Delhi

भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का मौसम और IMD अलर्ट
मानसून का कहर! कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 8 अगस्त को उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।   दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश के आसार     उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी शनिवार को तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।     पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट     ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 8 अगस्त को ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बिहार में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।   पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय सहित कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।   महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में भी बारिश     पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।   दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम खराब रहने के मद्देनजर IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है।   दिल्ली में शुक्रवार की बारिश से जनजीवन प्रभावित     शुक्रवार को दिल्ली-NCR में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। दक्षिण दिल्ली की एमबी रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई जगह मोटरसाइकिल और ऑटो पानी में फंस गए।   आईटीओ, पटेल रोड, रोहतक रोड, वजीराबाद रोड, कीर्ति नगर, शाहीन बाग, दिल्ली-जयपुर हाईवे और बदरपुर बॉर्डर के आसपास भी यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां जलभराव वाले इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 8, 2026 0
Central Delhi Liquor Shop Timings
दिल्ली में छात्र संगठनों के प्रदर्शन के बीच सुरक्षा कड़ी, वीकेंड में शराब की दुकानें रात 8 बजे तक ही खुलेंगी

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में छात्र संगठनों के जारी प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। एहतियात के तौर पर वीकेंड (शनिवार और रविवार) को दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को सामान्य समय से दो घंटे पहले यानी रात 8 बजे बंद करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला दिल्ली पुलिस की सुरक्षा संबंधी सिफारिश के बाद लिया गया है।   प्रदर्शन वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई   प्रशासन ने जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।   वीकेंड में रात 8 बजे तक ही खुलेंगी शराब की दुकानें   सुरक्षा कारणों से वीकेंड के दौरान दिल्ली की सभी लाइसेंस प्राप्त शराब की दुकानों को रात 8 बजे तक ही संचालन की अनुमति दी गई है। सामान्य दिनों में ये दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय में अस्थायी बदलाव किया गया है।   यातायात और मेट्रो सेवाओं पर भी असर   प्रदर्शन के मद्देनज़र मध्य दिल्ली के कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई मेट्रो स्टेशनों पर विशेष निगरानी रखी गई है और यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रैफिक एवं मेट्रो एडवाइजरी देखने की सलाह दी गई है।   स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर   दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

abhishek singh जुलाई 25, 2026 0
Pakistan Foreign Ministry responds to questions on the CJP protest in India, calling it an internal matter
CJP आंदोलन पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया, बोला- यह भारत का आंतरिक मामला

Pakistan on CJP Protest: दिल्ली में नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज पर पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान ने इस पूरे विवाद को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान ने क्या कहा? पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी से प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछा गया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को क्या वह मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा। पेपर लीक पर सरकार की तैयारी नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को जल्द सख्त सजा दिलाने की घोषणा की है। सरकार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए कानून में संशोधन की तैयारी भी कर रही है। CJP ने उठाए व्यवस्था पर सवाल प्रधानमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने कहा कि केवल दोषियों को सजा देने से समस्या खत्म नहीं होगी। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेपर बार-बार लीक क्यों हो रहे हैं। रांका ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में जवाबदेही की कमी है। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, सिस्टम को मजबूत नहीं बनाया जाएगा और दोषियों के मन में कानून का डर पैदा नहीं होगा, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। सरकार और CJP के बीच गतिरोध केंद्र सरकार का कहना है कि वह आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे के दौरान CJP को चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन संगठन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से उनके कार्यालय या आवास सहित किसी भी उपयुक्त स्थान पर चर्चा के लिए तैयार है। हिंसा में शामिल लोगों पर कार्रवाई की तैयारी सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जिन लोगों की हिंसा में संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ पासपोर्ट रद्द करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर बढ़ाई गई सतर्कता दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में एहतियात के तौर पर कई दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां निर्धारित समय से पहले बंद कराए गए हैं। वहीं CJP ने ऐलान किया है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।  

kalpana जुलाई 24, 2026 0
Delhi Metro Station
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन 16 मेट्रो स्टेशन बंद, सुरक्षा कारणों से यात्रियों को परेशानी

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा कारणों के चलते लगातार दूसरे दिन 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश के बाद इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। हालांकि, मेट्रो ट्रेनें कुछ स्टेशनों से होकर गुजर रही हैं।   प्रदर्शन और सुरक्षा को देखते हुए फैसला   दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन और संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के बाद DMRC ने एहतियात के तौर पर कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला लिया।   यात्रियों को हुई परेशानी   मेट्रो स्टेशन बंद होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों और दूसरे मेट्रो स्टेशनों का सहारा लेना पड़ा। DMRC ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।   सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई   दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।   DMRC ने जारी की यात्रियों के लिए सलाह   DMRC की ओर से कहा गया है कि मेट्रो सेवाओं में किसी भी बदलाव की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें। फिलहाल सुरक्षा स्थिति को देखते हुए मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध जारी है और आगे का फैसला सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश के आधार पर लिया जाएगा।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
CJP founder Abhijeet Deepke addresses protesters at Jantar Mantar in New Delhi amid rain, claiming his social media video was blocked after seeking permission for temporary shelters.
बारिश में टेंट की मांग वाला वीडियो ब्लॉक होने का दावा, अभिजीत दीपके ने सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया उनका एक वीडियो ब्लॉक कर दिया गया है। उनका कहना है कि वीडियो में उन्होंने केवल दिल्ली पुलिस से प्रदर्शनकारियों को बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाने की अनुमति देने की अपील की थी। 20वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन लगातार 20वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान दिल्ली में हुई बारिश के बीच प्रदर्शनकारी खुले आसमान के नीचे डटे रहे। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि बारिश के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर तिरपाल या टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई। वीडियो ब्लॉक होने का किया दावा दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि उनका वीडियो भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने मूल पोस्ट और ब्लॉक होने का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि वीडियो में केवल बारिश से बचाव के लिए टेंट लगाने की अपील की गई थी। हालांकि, वीडियो ब्लॉक किए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप अभिजीत दीपके का आरोप है कि भारी बारिश के दौरान प्रदर्शनकारी पूरी तरह भीग गए, जबकि पुलिसकर्मी सुरक्षित स्थान पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कई छात्र बीमार पड़ गए और उनका सामान, गद्दे तथा चादरें भी भीग गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूरी रात छात्रों को जागकर बितानी पड़ी क्योंकि बारिश से उनका सामान खराब हो गया था। छात्रों की स्थिति पर जताई चिंता दीपके ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश छात्र 19-20 वर्ष की आयु के हैं और लगातार बारिश के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से प्रदर्शनकारियों के लिए न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ने का दावा इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भी चिंता जताई गई है। पीटीआई के हवाले से जारी एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि उनका वजन 59.40 किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि हृदय गति 74 बीट प्रति मिनट, ब्लड ग्लूकोज 75 mg/dL और ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत रहा। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उनके शरीर में पानी का स्तर सामान्य है। मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार वीडियो ब्लॉक होने और प्रदर्शन स्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं मिलने संबंधी आरोपों पर फिलहाल सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।  

Deepshikha जुलाई 10, 2026 0
Delhi Hotel Fire Case
दिल्ली अग्निकांड में होटल मालिक लवकेश बजाज 4 दिन की पुलिस रिमांड पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड मामले में जांच तेज हो गई है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद पुलिस अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इसी क्रम में आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज को साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से पूछताछ आवश्यक है। जांच के दौरान होटल से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, संचालन संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाने की जरूरत है। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए रिमांड मंजूर कर ली। आरोपी ने किया रिमांड का विरोध सुनवाई के दौरान लवकेश बजाज ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और हिरासत की आवश्यकता नहीं है। वहीं, उसके वकील ने अदालत में यह भी कहा कि अब तक उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस पर दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार एफआईआर की कॉपी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी। कई एजेंसियां कर रही हैं जांच मामले की जांच को व्यापक रूप से आगे बढ़ाते हुए दिल्ली पुलिस ने नगर निगम (एमसीडी) को पत्र लिखकर होटल भवन का स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्वे कराने का अनुरोध किया है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि इमारत सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। इसके अलावा बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस से भवन के बिजली कनेक्शन और विद्युत प्रणाली से संबंधित जानकारी मांगी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं शॉर्ट सर्किट या विद्युत सुरक्षा में लापरवाही हादसे का कारण तो नहीं बनी। होटल के दस्तावेजों की भी होगी पड़ताल दक्षिण जिला प्रशासन को भी मामले में विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट को होटल के रजिस्ट्रेशन, मालिकाना हक, लाइसेंस और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि होटल निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत संचालित हो रहा था या नहीं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Unknown जून 4, 2026 0
Trump statement on Pope
“ऐसा पोप मंजूर नहीं” – ट्रंप का पोप लियो XIV पर तीखा हमला

वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने पोप लियो  XIV के ईरान युद्ध पर दिए गए बयानों की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें “ऐसा पोप पसंद नहीं है जो यह मानता हो कि परमाणु हथियार रखना ठीक है।” उन्होंने पोप के रुख को अमेरिकी विदेश नीति के लिए “बेहद खराब” करार दिया।    ट्रंप का तीखा हमला मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वे पोप लियो के प्रशंसक नहीं हैं। उनका आरोप है कि पोप ऐसे देशों के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं, जो परमाणु हथियार हासिल करना चाहते हैं। ट्रंप के मुताबिक, यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे विचारों का समर्थन नहीं किया जा सकता।    ईरान युद्ध पर आमने-सामने पोप लियो XIV हाल के दिनों में अमेरिका और इज़रायल की ईरान के खिलाफ नीतियों की खुलकर आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने ट्रंप की आक्रामक बयानबाजी को “अस्वीकार्य” बताया था। खासतौर पर ट्रंप के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी गई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि संघर्ष विराम से पहले “एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।”   धर्म और राजनीति का टकराव इस विवाद में धर्म और राजनीति का मेल भी देखने को मिला। ट्रंप और उनके रक्षा सचिव ने युद्ध के दौरान अपने बयानों में ईश्वर का उल्लेख किया, वहीं पोप ने शांति और संयम की अपील की। इस कारण दोनों पक्षों के बीच वैचारिक टकराव और गहरा गया है।   अन्य मुद्दों पर भी मतभेद पोप लियो XIV ने वेनेज़ुएला के मुद्दे पर भी अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और वहां की जनता की इच्छा का सम्मान करने की बात कही थी।

Unknown अप्रैल 13, 2026 0
Karnataka Congress MLAs travel to Delhi demanding cabinet minister posts and meeting party leadership
कर्नाटक कांग्रेस में हलचल: मंत्री बनने की मांग को लेकर विधायकों का दिल्ली कूच

कर्नाटक की कांग्रेस राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। करीब 30 विधायक New Delhi पहुंचकर पार्टी नेतृत्व से कैबिनेट में जगह की मांग करने वाले हैं। पहली बार चुने गए विधायकों की मांग पहली बार जीतकर आए विधायकों ने खुलकर अपनी दावेदारी पेश की है। उनका कहना है कि: कैबिनेट फेरबदल में कम से कम 5 नए विधायकों को मंत्री बनाया जाए नए चेहरों को भी सरकार में मौका मिलना चाहिए सीनियर विधायकों का दबाव वहीं 3 से ज्यादा बार चुनाव जीत चुके वरिष्ठ विधायक भी पीछे नहीं हैं। करीब 40 सीनियर विधायकों में से 20 को मंत्री बनाने की मांग उनका तर्क है कि सरकार में अनुभव का उपयोग जरूरी है दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात 30 विधायक Delhi पहुंचकर वरिष्ठ विधायक Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, K C Venugopal और Randeep Singh Surjewala से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे। “हर किसी की इच्छा मंत्री बनने की” मांड्या से विधायक Ravikumar Gowda ने कहा कि मंत्री बनने की इच्छा हर किसी की होती है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री पर निर्भर करेगा। अंदरूनी खींचतान बढ़ी 38 विधायकों ने पहले ही नेतृत्व को पत्र लिखकर मांग रखी विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी अब जल्द ही फिर बैठक कर आगे की रणनीति तय होगी क्यों अहम है यह मुद्दा? यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट विस्तार को लेकर अंदरूनी दबाव बढ़ता जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री इस संतुलन को कैसे साधते हैं।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0