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DRDO Opens Apprentice Applications for 2026

DRDO Apprentice Recruitment 2026: डिग्री पूरी करते ही DRDO में ट्रेनिंग का मौका, हर महीने मिलेगा ₹12,300 तक स्टाइपेंड

surbhi जून 25, 2026 0
DRDO apprenticeship recruitment 2026 offering training opportunities and monthly stipend for fresh graduates
DRDO Apprentice Recruitment 2026

नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित रक्षा अनुसंधान संस्था Defence Research and Development Organisation (DRDO) में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। DRDO के Defence Scientific Information and Documentation Centre ने विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को एक वर्ष की ट्रेनिंग के साथ आकर्षक मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।

यह अवसर विशेष रूप से उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने हाल ही में अपनी डिग्री या डिप्लोमा पूरा किया है और रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

DESIDOC द्वारा कुल 20 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की जाएगी।

पद

रिक्तियां

लाइब्रेरी एवं इंफॉर्मेशन साइंस

16

कंप्यूटर साइंस

02

फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी

02

कुल

20

कौन कर सकता है आवेदन?

लाइब्रेरी एवं इंफॉर्मेशन साइंस

  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन
  • लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस में 1 वर्षीय डिग्री

कंप्यूटर साइंस

  • कंप्यूटर साइंस में बीई/बीटेक
    या
  • कंप्यूटर साइंस में 3 वर्षीय डिप्लोमा

फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी

  • फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी में ITI प्रमाणपत्र
    या
  • संबंधित क्षेत्र में 3 वर्षीय डिप्लोमा

महत्वपूर्ण पात्रता शर्त

केवल वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने:

  • वर्ष 2024 या 2025 में अपनी डिग्री/डिप्लोमा पूरा किया हो।
  • 2024 से पहले पास आउट उम्मीदवार आवेदन के पात्र नहीं हैं।
  • पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थी भी इस अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य नहीं हैं।

आयु सीमा

  • अधिकतम आयु: 28 वर्ष
  • SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट
  • OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट

अनुभव की आवश्यकता नहीं

इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी प्रकार के कार्य अनुभव की आवश्यकता नहीं है। फ्रेशर्स सीधे आवेदन कर सकते हैं और DRDO विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

कितना मिलेगा स्टाइपेंड?

योग्यता

मासिक स्टाइपेंड

ग्रेजुएट/बीई उम्मीदवार

₹12,300

डिप्लोमा/आईटीआई उम्मीदवार

₹10,900

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन निम्न चरणों के आधार पर किया जाएगा:

  1. शैक्षणिक अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग
  2. लिखित परीक्षा या इंटरव्यू
  3. अंतिम मेरिट सूची

आवेदन की अंतिम तिथि

1 जुलाई 2026

इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन भेजना होगा।

आवेदन कैसे करें?

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है।

आवेदन की प्रक्रिया

  • DRDO की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।
  • NATS रजिस्ट्रेशन नंबर भरना अनिवार्य है।
  • सभी शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  • लिफाफे पर संबंधित पद का नाम लिखें।
  • आवेदन निम्न पते पर भेजें:
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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AIIMS CRE 2026
AIIMS CRE Recruitment 2026: ग्रुप 'बी' और 'सी' के 1484 पदों पर भर्ती, 3 जुलाई तक करें आवेदन

नई दिल्ली,एजेंसियां। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (CRE-5) 2026 के तहत ग्रुप 'बी' और ग्रुप 'सी' के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से देशभर के विभिन्न AIIMS संस्थानों और अन्य केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 1484 रिक्त पद भरे जाएंगे।   3 जुलाई तक भरें आवेदन ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 3 जुलाई है, जबकि एनओसी जमा करने वाले उम्मीदवार 8 जुलाई तक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। आवेदन की स्थिति 11 जुलाई को उपलब्ध होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का आयोजन 25 से 27 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा।   कई पदों पर होगी नियुक्ति   भर्ती के तहत सीनियर और जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, एलडीसी, यूडीसी, जूनियर एवं असिस्टेंट इंजीनियर, डाइटीशियन, वार्डन, स्टोर कीपर, कैशियर और जूनियर अकाउंट्स ऑफिसर सहित कई पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।   योग्यता, आयु सीमा और शुल्क पदों के अनुसार 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर योग्यता निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए संबंधित क्षेत्र का अनुभव भी आवश्यक है। न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, जबकि अधिकतम आयु पद के अनुसार 21 से 50 वर्ष तक तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 3,000 रुपये, जबकि एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 2,400 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।   चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और संबंधित पदों के लिए आयोजित स्किल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़कर सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है।

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