भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में शामिल होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 6 जुलाई 2026 से 26 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार भारतीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। क्या होता है Agniveer Vayu Intake? भारतीय वायु सेना में अग्निवीर वायु की भर्ती अलग-अलग बैचों में की जाती है। इन्हीं भर्ती सत्रों को Intake कहा जाता है। यानी Intake 02/2027 वर्ष 2027 के लिए आयोजित होने वाला भर्ती बैच है। महत्वपूर्ण तिथियां कार्यक्रम तिथि आवेदन शुरू 6 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 ऑनलाइन परीक्षा 22–23 सितंबर 2026 एग्जाम सिटी स्लिप परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड परीक्षा से 24–48 घंटे पहले कौन कर सकता है आवेदन? साइंस स्ट्रीम के उम्मीदवारों के लिए: 10+2 में गणित, भौतिकी और अंग्रेजी विषय होना अनिवार्य। कुल कम से कम 50% अंक तथा अंग्रेजी में 50% अंक जरूरी। संबंधित ट्रेड में 3 वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा या 2 वर्षीय वोकेशनल कोर्स करने वाले उम्मीदवार भी पात्र हैं। अन्य स्ट्रीम के उम्मीदवारों के लिए: 10+2 में न्यूनतम 50% कुल अंक और अंग्रेजी में 50% अंक आवश्यक। दो वर्षीय वोकेशनल कोर्स करने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 17.5 वर्ष अधिकतम आयु: 22 वर्ष उम्मीदवार का जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जनवरी 2010 के बीच होना चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? आवेदन के लिए इन आसान चरणों का पालन करें: भारतीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Agniveer Vayu Intake 02/2027 भर्ती लिंक पर क्लिक करें। नया उम्मीदवार होने पर पहले रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन कर आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें। फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। ऑनलाइन आवेदन शुल्क का भुगतान करें। सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। आवेदन शुल्क सभी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 550 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त लागू GST भी देना होगा। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, IMPS, मोबाइल वॉलेट या अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। आजसू पार्टी ने परीक्षा परिणाम की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सरकार और आयोग से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि जारी किए गए परिणाम में आयोग के किसी अधिकारी या सदस्य के हस्ताक्षर नहीं हैं, जिससे पूरे चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लंबोदर महतो ने उठाए गंभीर सवाल पूर्व विधायक और आजसू नेता लंबोदर महतो ने रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि जेपीएससी पहले भी कई बार विवादों में रहा है। ऐसे में इस बार बिना किसी सक्षम अधिकारी या आयोग के सदस्य के हस्ताक्षर के परीक्षा परिणाम जारी होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया अभ्यर्थियों के बीच भ्रम और अविश्वास पैदा करती है। सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब लंबोदर महतो ने कहा कि सरकार और जेपीएससी को जल्द से जल्द यह स्पष्ट करना चाहिए कि बिना हस्ताक्षर के परिणाम कैसे जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली में लगातार कमियां सामने आ रही हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। आंदोलन की चेतावनी आजसू पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और आयोग जल्द इस मामले पर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर पूरे राज्य के अभ्यर्थियों को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। आजसू ने सरकार से मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और अभ्यर्थियों की सभी शंकाओं का समयबद्ध समाधान किया जाए। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रयागराज स्थित नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड (NAEL) ने ऑपरेटर और जूनियर असिस्टेंट के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट www.nael.co.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो रक्षा (Defence), एयरोस्पेस और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। क्या है NAINI Aerospace Limited? नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड (NAEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। कंपनी रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के निर्माण का कार्य करती है। कुल कितने पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 28 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पद का नाम रिक्त पद ऑपरेटर SS (इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक) 8 ऑपरेटर SS (फिटर) 5 ऑपरेटर SS (इलेक्ट्रीशियन) 6 जूनियर असिस्टेंट (IMM) 3 जूनियर असिस्टेंट (HR) 2 जूनियर असिस्टेंट (Finance) 2 जूनियर असिस्टेंट (IT) 2 शैक्षणिक योग्यता ऑपरेटर SS (इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक) 10वीं पास इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में 2 वर्षीय फुल-टाइम नियमित ITI (NTC) ऑपरेटर SS (फिटर) 10वीं पास फिटर ट्रेड में फुल-टाइम ITI ऑपरेटर SS (इलेक्ट्रीशियन) 10वीं पास इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में ITI प्रमाणपत्र जूनियर असिस्टेंट (IMM) बीकॉम या बीएससी 6 महीने का कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट या फुल-टाइम BCA जूनियर असिस्टेंट (HR) BA / BSc / BBA / BSW टाइपिंग या कंप्यूटर में कम से कम 6 महीने का प्रमाणपत्र जूनियर असिस्टेंट (Finance) B.Com या BBA 6 महीने का कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट जूनियर असिस्टेंट (IT) BCA या B.Sc (Computer Science/IT) महत्वपूर्ण: पार्ट-टाइम, डिस्टेंस, कॉरेस्पॉन्डेंस या ई-लर्निंग के माध्यम से प्राप्त डिग्री वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे। आयु सीमा 31 मई 2026 के अनुसार सामान्य और EWS वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 28 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन निम्न चरणों के आधार पर किया जाएगा— लिखित परीक्षा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जामिनेशन चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) स्थित NAEL में की जाएगी। कितनी मिलेगी सैलरी? ऑपरेटर SS लगभग ₹4.56 लाख वार्षिक CTC जूनियर असिस्टेंट लगभग ₹4.96 लाख वार्षिक CTC इसके अलावा कर्मचारियों को कंपनी की ओर से कई अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएंगी, जिनमें— महंगाई भत्ता (DA) मकान किराया भत्ता (HRA) मेडिकल अलाउंस कैजुअल लीव कंपनी यूनिफॉर्म भोजन एवं सुरक्षा उपकरण भत्ता ग्रेच्युटी कंपनी की नीति के अनुसार अन्य लाभ आवेदन शुल्क General / OBC / EWS: ₹200 SC / ST / PwD: कोई शुल्क नहीं फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के माध्यम से किया जा सकता है। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में संस्था: नैनी एयरोस्पेस लिमिटेड (NAEL) कुल पद: 28 स्थान: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन अंतिम तिथि: 17 जुलाई 2026 कार्य अवधि: 4 वर्ष आधिकारिक वेबसाइट: www.nael.co.in जो उम्मीदवार रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर में सरकारी कंपनी के साथ करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह भर्ती एक शानदार अवसर हो सकती है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।
नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित रक्षा अनुसंधान संस्था Defence Research and Development Organisation (DRDO) में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। DRDO के Defence Scientific Information and Documentation Centre ने विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को एक वर्ष की ट्रेनिंग के साथ आकर्षक मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। यह अवसर विशेष रूप से उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने हाल ही में अपनी डिग्री या डिप्लोमा पूरा किया है और रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? DESIDOC द्वारा कुल 20 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की जाएगी। पद रिक्तियां लाइब्रेरी एवं इंफॉर्मेशन साइंस 16 कंप्यूटर साइंस 02 फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी 02 कुल 20 कौन कर सकता है आवेदन? लाइब्रेरी एवं इंफॉर्मेशन साइंस किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस में 1 वर्षीय डिग्री कंप्यूटर साइंस कंप्यूटर साइंस में बीई/बीटेक या कंप्यूटर साइंस में 3 वर्षीय डिप्लोमा फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी में ITI प्रमाणपत्र या संबंधित क्षेत्र में 3 वर्षीय डिप्लोमा महत्वपूर्ण पात्रता शर्त केवल वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने: वर्ष 2024 या 2025 में अपनी डिग्री/डिप्लोमा पूरा किया हो। 2024 से पहले पास आउट उम्मीदवार आवेदन के पात्र नहीं हैं। पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थी भी इस अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य नहीं हैं। आयु सीमा अधिकतम आयु: 28 वर्ष SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट अनुभव की आवश्यकता नहीं इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी प्रकार के कार्य अनुभव की आवश्यकता नहीं है। फ्रेशर्स सीधे आवेदन कर सकते हैं और DRDO विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। कितना मिलेगा स्टाइपेंड? योग्यता मासिक स्टाइपेंड ग्रेजुएट/बीई उम्मीदवार ₹12,300 डिप्लोमा/आईटीआई उम्मीदवार ₹10,900 चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन निम्न चरणों के आधार पर किया जाएगा: शैक्षणिक अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग लिखित परीक्षा या इंटरव्यू अंतिम मेरिट सूची आवेदन की अंतिम तिथि 1 जुलाई 2026 इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन भेजना होगा। आवेदन कैसे करें? इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। आवेदन की प्रक्रिया DRDO की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें। NATS रजिस्ट्रेशन नंबर भरना अनिवार्य है। सभी शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी भरें। आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। लिफाफे पर संबंधित पद का नाम लिखें। आवेदन निम्न पते पर भेजें:
Indian Navy Agniveer Recruitment 2026: देशसेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारतीय नौसेना ने अग्निवीर भर्ती 01/2027 और 02/2027 बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप इंडियन नेवी का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकता है। किन बैचों के लिए हो रही है भर्ती? भारतीय नौसेना की ओर से Agniveer SSR और MR के तहत 01/2027 और 02/2027 बैच के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है। आयु सीमा क्या है? अग्निवीर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की जन्म तिथि निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। अलग-अलग बैच के लिए आयु मानदंड नौसेना की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार तय किए गए हैं। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को विस्तृत नोटिफिकेशन जरूर पढ़ना चाहिए। चयन प्रक्रिया कैसे होगी? इंडियन नेवी अग्निवीर भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा: 1. लिखित परीक्षा सबसे पहले उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) देनी होगी। 2. फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा। पुरुष उम्मीदवारों के लिए: 1.6 किलोमीटर दौड़ निर्धारित समय में पूरी करनी होगी। पुश-अप्स और स्क्वाट्स जैसे अन्य शारीरिक मानकों को भी पूरा करना होगा। महिला उम्मीदवारों के लिए: 1.6 किलोमीटर दौड़ स्क्वाट्स और अन्य निर्धारित फिटनेस मानक 3. मेडिकल टेस्ट फिजिकल टेस्ट में सफल उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। 4. मेरिट लिस्ट सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी। आवेदन करते समय किन बातों का रखें ध्यान? सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी सही भरें। फोटो और हस्ताक्षर निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें। अंतिम तिथि का इंतजार न करें। भारतीय नौसेना में अग्निवीर के रूप में चयनित युवाओं को देश की सेवा करने के साथ-साथ अनुशासन, प्रशिक्षण और करियर के नए अवसर भी प्राप्त होते हैं।
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले Border Roads Organisation यानी BRO ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का शानदार अवसर निकाला है। संगठन ने जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) में ग्रुप ‘C’ के कुल 899 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन रखी गई है, यानी उम्मीदवारों को फॉर्म भरकर डाक के जरिए भेजना होगा। BRO की यह भर्ती उन युवाओं के लिए बेहतरीन मौका मानी जा रही है, जो देश सेवा के साथ स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के पद शामिल किए गए हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 899 रिक्तियां जारी की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा पद स्टोर कीपर टेक्निकल और ऑपरेटर कम्युनिकेशन के लिए हैं। पद का नाम पदों की संख्या स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) 300 ऑपरेटर कम्युनिकेशन 261 ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी (OEM) 207 इलेक्ट्रिशियन 79 ड्राफ्ट्समैन 42 हिंदी टाइपिस्ट 10 कुल पद 899 क्या है शैक्षणिक योग्यता? अलग-अलग पदों के लिए अलग योग्यता निर्धारित की गई है। स्टोर कीपर टेक्निकल और हिंदी टाइपिस्ट पद के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है। हिंदी टाइपिस्ट पद के लिए हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड भी मांगी गई है। इलेक्ट्रिशियन, ड्राफ्ट्समैन और ऑपरेटर पदों के लिए 10वीं पास होने के साथ संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट या डिप्लोमा जरूरी है। ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी (OEM) पद के लिए हेवी मोटर व्हीकल (HMV) ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य रखा गया है। आयु सीमा और आरक्षण सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को छूट दी जाएगी। OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें आवेदन शुरू: 21 मई 2026 आवेदन की अंतिम तारीख: 4 जुलाई 2026 आवेदन शुल्क जनरल / OBC / EWS उम्मीदवार: ₹50 SC / ST / दिव्यांग उम्मीदवार: निशुल्क आवेदन ऐसे करें आवेदन उम्मीदवार सबसे पहले BRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती नोटिफिकेशन डाउनलोड करें। इसके बाद आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर सभी जरूरी जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। भरा हुआ आवेदन फॉर्म इस पते पर स्पीड पोस्ट या डाक के माध्यम से भेजना होगा: कमांडेंट, GREF सेंटर, दिघी कैंप, पुणे, महाराष्ट्र – 411015 यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है जो सरकारी नौकरी के साथ देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा कार्यों में योगदान देना चाहते हैं।
Union Public Service Commission ने Combined Defence Services Examination (CDS) 1, 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। आयोग ने सफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट भी जारी की है, जिसमें अगले चरण के लिए चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर शामिल हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 451 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कैसे चेक करें UPSC CDS 1 Result 2026? उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं: UPSC Official Website पर जाएं होमपेज पर मौजूद “Examination” सेक्शन में क्लिक करें इसके बाद “Active Examinations” लिंक खोलें अब “CDS Result 2026” लिंक पर क्लिक करें स्क्रीन पर रिजल्ट PDF खुल जाएगी भविष्य के लिए PDF डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें 8,826 उम्मीदवार अगले चरण के लिए चयनित Union Public Service Commission ने CDS-I परीक्षा का आयोजन 12 अप्रैल 2026 को किया था। लिखित परीक्षा के आधार पर कुल 8,826 उम्मीदवारों को अगले चरण यानी SSB इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। SSB इंटरव्यू का आयोजन Services Selection Board द्वारा किया जाएगा। कैसे होगा अंतिम चयन? मेरिट सूची में शामिल उम्मीदवार अब SSB इंटरव्यू में हिस्सा लेंगे। अंतिम चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में उम्मीदवारों के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। SSB इंटरव्यू में उम्मीदवारों की पर्सनालिटी, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और कम्युनिकेशन स्किल्स का मूल्यांकन किया जाता है। आगे क्या होगी प्रक्रिया? SSB इंटरव्यू में सफल होने वाले उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। सभी चरण पूरे होने के बाद अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।