Heavy Rain Alert

Heavy rain in Ranchi as Jharkhand weather is expected to clear from Thursday
झारखंड में बारिश का दौर थमेगा, रांची में 24 घंटे में 56 मिमी बारिश; कल से साफ होने लगेगा मौसम

रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून के कारण झारखंड में बारिश का दौर जारी है. मंगलवार को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई. रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान 56 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जो राज्य में सबसे अधिक रही. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी रही और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड और बिहार के ऊपर से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है. इसके असर से गुरुवार से राज्य के कई हिस्सों में मौसम साफ होने की संभावना है. रांची में सामान्य से ज्यादा हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रांची में एक जून से 19 अगस्त 2026 तक सामान्य से करीब एक प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है. इस अवधि में रांची में सामान्य बारिश 707.7 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 713.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है. मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. आज इन छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को झारखंड के गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. वहीं, रांची समेत अन्य जिलों में भी बादल छाये रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. नदियों और डैमों का बढ़ा जलस्तर लगातार हो रही बारिश का असर राज्य के जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है. कई नदियों और डैमों का जलस्तर बढ़ा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण कई जगहों पर रास्तों में पानी भर गया है. बारिश के कारण शहरों में यातायात भी प्रभावित हुआ. कई प्रमुख सड़कों पर जलजमाव की स्थिति देखने को मिली, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई. गुरुवार से धीरे-धीरे साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसूनी बादल अगले 12 घंटे में झारखंड और बिहार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेंगे. इसके बाद सिस्टम कमजोर होने की संभावना है. इसका असर झारखंड के मौसम पर भी पड़ेगा और गुरुवार से कई इलाकों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी. हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाये रहने की संभावना बनी रह सकती है. झारखंड में अब भी सामान्य से 12% कम बारिश बारिश के बावजूद पूरे झारखंड में इस मानसून अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 19 अगस्त 2026 तक राज्य में सामान्य बारिश 689.8 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 606.1 मिमी बारिश हुई है. इस तरह राज्य में अभी भी सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है. आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जल संकट और खेती की स्थिति पर भी असर डाल सकती हैं.  

kalpana अगस्त 19, 2026 0
Heavy rainfall in Jharkhand amid weather department alerts across several districts
झारखंड के 8 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

Jharkhand Weather News: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से झारखंड में बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को रांची समेत राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, छह जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को रांची, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है. वहीं पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 15 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश स्वतंत्रता दिवस के दिन भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा. गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में आसमान में बादल छाये रहने और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. 16 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 16 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश हो सकती है. रांची समेत अन्य जिलों में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. खूंटी में सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश खूंटी में दर्ज की गयी. वहीं रांची में 12 मिमी बारिश हुई. राजधानी में देर रात तक बारिश होती रही. बारिश के बीच लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो गांव में वज्रपात की घटना में खेत में धनरोपनी के लिए गयी 25 वर्षीय कलतिया देवी की मौत हो गयी. राज्य में अब भी 21 फीसदी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. रांची में भी बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम है. हालांकि पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है. मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है.  

kalpana अगस्त 14, 2026 0
Heavy Rain Alert
Weather Alert: 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, 90 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। 12 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।   दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट   राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज भारी बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।   उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम बिगड़ेगा   उत्तर प्रदेश के मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चल सकती हैं।   बिहार के पटना, गया, चंपारण, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। यहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।   झारखंड और पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा   झारखंड के रांची, पलामू, लातेहार, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़, हजारीबाग समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।   उत्तराखंड के नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर सहित कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।   जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में भी बारिश   जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी, अनंतनाग, बारामुला, गांदरबल, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और सांबा में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की संभावना है। पंजाब के कई जिलों में 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। वहीं राजस्थान के बूंदी, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर समेत कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है।   मध्य प्रदेश, बंगाल समेत इन राज्यों में भी अलर्ट   मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, विदिशा, छिंदवाड़ा, कटनी और कई अन्य जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, दार्जिलिंग, नदिया, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और कलिम्पोंग समेत कई इलाकों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।   क्यों सक्रिय हुआ मानसून?   मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास का चक्रवाती परिसंचरण तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अहम माना जा रहा है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।   लोगों को बरतनी होगी सावधानी   तेज हवाओं और आंधी के दौरान लोगों को खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों और मछुआरों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Jharkhand weather alert with heavy rain, lightning deaths, strong winds and yellow watch across several districts
Jharkhand Weather Alert: झारखंड में वज्रपात से 6 लोगों की मौत, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इनमें रामगढ़, गिरिडीह, हजारीबाग और पतरातू क्षेत्र के लोग शामिल हैं। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची मौसम केंद्र ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। 4 से 6 अगस्त के बीच कुछ जिलों में 65 से 115 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वज्रपात से 6 लोगों की मौत रविवार को झारखंड के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया। रामगढ़ में चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में एक बच्ची की भी बिजली गिरने से जान चली गई। पतरातू क्षेत्र में खेतों में काम कर रही तीन महिलाओं की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हुई। पतरातू प्रखंड के सांकुल गांव में खेत में काम करने के दौरान रेखा देवी (48) और उनकी बेटी रोशनी कुमारी (22) बिजली की चपेट में आ गईं। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं लाताड़ पंचायत के पलानी गांव में खेत में काम कर रही सुलेखा देवी उर्फ सुशांति (30) की भी वज्रपात से मौत हो गई। इसके अलावा विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक बच्ची की जान चली गई। रामगढ़ की दोहाकात पंचायत के पारलोलो टोला की रहने वाली प्रमिला देवी (32) की भी बिजली गिरने से मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगले पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिनों पर भारी बारिश की संभावना है। 4 से 6 अगस्त के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में 65 से 115 मिमी तक वर्षा हो सकती है। बारिश के साथ कई जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। तापमान में भी आएगी गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बारिश और तापमान में गिरावट के कारण कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना हो सकता है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। 5 अगस्त को इन इलाकों में बढ़ेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। 6 अगस्त को रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच 6 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में एक बार फिर भारी बारिश का दौर लौटने के संकेत हैं। इस दिन मौसम विभाग ने कई जिलों को येलो वॉच पर रखा है। इनमें शामिल हैं: पलामू गढ़वा चतरा लातेहार हजारीबाग कोडरमा रामगढ़ रांची लोहरदगा गुमला खूंटी इन जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या करें? झारखंड में लगातार वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। संभव हो तो तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर चले जाएं। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए। मोबाइल फोन पर स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचें। झारखंड में अगले पांच दिन मौसम रहेगा सक्रिय झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, तो दूसरी ओर वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है। 6 अगस्त को रांची समेत 11 जिलों के लिए जारी येलो वॉच को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 22 जिलों में वज्रपात और तेज बारिश की चेतावनी

रांची। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के असर से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। 29 से 31 जुलाई तक कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।   रांची समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण झारखंड के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। रांची समेत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है।   वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह   बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है।   कई इलाकों में दर्ज हुई भारी बारिश   राज्य के कुछ क्षेत्रों में पहले ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मंझारी क्षेत्र में 167.2 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में और बारिश होने की संभावना है।   प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील   भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Jharkhand weather update showing heavy rain alert in Latehar, Gumla, Lohardaga and Simdega on July 29, 2026
Jharkhand Weather: रांची में बारिश से गिरा पारा, लातेहार समेत इन जिलों में आज भारी वर्षा की चेतावनी

Jharkhand Weather News, 29 July 2026: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश हुई। पश्चिमी सिंहभूम में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहा। लगातार बारिश के कारण रांची समेत कई इलाकों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 29 जुलाई को झारखंड के लातेहार, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना है। वहीं राजधानी रांची में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। रांची में 17 मिमी बारिश, जगन्नाथपुर में 31 मिमी मंगलवार को रांची में करीब 17 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि जगन्नाथपुर में 31 मिमी वर्षा हुई। पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र में बारिश देर तक जारी रही। बारिश के कारण रांची के अधिकतम तापमान में मंगलवार को 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं जमशेदपुर का अधिकतम तापमान भी 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे आया। 30 और 31 जुलाई को भी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 जुलाई को झारखंड में आसमान सामान्य तौर पर बादल से ढका रहेगा। राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। झारखंड में सामान्य से 26 फीसदी कम बारिश लगातार बारिश के बावजूद झारखंड में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से कम रही है। 1 जून से 27 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में झारखंड में सामान्य बारिश 478.3 मिमी मानी जाती है, जबकि अब तक करीब 352.4 मिमी बारिश हुई है। राजधानी रांची में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। आज इन जिलों में ज्यादा बारिश का अलर्ट लातेहार गुमला लोहरदगा सिमडेगा रांची में भारी बारिश की तुलना में मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण तापमान में राहत बनी रह सकती है।    

surbhi जुलाई 29, 2026 0
झारखंड में भारी बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी 3 दिनों के मौसम अलर्ट की तस्वीर
झारखंड में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, रांची-खूंटी समेत कई जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 27 से 29 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कई इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।   28 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 28 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा में भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।   29 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर 29 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। दक्षिणी और मध्य झारखंड में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी, हालांकि भारी बारिश का दायरा पहले की तुलना में कुछ सीमित रह सकता है।   राज्य में अब भी सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 26 जुलाई तक झारखंड में 325 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे कई जिलों में खेती-किसानी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।   तीन जिलों में सूखे जैसे हालात चतरा, गढ़वा और पाकुड़ में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी है, जिसे मौसम विभाग ने 'स्कैंटी' श्रेणी में रखा है। वहीं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और साहिबगंज ऐसे जिले हैं, जहां वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
देशभर में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में बादल फटने और असम में बाढ़ की स्थिति
Weather Alert: देशभर में अगले 2-3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में बादल फटा; असम की बाढ़ से 68 की मौत

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, असम में भीषण बाढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में जलभराव की स्थिति के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।   हिमाचल में बादल फटने से सात गांवों का संपर्क टूटा   हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में शनिवार रात बादल फटने से भारी तबाही हुई। तेज बहाव में एक पुल और सड़क बह गई, जिससे सात गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली का काम शुरू कर दिया है।   असम में बाढ़ से 68 लोगों की मौत   असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। सोनोवाल फिलहाल राज्य के दौरे पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।   गुजरात और दादरा नगर हवेली में सेना संभाल रही मोर्चा   गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में लगातार बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है। अब तक 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।   आईएमडी ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान लगातार जारी है।    

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain is forecast across several districts with IMD weather alert.
झारखंड में फिर सक्रिय होगा मॉनसून, 27-28 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रांची: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (डिप्रेशन) के प्रभाव से राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 27 से 30 जुलाई के बीच अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। अगले 24 घंटों में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने तथा 27 जुलाई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के बीच प्रवेश करने की संभावना है। इसी मौसम प्रणाली के कारण झारखंड में मॉनसून दोबारा सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। अगले पांच दिनों तक बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 27 जुलाई: गुमला, खूंटी, रांची और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई: पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। झारखंड में अब भी 29 प्रतिशत कम बारिश इस मानसून सीजन में झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 26 जुलाई तक राज्य में केवल 325 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में लगभग 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद कम बारिश के कारण राज्य में खरीफ फसलों, खासकर धान की रोपाई प्रभावित हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे किसानों को धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में राहत मिलेगी। हालांकि भारी बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह भी दी गई है।  

surbhi जुलाई 27, 2026 0
Jharkhand weather
झारखंड में मानसून सक्रिय, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; वज्रपात की भी चेतावनी

रांची। झारखंड में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।   इन जिलों में भारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और हजारीबाग समेत कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने (वज्रपात) की संभावना जताई गई है।   रांची समेत कई शहरों में बदला मौसम   राजधानी रांची में सुबह से ही बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की स्थिति बनी हुई है। वहीं जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो समेत कई इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।   वज्रपात को लेकर लोगों को सावधानी की सलाह   मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों को भी मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है।   बारिश से किसानों को राहत, जलभराव की बढ़ी चिंता   मानसून की अच्छी बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि लगातार तेज बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की संभावना है।   प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी   जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून सक्रिय, पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग, रांची ने मंगलवार को राज्य के पांच जिलों रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगामें भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।   22 और 23 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रांची, बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, कोडरमा और चतरा के अलावा पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में वर्षा गतिविधियां तेज रह सकती हैं। हालांकि इस दिन भारी बारिश का अलग से अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।   23 जुलाई को भी मानसून का असर पूरे राज्य में देखने को मिलेगा। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज सहित मध्य और दक्षिणी झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दिन भी वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।   सामान्य से 33 प्रतिशत कम हुई बारिश राज्य में मानसून सक्रिय होने के बावजूद अब तक वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम है। 1 जून से 20 जुलाई 2026 के बीच झारखंड में औसतन 391.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 261.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यानी राज्य में अब तक 33 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों की नजर अब आगामी बारिश पर टिकी हुई है।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Heavy rainfall clouds over Jharkhand showing monsoon weather alert and rain forecast
Jharkhand Weather Update: झारखंड के इन जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और उससे जुड़े साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। बुधवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भी गिरावट आई। अब मौसम विभाग ने 16 से 18 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। बुधवार को कई जिलों में हुई बारिश बुधवार को राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश हुई। मुख्य वर्षा रिकॉर्ड: सिमडेगा: 34 मिमी (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 21 मिमी रांची: 14 मिमी बारिश के कारण राजधानी रांची के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 16 जुलाई: इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार, 16 जुलाई को निम्न जिलों में भारी बारिश की संभावना है— रामगढ़ बोकारो धनबाद सरायकेला-खरसावां पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम वहीं, रांची सहित अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 17 जुलाई: इन इलाकों में बरसेंगे बादल 17 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है— गोड्डा साहिबगंज दुमका पाकुड़ खूंटी सरायकेला-खरसावां पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम राजधानी रांची में दिनभर बादल छाए रहने और कई स्थानों पर मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 18 जुलाई: दक्षिण और पूर्वी झारखंड में ज्यादा असर 18 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी इन जिलों के लिए जारी की गई है— गोड्डा साहिबगंज दुमका पाकुड़ गुमला खूंटी सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां राज्य के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। लगातार सक्रिय मानसून के कारण अगले कुछ दिनों तक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Dark monsoon clouds gather over Ranchi as heavy rain and lightning warnings are issued across Jharkhand.
Jharkhand Weather Update: 15 जुलाई से झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, रांची समेत कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची: झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव (Low Pressure Area) का असर झारखंड के मौसम पर पड़ने की संभावना है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने किसानों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के मुताबिक 16 जुलाई को रांची, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 17 जुलाई को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा के कई हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही मौसमी गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। रांची समेत कई इलाकों में हुई बारिश मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बहरागोड़ा में 22 मिमी जबकि जमशेदपुर में 4.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो मंगलवार को: रांची का अधिकतम तापमान 32.1°C जमशेदपुर का 32.4°C मेदिनीनगर का 35.4°C बोकारो का 32.1°C दर्ज किया गया। अब भी सामान्य से 41% कम हुई बारिश हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां सामान्य रूप से 326 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 193.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। राजधानी रांची की बात करें तो यहां भी सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। 14 जुलाई तक रांची में सामान्यतः 336.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 263.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
IMD Weather Alert
IMD ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, आंधी, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसून और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है।   70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं   IMD के मुताबिक कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना भी जताई गई है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   मानसून रहेगा सक्रिय   IMD के अनुसार, उत्तर भारत के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा। आने वाले दिनों में कई राज्यों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Monsoon 2026
देशभर में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। जून महीने में कमजोर रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 जुलाई तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।   उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी तट तक बारिश का असर आईएमडी के मुताबिक, अगले तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून में मॉनसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से बारिश में कमी आई थी, लेकिन अब इसके दोबारा सक्रिय होने से बारिश का दौर तेज होगा। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है।   मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, कोंकण-गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 6 और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।   मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का मिजाज अधिक अनिश्चित होता जा रहा है। कम समय में अत्यधिक बारिश से बाढ़ और लंबे समय तक बारिश की कमी से सूखे जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Protesters gather at Parliament Square in London during the Kashmir Million March, demanding human rights and the release of political activists in Pakistan-occupied Kashmir.
पाकिस्तान के खिलाफ लंदन में एकजुट हुए कश्मीरी, बलोच और पश्तून, PoK में मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप

लंदन: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK), बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के विरोध में यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में रविवार को हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों के साथ-साथ बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की सेना पर आम नागरिकों के अधिकारों के दमन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाए। लंदन कश्मीर मिलियन मार्च में उमड़ी भीड़ जानकारी के अनुसार, लंदन में आयोजित "कश्मीर मिलियन मार्च" संसद परिसर (Parliament Square) से शुरू होकर पाकिस्तान हाई कमीशन तक निकाला गया। आयोजकों का दावा है कि मार्च में करीब 50 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाई और गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आजादी के समर्थन में नारे लगाए और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख शौकत नवाज मीर समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया। बलोच और पश्तून समुदाय ने भी जताई एकजुटता इस मार्च में बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना उनके क्षेत्रों में भी नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा—तीनों क्षेत्रों में आम लोगों को दमन और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के एक राजनीतिक कार्यकर्ता महमूद कश्मीरी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने टट्टापानी, सेंहसा और कोटली जैसे इलाकों में आम लोगों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में रहने वाले कश्मीरी अब इन घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना था कि पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए और क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार देने चाहिए। गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक नेताओं की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि सभी गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हिरासत में लिए गए युवाओं के शव उनके परिजनों को सौंपने और गिरफ्तार नागरिकों की रिहाई की भी मांग की। PoK में जारी है विरोध प्रदर्शन लंदन में हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है और इसके बाद अनेक राजनीतिक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में विदेशों में रहने वाले कश्मीरी, बलोच और पश्तून समुदाय भी अब खुलकर आवाज उठा रहे हैं.  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
Jharkhand Weather
झारखंड में मानसून का कहर: रांची समेत 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। सोमवार सुबह से राजधानी रांची में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।   इन 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग ने रांची, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, चतरा और हजारीबाग जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में जलभराव, कम दृश्यता और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।   तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी   बारिश के साथ राज्य के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।   7 और 8 जुलाई को भी जारी रहेगा असर   7 जुलाई को उत्तर-पूर्वी झारखंड, विशेषकर धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 8 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है। उत्तर-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।   बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर   मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने गहरे निम्न दबाव के डिप्रेशन में बदलने से झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। यही मौसम प्रणाली राज्य में लगातार बारिश का प्रमुख कारण है।   तापमान रहेगा स्थिर, लोगों को मिलेगी राहत   लगातार बारिश और बादलों के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य रहेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rain, thunderstorms, lightning, and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather Update: 2 जुलाई को 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Jharkhand Weather Update
Jharkhand Weather Update: झारखंड में फिर सक्रिय होगा मानसून, मौसम विभाग ने पांच जिलों में भारी बारिश का जारी किया अलर्ट

रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 और 3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।   पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 और 4 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का यही रुख बना रहेगा। इसके अलावा 5 जुलाई को रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।   तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जगह हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट आई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।   बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को रामगढ़ में 60.5 मिमी, कोडरमा में 20 मिमी, जमशेदपुर में 4 मिमी और बहरागोड़ा में सर्वाधिक 84.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, 1 जून से 1 जुलाई तक राज्य में सामान्य 197.8 मिमी के मुकाबले केवल 99.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। रांची में अब भी 13 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि गढ़वा और साहिबगंज में सबसे कम बारिश होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में मानसून की दमदार वापसी, रांची समेत 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। रविवार दोपहर से मौसम का मिजाज बदला और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह से राजधानी रांची सहित 20 से अधिक जिलों में बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में आज से मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और दोपहर बाद अच्छी बारिश की संभावना है।   मौसम विभाग ने बताया मौसम विभाग ने बताया कि मानसून 4 जुलाई तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से 30 जून और 1 जुलाई को उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।   बारिश के कारण  बारिश के कारण अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 18 मिमी बारिश सरायकेला में दर्ज की गई, जबकि बहरागोड़ा का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा। रांची का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री गिरकर 30.7 डिग्री सेल्सियस और हजारीबाग का तापमान 4.9 डिग्री की गिरावट के साथ 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्यभर में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने किसानों को खेतों में जलजमाव से बचाव की सलाह दी है, क्योंकि अधिक पानी से धान की नर्सरी, मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, खुले स्थानों पर जाने से बचने और वज्रपात के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की भी अपील की गई है। 1 जून से अब तक झारखंड में सामान्य से 62 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा में और सबसे अधिक सिमडेगा में रिकॉर्ड की गई है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Dark monsoon clouds and rainfall over Jharkhand as IMD issues yellow alert for several districts.
झारखंड में मॉनसून हुआ सक्रिय, 27 जून तक कई जिलों में येलो अलर्ट; बारिश और वज्रपात की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब से बिहार तक सक्रिय टर्फ और झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक बने दूसरे टर्फ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। गुमला में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 40.2 मिलीमीटर बारिश गुमला जिले के चैनपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा— रांची में 35.6 मिमी बारिश बोकारो में 35.5 मिमी बारिश नामकुम में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी झारखंड और राजधानी क्षेत्र के आसपास के जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 23 जून से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में— गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात, और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।  

surbhi जून 22, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Share Market
फाइनेंस

शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 71 अंक टूटा; Nifty 24,400 के नीचे बंद

abhishek singh अगस्त 14, 2026 0