: 2 लाख रुपये, लैपटॉप और किंडल द्वितीय स्थान: 1.5 लाख रुपये और लैपटॉप तृतीय स्थान: 1 लाख रुपये और लैपटॉप

surbhi मार्च 23, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0